यह वीडियो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गड़ा गांव में स्थित बागेश्वर धाम और बाबा धीरेंद्र शास्त्री की कहानी बताता है।
Key Takeaways
- धीरेंद्र शास्त्री की लोकप्रियता का मुख्य आधार उनके धार्मिक दरबार और सोशल मीडिया है।
- बागेश्वर धाम ने गड़ा गांव को धार्मिक और आर्थिक केंद्र बना दिया है।
- धीरेंद्र शास्त्री पर जमीन कब्जे और धन के स्रोत को लेकर विवाद हैं।
- धीरेंद्र शास्त्री ने धार्मिक कथाओं और चमत्कारों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है।
- स्थानीय और राजनीतिक समर्थन ने उनकी प्रसिद्धि और प्रभाव को बढ़ावा दिया है।
What the video covers
- छतरपुर जिले के गड़ा गांव में स्थित बाबा बागेश्वर धाम और धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री की उत्पत्ति की कहानी।
- धीरेंद्र शास्त्री का जन्म 1996 में हुआ और वे धीरेंद्र कृष्णा गर्ग से धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री बने।
- गड़ा गांव की पहाड़ी पर शंकर और हनुमान की मूर्तियां हैं, जहां पूजा और धार्मिक गतिविधियां होती हैं।
- धीरेंद्र शास्त्री के दादाजी से शुरू हुई पूजा-पाठ की परंपरा और जादू टोना की मान्यताएं।
- धीरेंद्र शास्त्री की लोकप्रियता सोशल मीडिया, धार्मिक चैनलों और राजनीतिक समर्थन से बढ़ी।
- बागेश्वर धाम के आसपास जमीन की कीमतें बढ़ी हैं और जमीन कब्जे के आरोप भी लगे हैं।
- धीरेंद्र शास्त्री के चमत्कारों और दरबार की चर्चा, साथ ही मीडिया और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया।
- धीरेंद्र शास्त्री के द्वारा कैंसर अस्पताल और सामाजिक कल्याण कार्यों की योजना।
- स्थानीय विधायक और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार धीरेंद्र शास्त्री की संपत्ति और प्रभाव।
- धीरेंद्र शास्त्री के धार्मिक व्यापार में शीर्ष स्थान पर पहुंचने की प्रक्रिया।
Chapters
- 00:00छतरपुर और खजुराहो की ट्रेन यात्रा
- 01:32गड़ा गांव और तंत्र सिद्धि की परंपरा
- 02:52धीरेंद्र शास्त्री का जन्म और परिवार
- 04:17धीरेंद्र शास्त्री की लोकप्रियता और संपत्ति
- 05:41मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया का प्रभाव
- 07:00बागेश्वर धाम का विकास और विवाद
- 08:15धीरेंद्र शास्त्री के चमत्कार और आलोचनाएं
- 09:15धार्मिक और राजनीतिक समर्थन
- 10:13स्थानीय जमीन विवाद और आर्थिक प्रभाव
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Speaker A
मध्य प्रदेश का एक जिला है छतरपुर। वही छतरपुर जहां सैकड़ों वर्ष पुराने खजुराहो के मंदिर और मूर्तियां हैं। इसी खजुराहो की ओर दिल्ली से जाती ट्रेन अक्सर छतरपुर के पास रुक जाती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि छतरपुर के पास रुकती है, यानी रेलवे स्टेशन पर नहीं। खासकर मंगलवार और शनिवार के दिन खजुराहो की तरफ जाने वाली ट्रेनों को बीच में ही चैन खींचकर रोक दिया जाता है। जिससे उतरती है एक बहुत भारी भीड़। इस भीड़ का इंतजार बाहर खड़ी
Speaker A
टेंपो, टांगे और जीप वाले कर रहे होते हैं, जो इस भीड़ को भरकर 35 किलोमीटर दूर एक खास जगह ले जाते हैं, जिसे लोग गड़ा गांव के नाम से पुकारते हैं। इस गांव में मौजूद है बाबा बागेश्वर धाम, जहां 26 साल
Speaker A
के बाबा धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री बैठते हैं। वही धीरेंद्र शास्त्री जो बन चुके हैं बागेश्वर सरकार, जिसके दरबार में असली सरकार है, असली मुख्यमंत्री, असली गृहमंत्री तक पानी भरने के लिए आते हैं। वहीं धीरेंद्र शास्त्री जो आज जहां खड़ा होता
Speaker A
