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The Hidden Family That Built Mumbai's Most Iconic Buildings - And Owns Tata

मुंबई की प्रतिष्ठित इमारतों के पीछे शापुरजी पल्लोनजी परिवार की कहानी और Tata समूह में उनका छुपा हुआ प्रभाव।

Key Takeaways

  • शापुरजी पल्लोनजी परिवार मुंबई के निर्माण उद्योग और Tata समूह में एक छुपा हुआ लेकिन महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • पल्लोनजी मिस्त्री की गुप्त निवेश रणनीति ने उन्हें Tata समूह में एक अनूठी स्थिति दी।
  • परिवार की कंपनी की गुणवत्ता और दीर्घकालिक सोच ने उन्हें प्रतिष्ठित बनाया।
  • Tata समूह में पारसी समुदाय के अंदरूनी विश्वास और सहयोग का बड़ा योगदान रहा।
  • कानूनी और वित्तीय संघर्षों के बावजूद परिवार का प्रभाव और विरासत कायम है।

What the video covers

  • शापुरजी पल्लोनजी परिवार ने मुंबई और भारत की कई प्रतिष्ठित इमारतें बनाई हैं।
  • परिवार के मुखिया पल्लोनजी मिस्त्री को कभी मीडिया में स्पष्ट तस्वीर में नहीं देखा गया।
  • पल्लोनजी मिस्त्री Tata Sons के सबसे बड़े शेयरधारकों में से एक थे, Tata Trust के बाद।
  • परिवार की कंपनी लगभग 160 साल पुरानी है और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है।
  • Tata समूह और मिस्त्री परिवार के बीच गहरा पारसी समुदाय आधारित भरोसा और सहयोग रहा।
  • पल्लोनजी मिस्त्री ने ब्रिटिश नागरिकता ली और ब्रिटेन के सबसे अमीर भारतीय मूल के व्यक्ति माने गए।
  • परिवार ने Tata को वित्तीय सहायता दी और बदले में शेयर हासिल किए, जो मीडिया से छुपा रहा।
  • 2016-2021 के बीच एक बड़ी कानूनी लड़ाई हुई जिसमें Cyrus Mistry को Tata समूह से हटाया गया।
  • शापुरजी पल्लोनजी समूह की आर्थिक स्थिति और कर्ज की समस्या Tata समूह के लिए भी चिंता का विषय बनी।
  • यह कहानी केवल व्यवसाय की नहीं, बल्कि एक पारिवारिक त्रासदी और छुपे हुए प्रभाव की भी है।

Answers

Questions about this video

पल्लोनजी मिस्त्री कौन थे और उनका Tata समूह में क्या योगदान था?

पल्लोनजी मिस्त्री शापुरजी पल्लोनजी परिवार के मुखिया थे और Tata Sons के सबसे बड़े शेयरधारकों में से एक थे। उन्होंने Tata समूह को वित्तीय सहायता दी और समूह के कई महत्वपूर्ण निर्णयों में अप्रत्यक्ष भूमिका निभाई।

शापुरजी पल्लोनजी कंपनी की खासियत क्या है?

शापुरजी पल्लोनजी कंपनी लगभग 160 साल पुरानी है और इसकी पहचान गुणवत्ता और मजबूत निर्माण के लिए है। इसने मुंबई और अन्य जगहों पर कई प्रतिष्ठित इमारतें बनाई हैं जो आज भी खड़ी हैं।

Cyrus Mistry को Tata समूह से क्यों हटाया गया?

