बेंगलुरु की जमीन और रियल एस्टेट के असली मालिक कौन हैं, उनकी कहानी और शहर के विकास का इतिहास।
Key Takeaways
- बेंगलुरु के रियल एस्टेट का नियंत्रण कुछ परिवारों के हाथ में है।
- IT बूम ने शहर के आर्थिक और रियल एस्टेट विकास को गति दी।
- किसानों की जमीन पर शहर का विस्तार हुआ, जिससे सामाजिक और आर्थिक असमानताएं भी बढ़ीं।
- REIT जैसे वित्तीय उपकरणों ने रियल एस्टेट निवेश के नए रास्ते खोले।
- विदेशी निवेश बेंगलुरु के रियल एस्टेट क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
What the video covers
- बेंगलुरु के व्यावसायिक और रिहायशी रियल एस्टेट का बड़ा हिस्सा सात-आठ परिवारों के पास है।
- Prestige Group, Embassy Group, Bagmane Developers, RMZ Corp, Sobha, Puravankara, Brigade जैसे बड़े डेवलपर्स की स्थापना और विकास की कहानी।
- 1980-90 के दशक में IT बूम के कारण बेंगलुरु की मांग और रियल एस्टेट का विस्तार हुआ।
- किसानों की जमीन पर शहर का विस्तार हुआ, जिससे जमीन के असली मालिकों की कहानी भी जुड़ी है।
- Embassy Group ने भारत की पहली सूचीबद्ध REIT शुरू की, जिससे आम निवेशकों के लिए रियल एस्टेट में निवेश संभव हुआ।
- हर कंपनी की शुरुआत साधारण परिवार या व्यवसाय से हुई, जैसे कपड़े की दुकान या छोटे ठेकेदार।
- बेंगलुरु का विकास इंजीनियरिंग और IT कंपनियों के कारण हुआ, जिसने रियल एस्टेट की मांग बढ़ाई।
- विदेशी निवेशकों जैसे Blackstone और Qatar Investment Authority ने भी बेंगलुरु के रियल एस्टेट में निवेश किया।
- बेंगलुरु की रियल एस्टेट कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है, खासकर Outer Ring Road के आसपास।
- यह कहानी बेंगलुरु की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को भी दर्शाती है।
Chapters
- 00:00बेंगलुरु की व्यावसायिक तस्वीर और असली मालिक
- 01:05बेंगलुरु के प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर्स का परिचय
- 02:15बेंगलुरु का इंजीनियरिंग और IT इतिहास
- 03:25Prestige Group की स्थापना और विकास
- 04:41Puravankara और Brigade Group की कहानी
- 06:02Sobha Limited और रियल एस्टेट का पहला अध्याय
- 07:14Embassy Group और REIT का नया युग
- 08:33Bagmane Developers और IT Tech Parks
- 09:35RMZ Corp और विदेशी निवेश
- 10:47किसानों की जमीन से शहर तक की कहानी और सामाजिक पहलू
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Speaker A
बेंगलुरु। एक शाम Outer Ring Road। अगर आप शाम के 5:00 बजे Outer Ring Road पर खड़े हो जाएं और चारों तरफ देखें तो एक तस्वीर बनती है। एक तरफ कांच की एक बड़ी इमारत, दूसरी तरफ एक Tech Park,
Speaker A
सामने एक पूरा Mall, पीछे एक ऊंचा Housing Tower। अलग-अलग रंग, अलग-अलग नाम, अलग-अलग कंपनियां अंदर। पर एक बात है जो शायद आप नहीं जानते। इन सारी इमारतों के पीछे असली मालिक बहुत कम हैं। सात आठ परिवार। यही
Speaker A
पूरे बेंगलुरु के व्यावसायिक नक्शे को चलाते हैं। एक कारोबारी शहर, हिंदुस्तान की Silicon Valley, दुनिया की सबसे बड़ी Tech कंपनियों का दफ्तर। पर उस शहर की जमीन के असली मालिक गिनती के। अब एक सवाल अगर बेंगलुरु हर हिंदुस्तानी का शहर है तो असल में इसका मालिक कौन है?
