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Dawood VS Chhota Rajan

दाऊद और छोटा राजन के बीच मुंबई अंडरवर्ल्ड की जंग और 1993 मुंबई बम धमाकों की कहानी।

Key Takeaways

  • दाऊद और छोटा राजन की आपसी लड़ाई ने मुंबई अंडरवर्ल्ड को गहराई से प्रभावित किया।
  • 1993 के मुंबई बम धमाके अंडरवर्ल्ड और आतंकवाद के बीच संबंधों को उजागर करते हैं।
  • धार्मिक और राजनीतिक घटनाओं ने अंडरवर्ल्ड गैंग्स में विभाजन और संघर्ष को जन्म दिया।
  • आईएसआई ने भारत में आतंक फैलाने के लिए स्थानीय गैंगस्टर्स का इस्तेमाल किया।
  • छोटा राजन का दाऊद गैंग से अलग होना अंडरवर्ल्ड की ताकतों में बदलाव का संकेत था।

What the video covers

  • 1986 में दाऊद दुबई से अंडरवर्ल्ड का संचालन करता था और अपने विरोधियों को बेरहमी से खत्म करता था।
  • छोटा राजन ने बड़े राजन की गैंग जॉइन की और बाद में उसका स्थान लिया।
  • अरुण गावली द्वारा दाऊद के टॉप मैन की हत्या के बाद छोटा राजन ने बदला लिया।
  • दाऊद और छोटा राजन ने मिलकर मुंबई के कई इलाकों में अंडरवर्ल्ड का नियंत्रण किया।
  • 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस और उसके बाद हुए दंगों ने अंडरवर्ल्ड गैंग्स में धार्मिक दरारें पैदा कीं।
  • पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने दाऊद इब्राहिम को भारत में आतंकवादी हमलों के लिए इस्तेमाल किया।
  • 1993 के मुंबई बम धमाकों में दाऊद, टाइगर मेमन और आईएसआई की भूमिका प्रमुख थी।
  • दाऊद को देशद्रोही के रूप में देखा गया जबकि छोटा राजन ने उसे सार्वजनिक रूप से बचाने की कोशिश की।
  • छोटा राजन को गैंग में साइडलाइन महसूस हुआ और अंततः उसने दाऊद गैंग छोड़ दी।
  • दाऊद का कराची में मजबूत होना और भारत में उसकी पकड़ कमजोर होना इस संघर्ष की मुख्य कहानी है।

Answers

Questions about this video

दाऊद और छोटा राजन के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या थी?

दाऊद के टॉप मैन सतीश राजे की हत्या के बाद छोटा राजन को बदला लेने के लिए दुबई से बुलाया गया था, लेकिन बाद में दोनों के बीच सत्ता और भरोसे की दरारें बढ़ीं।

1993 मुंबई बम धमाकों में दाऊद की भूमिका क्या थी?

आईएसआई के सहयोग से दाऊद ने आतंकवादी हमलों के लिए हथियार और युवाओं को पाकिस्तान भेजने में मदद की, जिससे मुंबई में बड़े पैमाने पर बम धमाके हुए।

बाबरी मस्जिद ध्वंस का मुंबई अंडरवर्ल्ड पर क्या प्रभाव पड़ा?

धार्मिक दंगों ने अंडरवर्ल्ड गैंग्स में हिंदू-मुस्लिम दरारें पैदा कीं, जिससे गैंग्स के बीच संघर्ष और राजनीतिक गठजोड़ों में बदलाव आया।

