सीरियल किलर्स की मानसिकता, उनके बनने के कारण और प्रसिद्ध किलर्स की कहानियाँ।
Key Takeaways
- सीरियल किलर सामान्य दिखने वाले व्यक्ति होते हैं जो अपने शिकार को धोखा देते हैं।
- प्रेग्नेंसी के दौरान मां का स्ट्रेस बच्चे के मानसिक विकास को प्रभावित कर सकता है।
- बचपन में हुए ट्रॉमा और शोषण सीरियल किलर बनने के मुख्य कारण हैं।
- सीरियल किलर का मकसद मनोवैज्ञानिक संतुष्टि के लिए हत्या करना होता है।
- कठोर सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियाँ भी अपराधी मानसिकता को जन्म देती हैं।
What the video covers
- सीरियल किलर कैसे अपने आप को सामान्य दिखाकर लोगों का विश्वास जीतते हैं।
- सीरियल किलर्स की मानसिकता और उनके किलिंग पैटर्न पर गहन अध्ययन।
- एफबीआई के अनुसार सीरियल किलर की परिभाषा और उनके मर्डर के मकसद का अंतर।
- जावेद इकबाल, जेफरी डेमो, टैड बंडी जैसे कुख्यात सीरियल किलर्स के उदाहरण।
- डाहम यूनिवर्सिटी की रिसर्च के अनुसार प्रेग्नेंसी के दौरान मां के स्ट्रेस का बच्चे के मानसिक विकास पर प्रभाव।
- सीरियल किलर बनने के पीछे बचपन के ट्रॉमा, जैसे शारीरिक और यौन शोषण।
- आंड्री चिकालियो का जीवन परिचय और उसके कुकृत्यों की विस्तार से कहानी।
- कैसे चिकालियो ने अपनी फेक पर्सनालिटी से लोगों को धोखा दिया और कई वर्षों तक अपराध किए।
- पुलिस की चुनौतियाँ और अंततः चिकालियो की गिरफ्तारी।
- सीरियल किलर बनने के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारणों की समझ।
Chapters
- 00:00सीरियल किलर की मानसिकता और परिचय
- 01:08सीरियल किलर बनने के कारण और एफबीआई की परिभाषा
- 02:32प्रसिद्ध सीरियल किलर्स के उदाहरण
- 03:22डाहम यूनिवर्सिटी की रिसर्च और प्रेग्नेंसी स्ट्रेस
- 05:20प्रेनेटल स्ट्रेस का प्रभाव और मानसिक प्रोग्रामिंग
- 06:20आंड्री चिकालियो का बचपन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
- 07:03चिकालियो के अपराध और पुलिस की जांच
- 09:20चिकालियो की गिरफ्तारी और केस का निष्कर्ष
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Speaker A
मेरे लिए सबसे मुश्किल काम किसी को मारना नहीं है। बल्कि मारने वाले को यकीन दिलाना है कि मैं नॉर्मल हूं। मैं तुम्हारा दोस्त बन सकता हूं। तुम्हारा नेबर, तुम्हारा कोलीग। फिर तुम मुझे अपने घर बुलाओगे, अपनी फैमिली से मिलवाओगे और
Speaker A
मुझे बहुत अच्छा लगेगा। या शायद ऐसा ना भी हो। हम सिर्फ अच्छे दोस्त बन जाएं और किसी को दोस्त बनाना मुझे बहुत अच्छे से आता है। क्योंकि यह मेरी आदत है। और जब तुम मेरे साथ कंफर्टेबल हो जाओगे, जब तुम्हें यह लगने लगेगा कि तुम
Speaker A
मुझे जानते हो, तब मैं तुम्हें अपना असली चेहरा दिखाऊंगा। वेट, आई एम नॉट अ सीरियल किलर। जो तुमने अभी देखा और सुना वो सिर्फ एक मेंटालिटी थी कि सीरियल किलर्स कैसे सोचते हैं। इस वीडियो को बनाने के लिए मैंने बहुत दिन
