डोभाल पर आईएसआई के एजेंट मसूद हाशमी द्वारा हमला, 40 दिन की उल्टी गिनती और गुप्त ऑपरेशन शिकंजा की कहानी।
Key Takeaways
- डोभाल पर हमला एक सुनियोजित साजिश थी जिसमें गद्दार शामिल था।
- धमकी देने वाला मसूद हाशमी आईएसआई का खतरनाक एजेंट है।
- सुरक्षा में विश्वासघात सबसे बड़ा खतरा होता है।
- सुरक्षा व्यवस्था में सतर्कता और बदलाव जरूरी हैं।
- गुप्त ऑपरेशन और टीम वर्क से ही खतरे को टाला जा सकता है।
What the video covers
- अजीत डोभाल को एक एंक्रिप्टेड धमकी संदेश मिलता है जिसमें 40 दिन बाद उनकी हत्या की बात कही गई है।
- धमकी के पीछे आईएसआई का खतरनाक एजेंट मसूद हाशमी है, जो डोभाल की सुरक्षा टीम में एक गद्दार का इस्तेमाल कर रहा है।
- डोभाल, रॉ चीफ रवि सिन्हा और आईबी डायरेक्टर तपन कुमार डेका की गुप्त बैठक में इस खतरे का सामना करने की योजना बनाई जाती है।
- मसूद हाशमी ने भारत में 10 वर्षों से अपना नेटवर्क बनाया हुआ है और वह डोभाल की हर हरकत पर नजर रखता है।
- डोभाल की सुरक्षा टीम में एक वरिष्ठ सदस्य गद्दार निकला, जो मसूद के लिए डोभाल की हर मीटिंग और सुरक्षा योजना का दरवाजा खोलता है।
- डोभाल और उनकी टीम ऑपरेशन शिकंजा शुरू करते हैं ताकि गद्दार और मसूद के नेटवर्क को पकड़ा जा सके।
- मसूद लगातार डोभाल की योजना से एक कदम आगे रहता है और उसकी हर चाल पर नजर रखता है।
- डोभाल सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव करते हैं, जैसे रास्ते बदलना और जानकारी सीमित रखना, ताकि गद्दार को फंसाया जा सके।
- मसूद की साजिश में धोखा और विश्वासघात शामिल है, जो सबसे करीबी लोगों से हो रहा है।
- अंततः डोभाल और उनकी टीम गद्दार को पकड़ने और धमकी का जवाब देने के लिए पूरी ताकत से जुटे हैं।
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Speaker A
रात के ठीक 2:30 बज रहे थे। तभी डोभाल का फोन बजता है। दूसरी तरफ से आवाज आती है, "सर, एक एंक्रिप्टेड संदेश मिला है और उसमें आपका नाम है। उसमें लिखा है 40 दिन बाद डोभाल का अंत होगा।"
Speaker A
हिंदुस्तान अपनी सबसे बड़ी ढाल खो देगा। दुश्मन ने तारीख तय कर ली थी और जो दुश्मन [संगीत] तारीख बताकर चुनौती देता है उसके पास हमेशा एक पक्का प्लान होता है। पता चलता है [संगीत] यह धमकी आई थी सीधे
Speaker A
हिंदुस्तान अपनी सबसे बड़ी ढाल खो देगा। दुश्मन ने तारीख तय कर ली थी और जो दुश्मन तारीख बताकर चुनौती देता है, उसके पास हमेशा एक पक्का प्लान होता है। पता चलता है यह धमकी आई थी सीधे
Speaker A
अवसर जो डोभाल की हर हरकत, [संगीत] हर मीटिंग, हर सुरक्षा प्लान जानता था और 40 दिन की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी थी। 14 अक्टूबर रात 2:45 बजे दिल्ली सो रही थी। लेकिन डोभाल के दफ्तर की खिड़की में अब भी रोशनी थी।
Speaker A
आईएसआई के एक सर्वर से और इसके पीछे था एक नाम, मसूद हाशमी। 10 साल से जो किसी की पकड़ में नहीं आया। लेकिन मसूद का असली हथियार कोई बम नहीं था। उसका हथियार था डोभाल की अपनी टीम का एक आदमी। एक ऐसा
Speaker A
अपनी योजना पर पूरा भरोसा हो। सुबह 9:00 बजे साउथ ब्लॉक में गुप्त बैठक [संगीत] हुई। सामने रॉ चीफ रवि सिन्हा, आईबी डायरेक्टर तपन कुमार डेका और अजीत डोभाल बैठे थे। रवि सिन्हा ने फाइल खोलकर कहा संदेश [संगीत] पाकिस्तान के उस सर्वर से
Speaker A
