2030 तक पाकिस्तान पर क्लाइमेट चेंज के गंभीर प्रभाव, गर्मी, बाढ़ और आर्थिक संकट का खतरा। क्या हम बच पाएंगे?
Key Takeaways
- पाकिस्तान क्लाइमेट चेंज से अत्यधिक प्रभावित देश है, जबकि इसका योगदान न्यूनतम है।
- 2030 तक तापमान में वृद्धि से जीवन और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेंगे।
- जल संकट और ग्लेशियर्स के पिघलने से पानी की उपलब्धता खतरे में है।
- स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र पर क्लाइमेट चेंज के नकारात्मक प्रभाव होंगे।
- सरकार और समाज को तुरंत और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
What the video covers
- 2030 तक पाकिस्तान में क्लाइमेट चेंज की वजह से तापमान में भारी वृद्धि होगी, जिससे गर्मी के लहरें और बाढ़ जैसी आपदाएं बढ़ेंगी।
- पाकिस्तान क्लाइमेट चेंज से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में पहले नंबर पर है, जबकि इसका योगदान 1% से भी कम है।
- डेवलप्ड देशों के पास संसाधन और टेक्नोलॉजी होने के कारण वे बेहतर सुरक्षा कर पाते हैं, जबकि पाकिस्तान में ये कमी है।
- 2030 तक बिजली उत्पादन के लिए 100 बिलियन डॉलर की जरूरत होगी, लेकिन अभी तक केवल 15% काम हुआ है।
- गर्मी के कारण खेती, खासकर कॉटन, चावल और गन्ने की पैदावार में भारी गिरावट आएगी, जिससे आर्थिक संकट गहरा होगा।
- नॉर्दन एरियाज के ग्लेशियर्स 60% तक पिघल जाएंगे, जिससे इंडस रिवर सिस्टम प्रभावित होगा और पानी की कमी बढ़ेगी।
- गर्मी से स्वास्थ्य संकट बढ़ेगा, क्लाइमेट रिलेटेड मौतें 300% तक बढ़ सकती हैं और अस्पताल ओवरलोड हो सकते हैं।
- हर साल बाढ़ और सैलाब की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे लाखों लोग प्रभावित और बेघर हो रहे हैं।
- सरकार को विंड एनर्जी, पेड़ लगाना, फ्लड मैनेजमेंट और पानी बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे।
- यह वीडियो क्लाइमेट चेंज की गंभीरता और पाकिस्तान के सामने आने वाले खतरों को समझाने के लिए है।
Chapters
- 00:00परिचय और क्लाइमेट चेंज का खतरा
- 00:30बाढ़ और सैलाब की घटनाएं
- 01:05तापमान में वृद्धि और इसके प्रभाव
- 01:38पाकिस्तान की स्थिति और वैश्विक तुलना
- 02:302030 तक बिजली और संसाधनों की जरूरत
- 03:05गर्मी के कारण जीवन कठिनाइयां
- 03:33कृषि और आर्थिक संकट
- 04:12जल संकट और ग्लेशियर्स का पिघलना
- 04:43स्वास्थ्य संकट और मौतों में वृद्धि
- 05:10समाधान और सरकार की भूमिका
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Speaker A
अगले 6 साल में शायद तुम्हारा नामोनिशान खत्म हो जाए। तुम्हारा घर, तुम्हारा शहर, तुम्हारी फैमिली, सब कुछ। लेकिन कैसे?
