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6 Signs Your YouTube Channel is Going to Blow Up

अपने YouTube चैनल के ब्लो अप होने के 6 साइंस जानें और कैसे आप लॉयल ऑडियंस बना सकते हैं, जिससे चैनल तेजी से ग्रो करेगा।

Key Takeaways

  • लॉयल ऑडियंस बिल्ड करना वायरल वीडियो से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
  • सजेस्टेड वीडियोस में अच्छा प्रदर्शन चैनल की ग्रोथ को बढ़ावा देता है।
  • सही टॉपिक्स और पैकेजिंग से ही व्यूज और सब्सक्राइबर बढ़ते हैं।
  • निरंतरता और सही माइंडसेट से ही YouTube पर सफलता मिलती है।
  • एनालिटिक्स के विभिन्न मैट्रिक्स पर ध्यान देना जरूरी है, न कि केवल व्यूज और सब्सक्राइबर पर।

What the video covers

  • रेगुलर और कैजुअल व्यूअर्स की बढ़ोतरी चैनल के ब्लो अप का पहला संकेत है।
  • सजेस्टेड वीडियोस में हाई क्लिक थ्रू रेट (CTR) होना पॉजिटिव साइन है।
  • कंसिस्टेंट CTR, खासकर इंप्रेशन बढ़ने के बाद, वायरल होने की क्षमता दर्शाता है।
  • कम व्यूज के बावजूद पॉजिटिव कमेंट्स चैनल ग्रोथ की संभावना बताते हैं।
  • आउटलाइयर्स वीडियोस जो ज्यादा व्यूज पाते हैं, उन्हें पहचानकर उसी टॉपिक पर और वीडियो बनाएं।
  • YouTube को लक नहीं समझना चाहिए, बल्कि एल्गोरिदम के साइंस को समझकर कंटेंट बनाना चाहिए।

Answers

Questions about this video

रेगुलर और कैजुअल व्यूअर्स क्यों महत्वपूर्ण हैं?

रेगुलर और कैजुअल व्यूअर्स दर्शाते हैं कि आपका चैनल लॉयल ऑडियंस बना रहा है, जो एल्गोरिदम के लिए पॉजिटिव साइन है और चैनल की लंबी अवधि की ग्रोथ में मदद करता है।

सजेस्टेड वीडियोस में हाई CTR का क्या मतलब है?

अगर आपका वीडियो बड़े चैनल के वीडियो के साथ सजेस्ट हो रहा है और उसका CTR अच्छा है, तो इसका मतलब है कि आपके टाइटल और थंबनेल में व्यूज लाने की क्षमता है, जो चैनल ग्रोथ के लिए अच्छा संकेत है।

YouTube पर लक की धारणा क्यों गलत है?

YouTube पर वीडियोस के परफॉर्म करने के पीछे हमेशा कारण होता है। सही माइंडसेट के साथ आप एल्गोरिदम के पैटर्न को समझकर लगातार बेहतर कंटेंट बना सकते हैं, जिससे सफलता निश्चित होती है।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