अवसर जो डोभाल की हर हरकत, हर मीटिंग, हर सुरक्षा प्लान जानता था और 40 दिन की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी थी। 14 अक्टूबर रात 2:45 बजे दिल्ली सो रही थी। लेकिन डोभाल के दफ्तर की खिड़की में अब भी रोशनी थी।
Speaker A
तपन कुमार डेका बोले मसूद हाशमी आईएसआई का पुराना और बेहद खतरनाक एजेंट 10 वर्षों से भारत में अपना नेटवर्क खड़ा कर रहा है। डोभाल का चेहरा सख्त हो गया। वही आदमी जिसने पंजाब में हथियारों का जखीरा पकड़े जाने से पहले अपनी पूरी टीम गायब कर दी
Speaker A
डोभाल बोले, "40 दिन यानी उन्होंने तारीख तय कर ली है। विक्रम, संदेश भेजने वाले का पता लगाओ। यह आम धमकी नहीं, सीधी चुनौती है।" "जी सर," फोन कट गया। डोभाल जानते थे कि दुश्मन तभी तारीख बताता है जब उसे
Speaker A
[संगीत] से मिलेगा। आज से ऑपरेशन शिकंजा शुरू होगा। उन्होंने दोनों अधिकारियों की तरफ देखा। मसऊद केवल डराना नहीं चाहता। वह हमें भटकाना चाहता है। असली खतरा वहां नहीं होगा जहां हम देख रहे हैं। बल्कि वहां होगा जहां हमारी [संगीत] नजर ही नहीं
Speaker A
अपनी योजना पर पूरा भरोसा हो। सुबह 9:00 बजे साउथ ब्लॉक में गुप्त बैठक हुई। सामने रॉ चीफ रवि सिन्हा, आईबी डायरेक्टर तपन कुमार डेका और अजीत डोभाल बैठे थे। रवि सिन्हा ने फाइल खोलकर कहा, "संदेश
Speaker A
होगा कि संदेश हमने भेजा है। एक साथी बोला फिर उसे सतर्क क्यों किया? मसूद मुस्कुराया। [संगीत] यही तो चाहता हूं। वह हर दिशा में खतरा ढूंढेगा और अपने पास खड़े आदमी को [संगीत] देखना भूल जाएगा। असली प्लान क्या है?
Speaker A
पाकिस्तान के उस सर्वर से भेजा गया है जो सीधे आईएसआई से जुड़ा है।" डोभाल ने पूछा, "इसके पीछे कौन
Speaker A
तस्वीर देखते ही तीनों आदमियों की आंखें चौड़ी हो गई। तस्वीर में मौजूद चेहरा कोई अनजान व्यक्ति नहीं था। वह अजीत डोभाल की सुरक्षा टीम का एक वरिष्ठ सदस्य था। मसूद ने तस्वीर पर उंगली रखते हुए कहा, "अब डोभाल का हर कदम उठने [संगीत] से पहले
Speaker A
है?"
Speaker A
पहुंचने से कुछ मिनट पहले गायब [संगीत] हो जाता। विक्रम ने डोभाल को फोन किया। सर ठिकाने सही हैं लेकिन मसूद [संगीत] हर बार एक कदम आगे निकल जाता है। हमारी कार्यवाही की खबर उसे [संगीत] पहले मिल रही है।
Speaker A
तपन कुमार डेका बोले, "मसूद हाशमी आईएसआई का पुराना और बेहद खतरनाक एजेंट है। 10 वर्षों से भारत में अपना नेटवर्क खड़ा कर रहा है।" डोभाल का चेहरा सख्त हो गया। वही आदमी जिसने पंजाब में हथियारों का जखीरा पकड़े जाने से पहले अपनी पूरी टीम गायब कर दी
Speaker A
बाकी लोगों को उतना ही बताया जाएगा जितना जरूरी है। विक्रम बोला गद्दार ऐसा व्यक्ति भी हो सकता है। जिस पर हमने [संगीत] कभी शक ना किया हो। अक्सर विश्वासघात वहीं से होता है जहां विश्वास सबसे ज्यादा होता है। जल्दबाजी की तो असली गद्दार सतर्क हो
Speaker A
थी। रवि सिन्हा बोले, "हमारी जानकारी के मुताबिक वह भारत में है और इस बार उसका निशाना सीधे आप हैं।" डोभाल कुछ सेकंड खामोश रहे। फिर बोले, "अच्छा हुआ दुश्मन ने चुनौती दी है तो जवाब भी पूरी ताकत
Speaker A
मुस्कुराया। शक और सबूत अलग बातें हैं। वह बिना सबूत अपने पुराने अधिकारी पर हाथ नहीं डालेगा। अब सीधी कॉल और बेवजह मुलाकात बंद रखो [संगीत] लेकिन काम नहीं रुकेगा। अगला कदम मसूद की आंखें सख्त हो गई। उसकी सबसे मजबूत सुरक्षा में ऐसा छेद
Speaker A
से मिलेगा। आज से ऑपरेशन शिकंजा शुरू होगा।" उन्होंने दोनों अधिकारियों की तरफ देखा। "मसऊद केवल डराना नहीं चाहता। वह हमें भटकाना चाहता है। असली खतरा वहां नहीं होगा जहां हम देख रहे हैं। बल्कि वहां होगा जहां हमारी
