बी आर शेट्टी की 50 साल की सफलता और 18 महीने में हुई बड़ी गिरावट की कहानी।
Key Takeaways
- छोटी शुरुआत से बड़ी सफलता संभव है।
- भरोसे और मेहनत से एक मजबूत ब्रांड बनता है।
- वित्तीय पारदर्शिता और ईमानदारी व्यापार की जान है।
- बड़ी कंपनियों में भी धोखाधड़ी हो सकती है, जांच जरूरी है।
- अंततः न्याय और सच्चाई की लड़ाई लंबी होती है।
What the video covers
- बी आर शेट्टी ने 8 डॉलर से शुरुआत कर 50 वर्षों में 18,000 करोड़ की दौलत बनाई।
- उन्होंने अबू धाबी में NMC हेल्थकेयर साम्राज्य खड़ा किया जो UAE का सबसे बड़ा प्राइवेट हेल्थकेयर था।
- शेट्टी ने UAE एक्सचेंज के माध्यम से भारतीय मजदूरों की कमाई सुरक्षित घर पहुंचाई।
- 2012 में NMC लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई और 2017 में FTSE 100 क्लब में शामिल हुई।
- 2018 में उनकी कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग 80,000 करोड़ रुपये थी।
- 2019 में Muddy Waters नामक शॉर्ट सेलर की रिपोर्ट के बाद कंपनी पर 50,000 करोड़ रुपए का कर्ज सामने आया।
- कंपनी के आधे से ज्यादा कर्ज की जानकारी छिपाई गई थी, जिससे शेयर बाजार में भारी गिरावट आई।
- शेट्टी ने अदालतों में दावा किया कि उन्होंने कोई चोरी नहीं की, उनके दस्तखत जाली बनाए गए।
- जांच में कई बैंकों और पूर्व ऑडिटर्स पर भी सवाल उठे, मामला अभी भी न्यायालय में है।
- यह कहानी सफलता, विश्वास, धोखे और न्याय की जद्दोजहद की है।
Chapters
- 00:00परिचय और बी आर शेट्टी की शुरुआत
- 01:31कंपनी के कर्ज और विवाद की शुरुआत
- 02:54शेट्टी का अबू धाबी में संघर्ष और सफलता
- 04:19NMC हेल्थकेयर का विस्तार और प्रभाव
- 05:58UAE एक्सचेंज और मजदूरों की कमाई की सुरक्षा
- 07:47लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग और शिखर
- 08:47धोखाधड़ी की रिपोर्ट और शेयर बाजार का पतन
- 10:05जांच, अदालत और वर्तमान स्थिति
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Speaker A
आठ डॉलर। सिर्फ आठ डॉलर लेकर एक आदमी रेगिस्तान में उतरा था। नाम बी आर शेट्टी। 50 साल में उन्होंने करीब 18 हज़ार करोड़ रुपए की दौलत खड़ी की और फिर सिर्फ 18 महीने में सब खत्म। अबू धाबी, दिसंबर 2019। 77 साल का एक अरबपति अपने दफ्तर में बैठा है।
Speaker A
दुनिया उनके कदमों में है। बुर्ज खलीफा, दुनिया की सबसे ऊंची इमारत। उसकी 100वीं मंजिल इस आदमी की। 140वीं मंजिल भी। पूरी की पूरी। गैराज में Rolls Royce गाड़ियों की कतार। हैंगर में निजी जेट। भारत से पद्मश्री। अबू धाबी से
Speaker A
वहां का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान। दो देश, दो सम्मान, एक साम्राज्य। अस्पताल, pharmacy, bank जैसा exchange कारोबार। सब कुछ। और फिर एक सुबह। इंटरनेट पर एक रिपोर्ट गिरती है। लिखने वाला कोई जज नहीं, कोई सरकारी एजेंसी नहीं। हजारों मील दूर
Speaker A
अमेरिका में बैठा एक short seller। उसी दिन शेयर धड़ाम। कुछ ही दिनों में कीमत आधे से नीचे। फिर बैंक जागे, फिर जांच बैठी, फिर ताले लगे। 18 महीनों के अंदर अस्पताल हाथ से गए, एक्सचेंज बंद, जेट गया, मंजिलें गईं और Forbes की अरबपतियों वाली लिस्ट से नाम
Speaker A
कट गया। पर रुकिए, यहां एक बात है जो शायद आप नहीं जानते। वो आदमी आज भी 83 साल की उम्र में अदालतों में एक ही बात कहता है, "मैंने चोरी नहीं की। मेरे दस्तखत जाली बनाए गए। मैं मुजरिम नहीं,
Speaker A
शिकार हूं।" तो सच क्या है? कंपनी पर करीब 50 हज़ार करोड़ रुपए का कर्ज था और आधे से ज्यादा किताबों में दिखता ही नहीं था। किसने छिपाया?