2016 से 2021 तक चली कानूनी लड़ाई के बाद Cyrus Mistry को Tata समूह के बोर्ड से हटाया गया। इसके पीछे कॉर्पोरेट गवर्नेंस और समूह के अंदरूनी मतभेद थे, जो इस वीडियो में विस्तार से बताए गए हैं।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
मुंबई समुद्र किनारे एक सफेद इमारत। Reserve Bank of India, भारत के पूरे पैसे का घर। कुछ किलोमीटर दूर एक नीली कांच की इमारत। Bombay Stock Exchange, दुनिया के सबसे पुराने stock market में से एक। उसके पास एक लाल इमारत।
00:20
Speaker A
Taj Mahal Palace Hotel, भारत की सबसे पहचानी हुई इमारत। थोड़ा आगे एक भूरी पुरानी इमारत। HSBC Bank का मुख्यालय। और दूर Marine Drive पर Brabourne Stadium, जहां cricket का इतिहास लिखा गया। इन सब में एक बात समान है। एक नाम,
00:41
Speaker A
Taj Mahal Palace Hotel, भारत की सबसे पहचानी हुई इमारत। थोड़ा आगे एक भूरी पुरानी इमारत। HSBC Bank का मुख्यालय। और दूर Marine Drive पर Brabourne Stadium, जहां cricket का इतिहास लिखा गया। इन सब में एक बात समान है। एक नाम,
00:59
Speaker A
बनाया। दिल्ली के कई मंत्रालय भवन इसी परिवार ने। लगभग 160 साल पुरानी company। पर एक विचित्र बात। इस परिवार के मुखिया Pallonji Mistry को किसी ने साफ तस्वीर में कभी नहीं देखा। जी हाँ, दोबारा सुनिए। भारत के, दुनिया के सबसे अमीर आदमियों में से एक। एक time Britain के सबसे अमीर भारतीय मूल के
01:26
Speaker A
एक परिवार, एक construction company, एक ही ठेकेदार। मुंबई की लगभग आधी प्रतिष्ठित इमारतें इस एक परिवार ने बनाई हैं। और सिर्फ मुंबई नहीं। Oman के Sultan का महल इसी परिवार ने बनाया। Hong Kong and Shanghai Bank इसी परिवार ने
01:45
Speaker A
फैसला होता है। और Bombay House में एक भूत था जो हर meeting में मौजूद होता, हर फैसले में अपनी राय रखता पर कभी सामने नहीं आता। क्योंकि उस भूत के पास Tata का 18.4% था। मतलब Tata Sons का एक बड़ा हिस्सा। Tata Trust के बाद सबसे बड़ा
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Speaker A
बनाया। दिल्ली के कई मंत्रालय भवन इसी परिवार ने। लगभग 160 साल पुरानी company। पर एक विचित्र बात। इस परिवार के मुखिया Pallonji Mistry को किसी ने साफ तस्वीर में कभी नहीं देखा। जी हाँ, दोबारा सुनिए। भारत के, दुनिया के सबसे अमीर आदमियों में से एक। एक time Britain के सबसे अमीर भारतीय मूल के
02:28
Speaker A
दिन। subscribe करिए मुफ्त है। एक छोटी चेतावनी। इस कहानी में दो मौतें हैं। एक पिता की, एक बेटे की। तीन महीनों के अंदर और एक साम्राज्य जो आज भी डूबने और तैरने के बीच झूल रहा है। यह एक business कहानी नहीं है। एक त्रासदी
02:47
Speaker A
व्यक्ति और उनकी एक भी अच्छी सार्वजनिक तस्वीर आज तक media में नहीं छपी। लोग उन्हें एक नाम से बुलाते थे। Bombay House का भूत। मतलब Tata Group का मुख्यालय Bombay House, जहां Tata का board बैठता है और जहां हर बड़ा
03:06
Speaker A
1965। मुंबई तब Bombay था। एक छोटा सा बंदरगाह। British राज्य के नीचे एक पारसी आदमी Pallonji Mistry एक छोटी सी company शुरू करते हैं। नाम Shapoorji Pallonji and Company। मकसद construction इमारतें बनाना। जरा वक्त समझिए। उस जमाने में मुंबई एक छोटा सा
03:31
Speaker A
फैसला होता है। और Bombay House में एक भूत था जो हर meeting में मौजूद होता, हर फैसले में अपनी राय रखता पर कभी सामने नहीं आता। क्योंकि उस भूत के पास Tata का 18.4% था। मतलब Tata Sons का एक बड़ा हिस्सा। Tata Trust के बाद सबसे बड़ा
