लक्ष्मी मित्तल की कहानी जिन्होंने यूरोप की पूरी स्टील इंडस्ट्री एक साथ खरीदी और दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी बनाई।
Key Takeaways
- लक्ष्मी मित्तल ने भारत में बाधाओं के कारण विदेश में अपनी स्टील इंडस्ट्री बनाई।
- आर्सिलर मिटल विश्व की सबसे बड़ी स्टील कंपनी है।
- मित्तल की सफलता ने भारतीय उद्योगपतियों के लिए एक नया उदाहरण स्थापित किया।
- उनकी संपत्ति और प्रभाव वैश्विक स्तर पर है।
- स्टील का उपयोग हमारे रोजमर्रा के जीवन में हर जगह होता है।
What the video covers
- लक्ष्मी मित्तल ने यूरोप की पूरी स्टील इंडस्ट्री एक ही मूव में खरीद ली।
- आर्सिलर मिटल दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी है जो 60 से ज्यादा देशों में ऑपरेट करती है।
- लक्ष्मी मित्तल का जन्म राजस्थान के साडुलपुर में हुआ और वे मारवाड़ी परिवार से हैं।
- उन्होंने भारत में लाइसेंस राज के कारण इंडोनेशिया में स्टील इंडस्ट्री शुरू की।
- 1976 में 26 साल की उम्र में उन्होंने इंडोनेशिया में एक स्टील प्रोजेक्ट संभाला।
- मित्तल की पर्सनल वेल्थ लगभग 30 बिलियन डॉलर है और वे ब्रिटेन की टॉप रिच लिस्ट में शामिल हैं।
- उनका परिवार और संपत्ति भी बेहद विशाल है, और वे 2026 में लंदन छोड़कर दुबई शिफ्ट हो रहे हैं।
- भारत में प्राइवेट स्टील इंडस्ट्री के लिए दरवाजे बंद थे, इसलिए उन्होंने विदेश में सफलता हासिल की।
- आर्सिलर मिटल का स्टील विश्व के कई बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल होता है।
- यह कहानी 1947 से नहीं बल्कि 1976 से शुरू होती है, जब मित्तल ने अपनी यात्रा शुरू की।
Full Transcript — Download SRT & Markdown
Speaker A
आज सुबह आपने जो पहला काम किया, दरवाजा खोलना, उसके हैंडल में स्टील था।
Speaker A
आप बाहर निकले, गाड़ी, स्कूटर या मेट्रो में सफर किया।
Speaker A
उसकी पूरी बॉडी में स्टील था।
Speaker A
आप किसी फ्लाईओवर के नीचे से गुजरे तो उसमें भी स्टील था।
Speaker A
ऑफिस की कुर्सी, फ्रिज,
Speaker A
वाशिंग मशीन, कूलर सब में स्टील।
Speaker A
पूरा दिन आपने स्टील को छुआ है।
Speaker A
बस सोचा नहीं।
Speaker A
और बहुत बड़ी संभावना है कि वह स्टील या उसका एक हिस्सा दुनिया की एक ही कंपनी से आया है।
Speaker A
आर्चलोर मिटल दुनिया की सबसे बड़ी
Speaker A
स्टील कंपनी साल में 7-आ करोड़ टन स्टील बनाती है।
Speaker A
60 से ज्यादा देशों में ऑन प्रेशंस वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नए टावर का स्टील, बर्ज खलीफा का स्टील, लंदन ओलंपिक्स वेन्यूस का स्टील और इंडिया में हजीरा प्लांट से लेकर ढमरा पोर्ट तक का
Speaker A
स्टील।
Speaker A
और इसके पीछे एक आदमी है।
Speaker A
एक राजस्थानी मारवाड़ी नाम लक्ष्मी मित्तल।
Speaker A
लक्ष्मी मित्तल आज 75 साल के हैं।
Speaker A
तीन दशक पहले यह दुनिया का सबसे अमीर इंडियन था।
Speaker A
अंबानी से पहले, अडानी से पहले, टाटा से पहले।
Speaker A
एक समय वह तीनों की जोड़कर भी
Speaker A
ज्यादा अमीर थे।
Speaker A
यूके की संडे टाइम्स रिच लिस्ट पर लगातार कई साल नंबर वन यानी ब्रिटिश राजा से भी अमीर।
Speaker A
उनकी बेटी की शादी पेरिस के वर्साइल्स पैलेस में हुई।
Speaker A
अपने जमाने की दुनिया की सबसे महंगी शादी।
Speaker A
उनका लंदन का घर अपने समय का दुनिया का
Speaker A
सबसे महंगा घर था और अभी 2026 में वह चुपचाप लंदन छोड़ रहे हैं।
Speaker A
75 साल के अपनी लंदन प्रॉपर्टी बेचकर दुबई शिफ्ट हो रहे हैं।
Speaker A
यह वो आदमी है जिसने एक काम किया जो किसी इंडियन ने पहले नहीं किया था और शायद
Speaker A
बाद में भी कोई ना करे।
Speaker A
उन्होंने पूरी यूरोप की स्टील इंडस्ट्री को एक ही मूव में खरीद लिया।