Speaker A
और सबसे बड़ा सवाल, किसकी नाक के नीचे? यह कहानी है उडुपी के एक फार्मासिस्ट की जिसने रेत पर सोने का महल खड़ा किया और फिर देखा कि महल की नींव भी रेत ही थी। यह India's Richest है। यहां हम वो कहानियां सुनाते हैं जो टीवी पर नहीं आती। नया एपिसोड हर दिन।
Speaker A
सब्सक्राइब करिए, मुफ्त है। 1942, उडुपी, कर्नाटक। समुद्र किनारे का छोटा सा शहर। मंदिरों का शहर। यहीं एक साधारण घर में एक लड़का पैदा होता है। पूरा नाम बाबा गुतु रघुराम शेट्टी। घर में पैसा कम, सपने बड़े। लड़के ने फार्मेसी पढ़ी,
Speaker A
दवाइयों का विज्ञान। डिग्री हाथ में आई पर कर्नाटक के उस छोटे शहर में उस डिग्री की कीमत मामूली। कुछ साल भारत में काम किया। दवाइयां बेचीं। कहते हैं उडुपी नगरपालिका में उपाध्यक्ष तक बने। इज्जत थी पर जेब खाली। फिर घर पर जिम्मेदारी आई। कहा जाता है बहन की शादी के
Speaker A
लिए कर्ज लेना पड़ा और वो कर्ज चुकाने का रास्ता भारत में दिखता नहीं था। उन्हीं दिनों खाड़ी से खबरें आ रही थीं। रेगिस्तान में तेल निकला है। एक नया देश बना है संयुक्त अरब अमीरात। वहां काम है, पैसा है,
Speaker A
भविष्य है। 1973, करीब 30 साल का रघुराम घर छोड़ता है। मंजिल अबू धाबी। तब वो आज वाला शहर नहीं था। रेत में उगती हुई एक बस्ती थी। ना ऊंची इमारतें, ना चौड़ी सड़कें। जेब में आठ डॉलर। बस। ना नौकरी,
Speaker A
ना जान-पहचान, ना वापसी का टिकट। सिर्फ एक डिग्री और सिर पर आग बरसाता सूरज। अब सवाल यह था इस रेगिस्तान में एक अकेला फार्मासिस्ट करे तो करे क्या?
Speaker A
जवाब, जो मिले वो करो। शेट्टी ने दवाइयां बेचनी शुरू कीं। अपनी दुकान नहीं थी तो खुद चलती-फिरती दुकान बन गए। बक्सा उठाया और निकल पड़े दरवाजे-दरवाजे, क्लिनिक-क्लिनिक, दुकान-दुकान। खाड़ी की गर्मी जानते हैं आप?