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Speaker A
1986 में दुबई भाग जाने के बाद दाऊद दुबई से ही अंडरवर्ल्ड को चला रहा था। अब जो भी उसके खिलाफ होता, उसे ही बेरहमी से मरवा दिया जाता। इस लिस्ट में रमा नायक, बाबू रेशिम जैसे हिंदू धर्म से आने वाले
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Speaker A
गैंगस्टर्स भी शामिल थे, जो कभी दाऊद के लिए ही काम किया करते थे। इस पर गैंगस्टर अरुण गावली, जो कभी दाऊद के गैंग में काम किया करता था, अब वह दाऊद से इसका बदला लेने की कसम खाता है और अपने सांप शूटर से
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Speaker A
बॉम्बे में मौजूद दाऊद के टॉप मैन सतीश राजे को मरवा देता है। राजे के मर्डर से दाऊद पूरी तरह से हिल जाता है और बदला लेने के लिए उसने छोटा राजन को दुबई से वापस बॉम्बे भेज दिया। अब राजन का काम
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Speaker A
सतीश राजे के मर्डर का बदला लेना और अरुण गावली को सबक सिखाना था। 12 दिन 13 दिन के अंदर-अंदर ई कंपनी ने इतना बड़ा उसका बदला लिया, जो अपने आप में मुंबई के अंडरवर्ल्ड के इतिहास में द हिस्ट्री ऑफ अंडरवर्ल्ड जब
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Speaker A
लिखी जाएगी, उसमें उस घटना का जिक्र जरूर आएगा और वो थे अशोक जोशी का मर्डर। राजेंद्र निखाल जी उर्फ छोटा राजन सतारा के लोनार गांव का रहने वाला था और छोटी उम्र में ही स्कूल छोड़कर वह बॉम्बे आ
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Speaker A
जाता है। थोड़ा बड़ा होने पर छोटा राजन चबूर के सहकार सिनेमा के बाहर टिकट ब्लैक करने का काम किया करता था। एक बार टिकट ब्लैक करने वालों पर पुलिस लाठी चार्ज कर देती है। लेकिन वहां से भागने की जगह पर
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Speaker A
छोटा राजन ने पुलिस की लाठी छीनी और उन्हीं को ही पीटना शुरू कर दिया और घायल कर दिया। इस घटना के बाद छोटा राजन अचानक से फेमस हो जाता है। सभी गैंगस्टर्स उसे अपनी-अपनी गैंग में शामिल करने की फिराक
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Speaker A
में रहने लगे। लेकिन उसने राजन नायर यानी कि बड़ा राजन की गैंग को चुना। बड़े राजन ने छोटा राजन को अंडरवर्ल्ड का काम धंधा सिखाया और अपना सेकंड इन कमांड बना दिया। तो जिस तरह बड़ा राजन ने अमीर दादा का
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Speaker A
मर्डर प्लान किया था, बिल्कुल उसी तरह पठान गैंग ने ढोलकिया ब्रदर के साथ मिलके बड़ा राजन का मर्डर प्लान किया। 1983 में बड़े राजन के मर्डर के बाद छोटा राजन ही बड़े राजन के बिजनेस और गैंग को कंट्रोल करने लग जाता है और मुंबई के
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Speaker A
अंडरवर्ल्ड में एक बड़ा नाम बन जाता है। छोटा राजन अपने बॉस के मर्डर को ऐसे ही नहीं जाने देना चाहता था। इसलिए वह बड़ा राजन के मर्डर मास्टरमाइंड अब्दुल कुंजू का पीछा तब तक नहीं छोड़ता जब तक कि वह उसे
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Speaker A
मार नहीं देता। दाऊद को भी छोटा राजन की यह जिद काफी इंप्रेस करती है और वह उसे डी कंपनी जॉइन करने का ऑफर देता है। छोटा राजन को भी बड़े राजन के मर्डर के बाद प्रोटेक्शन चाहिए थी। इसलिए उसे दाऊद का
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Speaker A
साथ चाहिए था। इस तरह छोटा राजन अब दाऊद के साथ काम करने लग जाता है और ईस्ट मुंबई के तिलक नगर और घाटकोपर और चेंबूर इलाकों में दाऊद गैंग की एक्टिविटीज को संभालने लगता है। दाऊद के दुबई जाने के बाद छोटा
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Speaker A
राजन धीरे-धीरे मुंबई में दाऊद का राइट हैंड बन जाता है। दाऊद दुबई से ही डी कंपनी के कारोबार को मैनेज कर रहा था और छोटा राजन अब मुंबई में ग्राउंड पर उसके काम को मैनेज कर रहा था। इसलिए जब अरुण
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Speaker A
गावली ने दाऊद के टॉप मैन सतीश राजे को मरवा दिया, तब दाऊद ने छोटा राजन से बदला लेने के लिए कहा। इस तरह 3 दिसंबर 1988 के दिन दाऊद गैंग के करीब 15 लोगों की एक स्क्वाड ने अरुण गावली के मेंटर अशोक जोशी
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Speaker A
को मौत के घाट उतार दिया। इस स्क्वाड को छोटा राजन लीड कर रहा था। इसके बाद दाऊद और गावली गैंग के बीच ओपन वॉर शुरू हो जाता है, जिसमें दोनों तरफ के बहुत सारे लोगों की जान जाती है। अब अरुण गावली की
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Speaker A
