सिंपसंस के भविष्यवाणियों के पीछे की सच्चाई और उनके सच होने के कारणों का विश्लेषण।
Key Takeaways
- सिंपसंस की भविष्यवाणियां ज्यादातर गणितीय संभावना और सूझबूझ पर आधारित हैं।
- शो के राइटर्स शिक्षित और जानकार हैं, जो संभावित घटनाओं को पहले से समझते थे।
- सिर्फ 43 भविष्यवाणियां सच हुई हैं, जो संयोग से ज्यादा कुछ हैं।
- भविष्यवाणियों को जादू या टाइम ट्रैवल से जोड़ना गलत है।
- सिंपसंस की भविष्यवाणियां सामान्य ज्ञान और टेक्नोलॉजी की समझ पर आधारित हैं।
What the video covers
- सिंपसंस कार्टून ने कई भविष्यवाणियां की हैं जो समय के साथ सच हुई हैं।
- कुछ भविष्यवाणियां संयोग हो सकती हैं, लेकिन कुछ गहरी साजिश सिद्धांतों को जन्म देती हैं।
- शो के राइटर्स उच्च शिक्षित हैं और उन्होंने सोच-समझकर संभावित भविष्यवाणियां की हैं।
- सिंपसंस में कुल 43 भविष्यवाणियां सच हुई हैं, जो 5 लाख से ज्यादा जोक्स में से एक छोटा हिस्सा है।
- भविष्यवाणियों का सच होना केवल संयोग नहीं, बल्कि गणितीय संभावना और सूझबूझ का परिणाम है।
- कुछ भविष्यवाणियां जैसे ट्रंप की राष्ट्रपति बनना, 911 हमला, हिग्स बोसोन की खोज आदि उल्लेखनीय हैं।
- शो में टेक्नोलॉजी के विकास की भविष्यवाणियां भी की गई हैं जो आम धारणा पर आधारित हैं।
- भविष्यवाणियों के सच होने के पीछे जादू या टाइम ट्रैवल नहीं, बल्कि सूचनाओं का सही विश्लेषण है।
- यह वीडियो इस मिथक को तोड़ता है कि सिंपसंस ने सच में भविष्यवाणी की है।
- अंत में बताया गया कि ये सब सामान्य है, लेकिन फिर भी असामान्य लगने वाली बातें हैं।
Chapters
- 00:00परिचय और सिंपसंस की भविष्यवाणियों का रहस्य
- 00:35भविष्यवाणियों के सच होने की प्रक्रिया और प्रतिक्रिया
- 01:06सिंपसंस के भविष्यवाणियों की गणितीय व्याख्या
- 04:11प्रमुख भविष्यवाणियां और उनके पीछे के तथ्य
- 05:51शो के राइटर्स की योग्यता और उनका योगदान
- 08:10संयोग बनाम साजिश: भविष्यवाणियों की सच्चाई
- 08:35अंतिम निष्कर्ष: सामान्य लेकिन असामान्य
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Speaker A
[संगीत] इमेजिन फॉर अ सेकंड पाकिस्तान और इंडिया का वर्ल्ड कप मैच चल रहा है। पाकिस्तान की टीम हार रही है। हर इंसान को यही लगता है कि 90 पर मैच इंडिया जीतेगा, लेकिन आप वहां पे एक इंसान है जो कहता है नहीं, पाकिस्तान
Speaker A
विन द मैच। आई नो लोग आपको बेवकूफ समझेंगे, लेकिन कुछ ही देर के बाद आपकी की हुई बात सच हो जाती है। सब लोग आपको बहुत गौर से देखेंगे कि इसे कैसे पता ऐसी प्रेडिक्शन। अगर आपकी पहली बार सच होती है तो शायद लोग इसे इतना
Speaker A