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Speaker A
मैक्सिमम YouTube क्रिएटर्स अपने फर्स्ट वायरल वीडियो से पहले ही क्विट कर देते हैं, क्योंकि वो व्यूज और सब्सक्राइबर काउंट जैसे कॉमन मैट्रिक्स पर फोकस करते हैं। रियलिटी में एल्गोरिदम आपको पुश करने से पहले कुछ ऐसे साइंस देता है जिनके बारे में कोई बात नहीं करता। सो आज मैं आपको सिक्स ऐसे साइंस बताने वाला हूं जो अगर आपको अपने चैनल पर दिख रहे हैं, देन इट मींस कि आपका चैनल बहुत ही जल्दी ब्लो अप होने वाला है। आई वांट कि इस वीडियो को देखते वक्त आप काउंट करो कि आपको इनमें से कितने साइंस दिख रहे हैं अपने चैनल पर एंड अपना टोटल स्कोर कमेंट करो। स्टार्टिंग विद साइन नंबर वन, आपके रेगुलर और कैजुअल व्यूअर्स इंक्रीस हो रहे हैं। अगर आप अपने YouTube एनालिटिक्स के ऑडियंस टैब में जाओगे, तो आपको एक न्यू मैट्रिक मिलेगा। ऑडियंस बाय वॉच बिहेवियर। यह मैट्रिक आपके चैनल के सारे व्यूअर्स को थ्री मेन कैटेगरीज में सेपरेट कर देता है। न्यू व्यूअर्स, कैजुअल व्यूअर्स एंड रेगुलर व्यूअर्स। नाउ अगर मैं इसे बिल्कुल सिंपलीफाई करके बताऊं तो न्यू व्यूअर्स बेसिकली वो लोग हैं जिन्होंने आपके चैनल को फर्स्ट टाइम डिस्कवर किया है। कैजुअल व्यूअर्स वो लोग हैं जिन्होंने आपके चैनल के थोड़े बहुत वीडियोस देखे हैं, बट वो रेगुलर व्यूअर्स नहीं हैं। एंड रेगुलर व्यूअर्स वो हैं जो आपके चैनल को बहुत लंबे समय से कंसिस्टेंटली देखते आ रहे हैं। नाउ आपका क्वेश्चन होगा कि ये मैट्रिक क्यों है? वेल सोच के देखो। एल्गोरिदम ऐसे चैनल्स नहीं प्रमोट करना चाहता जो सिर्फ एक बार वायरल हो जाए। क्योंकि एक बार व्यूज ला भी दोगे तो उससे क्या ही हो जाएगा? एल्गोरिदम को ऐसे चैनल्स चाहिए जो बार-बार व्यूअर्स को कंसिस्टेंटली इस प्लेटफार्म पर ला रहे हैं और एक लॉयल ऑडियंस बेस बिल्ड कर रहे हैं। सो अगर आपका रेगुलर और कैजुअल व्यूअर रेट इंक्रीस होता है तो ये एक बहुत ही पॉजिटिव साइन है कि आप सिर्फ वन टाइम व्यूज नहीं ला रहे हो बल्कि एक लॉयल ऑडियंस बिल्ड कर रहे हो जो कि लॉन्ग टर्म में एक वायरल वीडियो के मुकाबले ज्यादा व्यूज जनरेट करेगा। और हां, ऐसा नहीं है कि आपको न्यू व्यूअर्स चाहिए ही नहीं। क्योंकि उनके बिना आपका चैनल ग्रो ही नहीं होगा एंड सब्सक्राइब अकाउंट भी नहीं बढ़ेगा। इनफैक्ट 99% चैनल्स के लिए न्यू व्यूअर रेट कैजुअल एंड रेगुलर व्यूअर रेट से ज्यादा ही होता है। बट अगर आपको एनालिटिक्स में दिखता है कि आपके कैजुअल एंड रेगुलर व्यूअर्स इंक्रीस हुए हैं, देन ये एक बहुत अच्छा साइन है। लेट्स टॉक अबाउट साइन नंबर टू हाई सीटीआर ऑन सजेस्टेड वीडियोस। जब आप कोई वीडियो अपलोड करते हो तो YouTube उसे कई डिफरेंट ट्रैफिक सोर्सेस में रिकमेंड कर सकता है। जिनमें से एक ट्रैफिक सोर्स है सजेस्टेड वीडियोस। बेसिकली अगर कोई वीडियो प्ले हो रहा होता है तो यू विल सी दैट उसके साइड में भी बहुत सारे