है, वहां जल्द ही शुरू हो जाते हैं लोग अपना भविष्य लिखवाने के लिए लाइन में लग जाते हैं। इसलिए आज के इस एपिसोड में हम जानेंगे धीरेंद्र कृष्णा गर्ग से धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री बने की पूरी कहानी। क्यों मुख्यमंत्री से लेकर एक गृहमंत्री तक सब
Speaker A
एक 26 साल के लड़के के आगे नतमस्तक हैं। कैसे धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों को ढूंढने के नाम पर अपने पाखंड के साम्राज्य को स्थापित करने के लिए इस्तेमाल किया। नमस्कार, मैं श्याम मीरा सिंह। धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री की कहानी मध्यप्रदेश के
Speaker A
इसी गड़ा गांव से शुरू होती है, जहां एक पहाड़ी पर 30400 साल पुरानी शंकर जी की मूर्ति स्थापित थी। पास में ही गांव के लोग अंतिम संस्कार करते थे। लोकल लोग कहते हैं कि एक वक्त पर इसे मरघट पहाड़ी ही बुलाते थे,
Speaker A
क्योंकि ये बुंदेलखंड का एक पिछड़ा इलाका है और बाकी देश के हिस्सों की तरह ही यहां भी कुछ लोग तंत्र सिद्धि के लिए आते रहते हैं। जैसे सरल भाषा में कहें तो जादू टोना करने के लिए आते थे। जब लोग परेशान
Speaker A
होते हैं या उनके यहां कोई रोगी लंबे समय तक ठीक नहीं होता, तब वो मायूस होकर इस तरफ मूरतें देखते हैं। और स्वाभाविक रूप से ये कम शमशान के करीब यानी मरघट पहाड़ी के करीब लंबे समय से होता आ रहा है। दावा किया जाता है कि
Speaker A
धीरेंद्र शास्त्री के दादाजी यानी सेतु लाल गर्ग ने शंकर जी की मूर्ति के पास ही एक हनुमान जी की मूर्ति भी स्थापित करवाई थी, जो साल 1986 में एक छोटे मंदिर के रूप में तब्दील कर दी गई। धीरेंद्र शास्त्री के दादाजी इस मंदिर में
Speaker A
पूजा पाठ किया करते थे। लोग उन्हें दादा गुरु के नाम से बुलाते थे। मंदिर की स्थापना हो जाने के बाद इस पहाड़ी पर जादू टोना और सिद्धि जैसे काम और ज्यादा फलने फूलने लगे। दादा गुरु को इस तरह की पूजा पाठ करते हुए
Speaker A
देख धीरेंद्र पर भी इसका असर पड़ना शुरू हो गया। अपने स्कूली पढ़ाई के दौरान ही धीरेंद्र इसी मंदिर में आकर बैठने लगे। इन्हीं पूजा पाठ और जादू टोना के बीच पाल बड़ा धीरे-धीरे अपने नाम के साथ शास्त्री
Speaker A
दौड़ने लगा। उसका नाम धीरेंद्र कृष्णा गर्ग से धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री हो गया, यानी शास्त्रों का ज्ञाता विद्वान। भले ही शास्त्रों की जानकारी न हो, लेकिन अब धीरेंद्र स्वभाव से तरीके से धीरेंद्र शास्त्री बन चुके हैं। 1996 में धीरेंद्र
Speaker A
का जन्म गड़ा गांव के रामकृपाल गर्ग और सरोज गर्ग के घर हुआ। भाई-बहनों में धीरेंद्र सबसे बड़े हैं। इनकी बहन का नाम रीता अगर और शालिग्राम गर्ग इनके भाई का नाम है। वैसे तो धीरेंद्र गर्ग के धीरेंद्र शास्त्री बने की कहानी बहुत पुरानी नहीं
Speaker A
है, लेकिन उसके गांव में रहने वाले उनकी हम उम्र के कुछ लोग आते हैं कि अपने दादाजी की तरह के गुन उसने अपने दादाजी से ही सीखे थे। अपने दादाजी को लेकर ही धीरेंद्र शास्त्री एक वीडियो में कहते नजर आते हैं कि हमें
Speaker A
लगातार तीन बार सपना में हमारे दादाजी महाराज आए, हमसे अज्ञातवास पर जाने के लिए कहा। तब हम जानते थे नहीं थे कि अज्ञातवास क्या होता है। फिर हमें पता चला कि पांडवों ने भी ऐसा किया था। तब हमें समझ आया कि
Speaker A
अज्ञातवास से भी भगवान का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है। हम जब अज्ञातवास से लौटे तो दरबार लगाने लगे। लोगों का साथ मिलता रहा। वैसे तो धीरेंद्र शास्त्री की वेबसाइट पर उनकी संपत्ति के बारे में लिखा है कि उनके पास सिर्फ एक मोटरसाइकिल है। उसके
Speaker A