Speaker A
पारा 50 डिग्री छू लेता है। लू ऐसी कि सांस जले। उस गर्मी में एक आदमी दवाइयों का बक्सा उठाए घूम रहा था। हर दरवाजे पर एक ही उम्मीद आज कुछ बिक जाए। दो साल यही चला। फिर 1975, अबू धाबी में एक छोटा सा क्लिनिक खुलता है। नाम
Speaker A
New Medical Center। छोटे में NMC। डॉक्टर कौन? शेट्टी की पत्नी डॉक्टर चंद्रकुमारी शेट्टी। NMC की सबसे पहली डॉक्टर। डॉक्टर चंद्रकुमारी शेट्टी। यह नाम पूरी कहानी में कम आता है पर इस कहानी में यह नाम बहुत बड़ा है। मैंगलोर की डॉक्टर।
Speaker A
मणिपाल से MBBS। शेट्टी की मुलाकात भी उसी दौर में हुई थी। शादी के बाद पत्नी ने पति के साथ अबू धाबी उड़ना चुना। एक भारतीय डॉक्टर, एक विदेशी शहर, नए मरीज, नई ज़बाने। पर हर सुबह क्लिनिक का दरवाजा वही खोलतीं। हर
Speaker A
मरीज को खुद देखतीं। हर पर्ची पर खुद दस्तखत। NMC का सबसे पहला भरोसा डॉक्टर चंद्रकुमारी ने बनाया। पति ब्रांड बना रहे थे, पत्नी मरीज बचा रही थीं। आगे चलकर उनके पैदा हुए बच्चे बीनु और सुहेल भी कारोबार में उतरे। पर नींव की एक ईंट हमेशा
Speaker A
उसी पहली डॉक्टर की रही और बाकी सब शेट्टी खुद। रिसेप्शनिस्ट भी, फार्मासिस्ट भी, हिसाब-किताब भी, दवा घर-घर पहुंचाने वाला डिलीवरी बॉय भी। पति-पत्नी की यह जोड़ी सही वक्त पर सही जगह खड़ी थी क्योंकि खाड़ी में तेल का पैसा बरस रहा था। दुनिया भर से कामगार उमड़ रहे थे।
Speaker A
शहर रातोरात खड़े हो रहे थे और इन सब लोगों को चाहिए था इलाज, भरोसे का इलाज। अपनी ज़बान में बात करने वाला डॉक्टर। शेट्टी का फॉर्मूला सीधा था। जहां भारतीय, वहां NMC। मरीज की ज़बान बोलो, उसकी जेब देखकर इलाज दो और भरोसा कभी मत तोड़ो। क्लिनिक
Speaker A
के साथ फार्मेसी खुली। फार्मेसी के साथ दवाओं की सप्लाई का धंधा। एक कारोबार दूसरे को खींचता गया। NMC बढ़ता गया। एक क्लिनिक से अस्पताल, अस्पताल से चेन, शहर दर शहर, अमीरात दर अमीरात। आगे चलकर यही NMC बना UAE का सबसे बड़ा प्राइवेट हेल्थकेयर साम्राज्य। साल के करीब 20 लाख मरीज। पर शेट्टी
Speaker A
की नजर सिर्फ मरीजों पर नहीं थी। उन्होंने अस्पताल के बाहर कुछ और देख लिया था। धूप में खड़ा एक और खजाना। एक तस्वीर बनाइए। दुबई की एक निर्माण साइट।
Speaker A
दोपहर की चिलचिलाती धूप। ऊंची इमारत के ढांचे पर एक मजदूर। केरल का या बिहार का या तेलंगाना का। महीना खत्म होता है। हाथ में तनख्वाह आती है चंद सौ दिरहम। अब सबसे बड़ा सवाल यह पैसा घर कैसे पहुंचे?
Speaker A
उस जमाने में यह आसान नहीं था। बैंक मजदूरों को भाव नहीं देते थे। गैरकानूनी रास्तों में पैसा डूबने का डर और उस पैसे पर पूरा घर टिका था। मां की दवा, बहन की फीस, बच्चों की किताबें, छत की मरम्मत। शेट्टी ने यह दर्द पहचाना क्योंकि वह खुद वैसे ही आए थे। खाली जेब,
Speaker A
भरे सपने। 1980 UAE एक्सचेंज तरीका सीधा, काउंटर पर दिरहम दो। गांव में रुपए पहुंच जाएंगे सस्ते में, जल्दी, सुरक्षित। मजदूरों की कतारें लग गईं। छुट्टी के दिन का मतलब हो गया एक्सचेंज की लाइन।
Speaker A
वह मजदूर काउंटर पर पैसे देता है। पर्ची जेब में रखता है और उस रात चैन से सोता है क्योंकि उसे पता है पैसा घर पहुंचेगा। भरोसा यही असली प्रोडक्ट था और उस भरोसे पर एक ब्रांड खड़ा होता गया। खाड़ी से बाहर भी। पांच महाद्वीप,
Speaker A
सैकड़ों शाखाएं, हजारों कर्मचारी। रुकिए, इस कारोबार का साइज समझिए। एक दौर में UAE एक्सचेंज से हर साल करीब 26 अरब डॉलर गुजरते थे। यानी हर दिन करीब 7 करोड़ डॉलर। जिस आदमी की जेब में कभी सिर्फ 8 डॉलर थे,
Speaker A
उसके काउंटरों से अब रोज करोड़ों डॉलर गुजर रहे थे। और यह कोई भी पैसा नहीं था। यह भारतीय मजदूरों का पसीना था। शेट्टी अमीर बने मजदूर की कमाई को हिफाजत से घर पहुंचाकर। खूबसूरत कहानी है ना?