Speaker A
और उससे भी बड़ा सवाल यह पूरा साम्राज्य जिस जमीन पर खड़ा है, कभी उस पर धान उगता था, रागी उगती थी, सब्जियां उगती थीं। उन खेतों के मालिक कहां गए? रुकिए, यहां एक बात है जो शायद आप नहीं जानते। आज बेंगलुरु के व्यावसायिक Real Estate का एक बड़ा हिस्सा
Speaker A
सिर्फ कुछ नामों के पास है। Prestige Group, Embassy Group, Bagmane Developers, RMZ Corp, Sobha, Puravankara, Brigade इनमें से कोई एक अरब डॉलर से भी ऊपर की संपत्ति रखता है। कोई देश की सबसे बड़ी Real Estate listing करता है। कोई एशिया के सबसे बड़े Real Estate Investment Trust का हिस्सा
Speaker A
है। पर इनमें से ज्यादातर की शुरुआत बहुत साधारण थी। एक कपड़े की दुकान, एक छोटा Construction ठेकेदार, एक Technocrat, जिसने IT कंपनियों की जरूरत को समझा और उनकी सफलता के पीछे एक बहुत बड़ा दूसरा कहानी है। बेंगलुरु के आसपास के गांवों के किसान
Speaker A
जिनकी जमीन धीरे-धीरे शहर बन गई। आज की कहानी उन दोनों की है जो ऊपर आए और जो पीछे रह गए। यह India's Richest है। यहां हम वो कहानियां सुनाते हैं जो TV पर नहीं आती। नया episode हर दिन subscribe करिए मुफ्त
Speaker A
है। शुरू करते हैं थोड़ा पीछे से। 80 के दशक का बेंगलुरु। एक साफ-सुथरा शहर, ठंडी हवा, बगीचे। सेवानिवृत्त लोगों का पसंदीदा। मुंबई की भीड़ नहीं, दिल्ली की गर्मी नहीं, कोलकाता की उमस नहीं। पर एक चीज थी Engineering की एक
Speaker A
पुरानी परंपरा Indian Institute of Science। कई सरकारी रक्षा प्रयोगशालाएं। HAL जैसी बड़ी कंपनियां। एक ऐसा शहर जहां Engineer पैदा होते थे और जहां Engineer बसना चाहते थे। फिर 1982 में एक कंपनी शुरू हुई Infosys।
Speaker A
फिर धीरे-धीरे Wipro का Software कारोबार बड़ा हुआ। फिर Texas Instruments ने अपना पहला भारतीय दफ्तर खोला। 90 के दशक में अमेरिका की एक चीज बदली। भारत की किस्मत बदल गई। Y2K bug एक तकनीकी समस्या जो नए Millennium पर अमेरिका के Computer system को हिला सकती थी।
Speaker A
अमेरिकी कंपनियों को हजारों Programmers की जरूरत पड़ी। जल्दी सस्ते में और बेंगलुरु के पास वो सब था। अंग्रेजी बोलने वाले Engineer कम पगार दुनिया के लिए तैयार। अगले 10 साल में बेंगलुरु दुनिया के नक्शे पर आ गया। TCS,
Speaker A
Infosys, Wipro, Accenture, IBM, Oracle, Microsoft सब बेंगलुरु में। पर इन सारी कंपनियों को एक ही चीज चाहिए थी। दफ्तर, लाखों लाख वर्ग फुट का दफ्तर। और यहीं से बेंगलुरु के असली मालिकों की कहानी शुरू होती है। पहला नाम
Speaker A
Prestige Group। पर Prestige कोई 90 के दशक की company नहीं है। इसकी असली शुरुआत बहुत पहले हुई। 1950 बेंगलुरु की Commercial Street एक छोटी सी दुकान खुली। Prestige House for Men मालिक का नाम रज्जाक सत्तार। एक कच्ची मेमन मुसलमान परिवार से एक कपड़े और
Speaker A
