Skip to content

How Singapore Became a Super-rich country | Lee Kuan Yew

सिंगापुर की गरीबी से समृद्धि तक की यात्रा, लीन कुआन यू की भूमिका और देश की रणनीतियाँ।

Key Takeaways

  • सिंगापुर की सफलता में लीन कुआन यू की दूरदर्शिता और कड़े निर्णयों की अहम भूमिका रही।
  • भौगोलिक स्थिति और रणनीतिक व्यापार मार्गों का सही उपयोग देश की आर्थिक प्रगति में सहायक रहा।
  • शिक्षा, भ्रष्टाचार नियंत्रण और तकनीकी विकास ने सिंगापुर को समृद्ध बनाया।
  • राजनीतिक स्थिरता और मजबूत प्रशासनिक नीतियाँ विकास के लिए जरूरी हैं।
  • छोटे संसाधनहीन देश भी सही नेतृत्व और नीति से विश्व में अग्रणी बन सकते हैं।

What the video covers

  • 1965 में मलेशिया से अलग होकर सिंगापुर एक छोटा, संसाधनहीन देश बना था।
  • सिंगापुर के पास पानी की कमी, गरीबी, बेरोजगारी और सेना की कमी जैसी गंभीर चुनौतियाँ थीं।
  • लीन कुआन यू ने पीपल्स एक्शन पार्टी की स्थापना कर देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया।
  • सिंगापुर की भौगोलिक स्थिति मलक्का स्ट्रेट के कारण व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • जापानी कब्जे के दौरान सिंगापुर में अत्याचार हुए, जिसने लीन कुआन यू के जीवन को प्रभावित किया।
  • ब्रिटिश शासन के बाद सिंगापुर को सीमित स्वशासन मिला और 1959 में पीएपी ने चुनाव जीता।
  • सिंगापुर ने भ्रष्टाचार विरोधी नीतियाँ अपनाई और तकनीकी व आर्थिक सुधार किए।
  • देश ने शिक्षा, कौशल विकास और इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर आर्थिक विकास हासिल किया।
  • आज सिंगापुर की प्रति व्यक्ति आय अमेरिका, जापान से भी अधिक है और यह विश्व के अमीर देशों में शामिल है।
  • सिंगापुर में एक पार्टी का शासन है, लेकिन यह देश लोकतांत्रिक प्रणाली पर चलता है।

Answers

Questions about this video

सिंगापुर को 1965 में क्यों मलेशिया से बाहर निकाला गया?

1965 में मलेशिया ने सिंगापुर को बाहर निकाला क्योंकि राजनीतिक और आर्थिक मतभेदों के कारण दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था, जिससे सिंगापुर को स्वतंत्र देश बनना पड़ा।

लीन कुआन यू ने सिंगापुर की आर्थिक प्रगति के लिए क्या प्रमुख कदम उठाए?

लीन कुआन यू ने भ्रष्टाचार को खत्म किया, शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया, विदेशी निवेश को आकर्षित किया और सिंगापुर की भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर व्यापार को बढ़ावा दिया।

सिंगापुर की भौगोलिक स्थिति उसकी सफलता में कैसे मददगार रही?

