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Inside the War for Ratan Tata's ₹15 Lakh Crore Empire

रतन टाटा की विरासत और Tata साम्राज्य की अंदरूनी लड़ाई, जिसमें परिवार और ट्रस्ट के बीच संघर्ष की कहानी है।

Key Takeaways

  • Tata Group सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि एक धर्मार्थ ट्रस्ट है जो समाज सेवा में विश्वास रखता है।
  • रतन टाटा की विरासत की लड़ाई में परिवार और ट्रस्ट के बीच गहरा संघर्ष है।
  • साइरस मिस्त्री और मेहली मिस्त्री के मामले ने Tata Group की अंदरूनी राजनीति को उजागर किया।
  • Noel Tata और मेहली मिस्त्री के बीच विवाद Tata Trust के नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं को चुनौती दे रहा है।
  • Tata Group की सफलता के बावजूद, पारिवारिक और कानूनी जंग कंपनी की छवि और स्थिरता को प्रभावित कर रही है।

What the video covers

  • रतन टाटा की 9 अक्टूबर 2024 को मृत्यु के बाद भारत में शोक की लहर और श्रद्धांजलियाँ।
  • Tata Group का 15 लाख करोड़ रुपए का विशाल साम्राज्य, जो एक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में संचालित होता है।
  • रतन टाटा की मौत के बाद Tata Trust के अंदर मेहली मिस्त्री को बाहर करने से शुरू हुई विरासत की लड़ाई।
  • साइरस मिस्त्री और रतन टाटा के बीच 2016 में हुए बोर्डरूम कूप और कानूनी जंग।
  • साइरस मिस्त्री की 2022 में एक कार हादसे में मृत्यु और उसके बाद Shapoorji Pallonji परिवार की नेतृत्व की समस्या।
  • रतन टाटा के बाद Noel Tata को Tata Trust का नया चेयरमैन बनाया जाना और इसके बाद Trust के अंदर विवाद।
  • Tata Trust के नियमों का उल्लंघन और पारसी समुदाय के सदस्यों के चयन को लेकर उठे सवाल।
  • Mehli Mistry द्वारा Noel Tata की नियुक्ति और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप।
  • Tata Group में पारिवारिक और कानूनी संघर्षों के बीच कंपनी का अच्छा प्रदर्शन।
  • यह कहानी भारत के सबसे बड़े व्यापारिक परिवार की विरासत, विश्वास और संघर्ष की है।

Answers

Questions about this video

रतन टाटा की मृत्यु के बाद Tata Group में क्या मुख्य बदलाव हुए?

रतन टाटा की मृत्यु के बाद Noel Tata को Tata Trust का नया चेयरमैन बनाया गया, लेकिन Trust के अंदर मेहली मिस्त्री के साथ विवाद शुरू हो गया, जिससे विरासत की लड़ाई तेज हुई।

साइरस मिस्त्री और रतन टाटा के बीच विवाद का कारण क्या था?

साइरस मिस्त्री को 2016 में बिना पूर्व चेतावनी के Tata Sons के बोर्ड से हटाया गया था, जिससे दोनों के बीच कंपनी की संस्कृति और नियंत्रण को लेकर संघर्ष हुआ और कानूनी लड़ाई शुरू हुई।

Tata Trust के नियमों के अनुसार ट्रस्टी कौन हो सकता है और इसमें क्या विवाद है?