अलावा जितने भी दान दक्षिण आदि प्राप्त होते हैं, वो मंदिर के काम में आते हैं, धन की सेवा में उपयोग होते हैं। उनके अनुसार उन्होंने नौ एकड़ जमीन खरीदी है, जिस पर वो कैंसर अस्पताल का निर्माण करना चाहते हैं।
Speaker A
कल्याण के जैसे कार्यों के लिए, जैसे कि कन्याओं का विवाह करना, रोगों के निदान के लिए और अन्नपूर्णा भंडारा में लगाया जाता है। लेकिन धीरेंद्र शास्त्री की वेबसाइट में लिखी बातों से इधर देखें तो बाबा महंगी गाड़ियों के काफिले तो छोड़िए, कई बार
Speaker A
प्राइवेट सीट से भी चलते हैं। जब धीरेंद्र शास्त्री कहानी निकलते हैं तो दर्जनों गाड़ियों का काफिला साथ निकलता है। लेकिन सवाल यह है कि धीरेंद्र शास्त्री पर इतना पैसा कहां से आया? कहां से वो इतना प्रसिद्ध हुआ? इसका जवाब है ये सब कुछ संभव
Speaker A
हुआ दरबार से और दरबार में आने वाले भक्तों के चढ़ावे से। इसकी हकीकत एक मीडिया चैनल को इंटरव्यू देने वाले चंदला विधानसभा के पूर्व विधायक रहे रोड प्रजापति बताते हैं। रोड प्रजापति बताते हैं कि इस जगह पर शंकर जी का मंदिर था, बगल
Speaker A
में हनुमान जी की मूर्ति थी। धीरेंद्र के बाबा यहां पर पूजा किया करते थे। इन लोगों के पास घर द्वारा कुछ नहीं था। पास में एक सामुदायिक भवन था, जिसमें ये लोग बरसाती डाल कर रहे थे, पूजा पाठ करते थे। गांव वाले
Speaker A
मदद कर देते थे। धीरे-धीरे इन्होंने दरबार लगाना शुरू कर दिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि कुछ साल पहले धीरेंद्र शास्त्री छतरपुर आए और उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उसमें स्थानीय मीडिया को बुलाया, जहां पुलिस के सामने उन्होंने
Speaker A
धीरेंद्र शास्त्री ने पत्रकारों से कहा कि हमारा एक सिद्ध स्थान है गड़ा। यहां आकर आप लोग दर्शन कीजिए और चमत्कार देखिए। पत्रकारों ने पूछा कि चमत्कार क्या है? तब जवाब आया कि गड़ा स्थित पहाड़ी पर शंकर जी के मंदिर में यदि बल्ब जलाया जाए तो वो
Speaker A
फूट जाता है। इसलिए मंदिर में सिर्फ दिए की रोशनी की जाती है। इसलिए इस मंदिर में लोगों की आस्था भी है। लेकिन धीरेंद्र शास्त्री के चमत्कारिक गांव के बावजूद उसे वक्त मीडिया ने धीरेंद्र शास्त्री में ज्यादा दिलचस्प नहीं दिखाई। ज्यादा मीडिया
Speaker A
कवरेज उसे समय उन्हें नहीं मिली, क्योंकि बुंदेलखंड में यह नया नहीं था। यहां बाबाओं और उनके चमत्कारों की कहानी नई-नई थी। तो धीरेंद्र शास्त्री के काठात चमत्कार की उस वक्त चित्रकूट रिपोर्टिंग ही हुई, इस तरह की नहीं हुई जैसी आज होती है।
Speaker A
लेकिन समय के साथ धीरेंद्र शास्त्री से ऐसे लोग जुड़ने लगे जो उन्हें सोशल मीडिया की दुनिया में ले आए। यहीं से धीरेंद्र शास्त्री की लोकप्रियता बढ़ने लगी। सोशल मीडिया हाथ लगे के बाद धीरेंद्र शास्त्री को मीडिया की जरूरत नहीं रही।
Speaker A
धीरेंद्र के वीडियो को यूट्यूब और व्हाट्सएप के जरिए बड़ी संख्या तक पहुंचाया गया। सोशल मीडिया ने भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई। आज की तारीख में धीरेंद्र के ज्यादातर वीडियो पर लाखों में व्यूज जाते हैं। ट्रेन से लेकर बसों
Speaker A
में तमाम लोग आपको ऐसे मिल जाएंगे जो धीरेंद्र शास्त्री के कठे चमत्कारों को देख रहे होते हैं। इसी बीच एक धार्मिक चैनल यानी संस्कार ने पिछले तीन चार साल पहले धीरेंद्र शास्त्री के साथ मिलकर बड़ी बड़ी भागवत कथाएं करना शुरू कर दिया। स्थानीय
Speaker A
मीडिया के कुछ लोग उन्हें नियमित रूप से अब कवर करने लगे। सोशल मीडिया तो था ही। इसके बाद धीरेंद्र शास्त्री के नाम के साथ अब कथावाचक शब्द भी लगने लगे। अब तो समाचार चैनलों पर भी धीरेंद्र शास्त्री के दरबार