Speaker A
अभी तो ऊंचाई बाकी थी। अब लंदन बुला रहा था। 2012 लंदन स्टॉक एक्सचेंज घंटी बजती है। NMC हेल्थ लिस्ट होती है। अबू धाबी की कंपनी दुनिया के सबसे रुतबेदार शेयर बाजारों में से एक पर उडुपी का फार्मासिस्ट अब लंदन में
Speaker A
लिस्टेड कंपनी का चेयरमैन था। 2017 में अगला मुकाम FTSE 100। समझिए FTSE 100 यानी लंदन शेयर बाजार की 100 सबसे बड़ी कंपनियों का क्लब, जहां दुनिया के दिग्गज बैठते हैं। तेल कंपनियां, बैंक, दवा कंपनियां। उस क्लब में रेत में बक्सा उठाकर दवा बेचने वाले का अस्पताल।
Speaker A
2018 में NMC अपनी चोटी पर थी। बाजार में कीमत करीब 80 हज़ार करोड़ रुपये। 19 देशों में कारोबार। हजारों डॉक्टर, हजारों बिस्तर और शेट्टी की अपनी दौलत। करीब साढ़े 3 अरब डॉलर यानी करीब 18 हज़ार करोड़ रुपये। Forbes की लिस्ट में भारत के सबसे अमीर लोगों
Speaker A
में गिनती। दौलत दिखती भी थी। बुर्ज खलीफा की 100वीं मंजिल पूरी खरीद ली। फिर एक 140वीं भी। दुनिया की सबसे ऊंची इमारत में दो पूरे फ्लोर एक ही आदमी के। Rolls Royce गाड़ियों का बेड़ा, निजी जेट, महल जैसे घर,
Speaker A
दफ्तर की दीवारों पर दुनिया के बड़े बड़े लोगों के साथ तस्वीरें। लोग उन्हें मिसाल की तरह पेश करते थे। देखो खाड़ी का सपना ऐसा दिखता है। पर इस चकाचौंध का एक और चेहरा था, जो लोगों को कम पता है। अबू धाबी में शाही परिवारों तक पहुंच। रात के खाने पर शेखों की
Speaker A
मेज। शहर के हर बड़े समारोह में सामने की कतार। एक कहानी बहुत मशहूर है। शेट्टी की 70वीं सालगिरह। पूरा Emirates Palace, दुबई के सबसे शानदार होटलों में से एक, बुक।
Speaker A
पूरे दो दिन। दुनिया भर से मेहमान। बॉलीवुड के सितारे। खाड़ी के हुक्मरान। भारत के राजनेता। अखबारों ने लिखा, "शायद इस दशक की सबसे भव्य निजी दावतों में से एक।" पर सिर्फ चमक नहीं, बहुत सा दान भी। अस्पताल के मुफ्त दिन। दिल की सर्जरी के लिए गरीब बच्चों को खाड़ी
Speaker A
बुलाना। मणिपाल में अपनी मां के नाम से मेडिकल कॉलेज को दान। उडुपी के मंदिर में सोने का नजराना। इसी सब का असर था कि दो देश एक साथ उन्हें सम्मान देते। 2009 में भारत सरकार ने पद्मश्री दिया। अबू
Speaker A
धाबी ने अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान। कारोबार भी फैलता गया। दवा बनाने के लिए Nio Pharma। फिर पैसों के लेनदेन का सारा कारोबार एक छत के नीचे। नई कंपनी Finablr, वह भी लंदन में लिस्ट। बॉलीवुड में भी हाथ आजमाया। ऐलान किया कि महाभारत पर दुनिया की सबसे
Speaker A
महंगी फिल्म बनाएंगे। यह कहानी किसी फिल्म जैसी ही थी और फिल्मों में ठीक यहीं लिखा आता है इंटरवल। क्योंकि सात समंदर पार San Francisco में एक आदमी बैठा था, जिसका पेशा ही था चमकती कहानियों में सुराग ढूंढना।