वीडियोस के थंबनेल्स होते हैं। तो ये सभी सजेस्टेड वीडियोस हैं। अगर आप YouTube स्टूडियो के एडवांस्ड मोड में जाके ट्रैफिक सोर्स सेलेक्ट करते हो, देन वहां से आप देख पाओगे कि आपका वीडियो एग्जैक्टली किन वीडियोस के साथ सजेस्ट हो रहा है। नॉट ओनली दैट, आप यह भी देख पाओगे कि उस स्पेसिफिक वीडियो के साथ आपके वीडियोस कितने बार सजेस्ट हो चुके हैं। व्हिच इज योर इंपेशंस एंड आल्सो यू विल सी योर क्लिक थ्रू रेट। नाउ समटाइंस ऐसा भी होगा कि एल्गोरिदम आपके वीडियो को किसी ऐसे वीडियो के साथ सजेस्ट कर देगा जो कि बहुत बड़े चैनल का है या जिस पे बहुत सारे व्यूज हैं। ऐसे में अगर व्यूअर उस बड़े चैनल का वीडियो छोड़ के आपके वीडियो पर क्लिक करता है, देन इट मींस कि आपके टाइटल और थंबनेल में व्यूज लाने का सीरियस पोटेंशियल है। सो अगर आपको एनालिटिक्स में दिखता है कि किसी बड़े क्रिएटर के वीडियो के साथ आपका वीडियो सजेस्ट हुआ है, एंड आल्सो उसका क्लिक थ्रू रेट भी अच्छा है, देन ये एक बहुत ही पॉजिटिव साइन है आपके चैनल के लिए। अगर ऐसा बार-बार होगा तो इवेंचुअली एल्गोरिदम उस बड़े क्रिएटर के ऑडियंस को आपकी और भी वीडियोस रेकमेंड करने लगेगा। वह भी दूसरे ट्रैफिक सोर्सेस में लाइक देयर होम पेज। नाउ लेट्स टॉक अबाउट साइन नंबर थ्री जो कि है कंसिस्टेंट सीटीआर। मोस्ट क्रिएटर्स थिंक कि 10% सीटीआर बहुत अच्छा है। बट 10% सीटीआर सिर्फ 500 या 1000 इंपेशंस पर मेंटेन करना यह बच्चों का खेल है। देखो YouTube क्लियरली कहता है कि अगर आपके वीडियो पर लेस व्यूज और लेस इंपेशंस हैं तो उसका क्लिक थ्रू रेट यूजुअली हाई होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एल्गोरिदम ने उस वीडियो को अभी तक सिर्फ एक नैरो और बहुत लॉयल ऑडियंस को ही दिखाया है। असली टेस्ट तब शुरू होगा जब YouTube वो वीडियो एक ब्रॉड ऑडियंस तक पुश करेगा। ऐसे में यू विल सी दैट आपका क्लिक थ्रू रेट भी सिग्निफिकेंटली ड्रॉप होगा। लेकिन अगर आप नोटिस करते हो कि इंपेशंस इंक्रीस होने के बाद भी आपका सीटीआर स्टेबल रह रहा है या ज्यादा ड्रॉप नहीं हो रहा है, देन इट इज अ वेरी गुड साइन फॉर योर चैनल। इसका मतलब है कि आपके टॉपिक में और पैकेजिंग में एक्चुअली वायरल होने का पोटेंशियल है। क्योंकि वो लोग भी आपके वीडियो पर क्लिक कर रहे हैं जो आपको नहीं जानते। लेट्स मूव ऑन टू साइन नंबर फोर पॉजिटिव कमेंट्स डिस्पाइट लो व्यूज। अगर आपके वीडियो पर कम व्यूज आते हैं, बट स्टिल कमेंट सेक्शन में लोगों का जेन्युइन पॉजिटिव फीडबैक दिखता है, देन इट इज अ वेरी गुड साइन कि आपके चैनल में ग्रोथ का पोटेंशियल है। यू माइट आस्क कि अगर लोगों को वीडियो अच्छी लग रही है, देन मेरे व्यूज क्यों नहीं आ रहे? वेल द आंसर इज सिंपल। आपको वैलुएबल कंटेंट बनाना तो आता है, बट आप दो मेन गलतियां कर रहे हो। या तो आप सही टॉपिक्स पिक नहीं कर रहे हो या फिर आप अपने वीडियो को अच्छे से पैकेज नहीं कर रहे हो। एंड इन