सिलाई की दुकान। पुरुषों के लिए बेंगलुरु के अंग्रेजी बोलने वाले तबके के बीच धीरे-धीरे नाम कमाया। तीन दशक बाद रज्जाक सत्तार ने कुछ बड़ा सोचा। 1986 रज्जाक सत्तार ने Prestige Group की औपचारिक शुरुआत की Real Estate में। एक कपड़े
Speaker A
की दुकान से Real Estate की छलांग। अगले सालों में उनके बेटे इरफान रज्जाक, रजवान और नौमान कारोबार से जुड़े। इरफान रज्जाक ने कमान संभाली। 35 साल के इरफान ने बेंगलुरु के व्यावसायिक और रिहायशी बाजार में एक-एक कदम रखा। आज Prestige Group की परियोजनाएं बेंगलुरु,
Speaker A
चेन्नई, हैदराबाद, कोच्चि, मुंबई, गोवा और दिल्ली NCR तक फैली हैं। 300 से ज्यादा पूरी हो चुकी। 2024 की Forbes India की सूची में इरफान रज्जाक की व्यक्तिगत संपत्ति लगभग 6 अरब डॉलर आंकी गई। भारत के 100 सबसे धनी लोगों में एक Commercial Street की दुकान से
Speaker A
देश की दूसरी सबसे बड़ी listed Real Estate company तक। दूसरा नाम Puravankara। 90 के दशक से भी पुराना। 1975 में स्थापित संस्थापक रवि Puravankara। रवि Puravankara ने बेंगलुरु में तब कदम रखा जब यह शहर सिर्फ एक Pensioners का शहर माना जाता था। Puravankara ने रिहायशी बाजार
Speaker A
पर ध्यान दिया। मध्यम वर्ग के लिए ठीक ठाक Flat, समय पर Delivery, साफ कागजात। धीरे-धीरे उन्होंने एक और brand जोड़ा Provident Housing किफायती घरों के लिए और Purva Land plot के लिए एक company। कई तबके हर बजट के लिए एक विकल्प। तीसरा नाम
Speaker A
Brigade Group। 1986 संस्थापक एम आर जयशंकर। Brigade ने भी बेंगलुरु से शुरुआत की। रिहायशी, व्यावसायिक, बाद में शिक्षा और आतिथ्य। आज Brigade बेंगलुरु के मध्यम और उच्च मध्यम वर्ग के लिए एक पहचाना हुआ नाम है। चौथा नाम Sobha Limited। 1995
Speaker A
संस्थापक PNC मेनन। एक केरल के इंसान जिन्होंने पहले ओमान में कारोबार किया। फिर हिंदुस्तान लौटकर बेंगलुरु में एक नया अध्याय शुरू किया। Sobha की पहचान बेहतरीन तामीर, हर एक ईंट, हर एक finish पर ध्यान। 2006 में Sobha शेयर बाजार में list हुई। कहा जाता है उनका IPO लगभग
Speaker A
126 गुना oversubscribe हुआ। भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास का एक बड़ा आंकड़ा। अब यहां रुकिए क्योंकि इन चार नामों तक की कहानी पुरानी पीढ़ी की है। बेंगलुरु के real estate का पहला अध्याय। दूसरा अध्याय शुरू होता है 90 के दशक के मध्य
Speaker A
से जब IT boom ने पूरे शहर की मांग को बदल दिया। 1993 बेंगलुरु एक 27 साल का नौजवान नाम जितेंद्र वीरवानी छोटा नाम जीतू वीरवानी। कहा जाता है दोस्तों से करीब 40 लाख रुपए जुटाए। एक construction company शुरू की। नाम रखा Embassy। पहली परियोजना
Speaker A
बेंगलुरु में एक 48 हज़ार वर्ग फुट का दफ्तर, एक छोटा सा भवन। पर उस दौर के बेंगलुरु में यह एक बड़ी बात थी क्योंकि IT कंपनियां आ रही थीं और वो सब पश्चिमी तरह की कांच वाली इमारतों की तलाश में थीं। जीतू वीरवानी ने वही बनाना शुरू किया।