Speaker A
2019 Muddy Waters नाम की एक अमेरिकी research firm report छापती है। पीछे का दिमाग Carson Block। पेशे से short seller। चीन से लेकर यूरोप तक कई बड़ी कंपनियों की पोल खोल चुका शिकारी। समझिए short seller वो होते हैं जो share गिरने पर पैसा कमाते हैं। तरीका,
Speaker A
पहले उधार लिए share महंगे दाम पर बेचो। फिर company की गड़बड़ी दुनिया को दिखाओ। share गिरे तो सस्ते में वापस खरीद लो। बीच का फर्क मुनाफा। यानी इनका फायदा तभी है जब company गिरे। इसीलिए दुनिया इन्हें शक से देखती है। पर सच यह भी
Speaker A
है कई बार सबसे कड़वा सच यही लोग सबसे पहले बोलते हैं। report में आरोप सीधे थे। NMC अपना कर्ज छिपा रही है। cash बढ़ा चढ़ा कर दिखा रही है। संपत्तियां महंगे दाम पर खरीदी गई हैं और मुनाफे के margin
Speaker A
सच होने के लिए जरूरत से ज्यादा अच्छे। NMC का जवाब आया report झूठी है, बेबुनियाद है, भ्रामक है। पर बाजार ने किसकी सुनी?
Speaker A
उसी दिन share धड़ाम। कुछ ही दिनों में कीमत आधे से नीचे। अरबों dollar हवा में उड़ गए। निवेशक घबराए, bank फोन घुमाने लगे और सवाल दर सवाल । शेट्टी के पास असल में कितने share हैं?
Speaker A
कितने गिरवी रखे हैं? यहीं एक और परत खुली। सामने आया कि शेट्टी ने अपने बहुत सारे share बैंकों के पास गिरवी रखे थे, कर्ज के बदले। share गिरा तो बैंकों ने गिरवी share बेचने शुरू कर दिए। बिकवाली से share और गिरा। दलदल जैसा हाल। जितना हिलो
Speaker A
उतना ढँसो। नंबरों के खेल की कहानी हमने पहले भी सुनाई है। केतन पारेख Episode 40 पर वहां खेल share चढ़ाने का था। यहां इल्जाम इससे भी गहरा था। company की किताबें ही सवालों के घेरे में थीं। दबाव इतना बढ़ा कि company को खुद जांच बिठानी पड़ी। बाहर के जांचकर्ता,
Speaker A
आजाद लोग, पूरा हिसाब खोलने का हुक्म और जो जांच में निकला, उसने सिर्फ NMC को नहीं, पूरी खाड़ी को हिला दिया। 2020 की शुरुआत, परतें उतरने लगीं। पहले पता चला किताबों के बाहर छिपा हुआ कर्ज है। फिर पता चला
Speaker A
बहुत बड़ा है। फिर पता चला अंदाजे से भी बड़ा। March आते-आते सच सामने था। company ने दुनिया को बताया था, "हम पर कर्ज करीब 2 अरब 10 करोड़ dollar है ।" असली आंकड़ा करीब 6 अरब 60 करोड़ dollar
Speaker A
है। रुकिए, यह फर्क समझिए। करीब साढ़े 4 अरब dollar का कर्ज किताबों से गायब था। भारतीय रुपयों में करीब 35 हज़ार करोड़। इतने पैसे में दर्जनों नए अस्पताल खड़े हो जाएं और यह रकम सिर्फ छिपाई गई थी। समझिए छिपा हुआ कर्ज होता क्या है?
