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Changez Khan in Islam

इस वीडियो में इस्लाम में चंगेज खान के प्रभाव और मुस्लिम इतिहास की प्रमुख घटनाओं का विश्लेषण किया गया है।

Key Takeaways

  • मुस्लिम इतिहास में अरबों की शुरुआत से लेकर अब्बासी दौर तक का विस्तार और पतन।
  • हाउस ऑफ विजडम ने विज्ञान, कला और ज्ञान के क्षेत्र में इस्लामिक गोल्डन एज की नींव रखी।
  • सलाहुद्दीन अयूबी ने मुस्लिमों को एकजुट कर क्रूसेड्स के खिलाफ सफलता हासिल की।
  • चंगेज खान के मंगोल आक्रमणों ने मुस्लिम साम्राज्य को भारी नुकसान पहुंचाया।
  • मुस्लिम समाज में विभिन्न जातीय और राजनीतिक संघर्षों के बावजूद एकता की आवश्यकता बनी रही।

What the video covers

  • रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की हदीस के अनुसार रेड लाल चेहरे वाले लोगों से लड़ाई तक कयामत नहीं आएगी।
  • अरबों की शुरुआती खिलाफत ने अरब से बाहर सबसे बड़ी मुस्लिम एंपायर बनाई।
  • बनू उमैरा की खिलाफत में गैर-अरबों की उपेक्षा और सामाजिक भेदभाव था।
  • अब्बासी खिलाफत ने बगदाद में हाउस ऑफ विजडम स्थापित कर ज्ञान और विज्ञान को बढ़ावा दिया।
  • अब्बासी दौर में अल ख्वारिज्मी जैसे महान वैज्ञानिक और गणितज्ञ उभरे।
  • अब्बासी खिलाफत के पतन के कारण सलजुक फौज ने सत्ता पर कब्जा कर लिया।
  • मुस्लिमों ने फलस्तीन और जेरूसलम को खो दिया, जिसके बाद क्रूसेड्स की लड़ाई हुई।
  • सलाहुद्दीन अयूबी ने मुस्लिमों को एकजुट कर 1192 में जेरूसलम को पुनः फतह किया।
  • चंगेज खान और सलाहुद्दीन अयूबी एक ही दौर के प्रमुख व्यक्तित्व थे, जिनका मुस्लिम इतिहास पर विपरीत प्रभाव पड़ा।
  • मंगोल आक्रमणों ने मुस्लिम दुनिया को कमजोर किया, लेकिन मुस्लिम स्कॉलर्स ने फलस्तीन की मुक्ति का सपना जीवित रखा।

Answers

Questions about this video

चंगेज खान का मुस्लिम इतिहास में क्या महत्व है?

चंगेज खान ने मंगोल आक्रमणों के माध्यम से मुस्लिम साम्राज्य को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे मुस्लिम दुनिया कमजोर हुई और कई हिस्सों में बंट गई।

सलाहुद्दीन अयूबी ने क्या उपलब्धि हासिल की?

सलाहुद्दीन अयूबी ने मुस्लिमों को एकजुट कर 1192 में जेरूसलम को क्रूसेडर्स से पुनः फतह किया और मुस्लिमों की खोई हुई इज्जत वापस दिलाई।

अब्बासी खिलाफत ने ज्ञान और विज्ञान के क्षेत्र में क्या योगदान दिया?