Speaker A
अगले 15-20 सालों में Embassy Group बेंगलुरु के सबसे बड़े व्यावसायिक बिल्डरों में गिनी जाने लगी। पर सबसे बड़ी बात तो अभी आनी थी। 2019 Embassy Group ने अमेरिकी निवेश दिग्गज Blackstone के साथ मिलकर एक बड़ा कदम उठाया। Embassy Office Parks
Speaker A
Real Estate Investment Trust। छोटा नाम Embassy REIT भारत की पहली सूचीबद्ध REIT, एशिया की सबसे बड़ी सूचीबद्ध office REIT। एक तरह से यह हिंदुस्तान के real estate के लिए एक नया दरवाजा था। पहले real estate में निवेश करना मतलब सीधे जमीन खरीदना। बहुत बड़ा पैसा,
Speaker A
बहुत बड़ा जोखिम। REIT के बाद एक आम निवेशक भी शेयर बाजार के जरिए बड़ी व्यावसायिक इमारतों में एक छोटा हिस्सा खरीद सकता था। Embassy REIT ने वो रास्ता खोला। आज Embassy Group का portfolio लगभग साढ़े 8 करोड़ वर्ग फुट से ऊपर बताया जाता है। दफ्तर,
Speaker A
रिहायशी, आतिथ्य, औद्योगिक 40 लाख से लगभग एक शहर तक। पांचवां नाम Bagmane Developers 1996 संस्थापक राजा Bagmane एक कन्नड़ वोक्कालिगा परिवार से। राजा Bagmane ने एक खास चीज पर ध्यान दिया। सिर्फ IT Tech Park। 2001 में उन्होंने Bagmane Tech Park खोला। लगभग 47 लाख वर्ग फुट का एक बड़ा campus।
Speaker A
बेंगलुरु के सबसे शुरुआती IT पार्कों में से एक। अगले सालों में Bagmane Tech Park में Nike, Boeing, Cisco, Volvo, Dell और PwC जैसी कंपनियों के दफ्तर आए। 2026 के मध्य तक अमेरिकी software दिग्गज Salesforce भारत में अपना पहला Salesforce Tower भी Bagmane Tech Park में ही खोलने वाली है। लगभग
Speaker A
6 लाख वर्ग फुट। राजा Bagmane के दो बेटे आदित्य Bagmane और शशांक Bagmane आज company के निदेशक हैं। एक अकेली family, एक अकेला brand पर बेंगलुरु के IT नक्शे पर एक बड़ी छाया। छठा नाम RMZ Corp 2002 में स्थापित संस्थापक
Speaker A
अर्जुन Menda और उनके दो बेटे राज Menda और मनोज Menda। अर्जुन Menda IIT खड़गपुर के पूर्व छात्र, पहले Mahindra and Mahindra और Gabriel India जैसी कंपनियों में काम किया। बाद में के Raheja Group के साथ जुड़े। एक
Speaker A
बात यहां रुककर समझिए। अर्जुन Menda की शादी के Raheja Group के अध्यक्ष चंद्रू Raheजा की बहन से हुई है। इसलिए Menda और Raheja परिवार में एक पुराना रिश्ता है। 2002 में अर्जुन Menda और उनके परिवार ने RMZ की
Speaker A
शुरुआत की। अगले सालों में यह company बेंगलुरु के सबसे बड़े निजी real estate developers में गिनी जाने लगी। 2012 में Baring Private Equity Partners ने RMZ में लगभग 100 million dollar का निवेश किया। 2013 में Qatar Investment Authority ने लगभग 300 million dollar लगाकर
Speaker A