Tata Trust के पुराने नियमों के अनुसार ट्रस्टी केवल पारसी समुदाय के सदस्य हो सकते हैं, लेकिन वर्तमान में कुछ गैर-पारसी ट्रस्टी बनाए गए हैं, जिससे मेहली मिस्त्री ने नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
रतन टाटा। 9 अक्टूबर 2024, मुंबई का ब्रीच कैंडी अस्पताल। रात के करीब 11:00 बजे एक छोटा सा बयान। रतन टाटा अब नहीं रहे। पूरा भारत एक पल के लिए रुक गया। Twitter पर लाखों श्रद्धांजलियाँ। प्रधानमंत्री ने एक भावुक पोस्ट लिखा।
00:22
Speaker A
Bombay Stock Exchange ने एक मिनट का मौन रखा। नौकरों से लेकर अरबपतियों तक हर कोई रोया क्योंकि रतन टाटा सिर्फ एक businessman नहीं थे, वो एक भारत के दिल थे। Tata नमक, Tata चाय, Tata Steel, Jaguar, Land Rover, TCS, Indigo की उड़ानें, Taj Hotel, 15 लाख करोड़ रुपए का
00:47
Speaker A
साम्राज्य। दुनिया भर में 100 देशों में 10 लाख से ज्यादा कर्मचारी और एक ही नाम Tata, जो भारत में trust का दूसरा नाम बन चुका था। पर रुकिए, यहां एक बात है जो शायद आप नहीं जानते। रतन टाटा की मौत के सिर्फ 12 महीने बाद
01:08
Speaker A
2025 के October में उनके सबसे करीबी दोस्त मेहली मिस्त्री को Tata Trust से बाहर कर दिया गया। हटा दिया गया एक प्रस्ताव से एक board meeting में और इस एक फैसले से एक ऐसी जंग शुरू हुई जो भारत के सबसे भरोसेमंद
01:25
Speaker A
नाम को हिला रही है। एक तरफ नोएल टाटा, रतन टाटा के सौतेले छोटे भाई और Tata Trust के नए chairman। दूसरी तरफ मेहली मिस्त्री, एक पारसी businessman, रतन टाटा का सबसे करीबी दोस्त और साइरस मिस्त्री का चचेरा भाई। दोनों लड़ रहे हैं
01:46
Speaker A
एक 15 लाख करोड़ के साम्राज्य के लिए। यह कहानी है रतन टाटा की विरासत की लड़ाई की और एक भरोसेमंद नाम की जो अपने ही अंदर टूट रहा है। यह India’s Richest है। यहां हम वो कहानियां सुनाते हैं जो TV पर नहीं आती। नया episode
02:02
Speaker A
हर दिन। Subscribe करिए, मुफ्त है। रुकिए, एक बात पहले समझिए। Tata कोई साधारण company नहीं है। Tata एक trust है। मतलब एक धर्मार्थ संस्था। समझिए कैसे Tata Group के पीछे एक holding company है। नाम Tata Sons। Tata Sons के पास TCS,
02:24
Speaker A
Tata Steel, Tata Motors, Taj Hotel, Air India हर एक Tata company का हिस्सा। पर Tata Sons का 66% किसके पास है?
02:35
Speaker A
Tata Trust मतलब एक धर्मार्थ संस्था जो Tata परिवार के पुरखों ने 100 साल पहले बनाई थी। जमशेदपुरजी टाटा, उन्होंने पहली trust बनाई। फिर Sir रतन टाटा, फिर Sir दोराबाजी टाटा। मकसद company की कमाई का बड़ा हिस्सा गरीबों के लिए,
02:55
Speaker A
शिक्षा के लिए, अस्पताल के लिए, समाज के लिए। और इसी वजह से Tata Group एक साधारण company नहीं है, एक धर्मार्थ साम्राज्य है जो भारत के सबसे बड़े दानवीर परिवारों में से एक है। रुकिए, यह बात खास समझिए। दुनिया में बहुत कम कंपनियां हैं जो खुद को एक trust के मालिक
03:16
Speaker A
होने के लिए दिखाती हैं। Tata शायद इकलौती है जो इतनी बड़ी है और इसीलिए Tata Trust के अंदर लड़ाई सिर्फ एक business लड़ाई नहीं है। यह एक legacy लड़ाई है, एक विरासत की लड़ाई जो रतन टाटा का अंतिम सम्मान हिला सकती है। अब रुकिए,
03:35
Speaker A
एक छोटी सी इतिहास की बात। Tata Sons के एक छोटे से हिस्से का मालिक एक और परिवार है। शापुरजी पल्लोनजी Group, मुंबई की एक बड़ी पारसी construction company, Tata से भी बड़ी कुछ मामलों में। शापुरजी पल्लोनजी ने दशकों पहले Tata Sons के share खरीदे थे। आज उनके पास Tata Sons