गैंग दाऊद को चोट पहुंचाने के लिए इस बार उसके किसी करीबी को मारने का प्लान बनाती है और उनका टारगेट बनता है इब्राहिम पारकर। इब्राहिम पारकर दाऊद की छोटी बहन हसीना पारकर का पति यानी दाऊद का जीजा था।
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Speaker A
दयानंद पुजारी नाम के गौली के शूटर पर हत्या के आरोप लगे। लेकिन वह हत्या के बाद फरार हो गया। हसीना पारकर उस वक्त महज 30 साल की थी। इधर राजन के अंडर में दाऊद की गैंग बड़ी और मजबूत होती जा रही थी। उसके क्राइम
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Speaker A
सिंडिकेट में 5000 से ज्यादा मेंबर्स अब तक जुड़ चुके थे। राजन के चलते बहुत से हिंदू गैंगस्टर्स भी अब दाऊद की टीम का हिस्सा थे और उसने गैंग को बहुत ऑर्गेनाइज कर दिया था। इसके साथ ही राजन ने इंडिया
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Speaker A
के बाहर की गैंग्स जैसे कि कराची के मुहाजिर माफिया और टर्किश साइप्रस अंडरवर्ल्ड से भी हाथ मिला लिया था। उन दिनों दाऊद की गैंग कोल्ड स्मगलिंग, रियल एस्टेट और एक्सटॉर्शन और ड्रग माफिया जैसे क्राइम कर रही थी। लेकिन दूसरी तरफ राजन की बढ़ती
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Speaker A
ताकत से दाऊद की गैंग के दूसरे लोग उसे चलने लगे थे और टाइम टू टाइम राजन के खिलाफ दाऊद के कान भी भरने की कोशिश करते। खासकर सौत्या, शकील और शेट्टी राज पर दाऊद के जीजा के मर्डर का बदला नहीं लेने का
04:01
Speaker A
आरोप लगाते हैं। शकील को हमेशा से इस बात की परेशानी रहती थी कि उसके मुकाबले दाऊद राजन को ज्यादा वेटेज देते हैं। तो उन्होंने दाऊद को जाकर कहा कि यह कर नहीं पाएगा क्योंकि वो सब हिंदू लोग हैं
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Speaker A
या यह है वो है। वो जानबूझकर काम खराब कर रहा है। यह सब वो सब। आने वाले दिनों में सौत्या और शकील दाऊद के जीजा इब्राहिम पारकर के मर्डर के आरोपियों की हत्या करके दाऊद के करीब आ जाते हैं।
04:26
Speaker A
छोटा राजन को भी इस चीज से बड़ा दुख हुआ था कि जिस तरीके से यह कांड हुआ है, उसने हल्का सा प्रोटेस्ट भी दाऊद के सामने दिखाया था। लेकिन दाऊद ने उसके ऊपर कोई रिएक्शन नहीं दिया। ऐसा बताया जाता है।
04:38
Speaker A
इधर 90 के दिनों में इंडिया में एक बड़ी पॉलिटिकल डेवलपमेंट हो रही थी। 6 दिसंबर 1992 के दिन हिंदू चरमपंथियों ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ढहा दिया। इस इंसिडेंट के बाद देश में कई जगह पर दंगे शुरू हो जाते हैं, जिसमें बॉम्बे भी शामिल
04:52
Speaker A
था। द रिपल्स ऑफ द डेमोलेशन ऑफ द [संगीत] बाबरी मस्जिद फेल्ट मोस्ट ब्रूटली, परहप्स इन मुंबई। द सिटी वाज़ डीपली फ्रैक्चर अलोंग कम्युनल लाइंस एंड द इंपैक्ट [संगीत] ऑफ व्हिच इज़ स्टिल। इन दंगों में हिंदू मुस्लिम दोनों की जानें
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Speaker A
जाती हैं। लेकिन ज्यादा जान-माल का नुकसान मुस्लिम्स को झेलना पड़ा। माना जाता है कि पुलिस ने दंगों के दौरान अपनी आंखें बंद कर ली थीं, जिससे मुस्लिम युवाओं में काफी गुस्सा था। अभी तक मुंबई अंडरवर्ल्ड की गैंग्स
05:14
Speaker A
में हिंदू मुस्लिम दोनों हुआ करते थे। लेकिन आगे की घटनाएं अंडरवर्ल्ड गैंग्स के बीच भी दरार का कारण बनती हैं। भारत में बढ़ रही कम्युनल पॉलिटिक्स पाकिस्तान की आईएसआई के लिए एकदम बिल्कुल सही मौका थी। आईएसआई हमेशा से भारत में आतंकवाद के बीच
05:28
Speaker A
बोना चाहती थी। आईएसआई ने दाऊद इब्राहिम, अनीस इब्राहिम, मोहम्मद दौसा, टाइगर मेमन, ताहिर मर्चेंट और दूसरे मुस्लिम डॉन्स की एक मीटिंग बुलाई। आईएसआई चाहती थी कि बाबरी मस्जिद का बदला लेने के लिए इंडिया पर अटैक किया जाए। लेकिन वो डायरेक्टली
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Speaker A
ऐसा नहीं कर सकती थी। इसलिए मोहम्मद दौसा और टाइगर मेमन को इस काम के लिए चुना जाता है। टाइगर मेमन मुंबई का एक स्मगलर था, जिसे मुस्लिम लड़कों को रिक्रूट करने के लिए और उन्हें पाकिस्तान भेजकर एक्सप्लोसिव हैंडल करने की ट्रेनिंग कराने
05:53
Speaker A
का काम सौंपा जाता है। एक न्यूज़ रिपोर्ट बताती है कि आईएसआई ने पहले दाऊद को मुसलमानों के साथ हो रही नाइंसाफी के नाम पर इमोशनली मैनिपुलेट करने की कोशिश की, लेकिन दाऊद इससे ज्यादा कन्विंस नहीं हुआ था। आईएसआई के लिए दाऊद के बिना इंडिया
06:06
Speaker A
में बड़े लेवल पर बम ब्लास्ट करना पॉसिबल ही नहीं था। इसलिए आईएसआई ने शर्त रखी कि दाऊद आईएसआई के शिपिंग रूट्स का इस्तेमाल अपने बिजनेस के लिए तभी कर सकता है, जब वह आईएसआई की मदद करेगा। यानी जब वह भारत में
06:19
Speaker A