21% हिस्सेदारी ली। 2023 के 361 Wealth Hurun India Rich List के मुताबिक अर्जुन Menda और उनका परिवार बेंगलुरु का सबसे धनी परिवार बने। अनुमानित संपत्ति लगभग 37 हज़ार करोड़ रुपये। एक engineer जो एक कारखाने से शुरू हुआ और जो एक शहर के सबसे बड़े मालिकों में से एक बन गया। सात नाम,
Speaker A
सात परिवार। पर इस पूरी कहानी में एक और पक्ष है जिसकी बात कम होती है। बेंगलुरु के बाहरी इलाके के गांव Outer Ring Road। कहा जाता है इसकी शुरुआत 1996 के आसपास हुई। सरकार ने एक
Speaker A
लगभग साढ़े 62 किलोमीटर पर सिर्फ सड़क नहीं। कहा जाता है सड़क के दोनों तरफ ढाई सौ मीटर की जमीन भी अधिग्रहित करने की योजना बनी ताकि आगे चलकर निजी बिल्डरों को दी जा सके । उस समय के अखबारी रिपोर्ट्स के मुताबिक,
Speaker A
किसानों को उस दौर में लगभग साढ़े 3 लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया गया। एक साधारण किसान जिसकी जमीन पर धान और रागी उगती थी, जिसके पास एक दो एकड़ थी, उसे कुछ लाख रुपये मिले। फिर वो जमीन बिल्डरों को गई। अगले 15
Speaker A
सालों में उसी जमीन पर कांच के tower उठे। हर वर्ग फुट का दाम हजारों में, कुछ locations पर लाखों में। एक तरफ किसान जिसे कुछ लाख मिले, दूसरी तरफ बिल्डर जिसकी संपत्ति करोड़ों में। एक जगह दो कहानियां। Bellandur का एक उदाहरण लीजिए। बेंगलुरु दक्षिण तालुक का एक
Speaker A
गांव सरजापुर बाहरी Ring Road के पास । कहा जाता है 90 के दशक की शुरुआत तक Bellandur एक हरा भरा गांव था। सब्जियां, dairy मछली ये सब बेंगलुरु शहर को यहां से जाता। फिर IT क्षेत्र फैलना शुरू हुआ,
Speaker A
खेत घटने लगे। एक report के मुताबिक बेल्लंदूर पंचायत के पांच गांवों की जनसंख्या 1992 में लगभग साढ़े तीन हज़ार थी। 2002 में साढ़े सात हज़ार और 2004 के आसपास लगभग डेढ़ लाख हो चुकी थी। कुछ ही सालों में एक गांव
Speaker A
एक भीड़ भरा उपनगर बन गया। खेत गायब, तालाब सिकुड़े, मछुआरों के पेशे खत्म। कई किसानों ने अपनी जमीन का कुछ हिस्सा बेचकर बहुमंजिला मकान बना लिए। मजदूरों को किराए पर देने लगे । एक तरह से यह उनका नया व्यवसाय बना,
Speaker A
पर उसमें उतनी दौलत नहीं थी जितनी उस जमीन में जो बिल्डरों के हाथ चली गई। एक एकड़ जमीन जो साढ़े 3 लाख में गई। उसी एकड़ पर बनी इमारत जिसकी कीमत आज सैकड़ों करोड़ में। यह अंतर एक कहानी है एक शहर के दो
Speaker A
हिस्सों की। अब यहां एक बड़ा सवाल आता है क्या यह अंतर सिर्फ बेंगलुरु में है? नहीं, गुरुग्राम में भी वही कहानी। नोएडा में भी, नवी मुंबई में भी, हैदराबाद में भी। हिंदुस्तान के हर बड़े नए शहर की कहानी
Speaker A
लगभग एक जैसी। पहले खेत, फिर सरकार, फिर builder। एक तरफ किसान जो अपनी जमीन के आखिरी मालिक थे, दूसरी तरफ builder जो उस जमीन के नए मालिक बने। बीच में सरकार जो पुराने जमींदार से नए जमींदार तक का पुल बनी। यह एक तरह से आधुनिक हिंदुस्तान के शहरीकरण का एक बहुत बड़ा सच है,