अब्बासी खिलाफत ने बगदाद में हाउस ऑफ विजडम स्थापित किया, जहां विश्व की महान रचनाओं का अरबी में अनुवाद हुआ और विज्ञान, गणित, कला को प्रोत्साहन मिला।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
[संगीत] एक बहुत ही इंटरेस्टिंग हदीस है जिसमें रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया था कि कयामत तब तक नहीं आएगी जब तक तुम मुसलमान ऐसे लोगों से नहीं लड़ो जिनकी शक्ल बिल्कुल रेड लाल होंगी, उनके नाक बिल्कुल फ्लैट होंगे, उनकी छोटी-छोटी आंखें होंगी
00:22
Speaker A
और चेहरे बिल्कुल शील्ड्स की तरह फ्लैट होंगे और जिनके जूते बालों से बने होंगे। नाउ रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इस हदीस के बाद अपनी वफात तक पूरे अरब को फतह कर लिया था और मुसलमानों की एंपायर पूरे
00:38
Speaker A
अरब में फैल चुकी थी, जिसके बाद खिलाफत रास्ता के 30 सालों में अबू बकर, उमर, उस्मान और अली की खिलाफत में मुसलमानों ने पहली बार अरब से निकलकर इंसानों की तारीख की सबसे बड़ी एंपायर बनाई और पहली बार
00:53
Speaker A
मुसलमान दुनिया के सुपर पावर बने। लेकिन सिर्फ 30 साल हुकूमत के बाद खिलाफत रास्ता खत्म कर दी गई और खिलाफत एक खानदान बनू उमैरा के कंट्रोल में आई, जिन्होंने फिर मुसलमानों की इस एंपायर पर 90 इयर्स तक हुकूमत की और इसे राशिद खिलाफत की इस साइज
01:10
Speaker A
से बढ़ाकर इतने इलाके तक पहुंचा दिया। उमर खिलाफत ने इतने बड़े इलाके को तो फतह कर लिया था, लेकिन बनू उमैरा की खिलाफत में एक बहुत बड़ा मसला था कि यह खिलाफत सिर्फ और सिर्फ अरबों की थी जिसमें नॉन अरब लोगों
01:22
Speaker A
की कोई हैसियत नहीं थी। इस हद तक अरब के इतनी बड़ी एंपायर के बावजूद अरब हमेशा इस पूरी एंपायर में बाकी आवाम से बहुत कम मिलते थे और किसी नॉन अरब को अरब से शादी करना इंपॉसिबल था। और बनू उमैरा की गवर्नमेंट
01:36
Speaker A
में सारे पोस्ट सिर्फ अरबों के पास थे। यह उसी तरह था जिस तरह आज यूएई और सऊदी में पाकिस्तानियों और इंडियंस को ट्रीट किया जाता है। इस सबसे तंग आकर उमैरा फत के खिलाफ उनके मुल्क के अंदर से ही बगावत हुई
01:49
Speaker A
और एक और खानदान अब्बासिया ने खिलाफत संभाली जो रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के चाचा हजरत अब्बास रजि अल्लाह ताला अन्हो की औलाद थी। अब अब्बासिया के टाइम पर ही मुसलमानों की ताकत अपनी पीक तक पहुंची जिसे वेस्ट में इस्लामिक गोल्डन एज
02:04
Speaker A
के नाम से जाना जाता है। जब बगदाद अब्बासी खिलाफत का कैपिटल दुनिया की सबसे ताकतवर सिटी थी। अब्बासी खिलाफत ने दुनिया की सुपर पावर होने के साथ-साथ एक बहुत ही यूनिक काम किया कि उन्होंने अपने कैपिटल बगदाद के अंदर दुनिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी
02:19
Speaker A
बनाई जिसे हाउस ऑफ विजडम कहा जाता था और इस लाइब्रेरी को दुनिया की बेहतरीन किताबों, स्टोरीज और पोएट्री से भर दिया जिसकी वजह से दुनिया के सारे इंटेलेक्चुअल लोग, साइंटिस्ट, पोएट्स, आर्टिस्ट्स सब अपने इलाके छोड़कर यहां इस सिटी में जमा होने
02:35
Speaker A
लगे। अब्बासी खलीफा ने इस हाउस ऑफ विजडम में एक पोर्शन ट्रांसलेशन के लिए बनाया ताकि यहां पर लोग बैठकर दुनिया के पुराने अजीम लोगों की राइटिंग्स को अरबी जबान में ट्रांसलेट कर सके। और जब यह ट्रांसलेशन शुरू हुई तो आहिस्ता आहिस्ता अरबी जबान
02:50
Speaker A
दुनिया की सबसे ताकतवर जबान बनने लगी, जिस तरह आज इंग्लिश जबान है। अब्बासी खिलाफत ने दुनिया में पहली बार साइंटिस्ट को अपने रिसर्च करने के लिए फंडिंग करना शुरू की जिसकी वजह से दुनिया में बड़े-बड़े मुसलमान साइंटिस्ट सामने आए जैसे कि बगदाद
03:05
Speaker A
के इस हाउस ऑफ विजडम का हेड जिसका नाम था अल ख्वारिज्मी, अ मैन नेम अल काजमी जिन्होंने पहली बार दुनिया में अलजेब्रा इंट्रोड्यूस किया। वन ऑफ द ग्रेटेस्ट मैथमैटिशियन मुस्लिम इन द गोल्डन एज ऑफ इस्लाम
03:17
Speaker A
जो आज भी दुनिया के साइंस में बहुत बड़ी इंपॉर्टेंस रखता है। अब्बासी खिलाफत में साइंस के साथ-साथ आर्ट्स भी बहुत आगे बढ़ा और इसी दौर में अल्फ लल व लेल जैसी किताब लिखी गई नाइट्स जिसमें ऐसी स्टोरीज लिखी गईं
03:30
Speaker A
जिन पर आज तक हॉलीवुड में मूवीज बनाई जाती हैं। फॉर एग्जांपल अलादीन, अली बाबा दे ल नो, अबाउ अली बाबा और सिम बाद वगैरह। इन शॉर्ट मुसलमान दुनिया के सुपर पावर थे और इन्हें चैलेंज करने वाला दुनिया में कोई भी नहीं
03:44
Speaker A
था। लेकिन जब भी हिस्ट्री में कोई एंपायर इस लेवल तक पहुंचती है तो उससे आगे सिर्फ एक ही रास्ता होता है, डिक्लाइन। हुआ यू के अब्बासिया से पहले उमर खिलाफत एज वी नो कि सिर्फ अरबों की खिलाफत थी, लेकिन
03:57
Speaker A
अब्बासी खिलाफत उमर से बिल्कुल अपोजिट थी। मतलब इस खिलाफत के दौर में एंपायर के हर कोने से लोग गवर्नमेंट में शामिल थे, पर्जन, टर्क, ग्रीक सब। और एक अब्बासी खलीफा ने तो तुर्कों की एक बहुत पावरफुल फौज भी बनाई
04:12
Speaker A
सलजुक फौज। और यह फौज टाइम गुजरने के साथ-साथ इतनी स्ट्रांग हो गई कि इसने अब्बासी खिलाफत को मजबूत करने के बजाय खिलाफत का सारा कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया, जिसके बाद खलीफा सिर्फ एक नाम का खलीफा था और मुल्क की सारी ताकत सलजुक
04:27
Speaker A