सिंगापुर मलक्का स्ट्रेट के पास स्थित है, जो विश्व व्यापार का 20% हिस्सा संभालता है, जिससे यह एक महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार केंद्र बन गया और आर्थिक विकास में मदद मिली।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
सिंगापुर डूब चुका है। सिंगापुर भूख प्यास से मर जाएगा। सिंगापुर को कोई नहीं बचा सकता। 61 साल पहले हेडलाइंस हर तरफ दौड़ रही थी। दरअसल, 9 अगस्त 1965 को मलेशिया ने सिंगापुर को बाहर निकाल दिया था। सिंगापुर [संगीत]
00:15
Speaker A
अचानक आजाद मुल्क बन चुका था। लेकिन सिंगापुर के लोग खुश होने के बजाय सदमे [संगीत] में थे। दोपहर में नए देश का प्रधानमंत्री टीवी पर आया और सबके सामने [संगीत] रोने लगा। टूटती आवाज में उसने कहा कि मेरे लिए भयानक दुख और पीड़ा का
00:31
Speaker A
समय है। सिंगापुर एरिया में दिल्ली से भी छोटा है। वहां कोई नेचुरल रिसोर्सेज नहीं हैं। 1965 में उसके पास पीने का पानी तक नहीं था। उसको मलेशिया से पानी मिलता था और मलेशिया सप्लाई बंद करने की धमकी दे
00:44
Speaker A
रहा था। सिंगापुर की 20 लाख की आबादी [संगीत] के पास पर्याप्त खाना नहीं था। आधे से ज्यादा लोग पढ़ना लिखना नहीं जानते थे। अधिकांश जनता गंदगी और गरीबी में जी रही थी। सिंगापुर के पास अपनी सेना भी नहीं थी और उसके पड़ोसी उसको कबजाने के
01:00
Speaker A
लिए तैयार बैठे थे। हताशा में सिंगापुर ने भारत और इजिप्ट से मदद मांगी मगर किसी ने साथ नहीं दिया। सबको लगा कि सिंगापुर फेल हो जाएगा या किसी के आगे घुटने टेक देगा। लेकिन सिंगापुर ने सबके अरमानों पर पानी
01:13
Speaker A
[संगीत] फेर दिया। कट टू 2026 सिंगापुर की पर कैपिटा इनकम $7000 है। जापान, अमेरिका, स्विट्जरलैंड से भी ज्यादा। [संगीत] यह भारत से 36 गुना ज्यादा है। इसके अलावा सिंगापुर के सोवरन वेल्थ फंड में 1 ट्रिलियन से ऊपर पैसा है।
01:30
Speaker A
[संगीत] यह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार से भी ज्यादा है। लिविंग स्टैंडर्ड में सिंगापुर कई पश्चिमी देशों से आगे है। सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया में सबसे पावरफुल माना जाता है। यानी सिंगापुर तरक्की का दूसरा नाम बन चुका है। लेकिन यह
01:44
Speaker A
चमत्कार हुआ कैसे? जो देश डूबने वाला था वो आसमान [संगीत] तक कैसे पहुंचा? मछली बेचने वाला देश इतना अमीर कैसे बन गया?
01:54
Speaker A
सिंगापुर की मदद किसने की थी? और सिंगापुर की कहानी हमें सिखाती क्या है? चलिए शुरू करते हैं। यह सिंगापुर का नक्शा है। सिंगापुर कई आइलैंड से मिलकर बना हुआ है। उसका कोई भी लैंड बॉर्डर किसी दूसरे [संगीत] देश से
02:14
Speaker A
नहीं लगता। नक्शे में आपको सिंगापुर के दो पड़ोसी दिख रहे होंगे। नॉर्थ में है मलेशिया और [संगीत] साउथ में इंडोनेशिया। इन देशों को स्ट्रेट्स अलग करते हैं। सिंगापुर और मलेशिया के बीच जोहोर स्ट्रेट है। जबकि इंडोनेशिया का कनेक्शन सिंगापुर
02:26
Speaker A
स्टेट से है। [संगीत] सिंगापुर मलका स्टेट के दक्षिणी मुहाने पर बसा है। मलका स्टेट भारत, मिडिल [संगीत] ईस्ट और यूरोप को ईस्ट एशिया से जोड़ता है। दुनिया भर में समंदर से जितना ट्रेड होता है उसका 20% इस स्ट्रेट से गुजरता है। चीन का दो तिह
02:40
Speaker A
व्यापार इसी रास्ते से होकर गुजरता है। 75% तेल मलक्का स्ट्रेट होकर आता है। अगर यह स्ट्रेट ठप हो जाए तो हॉर्मोस क्राइसिस से बड़ी तबाही आ सकती है। इस लिहाज से सिंगापुर की लोकेशन बेहद अहम हो जाती है।
02:54
Speaker A
[संगीत] सिंगापुर एक सिटी स्टेट है। एक ही शहर के इर्द-गिर्द पूरा देश बसा है। दुनिया में सिर्फ [संगीत] तीन सिटी स्टेट्स हैं। सिंगापुर, मोनाको और वेटिकन सिटी। सिंगापुर का एरिया है 735 वर्ग कि.मी. यह दिल्ली के एरिया से भी आधा
03:09
Speaker A
है और बड़े कॉन्टेक्स्ट में अगर देखा जाए तो भारत के पास जितनी जमीन है उसमें तकरीबन 4500 सिंगापुर बसाए जा सकते हैं। सिंगापुर की पॉपुलेशन लगभग 60 लाख है। सबसे ज्यादा 31% बौद्ध हैं। 20% लोग किसी धर्म को नहीं मानते। 15% आबादी मुस्लिम
03:25
Speaker A
है। 9% जनता पाऊस को मानते हैं और 5% हैं हिंदू। सिंगापुर की करेंसी का नाम है सिंगापुर डॉलर। अभी एक सिंगापुर डॉलर का रेट है 74 भारतीय रुपए इसके आसपास। सिंगापुर की जीडीपी 659 बिलियन डॉलर्स है। भारत की आबादी सिंगापुर से 250 गुना
03:42
Speaker A
ज्यादा है। मगर जीडीपी सिर्फ सात गुना ज्यादा है। इससे आप सिंगापुर की अमीरी का अंदाजा बखूबी लगा सकते हैं। सिंगापुर में पार्लियामेंट्री रिपब्लिक वाला सिस्टम चलता है। यह काफी हद तक भारत जैसा है। सिंगापुर में हेड ऑफ स्टेट राष्ट्रपति