03:51
Speaker A
काम। पहली कुछ इमारतें छोटी थीं। एक church, एक school, एक छोटा सा अस्पताल। पर एक चीज company की पहचान बन गई। गुणवत्ता। जो Shapoorji Pallonji बनाते हैं वो आज भी वहां खड़े हैं। देखिए, एक पारसी समाज मुंबई में एक अलग रुतबा रखता था। 30-40 हज़ार लोग पर भारत के बड़े
04:13
Speaker A
shareholder। Pallonji Mistry और उनका परिवार Shapoorji Pallonji। यह कहानी है उसी परिवार की जो भारत का skyline बनाता है और Tata का हिस्सा छिपाकर रखता है। यह India's Richest है। यहां हम वो कहानियां सुनाते हैं जो TV पर नहीं आती। नया episode हर
04:35
Speaker A
बहुत मदद की। जब Tata को एक नई इमारत चाहिए होती, वो Shapoorji को बुलाते। जब Wadia परिवार को कुछ बनाना होता, Shapoorji को call जाती और Shapoorji एक के बाद एक मुंबई की प्रतिष्ठित इमारतें बनाते गए। अब रुकिए,
04:52
Speaker A
दिन। subscribe करिए मुफ्त है। एक छोटी चेतावनी। इस कहानी में दो मौतें हैं। एक पिता की, एक बेटे की। तीन महीनों के अंदर और एक साम्राज्य जो आज भी डूबने और तैरने के बीच झूल रहा है। यह एक business कहानी नहीं है। एक त्रासदी
05:12
Speaker A
चेहरे पर पसीना। पर एक बात जो उसे हर रोज काम पर लाती है। पगार ₹15 दिन। जो उस जमाने में एक मामूली परिवार के लिए रोजी थी और उस मजदूर की मेहनत हर एक ईंट, हर एक पत्थर, हर एक meter ऊंचाई। Reserve Bank का दरवाजा खुलता है। एक नया भारत,
05:37
Speaker A
है और हर त्रासदी एक चेतावनी है। उन सबके लिए जो पैसा बनाने के पीछे परिवार को भूल जाते हैं। समय एक ईमानदार judge है और Mistry परिवार ने पिछले कुछ साल में समय की क्रूरता बहुत करीब से देखी है। कहानी शुरू करते हैं।
06:00
Speaker A
है। बहुत कम construction कंपनियां यह कहती हैं। शाहपुरजी कहती हैं 65 साल से। अब एक छलांग पल्लोनजी मिस्त्री पर। पल्लोनजी का जन्म 1929 मुंबई। एक पुराने मिस्त्री परिवार में। उनके पिता शाहपुरजी पल्लोनजी मिस्त्री company के संस्थापक और दादा पल्लोनजी एक मामूली ठेकेदार। पल्लोनजी बचपन से company में थे। हर
06:27
Speaker A
1965। मुंबई तब Bombay था। एक छोटा सा बंदरगाह। British राज्य के नीचे एक पारसी आदमी Pallonji Mistry एक छोटी सी company शुरू करते हैं। नाम Shapoorji Pallonji and Company। मकसद construction इमारतें बनाना। जरा वक्त समझिए। उस जमाने में मुंबई एक छोटा सा
06:45
Speaker A
deals और एक के बाद एक इमारतें। देखिए यह intentional silence है। एक रणनीति। बहुत से businessman media में पकड़ बनाते हैं, प्रचार पाते हैं, प्रसिद्ध चाहते हैं। पल्लोनजी एकदम उल्टा। प्रचार से दूर, नाम से दूर। क्यों?
07:04
Speaker A
शहर। ज्यादातर इमारतें एक दो मंजिला। कोई ऊंची इमारतें नहीं, कोई आधुनिक design नहीं। पर Pallonji ने एक अलग सोच रखी। मैं एक ऐसी company बनाऊंगा जो बड़ी इमारतें बनाए। पत्थर की, मजबूत, 100 साल टिके। और शुरू हुआ 160 साल का
07:27
Speaker A
कुछ कहानियां कहती हैं tax planning। कुछ कहती हैं एक पुराने पारिवारिक रिश्ते। जो भी कारण हो, पल्लोनजी एक ब्रिटिश नागरिक बने और एक time पर दुनिया की एक नामी पत्रिका ने उन्हें ब्रिटेन के सबसे अमीर भारतीय मूल के व्यक्ति घोषित किया। Bill Gates, Warren Buffett,
07:49
Speaker A
काम। पहली कुछ इमारतें छोटी थीं। एक church, एक school, एक छोटा सा अस्पताल। पर एक चीज company की पहचान बन गई। गुणवत्ता। जो Shapoorji Pallonji बनाते हैं वो आज भी वहां खड़े हैं। देखिए, एक पारसी समाज मुंबई में एक अलग रुतबा रखता था। 30-40 हज़ार लोग पर भारत के बड़े