फौज के पास थी। यह ऐसा है जैसे आज किसी मुल्क का प्राइम मिनिस्टर सिर्फ नाम का प्राइम मिनिस्टर हो और मुल्क की सारी ताकत किसी और के पास हो। सॉरी, सलजुक फौज के कंट्रोल के बाद इसी फौज की वजह से आहिस्ता
04:39
Speaker A
आहिस्ता अब्बासी खिलाफत कमजोर होती गई और उनकी इस इतनी बड़ी एंपायर में हर तरफ बगावत स्टार्ट होने लगी जिससे आखिर ये इतनी बड़ी एंपायर छोटे-छोटे हिस्सों में डिवाइड हो गई जिसकी वजह से मुसलमानों के हाथ से पहली बार फलस्तीन छीन लिया गया। इस
04:53
Speaker A
सबसे बहुत साल पहले पहली खिलाफत में जब हजरत उमर रजि अल्लाह ताला अन इन सारे इलाकों को फतह कर रहे थे तो उन्होंने क्रिश्चियंस की सबसे होली सिटी जेरूसलम को भी फतह कर लिया था। उसके बाद अगले 450 साल
05:05
Speaker A
तक किसी की भी हिम्मत नहीं हुई थी कि वो फलस्तीन मुसलमानों से ले सके। लेकिन जब अब्बासी खिलाफत कमजोर हो गई और मुसलमान बहुत छोटे हिस्सों में डिवाइड हो गए तो इस टाइम का यूरोप के क्रिश्चियंस ने फुल
05:16
Speaker A
फायदा उठाया और यरूशलम, फलस्तीन को मुसलमानों के हाथ से छुड़ाने के लिए एक बहुत बड़ी जंग स्टार्ट की, द क्रुसेड्स, द माइट बैटल बिटवीन क्रिटी एंड इलाम। और आखिर 1099 में उन्होंने फलस्तीन और जेरूसलम फतह करने के बाद हजारों मुसलमानों, बच्चे, औरतें,
05:35
Speaker A
बूढ़ों को शहीद कर दिया और उनके घरों को आग लगा दी। एक किताब में तो यह तक लिखा है कि क्रुसेडर्स ने मुसलमान मांओं से उनके बच्चे छीनकर बड़ी-बड़ी बिल्डिंग से नीचे फेंक दिए। मुसलमानों ने इन क्रुसेडर्स से
05:47
Speaker A
भागकर घरों और मस्जिदों में छुपने की कोशिश की, लेकिन क्रुसेडर्स ने बजाय इसके कि उनको निकाला जाए, क्रुसेडर्स ने उन घरों को बाहर से आग लगा दी जिससे हजारों मुसलमान जलकर राख हो गए। अगर आप सोचेंगे कि इतना जालिम कोई कैसे हो सकता है तो, तो आज
06:00
Speaker A
भी फलस्तीन में यही सब कुछ एगजैक्टली इसी तरह हो रहा है। क्रिश्चियंस के जुल्म से कुछ ही मुसलमान वहां से बच कर निकले और यह मुसलमान मस्जिद ए अक्सा से उस पुराने कुरान मजीद को भी अपने साथ लेकर गए जो हजरत
06:12
Speaker A
उस्मान के दौर में लिखा गया था। इस सब जुल्म के बावजूद दुनिया में मुसलमानों का ऐसा कोई लीडर भी नहीं था जो फलस्तीन को दोबारा फतह कर सके। लेकिन फलस्तीन खोने के सिर्फ 40 साल बाद इराक में एक आम से
06:24
Speaker A
सोल्जर नजमुद्दीन अयूब के घर में एक बच्चा पैदा हुआ, यूसुफ सलाहुद्दीन अयूबी के नाम से याद किया जाता है। सलाहुद्दीन अयूबी 25 साल की ऐज में अपने चाचा के साथ इराक छोड़कर इजिप्ट की तरफ गए और वहां आहिस्ता आहिस्ता
06:39
Speaker A