03:56
Speaker A
होते हैं। अभी [संगीत] ये कुर्सी थर्मन क्षणमुख रत्नम के पास है। वह श्रीलंकन मूल के तमिल हैं। उनका कार्यकाल 6 बरस का है। राष्ट्रपति को जनता के डायरेक्ट वोट से चुना जाता है लेकिन वे सरकार के रोजाना के
04:09
Speaker A
काम में दखल नहीं देते। इस मामले में उनके पास शक्तियां सीमित हैं। सरकार चलाने की जिम्मेदारी होती है प्रधानमंत्री की। उन्हें संसद के जरिए चुना जाता है। सिंगापुर में एक सदन वाली संसद है। इसमें 97 मेंबर्स जनता के डायरेक्ट वोट से चुने
04:24
Speaker A
जाते हैं। कुछ विपक्षी नेताओं को अलग से एंट्री दी [संगीत] जाती है। भले ही वह इलेक्शन में हार गए हो। इसके अलावा बिजनेस, एकेडमिया, स्पोर्ट्स और दूसरे फील्ड के एक्सपर्ट्स को भी नॉमिनेट किया जाता है। संसद के सदस्यों का चुनाव हर 5
04:37
Speaker A
साल में होता है। जिस भी पार्टी या गठबंधन के पास संसद में बहुमत होता है, वह सरकार बनाती है और उसका नेता देश का प्रधानमंत्री बनता है। यह कुर्सी अभी लॉरेंस वोंग के पास है। उनका ताल्लुक पीपल्स एक्शन पार्टी पीएपी से है।
04:50
Speaker A
सिंगापुर में मल्टी पार्टी डेमोक्रेसी है। लेकिन 1965 से अब तक सिर्फ पीएपी ने सरकार बनाई है। लीन यू टीएपी के फाउंडर्स में से एक थे। वो आज की कहानी के नायक भी हैं। लीकान यू 16 सितंबर 1923 को केमपोंग जावा
05:07
Speaker A
रोड में पैदा हुए थे। उनके पूर्वज चीन से आए थे। ली के पिता छोटी दुकान चलाते थे। बाद में उन्हें एक ऑयल कंपनी में क्लर्क की नौकरी मिल गई थी। उनकी मां होममेकर थी। उनका ज्यादातर समय घर के अंदर बीतता था।
05:20
Speaker A
लेकिन ली के जीवन पर सबसे ज्यादा प्रभाव उनकी मां का ही था। जिस दौर में लीकवान मुंह बड़े हो रहे थे, सिंगापुर पर ब्रिटेन का शासन था। एजुकेशन, कल्चर, एडमिनिस्ट्रेशन हर चीज ब्रिटेन के कंट्रोल में थी। ब्रिटेन ने अपने लिए अलग से
05:34
Speaker A
सिस्टम बना रखा था। एक तरफ लोकल लोग गरीबी और मुफलिसी में जी रहे थे। दूसरी तरफ ब्रिटिशर्स आलशान घरों में रहते थे। उनके लिए नियम अलग थे। वे खुद को सुपीरियर रेस मानते थे। उनके बच्चे एलिट इंग्लिश स्कूल्स
05:47
Speaker A
में पढ़ते थे। इस सिस्टम में सिंगापुर के आम लोगों के लिए बहुत कम जगह थी। हालांकि इंग्लिश स्कूलों के दरवाजे सबके लिए खुले थे, लेकिन हर किसी के लिए इसे अपनाना मुश्किल था। लीगान इस मामले में खुशकिस्मत
06:00
Speaker A
थे। उनके माता-पिता ने उन्हें इंग्लिश स्कूल में पढ़ने भेजा। वो पढ़ाई में काफी अच्छे थे। उनको स्कॉलरशिप भी मिली। इस तरह ब्रिटिश व्यवस्था में उनका पालन पोषण होने लगा। जब तक दूसरा वर्ल्ड वॉर शुरू हुआ तब तक लीकआयू कॉलेज पहुंच चुके थे। इसी बीच
06:14
Speaker A
वर्ल्ड वॉर की आंच भी सिंगापुर पहुंच गई। दिसंबर 1941 में जापान ने अमेरिका के पर्ल हारबर नेवल बेस पर बमबारी की। [संगीत] फिर उसने ब्रिटेन की कॉलोनीज़ को निशाना बनाना शुरू किया। फरवरी 1942 में जापान ने सिंगापुर पर हमला कर दिया। ब्रिटेन ने
06:29
Speaker A
बहुत जल्द सरेंडर कर दिया। फिर जापान ने सिंगापुर का नाम बदलकर सनानतो कर दिया। इसका मतलब होता है लाइट ऑफ द साउथ। जापान ने सिंगापुर में भयंकर क्रूरता की। वो स्थानीय लोगों का नरसंहार करने लगा। बच्चियों और महिलाओं के साथ यौन हिंसा
06:44
Speaker A
हुई। कईयों को गुलाम बनाकर दूसरे देशों में भेजा गया। स्कूल, कॉलेजों और प्रशासन में जापानी भाषा थोपी गई। विरोध की गुंजाइश को खत्म कर दिया गया। संदेह होने मात्र पर टॉर्चर और हत्या बेहद आम बात थी। जापान के हमले की वजह से लीनियू को पढ़ाई
07:00
Speaker A
छोड़नी पड़ी। उनके साथ एक और दिक्कत थी। चीनी मूल के थे। उनकी जान को हर वक्त खतरा रहता था। एक दिन जापानी सैनिक चीनी नौजवानों को इकट्ठा कर रहे थे। [संगीत] इसी दौरान ली भी पकड़ लिए गए। लेकिन
07:12
Speaker A
उन्होंने घर जाकर कपड़े लाने की परमिशन मांगी। चमत्कार यह हुआ कि गार्ड ने उन्हें परमिशन दे दी। इसी वजह से ली बच भी गए। बाकी लोगों को उसी रोज मार डाला गया था। इस घटना का ली के मन पर गहरा असर हुआ।
07:24
Speaker A
उन्हें लगा कि जिंदगी और मौत के बीच में बहुत कम फासला है। एक रैंडम डिसीजन आपकी पूरी दुनिया को बदल कर रख सकता है। याद उनके पूरे जीवन पर हावी रही। बहरहाल 1943 में लीकआ न्यू को जापान के प्रोपगेंडा
07:38
Speaker A
डिपार्टमेंट में नौकरी मिल गई। इससे उनकी जिंदगी आसान हो गई थी। सरकारी मुलाजिम होने के नाते वह थोड़े सुरक्षित थे। फिर अगस्त 1945 में अमेरिका ने जापान पर दो परमाणु बम गिराए। इसके बाद जापान ने सरेंडर कर दिया। तब वह सिंगापुर छोड़कर
07:54
Speaker A