Speaker A
सोचिए किसी घर में दो डायरियां हों, एक मेहमानों को दिखाने के लिए, जिसमें सब सुंदर है, एक असली, जिसमें हर उधारी दर्ज है। जांच में सामने आया कि NMC की दिखाने वाली डायरी से अरबों dollar की उधारी गायब थी । February में लंदन में share suspend
Speaker A
हो चुके थे। शेट्टी board से बाहर हो चुके थे। 8 April 2020 अदालत का आदेश NMC administration में यानी company मालिकों के हाथ से निकलकर हिसाब संभालने वालों के हाथ में। FTSE 100 की company delist खत्म। इसे कहा गया खाड़ी के इतिहास की सबसे बड़ी corporate तबाही। हिसाब संभालने वालों ने बाद में माना,
Speaker A
गड्ढा इतना गहरा था कि तली ढूंढने में ही महीनों लग गए। बाद में ब्रिटेन के बाजार regulator ने भी ठप्पा लगा दिया। company ने बाजार को गुमराह किया। कर्ज करीब 4 अरब dollar तक कम करके दिखाया। यानी किताबों में हेराफेरी हुई। यह
Speaker A
जांच में साबित हो चुका है। बहस सिर्फ एक बात पर है। यह किया किसने?
Speaker A
बाहर से चमकती company अंदर से खोखली। यह कहानी आपने इस channel पर पहले भी देखी है। Singh Brothers Episode 46। सबक वही, जो दिखता है वो पूरा सच नहीं होता और शेट्टी के लिए यह अकेला धमाका नहीं था। दूसरा बम
Speaker A
पहले ही फट चुका था। March 2020 Finablr शेट्टी की दूसरी listed company, वही जिसके नीचे UAE exchange था। ऐलान हुआ, यहां भी छिपा हुआ कर्ज है। दुनिया को बताया था करीब 33 करोड़ dollar। असल में निकला करीब 1 अरब 30 करोड़ dollar। share suspend
Speaker A
और UAE exchange ने नए लेनदेन रोक दिए। अब उस तस्वीर में वापस चलिए। वही निर्माण site, वही मजदूर। महीने की तनख्वाह हाथ में। counter पर पहुंचता है और shutter गिरा हुआ है। 40 साल का भरोसा रातों-रात ठहर गया। हालात ऐसे बने कि Central Bank को exchange का कामकाज
Speaker A
अपनी निगरानी में लेना पड़ा और अंजाम, जिस Finablr की कीमत कभी अरबों dollar आंकी गई थी, उसका पूरा कारोबार आखिर में बिका सिर्फ 1 dollar में। जी हां, 1 dollar उस दिन के करीब ₹74। अब बैंकों की बारी थी। समझिए निजी guarantee क्या होती है?
Speaker A
company जब बड़ा कर्ज लेती है तो bank कई बार कहता है मालिक खुद भी दस्तखत करे। मतलब company ना चुका पाए तो मालिक की निजी जेब से वसूली। घर से, गाड़ी से, हर चीज से। बैंकों के पास ऐसे कागजों के ढेर थे,
Speaker A
जिन पर शेट्टी के दस्तखत बताए जाते थे। भारतीय bank भी फंसे थे। Bank of Baroda से लेकर Punjab National Bank तक। हजारों करोड़ का लेना-देना इस साम्राज्य से जुड़ा था। दुनियाभर के bank कतार में खड़े थे। दावे अरबों dollar के। Abu Dhabi के सबसे बड़े बैंकों में से एक ने तो आपराधिक शिकायत तक
Speaker A
दर्ज करा दी। जिन दरवाजों पर कभी शेट्टी का शाही स्वागत होता था, वहीं अब उनका नाम शिकायतों में दर्ज था । और जिस आदमी को सब ढूंढ रहे थे, वो Abu Dhabi में था ही नहीं। 2020 शेट्टी भारत लौट आए। वही Udupi जहां से 50 साल पहले कहानी शुरू हुई थी
Speaker A