08:09
Speaker A
meeting। पल्लोनजी कोई सालाना meeting नहीं। company private है। मतलब पल्लोनजी एक भूत थे दौलत के साथ। और इसी अदृश्यता ने उन्हें Tata के अंदर एक अनूठी जगह दी जो हम आगे समझेंगे। Tata और मिस्त्री के बीच एक पुराना रिश्ता है।
08:31
Speaker A
businessman का बहुत बड़ा हिस्सा। Tata, Godrej, Wadia और Mistry। ये सब पारसी और इन सब में एक अंदरूनी विश्वास था। एक पारसी दूसरे पारसी से काम लेगा। एक पारसी दूसरे पारसी पर भरोसा करेगा। इस inner circle ने Shapoorji Pallonji को
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Speaker A
दशक शाहपुरजी पल्लोनजी परिवार Tata Sons का हिस्सा चुपचाप बढ़ाते रहे। कैसे? जब भी Tata को cash की जरूरत होती, शाहपुरजी पैसा देते। बदले में कुछ share ले लेते। कोई बड़ी deal नहीं, कोई बड़ी press release नहीं। बस एक के बाद एक छोटी transaction
09:17
Speaker A
बहुत मदद की। जब Tata को एक नई इमारत चाहिए होती, वो Shapoorji को बुलाते। जब Wadia परिवार को कुछ बनाना होता, Shapoorji को call जाती और Shapoorji एक के बाद एक मुंबई की प्रतिष्ठित इमारतें बनाते गए। अब रुकिए,
09:42
Speaker A
बड़ा हिस्सा। और कोई बात नहीं करता था। जरा सोचिए यह गुप्त निवेश 65 साल चलता रहा। media को पता नहीं। ज्यादातर भारतीयों को पता नहीं। बस Tata Board को पता था और मिस्त्री परिवार को। एक covert दौलत जो सामान्य जिंदगी में कभी सामने नहीं आती। जब
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Speaker A
एक तस्वीर बनाइए। एक मुंबई के पुराने worker की। 1950 के दशक के अंत में एक मजदूर Reserve Bank की site पर पत्थर तोड़ रहा है। उसके पास कोई helmet नहीं, कोई दस्ताने नहीं, कोई safety harness नहीं। हाथों में दर्द, पीठ में दर्द,
10:19
Speaker A
Mistry। पल्लोनजी मिस्त्री का छोटा बेटा। देखिए यह बहुत महत्वपूर्ण बात है। Ratan Tata किसी पारिवारिक सदस्य को नहीं चुन सकते थे क्योंकि उनके परिवार में कोई परंपरागत वारिस नहीं था। उनकी कोई शादी नहीं, कोई बच्चा नहीं। तो उन्होंने
10:37
Speaker A
चेहरे पर पसीना। पर एक बात जो उसे हर रोज काम पर लाती है। पगार ₹15 दिन। जो उस जमाने में एक मामूली परिवार के लिए रोजी थी और उस मजदूर की मेहनत हर एक ईंट, हर एक पत्थर, हर एक meter ऊंचाई। Reserve Bank का दरवाजा खुलता है। एक नया भारत,
10:56
Speaker A
और media ने एक नए युग का स्वागत किया। एक नौजवान पारसी Tata की संस्कृति का वारिस। पर अंदरूनी कुछ अलग चल रहा था। Ratan Tata Cyrus की रणनीतियों से खुश नहीं थे। Cyrus ने कुछ पुराने Tata projects को
11:14
Speaker A
एक नई इमारत और मजदूर अपनी पगार लेकर घर जाता है। अपने बच्चों के लिए एक रोटी। यह invisible मेहनत है। हर बड़ी इमारत के पीछे Shapoorji Pallonji ने इस मेहनत पर एक साम्राज्य खड़ा किया और इसी वजह से company का एक मूल मूल्य आज तक कायम है। मजदूर हमारी असली पूंजी
11:35
Speaker A
Tata Sons के board की एक meeting Bombay House में। बिना किसी पूर्व चेतावनी के board ने एक प्रस्ताव pass किया और Cyrus Mistry chairman पद से हटा दिए गए। बाहर तुरंत। Ratan Tata अंतरिम chairman वापस। देश हैरान। ज्यादा। पल्लोनजी मिस्त्री एक पिता
11:56
Speaker A