गलतियों की वजह से कंटेंट अच्छा होने के बाद भी एक लिमिटेड नंबर ऑफ व्यूअर्स के पास ही पहुंच पा रहा है। तो फिर क्वेश्चन होगा कि सही टॉपिक्स कैसे पिक करें? लेट्स टॉक अबाउट साइन नंबर फाइव यू स्टार्ट गेटिंग आउटलाइयर्स। अगर आप नोटिस करते हो कि आपके चैनल पर दो-तीन वीडियोस ऐसे हैं जिन पर बाकी सारे वीडियोस के मुकाबले काफी ज्यादा व्यूज आए हैं, एंड आल्सो वो सारे वीडियोस सेम टॉपिक पर हैं, देन इस साइन को इग्नोर करने की गलती मत करना। क्योंकि ये एल्गोरिदम का तरीका है आपको बताने का कि आपके ऑडियंस का इंटरेस्ट किस तरफ है एंड आपको क्या बनाना चाहिए। आपका काम है इन टॉपिक्स पर डबल डाउन करना। व्हिच मींस कि आप इन वीडियोस का एक सीरीज क्रिएट कर सकते हो। लाइक पार्ट वन, पार्ट टू, पार्ट थ्री या उस टॉपिक के अराउंड एक डिफरेंट एंगल एक्सप्लोर कर सकते हो। एंड उन वीडियोस के अच्छा परफॉर्म करने के बहुत हाई चांसेस हैं। इवेंचुअली इससे एक चेन रिएक्शन शुरू हो जाएगा आपके चैनल पर एंड यू विल बिल्ड अ वेरी स्ट्रांग ऑडियंस स्पेस। लिटरली ये YouTube पर ग्रो करने का वन ऑफ द फास्टेस्ट मेथड है। एंड स्मॉल चैनल्स भी इसे प्रॉपर्ली लेवरेज करके इजीली ब्लो अप हो जाता है। मेरे चैनल पर जब भी कोई टॉपिक बेटर दैन एवरेज परफॉर्म करता है, तो आई ऑलवेज ट्राई टू मेक मोर एंड मोर वीडियोस ऑन द सेम टॉपिक। ऑलराइट। अब बात करते हैं अगले साइन की जो आपको YouTube स्टूडियो में नहीं बल्कि अपने माइंडसेट में दिखेगा। साइन नंबर सिक्स यू स्टॉप थिंकिंग YouTube इज लक। यह वो माइंडसेट है जिसके साथ अगर आप एक्ट करने लगे तो आज नहीं तो कल YouTube पर ब्लो अप होना आपके लिए गारंटीड है। शुरू में जब व्यूज नहीं आते हैं तो सब कुछ रैंडम लगता है। लगता है कि कोई लकी है और कोई अनलकी। लेकिन एक पॉइंट आता है जहां पर आपका यह पर्सपेक्टिव कंप्लीटली चेंज हो जाता है। आप समझने लगते हो कि कोई भी वीडियो बिना रीजन के परफॉर्म नहीं करती। लोग क्लिक क्यों करते हैं? उसका रीजन होता है। वो वीडियो एंड तक क्यों देखते हैं? उसका रीजन होता है। और YouTube उसे पुश क्यों करता है? उसका भी रीजन होता है। और जब यह क्लैरिटी आती है ना, तो आप ब्लेम करना बंद कर देते हो और ऑब्जर्व करना स्टार्ट कर देते हो। आई रिमेंबर अभी से 5-6 साल पहले जब मैं वीडियोस बनाता था, तो मुझे लिटरली ना के बराबर व्यूज आते थे। बट मैंने कभी भी यह नहीं सोचा कि बाकी लोग लकी हैं या YouTube एल्गोरिदम को मुझसे प्रॉब्लम है। YouTube इज नॉट लक। यह बात मेरे दिमाग में इतनी स्ट्रांगली सेट थी कि मल्टीपल फेल वीडियोस बनाने के बाद भी मुझे क्विट करने का मन नहीं हुआ। क्योंकि आई न्यू कि अगर मेरे व्यूज नहीं आ रहे हैं तो सिंपल सी बात है कि वो व्यूज डिर्व करता ही नहीं है। एंड ऑनेस्टली आई थिंक यही माइंडसेट लॉन्ग टर्म में सारा डिफरेंस क्रिएट करता है। सो ये थे सिक्स साइंस कि आपका चैनल ब्लो अप होने वाला है। जल्दी से अपना टोटल स्कोर कमेंट सेक्शन में लिख दो। और अगर आप जानना चाहते हो कि मैंने सिर्फ 51 वीडियोस में 1 मिलियन सब्सक्राइबर्स कैसे कंप्लीट किए, देन इस वीडियो पर क्लिक करो। बहुत ही इनफेटिव एंड इंटरेस्टिंग वीडियो है। एंड यहीं मैं आपसे वहीं मिलूंगा।