Speaker A
का सीधा लाइव प्रसारण किया जाने लगा है, जैसे प्रधानमंत्री की रैली का लाइव प्रसारण किया जा रहा हो। सोशल मीडिया के बाद धार्मिक चैनलों और बाद में समाचार चैनलों और अब तो राजनीतिक पार्टियों का सपोर्ट मिलने के बाद धीरेंद्र शास्त्री धर्म के
Speaker A
इस व्यापार में सबसे ऊपर छा गए। पूरा इसको अब धीरेंद्र शास्त्री में ही मारा हुआ है। आज गड़ा गांव की पहाड़ी पर शिवा और हनुमान की मूर्तियां हैं, दर्शन के लिए सारी व्यवस्था है। और अगर धीरे शास्त्री से
Speaker A
मिलना है तो हनुमान यानी कि बालाजी के यहां ये नारियल बांधकर अर्जी लगाई जाती है। जिसे पहाड़ी से नीचे एक पंचायत भवन था, जिसका जिक्र पूर्व विधायक रोड प्रजापति ने भी किया था, जो अब अच्छे खेस निर्माण के बाद
Speaker A
बाबा बागेश्वर धाम बन चुका है। धीरेंद्र शास्त्री की दुकान जम जाने के बाद अब बारिश और धाम के आसपास की जमीनों की कीमतें भी 80 लाख प्रति एकड़ तक पहुंच गई हैं। लेकिन इस बीच धीरेंद्र शास्त्री पर आरोप
Speaker A
है कि यहां जमीन सिर्फ खरीदी ही नहीं जा रही है बल्कि कब्जाई भी जा रही है। बाबा बागेश्वर धाम पर लगे इस इल्जाम की पड़ताल के लिए दैनिक भास्कर अखबार के रिपोर्टर संतोष सिंह ने ग्राउंड रिपोर्ट की, जिसमें
Speaker A
संतोष सिंह लिखते हैं कि आज छतरपुर खजुराहो हाईवे से सटा गड़ा गांव बागेश्वर धाम के कारण बिजनेस हब बन गया है। रोज हजारों की भीड़ होती है, जो मंगलवार और शनिवार को लाखों में बदल जाती है। इसके चलते दुकानों का एक महीने का किराया सवा
Speaker A
लाख रुपए तक पहुंच गया है। संतोष लिखते हैं कि अब गड़ा में निजी और सरकारी जमीनों पर कब्जे का खेल भी शुरू हो चुका है। सीधे तौर पर बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री और उनके सेवादारों पर है। मंदिर
Speaker A
से सटी जमीन छतरपुर जिले में राजनगर तहसील की सरकारी रिकॉर्ड में शमशान तालाब और पहाड़ के रूप में दर्ज है। धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री तालाब को पा...
Speaker A
से सती जमीन छतरपुर जिले में राजनगर तहसील की सरकारी रिकॉर्ड में शमशान तालाब और पहाड़ के रूप में दर्ज धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री तालाब को पाठ कर अब दुकान बावा रहे हैं निर्माण कार्य जोरो से चालू है तहसीलदार ने निर्माण को लेकर एक नोटिस भी जारी किया
Speaker A
लेकिन निर्माण अभी भी जारी है इतना ही नहीं अवैध टैप्रो का भी निर्माण करके लोगों को कारा पर देकर अवैध वसूली भी की जा रही है संतोष की एक रिपोर्ट पंचायत भवन पर हुए एक अवैध कब्जे का भी जिक्र करती है
Speaker A
अपनी रिपोर्ट में संतोष बताते हैं की बागेश्वर धाम के पास सरकारी जमीन पर 12 लाख की लागत से सामुदायिक भवन बना था जैसे पंचायत ने अपनी निधि से बनवाया था लेकिन अब इस पर धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री का कब्जा है सामुदायिक भवन के ऊपर खुद के
Speaker A
द्वारा निर्माण कर उसे दो मंजिल और बड़ा लिया गया है इसी भवन में बैठकर पीसी पर आए लोगों से मिलते हैं यही पर उनका दरबार भी लगता है लेकिन कमल की बात यह है की पंचायत भवन पर कब्जे को लेकर गांव के लोगों ने
Speaker A
कभी कोई दर्ज नहीं कराया इसके पीछे ये भी माना जाता है की बागेश्वर सरकार की यानी की बाकी सरकार राज की प्रभाव के चलते कोई आवाज उठाने की हिम्मत तक नहीं करता पहले गांव में किसी की शादी के समय इसी पंचायत
Speaker A
भवन में ₹12 का करती थी लेकिन इस पंचायत भवन पर अब बाबा का कब्जा है लोग अपनी जमीन को बेचे के लिए दबाव की बात भी स्वीकार करते हैं मगर खुलकर बोलने से डरते हैं वो कहते हैं की नेता मंत्री कलेक्टर एसपी से