बहुत लंबी स्ट्रगल के बाद इजिप्ट के बादशाह सुल्तान बन गए। यह बहुत लंबी कहानी है, इसे फिर करेंगे। अब जब यहां इजिप्ट में सलाहुद्दीन अयूबी इजिप्ट के बादशाह बनने की तरफ जा रहे थे तो इसी दौरान यहां से
06:51
Speaker A
बहुत दूर मंगोलिया में एक छोटे से गांव के एक छोटे से कबीले के सरदार के घर में भी एक बच्चा पैदा हुआ जिसका नाम था थ जिन चंगेज खान। यस, सलाहुद्दीन और चंगेज खान एक ही दौर में जिंदा थे। एक ने मुसलमानों को
07:07
Speaker A
वापस ग्लोरी की तरफ लेकर जाना था और दूसरे ने मुसलमानों को ऐसा तबाह करना था जो इससे पहले किसी ने भी नहीं किया था। फलस्तीन और स्पेशली जेरूसलम को खोने के बाद मुसलमान का कोई स्ट्रांग लीडर तो नहीं था, लेकिन इस
07:18
Speaker A
दौरान सबसे जबरदस्त रोल मुस्लिम स्कॉलर्स, उलमा ने प्ले किया था क्योंकि इससे पहले जो मुसलमान हर वक्त आपस में लड़ते रहते थे और बहुत सारे फिरकों में डिवाइडेड थे, उन्हें कुछ बहुत अजीम स्कॉलर्स ने एक ही गोल पर यूनाइट करना शुरू किया कि किसी भी
07:33
Speaker A
हाल में फलस्तीन को दोबारा फतह करना है जिससे अगले कई सालों में मुसलमान किंगडम की यंग पॉपुलेशन के दिमाग में यह बात बहुत अच्छी तरह बैठ गई। लेकिन फिर भी मुसलमानों का ऐसा कोई एक लीडर नहीं था जो मुसलमानों
07:46
Speaker A
को यूनाइट करके क्रिश्चियंस पर हमला कर सके। आखिर सलाहुद्दीन अयूबी ने इजिप्ट का सुल्तान बनने के बाद पहले तो क्रिश्चियंस के एक ग्रुप से डील कर ली कि अगले 10 साल तक बिल्कुल अमन होगा और हम एक दूसरे पर
07:58
Speaker A
हमला नहीं करेंगे। और ऑलमोस्ट सुलहुद्दीन, सलाहुद्दीन अयूबी ने पहले मुसलमानों को यूनाइट करना शुरू किया और फिर आखिर इस सारे इलाके को फतह करने के बाद आप सलाउद्दीन अयूबी दुनिया के सबसे ताकतवर मुसलमान बादशाह बन चुके थे और दुनिया के
08:15
Speaker A
सारे मुसलमान फलस्तीन को फतह करने के लिए सलाउद्दीन अयूबी की तरफ देखने लगे। आखिर सलाउद्दीन अयूबी ने अपनी फौज लेकर क्रुसेडर्स पर हमला कर दिया और साल 1192 में जेरूसलम को मुकम्मल तौर पर फतह करके सिक्योर कर लिया। 1122 मुसलमानों की तारीख
08:31
Speaker A
का बहुत इंपॉर्टेंट साल था क्योंकि इस साल एक तरफ सलाहुद्दीन अयूबी ने इतनी बड़ी फतह हासिल की और दूसरी तरफ शहाबुद्दीन गौरी ने इंडिया पर हमला करके इसे फतह कर लिया और दिल्ली सल्तनत की बुनियाद भी रखी। अब
08:46
Speaker A
ऑलमोस्ट 100 साल बाद मुसलमान आखिरकार दोबारा थोड़ा स्टेबल होने लगे और मुसलमानों की खोई हुई इज्जत भी उन्हें वापस मिलने लगी। लेकिन अब जब मुसलमानों को थोड़ी कामयाबी मिल चुकी थी तो इस सबसे 600 साल पहले रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि
09:00
Speaker A
वसल्लम की कही हुई हदीस के पूरे होने का...