हथियार और एक्सप्लोसिव्स ट्रांसपोर्ट करने को राजी हो जाएगा, तभी आईएसआई उसे अपने शिपिंग मार्गों का इस्तेमाल करने देगी। इस बार बात दाऊद के बिजनेस पर थी, इसलिए दाऊद आईएसआई के प्लान को सपोर्ट करने के लिए तैयार हो जाता है। ऐसा न्यूज़ रिपोर्ट का
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Speaker A
दावा है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक जनवरी 1993 में दाऊद की मदद से 30 यंग मुस्लिम लड़कों को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेज दिया जाता है, जहां उन्हें गन चलाना और आरडीएक्स से बम बनाना सिखाया जा रहा था। इधर दाऊद की मदद से टाइगर मेमन
06:45
Speaker A
आठ टन आरडीएक्स, हजारों ग्रेनेड और क्लासनीकोव राइफल्स को महाराष्ट्र के रायगढ़ कोस्ट से होते हुए बॉम्बे में स्मगल कर देता है। इस तरह मुंबई पर अटैक की पूरी तैयारी हो चुकी थी। फाइनली 12 मार्च 1993 के दिन मुंबई में एक के बाद एक
06:58
Speaker A
बम धमाके होते हैं, जिनमें करीब 257 लोग मारे जाते हैं और 1000 से ज्यादा लोग घायल होते हैं। यह हमला दुनिया भर में किसी भी शहर पर हुआ अब तक का सबसे बड़ा आतंकवादी हमला था। पुलिस की इनिशियल इन्वेस्टिगेशन
07:10
Speaker A
में हमले के पीछे कई नाम सामने आए। इनमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, टाइगर मेमन और दाऊद इब्राहिम के नाम सबसे ज्यादा प्रोमिनेंट थे। लेकिन इंडियन मीडिया और आम लोगों की नजर में दाऊद ही दोषी था। अब दाऊद को अखबारों में देशद्रोही लिखा जा
07:23
Speaker A
रहा था। हालांकि दाऊद की गैंग के हिंदू मेंबर्स को अभी भी लगता था कि इस अटैक में दाऊद का कोई हाथ नहीं है। 1993 ब्लास्ट के बाद जब सब लोग दाऊद को जिम्मेदार ठहराने लगे थे, तब छोटा राजन ने दाऊद को इंडिया
07:34
Speaker A
में डिफेंड करने की पूरी कोशिश की। हालांकि छोटा राजन के अंदर ही अंदर एक अलग कहानी चल रही थी। छोटा राजन अब दाऊद गैंग में खुद को साइड लाइन हुआ महसूस कर रहा था, क्योंकि दाऊद की गैंग में छोटा शकील
07:45
Speaker A
की पोजीशन पहले से बहुत ज्यादा मजबूत होती जा रही थी, जिसका सीधा असर छोटा राजन कीनेस पर हो रहा था। यहां बताना जरूरी है कि यह दाऊद पर बनाई हमारी सीरीज का दूसरा एपिसोड है। इससे पहले के एपि
07:57
Speaker A
फर्स्ट को आप हमारे चैनल पर देख सकते हैं। इसमें हमने बताया है कि कैसे दाऊद इतना बड़ा गैंगस्टर बना और क्यों उसे मुंबई से दुबई भागना पड़ता है। अब वापस अपनी कहानी पर लौटते हैं। जिन दिनों बॉम्बे ब्लास्ट
08:08
Speaker A
की प्लानिंग के लिए मीटिंग हो रही थी, उनमें से किसी भी मीटिंग में छोटा राजन को इनवाइट नहीं किया गया था। जबकि छोटा शकील सभी मीटिंग्स में दाऊद के साथ मौजूद था। इन सबके बीच दुबई में रहते हुए ही छोटा
08:19
Speaker A
राजन को पता चलता है कि दाऊद की गैंग के कुछ लोग उसका मर्डर करने का प्लान कर रहे हैं। तो छोटा राजन दुबई से भागकर मलेशिया के क्वालालमपुर शहर में चला जाता है। यह 1994 की बात है। राजन के साथ दाऊद के गैंग
08:31
Speaker A
के कुछ खास मेंबर्स भी उसके साथ चले आते हैं। छोटा राजन ने पब्लिकली अनाउंस किया कि दाऊद गद्दार है और उसने दाऊद गैंग को छोड़ दिया है। जब छोटा राजन दाऊद से अलग हुआ तब छोटा राजन के पास अच्छे शूटर हुआ
08:43
Speaker A
करते थे और राजन की ताकत दाऊद से टक्कर लेने वाले एक बड़े डॉन की थी। डी कंपनी से हटने के बाद छोटा राजन ने साधु शेट्टी जसपाल सिंह, मोहन पोडियान जैसे हिंदू कम्युनिटी के गैंगस्टर्स को मिलाकर एक नया
08:56
Speaker A
गैंग बना लिया। छोटा राजन ने अपनी गैंग को एक्सपेंड करने के लिए और उसे इन्फ्लुएंस करने के लिए स्ट्रेटेजिकली हिंदूज्म को यूज किया और मुस्लिम अंडरवर्ल्ड के खिलाफ खुद को हिंदू अंडरवर्ड की तरह प्रमोट किया। क्यों आप उनको सबक सिखाना चाहते थे
09:09
Speaker A
जो ब्लास्ट से [संगीत] जुड़े हुए थे? बिल्कुल हमारे देश पर इस तरह की गद्दारी करेंगे। ऐसे मुसलमान लोगों को मारेंगे तो कोई तो होना चाहिए उनको। क्या आपको भरोसा नहीं था कि हिंदुस्तान का कानून इतना सशक्त है कि बिल को पकड़
09:19
Speaker A
[संगीत] ले। छोटा राजन से पहले विनोद कुमार शर्मा चेयरमैन और अरुण गावली भी डी कंपनी के डोमिनेंस को खत्म करने में लगे हुए थे। लेकिन अरुण गावली को जेल हो जाने के बाद दाऊद की गैंग को छोटा राजन से ही ज्यादा
09:32
Speaker A
टक्कर मिल रही थी। खुद की एक पेट्रियोटिक डॉन की तरह रेपुटेशन बनाने के लिए छोटा राजन ने घोषणा की कि वह 1993 बॉम्बे बॉम्बिंग्स की साजिश रचने वालों को मार कर ही दम लेगा। छोटा राजन ने तो साफ तौर पर बोल दिया था
09:44
Speaker A
ब्लास्ट के बाद कि मैं दाऊद से अलग हो रहा हूं और दाऊद ने जो किया वो गलत किया है और मैं दाऊद के एक-एक लोगों को मारूंगा छोडूंगा नहीं और वही किया। अ छोटा राजन इंडिया की खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर
09:54
Speaker A
दाऊद के ऑपरेशंस, कनेक्शंस और डींपनी की जरूरी जानकारी को भी शेयर करने लग जाता है। जिससे दाऊद को ट्रैक करना और काउंटर करना पहले से बहुत ज्यादा आसान हो चुका था। यहां से छोटा राजन और दाऊद के बीच
10:07
Speaker A
लंबी गैंग वार शुरू हो जाती है जिसमें कई नामचीन लोग मारे जाते हैं। ऐसी गैंग पूरे देश में पहले कभी भी नहीं देखी गई थी और ना ही पहले कभी सुनी गई थी। 1994 में राजन ने दाऊद के फेवरेट फिल्लू खान उर्फ़
10:21
Speaker A
बख्तियार अहमद खान को बैंकॉक के एक होटल में धोखे से बुला लिया और टॉर्चर करके मौत के घाट उतार दिया। अब दाऊद भी छोटा राजन को निपटाने के लिए पूरी तरह से पीछे पड़ जाता है। हालांकि छोटा राजन दाऊद के हाथ
10:33
Speaker A
नहीं लगता। इधर 1993 के मुंबई अटैक मामले के बाद दाऊद की डी कंपनी चारों ओर से निशाने पर आ चुकी थी। इसलिए दाऊद ने दुबई को ही अपना परमानेंट अड्डा बना लिया। शुरुआत में दाऊद को दुबई के शाही परिवार
10:44
Speaker A
से संबंध रखने वाले शेख सागर बिन अब्दुल्ला हमल अल गजनी ने दाऊद के वीजा का इंतजाम किया। लेकिन इंडिया और यूएई के बीच अपराधियों को वापस करने की ट्रीटी होने के कारण दाऊद खुद को लंबे समय तक बचा कर नहीं
10:56
Speaker A
रख सकता था। दूसरी तरफ पाकिस्तानी खुफ़िया एजेंसी आईएसआई भी समझ चुकी थी कि दुबई लंबे वक्त तक इंडिया के प्रेशर को हैंडल नहीं कर पाएगा। इसलिए दाऊद और उसके करीबियों को दुबई से पाकिस्तान यानी कि कराची शिफ्ट करने का प्लान शुरू हो जाता
11:09
Speaker A
है। ऊपर से छोटा राजन के विद्रोह के बाद दाऊद को अब पहले से ज्यादा खतरा था क्योंकि राजन दाऊद के बिजनेस और उसके बाकी सभी रूट्स को और डिटेल्स को जानता था। इसलिए दुबई के बाद अब डी कंपनी का नया हेड
11:21
Speaker A
क्वार्टर बनता है कराची यानी कि पाकिस्तान जहां दाऊद को सेफ रखा जा सकता था। दाऊद की सिक्योरिटी आईएसआई के रिटायर्ड एंड सर्विंग ऑफिसर्स ने मेंटेन की। ऐसा माना जाता है कि इसके बदले डी कंपनी ने मुंबई में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का काम
11:35
Speaker A
किया और इंडियन खुफिया एजेंसी यानी कि रॉ के एजेंट्स को आइडेंटिफाई करने में पाकिस्तान की मदद की। इधर 90ज के दशक में कभी इंडिया वापस लाए जाने को लेकर तो कभी छोटा राजन से गैंग वार के चलते दाऊद के
11:46
Speaker A
नाम की चर्चा इंडियन मीडिया में होती रही। इसके साथ ही क्रिकेट स्टेडियम से लीक हुई उसकी तस्वीरों और बॉलीवुड हीरोइन से लिंक अप्स की खबरों के नाम पर भी मीडिया में दाऊद को खूब चलाया जाता रहा। यह तस्वीरें
11:57
Speaker A
हैं साल 1990 में डॉन की महफिल की। इन तस्वीरों में डॉन का पूरा कुबा नजर आता है। दरअसल 80ज और 90ज के दशक में दाऊद की डी कंपनी का बॉलीवुड में सीधा दखल था। बॉलीवुड से जुड़े लोगों को धमकियां मिलना,
12:10
Speaker A
उनसे जबरन वसूली करना और मर्डर आम बात हो चुकी थी। यह उन दिनों की बात है जब बॉलीवुड को इंडस्ट्री का दर्जा नहीं मिला था। इसलिए फिल्मों को फाइनेंस करने के लिए फिल्म प्रोड्यूसर्स अंडरवर्ड से हाई इंटरेस्ट रेट पर पैसा लेते थे। यह अंडरवर
12:23
Speaker A
के लिए भी फायदे का सौदा था क्योंकि फिल्म रिलीज के बाद उनका पैसा ब्लैक से वाइट मनी में कन्वर्ट हो जाता था। इसलिए जैसे-जैसे इंडिया में बॉलीवुड बढ़ रहा था वैसे-वैसे दाऊद को भी इसमें अपना पोटेंशियल बिजनेस नजर आ रहा था। इसलिए दाऊद गैंग के लोग भी
12:37
Speaker A
अब बॉलीवुड से एक्सटॉशन करने लग जाते हैं। अबू सलीम जो धीरे-धीरे डी कंपनी में अपनी जगह सिक्योर कर रहा था, वह इस काम में सबसे आगे रहने लगा। अबू सलीम यूपी के आजमगढ़ जिले का रहने वाला था। उसके पिता अब्दुल कयूम अब्दुल
12:51
Speaker A
हाफिज अंसारी एक रेस्पेक्टेबल लॉयर थे और अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते थे। लेकिन पिता की मौत के बाद उसकी मां जन्नतु निशा बीड़ी बनाकर घर का खर्चा चलाने लग जाती है। अब सलीम भी नौवीं के बाद पढ़ाई छोड़कर
13:02
Speaker A
काम धोड़ने के लिए लग जाता है और कुछ दिन दिल्ली में काम करने के बाद वह मुंबई चला आता है। 1989 के आसपास अबू सलीम दाऊद के भाई अनीस इब्राहिम के कांटेक्ट में आ जाता है और दाऊद गैंग का हिस्सा बन जाता है।
13:13
Speaker A
शुरुआती दिनों में अबू सलेम दाऊद गैंग के छोटे-मोटे काम किया करता था। लेकिन धीरे-धीरे वो दाऊद के भाई अनीस का सबसे खास आदमी बन जाता है। 1993 के दंगों के बाद अनीस इब्राहिम अबू सलीम को पहला बड़ा काम सौंपता है और यह काम था फिल्म एक्टर
13:27
Speaker A
संजय दत्त के घर पर AK-47 और ग्रेनेड्स डिलीवर करने का। अबू सलीम के लिए भी संजय दत्त से मिलना सपने से कम नहीं था। अंडरवर और संजय दत्त के कनेक्शन के बारे में हमने संजय दत्त पर बनाई हमारी सीरीज में डिटेल