Speaker A
जिस पर अखबारों में कम लिखा जाता है, पर जो हर बड़े शहर की नींव में मौजूद है। जिस जमीन पर आपके दफ्तर का कांच का tower खड़ा है, कभी उस पर कोई किसान बैठा था। अब एक और परत। पिछले
Speaker A
पांच सात सालों में बेंगलुरु के real estate में एक बड़ी विदेशी दिलचस्पी बढ़ी। अमेरिकी दिग्गज Blackstone ने Embassy के साथ REIT launch की। हाल के सालों में Blackstone बागम्ने में भी हिस्सेदारी लेने की चर्चा में रहा है। Qatar Investment Authority ने
Speaker A
RMZ में निवेश किया। Baring ने भी। एक तरफ हिंदुस्तानी परिवार जिन्होंने जमीन पर building खड़ी की, दूसरी तरफ विदेशी संस्थागत निवेशक जिन्होंने उन buildings में पैसा लगाया। एक शहर जो हिंदुस्तानी है पर जिसका एक बड़ा हिस्सा विदेशी pension फंडों,
Speaker A
संप्रभु फंडों और private equity फर्मों के portfolio में दर्ज है। यह भी बेंगलुरु का एक चेहरा है। यहां एक और तुलना बनती है जिसका जिक्र पहले हो चुका है। हमने पहले पटेल Motel कहानी सुनाई थी। कैसे गुजरात के पटेल परिवार अमेरिका पहुंचकर एक एक करके छोटे Motel खरीदते
Speaker A
गए और अगले 50 सालों में अमेरिका के मध्यम segment hotel बाजार के एक बड़े हिस्से पर आ गए। बेंगलुरु के इन परिवारों की कहानी भी कुछ वैसी ही है। एक पीढ़ी की मेहनत, एक शहर की मांग और धीरे धीरे एक पूरा बाजार । पर एक बड़ा फर्क है। पटेल परिवार का सफर
Speaker A
विदेशी जमीन पर अपनी बचत से, अपनी कतार में। बेंगलुरु के बिल्डरों का सफर अपनी ही देश की जमीन पर और अक्सर उन खेतों पर जो पहले किसी और के थे। दोनों में मेहनत है, दोनों में जोखिम है, दोनों में समझ है पर दोनों की नैतिक तस्वीरें अलग अलग हैं। यह कहानी सुनते हुए इस फर्क को
Speaker A
दिमाग में रखिए। अब आज का बेंगलुरु। आज के आंकड़ों के मुताबिक बेंगलुरु दुनिया के सबसे बड़े flex office और Grade A office बाजारों में से एक है। एशिया प्रशांत क्षेत्र में यह अक्सर top शहरों में गिना जाता है। हर तिमाही में लाखों वर्ग
Speaker A
फुट का पट्टा। हर साल नए Tech Campus। हर दशक शहर का एक नया कोना जो कल तक खेत था। Outer Ring Road, सरजापुर, Whitefield, Electronic City, मराठा हल्ली, हेब्बल, येलहंका। हर नाम एक कहानी। हर कहानी में एक builder परिवार। हर कहानी
Speaker A
में कुछ किसान परिवार। हर कहानी में एक विदेशी निवेशक। अब एक और तस्वीर। बेंगलुरु के इन सात आठ परिवारों को अगर आप एक जगह बैठा दें तो एक बात साफ दिखेगी। इनमें से ज्यादातर हिंदुस्तानी अल्पसंख्यक या क्षेत्रीय समुदायों से आते हैं।
Speaker A
कच्छी मेमन, सिंधी, मलयालम, कन्नड़ वोक्कालिगा, मारवाड़ी, जैन। एक तरह से यह हिंदुस्तान की उद्यमशीलता की एक कहानी भी है। एक शहर जिसने हर समुदाय के लिए दरवाजा खुला रखा और हर समुदाय ने उस दरवाजे का इस्तेमाल किया। बेंगलुरु में आज इनके बच्चे company की command संभाल रहे हैं।