Speaker A
सीरियल किलर्स पर स्टडी की, डॉक्यूमेंट्रीज देखी, मूवीस देखी, पॉडकास्ट देखे और जो कुछ मैंने देखा और सुना वो बहुत ज्यादा शॉकिंग था। और फिर मुझे रियलाइज हुआ कि मॉन्स्टर्स पैदा नहीं होते। वो पैदा होने के बाद बनते हैं।
Speaker A
[संगीत] एफबीआई के मुताबिक जो इंसान कम से कम तीन लोगों को अलग-अलग टाइम पर किसी साइकोलॉजिकल रीजन की वजह से मारे उसे सीरियल किलर कहते हैं। तुम किसी मर्डरर को सीरियल किलर नहीं बोल सकते। बेशक उसने 100 कत्ल ही क्यों ना किया हो क्योंकि फर्क
Speaker A
सिर्फ मकसद का है। अगर किसी ने एक ब्लास्ट में 100 लोगों को मारा है तो वो मास मर्डरर होगा। अगर किसी ने गैंग वॉर में लोगों को मारा है तो वो क्रिमिनल होगा। लेकिन एक सीरियल किलर उस साइकोलॉजिकल
Speaker A
सेटिस्फेक्शन के लिए लोगों को मारता है। वो एक मर्डर करता है। फिर कुछ दिन इंतजार करता है। फिर दूसरा विक्टिम ढूंढता है। फिर तीसरा। हर मर्डर उसके [संगीत] लिए एक मजा है। वो हर किलिंग को एंजॉय करता है।
Speaker A
और यही सबसे ज्यादा डिस्टर्बिंग पार्ट है। जावेद इकबाल, लाहौर 100 बच्चों को मारा। लॉलीपॉप्स और गेम्स का लालच देकर बच्चों को अपने घर ले जाता था। फिर ताजाब में उनकी बॉडीज को जलाता था और दरिया में बहा देता था। जेफरी डेमो अमेरिका
Speaker A
12 जवान मर्दों को मारा। वो फोटोग्राफर बनने का नाटक करता था। फिर लोगों को अपने घर बुलाता। उनकी बॉडीज [संगीत] को पीसेस में कट करता, फ्रिज में रखता। उनके मीट को फ्रीज़ करता और वो इंसानी गोश्त खाता भी
Speaker A
था। टैड बंडी अमेरिका। 30 से ज्यादा यंग वूमन्स को मारा। अपनी चार्मिंग लुक और स्माइल से लोगों को अट्रैक्ट [संगीत] करता था। जख्मी मरने का ड्रामा करता और जब कोई लड़की उसकी हेल्प के लिए उसकी गाड़ी में बैठती, फिर वह अपना
Speaker A
असली चेहरा [संगीत] दिखाता था। अभी जितने भी सीरियल किलर्स की मैंने बात की यह सिर्फ 5% था। क्योंकि इस दुनिया में इससे भी ब्रूटल और इससे भी बेरहम लोग हैं। जिनके मारने के तरीके सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। [संगीत] लेकिन ये लोग ऐसे बनते
Speaker A
क्यों हैं? वो भी तो हमारी तरह इंसान हैं। दो आंखें, दो कान, एक नाक, हर चीज सेम। [संगीत] लेकिन फिर भी ऐसा क्यों? किसका हाथ होता है इनको ऐसा बनाने के पीछे? डाहम यूनिवर्सिटी यूके ने एक रिसर्च की
Speaker A
जिसका नाम था फेटल प्रोग्रामिंग एंड [संगीत] स्ट्रेस रिस्पांस। इन्होंने एक प्रेग्नेंट वूमेन को स्टडी किया जिसके मुताबिक एक बच्चा इस दुनिया में आने से पहले से [संगीत] ही स्ट्रेस लेना शुरू हो जाता है। और यह बहुत ही शॉकिंग रिसर्च थी। आप खुद
Speaker A
सोचें कि एक बच्चा जो अभी इस दुनिया में भी नहीं आया जिसके पास सोचने तक की काबिलियत नहीं, वो कैसे स्ट्रेस [संगीत] ले सकता है?