13:38
Speaker A
में डिस्कस किया है। इन वीडियोस को आप हमारे चैनल श्याम मीरा सिंह पर भी सर्च करके देख सकते हैं। अबू सलीम ने अनीस इब्राहिम से सीखा था कि उनका धंधा डर पर चलता है। जितना लोग डरेंगे उतना ही वह
13:48
Speaker A
पैसा कमाएंगे। इसलिए अबू सलीम ने अपने होमटाउन आजमगढ़ से बेरोजगार लड़कों को बॉम्बे बुलाना शुरू कर दिया। यह बेरोजगार लड़के चंद000 रुपयों के लिए किसी का भी मर्डर कर सकते थे। इस तरह अबू सलीम का पहला विक्टिम बनता है बिल्डर प्रदीप जैन।
14:00
Speaker A
1995 में अबू सलीम के लड़के प्रदीप जैन की उसके घर के बाहर ही गोली मारकर हत्या कर देते हैं। प्रदीप जैन बॉम्बे के बड़े बिल्डर्स में से एक था। इसलिए उसकी हत्या के साथ ही अबू सलीम ने मुंबई क्राइम
14:11
Speaker A
वर्ल्ड में खुद को इस्टैब्लिश कर लिया। इसलिए अब उसका अगला टारगेट था बिल्डर ओम प्रकाश कुकरेजा। कुकरेजा को छोटा राजन का करीबी भी माना जाता था। लेकिन 18 सितंबर 1995 के दिन अबू सलेम ने बिल्डर ओम प्रकाश कुकरेजा को भी मौत के घाट उतार दिया। अब
14:25
Speaker A
छोटा राजन भी कोकरजा की मौत का बदला लेने के लिए ईस्ट वेस्ट एयरलाइंस के मालिक थाउद्दीन वाहिद की हत्या करवा देता है। 2 महीने के अंदर दो हाई प्रोफाइल मर्डर्स के कारण मुंबई पुलिस की इज्जत दाब पर थी। ऊपर
14:36
Speaker A
से अबू सलीम ने बॉलीवुड में जबरन वसूली का काम इतने बड़े लेवल पर चला रखा था कि वह जल्दी ही दाऊद की डी कंपनी में सेकंड इन कमांड बन जाता है। अबू सलीम की धमकियां खोखली नहीं होती थी। अबू सलीम ने टी-
14:46
Speaker A
सीरीज के मालिक गुलशन कुमार को भी जबरन वसूली के लिए कॉल्स की थी और बाद में 12 अगस्त 1997 के दिन गुलशन कुमार की हत्या भी कर दी जिसमें अबू सलीम का नाम आया था। गुलशन कुमार की हत्या पर हम पहले ही एक
14:58
Speaker A
डिटेल्ड वीडियो बना चुके हैं जिसे आप हमारे चैनल पर सर्च करके देख सकते हैं। दाऊद के दुबई जाने के बाद भी मुंबई में डी कंपनी का खौफ इतना ज्यादा बढ़ चुका था कि बॉलीवुड के लोग फोन की रिंग से डरने लगे
15:09
Speaker A
थे। गुलशन कुमार के बाद प्रोड्यूसर राजीव राय पर जानलेवा हमला और मनीषा कोराला के सेक्रेटरी अजीत दीवानी की हत्या का आरोप भी डी कंपनी और अबू सलीम पर था। लेकिन अबू सलीम एक्सटॉर्शन से होने वाली कमाई में से
15:19
Speaker A
जो उसे शेयर दिया जाता था उससे खुश नहीं था। इसके अलावा और भी फाइनेंसियल डिस्प्यूट्स के चलते साल 1998 और 99 में अबू सलीम दाऊद की डी कंपनी से अलग हो जाता है और अपने खुद के नाम से एक्सटर्शनसन
15:30
Speaker A
गैंग चलाने लगता है। अबू सलीम का यह फैसला दाऊद की गैंग से सीधी लड़ाई था। अब उसकी खुद की जान को भी खतरा था इसलिए वह एक के बाद एक देश बदलता रहता है और आखिरकार 2002 में अबू सलीम को लिसवन से अरेस्ट कर लिया
15:42
Speaker A
जाता है। अबू सलीम को भी उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। साथ में ₹ लाख का जुर्माना लगाया गया है। इधर दाऊद सीधे तौर पर एक्सटॉर्शन के काम में उतना इंटरेस्टेड नहीं था। लेकिन बॉलीवुड के सेलिब्रिटीज को लेकर उसका
15:54
Speaker A
फैसनेशन कम नहीं हुआ। दुबई में होने वाली लेविस पार्टीज में दाऊद के पसंदीदा बॉलीवुड स्टार्स को बुलाया जाता था। ऐसी ही एक पार्टी में दाऊद की मुलाकात राम तेरी गंगा मैली हो गई। फिल्म की हीरोइन मंदाकिनी से होती है। उन दिनों मंदाकिनी
16:06
Speaker A
का क्रेज देखने वाला था। इसलिए दाऊद भी मंदाकिनी की नीली आंखों का फैन हो जाता है। 1994 में शाहजहां के क्रिकेट स्टेडियम से दाऊद और मंदाकिनी की फोटोज बाहर आती हैं। हालांकि मंदाकिनी ने दाऊद से अफेयर की बात कभी भी नहीं मानी। लेकिन इन
16:18
Speaker A
चर्चाओं से मंदाकिनी के करियर को बहुत नुकसान पहुंचता है। खासकर बॉम्बई धमाकों में दाऊद का नाम सामने आने के बाद द अरेस्ट मेड बाय द पुलिस थ्रू द स्पॉटलाइट एंड बॉम्बेस अंडरवर्ड माफिया हुस गैंग्स आर इनवॉल्व्ड इन एक्सट्रोशन
16:30
Speaker A
किडनैपिंग फॉरेन एक्सचेंज रैकेट हियरिंग एंड द स्मगलिंग ऑफ़ ड्रग्स एंड आर्म फ्रॉम पाकिस्तान एंड अफगानिस्तान। इससे धीरे-धीरे मंदाकिनी को काम मिलना बंद हो जाता है। मंदाकिनी की तरह ही दाऊद इब्राहिम का नाम ब्यूटी पेजेंट कंटेस्टेंट अनीता अयूब से भी जुड़ता है। अनीता
16:45
Speaker A
पाकिस्तानी नागरिक थी और बॉलीवुड में अपना लक ट्राई करने के लिए इंडिया आई हुई थी। इसी अनीता अय्यूब को अपनी मूवी में कास्ट ना करने की वजह से दाऊद इब्राहिम ने प्रोड्यूसर जावेद सिद्दीकी का मर्डर तक करवा दिया। हालांकि यह अफेयर भी ज्यादा
16:58
Speaker A