Speaker A
रज्जाक परिवार में इरफान के भाई और भतीजे। वीरवानी परिवार में जीतू के बेटे आदित्य। मेंडा परिवार में राज और मनोज मेंडा। बागम्ने परिवार में आदित्य और शशांक। अगली पीढ़ी बेहतर पढ़ी लिखी। विदेशी degrees, पेशेवर सलाहकार, REIT, private equity,
Speaker A
global benchmark। पर एक चीज आम है जमीन और उस जमीन पर पड़ा हुआ हिंदुस्तान का बदलता चेहरा। यहां एक बात याद रखिए जो जमीन को समझ लेता है वह शहर को समझ लेता है। जो शहर को समझ लेता है वह पूंजी को
Speaker A
समझ लेता है। बेंगलुरु के इन परिवारों ने यही किया। पर उसी बेंगलुरु में एक और तबका है जिसने जमीन नहीं समझी और जिसकी जमीन उसके हाथ से चली गई। एक ही शहर, दो बहुत अलग कहानियां। अब एक जरूरी चेतावनी। पिछले दो तीन
Speaker A
सालों में बेंगलुरु में एक नई चीज हो रही है । कीमतें बहुत तेजी से बढ़ी हैं। कुछ इलाकों में तो हर तिमाही में double अंक की बढ़ोतरी। Outer Ring Road के आसपास किराए भी काफी ऊपर गए हैं। कुछ बाजार reports में यह चर्चा भी उठी कि बेंगलुरु का व्यावसायिक बाजार
Speaker A
अति गर्म हो सकता है। IT क्षेत्र में हाल के दो तीन सालों में छंटनी बढ़ी है। अमेरिकी मंदी का डर। AI का बदलता परिदृश्य। दफ्तर की मांग पर सवाल। अगर यह ठंडा पड़ता है तो बेंगलुरु के इन बड़े परिवारों के लिए भी एक बड़ी परीक्षा होगी। Real
Speaker A
estate में एक पुरानी कहावत है जमीन कभी झूठ नहीं बोलती पर बाजार अक्सर बोलता है और बाजार का झूठ जब खुलता है तो शहर बदल जाते हैं। तो कहानी की सीख क्या है?
Speaker A
बेंगलुरु एक शहर नहीं है, एक कहानी है। एक तरफ मेहनत, दूरदर्शिता, जोखिम, पूंजी की समझ, दूसरी तरफ अधिग्रहण, मुआवजा। एक साधारण किसान का धीरे धीरे शहरी दिहाड़ीदार बन जाना। एक तरफ चमकता outer ring road, दूसरी तरफ Bellandur की सिकुड़ती झील। दोनों एक ही शहर के दो चेहरे हैं
Speaker A
और दोनों को समझे बिना बेंगलुरु को समझना नामुमकिन है। अब एक बहुत जरूरी बात। आप में से जिन्होंने यह पूरा episode देखा एक comment जरूर छोड़िए। बेंगलुरु के इन सात परिवारों में से किसी एक की और गहरी कहानी सुनना है। किसका नाम इरफान रज्जाक,
Speaker A
जीतू वीरवानी, अर्जुन मेंडा, राजा बागमने, PNC मेनन हमें बताइए हम अगला deep dive episode उसी पर बनाएंगे। अगले episode में भारत का share बाजार और एक ऐसी कहानी जो कहती है कि हिंदुस्तान का सबसे बड़ा stock exchange एक दौर में किसी और की मुट्ठी में था। तब
Speaker A
तक India's richest के साथ रहिए, जुड़े रहिए। subscribe करना मुफ्त है।
Topics:बेंगलुरुरियल एस्टेटPrestige GroupEmbassy GroupBagmane DevelopersRMZ CorpSobhaPuravankaraBrigade GroupIT बूम