09:13
Speaker A
उसका बाप मंगोलिया के एक छोटे से कबीले का सरदार था लेकिन थेम जिन के बचपन में एक दूसरे कबीले ने उसके बाप को सीक्रेट जहर देकर मार दिया था जिसके बाद थमजनैल चाइना में किसी और का गुलाम बनकर
09:31
Speaker A
भी रहा लेकिन फिर ते मोजन ने आखिर वापस मंगोलिया आ गर अपने कबीले को यूनाइट किया और आहिस्ता आहिस्ता उसकी मंगोल एंपायर बढ़ने लगी और इतनी बड़ी हो गई कि मंगोलियंस ने तमो जिन को एक बहुत बड़ा टाइटल दिया चंगेज खान जिसका मतलब है सबसे
09:47
Speaker A
बड़ा बादशाह खान यह नाम खान इससे पहले टर्किश जबान में भी यूज किया जाता था लेकिन चंगेज खान की वजह से यह नाम पूरी दुनिया में हमेशा के लिए फेमस हो गया मतलब कुछ सर्वेस के मुताबिक आज दुनिया में ढाई
10:00
Speaker A
करोड़ लोग ऐसे हैं जिनके नाम में खान आता है जैसे कि शाहरुख खान आमिर खान और ऑफ कोर्स इमरान खान मंगोलिया को आज भी अगर देखा जाए तो एक बहुत ही गरीब और आम सा मुल्क है और उस जमाने में तो इससे भी बहुत
10:15
Speaker A
ज्यादा कमजोर था इसीलिए चंगेज खान के इस एंपायर के बनने के बाद भी मंगोलिया के नेबर चाइना ने इसे सीरियसली नहीं लिया क्योंकि आने वाले कुछ ही सालों में चंगेज खान ने चाइना की कैपिटल बेजिंग को फतह कर
10:28
Speaker A
लिया और पहली बार लोगों ने देखा कि चंगेज खान कितना जालिम है और उसके जुल्म की कहानियां तो हम सब ने सुनी है कि वो लोगों के सर काट कर उसके पिरामिड्स बनाया करता था लेकिन यह जुल्म चंगेज खान का कोई शौक
10:42
Speaker A
नहीं था इस जुल्म से उसे बहुत बड़ा फायदा था मतलब उसने अपनी पूरी फौज को 10 आदमियों के ग्रुप्स में डिवाइड किया और फिर 10 से 100 और फिर 100 से हजार और हजार से 100 हजार के ग्रुप्स नाउ चंगेज खान ने अपनी
10:54
Speaker A
आर्मी के लिए एक रूल बनाया था कि हर 10 लोगों के ग्रुप में अगर एक बंदा भी जंग छोड़कर भाग जाएगा तो उसके ग्रुप के बाकी नौ लोगों के सर काट दिए जाएंगे जिससे चंगेज खान की आर्मी के सोल्जर्स एक दूसरे
11:07
Speaker A
को जंग से भागने ही नहीं देते थे और जो भी भागने की कोशिश करता था उसे उसकी आर्मी खुद ही मार देती थी इसके अलावा चंगेज खान ने जस्टिस का एक ऐसा सिस्टम बनाया कि अगर कोई भी इस एंपायर में किसी दूसरे का घोड़ा
11:20
Speaker A
चोरी करे और पकड़ा जाए उसे उस एक घोड़े के बदले 10 घोड़े वापस करने होंगे और अगर वह वापस ना कर सका तो सिर्फ उसे नहीं उसके पूरे खानदान बच्चे बीवी मां-बाप सबको मार दिया जाएगा इस तरह चंगेज खान की ये जालिम
11:36
Speaker A
एंपायर बहुत तेजी से फैलने लगे और आखिर मुसलमानों की एक एंपायर ख्वार जम से डकरा गई पहले तो चंगेज खान का कोई इरादा नहीं था कि वह मुसलमानों से जंग करें इसीलिए उसने ख्वार जम के बादशाह की तरफ दोस्ती का
11:48
Speaker A