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Speaker A
में कोई बात नहीं करता। सो आज मैं आपको सिक्स ऐसे साइंस बताने वाला हूं जो अगर आपको अपने चैनल पे दिख रहे हैं देन इट मींस कि आपका चैनल बहुत ही जल्दी ब्लो अप होने वाला है। आई वांट कि इस वीडियो को
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Speaker A
देखते वक्त आप काउंट करो कि आपको इनमें से कितने साइंस दिख रहे हैं अपने चैनल पे एंड अपना टोटल स्कोर कमेंट करो। स्टार्टिंग विद साइन नंबर वन, आपके रेगुलर और कैजुअल व्यूअर्स इंक्रीस हो रहे हैं। अगर आप अपने
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Speaker A
YouTube एनालिटिक्स के ऑडियंस टैब में जाओगे, तो आपको एक न्यू मैट्रिक मिलेगा। ऑडियंस बाय वॉच बिहेवियर। यह मैट्रिक आपके चैनल के सारे व्यूअर्स को थ्री मेन कैटेगरीज में सेपरेट कर देता है। न्यू व्यूअर्स, कैजुअल व्यूअर्स एंड रेगुलर व्यूअर्स। नाउ अगर मैं इसे बिल्कुल
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Speaker A
सिंपलीफाई करके बताऊं तो न्यू व्यूअर्स बेसिकली वो लोग हैं जिन्होंने आपके चैनल को फर्स्ट टाइम डिस्कवर किया है। कैजुअल व्यूअर्स वो लोग हैं जिन्होंने आपके चैनल के थोड़े बहुत वीडियोस देखे हैं बट वो रेगुलर व्यूअर्स नहीं है। एंड रेगुलर
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Speaker A
व्यूअर्स वो हैं जो आपके चैनल को बहुत लंबे समय से कंसिस्टेंटली देखते आ रहे हैं। नाउ आपका क्वेश्चन होगा कि ये मैट ट्रिकेंट क्यों है? वेल सोच के देखो। एल्गोरििदम ऐसे चैनल्स नहीं प्रमोट करना चाहता जो सिर्फ एक बार वायरल हो जाए।
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Speaker A
बिकॉज़ एक बार व्यूज ला भी दोगे तो उससे क्या ही हो जाएगा? एल्गोरिदम को ऐसे चैनल्स चाहिए जो बार-बार व्यूअर्स को कंसिस्टेंटली इस प्लेटफार्म पे ला रहे हैं और एक लॉयल ऑडियंस बेस बिल्ड कर रहे हैं। सो अगर आपका रेगुलर और कैजुअल व्यूअर रेट
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Speaker A
इंक्रीस होता है तो ये एक बहुत ही पॉजिटिव साइन है कि आप सिर्फ वन टाइम व्यूज नहीं ला रहे हो बल्कि एक लॉयल ऑडियंस बिल्ड कर रहे हो जो कि लॉन्ग टर्म में एक वायरल वीडियो के मुकाबले ज्यादा व्यूज जनरेट
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Speaker A
करेगा। और हां, ऐसा नहीं है कि आपको न्यू व्यूअर्स चाहिए ही नहीं। बिकॉज़ उनके बिना आपका चैनल ग्रो ही नहीं होगा एंड सब्सक्राइब अकाउंट भी नहीं बढ़ेगा। इनफैक्ट 99% चैनल्स के लिए न्यू व्यूअर रेट कैजुअल एंड रेगुलर व्यूअर रेट से ज्यादा ही होता