चला गया। जापान के जाने के बाद ब्रिटिश वापस लौटे। उन्होंने सिंगापुर का कंट्रोल अपने हाथों में ले लिया। लेकिन अब उनका रुतबा घट चुका था। उनकी सुपीरियर रेस वाली इमेज धूमिल हो चुकी थी। दूसरी चीज सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद ब्रिटेन की इकॉनमी भी
08:08
Speaker A
चौपट थी। उसके लिए दूसरे देशों में डायरेक्ट रूल चलाना मुश्किल हो रहा था। इन सबके बीच सिंगापुर में भी आजादी की मांग उठने लगी थी। 1955 में कुछ-कुछ मामलों में सिंगापुर को ऑटोनोमी दी गई। तब तक लीक क्वान यू ब्रिटेन से पढ़कर वापस आ गए थे।
08:23
Speaker A
उन्होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली थी। वापस आकर वह अपना लॉ फॉर्म चलाने लगे थे। फिर 1954 में उन्होंने कुछ साथियों के साथ मिलकर पीपल्स एक्शन पार्टी यानी कि पीएपी बना ली। पीएपी सिंगापुर में सेल्फ रूल की डिमांड कर रही थी। उन्हें
08:38
Speaker A
अलग-अलग धड़े के लोगों का साथ मिला। आखिरकार 1959 में उनको सेल्फ रूल का अधिकार दे दिया। सिर्फ डिफेंस और फॉरेन अफेयर्स पर ब्रिटेन का कंट्रोल था। बाकी मामले स्थानीय सरकार देखने वाली थी। उसी साल नई व्यवस्था में पहले चुनाव कराए गए।
08:52
Speaker A
इसमें पीएपी को एक तरफा जीत हासिल हुई। 35 साल के लीन यू आधुन
09:08
Speaker A
समर्थन किया। सिंगापुर को लगा था कि मलेशिया से विलय करके फायदा होगा। ज्यादा अवसर मिलेंगे। मलेशिया के मार्केट का एक्सेस मिलेगा और ब्रिटेन के शासन से उन्हें मुक्ति भी मिल जाएगी। लेकिन इस रिश्ते में शुरुआत से ही खोट थी। मलेशिया
09:21
Speaker A
सरकार की प्राथमिकता सिर्फ मलय लोग थे। वो बाकियों को कमतर मानती थी। यह सोच उनकी नीतियों में साफ-साफ झलक रही थी। इसके अलावा मलेशिया की सत्ताधारी पार्टी ने सिंगापुर में जातीय दंगों को बढ़ावा दिया। इन सबके चलते पीएपी और मलेशिया सरकार में
09:36
Speaker A
खटपट होने लगी। मलेशिया पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हुआ। वो मलेशिया सुप्रीमसी से समझौता नहीं करना चाहता था। आखिरकार 9 अगस्त 1965 को मलेशिया ने सिंगापुर को बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं मलेशिया के प्रधानमंत्री ने मीडिया के सामने कहा,
09:50
Speaker A
"अगर सिंगापुर ने कभी हमें नाराज किया तो हम उसका पानी बंद कर देंगे।" सिंगापुर के पास ड्रिंकिंग वाटर का कोई सोर्स नहीं था। उसको एक-एक बूंद पानी मलेशिया से मिलता था। ऐसे माहौल में सिंगापुर आजाद हुआ था। उस पर आजादी थोपी गई थी। सिंगापुर ने कभी
10:05
Speaker A
फॉरेन पॉलिसी और डिफेंस अकेले दम पर नहीं संभाला था। अधिकांश जनता गरीब थी। ज्यादातर लोग झुग्गियों में रहते थे। बेरोजगारी के बढ़ने की आशंका थी। इकॉनमी किसी भी वक्त ध्वस्त [संगीत] हो सकती थी। सिंगापुर की अपनी आर्मी भी नहीं थी। वे अब
10:19
Speaker A
तक ब्रिटेन पर निर्भर थे और ब्रिटेन अपने मिलिट्री बेसिस भी खाली कर रहा था। इन बेसिस पर 300 लोग काम करते थे। ब्रिटेन के जाने से वह बेरोजगार होने वाले थे। अचानक आजाद हुए देश के लिए यह सब किसी सदमे से
10:31
Speaker A
कम नहीं था। लीकआन यू को दुश्वारियां पता थी। उनके सामने दो रास्ते थे। मलेशिया के सामने या तो गिड़गिड़ाएं या फिर सिंगापुर को अपने दम पर खड़ा करें। पहले रास्ते में खुददारी [संगीत] छोड़ ली थी। दूसरे में नींद चैन से समझौता करना था। दूसरा रास्ता
10:45
Speaker A
बेहद मुश्किल था। लेकिन लीकवान यू ने हिम्मत दिखाई और दूसरा रास्ता चुन लिया। आजाद होने के तुरंत बाद लीकआयू ने अपनी सरकार की प्राथमिकताएं तय की। उनकी पहली चुनौती डिफेंस की यह मानते थे कि जो देश अपनी रक्षा खुद नहीं कर सकता उसे हमेशा
11:01
Speaker A
दूसरों की मर्जी पर निर्भर रहना पड़ता है। उस समय सिंगापुर के सामने दो बड़े खतरे थे। एक तरफ मलेशिया पानी बंद करने की धमकी दे रहा था और दूसरी तरफ इंडोनेशिया आंखें दिखा रहा था। इसीलिए ली कुआयू आर्मी को
11:14
Speaker A
मजबूत बनाना चाहते थे। उन्होंने भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और इजिप्ट के राष्ट्रपति गमाल अब्दुदेल नासेसर को चिट्ठी लिखी। ली ने उनसे मिलिट्री इंस्ट्रक्टर्स भेजने की गुजारिश की थी। उन्हें सिंगापुर के सैनिकों को ट्रेनिंग देनी थी और प्रॉपर
11:29
Speaker A
आर्मी बनाने में मदद भी करनी थी। लेकिन ली की चिट्ठी का ना तो भारत ने जवाब दिया ना ही इजिप्ट ने। जब कई हफ्ते गुजर गए तो ली को बड़ी निराशा हुई। फिर उन्होंने तीसरा विकल्प आजमाया। उन्होंने [संगीत]
11:40
Speaker A
तीसरी चिट्ठी ऐसे देश को भेजी जो सिंगापुर की तरह ही छोटा था और हर तरफ से दुश्मनों से घिरा हुआ था और यह देश था इसराइल। इसराइल उनकी मदद के लिए तैयार हो गया। लेकिन यहां पर एक समस्या थी। ज्यादातर