और यहीं से शुरू होता है इस कहानी का सबसे उलझा हुआ हिस्सा। शेट्टी का दावा, असली ठगी तो उनके साथ हुई है। उनका कहना था, "मेरे ही अफसरों ने मुझे लूटा। मेरे नाम पर loan लिए गए, cheque काटे गए,
Speaker A
guarantees पर दस्तखत हुए और वो दस्तखत जाली थे।" उन्होंने उंगली उठाई अपने सबसे भरोसेमंद रहे अफसरों पर। खासकर पूर्व CEO प्रशांत मंघाट और उनके भाई पर। आरोप लगाया, bankers और auditors के साथ मिलीभगत करके अरबों dollar उड़ाए गए। शेट्टी ने भारत में CBI और ED से
Speaker A
जांच की गुहार लगाई। प्रधानमंत्री कार्यालय तक चिट्ठी भेजी। दूसरी तरफ मंघाट भी खुद को बेकसूर बताते रहे हैं। यानी हर कोई कह रहा था, "मैं नहीं।" कोई कहता था दस्तखत जाली हैं, कोई कहता था दस्तखत असली हैं और सच कागजों की उन तहों में दबा था,
Speaker A
जिन्हें खोलते-खोलते साल निकल गए। तो अदालतें किस पर भरोसा करें? यहीं से मुकदमों का पहाड़ खड़ा हुआ। December 2020 में Britain की अदालत ने शेट्टी समेत कई लोगों की दुनियाभर की संपत्तियों पर freeze का आदेश दे दिया। 1 अरब dollar
Speaker A
तक की रकम के बराबर। November 2020 में Bengaluru airport पर उन्हें रोक लिया गया। भारतीय बैंकों की शिकायत पर lookout circular जारी था। विदेश जाना बंद। जो आदमी 50 साल खाड़ी का बादशाह रहा, अब अपने ही देश में एक तरह से बाधा हुआ था। साल बीतते गए,
Speaker A
मुकदमे बढ़ते गए। Dubai, Abu Dhabi, London, Bengaluru। और फिर आया 2026 फैसलों का साल। आज की स्थिति जुलाई 2026 शेट्टी अब 83 साल के हैं। मार्च से अबू धाबी की अंतरराष्ट्रीय अदालत में एक बहुत बड़ा fraud trial चला है। NMC के administrator यानी
Speaker A
डूबी कंपनी का हिसाब संभालने वाले शेट्टी और पूर्व CEO मंगहाट से करीब 5 अरब 40 करोड़ dollar मांग रहे हैं। भारतीय रुपयों में करीब 45 हज़ार करोड़ आरोप है। एक अरब dollar से ज्यादा की रकम सीधे शेट्टी के निजी खातों में गई।
Speaker A
यानी करीब 9 हज़ार करोड़ रुपए। शेट्टी का जवाब वही है मुझे कुछ पता नहीं था। मातेतो ने मेरी जानकारी के बिना सब किया। मैं शिकार हूं। करीब 15 हफ्ते सुनवाई चली। मार्च से जुलाई तक फैसला अभी बाकी है। इससे पहले
Speaker A
अक्टूबर 2025 में दुबई की एक अदालत आदेश दे चुकी है। शेट्टी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को करीब 400 करोड़ रुपए चुकाए। मामला था एक निजी guarantee का। शेट्टी की दलील थी दस्तखत मेरे नहीं। अदालत ने दलील ठुकरा दी और फैसले में उनकी गवाही
Speaker A
पर बेहद सख्त टिप्पणियां लिखी गई। इसी जुलाई में एक और बड़ी खबर आई। Bank of Baroda ने बिना कोई गलती माने करीब 5 हज़ार 700 करोड़ रुपए देकर NMC से जुड़ा मुकदमा निपटा लिया। रिपोर्टों के मुताबिक audit फर्म ने भी करोड़ों dollar
Speaker A
देकर समझौता कर लिया। 2024 में कर्नाटक High Court से इजाजत लेकर शेट्टी एक बार अबू धाबी भी गए। एक मंदिर के उद्घाटन में शामिल होने। बाकी हिसाब सीधा है। बुर्ज खलीफा की मंजिलें हाथ से गई। जेट गया Rolls Royce
Speaker A
गई। Forbes की list 2020 में ही नाम कट गया था। परिवार की holding company की कमान अब उनके बेटे के हाथ में बताई जाती है। उडुपी में अस्पताल और नए project के सपने अब भी जिंदा है, पर पुराना जलवा नहीं