Speaker A
लेकर थानेदार तक धीरेंद्र शास्त्री के चरणों में मरता ठीक है तो हमारी कौन सुनेगा और ये सही बात भी है जब मध्य प्रदेश के ग्रह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से लेकर सत्ताधारी पार्टी भाजपा के अध्यक्ष बीड़ी शर्मा धीरेंद्र शास्त्री के सामने
Speaker A
जमीन पर बैठने हैं सिर्फ नरोत्तम मिश्रा ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता जैसे की पूर्व मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ तक धीरेंद्र शास्त्री के सामने सर झुका कर जाते हैं वैसे में ग्रामीण में धीरेंद्र शास्त्री के प्रभाव और
Speaker A
गलत नहीं माना जा सकता सिर्फ धीरेंद्र शास्त्री का ही दबदबा नहीं है बल्कि धीरेंद्र शास्त्री के नाम का फायदा उनके छोटे भाई शालिग्राम ने भी उठाने में कसार नहीं छोड़ी गड़ा गांव में अहिरवार समाज के एक परिवार में बेटी की शादी थी बागेश्वर
Speaker A
धाम के सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी के लिए आवेदन दिया था लेकिन बाद में निजी कार्यक्रम करने का फैसला किया शादी 11 जनवरी को थी इस बात का पता चलने पर पंडित वीरेंद्र शास्त्री का छोटा भाई शालिग्राम रात करीब 12:00 बजे अपने कुछ साथियों के
Speaker A
साथ शादी समारोह में पहुंचता है वहां उसने उत्पाद मचाते हुए टूट-फूट सुख करना शुरू कर दिया और लोगों को धमकाया डेयर सा में परिवार के लोगों ने शादी बीच में ही रॉक दी बारात लोट गई और रिश्तेदार भी चले गए
Speaker A
हालांकि काफी समझाएं इसके बाद शादी इस रात हो गई शालिग्राम की इस हरकत का एक वीडियो वायरल भी हुआ जिसके बाद भारी जान आक्रोश के चलते पुलिस ने शिकायत दर्ज की इस दौरान धुले आकाश अहिरवार ने आप लगाया था की 11
Speaker A
फरवरी की रात जब बाराती खाना का रहे थे डीजे पर राय बाज रही थी तभी धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम ने आकर जाति सूचक शब्दों के साथ गलियां देना शुरू कर दिया शादी में व्यवधान डाला और उसके हाथ
Speaker A
में एक पिस्टल थी उसने पिस्टल से दो-तीन बार फायरिंग भी की धुले आकाश ने बताया की बागेश्वर धाम में 18 तारीख को सामूहिक विवाह होना था ये लोग छह रहे थे की मेरी भी शादी वहीं पर ही हो जिसके लिए धीरेंद्र
Speaker A
शास्त्री ने घर पर खबर भिजवाई थी मगर हमने सामूहिक विवाह में शादी करने से इनकार इस पर शालिग्राम भड़क दबंगई से दूर चलकर पहले बात कर लेते हैं की लोगों को ठीक कर देने वाले धीरेंद्र शास्त्री के दाव में कितना
Speaker A
दम है आखिर कितनी सच्चाई है खाने का मतलब ये है की महाराज की शाखा में यूं तो बहुत से केमोन का स्कोप है लेकिन उन्होंने अब अपने चमत्कारों की आड में डॉक्टरी का कम भी शुरू कर दिया है इनका अंदाज़ भी थोड़ा
Speaker A
सा जुड़ा है डॉक्टर जैसा नहीं है चिकित्सकों जैसा नहीं है वेद जैसा भी नहीं है धीरेंद्र शास्त्री भूत-प्रेतों का इलाज करने का भी दवा करते हैं वो मंच से गुदगुदाते हैं फूंक मारते हैं भीड़ से चिल्लाने की आवाज आई है भीड़ से उठाते
Speaker A
आदमी औरतें चीखते हुए नजर आते हैं धीरेंद्र कहते हैं की उनको और चिमटी मारे जैन जंजीर से झगड़ा जाए ना फिर अजीब सी बातें बोलकर ताली बजाते हैं और अपने छुट्टी लांडाद दिखाई हैं ये कॉपी और कलाम लिए रहते हैं आप जैसे ही इनके सामने
Speaker A
पहुंचेंगे ये आपकी बीमारी तुरंत डांग उसे कर लेते हैं आपकी पीडिया तक के नाम समेत आपकी बीमारी का नाम उसकी पुरी रिपोर्ट कॉपी पर उतार देते हैं और फिर शुरू होता है इलाज दवाइयां से भी नहीं भभूत बहुत
Speaker A