03:57
Speaker A
का 18.37% है। मतलब Tata Sons के मालिक Tata Trust plus शापुरजी पल्लोनजी एक तरह की partnership और यहीं से एक पुरानी कहानी शुरू होती है। 2012, रतन टाटा retire हो रहे थे, एक नया chairman ढूंढ रहे थे और उन्होंने एक नाम
04:18
Speaker A
पकड़ा। साइरस मिस्त्री, शापुरजी पल्लोनजी परिवार का बेटा, पारसी, लंदन में पढ़ा-लिखा और Tata Sons के board में पहले से था। रतन टाटा ने सोचा एक नौजवान, एक पारसी, हमारे साझेदार परिवार का। यह perfect है और साइरस मिस्त्री Tata Sons के
04:38
Speaker A
chairman बने। रतन टाटा retire हुए। ताली बजी। media ने कहा एक नई पीढ़ी का जन्म। पर चार साल बाद 2016, October का महीना, एक board meeting बिना किसी पूर्व चेतावनी के। Tata Sons के board ने साइरस मिस्त्री को chairman पद से हटा दिया। रतन टाटा वापस आए अंतरिम chairman के तौर पर और भारत
05:04
Speaker A
हैरान। रुकिए, यह एक boardroom coup था। साइरस मिस्त्री को बताया भी नहीं गया। बस meeting में एक vote हुआ और वो बाहर। media में हंगामा, पारसी समाज में चर्चा, business की दुनिया में हंगामा। रतन टाटा का कहना, साइरस ने company की संस्कृति नहीं समझी। साइरस का कहना,
05:28
Speaker A
रतन टाटा अपना नियंत्रण वापस चाहते थे। लड़ाई शुरू। अगले पांच साल कानूनी जंग। साइरस मिस्त्री court गए। National Company Law Tribunal, फिर appeal, फिर Supreme Court। मामला बहुत बड़ा था। Corporate governance, minority shareholder अधिकार और एक भारत के सबसे बड़े परिवार साम्राज्य की लड़ाई। 2021, March का महीना। Supreme
05:55
Speaker A
Court का फैसला Tata के पक्ष में। मतलब रतन टाटा की जीत। साइरस मिस्त्री की हार। रतन टाटा एक press statement दी। मैंने हमेशा कहा था सच जीतेगा। Syrus Mistry चुप रहे। रुकिए। यह सिर्फ एक कानूनी जीत नहीं थी। एक legacy जीत
06:15
Speaker A
थी। Ratan Tata ने अपनी विरासत को दोबारा अपने हाथों में ले लिया था। पर एक दर्द कहीं ना कहीं बना रहा। क्योंकि Shapoorji Pallonji परिवार अब Tata Group से एक प्रकार से अलग था। उनका 18.37% हिस्सा था। पर उन्हें कोई board power
06:35
Speaker A
नहीं थी। कोई vote power नहीं थी। कोई management control नहीं था। मतलब 3 लाख करोड़ रुपए के हिस्से पर कोई नियंत्रण नहीं। यह एक locked-in स्थिति थी जो आगे बहुत बड़ा सिरदर्द बनेगी। 2022 सितंबर का महीना। Mumbai-Ahmedabad highway पर एक
06:54
Speaker A
भयानक car हादसा। एक Mercedes, एक divider, एक आदमी की मौत। वो आदमी Syrus Mistry। 54 साल की उम्र में एक हादसे में देश में सन्नाटा, पारसी समाज में मातम और Tata-Mistry जंग में एक नया मोड़। क्योंकि Syrus Mistry के बिना Shapoorji Pallonji परिवार एक नेता रहित था
07:18
Speaker A
और Tata-Mistry के बीच जो भी संवाद चल रहा था, रुक गया। Ratan Tata ने एक संक्षिप्त बयान दिया। Syrus की मौत बहुत दुखद है और कुछ नहीं। रुकिए। यह कहानी का बहुत मार्मिक मोड़ है। दो आदमी जो एक समय एक साथ काम करते थे,
07:37
Speaker A
फिर लड़े, फिर court में लड़े और एक अचानक चला गया। बिना कुछ सुलझाए, बिना कुछ कहे। और इसके बाद Shapoorji Pallonji परिवार एक नए नेता की तलाश में था। अपनी इज्जत वापस पाने की और अपने 3 लाख करोड़ के हिस्से को कैसे काम में लाएं सोचने के लिए।
07:58
Speaker A
2024 का साल Tata Group N. Chandrasekaran के नेतृत्व में बहुत अच्छा कर रहा था। N.