Speaker A
बचा है। एक 83 साल का आदमी। अदालतों के चक्कर और एक जिद भरा दावा। मैं बेगुनाह हूं। एक और परत जो भारत को सीधे छूती है। NMC और Finablr पर सिर्फ खाड़ी के बैंकों का पैसा नहीं फंसा था। भारत के सरकारी बैंक भी अंदर तक थे। रिपोर्टों के मुताबिक
Speaker A
Bank of Baroda से लेकर Punjab National Bank, State Bank of India और कई और भारतीय बैंक। कुल exposure हजारों करोड़ रुपए में। समझिए यह पैसा किसका होता है। आम आदमी का। हर उस भारतीय का जिसका salary account इन बैंकों में है । हर उस बुजुर्ग का जिसकी FD इन बैंकों में
Speaker A
जमा है। जब कोई बड़ा कारोबारी दूर बैठे विदेश में डूबता है तो लहर सीधे भारत के इन खातों तक पहुंचती है। बैंकों ने बाद में अपने अपने तरीकों से नुकसान की भरपाई शुरू की। कुछ ने रकम बट्टे खाते में डाली। कुछ ने अदालतें जीती।
Speaker A
कुछ ने समझौते किए। पर एक बड़ा सवाल आज भी खड़ा है। एक अकेली company दुनिया के कितने बैंकों को धोखा दे सकती है?
Speaker A
और अगर सचमुच किताबों में इतना बड़ा गड़बड़झाला था तो सालों तक auditor क्या देख रहे थे?
Speaker A
रिपोर्टों में NMC के पूर्व auditors पर भी सवाल उठे। एक बड़ी वैश्विक audit फर्म ने बाद में करोड़ों dollar देकर मामला निपटाया, पर बिना कोई गलती माने। चौकीदार सोए थे या शामिल थे?
Speaker A
यह बहस भी अदालत में है। तो इस कहानी से क्या सीखें? पहला सबक इस कहानी का असली villain कोई आदमी नहीं, कर्ज है छिपा हुआ कर्ज जो दीमक की तरह अंदर ही अंदर खाता रहा और दुनिया को महल दिखता रहा। याद रखिए,
Speaker A
जो कर्ज दिखता है वो डराता है। जो कर्ज छिपा है वो डुबोता है। दूसरा सबक जो भूख 8 dollar को 18 हज़ार करोड़ बना देती है। वही भूख बेलगाम हो जाए तो सब कुछ दफना भी देती है। साम्राज्य बनाने वाली आग और साम्राज्य जलाने वाली आग
Speaker A
एक ही होती है। और तीसरा खाड़ी का सपना सच है। करोड़ों भारतीयों ने उस रेत में अपनी किस्मत बदली है। पर उस सपने की एक कीमत भी है। शेट्टी से बेहतर यह कोई नहीं जानता। आखिर में वो मजदूर याद है। वो आज भी वहीं है। धूप
Speaker A
में ढांचे पर। महीने के आखिर में counter की line में। कंपनियों के नाम बदल गए, counter बदल गए। पसीना वही है। 8 dollar से 18 हज़ार करोड़ और वापस। दौलत का यही मिजाज है। चढ़ते वक्त सीढ़ियां गिनने नहीं देती।
Speaker A
उतरते वक्त सांस लेने नहीं देती। अदालत का फैसला जो भी हो, इतिहास में यह कहानी दोनों तरह से दर्ज होगी। सदी की सबसे बड़ी उड़ान और सबसे तेज गिरावट। अब सवाल आपके लिए क्या बी आर शेट्टी दोषी है या शिकार?
Speaker A
Comment में लिखिए। अगले episode में एक और साम्राज्य, एक और राज, एक और कहानी जो टीवी पर नहीं मिलेगी। Subscribe अगर अभी तक नहीं किया है। बहुत बड़ी कहानियां आ रही हैं।
Topics:बी आर शेट्टीNMC हेल्थकेयरUAE एक्सचेंजफाइनेंशियल स्कैमभारतीय अरबपतिMuddy Waters रिपोर्टलंदन स्टॉक एक्सचेंजफोर्ब्स अरबपतिफाइनेंस कर्जव्यापार धोखाधड़ी