तथाकथि चमत्कार से लेकिन ऐसा नहीं है की धीरेंद्र शास्त्री के कथित चमत्कारिक शक्तियों को किसी ने भी चैलेंज नहीं किया सबसे बड़ी चुनौती दी नागपुर के अंत श्रद्धा निर्मूलन समिति के उपाध्यक्ष श्याम मानव ने श्याम मानव ने धीरेंद्र
Speaker A
शास्त्री को चुनौती देते हुए कहा की वो कुछ परीक्षाएं लेंगे और अगर धीरेंद्र उन्हें पास कर लेते हैं तो उन्हें 30 लाख रुपए का इनाम देंगे श्याम मानव ने कहा की वो धीरेंद्र शास्त्री के सामने 10 लोगों को खड़ा करेंगे जिनके नाम पिता का नाम फोन
Speaker A
नंबर उम्र की पहचान धीरेंद्र शास्त्री को करनी होगी इसके अलावा उन्हें दूसरे कमरे में राखी हुई वस्तुओं की पहचान भी करने की चुनौती दी श्याम मानव ने कहा की यदि वीरेंद्र शास्त्री दो बार ऐसा करने में सफल होते हैं यदि वो 90% प्रश्नों के जवाब
Speaker A
भी अगर सही देते हैं तो अखिल भारतीय अंधविश्वास उन्मूलन समिति के प्रमुख के रूप में उनके चरणों में सर रखकर माफी मांगूंगा और समिति की और से 30 लाख का इनाम दूंगा अगर वो दिव्या शक्ति का उपयोग देश के लिए
Speaker A
करेंगे तो देश में कहानी भी बम नहीं गिरेगी क्योंकि उन्हें पहले से ही पता चल जाएगा की बम कहां तैयार हो रहे हैं इसे देश में कहानी भी आतंकवाद की कोई घटना नहीं घाटीगे श्याम मानव ने आगे ये भी कहा
Speaker A
की अगर धीरेंद्र शास्त्री अपनी बात साबित कर देते हैं तो फिर अगर भी पुरस्कार स्वीकार भी नहीं करते हैं तो भी वे अपनी समिति का कम बैंड कर देंगे जो पिछले 40 सालों से धर्म के नाम पर ल रहे लोगों का
Speaker A
सच सामने लाने का कम कर रही है हालांकि धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री ने यह चुनौती इसी का नहीं की लेकिन धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती देने के बाद से श्याम मानव को खून पर धमकियां मिलन जरूर शुरू हो गया जिसके बाद उनकी सुरक्षा भी बधाई गई यहां
Speaker A
हम जी अंदर श्रद्धा निर्मूलन समिति की बात कर रहे हैं उसका गठन 1989 में हुआ समिति की स्थापना नरेंद्र डॉल करने की थी साल 2013 में दागुलकर की हत्या कर दी गई थी समिति के मुताबिक वो लोगों को गुमराह करने
Speaker A
वाले अंधविश्वासों के खिलाफ कम करती है ये समिति मुख्य रूप से महाराष्ट्र में एक्टिव हैं लेकिन सवाल यह है की क्या जादू टोना और चमत्कारों के चक्कर में फिर शास्त्री उन गंभीर मरीज की जान को खतरे में नहीं दाल रहे हैं जिन्हें तत्काल
Speaker A
डॉक्टर और अस्पतालों और दवाइयां की जरूर है म्यूजिक मीडिया संस्थान की एक ऐसी ही रिपोर्ट है जिसका यहां पर जिक्र करना जरूरी है जैसे बागेश्वर धाम इलाज के लिए आई एक 10 साल की बच्ची की मौत हो गई थी
Speaker A
बच्ची के माता-पिता मिर्गी का इलाज करने के लिए उसे धीरेंद्र शास्त्री के दरबार ले थे आप लगा की इस बच्ची की जिंदगी के साथ खिलवाड़ की कहानी शुरू हुई डेड साल पहले जब ये परिवार धीरेंद्र शास्त्री के दरबार
Speaker A
में बच्ची के ठीक होने की आप नहीं आता रहा इस कहानी का अंत हो गया इसी साल 12 फरवरी के दिन इसी दिन बच्ची की तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई और भू बहुत और चमत्कार के चक्कर में उसकी जान चली गई बच्ची के
Speaker A
परिवार वालों ने बाद में बताया की धीरेंद्र शास्त्री ने उसके माथे पर बहुत लगा दी थी और कहा की जो बच्ची शांत हो जाएंगे उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की एक महिला भिखारी तोर पर धीरेंद्र शास्त्री के चमत्कार से भ्रमित होकर अपनी जान गाव चुकी
Speaker A
है महिला किडनी की बीमारी से जूझ रही थी और अपने इसी के साथ अर्जी लगाने धीरेंद्र शास्त्री के धाम पहुंची थी वो धीरेंद्र शास्त्री के पास अर्जी लगाने पहुंची पाती की लाइन में लगे लगे ही उसकी मौत हो गई
