11 मार्च 2025 को जाफर एक्सप्रेस ट्रेन हाईजैकिंग का पूरा घटनाक्रम और बीएलए के आतंकवादी हमले की कहानी।
Key Takeaways
- बीएलए ने पहली बार पूरी ट्रेन को हाईजैक कर एक नया आतंकवादी हमला अंजाम दिया।
- टनल नंबर 7 का चयन आतंकवादियों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था।
- सिक्योरिटी फोर्सेस ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर सभी आतंकवादियों को खत्म किया।
- इस घटना ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था और बलूचिस्तान की समस्या पर गंभीर सवाल खड़े किए।
- यात्रियों की सुरक्षा के लिए त्वरित और कुशल प्रतिक्रिया आवश्यक है।
What the video covers
- 11 मार्च 2025 को कोटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर बीएलए के आतंकवादियों ने हमला किया।
- ट्रेन को टनल नंबर 7 में हाईजैक किया गया, जहां कम्युनिकेशन कट ऑफ और एस्केप मुश्किल था।
- 33 heavily armed आतंकवादी ट्रेन में घुसे और यात्रियों को अलग-अलग समूहों में बांटा।
- आतंकवादियों ने यात्रियों के आईडी कार्ड चेक किए और महिलाओं व बच्चों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया।
- सिक्योरिटी फोर्सेस ने ऑपरेशन ग्रीन बोलान शुरू किया और 15 घंटे तक चले ऑपरेशन में सभी आतंकवादियों को मार गिराया।
- इस घटना में 21 यात्री और 4 सुरक्षा कर्मी शहीद हुए, जबकि बाकी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
- बीएलए बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ने वाला एक मिलिटेंट ग्रुप है, जो पाकिस्तान के खिलाफ कई हमलों में शामिल रहा है।
- यह हमला बीएलए की रणनीति और पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
- वीडियो में कंटेंट क्रिएशन और पर्सनल कोचिंग के लिए भी जानकारी दी गई है।
- यह हाईजैकिंग पूरी तरह से प्लान्ड और वेल-कैलकुलेटेड था, जो पाकिस्तान के लिए एक बड़ा सुरक्षा खतरा साबित हुआ।
Chapters
- 00:00परिचय और ट्रेन की स्थिति
- 00:44हाईजैकिंग की शुरुआत और आतंकवादियों की मांग
- 01:59कंटेंट क्रिएशन और कोचिंग का परिचय
- 02:32जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का विवरण और रूट
- 03:09टनल नंबर 7 में हाईजैकिंग की रणनीति
- 03:46बीएलए का इतिहास और उद्देश्य
- 04:26बीएलए के पूर्व हमले और आतंकवादी गतिविधियां
- 05:11हाईजैकिंग का पूरा घटनाक्रम
- 05:48सिक्योरिटी फोर्सेस का ऑपरेशन और अंत
- 06:18हाईजैकिंग के बाद के प्रभाव और निष्कर्ष
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Speaker A
[संगीत] इमेजिन करो, एक ट्रेन फुल स्पीड के साथ अपनी मंजिल की तरफ जा रही है। अंदर 440 पैसेंजर्स हैं। कोई अपनी जॉब पर जा रहा है तो कोई अपनी फैमिली से मिलने। सब कुछ एक नॉर्मल रूटीन की तरह लग रहा था जब तक एक
Speaker A
अनएक्सेक्टेड चीज़ नहीं होती। अचानक से बम फटने और गोलियों की आवाजें सुनाई देती हैं और उसी वक्त ट्रेन रुक जाती है। ट्रेन में मौजूद लोग पैनिकिक होकर इधर-उधर भागने लगते हैं। किसी को कुछ नहीं पता कि अचानक से यह क्या हो रहा है। तभी कुछ दहशतगर्द
Speaker A
ट्रेन में एंटर होते हैं। हाथ में AK-47, ग्रेनेड बेल्ट्स और एक्सक्लूसिव जैकेट्स हैं। सबको एक आवाज़ सुनाई देती है, "यह ट्रेन अब हमारे कब्जे में है।" तभी डर और खौफ का एक ऐसा माहौल बन जाता है जो पहले