11:53
Speaker A
मुस्लिम देश इसराइल से नफरत करते थे। सिंगापुर भी दो मुस्लिम बहुल देशों से घिरा था। अगर यह पता चल जाता कि इसराइल उसकी आर्मी बना रहा है तो मामला बिगड़ सकता था। इसलिए इस ऑपरेशन को सीक्रेट रखा गया। फिर दिसंबर 1965 में इसरली आर्मी के
12:07
Speaker A
छह अफसर और उनकी फैमिलीज सिंगापुर पहुंची। वे मैक्सिको के पासपोर्ट पर सिंगापुर में दाखिल हुए थे। इसरली टीम के लीडर थे जनरल हेवामजीवी। [संगीत] फौज में उन्हें गांधी के नाम से जाना जाता था। गांधी की टीम ने अगले कुछ महीनों में
12:21
Speaker A
सिंगापुर के डिफेंस का ढांचा खड़ा कर दिया था। उन्होंने मिलिट्री सर्विस को कंपलसरी रखने का सुझाव दिया। सरकार ने सलाह मान ली। 1967 में नौजवानों के लिए मिलिट्री सर्विस को अनिवार्य बना दिया गया। यह व्यवस्था आज तक लागू है। इससे सैनिकों की
12:36
Speaker A
कमी की समस्या खत्म हो गई। इसके अलावा इसराइली एडवाइज़र्स ने सैनिकों को ट्रेन किया। उन्होंने डिफेंस मिनिस्ट्री और इंटेलिजेंस एजेंसियों का स्ट्रक्चर भी तैयार किया। जिस वक्त इसराइल मदद कर रहा था तब तक सिंगापुर ने उसको मान्यता भी
12:49
Speaker A
नहीं दी थी। दोनों देशों ने 1969 में ऑफिशियल डिप्लोमेटिक रिलेशंस स्थापित किए थे। तब तक सिंगापुर की आर्मी अपने पैरों पर खड़ी होने लगी थी। इसराइल वाला सीक्रेट 35 वर्षों तक बरकरार रहा। फिर 2000 में लीकानियो ने अपना मेमोरियल लिखा। तब जाकर
13:04
Speaker A
दुनिया को इसराइल कनेक्शन की बात पता चल पाई। आज के दिन सिंगापुर आर्मी एशिया की सबसे मजबूत और एडवांस्ड सेनाओं में गिनी जाती है और इसके पीछे इसराइल का साथ और ली कुानयू का दूरदर्शी दाब था। ली के सामने दूसरी बड़ी चुनौती साफ पानी
13:21
Speaker A
की थी। सिंगापुर चारों तरफ से समंदर से घिरा है लेकिन पीने का पानी नहीं के बराबर है। वहां कोई बड़ी नदी या झील भी नहीं थी। उसे पीने वाला पानी मलेशिया से आयात करना पड़ता था। पानी के बिना जीवन नामुमकिन।
13:34
Speaker A
मलेशिया इस नस को दबाकर सिंगापुर की सांस रोक सकता था। इससे निपटने के लिए ली ने फोर टैप स्ट्रेटजी अपनाई। उन्होंने मलेशिया से जल समझौता नहीं तोड़ा। वहां से पानी आता रहा लेकिन धीरे-धीरे अल्टरनेट व्यवस्था बनाते रहे। उन्होंने रेन वाटर को
13:49
Speaker A
बचाने के लिए बड़े-बड़े रिजवायर्स बनाए। इसके अलावा डिसलिनेशन प्लांट्स लगाए गए। इनमें समुद्र के खारे पानी को पीने लायक बनाया जाता है। फिर 2003 में सिंगापुर ने न्यू वाटर कंपनी बनाई। कि कंपनी एडवांस टेक्नोलॉजी के जरिए खराब पानी को पीने
14:03
Speaker A
वाले पानी में बदलती है। आज [संगीत] के दिन सिंगापुर की जरूरत का 40% पानी यही कंपनी प्रोवाइड करती है। इस तरह सिंगापुर के पास ताजा पानी के चार रेगुलर सोर्सर्सेस हो चुके हैं। इसको फोर टैप्स स्ट्रेटजी भी कहते हैं। जो देश कभी दूसरों
14:18
Speaker A
पर निर्भर था आज वो वाटर मैनेजमेंट की मिसाल बन चुका है। अब तीसरी चुनौती पर आते हैं। यह थी अर्थव्यवस्था। 1965 में मलेशिया का मार्केट उसके हाथ से निकल गया था। 19 लाख लोगों के देश में 1 लाख से
14:31
Speaker A
ज्यादा लोग बेरोजगार थे। सिंगापुर के पास ना कच्चा तेल था, ना गैस और ना सोना, चांदी या मिनरल्स ही थे। वहां खेती लायक जमीन काफी कम थी और और तो और सिंगापुर में ऐसी कोई इंडस्ट्री नहीं थी जो दुनिया को
14:43
Speaker A
एक्सपोर्ट करती हो। अब सिंगापुर क्या करें? सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद जो देश आजाद हुए थे, वे अपने यहां कमोबेश एक जैसी पॉलिसीज ला रहे थे। उनका मानना यह था कि विदेशी कंपनियां दुश्मन है। उन्हें नेशनलाइज कर देना चाहिए। उन पर प्रतिबंध
14:56
Speaker A
लगाना चाहिए। उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए। भारत लाइसेंस राज बना रहा था। जहां एक फैक्ट्री खोलने के लिए लगभग 80 कागजों की जरूरत पड़ती थी। इजिप्ट ने स्वेस नहर को नेशनलाइज कर दिया। इंडोनेशिया ने डच संपत्तियों पर कब्जा कर
15:10
Speaker A
लिया था। तंजानिया, घाना गिनी, अल्जीरिया जैसे देश सरकारी कंपनियां बनाने पर ध्यान दे रहे थे। इन देशों का पूरा ध्यान विदेशी कंपनियों को बाहर रखने पर था। लेकिन लीगान यूनिस के उलट जाने का फैसला किया। सिंगापुर के पास ना तो पूंजी थी, ना
15:24
Speaker A
बाजार। यह दोनों उन्हीं कंपनियों से मिल सकते थे जिन्हें थर्ड वर्ल्ड के देश अपने यहां से निकाल रहे थे। इस काम में इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड ईडीबी की मदद ली गई। सिंगापुर ने 1961 में ईडीबी बनाई थी। तब इसका मकसद रोजगार बढ़ाने पर था। आजादी