Speaker A
जब एक मां एक्सट्रीम स्ट्रेस में जाती है या किसी ट्रॉमा से गुजर रही होती है तो उसकी बॉडी में एक कॉर्टिसोल नाम का हार्मोन रिलीज होता है। यह स्ट्रेस हार्मोन है जो कि सीधा बच्चे के ब्रेन को जाकर इफेक्ट करता [संगीत] है। जिसकी वजह
Speaker A
से वो बच्चा पैदा होने के बाद नॉर्मल नहीं रहता। दाहम यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने इन बच्चों को कई सालों तक ट्रैक किया। 3 साल तक, फिर 10 साल [संगीत] तक उनकी टीनएज तक और जो रिजल्ट्स मिले वो बहुत ज्यादा
Speaker A
शॉकिंग थे। मोस्टली इन बच्चों में किसी किस्म की फीलिंग [संगीत] या एहसास जैसी कोई चीज नहीं थी। मतलब यह अपना और किसी का दर्द महसूस [संगीत] नहीं कर सकते थे। छोटी सी बात पर एक्सट्रीम रिएक्शन देना, एंगर इश्यूज जैसी प्रॉब्लम्स और जब स्ट्रेस
Speaker A
बोर्न बेबी और एक नॉर्मल बेबी के ब्रेन को स्कैन किया गया तो देखा कि दोनों ब्रेन में बहुत ज्यादा फर्क है। तब दाहम यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने एक बात [संगीत] कही। द नाइन मंथ्स इन द वार्म कैन डिटरमाइन द नेक्स्ट 90 इयर्स ऑफ लाइफ।
Speaker A
प्रीनेटल स्ट्रेस इज नॉट जस्ट अ रिस्क फैक्टर। इट्स अ प्रोग्रामिंग मैकेनिज्म। प्रोग्रामिंग मैकेनिज्म मतलब वो बच्चा पैदा होने से पहले ही प्रोग्राम हो रहा है। वो कैसा सोचेगा, कुछ सोचेगा या नहीं, कैसा फील करेगा, कुछ फील करेगा या नहीं?
Speaker A
ये सब कुछ। और यह सिम्टम्स सीरियल किलर बनने का सबसे बड़ा मेन कॉज है। कुछ सीरियल किलर्स अपने चाइल्डहुड में सेक्सुअली या फिजिकली अब्यूज होते हैं अपने ही फैमिली के लोगों से। इस वजह से उन्हें ऐसा लगना शुरू हो
Speaker A
जाता है कि शायद पूरी दुनिया ही ऐसी है। उनमें किसी का दर्द या फिर अपना दर्द महसूस करने की फीलिंग्स खत्म हो जाती है और कुछ सालों के बाद वो सीरियल किलर बन जाते हैं। 1936 यूक्रेन में आंटी चिकालियो नाम का एक
Speaker A
बच्चा पैदा होता है। यह एक जंग का दौर था। लोग भूख से मर रहे थे। और चिकालियो भी ऐसे ही घर में पैदा हुआ जहां खाने के लिए जान से खेलना पड़ता था। जब वह 8 साल का हुआ,
Speaker A
उसकी माँ ने उसे एक बात बताई कि उसका एक बड़ा भाई भी था जिसका नाम था स्टीफन जिसे भुखमरी के दौर में लोगों ने खा लिया था। [संगीत] कैनेबलिज्म मतलब इंसानी गोश्त खाना। यह दो सुरते हाल में होता है। या तो सख्त भुखमरी
Speaker A
की वजह से या कोई इंसान साइकोनेचर का हो। और यह चीज उस दौर में बहुत कॉमन थी। इंसान जिंदा रहने के लिए दूसरे इंसान का गोश्त खाते थे। चिकालियो का बाप वर्ल्ड वॉर टू से वापस आया। वो टूटा हुआ था। गुस्से से
Speaker A
भरा, डिप्रेस्ड। इसी वजह से उसके घर में मारपिटाई रहती थी। चिकालियो जब अपने घर के हालात से निकलकर स्कूल जाता तो बच्चे उसे ओल्ड वुमेन कहकर बुली किया करते थे क्योंकि वो चश्मा पहनता था और वह बहुत शाय
Speaker A