Speaker A
कभी नहीं देखा गया। मुसाफिरों को एक जगह पर इकट्ठा किया जाता है और टेररिस्ट अपनी डिमांड सामने रखते हैं। उनका कहना था कि अगर हमारा मिशन पूरा ना हुआ तो हम किसी को भी जिंदा नहीं छोड़ेंगे। हमारा एक आदमी
Speaker A
मरेगा और तुम्हारे 10 मरेंगे। मगर अब सवाल यह है कि क्या यह हाईजैकिंग सिर्फ एक रैंडम टेररिस्ट अटैक था? या इसके पीछे एक बड़ी साजिश थी। आइए देखते हैं आज की इस वीडियो में। छोड़ ही नहीं रहे। किसी को भी
Speaker A
नहीं छोड़ रहे। वो मिसाइल चल रहे थे। मतलब लांचर चल रहे थे। तकरीबन कुछ 30 मिनट तक फायरिंग चलती रही है। 11 मार्च की दोपहर 1:00 बजे दहशतगर्दों ने कोटा से पेशावर जाने वाली जाफर एक्सप्रेस पर हमला किया।
Speaker A
10 की टोली में, 15 की टोली में, 20 की टोली में, तीन की टोली में ये भी उठो, ये भी उठो उधर जाकर दल उधर। सोशल मीडिया के इस दौर में कंटेंट क्रिएशन वाहिद ऐसी चीज़ है जिसकी सबसे ज्यादा
Speaker A
डिमांड और वैल्यू है। आप में से बहुत से लोग मेरे जैसा कंटेंट बनाना चाहते हैं। लेकिन उनको समझ नहीं आती कि शुरू कहां से किया जाए। एंड मोस्टेंटली उनके पास वह एडिटिंग मटेरियल नहीं होता जो एक प्रोफेशनल क्रिएटर के पास होता है। इसी
Speaker A
चीज़ को आसान करने के लिए मैंने अपनी वेबसाइट लॉन्च की है। जहां पे आपको हर वो मटेरियल मिल जाएगा जो मैं खुद अपनी वीडियोस में यूज करता हूं। एंड अगर आप अपनी कंटेंट क्रिएशन को लेकर बहुत ज्यादा कंफ्यूज्ड हैं तो आप मुझसे वन टू वन
Speaker A
मीटिंग भी बुक कर सकते हैं। एंड आल्सो आप पर्सनल कोचिंग के लिए एनरोल भी कर सकते हैं। इसमें मैं आपको खुद पर्सनली लाइव क्लासेस दूंगा। एंड इस पर्सनल कोचिंग में मैं सिर्फ तीन लोगों को सिखाऊंगा। तीन ऐसे लोग जो वाकई में अपने करियर को अपनी
Speaker A
कंटेंट क्रिएशन की जर्नी को लेकर सीरियस हैं। तो देर किस बात की? अभी जाएं और जाके वन टू वन मीटिंग या फिर पर्सनल कोचिंग के लिए एनरोल करें। बैक टू द टॉपिक। यह ट्रेन जाफर एक्सप्रेस थी जो कोटा
Speaker A
से पेशावर जा रही थी। जाफर एक्सप्रेस पाकिस्तान की सबसे इंपॉर्टेंट और पुरानी रेलवे लाइंस में से एक है जो बलूचिस्तान, पंजाब और खैबर पख्तून खान से गुजर कर अपनी मंजिल तक पहुंचती है। इसमें मैक्सिमम कोचेस की कैपेसिटी 16 से 18 तक होती है और
Speaker A
इस ट्रेन में 800 से ज्यादा मुसाफिर सवार हो सकते हैं। लेकिन उस वक्त इस ट्रेन में 440 पैसेंजर्स थे। यह ट्रेन मोस्टली उन लोगों के लिए होती है जो बलूचिस्तान से पंजाब और केपीके का सफर करते हैं। इसका
Speaker A
रूट माउंटेनियस एरियाज और टनल्स में से गुजर कर जाता है जो इसका सिक्योरिटी रिस्क और ज्यादा बढ़ा देता है। इस ट्रेन का सबसे खतरनाक रूट बलूचिस्तान का पहाड़ी एरिया है जहां बहुत सी टनल्स और ब्रिजेस हैं जो कोटा से पंजाब के दरमियान में आती हैं।
Speaker A
हाईजैकर्स ने बड़ी ही प्लानिंग के साथ इस ऑपरेशन को शुरू किया। उन्होंने ट्रेन को टनल नंबर सेवन पर हाईजैक किया। यह टनल 400 मीटर लंबी थी और सिर्फ एक तरफ से एग्जिट था। हाईजैकर्स ने यह जगह इसलिए चुनी
Speaker A