पैगाम लेकर एक डेलिगेशन भेजा लेकिन ख्वार जम के बादशाह ने उन सारे लोगों को गिरफ्तार कर लिया जिसकी वजह से उन्हें रिहा करने के लिए चंगेज खान ने अपने एंबेसडर को बादशाह की तरफ भेजा लेकिन बादशाह ने उस एंबेसडर का सर काट दिया अब
12:02
Speaker A
यह बहुत बड़ी बात एंबेसडर या मैसेंजर को कत्ल करना इस्लाम में और दुनिया के हर कानून में बहुत बड़ा जुर्म है जब मंगोलिया में चंगेज खान को इसका पता चला तो उसे बहुत गुस्सा आया और अब उसकी इज्जत का सवाल
12:16
Speaker A
भी तो उसने अपनी सबसे बड़ी फौज 1 लाख की फौज लेकर ख्वार जम की तरफ रवाना हुआ और यहां मुसलमानों और मंगोल्स के दरमियान अगले 100 साल की जंग शुरू हुई चंगेज खान ने बहुत तेजी से रेजम की इस पूरी एं को
12:29
Speaker A
खत्म कर दिया और हर सिटी को फतह करने के बाद वहां की सारी पॉपुलेशन के सर काट दिए और फिर उनके पिरामिड्स बनाए ताकि पूरी दुनिया को पता चल जाए कि चंगेज खान से फड्डल कोई आसान काम नहीं है चंगेज खान के
12:43
Speaker A
हमले से पहले खवार जम एंपायर जिसमें आज अफगानिस्तान उज्बेकिस्तान ताजिकिस्तान जैसे इलाके हैं इनकी आबादी 2 मिलियन 20 लाख के करीब थी और चंगेज खान के हमले के बाद अब यहां की आबादी सिर्फ 2 लाख रह गई थी मतलब चंगेज खान ने 18 लाख मुसलमानों को
13:00
Speaker A
शहीद किया था इन इलाकों को फतह करने के बाद एक दिन चंगेज खान ने सारे मुसलमानों को एक मस्जिद में जमा किया और फिर खुद मेंबर पर चढ़ा और सारे मुसलमानों से कहा कि मैं तुम्हारे रब की तरफ से तुम पर आजाब
13:13
Speaker A
बनाकर भेजा गया इसके बाद मंगोलियन एंपायर और भी बढ़ती गई और ऊपर रशिया को भी फतह कर लिया लेकिन उसी दौरान मंगोलिया में चंगेज खान फौत हो गए और अपने बाद अपने बेटे उगो दय को सबका बादशाह बनाया और अपनी पूरी
13:26
Speaker A
एंपायर को अपने बेटों में डिवाइड कर दि लेकिन जंगे खान के जाने के बाद भी मंगोल एंपायर हर तरफ फैलती गई और आखिर बहुत साल बाद चंगेज खान के पोते हलाकू खान ने एक और बहुत बड़ी फौज तैयार की और उसे लेकर बगदाद
13:41
Speaker A
अब्बासी खिलाफत के कैपिटल की तरफ बढ़ने लगा जो उस वक्त दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पावरफुल सिटी थी अब चाहिए तो यह था कि उस वक्त के मुसलमान यूनाइट होकर मंगोल से लड़ते लेकिन उस वक्त के मुसलमान इतने
13:52
Speaker A
फिरको में डिवाइड हो चुके थे कि मंगोल एंपायर से लड़ने से ज्यादा वो एक दूसरे से डिबेट्स और मुनाजरा इंटरेस्टेड थे हलाकू खान ने हर तरफ से बगदाद को घेर लिया और फिर आखिर 1258 बगदाद को मुसलमानों से छीन
14:05
Speaker A
लिया और मुसलमानों के खलीफा को कत्ल कर दिया जिसके बाद अब्बासी खिलाफत 500 साल तक हुकूमत करने के बाद हमेशा के लिए खत्म बगदाद फतह करने के बाद हलाक खान की फौज ने इतना खून बहाया कि कहा जाता है कि बगदाद
14:19
Speaker A
में दरिया ए फुरात का कलर मुसलमानों की खून की वजह से कई दिन तक बिल्कुल रेड और रेड कलर के बाद यूफ्रेट्स हो गया क्योंकि हलाक ने बगदाद के हाउस ऑफ विजडम जो दुनिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी थी उसके सारे किताब जलाकर राग