15:38
Speaker A
के बाद इसका दायरा बढ़ गया था। लीकआ न्यू ने ईडीबी में काम करने वाले नौजवानों को दुनिया भर के फाइनेंशियल सेंटर्स में भेजा। न्यूयॉर्क, लंदन, टोक्यो, पेरिस, हस्टन आदि जगहों पर गए। उनका एक ही मिशन था। उन्हें दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों
15:52
Speaker A
को सिंगापुर आने के लिए तैयार करना था। इसके लिए उन्होंने ऐसा प्रपोजल दिया जो उस समय कोई दूसरा देश नहीं दे रहा था। सिंगापुर का ऑफर था आप हमारे यहां अपनी फैक्ट्री लगाइए। हम आपको टैक्स हॉलिडे देंगे। आपको बढ़िया इंडस्ट्रियल लैंड
16:05
Speaker A
मिलेगा। आपको इंग्लिश बोलने वाले डिसिप्लिंड वर्कर्स मिलेंगे। वो भी कम खर्च में। हमारी गारंटी है कि आपकी फैक्ट्रियों में कभी हड़ताल नहीं होगी। आपको भ्रष्टाचार से नहीं जूझना पड़ेगा और आपकी कंपनी को कभी नेशनलाइज भी नहीं किया जाएगा। 1968 में टैक्सेस इंस्ट्रूमेंट
16:20
Speaker A
सिंगापुर आने वाली पहली बड़ी कंपनी बनी। यह सेमीकंडक्टर चिप्स बनाती है। इसके बाद एचपी, जनरल इलेक्ट्रिक, मोब शेल जैसी कंपनियों ने भी दिलचस्पी ली। फिर तो आने वालों की लाइन लग गई। 1970 के दशक तक 200 से ज्यादा मल्टीीनेशनल कंपनियां सिंगापुर
16:36
Speaker A
में प्रोडक्ट्स बनाकर दुनिया में बेच रही थी। इससे हजारों लोगों को नौकरियां मिली। सिंगापुर को टेक्नोलॉजी और स्किल हासिल हुआ और उनके पास अच्छा खासा पैसा भी आया। इस पैसे से उन्होंने अपना इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर किया और दूसरे सेक्टर्स को बढ़ाने
16:49
Speaker A
पर जोर दिया। हम आते हैं चौथी चुनौती पर। घर की कमी। कारखाने बनाना अच्छी बात है। मजदूरों को नौकरी देते हैं। लेकिन जिन मजदूरों के सिर पर अपनी छत और बैंक में बचत ना हो उन्हें कभी भी भड़काया जा सकता है। डीकवान यू
17:05
Speaker A
प्रधानमंत्री बनने से पहले ऐसे आंदोलनों में शामिल हुए थे। इसलिए वह [संगीत] यह बात अच्छी तरह से समझते थे। 1960 में केवल 9सदी सिंगापुर वासी सरकारी फ्लैट्स में रहते थे। लगभग 70% लोग भीड़भाड़ और गंदगी में जीते थे और बाकी आबादी झुग्गी झोपियों
17:20
Speaker A
में रह रही थी। यह ना तो लोगों की हेल्थ के लिए ठीक [संगीत] था ना ही सिंगापुर के लिए। सबसे जरूरी चीज यह लोगों की डिग्निटी के साथ भी खिलवाड़ था। ऐसे माहौल में विकसित सिंगापुर की कल्पना भी नहीं की जा
17:31
Speaker A
सकती थी। इसको ठीक करने के लिए लीकानियो ने 1960 में हाउसिंग [संगीत] एंड डेवलपमेंट बोर्ड एचडीबी बनाया था। इसकी कमान लिम किमसान को दी गई। वह पेशे से इंजीनियर [संगीत] थे। उन्होंने सिंगापुर को बदल कर रख दिया। उन्हें झुग्गियों की
17:45
Speaker A
जगह पर सरकारी फ्लैट्स बनाने का मैंडेट मिला था। 1960 से 1965 [संगीत] के बीच एचडीबी ने 54,000 से ज्यादा फ्लैट्स बनाए। ब्रिटिश सरकार दशकों के शासन में इतने फ्लैट्स [संगीत] नहीं बना पाई थी। आजादी के बाद एचडीबी का काम और बढ़ गया। सरकार
18:00
Speaker A
ने इमारत बनाने के साथ-साथ सोशल इंजीनियरिंग पर भी ध्यान दिया था। जाति समूह के आधार पर बने एनक्लेव्स को खत्म कर दिया गया। नई बनी इमारतों को मिक्स्ड रखा [संगीत] गया। चीनी, मले और भारतीय मूल के परिवारों को जानबूझकर एक साथ बसाया गया।
18:14
Speaker A
वह एक ही लिफ्ट का इस्तेमाल करते थे और उनके बच्चे एक ही मैदान में खेलते थे। इसने अलग-अलग धड़े के लोगों को एकजुट करने में मदद की और उनके आपसी मतभेद मिटाने [संगीत] में भी बड़ी भूमिका निभाई। फिर
18:25
Speaker A
1968 में सरकार सेंट्रल प्रोविडेंट फंड सीपीएफ का सिस्टम लेकर आई। यह एक कंपलसरी सेविंग [संगीत] स्कीम थी। इसमें वर्कर्स की सैलरी का एक हिस्सा जमा होता था। कुछ पैसा कंपनी भी देती थी। सिंगापुर के लोग सीपीएफ में होने वाली बचत से फ्लैट्स खरीद
18:40
Speaker A
सकते थे। इस डिसीजन ने उन्हें रातोंरात किराएदार से मकान मालिक बना दिया था। लोगों को लगने लगा कि इस देश में उनकी भी हिस्सेदारी है। आज सिंगापुर के लगभग 80% लोग एचटीबी फ्लैट्स [संगीत] में रहते हैं। उनमें से 90% लोग अपने घरों के मालिक हैं।
18:55
Speaker A
सिंगापुर के सामने जो पांचवी चुनौती थी वो थी भाषा की। आजादी के समय सिंगापुर में चार भाषाओं का वर्चस्व था। मलय, मेंडरन, तमिल और इंग्लिश। चारों भाषाओं में सरकार चलाना कॉम्प्लेक्स था। खटचीला भी लेकिन एक को चुना जाता तो दूसरी भाषा वाले नाराज हो
19:10
Speaker A
सकते थे। इससे बचने के लिए कॉमन लैंग्वेज की जरूरत थी। काफी सोच विचार करने के बाद इंग्लिश को कॉमन वर्किंग लैंग्वेज बनाया गया। सरकार का कामकाज इंग्लिश में होता था। स्कूलों में इंग्लिश को प्राथमिकता दी गई लेकिन बच्चे साथ में अपनी मातृभाषा भी