क्योंकि यहां से एस्केप करना मुश्किल था। इस टनल में जीपीएस सिग्नल्स वीक हो जाते हैं, जिसकी वजह से कम्युनिकेशन कट ऑफ हो जाती है। और सबसे बड़ी बात यह टनल हाईजैकरों के लिए एक तरह से डिफेंस था। आर्मी
Speaker A
सिवाय इन और आउट पॉइंट के अलावा इस टनल में किसी और जगह से एंटर नहीं हो सकती थी। और इस जगह पर आर्मी का स्नाइपर्स और ड्रोंस का इस्तेमाल करना बहुत मुश्किल था। इसी वजह से यह ऑपरेशन 30 घंटों तक चलता
Speaker A
रहा। यह एक प्रीप्लैंड और वेल कैलकुलेटेड अटैक था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह अटैक किया किसने था? यह एक ग्रुप था जिसका नाम था बीएएलए। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी। बीएएलए एक मिलिटेंट ग्रुप है जो बलूचिस्तान के लिए
Speaker A
आजादी चाहता है। यह ग्रुप 2000 में बना था और तब से लेकर आज तक यह पाकिस्तान के खिलाफ साजिशें कर रहा है। यह सब कुछ करने के पीछे इस ग्रुप के कुछ मकसद हैं। पहला, बलूचिस्तान के रिसोर्सेज जैसे जमीन, गैस
Speaker A
और मिनरल्स पर कंट्रोल हासिल करना। दूसरा, बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग या फिर कम से कम आजादी दिलवाना। यह ग्रुप कोई नया नहीं बना। बीएलए ने अपना पहला एक्शन 2000 में लिया था। उन्होंने पाकिस्तान की सिक्योरिटी फोर्सेस और सरकारी इदारों पर
Speaker A
हमले किए और तब से लेकर आज तक ये लोग मुसलसल सिक्योरिटी फोर्सेस और आम शहरियों पर कोई ना कोई अटैक करते रहते हैं। मई 2012 में बीएलए ने एक प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल मुजफ्फर हुसैन जमाली का कत्ल कर दिया। अगस्त 2013 में बीएलए ने मस्ट टाउन के
Speaker A
करीब एक बस रोकी जिसमें 11 मुसाफिरों को अगवा करके कत्ल कर दिया। जून 2015 में बीएलए और यूनाइटेड आर्मी यूबीए के दरमियान डेराबोती में झगड़ा हुआ जिसमें 20 मिलिटेंट हलाक हुए। अप्रैल 2022 में कराची यूनिवर्सिटी में एक फीमेल सुसाइड बॉम्बर
Speaker A
ने अपने आप को बॉम्ब से उड़ा लिया जिसमें तीन चाइनीस टीचर्स हलाक हुए। नवंबर 2024 कोटा रेलवे स्टेशन पर सुसाइड बॉम्बिंग हुई जिसमें 32 लोग जाबाहक और 55 लोग जख्मी हो गए। 11 मार्च 2025 जाफर एक्सप्रेस सुबह 9:00
Speaker A
बजे कोटा से पेशावर के लिए निकलती है। यह ट्रेन बुलान पास के पहाड़ी इलाके से गुजरती है, जहां सात से आठ टनल्स आती हैं। जब ट्रेन टनल नंबर सेवन में पहुंचती है तो बीएएलए के मिलिटेंट्स ने ट्रेन की पटरी को
Speaker A
बॉम्ब से उड़ा दिया जिससे ट्रेन टनल के अंदर ही रुक जाती है। इसके बाद मिलिटेंट्स ने ट्रेन पर कंटीन्यूसली फायरिंग शुरू कर दी। इस साइज जैकिंग में 33 लोग शामिल थे जो कि फुल्ली आर्म्ड थे। इनके पास हैवी
Speaker A
वेपंस और ग्रेनेड्स थे। पैसेंजर्स को समझ आ चुका था कि ट्रेन हाईजैक हो चुकी है। जब बीएएलए के मिलिटेंट्स ट्रेन में दाखिल हुए तो उन्होंने सबसे पहले लोगों के आईडी कार्ड्स चेक करना शुरू कर दिए। वो एक-एक मुसाफिर को देखते, उनका नाम और बैकग्राउंड
Speaker A
कंफर्म करते और फिर उनको अलग-अलग ग्रुप्स में डिवाइड कर देते। यह लोग बलोची, पंजाबी और सराइकियों के अलग-अलग ग्रुप्स बना रहे थे और इन लोगों ने औरतों और बच्चों को एज अ शील्ड यूज किया ताकि पाकिस्तानी फोर्सेस कोई भी एक्शन लेने से पहले सोचे।
Speaker A