है। बहुत कम construction कंपनियां यह कहती हैं। शाहपुरजी कहती हैं 65 साल से। अब एक छलांग पल्लोनजी मिस्त्री पर। पल्लोनजी का जन्म 1929 मुंबई। एक पुराने मिस्त्री परिवार में। उनके पिता शाहपुरजी पल्लोनजी मिस्त्री company के संस्थापक और दादा पल्लोनजी एक मामूली ठेकेदार। पल्लोनजी बचपन से company में थे। हर
12:13
Speaker A
पल्लोनजी ने एक भारी फैसला लिया। हम लड़ेंगे और शुरू हुई भारत के इतिहास की सबसे बड़ी corporate लड़ाई। पांच साल 2016 से 2021 court case एक के बाद एक National Company Law Tribunal, फिर appeal, फिर Supreme Court। मामला बहुत बड़ा था। Corporate governance, minority
12:37
Speaker A
site पर जाते, हर इमारत देखते, हर मजदूर से बात करते। बड़े हुए। आयरलैंड में पढ़ाई। फिर वापस मुंबई और company संभाली। और एक चीज सबसे खास पल्लोनजी कभी media में नहीं आए। कोई interview नहीं, कोई photoshoot नहीं, कोई TV appearance नहीं। बस एक के बाद एक
12:58
Speaker A
निकाल सकते। जरा सोचिए ₹3 लाख करोड़ कागज पर दौलत पर असली जिंदगी में कुछ नहीं। और पल्लोनजी मिस्त्री एक 90 साल के बूढ़े अपने आखिरी सालों में यह देख रहे थे। एक पिता जिसने 70 साल बनाया और एक झटके में सब फंस गया। June
13:18
Speaker A
deals और एक के बाद एक इमारतें। देखिए यह intentional silence है। एक रणनीति। बहुत से businessman media में पकड़ बनाते हैं, प्रचार पाते हैं, प्रसिद्ध चाहते हैं। पल्लोनजी एकदम उल्टा। प्रचार से दूर, नाम से दूर। क्यों?
13:37
Speaker A
और शापुरजी पल्लोनजी एक नए नेता की तलाश में। पल्लोनजी के बड़े बेटे शापुर मिस्त्री company संभाले। छोटे बेटे Cyrus एक दर्द भरे दौर में। पिता खो दिए। एक कानूनी लड़ाई हारी और एक बाहरी बन गए। देश सोच रहा था अब क्या होगा?
13:56
Speaker A
शायद इसलिए कि उन्हें तो पता था असली ताकत सार्वजनिक नहीं होती, चुप रहती है और हर जरूरी जगह पर मौजूद होती है। और उन्होंने यही ताकत दशकों बनाई। अब रुकिए। एक चौंकाने वाली बात। पल्लोनजी मिस्त्री एक भारतीय पारसी थे। पर एक time पर उन्होंने ब्रिटिश नागरिकता ले ली। क्यों?
14:25
Speaker A
तीन महीने पहले पिता गए। अब बेटा गया। एक परिवार, दो मौतें और एक Tata-मिस्त्री लड़ाई जो सब अधूरी रह गई। क्योंकि वह लड़ाई दो परिवारों के बीच नहीं थी। दो आदमियों के बीच थी। Ratan Tata और Cyrus Mistry। और जब Cyrus चले गए। लड़ाई का
14:44
Speaker A
कुछ कहानियां कहती हैं tax planning। कुछ कहती हैं एक पुराने पारिवारिक रिश्ते। जो भी कारण हो, पल्लोनजी एक ब्रिटिश नागरिक बने और एक time पर दुनिया की एक नामी पत्रिका ने उन्हें ब्रिटेन के सबसे अमीर भारतीय मूल के व्यक्ति घोषित किया। Bill Gates, Warren Buffett,
15:05
Speaker A
शापुरजी पल्लोनजी कई business में थी। Construction, Real Estate, Eureka Forbes, Aquaguard पानी filter, Gokak Textiles, Energy, Ports, Ofcons Infra बहुत बड़ी कंपनियां। पर एक के बाद एक मुश्किल दौर। Covid, Real Estate का मंदी, Tax विवाद और एक बढ़ता हुआ कर्ज। आज 2026 में शापुरजी पल्लोनजी group का
15:30
Speaker A
Mukesh Ambani और पल्लोनजी मिस्त्री दुनिया के सबसे अमीर आदमियों की list में। पर एक फर्क। Bill Gates हर हफ्ते media में। पल्लोनजी साल में एक बार भी नहीं। Mukesh Ambani Davos में मंच पर। पल्लोनजी कभी एक भी मंच पर नहीं। Warren Buffett सालाना shareholder
15:54
Speaker A
चाहिए। हम अपना Tata Sons हिस्सा collateral के तौर पर रखेंगे। Tata Trust फौरन मना कर दिया। नहीं, governance issue और शापुरजी फिर एक मुश्किल जगह पर। April 2026 एक नई समस्या। शापुरजी पल्लोनजी group की एक unit गोस्वामी Infratech पर एक 1.5 billion dollar का bond