08:06
Speaker A
Chandrasekaran TCS के पुराने CEO। एक मेहनती, चुप, असरदार आदमी। उन्हें Ratan Tata ने Syrus Mistry के बाद chairman बनाया था और company record मुनाफा कमा रही थी। Ratan Tata retire बस Tata Trust के chairman। एक सादगी भरी जिंदगी। दो कुत्ते, एक छोटा सा घर, एक छोटी team।
08:30
Speaker A
पर एक बात सबको परेशान कर रही थी। Ratan Tata के बाद कौन? Ratan Tata की कोई शादी नहीं हुई थी। कोई बच्चा नहीं, कोई सीधा वारिस नहीं। उनका सबसे करीबी रिश्तेदार एक सौतेला छोटा भाई। नाम Noel Tata। मतलब Ratan Tata के पिता
08:48
Speaker A
ने दूसरी शादी की थी। उस शादी से एक बेटा हुआ Noel। Noel एक चुप मेहनती आदमी थे। Tata Group में दशकों काम कर चुके। Tata International Trent Titan एक backstage manager। media में बहुत कम दिखाई देते थे। पर एक तथ्य था। Noel Tata
09:11
Speaker A
की पत्नी Alu Mistry मतलब Syrus Mistry की बहन। रुकिए। यह बात बहुत खास है। Tata परिवार और Mistry परिवार एक व्युहिक रिश्ते से जुड़े थे। Noel Tata Mistry परिवार का दामाद मतलब Ratan Tata के सबसे करीबी वारिस Mistry परिवार के साथ
09:31
Speaker A
सीधा रिश्तेदार। यह एक cross line थी जो आगे चलकर बहुत बड़ा मुद्दा बनेगी। अक्टूबर 2024, 9 तारीख Ratan Tata की मौत। देश शोक में। Tata Group के board को एक तुरंत फैसला लेना था। Tata Trust का नया chairman कौन?
09:50
Speaker A
बस कुछ हफ्तों में एक meeting हुई। trustee इकट्ठा हुए। एक प्रस्ताव, एक vote। Noel Tata Tata Trust के नए chairman। media ने एक smooth transition बताया। Ratan Tata का सपना परिवार के अंदर रहा। पर कुछ ही महीनों बाद सच्चाई सामने आने
10:09
Speaker A
लगी। Tata Trust के अंदर एक गहरी दरार थी। एक तरफ Noel Tata और उनके दो vice chairman Venu Srinivasan और Vijay Singh। दूसरी तरफ Mehli Mistry, एक पुराना trustee, Ratan Tata का सबसे करीबी दोस्त और Syrus Mistry का चचेरा भाई।
10:29
Speaker A
और यह दरार Tata Trust के नियमों पर थी। रुकिए, समझिए। Tata Trust के पुराने नियमों के मुताबिक trustee सिर्फ पारसी हो सकते थे। यह Jamsetji Tata के समय का एक नियम था। Tata परिवार के मूल्यों को बचाने के लिए। पर Venu Srinivasan एक तमिल
10:48
Speaker A
हिंदू। TVS Motors के मालिक Vijay Singh, एक उत्तर भारतीय हिंदू, एक retired IAS। दोनों पारसी नहीं। Mehli Mistry ने सवाल उठाया। यह दोनों Tata Trust के नियमों का उल्लंघन है। इन्हें vice chairman कैसे बनाया गया?