दिन तक नहीं चलता है। इधर दाऊद अभी भी छोटा राजन से बदला लेना चाहता था। इसी बीच साल 2000 में दाऊद को खबर लगती है कि छोटा राजन बैंकॉक के एक होटल रूम में रुका हुआ है। दाऊद के कहने पर छोटा शकील और उसकी
17:09
Speaker A
गैंग छोटा राजन पर हमला करती है। लेकिन छोटा राजन इस हमले में भी बच जाता है। जिस कमरे में जिस बेडरूम में छोटा राजन रह रहा था उस में अंदर से बंद था तो इन्होंने उसमें खूब फायरिंग की। बाद में दरवाजा
17:21
Speaker A
तोड़ा। तो अंदर थोड़ा बहुत ब्लड मिला। तो उसके बाद छोटा राजन क्योंकि कूद गया था। ये लोग नीचे गए और इन्होंने जाकर देखा कि काफी पांचवी मंजिल चौथी मंजिल पर थे। वहां से कूदा था वो तो इनको लगा कि वो भाग गया।
17:33
Speaker A
हालांकि छोटा शकील के लोग राजन के हिटमैन रोहित वर्मा और उसकी वाइफ को मारने में कामयाब रहते हैं। आप आपके ऊपर दाऊद ने इतना बड़ा हमला कराया। सब जानते हैं कि वो आपकी जान के पीछे है। क्या आपको उससे बदला
17:46
Speaker A
लेने का मन नहीं करता? बिल्कुल बिल्कुल बदला लेने का बदला लेने का मन करता है और भगवान ने चाहा तो जरूर बदला लूंगा। अब छोटा राजन दाऊद के साथी छोटा शकील और शरद शेट्टी जैसे लोगों को टारगेट बनाने का प्लान करता है। सबसे पहले
18:02
Speaker A
छोटा राजन ने दाऊद के एसोसिएट्स विनोद शेट्टी और सुनील सोश को निपटाया। इसके बाद साल 2003 में दाऊद के चीफ फाइनेंस मैनेजर शरद शेट्टी को दुबई के इंडिया क्लब में मरवा दिया। इस तरह छोटा राजन ने दाऊद को
18:14
Speaker A
लगातार बड़े घाव दिए। शरद शेट्टी पर हमला करवाता है जिसमें शरद शेट्टी के सिर में और पीठ में कई गोलियां मारी जाती है और उसकी मौत हो जाती है। इधर 13 दिसंबर 2001 को इंडियन पार्लियामेंट पर एक आतंकी हमला
18:25
Speaker A
होता है। इस हमले में दिल्ली पुलिस के छह जवान और दो पार्लियामेंट्री सिक्योरिटी सर्विस के जवान और एक गार्डनर की मौत हो जाती है। वहीं काउंटर फायरिंग में पांच मिलिटेंट भी मारे जाते हैं। यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल की रिपोर्ट
18:37
Speaker A
बताती है कि इस हमले की प्लानिंग पाकिस्तानी बेस्ट टेरर ग्रुप जैस मोहम्मद ने की थी और जैस मोहम्मद को दाऊद से फंडिंग मिल रही थी। 2008 के मुंबई अटैक में भी दाऊद के शामिल होने के आरोप लगे जिसमें 10 आतंकवादियों ने 166 से ज्यादा
18:50
Speaker A
लोगों की हत्याएं कर दी थी और लगभग 300 लोग घायल हुए थे। इस अटैक के पीछे लश्कर तैबा का हाथ माना जाता है। लेकिन ऑपरेशन के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट दाऊद की डी कंपनी ने दिया था। ऐसी बातें सामने आई थी।
19:02
Speaker A
दाऊद इब्राहिम वाज़ डायरेक्टली इनवॉल्व इन द मुंबई टेरर अटैक एंड दैट ह नेटवर्क वाज़ यूज्ड बाय द टेररिस्ट टू कैरी आउट टू मल्टीपल अटैक। माना जाता है कि मुंबई हमले से पहले की रेकी में भी दाऊद इब्राहिम के
19:13
Speaker A
मुंबई नेटवर्क ने लश्कर तबा की मदद की थी। 2001 में जब अलकायदा ने अमेरिका पर 91 का हमला किया तब यूएन सिक्योरिटी काउंसिल ने एक रिपोर्ट जारी की और बताया कि कैसे दाऊद अलकायदा से जुड़े दूसरे ग्रुप्स जैसे कि
19:24
Speaker A
लश्कर ए तबा को भी फाइनेंशियल सपोर्ट देता है। इस तरह धीरे-धीरे दाऊद का कद दुनिया के आतंकी संगठनों में बड़ा होता जा रहा था। सोने की तस्करी से लेकर आतंकवादियों को आरडीएक्स सप्लाई का धंधा बेखौफ किया है। आज तक के हाथ लगी भारत की खुफिया
19:40
Speaker A
एजेंसी रॉ की रिपोर्ट में उस नेटवर्क का खुलासा है जिसके पते पर आज दाऊद दुनिया के 10 मोस्ट वांटेड की फहरिस्त में नंबर तीन पर नामजद है। जब अमेरिका के 91 हमले के बाद ओसामा बिल नादेन को अमेरिकी सेना से भागकर छिपने की
19:54
Speaker A
जरूरत पड़ी तो उसने भी दाऊद से ही मदद मांगी। का कहना है कि दाऊद इब्राहिम ना सिर्फ आईएसआई के लिए मुखबरी कर रहा है बल्कि ऐसी भी खबर है कि अलकायदा और तालिबान के फरार आतंकवादियों के बारे में
20:05
Speaker A
भी उसे पुख्ता जानकारी है जो वक्त बेवक़ सीआईए तक पहुंच रही है। यह दाऊद ही था जिसने ओसामा बिन लादेन की पाकिस्तान में छुपने में मदद की थी। 2003 में यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने अलकायदा से लिंक के चलते दाऊद इब्राहिम को ग्लोबल
20:20
Speaker A
टेररिस्ट घोषित कर दिया। अगर एक अमेरिकी अखबार में छपी खबर पर यकीन करें, तो अमेरिका ने दाऊद को अपने सबसे अहम दुश्मनों की लिस्ट में डाल लिया है और अब अमेरिका ने बेहद तेजी के साथ दाऊद की मौत
20:31
Speaker A
का सामान तैयार करना शुरू कर दिया है। 2015 में फोर्स ने दाऊद की कुल संपत्ति का एस्टीमेट $6.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर लगाया था। अगर $184 का माना जाए तो दाऊद की एस्टीमेट संपत्ति ₹56,280 करोड़ पर पहुंचती है। 2015 में दाऊद ने यह संपत्ति
20:48