16:17
Speaker A
meeting। पल्लोनजी कोई सालाना meeting नहीं। company private है। मतलब पल्लोनजी एक भूत थे दौलत के साथ। और इसी अदृश्यता ने उन्हें Tata के अंदर एक अनूठी जगह दी जो हम आगे समझेंगे। Tata और मिस्त्री के बीच एक पुराना रिश्ता है।
16:40
Speaker A
पल्लोनजी default की कगार पर और एक परिवार जो 160 साल से Mumbai का skyline बनाता आ रहा था, आज अपनी ही जमीन पर खड़े होने की लड़ाई लड़ रहा है। एक दर्दनाक मोड़। एक और बात। शापुरजी पल्लोनजी ने हाल ही में एक नई fundraising का plan बनाया।
17:00
Speaker A
समझिए। 1930 के दशक में JRD Tata, Tata Sons के chairman। वह थोड़ी सी financial मदद ढूंढ रहे थे। एक रिश्तेदार शाहपुरजी पल्लोनजी मिस्त्री, पल्लोनजी के पिता को बुलाया। हमारी company में निवेश करो। शाहपुरजी ने कुछ हिस्सा खरीदा। एक छोटा सा प्रतिशत। फिर एक बात जो शायद आपको हैरान करेगी। अगले कई
17:22
Speaker A
जवाब अब भी आना बाकी। एक छोटी सी आशा। 2025 के अंत में Tata Sons के chairman N.
17:29
Speaker A
दशक शाहपुरजी पल्लोनजी परिवार Tata Sons का हिस्सा चुपचाप बढ़ाते रहे। कैसे? जब भी Tata को cash की जरूरत होती, शाहपुरजी पैसा देते। बदले में कुछ share ले लेते। कोई बड़ी deal नहीं, कोई बड़ी press release नहीं। बस एक के बाद एक छोटी transaction
17:49
Speaker A
परिवार एक नया रास्ता ढूंढ रहे हैं। शायद एक तरह का समझौता। शायद एक हिस्सा बेचने की deal। जो भी हो, एक बात तय है। दोनों परिवार 10 साल पहले की लड़ाई से थक चुके हैं और शायद आखिरी में
18:06
Speaker A
और एक time पर 2000 के दशक के आसपास शाहपुरजी पल्लोनजी परिवार के पास Tata Sons का 18.4% था। मतलब Tata Trust 66% के बाद सबसे बड़ा हिस्सा। Mukesh Ambani से ज्यादा, Gautam Adani से ज्यादा, हर एक भारतीय businessman से ज्यादा। एक छोटे से पारसी परिवार के पास Tata का एक
18:24
Speaker A
जो आज भी कई mega projects चला रही है। मुंबई coastal road का एक हिस्सा। दिल्ली-मुंबई high speed expressway के कुछ खंड और कई विदेशी projects। मतलब operation के स्तर पर company जिंदा है। बस financial स्तर पर मुश्किल। और भारत के business
18:43
Speaker A
बड़ा हिस्सा। और कोई बात नहीं करता था। जरा सोचिए यह गुप्त निवेश 65 साल चलता रहा। media को पता नहीं। ज्यादातर भारतीयों को पता नहीं। बस Tata Board को पता था और मिस्त्री परिवार को। एक covert दौलत जो सामान्य जिंदगी में कभी सामने नहीं आती। जब
19:03
Speaker A
अगर शापुरजी डूबती है तो भारत के corporate दुनिया का एक हिस्सा टूट जाएगा और शायद कोई इसे नहीं चाहता। इसीलिए Tata trust भी चुपचाप एक रास्ता ढूंढ रहा होगा। एक छोटी सी अनकही कहानी। जब Cyrus Mistry 2016 में बाहर हुए। एक चीज
19:25
Speaker A
तक 2012 एक चीज हुई। Ratan Tata retire हो रहे थे। समझिए। Episode 32 में देखा। Ratan Tata एक नया chairman ढूंढ रहे थे जिस पर भरोसा कर सकें। जो Tata की संस्कृति को आगे बढ़ाए। और एक नाम पकड़ा Cyrus
19:46
Speaker A
एक extended परिवार में। और जब Ratan ने Cyrus को बाहर किया, सिर्फ business नहीं, एक पारिवारिक रिश्ता टूट गया। Alu Mistry दो भाइयों के बीच अकेली पड़ गई। एक भाई Cyrus court में लड़ रहा था, दूसरा भाई समर्थन देता। पर पति Noel Tata का पक्षधर। और जब 2022
20:09
Speaker A