सीरियसली ना लें, मिरेकल या मौजा समझ के इस इग्नोर करते, लेकिन व्हाट इफ अगर यही प्रोसेस बार-बार बारबार रिपीट होता चला जाए। आपकी की हुई प्रेडिक्शन हर मैच में सच हो जाए। अब लोग आपको इग्नोर नहीं कर सकते, उन्हें
Speaker A
यही लगेगा कि इस बंदे के पास कोई जादू है। मानो जैसे इसने कोई टाइम ट्रेवल किया हो। लोग अलग-अलग बातें बनाएंगे। सेम ऐसी ही स्टोरी है सिंपसंस की। अगर हम सिंपसंस को एक कार्टून के तौर पर देखें तो यह नॉर्मल से कार्टून है।
Speaker A
लेकिन यह नॉर्मल बिल्कुल भी नहीं है। इन कार्टून में जो भी प्रिडिक्शंस की जाती हैं, वह आने वाले वक्त में सच हो जाती हैं। आई नो ये सब बातें आपको पता होंगी सिंपसंस पे। उन सब वीडियोस का निचोड़ है टुडे आई एम
Speaker A
गोना टॉक अबाउट हाउ सिंपसंस कैन प्रिडिक्ट द फ्यूचर एंड नाउ द एंड इज योर एंड। सो आई फनल माय फ्रेंड आ आ सन। एक बहुत फेमस कंस्पिरेशन थ्योरी है जो काफी टाइम से चलती आ रही है सिंपसंस
Speaker A
फ्यूचर प्रिडिक्शंस। बहुत से लोग इन प्रिडिक्शंस के सच होने के पीछे के राज को जानना चाहते हैं। लोग इंटरनेट पर अलग-अलग [संगीत] रिसर्च करते हैं। सच हुई है जो वाकई में इंसान को सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि हाउ इज इट
Speaker A
पॉसिबल। लाइक ट्रंप प्रेसिडेंसी, 911 इंसिडेंट, प्लेन क्रैश इनटू द वर्ल्ड ट्रेड सेंटर। ट्स वई पीपल आर ट्राइट फाइंड द रीजन बिहाइंड दिस एंड सम ऑफ देम आर ट्राइट गिव द ओपिनियन फॉर द नेक्स्ट प्रेडिक्शन। आज हम इन प्रेडिक्शन के सच होने के पीछे के राज
Speaker A
को डिस्कस करेंगे कि एक 90 के कार्टून आने वाले वक्त को एकदम सही प्रिडिक्ट कैसे कर सकते हैं। लेट्स ब्रेक डाउन दिस। शट वेट व्हाट इफ आई टेल यू कि सिंपसंस ने कभी फ्यूचर प्रिडिक्ट किया ही नहीं। यह सब झूठ
Speaker A
है। इट्स जस्ट अ नंबर्स गेम। नाउ लेट्स ब्रेक डाउन दिस। शिट वि नंबर्स इन 29 सीजस। द शो मेड अबाउ 000 जोक्स ब द अशन द द श केप द आवेज पस ऑ अबाउ 8.54 जोक्स पर मिनट। इफ द सिंपसंस गट अबाउ 20
Speaker A
प्रेडिक्शन राइट, दि ओली कम्स आउट टू अबाउट अ 1.6 सक्सेस रेट। एक सेकंड, एक सेकंड। आई नो आपको समझ नहीं आ रहा होगा। थोड़ा सा आसान करते हैं। सिंपसंस एक बहुत लंबा चलने वाला शो था। लाइक इंडियन ड्रामास ऑनलाइन।
Speaker A
आसान करते हैं। जस्ट इमेजिन आपको एक एमसीक्यू शीट दी गई है। आपको कहा गया है कि आपने सही आंसर को फिल अप करना है। अब आपको इनमें से कुछ भी नहीं आता। आप क्या करेंगे? या तो आप रैंडम किसी भी एमसीक्यू को फिल
Speaker A
अप कर देंगे या फिर आप एक ही आंसर सब एमसीक्यू में फिल कर देंगे। और जब आपका रिजल्ट आएगा तो ऑटोमेटिकली उनमें से कुछ एमसीक्यू खुद ब खुदा ही ठीक हो जाएंगे। बेशक आपको कुछ भी नहीं आता था, लेकिन फिर भी कुछ