11:06
Speaker A
और बात बढ़ी। अब रुकिए। यहां कहानी और मोड़ लेती है। Mehli Mistry ने एक और सवाल उठाया। Noel Tata का life trustee appointment मतलब Noel Tata को Tata Trust का chairman बनाया गया था। पर साथ ही एक जीवन भर का trustee
11:24
Speaker A
भी बनाया गया। Mehli का दावा इस appointment में कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ। 90 दिन के अंदर एक mandatory filing जरूरी थी जो नहीं हुई। मतलब Noel Tata का life trustee का दर्जा कानूनी रूप से सही नहीं था। और Mehli Mistry ने एक और बम छोड़ा। वित्तीय गड़बड़ी
11:45
Speaker A
का आरोप। Mehli का दावा Venu Srinivasan Tata Trust के trustee हैं पर साथ ही Tata Sons, Tata Advanced Systems, Tata Lockheed Martin Aerostructures
12:05
Speaker A
trustee Tata Group की कंपनियों से व्यक्तिगत फायदा उठा रहे थे। यह एक conflict of interest है। बहुत बड़ा। मेहली ने महाराष्ट्र Charity Commissioner के पास एक affidavit दाखिल किया। पूरी detail के साथ और एक स्वतंत्र प्रशासक की मांग। रुकिए,
12:23
Speaker A
यह बहुत बड़ी बात है। एक trustee दूसरे trustee के खिलाफ court जा रहा है। Tata Trust के अंदर पहली बार 100 साल में और मेहली मिस्त्री एक हल्के आदमी नहीं है। वह रतन Tata के सबसे करीबी थे। उनके घर में
12:39
Speaker A
आते थे। उनके साथ कुत्तों के साथ खेलते थे। उनकी इच्छा सुनते थे। अगर मेहली ने सवाल उठाया तो यह ओछी राजनीति नहीं है। एक असली शिकायत है और Tata Trust के लिए एक भयानक सुर्थी। October 2025 Tata Trust का जवाब एक board meeting, एक प्रस्ताव और मेहली मिस्त्री को दो सबसे
13:02
Speaker A
महत्वपूर्ण trust से बाहर कर दिया गया। Sir रतन Tata Trust और Sir दोराबाजी Tata Trust मतलब trust के दिल से हटा दिया गया। मेहली के समर्थक हैरान। Tata Group के पुराने कर्मचारी हैरान। पारसी समाज हैरान। क्योंकि मेहली रतन Tata का सबसे प्यारा दोस्त था। उसको रतन की मौत
13:23
Speaker A
के एक साल बाद बाहर निकाल देना सबको चौंका दिया। मेहली का जवाब "मैं चुप नहीं बैठूंगा। यह मेरा अधिकार है। मैं court जाऊंगा" और court गए। आज भी कानूनी जंग जारी है। रुकिए, एक तुलना। हल्दीराम episode 18 में देखा
13:42
Speaker A
परिवार दशकों court में रहा। Raymond episode 10 पिता बेटे का झगड़ा। Tata अब उसी रास्ते पर। पर एक फर्क है। हल्दीराम और Raymond एक परिवार झगड़ा था। Tata एक trust झगड़ा है। मतलब court में जो भी फैसला आए वह Tata Group के
14:03
Speaker A
नैतिक चरित्र पर असर डालेगा। और Tata का नैतिक चरित्र उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। 15 लाख करोड़ से भी बड़ी। अब एक और बम सुनिए। Reserve Bank of India RBI। 2022 में RBI ने Tata Sons को एक upper layer NBFC के तौर पर वर्गीकृत किया। मतलब एक बड़ी financial company और एक
14:25
Speaker A
नियम लागू किया। हर upper layer NBFC को stock market में list होना होगा 30 सितंबर 2025 तक। मतलब Tata Sons को public होना होगा। Tata Trust हैरान। Tata Sons हैं हैरान। क्योंकि Tata Sons हमेशा से full एक private company रही
14:43
Speaker A
है। Tata Trust के नियंत्रण में एक धर्मार्थ मकसद के साथ। अगर public हो जाए Tata Trust का नियंत्रण कम होगा। share बाजार में बिकेंगे। शापूरजी पल्लोनजी अपना 18.37% बेच पाएगा और शापूरजी पल्लोनजी चाहते भी यही है। समझिए। शापूरजी पल्लोनजी Group आज करीब 55 से 60 हज़ार करोड़ रुपए के
15:10
Speaker A
कर्ज में डूबी है और उनकी सबसे बड़ी संपत्ति Tata Sons का 18% हिस्सा 3 लाख करोड़ रुपए का। पर यह हिस्सा बेच नहीं सकते क्योंकि Tata Sons private है और Tata Trust permission नहीं देता। मतलब 3 लाख करोड़ की संपत्ति कागज पर। पर कर्ज चुकाने के