Speaker A
क्लाइमेट चेंज की वजह से। क्या मतलब तुम्हें यह टॉपिक सुनकर बोरिंग लगा? आज की यह वीडियो तुम स्किप करके नहीं जाओगे क्योंकि रियलिटी जानना तुम्हारे लिए बहुत जरूरी है। आखिर क्या बला है यह? और कैसे यह तुम्हारा नामोनिशान खत्म कर सकती है।
Speaker A
आइए देखते हैं आज की इस वीडियो में। इलाका मकीनों का कहना है ढाई-तीन सौ मकानात थे, सब तबाह हो गए। का एक खानदान ऐसा भी है जिसके 27 अफराद जमाहक हुए और 26 शदीद जख्मी हैं। मिंगोरा में एक लड़की का पूरा जहेज सैलाब में बह गया।
Speaker A
क्लाइमेट चेंज है क्या? बड़ी सिंपल सी बात है कि हमारी दुनिया गर्म हो रही है। फैक्ट्रीज और गाड़ियों का धुआं, कोयले से बिजली बनाना, सीमेंट बनाना, आयरन, स्टील माइनिंग, कपड़े बनाने के प्रोसेस में कुछ गैसेस निकलती हैं और यह गैसेस हवा में जाकर जम जाती हैं और इसका रिजल्ट टेंपरेचर बढ़ जाता है।
Speaker A
1°, 2°, 3° लगता है यह छोटा चेंज है। भला 1 डिग्री टेंपरेचर क्या ही कर सकता है? लेकिन यही छोटा चेंज तबाही मचा सकता है। या शायद मचा रहा है।
Speaker A
[संगीत] 2025 की इस यूएन रिपोर्ट को देखिए। पाकिस्तान पूरी दुनिया में टॉप रैंक्ड कंट्री है जो क्लाइमेट चेंज की वजह से हद से ज्यादा मुतासिर हो रही है। फिक्र की बात यहां यह है कि 2023 तक हम आठवें नंबर पर थे लेकिन 2025 में हम पहले नंबर पर आ चुके हैं।
Speaker A
किसी और चीज में तो टॉप किया नहीं लेकिन इस चीज में कर लिया। मतलब सिचुएशन दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। यहां शॉकिंग बात यह भी है कि पाकिस्तान का क्लाइमेट चेंज में अपना कंट्रीब्यूशन 1% से भी कम है।
Speaker A
मतलब हम दुनिया को अलूदा करने वाले मुल्कों में से है ही नहीं। लाइक हमारी इंडस्ट्रीज इतने बड़े स्केल पर प्रोडक्शन करती ही नहीं जैसे चाइना, इंडिया या फिर अमेरिका जैसे मुल्क करते हैं। हम कम चीजें प्रोड्यूस करते हैं और ज्यादातर चीजें इंपोर्ट करते हैं।
Speaker A
लेकिन फिर भी क्यों सबसे ज्यादा पोल्यूशन यहीं पे होता है और क्लाइमेट चेंज के सबसे ज्यादा असरात भी यहीं पर देखने को मिलते हैं। इसका सिंपल सा आंसर यह है कि डेवलप्ड कंट्रीज लाइक अमेरिका, जापान, चाइना इन सबके पास रिसोर्सेज हैं, इंफ्रास्ट्रक्चर है।
Speaker A
सैलाब रोकने के लिए डैम्स हैं, टेक्नोलॉजी है जो उन्हें ऐसी सिचुएशंस में प्रोटेक्ट करती है। लेकिन पाकिस्तान के पास इन चीजों की कमी है। इसीलिए एक छोटा सा चेंज भी एक बहुत बड़ा डिजास्टर बन जाता है।
Speaker A
इस रिपोर्ट को देखिए। अगर 2030 तक हमने क्लाइमेट चेंज को ना रोका तो पाकिस्तान को 100 बिलियन चाहिए होंगे सिर्फ बिजली प्रोड्यूस करने के लिए। और अभी तक हमने सिर्फ 15% काम किए हैं। और बाकी का 85% काम अभी भी बाकी है।
Speaker A
पाकिस्तान में अभी एवरेज टेंपरेचर 25 से 27° है। लेकिन क्लाइमेट चेंज की वजह से यह हर साल 0.5° बढ़ जाते हैं। 0.5 बहुत छोटा नंबर है। लेकिन अगेन यही छोटा नंबर एक बहुत बड़ी तबाही मचा सकता है। बताता हूं कैसे।
Speaker A
6 साल में यह टेंपरेचर 30 से 32° एवरेज हो जाएगा। मतलब गर्मियों में कराची 52° पर तप रहा होगा। लाहौर 50° पर और इस्लामाबाद 48 से 49° पर। अब तुम खुद सोचोगे जब टेंपरेचर 52 से 54° सेल्सियस होगा तो तुम्हारा घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा।
Speaker A
10 मिनट बाहर रहने से हीट वेव्स तुम्हारा दिमाग खराब कर देंगी और इस टेंपरेचर में बाहर जाके काम करना इंपॉसिबल सा लगेगा। एसी नहीं है तो घर में रहना मुश्किल। बिजली की डिमांड इतनी ज्यादा बढ़ जाएगी कि 18 से 20 घंटे तक लोड शेडिंग हो सकती है।
Speaker A
2022 में तुम्हें याद है कि क्या हुआ था? पाकिस्तान का एक हिस्सा पानी में डूब गया था। 33 मिलियन लोग फ्लड की वजह से इफेक्ट हुए थे। 2023 में सैलाब आया। फिर 2024 और अब दोबारा से 2025 में नॉर्दर्न एरियाज के लोग इसको भुगत रहे हैं।