Speaker A
में मत सोचना। वह आदमी कुछ नहीं बोला। उसकी मुट्ठियां [संगीत] कस गई। जैसे उसके अंदर डर, अपराध, बोध और मजबूरी एक दूसरे से लड़ रहे हो। उधर डोभाल अपने ऑफिस में मसूद की पुरानी फाइल पढ़ रहे थे। हर मामले
Speaker A
नजर ही नहीं जाएगी।" उसी शाम मुंबई के एक पुराने इलाके की सामान्य सी दुकान के पीछे बने गुप्त कमरे में मसूद हाशमी अपने तीन भरोसेमंद आदमियों के साथ बैठा था। पीली रोशनी में तीनों उसकी अगली बात का इंतजार कर रहे थे। मसूद ने कहा, "डोभाल समझ गया
Speaker A
रहे। इसका मतलब है कि खतरा शायद पहले ही भीतर पहुंच चुका है। उन्होंने घड़ी देखी। 40 दिन अब हर घंटे सतर्क रहना होगा। उसी पल दफ्तर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की लाइट चमकी और उसकी दिशा कुछ इंच बदल गई।
Speaker A
होगा कि संदेश हमने भेजा है।" एक साथी बोला, "फिर उसे सतर्क क्यों किया?" मसूद मुस्कुराया। "यही तो चाहता हूं। वह हर दिशा में खतरा ढूंढेगा और अपने पास खड़े आदमी को
Speaker A
पांच सितारा होटल में विदेशी प्रतिनिधि मंडल के सम्मान में पार्टी चल रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों की भीड़ में करण मेहरा बार-बार अपनी घड़ी और फोन देख रहा था। वह डोभाल की सुरक्षा टीम का वर्षों [संगीत] पुराना भरोसेमंद अफसर था और संवेदनशील
Speaker A
देखना भूल जाएगा। असली प्लान क्या है?" मसऊद आगे झुका। "हमला बाहर से नहीं होगा। उसका सबसे करीबी आदमी हमारे लिए उसकी बैठकों, रास्तों और सुरक्षा व्यवस्था का दरवाजा खोलेगा।" उसने टेबल की दराज खोली और अंदर
Speaker A
से [संगीत] बाहर निकल गया। होटल की पार्किंग के एक अंधेरे हिस्से में काले शीशों वाली गाड़ी खड़ी थी। वह गाड़ी के पास पहुंचा। पिछला दरवाजा अंदर से खुला [संगीत] और करण बिना कुछ कहे अंदर बैठ गया। सामने मसूद हाशमी मौजूद था। मसूद ने
Speaker A
से एक तस्वीर निकाल कर सामने रख दी। "और वह आदमी हमें मिल चुका है।" तस्वीर देखते ही तीनों आदमियों की आंखें चौड़ी हो गईं। तस्वीर में मौजूद चेहरा कोई अनजान व्यक्ति नहीं था। वह अजीत डोभाल की सुरक्षा टीम का एक वरिष्ठ सदस्य था। मसूद ने तस्वीर पर उंगली रखते हुए कहा, "अब डोभाल का हर कदम उठने
Speaker A
इस्तेमाल किया जाता है।" मसूद की आंखों में चमक आ गई। लेकिन उसने तुरंत कहा, "कल उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाना है।" करण हैरान होकर उसकी तरफ देखने लगा। फिर आपने जानकारी क्यों मांगी? मसूद मुस्कुराया। क्योंकि हर योजना हमला करने के लिए नहीं
Speaker A
से पहले हमें पता चल जाएगा।" अगले कुछ दिनों तक विक्रम की टीम ने दिल्ली से मुंबई
Speaker A
अगर उसे मुझ पर शक हो गया तो मसऊद की आवाज अचानक कठोर हो गई। तुम्हारा काम जानकारी देना है। सवाल करना नहीं और यह मत भूलना कि तुम पहले ही इतनी जानकारी हमें दे चुके हो कि अब पीछे हटकर भी खुद को नहीं बचा
Speaker A
तक मसूद के पुराने संपर्कों और ठिकानों पर छापे मारे। कहीं चाय का कप गर्म मिला, कहीं जल्दबाजी
Speaker A
[संगीत] पड़ गया। वो कुछ बोलना चाहता था लेकिन शब्द उसके गले में अटक गए। मसूद ने दरवाजा खोलने का इशारा किया। अब जाओ पार्टी में वापस जाओ और ऐसे व्यवहार करो जैसे कुछ [संगीत] हुआ ही नहीं। करण गाड़ी
Speaker A
में छोड़े गए दस्तावेज। लेकिन मसूद हर बार टीम के पहुंचने से कुछ मिनट पहले गायब