Speaker A
ना कुछ ठीक हो ही जाएंगे। अब यही चीज हम सिंपसंस पे अप्लाई करते हैं। जब सिंपसंस ने इतने सारे एपिसोड्स बनाए हैं, इतने सारे जोक्स, बातें और प्रिडिक्शंस को कवर किया है, तो उनमें से कुछ ना कुछ प्रेडिक्शन तो
Speaker A
सच होनी ही थी। इट्स जस्ट अ लक, बट इट्स नॉट ऑल अबाउट लक। ये थ्योरी कुछ-कुछ जगह पे फिट बैठती है। जैसे सिंपसंस ने पहले ही प्रिडिक्ट कर लिया था कि आने वाले वक्त में हमें क्या-क्या टेक्नोलॉजी देखने को मिलेगी,
Speaker A
लाइक वीडियो कॉल्स, स्मार्ट वॉचेस, विजन प्रो। ये सब वो चीजें हैं जो आजकल बहुत कॉमन हो चुकी हैं और हम डेली लाइफ में इनका यूज करते हैं। लेकिन सिंपसंस ने पहले ही इन चीजों को प्रिडिक्ट कर लिया था कि ये आने वाले वक्त में हमें देखने को मिलेंगी, जो कि वाकई में एक कमाल की बात है। लेकिन इतने सोचने वाली बात नहीं है क्योंकि यह हर इंसान को पता है कि आने वाला वक्त कैसा होगा। ज्यादा से ज्यादा
Speaker A
टेक्नोलॉजी आएगी। अब इन सब बातों का निचोड़ यह है कि यह मैथ वाली थ्योरी ठीक तो है, लेकिन ये सिर्फ इसकी आधी एक्सप्लेनेशन है। हमें थोड़ा और डीप जाना पड़ेगा। सिंपसंस ने आज तक 43 प्रिडिक्शंस की हैं, उनमें से 13
Speaker A
प्रिडिक्शंस कोइंसिडेंस हैं, लेकिन बाकी 30 रियल कंस्पिरेशन थ्योरी बनाती हैं। लाइक 2001 में वर्ल्ड की हिस्ट्री का सबसे बड़ा इंसीडेंट होता है जब एक प्लेन ट्विन टावर से आके टकराता है। उस क्रैश के बाद पूरी दुनिया में तहलका मच जाता है। लोग अलग-अलग
Speaker A
बातें बनाते हैं, कंस्पिरेशन थ्योरी बनाते हैं। कहा जाता है कि 911 प्री प्लान था। अगर हम इस चीज को सिंपसंस के पॉइंट ऑफ व्यू से देखें तो यह बहुत हैरान करने वाली बात है। इस एपिसोड में देखिए, यहां पे एक मैगजीन के
Speaker A
कवर पे 911 लिखा हुआ है। $9 उस मैगजीन की प्राइस है और 11 पीछे ट्विन टावर बना रहा है और यह दोनों मिलके 911 बना रहे हैं, जो कि वही एक्चुअल डेट है जब यह क्रैश हुआ था। अब शायद यह भी कोइंसिडेंस हो सकता है,
Speaker A
लेकिन मेरे हिसाब से अगर आप देखें तो उस मैगजीन की प्राइस $9 ही क्यों थी? $10 भी हो सकती थी। एक और भी बहुत फेमस प्रेडिक्शन 17 साल पहले सिंपसंस में की गई कि ट्रंप आने वाले वक्त में प्रेसिडेंट बनेगा, जो कि
Speaker A
सच हुई। डिजनी फॉक्स को बाय करेगा। 19 साल पहले ही सिंपसंस में दिखा दिया गया था। एनएसए पाई स्कैंडल को 5 साल पहले ही सिंपसंस ने प्रिडिक्ट कर दिया। इन सब प्रिडिक्शंस को आप कोइंसिडेंस नहीं कह सकते। यू नो व्हाट? डार्क वेब जैसी चीज को
Speaker A