19:24
Speaker A
पढ़ सकते थे। शुरुआत में इसका भारी विरोध हुआ। आरोप लगा कि सरकार पश्चिमी सभ्यता के सामने सरेंडर कर रही है लेकिन बाद में चीजें नॉर्मल हो गई। इंग्लिश मीडियम में पढ़े बच्चे इंटरनेशनल वर्क कोर्स में शामिल होने के लिए तैयार थे। वे दुनिया
19:38
Speaker A
में किसी भी जगह किसी भी माहौल में काम कर सकते थे। छठी चुनौती थी भ्रष्टाचार की। कॉलोनियल रूल से आजाद हुए देशों में भ्रष्टाचार की समस्या कॉमन रही है। सिंगापुर ने शुरुआत से ही इसका ध्यान रखा। वहां ब्रिटिश रूल के दौरान करप्ट
19:52
Speaker A
प्रैक्टिससेस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो बनाया गया था। सीपीआईबी इसे भ्रष्ट लोगों पर कारवाई करने के इरादे से बनाया गया था। आजादी के बाद सरकार ने इसकी शक्तियां कई गुना बढ़ा दी। नए कानून बनाकर इसे मजबूत बनाया गया। सीबीआई भी सीधे प्रधानमंत्री
20:06
Speaker A
को रिपोर्ट करती है। लेकिन यह चाहे तो प्रधानमंत्री के खिलाफ भी जांच बिठा सकती है। अगर सिंगापुर का कोई नागरिक देश से [संगीत] बाहर भ्रष्टाचार करता है तो भी सीपीआईबी उसके खिलाफ कारवाई कर सकती है। करप्शन केसेस में दोषी पाए जाने वालों पर
20:21
Speaker A
कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा गंभीर मामलों में संपत्तियां भी ज्त की जाती हैं। इन नियमों का कड़ाई और ईमानदारी से पालन होता है। अतीत में कई मंत्रियों और सीनियर अफसरों को सजा हो चुकी है। लीकान यू कहा करते थे पब्लिक
20:36
Speaker A
सर्वेंट्स को अच्छी सैलरी दो। उन पर पूरी निगरानी रखो और गलती करने पर सजा भी दो। सीपीआईबी ने इसका पालन कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। रिजल्ट्स देखिए। आज के समय में सिंगापुर दुनिया के तीन सबसे कम
20:48
Speaker A
भ्रष्ट देशों में आता है। वहां 2024 में करप्शन के 75 मामले दर्ज हुए थे। 2025 में संख्या घटकर हो गई है 68। इससे आप सिंगापुर की स्थिति को बखूबी समझ सकते हैं। यह लीन यूके मेजर पॉलिसी डिसीजंस थे
21:03
Speaker A
जिसने सिंगापुर को दुनिया के विकसित देशों की कतार में पहुंचा दिया। ली ने कुछ और भी छोटे-मोटे फैसले लिए थे जिनकी ज्यादा चर्चा नहीं होती लेकिन उनके बिना सिंगापुर की तरक्की आसान नहीं होती। 1959 में जब ली कुान यू पहली बार प्रधानमंत्री बने सरकार
21:17
Speaker A
लंबे चौड़े [संगीत] घाटे में चल रही थी। ली ने तय किया कि मंत्रियों की सैलरी घटाई जाएगी। फिर उन्होंने सरकारी अफसरों को मिलने वाला भत्ता भी काट दिया। इसको लेकर बवाल होने लगा। लेकिन ली पीछे नहीं हटे। उन्होंने तय किया था कि कभी कठोर फैसले
21:30
Speaker A
लेने से वो नहीं हिचकेंगे। उनका मैसेज बेहद साफ था कि वे सत्ता का सुख भोगने नहीं बल्कि काम करने आए हैं। लीन [संगीत] यू ता उम्र इसी स्ट्रेटजी पर चले। उन्होंने कभी इससे समझौता नहीं किया। 1959 में ली ने एक और दिलचस्प डिसीजन लिया था।
21:45
Speaker A
[संगीत] एक तरफ सरकार घाटे में चल रही थी और दूसरी तरफ उन्होंने सरकारी दफ्तरों में एयर कंडीशनर लगाने का आदेश दिया। [संगीत] इससे अच्छा खासा पैसा खर्च होने वाला था। लेकिन ली को इसमें बढ़िया रिटर्न दिखाई दे रहा था। उनके लिए एसी लग्जरी नहीं बल्कि
21:59
Speaker A
बेसिक जरूरत की चीज थी। ली का मानना था कि ज्यादा टेंपरेचर और ह्यूमिडिटी में काम करना मुश्किल होता है। इससे [संगीत] प्रोडक्टिविटी भी घटती है। अगर आप स्टाफ मेंबर्स की सहूलियत का ख्याल रखेंगे तो वे दोगुनी रफ्तार से काम करेंगे। इससे सेम
22:12
Speaker A
सैलरी पर दोगना काम निकाला जा सकता है। लीगआ न्यूज़ सिंगापुर की सफलता का क्रेडिट एयर कंडीशनर को भी देते थे। वह कहा करते थे कि एयर कंडीशनर 20वीं सदी का सबसे जरूरी आविष्कार है। डी का अगला डिसीजन महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा था। 1959
22:27
Speaker A
में सिंगापुर एक पितृसत्तात्मक पेटियर्कल समाज था। वहां पॉलीगमी को कानूनी मान्यता मिली हुई थी। संपन्न परिवारों में कंफर्ट वुमेन रखना आम [संगीत] बात थी। महिलाओं को समान काम के लिए पुरुषों से कम वेतन मिलता था। बच्चियों को अक्सर मेड के तौर पर
22:42
Speaker A
खरीदा बेचा जाता था। लीगान यू की सरकार इसको ठीक करने के लिए वुमस [संगीत] चार्टर लेकर आई। इसके तहत मुस्लिमों को छोड़कर बाथरूम के लिए बहु विभाग गैरकानूनी बना दिया गया। शादी में महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिए गए। घरेलू हिंसा से
22:56
Speaker A