Speaker A
रहे थे। नक्शे पर उनके सामान्य रास्तों, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों और वैकल्पिक मार्गों को अलग-अलग [संगीत] निशानों से चिन्हित किया गया था। उनके सामने बैठे विक्रम ने पूछा, "सर, आप अचानक अपने सभी रास्तों की जांच क्यों कर रहे हैं? डोभाल
Speaker A
हो जाता। विक्रम ने डोभाल को फोन किया। "सर, ठिकाने सही हैं लेकिन मसूद
Speaker A
हैं। उन्होंने एक रास्ते पर उंगली रखते हुए कहा, हम कई महीनों से इस मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। मसऊद ने हमारे बारे में इतनी जानकारी इकट्ठी की है तो यह रास्ता उससे छिपा नहीं होगा। विक्रम ने कहा लेकिन रूट की जानकारी बहुत सीमित
Speaker A
हर बार एक कदम आगे निकल जाता है। हमारी कार्यवाही की खबर उसे
Speaker A
पक्ष बदल लिया है। तो क्या कल का कार्यक्रम रद्द कर दिया जाए? नहीं। कार्यक्रम वही रहेगा लेकिन रास्ता अंतिम समय पर बदला जाएगा। नया रूट केवल ड्राइवर को बताया जाएगा। बाकी किसी को इसकी जानकारी पहले [संगीत] से नहीं होगी।
Speaker A
पहले मिल रही है।" डोभाल ने गंभीर स्वर में कहा, "बाहर बैठे दुश्मन से लड़ा जा सकता है। लेकिन भीतर बैठा दुश्मन हर कदम को खतरा बना देता है। अभी सबूत नहीं है। आज से पूरी जानकारी
Speaker A
10:00 बजे [संगीत] डोभाल की गाड़ी साउथ ब्लॉक से निकली। सुरक्षा काफिला सामान्य दिखाई दे रहा था। लेकिन निकलने से कुछ क्षण पहले उन्होंने ड्राइवर को नया रास्ता बता दिया था। गाड़ी जैसे ही एक बड़े चौराहे की तरफ पहुंची, सामने की सड़क से
Speaker A
केवल मेरे और तुम्हारे पास रहेगी। बाकी लोगों को उतना ही बताया जाएगा जितना जरूरी है।" विक्रम बोला, "गद्दार ऐसा व्यक्ति भी हो सकता है जिस पर हमने
Speaker A
थी। सुरक्षा अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए। आसपास की गाड़ियों को रोका गया और डोभाल की गाड़ी को सुरक्षित घेरे में ले लिया गया। एक अधिकारी बोला, "सर, यह सामान्य दुर्घटना नहीं लग रही। ट्रक सीधे हमारी गाड़ी की तरफ बढ़ रहा था। डोभाल ने ट्रक
Speaker A
कभी शक ना किया हो। अक्सर विश्वासघात वहीं से होता है जहां विश्वास सबसे ज्यादा होता है। जल्दबाजी की तो असली गद्दार सतर्क हो
Speaker A
मौजूद था। इसका मतलब है कि किसी ने नया रूट भी बाहर पहुंचा दिया। डोभाल की आवाज शांत थी। लेकिन उनके शब्दों [संगीत] की गंभीरता ने सभी को खामोश कर दिया। विक्रम को जैसे ही घटना की खबर मिली उसने तुरंत
Speaker A
जाएगा।" उसी रात दिल्ली से दूर एक सुनसान
Speaker A
भी सूचना मिल जाती है। विक्रम ने पूछा। नए रूट की जानकारी किन लोगों तक पहुंची थी?
Speaker A
फार्म हाउस में मसूद अपने खास आदमी से मिला। उस व्यक्ति ने टोपी और चश्मे से चेहरा छिपा रखा था। वह बोला, "डोभाल को शक हो गया है। उसने बड़ी जानकारियां सीमित कर दी हैं।" मसूद
Speaker A
था। विक्रम की नजर उस नाम पर ठहर गई। कर्ण वर्षों से डोभाल की टीम का हिस्सा था। कई कठिन अभियानों में उसने जिम्मेदारी निभाई थी और उसे एक भरोसेमंद अधिकारी माना जाता था। विक्रम के मन में सवाल उठा क्या केवल
Speaker A
मुस्कुराया। "शक और सबूत अलग बातें हैं। वह बिना सबूत अपने पुराने अधिकारी पर हाथ नहीं डालेगा। अब सीधी कॉल और बेवजह मुलाकात बंद रखो
Speaker A
लेकिन किसी को पता नहीं चलना चाहिए कि जांच शुरू हो चुकी है। विक्रम ने पूछा क्या हमें निगरानी टीम की मदद लेनी चाहिए?