Mistry। पल्लोनजी मिस्त्री का छोटा बेटा। देखिए यह बहुत महत्वपूर्ण बात है। Ratan Tata किसी पारिवारिक सदस्य को नहीं चुन सकते थे क्योंकि उनके परिवार में कोई परंपरागत वारिस नहीं था। उनकी कोई शादी नहीं, कोई बच्चा नहीं। तो उन्होंने
20:27
Speaker A
चुपचाप company चला रहे हैं। media में बहुत कम। बस board meetings, bankers से बातचीत और कर्ज चुकाने की कोशिश। उनके बेटे Patrick Mistry और Feroz Mistry company में आ रहे हैं। नई पीढ़ी और एक चीज सबसे खास। Cyrus के बेटे Feroz और Jahaan
20:47
Speaker A
Tata के सबसे बड़े बाहरी shareholder मिस्त्री परिवार से चुना। Cyrus एक नौजवान। लंदन में पढ़ा लिखा। Tata Board में पहले से था और एक पारसी। Ratan Tata को सब बक्से check हो रहे थे। Cyrus Mistry Tata Sons के नए chairman बने
21:12
Speaker A
समस्याओं से बच पाए। एक छोटा सा product जो शायद आपके घर में है। Aquaguard पानी filter। हाँ, वो हरा सफेद filter जो पिछले 30 साल से हर भारतीय घर के kitchen में दिखता है। ज्यादातर भारतीय इसे एक साधारण घरेलू नाम समझते हैं
21:31
Speaker A
और media ने एक नए युग का स्वागत किया। एक नौजवान पारसी Tata की संस्कृति का वारिस। पर अंदरूनी कुछ अलग चल रहा था। Ratan Tata Cyrus की रणनीतियों से खुश नहीं थे। Cyrus ने कुछ पुराने Tata projects को
21:54
Speaker A
करोड़ से ज्यादा घरों में। और एक बात सबसे खास। Eureka Forbes ने भारत में direct selling को एक उद्योग बनाया। पहले कोई company दरवाजे-दरवाजे demo नहीं देती थी। Forbes ने यह शुरू किया। आप शायद याद करेंगे। एक salesman एक Aquaguard लेकर आपके
22:12
Speaker A
बंद करने का सोचा। Tata Nano, Tata Docomo, जापानी partnership। कुछ छोटे units। Ratan Tata को लगा Cyrus मेरी विरासत को मिटा रहा है। और एक के बाद एक मतभेद जो चार साल बाद एक बड़े विस्फोट में बदले। October 2016
22:33
Speaker A
एक private equity firm को। मतलब Mistry परिवार अपने सबसे प्रसिद्ध brand को खो दिया। यह कर्ज की त्रासदी का एक छोटा सा हिस्सा है। एक और project जो Shaapurji की पहचान बन गया। Oman के Sultan का महल। Muscat में समुद्र किनारे एक विशाल पत्थर का
22:51
Speaker A
Tata Sons के board की एक meeting Bombay House में। बिना किसी पूर्व चेतावनी के board ने एक प्रस्ताव pass किया और Cyrus Mistry chairman पद से हटा दिए गए। बाहर तुरंत। Ratan Tata अंतरिम chairman वापस। देश हैरान। ज्यादा। पल्लोनजी मिस्त्री एक पिता
23:14
Speaker A
एक भारतीय company को। क्यों? क्योंकि Shaapurji की पहचान एक चीज पर थी। वो जो वादा करते हैं वो पूरा करते हैं। समय पर, budget पर, गुणवत्ता पर। और इसी विश्वसनीयता ने Shaapurji को मध्य पूर्व का पसंदीदा construction partner बनाया। Oman
23:33
Speaker A
जिसने अपने बेटे को एक बड़ी जिम्मेदारी पर देखा था औ
23:55
Speaker A
यह नहीं जानते कि Oman का Sultan एक भारतीय परिवार के महल में रहता है। एक छोटी सी scene। जून 2022 Pallonji Mistry का अंतिम संस्कार मुंबई के डूंगरवाडी में। पारसी समाज की एक पुरानी जगह। बहुत कम लोग, सिर्फ परिवार,
24:14
Speaker A
कुछ करीबी दोस्त। एक तरफ Shaapur Mistry, बड़े बेटे, नया मुखिया। दूसरी तरफ Cyrus Mistry, छोटा बेटा चुप। और एक तीसरी जगह खाली। कोई नहीं था Tata की तरफ से। कोई औपचारिक प्रतिनिधि नहीं, कोई शोक संदेश नहीं। पांच साल पुरानी एक कानूनी लड़ाई
24:34
Speaker A
इस अनुपस्थिति में झलक रही थी। और Cyrus अपने पिता की तस्वीर के सामने खड़े एक चीज सोच रहे थे। क्या मैंने गलत फैसला लिया था?