Speaker A
ड्रग ट्रैफिकिंग, स्मगलिंग, एक्सटॉरशन, मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला, रियल एस्टेट, बॉलीवुड फिल्मों में फाइनेंस और क्रिकेट में सट्टेबाजी करके कमाई थी। दाऊद को कई देशों में चलने वाले उसके क्राइम सिंडिकेट और पाकिस्तान की आईएसआई से मिलने वाली बैकिंग काफी पावरफुल बनाती है। यूनाइटेड
21:03
Speaker A
स्टेट्स कांग्रेस की रिपोर्ट दावा करती है कि दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी का पाकिस्तान की आईएसआई से मजबूत संबंध है। दोनों के बीच ये पार्टनरशिप 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट के वक्त शुरू हुई थी जो आज भी बरकरार है।
21:15
Speaker A
इन्वेस्टिगेशन में यह पता चला था कि इसके आईएसआई से कभी लिंक्स हैं। क्योंकि कुछ लोग जो बाद में पकड़े भी गए उन्होंने ही बताया कि आईएसआई से दाऊद के काफी क्लोज लिंक्स हैं। दाऊद आईएसआई को फाइनेंसियल सपोर्ट देता है। जिसके बदले में आईएसआई ने
21:28
Speaker A
ना सिर्फ दाऊद को पाकिस्तान में पनाह दी बल्कि कराची से उसके लीगल इललीगल कारोबार को बढ़ाने में भी पूरा सपोर्ट किया और इस तरह बॉम्बे का गोल्ड मैन कराची का किंग बन गया। रहे हैं हिंदुस्तान के सबसे बड़े
21:39
Speaker A
गुनहगार और अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम दाऊद इब्राहिम दाऊद इब्राहिम दाऊद इब्राहिम अंडर वर्ल्ड के मोस्ट वांटेड डॉन दाऊद इब्राहिम दाऊद इब्राहिम दाऊद इब्राहिम दाऊद इब्राहिम तो ग्लोबल टेररिस्ट है दुनिया का माना हुआ टेररिस्ट है आतंकवादी है 2001 में न्यूज़ाइन मैगजीन में पब्लिश हुई
21:54
Speaker A
पाकिस्तानी जर्नलिस्ट गुलाम हसनैन की कब्र स्टोरी से कराची में दाऊद की शानदार जिंदगी का अंदाजा लगाया जा सकता है। हसनैन लिखते हैं कि दाऊद कराची में हजारों स्क्वायर यारार्ड में फैले आलीशान घर में एक राजा की तरह रहता है। इस घर में एक
22:07
Speaker A
स्विमिंग पूल है, टेनिस कोट है, स्नूकर रूम है और एक हाईटेक जिम भी है। वो डिजाइनर कपड़े जैसे साविल रॉ के सूट, पैटक फिलिप और कार्टियर की डायमंड स्टडीड वॉचेस पहनता है और Mercedes के टॉप मॉडल्स को ड्राइव करता है। उसकी गाड़ी बॉम्ब प्रूफ
22:20
Speaker A
है और वो जब चलता है तो पाकिस्तानी रेंजर्स की टीम उसे एस्कॉट करती है। उसकी सिक्योरिटी ऐसी है कि पाकिस्तानी प्रेसिडेंट को भी शर्मा जाए। हालांकि पाकिस्तान ने यह कभी एक्सेप्ट नहीं किया कि दाऊद पाकिस्तान में ही रहता है।
22:32
Speaker A
बट यू एक्सेप्ट दाऊद इब्राहिम इज़ हिडन इन पाकिस्तान। आई डोंट नो। आई डोंट नो आई डोंट टू कन्फर्म दैट दाऊद ने अपनी बेटियों की शादी भी पाकिस्तानी मूल के परिवारों में की है। जैसे दाऊद की बेटी महारूक इब्राहिम की
22:42
Speaker A
शादी पाकिस्तानी क्रिकेटर जावेद मियांदाद की बेटी जुनैद मियांद से हुई है। जबकि उसकी दूसरी बेटी मेहरीन की शादी पाकिस्तानी अमेरिकी अय्यूब से हुई है। दाऊद का इकलौता बेटा मोईन भी पाकिस्तान के कराची में रहता है और वहां की एक मस्जिद
22:55
Speaker A
में पढ़ाता है। अंडरवर्स दाऊद इब्राहिम का तीसरा बेटा मोईन मौलाना बन चुका है और कराची की एक मस्जिद से जुड़ा हुआ है। इतने सालों के बाद भी दाऊद इब्राहिम आज तक इंडिया के हाथ नहीं लग सका। प्रधानमंत्री मोदी ने भी
23:09
Speaker A
अपने भाषणों में दाऊद को काफी भुनाया और कई बार भाषणों में कहा कि अगर वे सरकार में आएंगे तो वे दाऊद को इंडिया लेकर आएंगे। सही बात है कि ये सारे काम अखबार के माध्यम से होते हैं क्या? ये चीजें अखबार
23:20
Speaker A
में उतरने की है क्या? बिन लादेन के साथ अमेरिका ने प्रेस नोट लेकर के काम किया क्या? अमेरिका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी क्या कि अब हम गए हैं हम 6 तारीख को जाएंगे लादेन को लाएंगे। ऐसा क्या किया?
23:30
Speaker A
लेकिन दाऊद आज भी इंडिया के हाथ नहीं लग सका सिवाय धुरंधर मूवी के जिसमें मोदी को मसीहा की तरह दिखाया गया और ऐसे भी दिखाया गया जैसे दाऊद इब्राहिम मोदी सरकार के आने के बाद से कितना डरा हुआ है। अंडरवर और
23:41
Speaker A
गैंगस्टर्स के ऊपर हमने पहले भी डिटेल्ड वीडियोस बनाई हैं। आप हमारे चैनल पर उन्हें देख सकते हैं। आने वाले टाइम में अगर वक्त मिला तो छोटा शकील, अरुण गावली और छोटा राजन पर भी अलग से डिटेल्ड वीडियो बना दूंगा। इसलिए आप इस चैनल को
23:54
Speaker A
सब्सक्राइब कर लें ताकि ऐसी इन डेप्थ वीडियोस आपसे मिस ना हो। इस वीडियो को देखने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
Topics:दाऊद इब्राहिमछोटा राजनमुंबई अंडरवर्ल्ड1993 मुंबई बम धमाकेआईएसआईअरुण गावलीबाबरी मस्जिद दंगेटाइगर मेमनदाऊद गैंगअंडरवर्ल्ड इतिहास

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