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Speaker A
है। बट अगर आपको एनालिटिक्स में दिखता है कि आपके कैजुअल एंड रेगुलर व्यूअर्स इंक्रीस हुए हैं देन ये एक बहुत अच्छा साइन है। लेट्स टॉक अबाउट साइन नंबर टू हाई सीटीआर ऑन सजेस्टेड वीडियोस। जब आप कोई वीडियो अपलोड करते हो तो YouTube उसे
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Speaker A
कई डिफरेंट ट्रैफिक सोर्सेस में रिकमेंड कर सकता है। जिनमें से एक ट्रैफिक सोर्स है सजेस्टेड वीडियोस। बेसिकली अगर कोई वीडियो प्ले हो रहा होता है तो यू विल सी दैट उसके साइड में भी बहुत सारे वीडियोस के थंबनेल्स होते हैं। तो ये सभी सजेस्टेड
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Speaker A
वीडियोस हैं। अगर आप YouTube स्टूडियो के एडवांस्ड मोड में जाके ट्रैफिक सोर्ड सेलेक्ट करते हो देन वहां से आप देख पाओगे कि आपका वीडियो एग्जैक्टली किन वीडियोस के साथ सजेस्ट हो रहा है। नॉट ओनली दैट आप यह भी देख पाओगे कि उस स्पेसिफिक वीडियो के
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Speaker A
साथ आपके वीडियोस कितने बार सजेस्ट हो चुके हैं। व्हिच इज योर इंपेशंस एंड आल्सो यू विल सी योर क्लिक थ्रू रेट। नाउ समटाइ्स ऐसा भी होगा कि एल्गोरिदम आपके वीडियो को किसी ऐसे वीडियो के साथ सजेस्ट कर देगा जो कि बहुत बड़े चैनल का है या
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Speaker A
जिस पे बहुत सारे व्यूज हैं। ऐसे में अगर व्यूअर उस बड़े चैनल का वीडियो छोड़ के आपके वीडियो पे क्लिक करता है देन इट मींस कि आपके टाइटल और थंबनेल में व्यूज लाने का सीरियस पोटेंशियल है। सो अगर आपको
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Speaker A
एनालिटिक्स में दिखता है कि किसी बड़े क्रिएटर के वीडियो के साथ आपका वीडियो सजेस्ट हुआ है। एंड आल्सो उसका क्लिक थ्रू रेट भी अच्छा है। देन ये एक बहुत ही पॉजिटिव साइन है आपके चैनल के लिए। अगर ऐसा बार-बार होगा तो इवेंचुअली एल्गोरििदम
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Speaker A
उस बड़े क्रिएटर के ऑडियंस को आपकी और भी वीडियोस रेकमेंड करने लगेगा। वह भी दूसरे ट्रैफिक सोर्सेस में लाइक देयर होम पेज। नाउ लेट्स टॉक अबाउट साइन नंबर थ्री जो कि है कंसिस्टेंट सीटीआर। मोस्ट क्रिएटर्स थिंक कि 10% सीटीआर बहुत अच्छा है। बट 10%
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Speaker A
सीटीआर सिर्फ 500 या 1000 इंपेशंस पे मेंटेन करना यह बच्चों का खेल है। देखो YouTube क्लियरली कहता है कि अगर आपके वीडियो पे लेस व्यूज और लेस इंपेशंस हैं तो उसका क्लिक थ्रू रेट यूजुअली हाई होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एल्गोरििदम ने
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Speaker A