24:45
Speaker A
अगर मैं Ratan Tata के साथ रहता, एक झगड़ा न करता, पिता शांति से जाते। तीन महीने बाद Cyrus भी एक highway पर चले गए और शायद पिता की आत्मा कहीं से पर बेटे को ढूंढते साथ ले गई। यह एक भारतीय परिवार की त्रासदी है, जहां जिंदगी और मौत एक छोटे से अंतर
25:08
Speaker A
पर चलती है। एक छोटी बात। बहुत से लोग सोचते हैं अगर Shapoorji Pallonji Tata का इतना बड़ा हिस्सा रखता है तो इतनी मुश्किल में क्यों है? जवाब एक शब्द में Liquidity मतलब कागज पर दौलत पर हाथ में पैसा नहीं। Tata Sons का
25:28
Speaker A
18.4%, 3 लाख करोड़ रुपए का है। पर इसे बेच नहीं सकते। Tata Trust permission नहीं देता और Tata Sons dividend भी बहुत कम देती है क्योंकि वह दूर company में दोबारा निवेश करना पसंद करती है। मतलब Shapoorji Tata से सालाना कुछ 100 करोड़ ही पाती
25:48
Speaker A
है जबकि कर्ज कई हजार करोड़। यह structural lock in सबसे बड़ी समस्या है और जब तक Tata Sons public नहीं होती या Tata Trust permission नहीं देती Shapoorji इसी golden cage में फंसी रहेगी। एक सुंदर पिंजरा पर एक पिंजरा। एक बार फिर Mumbai के
26:10
Speaker A
skyline को देखिए। Reserve Bank, Taj Hotel, Brabourne Stadium। यह सब खड़ी है। 100 साल 200 साल टिकेंगी। जो परिवार इन्हें बनाने वाला है आज टूटने की कगार पर है। पर वो इमारतें हमेशा रहेंगी। यह एक त्रासदी है कि एक परिवार जो भारत का skyline बनाता है, खुद का घर नहीं संभाल पा रहा
26:35
Speaker A
और शायद यह आज के भारतीय business का सबसे बड़ा सबकट है। बाहरी इमारतें आसान है, अंदरूनी मुश्किल। Pallonji ने सीखा, Cyrus ने सीखा और Shapoor आज भी सीख रहे हैं। यह India's richest है। यहां हम वो कहानियां सुनाते हैं जो TV पर नहीं आती, जो अखबारों
26:55
Speaker A
में पूरी नहीं छपती। Mistry परिवार की कहानी आधुनिक भारत का एक मूक त्रासदी है। एक परिवार जिसने सब बनाया और सब खोता दिख रहा है। जब अगली बार आप Mumbai के Marine Drive पर खड़े हों और Taj Hotel देखें। एक second
27:12
Speaker A
Mistry परिवार के लिए एक छोटा सा शुक्रिया मन में। क्योंकि वो वहां हर एक मीनार में हैं। पर आज वो परिवार अपनी ही और सबसे मजबूत नींव पर हिल रहा है और भारत चुपचाप देख रहा है। कल मिलते हैं
27:30
Speaker A
एक नई कहानी के साथ। एक नया चेहरा, एक नया दर्द, एक नया भारत। subscribe अगर अभी तक नहीं किया है। बहुत बड़ी कहानियां आ रही हैं।
Topics:शापुरजी पल्लोनजीपल्लोनजी मिस्त्रीTata समूहमुंबई की इमारतेंभारतीय निर्माण उद्योगपारसी परिवारकॉर्पोरेट संघर्षTata Sons शेयरधारकCyrus Mistryभारतीय व्यवसाय कहानी

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