सिंपसंस में पहले ही दिखा दिया गया था कि आने वाले वक्त में एक ऐसा डार्क नेट आएगा जहां पे इलीगल चीजें सेल परचेस की जाएंगी। दिस इज होली शिट। साइंटिस्ट्स बिलीव दे आर गेटिंग क्लोस टू प्रूव द एक्जिस्टेंस ऑफ द हिग्स बोसन, द
Speaker A
हाइपोथेटिकल सबअटॉमिक पार्टिकल ऑट टू सप्लाई मास टू द मैटर दैट मेक्स अप आवर यूनिवर्स। एन एक्सपेरिमेंट इज टू रेजूम वेस र् हर ज कैच ऑ कल्ड ग पाट। 2012 में साइंटिस्ट ने एक बहुत बड़ी रिसर्च करी थी। एक गोल्ड पार्टिकल की जिसका नाम था हिग्स
Speaker A
बोसोन, जो कि मैथ फिजिक्स की एक बहुत बड़ी डिस्कवरी थी। लेकिन यही सेम डिस्कवरी सिंपसंस में 15 साल पहले किसी एक एपिसोड में कर दी गई थी। इस एपिसोड को देखिए जिसमें होमर बोर्ड पर एक इक्वेशन लिख रहा है। यह इक्वेशन
Speaker A
उस इक्वेशन के बहुत करीब है जो 15 साल बाद साइंटिस्ट ने इतनी रिसर्च करने के बाद डिस्कवर की थी। उस वक्त इस डिस्कवरी का नामो निशान भी नहीं था। लाइक ये कैसे हो सकता है कि एक कार्टून की एक एपिसोड को
Speaker A
बनाने के लिए राइटर ने इतनी बड़ी डिस्कवरी की हो। मैं वाकई में बहुत शॉक हो गया था इस चीज को देखने के बाद। लेकिन वेट, अकॉर्डिंग टू द रिसर्च सिंपसंस के जो राइटर्स हैं वो बहुत एजुकेटेड हैं, पढ़े लिखे हैं। डेविड
Speaker A
एक्स कोहिन ये भी सिंपसंस के एक राइटर हैं जो यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़े हैं। इनके पास फिजिक्स, मैथ और कंप्यूटर साइंस की मास्टर डिग्रीज हैं। मेबी इन्होंने बहुत सोच समझ के ये क्जन बोर्ड पे लिखी हो। सिंपसंस एक फनी
Speaker A
कार्टून थे। मेबी उन्होंने रियलिटी का मजाक उड़ाने के लिए यह सब किया हो। अकॉर्डिंग टू माय रिसर्च सिंपसंस में 5 लाख से ज्यादा जोक्स हैं, उन में से 43 जोक्स ही ऐसे हैं जो वाकई में सच हुए हैं।
Speaker A
अगर देखा जाए तो 5 लाख में से 43 एक बहुत छोटा नंबर है। अगर सिंपसंस में वाकई कुछ ऐसा वैसा होता तो 7800 प्रेडिक्शन सच होनी चाहिए थी, लेकिन 43 प्रेडिक्शन ही सच हो सकी है। अब उन 43 प्रेडिक्शन के सच होने के
Speaker A
पीछे का राज भी ये हो सकता है कि जैसे मैंने आपको बताया कि सिंपसंस के जो राइटर्स थे वो बहुत एजुकेटेड थे, पढ़े लिखे थे। अब उन्होंने बहुत सोच समझ के वही बातें या वही प्रिडिक्शंस की होंगी जिनकी आने वाले
Speaker A
वक्त में पूरी होने की पॉसिबिलिटी ज्यादा थी। एट द एंड ऑफ दिस वीडियो आई जस्ट वाना से इट्स नॉर्मल, बट इट्स नॉट। [संगीत] [संगीत] नॉर्मल।
Speaker A
वक्त में पूरी होने की पॉसिबिलिटी ज्यादा थी एट द एंड ऑफ दिस वीडियो आई जस्ट वाना से इट्स नॉर्मल बट इट्स नॉट [संगीत] [संगीत] नॉर्मल i
Topics:सिंपसंसभविष्यवाणीकंस्पिरेशन थ्योरीटाइम ट्रैवलट्रंप राष्ट्रपति911 हमलाहिग्स बोसोनकार्टूनटेक्नोलॉजीभविष्यवाणियों का सच