था। उसका बचपन भुखमरी, गरीबी और साइकोलॉजिकल ट्रॉमा से भरा था। और इसी हालात में वह बड़ा हुआ। मिडिल क्लास था। पढ़ने में होशियार था। टीचर बन गया। उसने शादी की। उसके दो बच्चे हुए। बाहर से बहुत ज्यादा नॉर्मल था लेकिन अंदर से वो एक
Speaker A
मॉन्स्टर बन चुका था। [संगीत] यह बात उसे 1978 के एक सुनसान शाम में पता चली। जब उसे अपनी एक स्टूडेंट जिसकी उम्र सिर्फ 9 से 10 साल थी जिसका नाम था लीना, एक [संगीत] बस स्टैंड पर खड़ी मिली। उसने
Speaker A
अपनी टीचर वाली पर्सनालिटी का यूज़ करते हुए उसे बोला कि बेटा मैं तुम्हें घर छोड़ देता हूं। वह बच्ची नादान थी। उसने उस पर ट्रस्ट किया और उसके बाद उस मॉन्स्टर ने उसके साथ जो किया वो बताने के लायक नहीं।
Speaker A
उसने उस बच्ची को इस तरह से मारा कि जब इस केस की इन्वेस्टिगेशन हुई तो इन्वेस्टिगेशन करने वाले लोगों को वोमिट आ गई थी। इसी केस में पुलिस ने किसी बेकसूर लोकल मैन को अरेस्ट कर लिया। लेकिन असल
Speaker A
कातिल तो आंड्री चिकालियो था जो कि सरेआम घूम रहा था। क्योंकि वो एक टीचर था। उसने अपनी एक बहुत ही रिस्पेक्टफुल पर्सनालिटी बिल्ड की थी। जिसकी वजह से उस पर किसी का शक नहीं गया। इसी तरह वह इंसान वापस अपनी
Speaker A
टीचिंग लाइफ में आ गया और इस केस को लोगों ने भुला दिया। लेकिन चिकालियो अपने आप को ज्यादा देर तक रोक नहीं पाया क्योंकि जो मजा उसे उस बच्ची को मारने में आया था [संगीत] वो मजा वो दोबारा लेना चाहता था।
Speaker A
2 साल गुजर गए, चिकालियो के सब्र का बांध टूट गया और वह दोबारा से शिकार पर निकल गया। वो ज्यादातर बच्चों और जवान लड़कियों को टारगेट करता। ऐसे लोग जो अकेले बस स्टैंड या फिर रेलवे स्टेशनंस [संगीत] पर
Speaker A
खड़े होते। उनको अपनी बातों में बहकाता, अपनी फेक पर्सनालिटी से उनको इंप्रेस करता [संगीत] और एक जंगल में ले जाता और उनका ब्रूटली रेप करके मर्डर कर देता। अब यह सब करना उसकी आदत बन चुकी थी। जैसे-जैसे वह
Speaker A
बच्चों और औरतों को मारता गया, उसका [संगीत] एक्सपीरियंस बढ़ता गया और खौफ कम होता गया। वो अपने हर विक्टिम की आंखें निकाल लेता था। क्योंकि उसका यह मानना था कि अगर उसने वह आंखें छोड़ दीं तो उस विक्टिम की रूह उसका पीछा करेगी। [संगीत]
Speaker A
यहीं से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वो कितना बड़ा साइको था। यह सिलसिला रुक नहीं रहा था। पुलिस को कंटीन्यूसली जंगल में लाशें और इंसानों के ढांचे मिलने लगे। पुलिस के लिए यह चीज बहुत ज्यादा शॉकिंग थी क्योंकि उस वक्त उनके लिए कोई भी
Speaker A
सीरियल किलर जैसा इंसान एक्सिस्ट नहीं करता था। चिकालियो अपनी वेल नाउन और रिस्पेक्टफुल पर्सनालिटी का यूज करके [संगीत] बचता रहा। इसीलिए उस पर किसी का शक जाना नामुमकिन सा था। अब तक वो 30 लोगों को मार चुका था। 1984 में
Speaker A
चिकालियो को एक सेक्सुअल असॉल्ट केस में अरेस्ट किया गया। लेकिन फॉरेंसिक लैब ने उसका ब्लड टाइप ए रिकॉर्ड किया। जबकि उसका सीमन सैंपल ए बी था। इसके बाद उसको छोड़ दिया गया। लेकिन यह सब कुछ होने के बावजूद
Speaker A