जब भी कोई पैसेंजर इनके खिलाफ एक्शन लेने की कोशिश करता या फिर भागने की कोशिश करता, यह लोग उन्हें बिना किसी खौफ या रहम के फायरिंग कर देते। हाईजैकिंग के बाद ट्रेन के कम्युनिकेशन सिस्टम्स फेल हो गए जिससे हेड
Speaker A
क्वार्टर से राब्ता खत्म हो गया। इसी वजह से कुछ वक्त तक हाईजैकिंग का किसी को भी पता नहीं चल पाया। लेकिन जब ट्रेन अपने वक्त पर अपनी डेस्टिनेशन पर नहीं पहुंची और फैमिली मेंबर्स और हेड क्वार्टर्स वालों ने उनसे राब्ता करने की कोशिश की तो
Speaker A
उन्हें भी कोई जवाब नहीं मिला। इसी सूरत-ए-हाल ने अथॉरिटीज को शक में डाल दिया कि कुछ तो गलत हो रहा है। जब अथॉरिटीज को ट्रेन के लापता होने का पता चला तो फौरन सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
Speaker A
सिक्योरिटी फोर्सेस ने ट्रेन के रूट को फॉलो किया और आखिरकार उनको ट्रेन का सुराग मिल ही गया और इसी वक्त ऑपरेशन ग्रीन बोलान को शुरू किया गया। फोर्सेस ने टनल के दोनों एंड पर अपनी पोजीशंस ले ली। ऑपरेशन का सबसे बड़ा चैलेंज था कि ट्रेन
Speaker A
टनल के अंदर थी, जहां बहुत ज्यादा अंधेरा और लिमिटेड स्पेस थी। आर्मी ने सबसे पहले ट्रेन के आसपास ड्रोंस को भेजा जिससे अंदर की पोजीशनिंग का पता चला। मिलिटेंट्स के साथ पहले नेगोशिएट करने की कोशिश की गई। लेकिन जब वह अपनी डिमांड से पीछे हटने को
Speaker A
तैयार नहीं थे तो डायरेक्ट असॉल्ट का फैसला किया गया। मिडनाइट के करीब आर्मी ने टनल के एक हिस्से से एंटर होना शुरू किया। साइलेंस्ड वेपंस का इस्तेमाल किया गया ताकि मिलिटेंट्स को हर तरफ से सरप्राइज अटैक्स मिले। जब ऑपरेशन शुरू हुआ तो
Speaker A
मिलिटेंट्स ने रेजिस्टेंस दी और फायरिंग शुरू कर दी। लेकिन आर्मी ने अपने स्किल्स का यूज करते हुए एक-एक हाईजैकर को मारना शुरू कर दिया। कुछ हाईजैकर्स पैसेंजर्स का इस्तेमाल अपनी शील्ड के तौर पर कर रहे थे। लेकिन फिर भी वह अपने मिशन में कामयाब
Speaker A
नहीं हो सके। एंड एट द एंड 33 के 33 हाईजैकर्स को मार दिया गया। लेकिन अफसोस की बात यह है कि 21 पैसेंजर्स इस हाईजैकिंग के दौरान शहीद हो गए। लेकिन आर्मी ने इस ऑपरेशन को इतनी एक्यूरेसी से
Speaker A
किया कि इस ऑपरेशन के दौरान एक भी पैसेंजर शहीद नहीं हुआ। चार सिक्योरिटी फोर्सेस के जवान शहीद हुए और यह ऑपरेशन 15 घंटों तक चलता रहा और फाइनली तमाम होस्टेजेस को रेस्क्यू कर लिया गया। इस हाईजैकिंग ने पाकिस्तान की सिक्योरिटी और बलूचिस्तान
Speaker A
लिबरेशन आर्मी की स्ट्रेटजीज पर नए सवाल खड़े कर दिए। पहले भी बीएलए ने बहुत बार पाकिस्तान की सिक्योरिटी फोर्सेस और सिविलियंस पर कई अटैक्स किए हैं। लेकिन यह पहली बार हुआ है कि उन्होंने पूरी की पूरी ट्रेन को हाईजैक कर लिया। पाक आर्मी और लॉ
Speaker A
इनफोर्समेंट एजेंसियां इस ऑपरेशन को एक बहुत बड़ी सक्सेस करार दे रही हैं। लेकिन वहीं पे बीएएलए जैसे ग्रुप्स अब नए तरीके अपना रहे हैं।
Speaker A
आपका क्या पॉइंट ऑफ व्यू है? कमेंट में जरूर बताइएगा। मिलता हूं आप लोगों से नेक्स्ट वीडियो में। अपना बहुत ज्यादा ख्याल रखिएगा। दुआओं में याद रखिएगा। फेलेक्स को दीजिए इजाजत। गुड बाय।
Topics:जाफर एक्सप्रेसट्रेन हाईजैकिंगबीएलएबलूचिस्तान लिबरेशन आर्मीपाकिस्तान आतंकवादसिक्योरिटी ऑपरेशनटेरर अटैकऑपरेशन ग्रीन बोलानपाकिस्तान रेलवेट्रेन हमला