उस वीडियो को अभी तक सिर्फ एक नैरो और बहुत लॉयल ऑडियंस को ही दिखाया है। असली टेस्ट तब शुरू होगा जब YouTube वो वीडियो एक ब्रॉड ऑडियंस तक पुश करेगा। ऐसे में यू विल सी दैट आपका क्लिक थ्रू रेट भी
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Speaker A
सिग्निफिकेंटली ड्रॉप होगा। लेकिन अगर आप नोटिस करते हो कि इंपेशंस इंक्रीस होने के बाद भी आपका सीटीआर स्टेबल रह रहा है या ज्यादा ड्रॉप नहीं हो रहा है देन इट इज अ वेरी गुड साइन फॉर योर चैनल। इसका मतलब है
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Speaker A
कि आपके टॉपिक में और पैकेजिंग में एक्चुअली वायरल होने का पोटेंशियल है। क्योंकि वो लोग भी आपके वीडियो पे क्लिक कर रहे हैं जो आपको नहीं जानते। लेट्स मूव ऑन टू साइन नंबर फोर पॉजिटिव कमेंट्स डिस्पाइट लो व्यूज। अगर आपके वीडियो पे कम
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Speaker A
व्यूज आते हैं बट स्टिल कमेंट सेक्शन में लोगों का जेन्युइन पॉजिटिव फीडबैक दिखता है। देन इट इज अ वेरी गुड साइन कि आपके चैनल में ग्रोथ का पोटेंशियल है। यू माइट आस्क कि अगर लोगों को वीडियो अच्छी लग रही
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Speaker A
है देन मेरे व्यूज क्यों नहीं आ रहे? वेल द आंसर इज़ सिंपल। आपको वैलुएबल कंटेंट बनाना तो आता है बट आप दो मेन गलतियां कर रहे हो। या तो आप सही टॉपिक्स पिक नहीं कर रहे हो या फिर आप अपने वीडियो को अच्छे से
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Speaker A
पैकेज नहीं कर रहे हो। एंड इन गलतियों की वजह से कंटेंट अच्छा होने के बाद भी एक लिमिटेड नंबर ऑफ व्यूअर्स के पास ही पहुंच पा रहा है। तो फिर क्वेश्चन होगा कि सही टॉपिक्स कैसे पिक करें? लेट्स टॉक अबाउट
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Speaker A
साइन नंबर फाइव यू स्टार्ट गेटिंग आउटलाइयर्स। अगर आप नोटिस करते हो कि आपके चैनल पे दो-तीन वीडियोस ऐसे हैं जिन पे बाकी सारे वीडियोस के मुकाबले काफी ज्यादा व्यूज आए हैं। एंड आल्सो वो सारे वीडियोस सेम टॉपिक पे हैं। देन इस साइन को इग्नोर
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Speaker A
करने की गलती मत करना। बिकॉज़ ये एल्गोरिदम का तरीका है आपको बताने का कि आपके ऑडियंस का इंटरेस्ट किस तरफ है एंड आपको क्या बनाना चाहिए। आपका काम है इन टॉपिक्स पे डबल डाउन करना। व्हिच मींस कि आप इन
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Speaker A
वीडियोस का एक सीरीज क्रिएट कर सकते हो। लाइक पार्ट वन, पार्ट टू, पार्ट थ्री या उस टॉपिक के अराउंड एक डिफरेंट एंगल एक्सप्लोर कर सकते हो। एंड उन वीडियोस के अच्छा परफॉर्म करने के बहुत हाई चांसेस हैं। इवेंचुअली इससे एक चेन रिएक्शन शुरू
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Speaker A