15:29
Speaker A
लिए एक रुपया भी नहीं। अगर Tata Sons list हो जाए, शापूरजी पल्लोनजी का हिस्सा बेच जाएगा, कर्ज चुक जाएगा और एक पुराना दर्द खत्म हो जाएगा। इसीलिए शापूरजी पल्लोनजी RBI से appeal कर रहा है। open letters लिख रहा है। media में बोल रहा है Tata Sons को
15:48
Speaker A
list करो। यह नियम का तकाजा है। रुकिए, यहां एक twist और है। Tata Trust RBI से कह रहा है हमें list से छूट दीजिए। हम एक धर्मार्थ trust के अधीन हैं। हमारी कमाई समाज के लिए है। जुलाई 2025
16:05
Speaker A
में नोएल Tata के नेतृत्व में Tata Trust ने एक प्रस्ताव pass किया। Tata Sons private रहेगा। हम court जाएंगे अगर listing जरूरी हुई। पर अप्रैल 2026 में Tata Trust के Vice Chairman वेणु श्रीनिवासन ने एक अलग बयान दिया। listing अनिवार्य है। RBI के नियम के तहत
16:30
Speaker A
हम बच नहीं सकते। मतलब Tata Trust के अंदर भी दरार है। नोएल Tata list मत करो कह रहे हैं। वेणु श्रीनिवासन list करना जरूरी है कह रहे हैं और दोनों Tata Trust के board में हैं। रुकिए, यह बहुत बड़ा संकट है। नोएल Tata Chairman
16:51
Speaker A
उनके Vice Chairman सार्वजनिक रूप से उन्हें चुनौती दे रहे हैं। मेहली मिस्त्री court में नोएल Tata के appointment को चुनौती दे रहे हैं। RBI एक undecided स्थिति में de-register की अर्जी पर फैसला नहीं ले रहा। शापूरजी पल्लोनजी दबाव बना रहा है। open
17:10
Speaker A
letters लिख रहा है और भारत देख रहा है। रतन Tata का trust अपने अंदर टूट रहा है। एक मुश्किल सच। Tata Group आज भी दुनिया का सबसे बड़ा भारतीय कारोबार है। 15 लाख करोड़ रुपए। 100 देशों में 10 लाख कर्मचारी
17:29
Speaker A
और बहुत सी कंपनियां अच्छा कर रही हैं। TCS record मुनाफा। JLR एक मुश्किल दौर के बाद वापसी। Tata Motors EV में leader। ताज Hotel पूरी दुनिया में। मतलब परिचालन के स्तर पर Tata ठीक है पर ऊपर सिर पर एक
17:49
Speaker A
तूफान चल रहा है और इस तूफान का असर आगे चलकर हर एक Tata company पर पड़ेगा। क्योंकि Tata का brand उसका सबसे बड़ा asset है और एक टूटा हुआ trust उसका सबसे बड़ा खतरा। रुकिए, एक तुलना। Enron 2001 की अमेरिकी company एक धोखाधड़ी से पूरी company डूब गई। Tata कोई धोखाधड़ी
18:11
Speaker A
नहीं है, पर governance lapse अगर सच साबित हुए Tata का trust गिर सकता है और एक बार trust गिर जाए 15 लाख करोड़ एक धुंध बन सकती है। यह असली खतरा है जो आज Tata के सिर पर मंडरा रहा है। एक और छोटी बात समझिए। Mehli
18:30
Speaker A
Mistry और Noel Tata दोनों रिश्ते में हैं। Mehli, Cyrus Mistry का चचेरा भाई। Noel Tata की पत्नी Aloo, Cyrus Mistry की बहन। मतलब Mehli और Noel एक तरह से रिश्तेदार और अब वो एक दूसरे के खिलाफ court में। रुकिए। यह परिवार लड़ाई भारत के सबसे बड़े
18:50
Speaker A
पारसी समाज को हिला रही है। मुंबई के पारसी समाज में Tata परिवार एक देवता की तरह है और Shapoorji Pallonji साम्राज्य की तरह। दोनों परिवार 100 साल से एक साथ थे। शादियां हुईं, दोस्तियां हुईं, business deals हुईं और अब वो टूट रहा
19:09
Speaker A
है। पारसी पंचायत में चुपचाप चर्चाएं हैं। अगर Tata और Mistry टूट गए, हम कैसे टिकेंगे? यह एक सांस्कृतिक संकट भी है। एक छोटे से पारसी समाज के लिए जो एक भारत के सबसे बड़े उद्योगपति समाज में से एक है। आज की कहानी Tata Group
19:28
Speaker A
undecided स्थिति में। Mehli Mistry महाराष्ट्र Charity Commissioner के सामने affidavit दाखिल, मामला सुनवाई में। Noel Tata, Tata Trust के Chairman पर बीच से चुनौती। Venu Srinivasan और Vijay Singh Vice Chairman.