Speaker A
मृतक महिला को गले लगाकर रोटी हुए उसके पति की तस्वीर है और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए लेकिन इसको परवाह है ऐसी ही एन जान कितनी मौतें अंधविश्वास के करण हो जाति हैं जो खबरे में नहीं ए पाती इसके
Speaker A
अलावा धीरेंद्र शास्त्री के पंडाल में लोगों के बेहोश होने की कहानी गंभीर बीमा होने की खबरें आई ही रहती है इन बेहद गंभीर घटनाओं की जिम्मेदारी लेने के बजे धीरेंद्र शास्त्री ये कहते हैं की हम तो कुछ नहीं कर रहे हैं सब बालाजी ही कर रहे
Speaker A
हैं सब वही करवा रहे हैं हमसे हालांकि अगर आप शास्त्री के इस कम के बड़े में चमत्कार के बड़े में या किसी जादूगर से या किसी वैज्ञानिक या मनोवैज्ञानिक की दृष्टि से देखेंगे तो जवाब कुछ अलग मिलेगा दरअसल ये
Speaker A
एक कल होती है जिसे हम मेंटालिज्म यानी मन रीडिंग यानी की दिमाग को पढ़ना भी कहते हैं इस बात का खुलासा कुछ दोनों पहले कई टीवी चैनल पर आने वाली इसी कल की एक और कलाकार यानी की युटुब पर सुहानी साहनी
Speaker A
किया था जो मुंबई में रहती है सुहानी साहब बताती हैं की जादू के अंदर कई जानवर होते हैं मेंटली जंप भी उन्हें में से एक है 32 साल की हूं 7 साल की उम्र से जादू की ट्रिक कर रही है और बीते 10 सालों से
Speaker A
मेंटालिज्म कर रही हूं मेंटालिज्म में कई तकनीकी होती है कई बार आंखों की मूवमेंट हावभाव और बोलने के त्रिकोण से सामने वाले की बात को जाना जा सकता है ये पुरी कल लोगों के दिमाग के आसपास होती है धीरेंद्र
Speaker A
शास्त्री को लेकर सुहानी बताती हैं की सनातन धर्म कहता है की सच बोलना चाहिए तो अगर कोई झूठ बोल रहा है तो यह गलत है हनुमान जी हम सबके भगवान हैं और हम सब पर उनकी कृपा है अगर धीरेंद्र किसी का दिमाग
Speaker A
पढ़ का रहे हैं तो ये एक ट्रिक है और उन्हें इसे ट्रिक ही बोलना चाहिए ना की भगवान की कृपया कोई चमत्कार धीरेंद्र जो करते हैं आप मेरे वीडियो जान की सुहानी की वीडियो में देखेंगे तो उससे कहानी आगे की
Speaker A
चीज करती हैं हम जैसे कल बोलते हैं चमत्कार बोलते हैं कुछ दोनों पहले जब सुहानी सा न्यूज़ चैनल पर आई थी तब उन्होंने ये ट्रिक करके भी दिखाई थी यानी ये साफ तोर पर जाहिर है की ये को एक चमत्कार बताकर वीरेंद्र शास्त्री
Speaker A
अपने अंधविश्वास का साम्राज्य स्थापित करने में लगी हुई वैसे दिरहीन शास्त्री के चमत्कार को ट्रिक बोलना भी थोड़ी बेईमानी होगी क्योंकि इनके दरबार में उन्हें लोगों को बुलाया जाता है जो पहले से ते होते हैं लेकिन बात अब और आगे जा चुकी हैं अब बात
Speaker A
जादू टोन और चमत्कारों तक सीमित नहीं है बल्कि राजनीति पर चली गई है इसमें सबसे ज्यादा फायदा सत्ताधारी पार्टी भाजपा देख रही है दुर्भाग्य की बात ये है की जिन राजनीतिक दालों को देश में विज्ञान तारक और शिक्षा का प्रसार करना था वे
Speaker A
अंधविश्वास और पाखंड के आगे सर झुकाए अपना राजनीतिक हिट देख रहे हैं इनमें सभी पार्टी के नेता शामिल हैं लेकिन भाजपा थोड़ा एक कम आगे और चली गई इसका करण यह है की धीरेंद्र शास्त्री जादू टोना और चमत्कारों के साथ-साथ आम जनता को हिंदू
Speaker A
राष्ट्र का सपना भी बीच रहे हैं जो भाजपा की राजनीति के करीब है यही करण की भाजपा के नेता मंत्री विधायक धीरेंद्र शास्त्री की हर सभा में बाढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं संघ और भाजपा दोनों किसी तरह से भी ऐसे
Speaker A
किसी शख्स को नहीं छोड़ना चाहते तो इसकी बहुसंख्यक आबादी पर अपना कंट्रोल रखना हूं भले ही वो पाखंड और अंधविश्वास करके समाज को एक कम पीछे क्यों ना ले जाए आज सत्ता के लालच में धीरेंद्र शास्त्री को बाकायदा