Speaker A
लेकिन काम नहीं रुकेगा। अगला कदम..." मसूद की आंखें सख्त हो गईं। "उसकी सबसे मजबूत सुरक्षा में ऐसा छेद
Speaker A
करण पर भरोसा करना गलत रहा तो?" डोभाल कुछ पल चुप रहे। जांच किसी को दोषी मानकर [संगीत] नहीं की जाती। हमें अपने शक को सबूत में बदलना है। करण निर्दोष है, तो सबसे पहले मैं राहत महसूस करूंगा। लेकिन
Speaker A
बनाओ जो बाहर का आदमी नहीं बना सकता। यह काम केवल तुम कर सकते हो।" उस व्यक्ति ने धीरे से सिर हिला दिया। लेकिन उसकी आंखों में बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी। मसूद ने उसे गौर से देखा। "अब पीछे हटने के बारे
Speaker A
दिखाई दी। उनकी कॉल, मुलाकातों और यात्रा में कुछ भी संदिग्ध नहीं था। लेकिन करण के मामले में कई बातें मेल नहीं खा रही थी। वह कुछ ऐसे नंबरों पर संपर्क कर रहा था जो उसके आधिकारिक काम से जुड़े नहीं थे। कॉल
Speaker A
में मत सोचना।" वह आदमी कुछ नहीं बोला। उसकी मुट्ठियां
Speaker A
सामने आई जानकारी ने उसका शक मजबूत कर दिया। वे नंबर मुंबई के उसी पुराने इलाके से सक्रिय हुए थे। जहां मसूद हाशमी की हालिया मौजूदगी के संकेत मिले थे। विक्रम ने बिना देर किए डोभाल को फोन किया। सर
Speaker A
कस गईं। जैसे उसके अंदर डर, अपराध, बोध और मजबूरी एक दूसरे से लड़ रहे हों। उधर डोभाल अपने ऑफिस में मसूद की पुरानी फाइल पढ़ रहे थे। हर मामले
Speaker A
धीमे [संगीत] स्वर में पूछा। क्या हमारे पास सीधे संपर्क का ठोस सबूत है? अभी पूरी रिकॉर्डिंग नहीं है। लेकिन लोकेशन, समय और कॉल पैटर्न सभी करण की तरफ इशारा कर रहे हैं। डोभाल की आंखों में निराशा उतर आई।
Speaker A
में उसने नकली पहचान, गलत सूचना या अपने ही लोगों को मोहरे की तरह इस्तेमाल किया था। डोभाल ने तस्वीर देखते हुए कहा, "यह आदमी सामने दिखाई देने वाले रास्ते पर कभी नहीं चलता।
Speaker A
सर? अगर उसे भनक लग गई तो वह भाग सकता है। करण केवल एक कड़ी है। उसे अभी पकड़ लिया तो मसूद अपना पूरा नेटवर्क बदल देगा। हमें करण के जरिए मसूद के असली उद्देश्य और उसके अगले कदम तक पहुंचना है। डोभाल ने
Speaker A
वह चाहता है कि हम खतरे को बाहर तलाशते
Speaker A
भागेगा या मसूद को चेतावनी देगा। [संगीत] इसलिए हर कदम बेहद सावधानी से उठाना होगा। यह खेल अब दोनों तरफ [संगीत] से खेला जा रहा है। उसी समय मुंबई में मसूद हाशमी अपने एक साथी से सूचना ले रहा था। साथी ने
Speaker A
रहे। इसका मतलब है कि खतरा शायद पहले ही भीतर पहुंच चुका है।" उन्होंने घड़ी देखी। "40 दिन अब हर घंटे सतर्क रहना होगा।" उसी पल दफ्तर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की लाइट चमकी और उसकी दिशा कुछ इंच बदल गई।
Speaker A
सम्मेलन हॉल तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मसऊद की आंखों में खतरनाक चमक उभरी। यही वह मौका है जिसका हमें इंतजार था। एक ही स्थान पर डोभाल और कई बड़े अधिकारी लेकिन हमें कोई जल्दबाजी नहीं करनी। पहले सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी चाहिए।
Speaker A
बदलाव इतना मामूली था कि किसी ने ध्यान नहीं दिया। लेकिन वहीं आने वाले खतरे का पहला संकेत था। अब 39 दिन बाकी थे और साजिश की जड़े डोभाल की अपनी टीम तक पहुंच चुकी थी। अब 29 दिन बाकी थे। दिल्ली के एक
Speaker A
क्षण तक पता नहीं चलेगा कि खतरा बाहर से आया है या उसके अपने लोगों के बीच से।" दिल्ली में डोभाल और विक्रम भी उसी सम्मेलन की तैयारी में लगे थे। दोनों जानते थे कि करण तक पहुंचाई गई [संगीत] हर
Speaker A
पांच सितारा होटल में विदेशी प्रतिनिधि मंडल के सम्मान में पार्टी चल रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों की भीड़ में करण मेहरा बार-बार अपनी घड़ी और फोन देख रहा था। वह डोभाल की सुरक्षा टीम का वर्षों
Speaker A
खड़े अंधेरे आसमान को देख रहे थे। करण का चेहरा बार-बार उनके सामने आ रहा था। उन्होंने मन ही मन कहा। जिस व्यक्ति को इतने साल अपने सबसे करीब रखा वही आज मेरे खिलाफ इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन इस बार
Speaker A