बचाने की व्यवस्था की गई। आगे चलकर सरकार ने बराबर वेतन के लिए भी नियम बनाए। उस दौर में यह कदम उठाना आसान नहीं था। लीकवान यू नवंबर 1990 तक प्रधानमंत्री [संगीत] रहे। फिर उन्होंने कुर्सी छोड़ दी। 2015 में उनकी मृत्यु हो गई। लेकिन
23:11
Speaker A
सिंगापुर पर उनकी छाप आज तक दिखाई देती है। उनका बनाया सिंगापुर कहां तक पहुंचा है? कुछ आंकड़ों से समझ लेते हैं। मौजूदा समय में सिंगापुर दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक है। 1965 में सिंगापुर की प्रति व्यक्ति आय $517 थी। 2025 में
23:26
Speaker A
आंकड़ा $1 लाख से ऊपर पहुंच गया। यह बढ़ोतरी 200% से भी ज्यादा है। 1965 में बेरोजगारी दर लगभग 14% [संगीत] थी। आज के समय में यह 2% से भी कम है। 1965 में सिंगापुर की जीडीपी 1 बिलियन थी।
23:42
Speaker A
2025 में जीडीपी $50 बिलियन को पार कर चुकी [संगीत] है। 1965 में सिंगापुर का खजाना मुश्किल में था। आज उसके सोवरन वेल्थ फंड में लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर मौजूद है। 1965 में सिंगापुर के लोगों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी [संगीत]
23:58
Speaker A
65 साल थी। अब यह 84 साल है। 1965 में 1 लाख में से 3000 [संगीत] बच्चों की मृत्यु जन्म के समय हो जाती थी। आज ही गिरकर 150 पर पहुंच गया है। बच्चों के जन्म के मामले में सिंगापुर सबसे सुरक्षित देशों [संगीत]
24:10
Speaker A
में से एक है। सिंगापुर में आज तक कोई तख्ता पलट नहीं हुआ। उसने कभी जंग नहीं लड़ी। वहां कभी अकाल नहीं पड़ा और कभी बैंकिंग प्राइसेस [संगीत] नहीं आई हैं। 2008 की मंदी और कोविड-19 महामारी में भी सिंगापुर को ज्यादा नुकसान
24:23
Speaker A
नहीं हुआ। इन सबके अलावा दुनिया का सबसे बेहतरीन चांगी एयरपोर्ट सिंगापुर में है। दुनिया का दूसरा सबसे व्यस्त बंदरगाह सिंगापुर में है। एशिया में सबसे कम भ्रष्टाचार सिंगापुर में होता है। सिंगापुर में वायलेंट क्राइम्स ना के बराबर होते हैं। सिंगापुर के एजुकेशन
24:38
Speaker A
सिस्टम की मिसालें भी दी [संगीत] जाती हैं और सिंगापुर में 70% से ज्यादा लोगों के पास अपना घर है। यह आंकड़े किसी भी देश को विकसित [संगीत] साबित करने के लिए काफी हैं। सिंगापुर विकसित है भी लेकिन उसकी
24:48
Speaker A
कुछ कमियां भी हैं। सिंगापुर में 1959 से एक ही पार्टी का शासन है। वहां [संगीत] अब तक चार प्रधानमंत्री हुए हैं। चारों मगर एक ही पार्टी से रहे हैं। सिंगापुर में कहने को लोकतंत्र है। लेकिन असल में यह डायनेस्टिक
25:02
Speaker A
सिस्टम बनता जा रहा है। जहां कुर्सी परिवार की जगह पार्टी के अंदर ट्रांसफर होती रहती है। सिंगापुर में विपक्षी पार्टियों, नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि को अक्सर कानूनी पछड़े का सामना करना पड़ता है। उन्हें प्रदर्शन या रैली करने की इजाजत बहुत कम मिलती है। फ्रीडम
25:17
Speaker A
[संगीत] ऑफ एक्सप्रेशन में भी सिंगापुर पीछे है। मीडिया सरकार के नियंत्रण में काम करता है। प्रेस फ्रीडम में सिंगापुर [संगीत] 123वें नंबर पर है। इसके अलावा वेल्थ इनकलिटी, टॉक्सिक वर्क कल्चर, कॉस्ट ऑफ लिविंग में बढ़ोतरी, हाउस एंड क्राइसिस
25:29
Speaker A
[संगीत] जैसे मसले भी हैं। उनको लेकर सरकार पर सवाल उठते रहते हैं। सवाल उठने भी चाहिए। वो कहते हैं ना विद बिगर पावर कम बिगर रिस्पांसिबिलिटीज। इन सबके बावजूद सिंगापुर की अब तक की यात्रा बेहद यादगार रही है। इसको [संगीत] भारत से कंपेयर करके
25:44
Speaker A
देखेंगे तो पता चल पाएगा कि हम कहां पीछे छूट गए। हमारे पास सब कुछ था, [संगीत] लोग थे, नेचुरल रिसोर्सेज थे, जमीन थी मगर इच्छाशक्ति की कमी ने हमें पीछे छोड़ दिया। क्या हमारे पास वक्त बचा है? क्या
25:57
Speaker A
हम सिंगापुर की कहानी से कुछ सीख सकते हैं? आपको क्या लगता है? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए। इस वीडियो को यहीं पर समाप्त करते हैं। अगर वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर करते रहिए।
26:08
Speaker A
हमारे [संगीत] चैनल क्यूरिस्तान को सब्सक्राइब भी कर लीजिए। यह तमाम जानकारी आपके लिए लेकर आए [संगीत] थे अभिषेक कुमार। नए वीडियो में नई कहानी के साथ आपसे फिर मुलाकात होगी। तब तक के लिए मुझे विदा दीजिए। बहुत-बहुत शुक्रिया।
Topics:सिंगापुरलीन कुआन यूआर्थिक विकासमलक्का स्ट्रेटपीपल्स एक्शन पार्टीब्रिटिश शासनजापानी कब्जासिंगापुर की सफलतासिंगापुर की अर्थव्यवस्थासिंगापुर की राजनीति

Get More with the SozAI App

Transcribe recordings, audio files, and YouTube videos — with AI summaries, speaker detection, and unlimited transcriptions.

Or transcribe another YouTube video here →