Speaker A
कई लोगों की मौत हो गई। हजारों लोग बेघर हो गए और लाखों लोगों का रोजगार चला गया। पैटर्न समझ रहे हो? हर साल से लाभ आ रहा है। पहले 5-10 साल में एक बार आया करता था। और यह सिर्फ शुरुआत है।
Speaker A
अगले आने वाले कुछ सालों में मिलियंस ऑफ पीपल इससे इफेक्ट होने वाले हैं। और यह सब कुछ नेचुरल नहीं है। यह क्लाइमेट चेंज की वजह से हो रहा है। हम खुद अपने आप पर अज़ाब डाल रहे हैं।
Speaker A
अब तुम खुद सोच के देखो कि तुम या फिर तुम्हारी फैमिली इस डिजास्टर का हिस्सा बन जाए। तो क्या होगा? सुनकर ही खौफ आता है। अब सोचो उन लोगों के बारे में जो अभी से इस चीज को भुगत रहे हैं। जिनके खानदानों के खानदान मिट गए।
Speaker A
लाशें रिकवर नहीं हुई भाई। बड़े-बड़े पत्थरों ने उनको मसल दिया। एक मामूली सा पानी जो सिर्फ शोर मचा सकता है, लाखों लोगों की जान ले। पाकिस्तान की 40% से ज्यादा आवाम की रोजी-रोटी खेतीबाड़ी से है।
Speaker A
लेकिन क्लाइमेट चेंज का सीधा-सीधा असर यहीं पर होता है। सिर्फ 2 डिग्री बढ़ने से फसल की पैदावार 8 से 10% कम हो जाती है। चावल और गन्ना जो हमारे मुल्क में उगाए जाते हैं, इनकी पैदावार 20 से 25% गिर जाती है।
Speaker A
और कॉटन उसकी तो फिर बात ही छोड़ दूं। पाकिस्तान दुनिया का फिफ्थ लार्जेस्ट कॉटन प्रोड्यूसर है और यह हमारी इकॉनमी का 10% है। अगर एक्सट्रीम गर्मी और पानी की कमी हो गई तो कॉटन की फसल ऑलमोस्ट खत्म हो सकती है और इसका नुकसान सिर्फ एक किसान पर नहीं पड़ेगा।
Speaker A
यह फूड क्राइसिस, जॉब क्राइसिस और इकॉनमी क्राइसिस सब एक साथ ले आएगा। और जो किसान बच भी जाएगा उनके पास इतना पानी ही नहीं होगा कि वो फसल उगा सके। क्योंकि पाकिस्तान ऑलरेडी एक ऐसा मुल्क है जिनके पास इतना ज्यादा पानी नहीं है।
Speaker A
हमारे नॉर्दन एरियाज के ग्लेशियर्स जो हमारा मेन सोर्स ऑफ वाटर है, 2030 तक 60% तक पिघल जाएंगे। और जब ग्लेशियर्स पिघलते हैं तो हमारा इंडस रिवर सिस्टम पूरी तरह से डिस्टर्ब हो जाएगा।
Speaker A
2015 में कराची में सिर्फ एक हीट वेव से 1200 लोग मर गए थे। और यह बात 10 साल पुरानी है। अभी पता नहीं कितने लोग इस गर्मी की वजह से अपनी जान गवा देते हैं।
Speaker A
50° की इस गर्मी में आप एक मजदूर, एक दिहाड़ीदार, एक डिलीवरी बॉय, एक ट्रैफिक पुलिस वाले की जिंदगी को इमेजिन करके देखें। रोजी-रोटी के लिए यह लोग अपनी जान तक देने को तैयार हो जाते हैं।
Speaker A
और दूसरी तरफ हम एसी वाले कमरों में बैठ के भी खुश नहीं होते। इन हीट वेव्स की वजह से बहुत ज्यादा बीमारियां हो जाती हैं। डिहाइड्रेशन, किडनी प्रॉब्लम्स यह सब बहुत कॉमन हो चुका है।
Speaker A
एक एस्टीमेट के मुताबिक पाकिस्तान में 2030 तक क्लाइमेट रिलेटेड डेथ्स 300% बढ़ सकती हैं। हॉस्पिटल्स ओवरलोड हो जाएंगे। हेल्थ क्राइसिस की एक बहुत बड़ी लहर देखने को मिलेगी।
Speaker A
तो अब समझो कि सिचुएशन कितनी ज्यादा सीरियस है। 6 साल, 2030 अगर गवर्नमेंट लेवल पर अर्जेंटली एक्शन नहीं लिया गया, विंड एनर्जी का सही इस्तेमाल, दरख्त उगाना, फ्लड मैनेजमेंट और पानी बचाने के लिए कोई कदम ना उठाया तो सच में हमारा नामोनिशान खत्म हो जाएगा।
Speaker A
यह साइंस फिक्शन नहीं है। यह डॉक्यूमेंटेड रियलिटी है और कई सालों से इसकी प्रेडिक्शन होती आ रही है। और वो सारी की सारी प्रेडिक्शंस सच हुई हैं। क्लाइमेट चेंज रिलेटेड।
Speaker A
तो सवाल मेरा यहां पे यह है कि क्या तुम इस रियलिटी को फेस करने के लिए रेडी हो? या नहीं? कमेंट बॉक्स में अपना ओपिनियन जरूर दीजिएगा। मिलता हूं आप लोगों से नेक्स्ट वीडियो में।
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