पुराना भरोसेमंद अफसर था और संवेदनशील जानकारियों तक उसकी सीधी पहुंच थी। लेकिन यही व्यक्ति कुछ दिन पहले फार्म हाउस में मसूद से मिला था। तभी उसकी जेब में रखा फोन वाइब्रेट हुआ। स्क्रीन पर केवल एक संदेश था, "बाहर निकलो, पार्किंग में मिलो।" करण ने आसपास नजर दौड़ाई और चुपचाप पार्टी
Speaker A
जवाबी रणनीति पूरी तरह तैयार कर ली थी। करण मेहरा को अब भी यह अंदाजा नहीं था कि उसका राज खुल चुका है और उसकी हर गतिविधि पर चुपचाप नजर रखी जा रही है। डोभाल ने टीम के सामने करण से पहले जैसा ही व्यवहार
Speaker A
से बाहर निकल गया। होटल की पार्किंग के एक अंधेरे हिस्से में काले शीशों वाली गाड़ी खड़ी थी। वह गाड़ी के पास पहुंचा। पिछला दरवाजा अंदर से खुला
Speaker A
ऑफिस में बुलाया। संदेश [संगीत] मिलते ही कर्ण के दिल की धड़कन बढ़ गई। उसे लगा शायद उसकी गतिविधियों पर किसी [संगीत] को शक हो चुका है। वह खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश करता हुआ ऑफिस में दाखिल हुआ।
Speaker A
और करण बिना कुछ कहे अंदर बैठ गया। सामने मसूद हाशमी मौजूद था। मसूद ने
Speaker A
देखता रहा। उसे अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ। मुझे सर डोबाल ने हल्की मुस्कान के साथ कहा तुम वर्षों से मेरे साथ हो। इस तरह की जिम्मेदारी किसी ऐसे व्यक्ति को ही दी जा सकती है जिस पर पूरा भरोसा हो। करण
Speaker A
औपचारिकता में समय बर्बाद
Speaker A
नहीं है। लेकिन उसके हाथ में दी गई फाइल का हर पन्ना डोभाल और विक्रम ने [संगीत] पहले से तैयार किया था। उसमें कुछ बातें वास्तविक थी ताकि जानकारी विश्वसनीय लगे और कुछ जानबूझकर गलत रखी गई थी ताकि मसूद
Speaker A
नहीं किया। डोभाल की कल वाली मीटिंग का शेड्यूल मिला। करण ने धीमी आवाज में कहा, "कल सुबह 10:00 बजे उन्हें साउथ ब्लॉक से एक डिफेंस रिव्यु
Speaker A
से जुड़ी सारी जानकारी मेरे पास है। मसूद की आवाज में उत्साह था। बहुत [नाक से की जाने वाली आवाज़] अच्छा। मुझे [संगीत] पूरा प्लान चाहिए। कौन अधिकारी किस हिस्से में होगा? अतिरिक्त सुरक्षा [संगीत] कहां से आएगी और किन रास्तों की
Speaker A
मीटिंग के लिए निकलना है। अभी तक वही रास्ता तय है जो आमतौर पर
Speaker A
लिखा था कि कार्यक्रम के दिन कुछ अतिरिक्त निजी सुरक्षा कर्मचारियों को अंदर जाने की अनुमति मिल सकती है। मसूद को लगा कि उसे वह रास्ता मिल गया है जिसकी वह तलाश कर रहा था। लेकिन वह नहीं जानता था कि वह
Speaker A
इस्तेमाल किया जाता है।" मसूद की आंखों में चमक आ गई। लेकिन उसने तुरंत कहा, "कल उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाना है।" करण हैरान होकर उसकी तरफ देखने लगा। "फिर आपने जानकारी क्यों मांगी?" मसूद मुस्कुराया। "क्योंकि हर योजना हमला करने के लिए नहीं
Speaker A
पहुंचा दी है। मसूद के लोगों में हलचल भी बढ़ी है। लेकिन अगर उसे अंतिम समय पर एहसास हो गया कि नक्शा गलत है तो वह पूरी योजना बदल सकता है। डोभाल ने जवाब दिया उसे सच्चाई तभी समझ आएगी जब [संगीत] उसके
Speaker A
होती। कभी-कभी दुश्मन की सुरक्षा परखने के लिए भी योजना बनाई जाती है। हमें डोभाल को यकीन दिलाना है कि उसकी व्यवस्था मजबूत है। जब वह पूरी तरह आश्वस्त हो जाएगा तभी असली वार होगा।" करण ने घबराते हुए पूछा,
Speaker A
छिपाता है। पीछे वाले दरवाजे से आने वाले लोग शायद [संगीत] असली हमला ना हो। इसलिए हमारी नजर केवल उस प्रवेश द्वार पर नहीं होगी। सम्मेलन के अंदर बाहर और आसपास मौजूद हर असामान्य गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। विक्रम ने पूछा करण को कब पकड़ा
Speaker A
"अगर उसे मुझ पर शक हो गया तो?" मसऊद की आवाज अचानक कठोर हो गई। "तुम्हारा काम जानकारी देना है। सवाल करना नहीं और यह मत भूलना कि तुम पहले ही इतनी जानकारी हमें दे चुके हो कि अब पीछे हटकर भी खुद को नहीं बचा
Speaker A
निर्धारित स्थान पर भेजा जा रहा था और अंदर अधिकारी अपनी-अपनी सीटों पर बैठ रहे थे। लेकिन सामान्य वर्दी के अलावा कई प्रशिक्षित [संगीत] जवान सादे कपड़ों में भी तैनात थे। तकनीकी कमरों, [संगीत] पार्किंग, पीछे के रास्तों और आसपास की
Speaker A
सकते।" करण ने नजरें नीचे कर ली। मसूद उसके करीब झुका और बोला, "तुम्हारे हर संदेश, हर मुलाकात और हर सौदे का रिकॉर्ड हमारे पास है। जरूरत पड़ी तो वो रिकॉर्ड
Speaker A