Speaker A
आगे के लिए तैयार किया जा रहा है ऊंचाई बिहार हो जहां भाजपा सांसद मनोज तिवारी धीरेंद्र शास्त्री के ड्राइवर बने हुए दिखाई दिए चाहे वो मध्य प्रदेश हो जहां आने वाले दोनों में विधानसभा चुनाव होंगे विशाल 2024 में होने जा रहे लोकसभा चुनाव
Speaker A
की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है भाजपा को बढ़त लेते देख अब कांग्रेस नेता भी धीरेंद्र शास्त्री के दरबार में हजारी मारुति सही लेकिन कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ भी एक बार धीरेंद्र शास्त्री के दरबार में जा
Speaker A
चुके हैं इसलिए जरूरी है की धीरेंद्र शास्त्री को देख आप उसे किसी तपस्वी साधु सन्यासी होने का ब्रह्म एन अपने घर राजनीतिक और आर्थिक है आप उनके कुछ बयानों से अंदाज़ लगा सकते हैं जैसे कुछ दिन पहले एक वीडियो सामने आया था उसमें
Speaker A
धीरेंद्र शास्त्री शाहरुख खान की फिल्म पठान मूवी अपील करते हुए नजर ए रहे हैं श्रद्धालुओं से कहते हैं की तुम्हें सौगंध है पूरे भारत के लोगों को तुम्हें शपथ है जो सनातन का विरोध करें चाहे वो नेता हो या अभिनेता
Speaker A
हो देखो तुम लोगों ने एक अभिनेता की फिल्म बैकुट की थी तो सारे कलवा बांधने लगे तिलक लगाने लगे मंदिर जान लगे हैं वो भी जिनके नाम से पीछे खान लिखा है असफल लोग दोनों हाथ उठाकर ऐसे लोगों की फिल्म नहीं
Speaker A
देखूंगी धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं की चादर और फादर वालों से दूर रहो जरा सर उनका इशारा मुस्लिम और क्रिश्चियन गुरुओं की तरह था धीरेंद्र शास्त्री ने कथा मंच से बुलडोजर को लेकर भी बयान देते हुए कहा की वो खुद भी बुलडोजर खरीदने वाले हैं
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पैसा नहीं है वरना हम भी बुलडोजर खरीदेंगे गांव के काई पर सनातनियों और महात्माओं पर संतो पर भारतीय हिंदुओं पर जो पत्थर चलाएगा हम उसके घर पर चलाएंगे वीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा हिंदू जागो जो तुम्हारे घर पर उसके घर जैसी भी चलाओ
Speaker A
लेकिन देश का दुर्भाग्य यह है की जी देश को हमें एक-एक करके एक कम आगे ले जाना था इस पूरे फ्रेमवर्क के साथ जादू टूट के अंधविश्वास हिंदू राष्ट्र कर्मकांड और पाखंड बना दिया जा रहा है यह किसी एक समाज का
Speaker A
नुकसान नहीं है यह पुरी की पुरी पीढ़ी को खत्म किया जा रहा है एक शब्द देश में एक प्रगतिशील समाज बनाने की छह रखना वाले देश में धीरेंद्र शास्त्री जैसे लोगों का विरोध होता है जो धर्म के लिए भोक समाज की
Speaker A
भावनाओं को साथ मिलते हैं लेकिन ऐसा दूर हमारे बीच में है की धीरेंद्र शास्त्री को कल को कोई पार्टी मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित ना कर दे और ये कोई बड़ी बात नहीं होगी की वो इसे भी ठुकरा दे
Speaker A
क्योंकि मुख्यमंत्री तक उनके पैरों में सर झुकना के लिए आते हैं लेकिन एक विचार आप करिए की हम कैसा समाज बनाना चाहते हैं हम खुद कैसे देश का सपना देखना चाहते हैं बारहली कहानी थी यही तक अगर वीडियो पहले
Speaker A
बार देख रहे हैं तो चैनल को सब्सक्राइब कर दीजिए वीडियो लाइक कर दीजिए और कमेंट करके वीडियो के बड़े में जरूर बताइए इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहचाने में हमारी मदद करिए दोस्तों के साथ शेर करिए
Speaker A
और देश के लोगों को यानी की भूले वाले नगरों को जागरूक करिए फिर कोई नई वीडियो लेकर आऊंगा तब तक के लिए नमस्कार
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