19:47
Speaker A
पर Mehli ने उनकी पारसी न होने पर सवाल उठाए। Tata Sons RBI के निर्णय का इंतजार। Listing एक तलवार सिर पर लटक रही। Shapoorji Pallonji दबाव बना रहा है। पैसा चाहिए। 3 लाख करोड़ बाहर निकालने हैं और N.
20:04
Speaker A
Chandrasekaran चुप बस company चला रहे हैं। तूफान से बचने की कोशिश में। रुकिए, एक तुलना। 10 साल पहले Tata Group के बारे में जो भी खबर आती एक ही होती थी। नई कमाई, नया plant, नया विदेशी अधिग्रहण। आज हर दूसरी खबर court case, trustee विवाद,
20:26
Speaker A
RBI दबाव, Shapoorji Pallonji open letter. Tata का business news बदलकर drama news बन गया और यह Ratan Tata के लिए एक बहुत बड़ा अनादर है जो शायद उन्हें मरने के बाद भी दुख दे रहा होगा। रुकिए, एक छोटी सी बात और। Ratan Tata की वसीयत। जब वो मरे,
20:51
Speaker A
एक वसीयत बनी थी। उसमें उन्होंने अपनी संपत्ति बाँटी। अपने सौतेले भाई बहनों को कुछ, अपने सबसे करीबी कर्मचारियों को कुछ, अपने कुत्तों के लिए एक trust और एक नाम Mehli Mistry। Ratan Tata ने अपनी वसीयत में Mehli Mistry को कई महत्वपूर्ण
21:08
Speaker A
जिम्मेदारियां दी। Executor, trustee, कुत्तों का देखभाल करने वाला। मतलब Ratan Tata Mehli पर बहुत भरोसा करते थे और एक साल बाद उसी Mehli को उनके बनाए trust से बाहर कर दिया गया। क्या Ratan Tata यह चाहते थे? कोई
21:26
Speaker A
नहीं जानता। पर एक बात तय है Ratan Tata की अंतिम इच्छा और Tata Trust का वर्तमान रास्ता दो अलग दिशाओं में जा रहे हैं और शायद यही इस पूरी कहानी का सबसे दर्दनाक हिस्सा है। रुकिए, एक आखिरी सोच। जब आप अगली बार
21:45
Speaker A
एक Tata नमक का packet उठाएं या एक TCS का stock देखें या एक Tata Sumo में बैठे या एक Taj Hotel में जाएं। एक second याद रखिए। इन सबके पीछे एक trust है जो 15 लाख करोड़ की दौलत समाज के लिए रखता है और वह
22:01
Speaker A
trust आज अपने अंदर टूट रहा है। Ratan Tata ने 15 साल पहले एक भारत End से कहा था Tata का नाम पैसे से ज्यादा कीमती है। आज उनके बाद उनके वारिस उसी नाम के लिए लड़ रहे हैं। Mehli Mistry एक तरफ, Noel Tata
22:22
Speaker A
दूसरी तरफ, Shapoorji Pallonji तीसरी तरफ, RBI चौथी तरफ और बीच में Ratan Tata की आत्मा जो शायद हर बार एक नई सुर्थी पढ़कर दर्द से कराहती होगी। क्योंकि एक भारतीय परिवार 100 साल एक नाम बचाता है और एक झगड़ा सिर्फ कुछ महीनों में उसे तोड़ सकता है। Tata अब उसी मोड़ पर है
22:47
Speaker A
और भारत देख रहा है। रुकिए, यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई। Mehli का court case चल रहा है। Noel Tata का appointment चुनौती में। RBI का फैसला आना बाकी। Tata Sons की listing अनिश्चित। Shapoorji Pallonji का इंतजार जारी। अगले 12 से 24 महीने Tata के लिए सबसे महत्वपूर्ण
23:09
Speaker A
होंगे। एक पूरे साम्राज्य की दिशा तय हो रही है और शायद कुछ साल बाद हम सबको एक नया Tata देखने को मिलेगा जो Ratan Tata के Tata से बहुत अलग होगा। बेहतर या बदतर समय बताएगा। यह India's Richest है। यहां हम वो कहानियां सुनाते हैं जो TV पर नहीं आती, जो अखबारों में पूरी