हॉल से कुछ दूरी [संगीत] पर स्थित गली में आकर रुकी। उसमें से तीन आदमी उतरे। उन्होंने सुरक्षा कर्मचारियों जैसी वर्दी पहन रखी थी और अपने सामान को इस तरह छिपाया था कि पहली नजर में वे सामान्य [संगीत] कर्मचारी दिखाई दें। करण से मिली
Speaker A
तुम्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए काफी होगा।" कर्ण का चेहरा सफेद
Speaker A
ने [संगीत] उनका रास्ता रोक लिया। पहचान पत्र दिखाइए। एक आदमी ने जेब में हाथ डाला लेकिन उसके पास वैध पहचान नहीं थी। उसने कहा हमें अतिरिक्त ड्यूटी के लिए भेजा गया है। सूची अंदर होगी। अधिकारी ने शांत आवाज
Speaker A
पड़ गया। वो कुछ बोलना चाहता था लेकिन शब्द उसके गले में अटक गए। मसूद ने दरवाजा खोलने का इशारा किया। "अब जाओ पार्टी में वापस जाओ और ऐसे व्यवहार करो जैसे कुछ
Speaker A
मौजूद जवानों ने तीनों को चारों तरफ से घेर लिया। एक आदमी ने भागने [संगीत] की कोशिश की जबकि दूसरे ने विरोध किया लेकिन तैयार टीम ने बिना देर किए उन्हें काबू कर लिया। उनकी तलाशी में संदिग्ध सामान मिला
Speaker A
हुआ ही नहीं।" करण गाड़ी
Speaker A
क्या करना था? वह बाद में बताया जाना था। हमें पूरी योजना की जानकारी [संगीत] नहीं है। विक्रम समझ गया कि यह लोग केवल पहली परत थे। उसने तुरंत डोभाल को सूचना दी। सर तीन आदमी पकड़े गए हैं। लेकिन इन्हें असली
Speaker A
से उतरा और धीमे कदमों से होटल की तरफ लौट गया। उसके चेहरे पर डर साफ था
Speaker A
अंदर मौजूद हो सकता है। उन्होंने तुरंत पूछा, करण कहां है? विक्रम ने हॉल में नजर दौड़ाई। कुछ मिनट [संगीत] पहले तक सामने दिखाई दे रहा करण अब अपनी जगह पर नहीं था। सर, करण यहां नहीं है। डोभाल की आवाज सख्त
Speaker A
लेकिन उस भीड़ में किसी ने उसकी हालत पर ध्यान नहीं दिया। उसी रात डोभाल अपने घर पर दिल्ली का विस्तृत नक्शा
Speaker A
[संगीत] तारों, नियंत्रण पैनलों और निगरानी उपकरणों के बीच उसके हाथ में एक छोटा रिमोट डिवाइस था। मसूद ने उसे पहले ही आदेश दिया [संगीत] था कि अगर बाहर से आने वाले लोग पकड़े जाएं तो अंतिम काम उसे स्वयं पूरा करना होगा। कार्यक्रम से पहले
Speaker A
देख रहे थे। नक्शे पर उनके सामान्य रास्तों, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों और वैकल्पिक मार्गों को अलग-अलग
Speaker A
तुम्हारा परिवार सुरक्षित नहीं रहेगा। उसने रिमोट को कसकर पकड़ा और अपनी उंगली बटन की तरफ बढ़ाई। तभी पीछे से आवाज आई। करण यह मत करना। करण के पूरे शरीर [संगीत] में झटका लगा। वह तेजी से पलटा। दरवाजे पर
Speaker A
निशानों से चिन्हित किया गया था। उनके सामने बैठे विक्रम ने पूछा, "सर, आप अचानक अपने सभी रास्तों की जांच क्यों कर रहे हैं?" डोभाल
Speaker A
यहां मौजूद सैकड़ों लोगों के लिए खतरनाक हो सकती है। करण की सांसे तेज थी। सर आप यहां कैसे क्योंकि मुझे बहुत पहले समझ आ गया था कि हमारी जानकारी मसूद [संगीत] तक कौन पहुंचा रहा है। करण की आंखों में डर
Speaker A
ने नक्शे से नजर हटाए बिना कहा, "अगर मैं मसूद की जगह होता तो सबसे पहले यह पता करता कि मेरा निशाना कब और किस रास्ते
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आंसू आ गए। सर मेरी बात सुनिए। मैंने यह अपनी इच्छा से नहीं किया। उन्होंने मेरे परिवार को धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर मैंने उनकी [संगीत] बात नहीं मानी तो वह उन्हें नुकसान पहुंचाएंगे। डोभाल के चेहरे पर एक क्षण [संगीत] के लिए नरमी आई।
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से गुजरता है। आदतें किसी भी सुरक्षा व्यवस्था की सबसे कमजोर कड़ी होती
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मैं फंस चुका था सर। पहली जानकारी [संगीत] देने के बाद उन्होंने मुझे उसी के सहारे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। मैं हर बार सोचता था कि यह आखिरी बार होगा। लेकिन मैं और गहराई में जाता गया। अब भी एक आखिरी
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हैं।" उन्होंने एक रास्ते पर उंगली रखते हुए कहा, "हम कई महीनों से इस मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। मसऊद ने हमारे बारे में इतनी जानकारी इकट्ठी की है तो यह रास्ता उससे छिपा नहीं होगा।" विक्रम ने कहा, "लेकिन रूट की जानकारी बहुत सीमित