हो जाएगा आपके चैनल पे एंड यू विल बिल्ड अ वेरी स्ट्रांग ऑडियंस स्पेस। लिटरली ये YouTube पे ग्रो करने का वन ऑफ द फास्टेस्ट मेथड है। एंड स्मॉल चैनल्स भी इसे प्रॉपर्ली लेवरेज करके इजीली ब्लो अप हो जाता है। मेरे चैनल पे जब भी कोई टॉपिक
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Speaker A
बेटर दैन एवरेज परफॉर्म करता है, तो आई ऑलवेज ट्राई टू मेक मोर एंड मोर वीडियोस ऑन द सेम टॉपिक। ऑलराइट। अब बात करते हैं अगले साइन की जो आपको YouTube स्टूडियो में नहीं बल्कि अपने माइंडसेट में दिखेगा। साइन नंबर सिक्स यू स्टॉप थिंकिंग YouTube
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Speaker A
इज लक। यह वो माइंडसेट है जिसके साथ अगर आप एक्ट करने लगे तो आज नहीं तो कल YouTube पे ब्लो अप होना आपके लिए गारंटीड है। शुरू में जब व्यूज नहीं आते हैं तो सब कुछ रैंडम लगता है। लगता है कि कोई लकी है
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और कोई अनलकी। लेकिन एक पॉइंट आता है जहां पे आपका यह पर्सपेक्टिव कंप्लीटली चेंज हो जाता है। आप समझने लगते हो कि कोई भी वीडियो बिना रीज़न के परफॉर्म नहीं करती। लोग क्लिक क्यों करते हैं? उसका रीजन होता
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Speaker A
है। वो वीडियो एंड तक क्यों देखते हैं? उसका रीजन होता है। और YouTube उसे पुश क्यों करता है? उसका भी रीजन होता है। और जब यह क्लेरिटी आती है ना, तो आप ब्लेम करना बंद कर देते हो और ऑब्जर्व करना
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Speaker A
स्टार्ट कर देते हो। आई रिमेंबर अभी से 5 छ साल पहले जब मैं वीडियोस बनाता था, तो मुझे लिटरली ना के बराबर व्यूज आते थे। बट मैंने कभी भी यह नहीं सोचा कि बाकी लोग लकी हैं या YouTube एल्गोरििदम को मुझसे
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Speaker A
प्रॉब्लम है। YouTube इज नॉट लक। यह बात मेरे दिमाग में इतनी स्ट्रांगली सेट थी कि मल्टीपल फेल वीडियोस बनाने के बाद भी मुझे क्विट करने का मन नहीं हुआ। बिकॉज़ आई न्यू कि अगर मेरे व्यूज नहीं आ रहे हैं तो
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Speaker A
सिंपल सी बात है कि वो व्यूज डिर्व करता ही नहीं है। एंड ऑनेस्टली आई थिंक यही माइंडसेट लॉन्ग टर्म में सारा डिफरेंस क्रिएट करता है। सो ये थे सिक्स साइंस कि आपका चैनल ब्लो अप होने वाला है। जल्दी से
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अपना टोटल स्कोर कमेंट सेक्शन में लिख दो। और अगर आप जानना चाहते हो कि मैंने सिर्फ 51 वीडियोस में 1 मिलियन सब्सक्राइबर्स कैसे कंप्लीट किए देन इस वीडियो पे क्लिक करो। बहुत ही इनफेटिव एंड इंटरेस्टिंग वीडियो है। एंड या मैं आपसे वहीं मिलूंगा।
Topics:YouTube चैनल ग्रोथब्लो अप के संकेतYouTube एल्गोरिदमCTR बढ़ानालॉयल ऑडियंससजेस्टेड वीडियोसYouTube एनालिटिक्सवीडियो टॉपिक्समाइंडसेटYouTube सफलता

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