Speaker A
यह उसकी पूरी कहानी है।
Speaker A
एक मिनट रुककर स्केल समझ लेते हैं।
Speaker A
आर्सिलर मिटल की मार्केट वैल्यू इस वक्त करीब ₹3
Speaker A
लाख करोड़ के आसपास है।
Speaker A
यानी कुछ 40 बिलियन डॉलर।
Speaker A
यह कंपनी एक साल में 40 से ज्यादा देशों में स्टील शिप करती है।
Speaker A
हर बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में, हर बड़े एयरपोर्ट में, हर बड़ी ब्रिज में आर्सिल और मेटल का स्टील किसी ना किसी रूप में
Speaker A
होता है।
Speaker A
लक्ष्मी मित्तल की पर्सनल वेल्थ आज लगभग 30 बिलियन डॉलर है।
Speaker A
यानी ढाई लाख करोड़ के आसपास।
Speaker A
आज भी वह यूके की टॉप 10 रिच लिस्ट में है और परिवार की कंबाइंड वेल्थ और भी ज्यादा है।
Speaker A
लेकिन सबसे
Speaker A
इंटरेस्टिंग फैक्ट यह नहीं है।
Speaker A
सबसे इंटरेस्टिंग फैक्ट यह है कि लक्ष्मी मित्तल ने यह एंपायर इंडिया में नहीं बनाया।
Speaker A
उन्हें इंडिया में बनाने नहीं दिया गया।
Speaker A
उन्हें इंडोनेशिया जाना पड़ा।
Speaker A
1976 में एक ऐसे देश में जहां वो किसी को नहीं
Speaker A
जानते थे, जहां की भाषा नहीं आती थी, जहां स्टील इंडस्ट्री लगभग थी ही नहीं।
Speaker A
और वहां से शुरू करके उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी बनाई।
Speaker A
यह कहानी 1947 से शुरू नहीं होती।
Speaker A
यह कहानी 1976 से शुरू
Speaker A
होती है और शुरू होती है एक लाइसेंस राज वाले इंडिया से।
Speaker A
लक्ष्मी मित्तल का जन्म 15 जून 1950 को राजस्थान के साडुलपुर एक छोटा सा कस्बा में हुआ।
Speaker A
पिता मोहनलाल मित्तल एक पारंपरिक मारवाड़ी बिजनेसमैन थे।
Speaker A
परिवार बड़ा संयुक्त परिवार था।
Speaker A
1957
Speaker A
में परिवार कोलकाता शिफ्ट हुआ।
Speaker A
1960 के दशक में मोहनलाल मित्तल ने स्पार्ट इंडस्ट्रीज के नाम से एक छोटा सा स्टील प्लांट कोलकाता में शुरू किया।
Speaker A
एक रोलिंग मिल ज्यादा कुछ नहीं।
Speaker A
पर मारवाड़ी फैमिली बिजनेस के लिए शुरुआत हो गई।
Speaker A
लक्ष्मी ने
Speaker A
सेंट टेक्सवेयर्स कोलकाता से कॉमर्स की पढ़ाई की।
Speaker A
बहुत यंग उम्र से ही फैमिली बिजनेस में काम करने लगे और बहुत जल्दी उन्होंने एक बात समझ ली।
Speaker A
1970 के दशक के इंडिया में स्टील इंडस्ट्री को एक्सपेंड होना जरूरी था।
Speaker A
पर इंडिया में एक नई
Speaker A
फैक्ट्री खोलना चाहे कोई भी इंडस्ट्री हो लाइसेंस राज के चक्कर में लगभग असंभव था।
Speaker A
हर स्टेप पर सरकारी अप्रूवल, हर एक्सपेंशन पर 2020 मिनिस्ट्रीज के सिग्नेचर, बड़े स्टील प्रोजेक्ट्स को मिलते थे सरकारी कंपनियों, सेल और आईआईएस को जैसी जगहों को
Speaker A
प्राइवेट प्लेयर्स के लिए दरवाजे बंद थे।
Speaker A
मोहनलाल मित्तल अपनी कोलकाता यूनिट चलाते रहे।
Speaker A
और 1976 में उन्होंने अपने 26 साल के बेटे लक्ष्मी को एक काम सौंपा।
Speaker A
इंडोनेशिया में एक छोटा स्टील प्रोजेक्ट लेना है।
Speaker A
परिवार के पास सुराबाया में एक साइट थी
Speaker A
जिस पर रोलिंग मिल लगने वाला था।
Speaker A
पर वहां कोई जाए और इसे आगे बढ़ाए।
Speaker A
यह कोई करने वाला नहीं था।
Speaker A
लक्ष्मी ने हां कर दी।
Speaker A
26 साल का एक राजस्थानी लड़का एक देश जहां वह किसी को नहीं जानता।
Speaker A
एक भाषा जो वह नहीं
Speaker A
बोलता।
Speaker A
एक ऐसा देश जहां स्टील इंडस्ट्री नहीं के बराबर है।
Topics:लक्ष्मी मित्तलस्टील इंडस्ट्रीआर्सिलर मिटलयूरोप की स्टीलभारतीय उद्योगपतिस्टील उत्पादनइंडोनेशिया स्टील प्रोजेक्टलाइसेंस राजदुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनीभारत और स्टील