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टूटती आवाज में कहा। मसूद हॉल के बाहर मौजूद एक एंबुलेंस में बैठा है। वह वहीं से सब कुछ देख रहा है। हमला होते ही उसे तुरंत वहां से निकलना था। डोभाल ने बिना देर किए वॉकी टॉकी उठाया। विक्रम हॉल के
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लोगों के पास है।"
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खड़ी थी। उसके शीशे अंदर से ढके हुए थे और दरवाजा बंद था। अंदर मसूद बार-बार करण को फोन कर रहा था। कॉल नहीं लग रही थी। उसने अपने एक आदमी [संगीत] से पूछा। पीछे वाले गेट से कोई खबर? नहीं भाई मसूद के चेहरे
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का आत्मविश्वास धीरे-धीरे खत्म होने लगा। उसने दोबारा करण को कॉल किया लेकिन इस बार भी कोई जवाब नहीं मिला। उसे समझते देर नहीं लगी कि योजना बिगड़ चुकी है। गाड़ी स्टार्ट करो अभी निकलना है। ड्राइवर ने चाबी घुमाई। [संगीत] लेकिन उसी समय सामने
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से विक्रम और उसकी टीम तेजी से आती दिखाई दी। गाड़ी रोको। विक्रम की आवाज गूंजी। पूरा इलाका गिर चुका है। ड्राइवर ने घबराकर एंबुलेंस आगे बढ़ाने की कोशिश की। सुरक्षा टीम ने रास्ता रोक दिया। कुछ ही क्षणों में वाहन आगे जाने लायक नहीं रहा
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और वहीं रुक गया। जवानों ने दोनों तरफ से एंबुलेंस को घेर [संगीत] लिया। विक्रम ने दरवाजे के पास पहुंचकर चेतावनी दी। अंदर बैठे सभी लोग हाथ ऊपर करके बाहर आए। कुछ सेकंड तक कोई हरकत नहीं हुई। फिर दरवाजा
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[संगीत] धीरे-धीरे खुला। सबसे पहले ड्राइवर बाहर आया। उसके बाद मसूद हाशमी दोनों हाथ ऊपर उठाए नीचे उतरा। उसके चेहरे पर [संगीत] हार से अधिक गुस्सा था। विक्रम ने आगे बढ़कर उसे हिरासत में लेते हुए कहा, मसूद हाशमी तुम्हारा खेल खत्म हो
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चुका है। मसूद ने गुस्से से उसकी तरफ देखा। तुमने मुझे पकड़ लिया तो क्या हुआ?
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यह लड़ाई यहां खत्म नहीं होगी। मेरे जैसे और भी लोग हैं। विक्रम ने उसके हाथों में हथकड़ी लगाते हुए ठंडी आवाज में कहा। और जब तक हम जाग रहे हैं, तुम्हारे जैसे हर व्यक्ति का अंत यहीं होगा। मसूद को हिरासत
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में लेकर सुरक्षा वाहन की तरफ ले जाया [संगीत] गया। वह बार-बार सम्मेलन हॉल को देख रहा था। जैसे अब भी समझ नहीं पा रहा हो कि उसकी योजना कब उसी के खिलाफ हो गई। उधर कर्ण को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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डोभाल ने अधिकारियों से कहा इसके परिवार को तुरंत सुरक्षा दी जाए। कानून करण के अपराध का फैसला करेगा लेकिन उसके परिवार को इसकी सजा नहीं मिलनी चाहिए। करण ने रोते हुए कहा सर मुझे माफ कर [संगीत] दीजिए। मुझे पहले ही आपको सच बता देना
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चाहिए था। डोभाल ने गंभीर आवाज में कहा, तुम्हारी गलती डरना नहीं थी करण। गलती यह थी कि तुमने अपने लोगों पर भरोसा करने के बजाय दुश्मन के डर के सामने घुटने टेक दिए। सम्मेलन सुरक्षित रूप से पूरा हुआ और
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मसूद के पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई। देर रात डोभाल ने विक्रम से कहा मसूद की गिरफ्तारी केवल एक जंग का अंत है। पूरी लड़ाई अभी बाकी है। लेकिन जब तक देश की रक्षा करने वाले जागते रहेंगे कोई भी
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साजिश भारत को झुका नहीं सकती। इस तरह अजीत डोभाल ने धैर्य, समझदारी और दुश्मन से एक कदम आगे रहकर देश को एक बड़े खतरे से बचा लिया। दोस्तों, अगर यह डॉक्यूमेंट्री पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक, शेयर और चैनल को सब्सक्राइब जरूर
Speaker A
करें। जय हिंद।
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