भी वो नहीं रुका। उसके बाद उसने 15 और विक्टिम्स को टारगेट किया। 7 साल तक वो औरतों और बच्चों को मारता रहा। यह सब इतना ज्यादा बढ़ चुका था पुलिस को कंटीन्यूसली [संगीत] लाशें और ढांचे मिल रहे थे कि
Speaker A
मजबूरन उस शहर की पुलिस को एक सीरियल मर्डर टास्क फोर्स बनानी पड़ी। यह फोर्स 6 महीनों तक फुल एक्टिव रही। हर उस जगह पर जहां से इनको एविडेंस मिलते थे। लेकिन इतना कुछ करने के बाद इन
Speaker A
कुछ ना लगा। एंड्री चिकाटीलियो एक ऑर्गेनाइज्ड सीरियल किलर था। वह जब भी क्राइम करता अपने पीछे कोई एविडेंस [संगीत] नहीं छोड़ता था। वो वेल ड्रेस्ड रहता था। उसकी एक फेक पर्सनालिटी थी और ऐसे सीरियल किलर्स को ऑर्गेनाइज्ड सीरियल किलर कहते
Speaker A
हैं। 1990 रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने एक आदमी को देखा जिसके कपड़ों पर खून के निशान थे। हाथ में ब्रीफ केस था। ब्रीफ [संगीत] केस में नाइफ और रोप थी। नाम था आंड्री चिकाटी। यह सब देखकर पुलिस ने उसे
Speaker A
फौरन अरेस्ट कर लिया। इंटेरोगेशन हुई। चिकाटीलियो ने अपना जुर्म मानने से इंकार किया। लेकिन फॉरेंसिक और साइकोलॉजिकल प्रेशर की वजह से उसने कनंफेस कर लिया। उसने 52 मर्डर्स किए और पुलिस को खुद उन जगहों पर ले गया जहां पर वो अपने
Speaker A
विक्टिम्स की लाशें छुपाता था। वो हर बॉडी को किसी [संगीत] पिन लोकेशन पर दफनाता था। उसे 10 साल भी वो सारी लाशें याद थी। जहां-जहां उसने अपने विक्टिम्स [संगीत] की लाशों को दबाया था। 12 साल में उसने 52
Speaker A
लोगों को ब्रूटली मारा। 1992 में उसका ट्रायल शुरू हुआ। कोर्ट रूम में वो चीखता था, चिल्लाता था, गालियां देता था। उसके लॉयर का कहना था कि वो मेंटली इल [संगीत] है। लेकिन यह सब झूठ था। इन सारे एविडेंसेस को देखते हुए कोर्ट ने उसे सजाए
Speaker A
[संगीत] मौत सुनाई। फिर 1998 में रोस्टुक जेल के एक रूम में उसे ले जाया [संगीत] गया और वहां जाके उसके सर में एक गोली मार दी गई और वह मर गया। इतना बड़ा कातिल जिसने 52 बच्चों और औरतों को मारा।
Speaker A
ब्रूटली उसको सिर्फ एक छोटी सी गोली से मार दिया गया। आंड्र चिकालियो की जिंदगी को अगर आप गौर से देखें तो आपको हर वो चीज मिलेगी जो मैंने आपको स्टार्टिंग में बताई। उसकी मां डिप्रेस्ड थी। वो भुखमरी के दौर में पैदा हुआ। उसके [संगीत] भाई को
Speaker A
किसी ने खा लिया। उसका बाप वर्ल्ड वॉर टू की किसी प्रजन की कैद से वापस आया था जो उसे और उसकी मां को टॉर्चर करता था। [संगीत] वो घर से निकलकर स्कूल जाता तो बुली होता था। वो सेक्सुअली फंक्शनल नहीं
Speaker A
था और इन सब चीजों ने मिलकर उसे सीरियल किलर बना दिया जिसे आज दुनिया द रेड रिपर के नाम से जानती है। मिलता हूं आप लोगों से नेक्स्ट वीडियो में। अपना बहुत ज्यादा ख्याल रखिएगा। दुआओं में याद रखिएगा।
Speaker A
फिलिक्स को दीजिए इजाजत। [संगीत] गुड बाय।
Topics:सीरियल किलरमनोविज्ञानआंड्री चिकालियोट्रॉमाप्रेग्नेंसी स्ट्रेसएफबीआईमर्डर केसजावेद इकबालटैड बंडीमानसिकता