23:31
Speaker A
नहीं छपती, जो असली भारत की है। Tata की कहानी असली भारत की कहानी है। जहां एक भरोसेमंद नाम 100 साल खड़ा रहा और एक झगड़ा उसे अंदर से हिलाता है। Ratan Tata आज नहीं है पर उनका सपना एक तूफान के बीच खड़ा है। और कौन इसे बचाएगा कोई नहीं जानता। Noel Tata,
23:54
Speaker A
Mehli Mistry, N. Chandrasekaran, RBI या शायद एक तीसरा रास्ता जो अभी सामने नहीं आया। हम सब आगे की कड़ी का इंतजार कर रहे हैं। क्योंकि जो भी हो एक बात तय है Tata का यह दर्द सिर्फ Tata का नहीं है, पूरे भारत
24:14
Speaker A
का है। क्योंकि Tata सिर्फ एक company नहीं, एक भरोसा है और जब भरोसा हिलता है, पूरा देश हिलता है। रुकिए, एक छोटी सी बात और। पारसी समुदाय के कुछ बुजुर्ग एक पुरानी कहावत कहते हैं। जमशेदपुर जी टाटा ने एक दिन
24:33
Speaker A
कहा था, "मेरी company का हर एक रुपया समाज के लिए है, मेरे परिवार के लिए नहीं।" यह कहावत Tata Group की नीव है। पैसा कमाओ, समाज को दो और इसी धर्मार्थ विचार ने Tata को एक साधारण company से एक राष्ट्रीय भरोसा बनाया। आज जो लड़ाई चल
24:53
Speaker A
रही है, वह इसी नीव पर चोट है। अगर नोएल Tata सही है तो मेहेली मिस्त्री गलत। अगर मेहेली सही है तो नोएल के नियुक्ति सवाल में। और बीच में वह एक पुराना सपना हिल रहा है। जमशेदपुर जी Tata 128 साल पहले
25:10
Speaker A
एक छोटी सी कपड़ा मिल से शुरुआत किए थे। बस एक मिल, एक सपना और एक खास सोच। व्यापार से समाज सुधार। आज 15 लाख करोड़ बाद वही सपना एक court में फैसले का इंतजार कर रहा है। और शायद
25:27
Speaker A
इस फैसले से पूरा भारतीय कारोबार एक नया सबक सीखेगा कि बड़े नाम अमर नहीं होते और बड़े trust भी हिल सकते हैं। बस एक छोटे से झगड़े से। और इसीलिए हर एक व्यक्ति, हर एक परिवार, हर एक company एक चीज़ हमेशा याद रखे।
25:46
Speaker A
विरासत बनाने में 100 साल लगते हैं। तोड़ने में सिर्फ कुछ महीने। Tata को यह पता था और इसीलिए रतन Tata एक सादगी भरी जिंदगी जीते थे। पर उनके बाद यह सादगी खो रही है और एक जिद की लड़ाई सामने आ रही है।
26:02
Speaker A
देखते हैं आगे क्या होता है। पर एक चीज़ हम सबके लिए एक चेतावनी है। अगर Tata जैसा भरोसा भी 100 साल बाद टूट सकता है तो हमारा भरोसा कोई भी company पर हमेशा एक अस्थायी चीज़ है। और इसीलिए एक नागरिक के तौर पर हर रोज़ सवाल पूछना जरूरी है। जिस पर मैं
26:22
Speaker A
भरोसा कर रहा हूँ क्या वह उतना ही ईमानदार है? बस यही एक investor mentality है जो हम सबको आज के जमाने में सीखनी चाहिए। Tata हमें यह सबक मुफ्त में दे रहा है। नया episode कल। मिलते हैं। subscribe अगर अभी तक नहीं किया है।
26:40
Speaker A
बहुत बड़ी कहानियां आ रही हैं।
Topics:रतन टाटाTata GroupTata Trustसाइरस मिस्त्रीNoel TataMehli MistryTata विरासतकारोबारी संघर्षभारतीय व्यापारधर्मार्थ ट्रस्ट

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