14:35
Speaker A
कर दिए और उन्हें दरिया में फेंक दिए जिसकी वजह से दरिया फुरात का कलर कई महीने तक बिल्कुल ब्लैक हिस्ट्री में मुसलमानों पर इतना सख्त टाइम कभी भी नहीं आया कि सिर्फ मुसलमानों को नहीं बल्कि इस्लाम की सबसे होली साइड्स को भी खतरा हो क्योंकि
14:49
Speaker A
अब्बासी खिलाफत को खत्म करने के बाद अब मंगोलों के सामने सिर्फ एक और सल्तनत थी ममलुक सल्तनत और अगर यह इसे भी हरा देते तो मक्का और मदीना का कंट्रोल भी मंगोल्स के पास चला जाता तो वह 100% मक्का में काबा को गिरा देते बट ऐसा
15:07
Speaker A
नहीं हुआ जब मंगोल्स बगदाद फतह करके आगे बढ़े तो यह देखकर इजिप्त के ममलुक सुल्तान ने अपने जनरल बेबर्स के साथ मंगोलों से लड़ने का फैसला किया सुल्तान को सबने समझाने की कोशिश की कि मंगोलों से लड़ना इंपॉसिबल काम है क्योंकि उस जमाने के
15:21
Speaker A
लोगों और कुछ बड़े-बड़े स्कॉलर्स ने भी यह कह दिया था कि यह मंगोल ही असल में याजूज माजूज है और बस इसके कुछ ही अर्से बाद कया आने वाली तो इनसे जीतना नामुमकिन है लेकिन फिर भी सुल्तान और उसका जनरल बेबर्स
15:34
Speaker A
मंगोलों के खिलाफ एक फौज जमा करने लगे अब इसी दौरान मंगोलिया में हलाकू खान का भाई जो उस वक्त पूरे मंगोल एंपायर का बादशाह था मार दिया गया तो हलाकू खान मजबूरन अपनी बड़ी फौज लेकर वहां से वापस चला गया और एक
15:47
Speaker A
छोटी फौज को यहां पर छोड़ा और आखिर फलस्तीन में एंजा लूत के मकाम पर मंगोल्स और मुसलमानों की फौज आमने-सामने हुई ये एनजा लूत इलाका फलस्तीन में है और इसे एनज लूत इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये यहूदियों के मुताबिक यह वही एग्जैक्ट जगह
16:02
Speaker A
है जहां पर इससे हजारों साल पहले दाऊद अल सलाम ने एक बहुत बड़े वारियर जालूद को हराया था और अगेन अब हजारों साल बाद यहां एगजैक्टली ऐसा ही हुआ कि कमजोर मुसलमानों ने पहली बार द ग्रेट मंगोल एंपायर को बहुत
16:17
Speaker A
बुरी तरह हरा दिया और मंगोल एंपायर की एक्सपेंशन को हमेशा के लिए रोक दिया मतलब यह जंग हारने के बाद मंगोल एंपायर कभी भी इससे आगे नहीं बढ़े ये थी मंगोल्स और मुसलमानों की जांग जिसका इससे बहुत साल
16:30
Speaker A
पहले रसूलल्लाह सलाहु अ वसल्लम ने पहले ही बता दिया था जो आखिर एंजा लूत की जंग के साथ खत्म हो गई लेकिन फिर भी मुस्लिम दुनिया के एक बहुत बड़े हिस्से पर मंगोल्स का कंट्रोल था और उन्हें दुनिया में कोई
16:41
Speaker A
भी चैलेंज नहीं कर सकता लेकिन फिर आहिस्ता आहिस्ता यही मंगोल यहां के रिलीजन इस्लाम को स्टडी करने लगे और आखिर इतना इंप्रेस हुए कि सारा मंगोल खानदान जो इन इलाकों में आबाद था मुसलमान हो गया और यह सारे
16:56
Speaker A
इलाके दोबारा इस्लाम के कंट्रोल में आए अगर आप खान की औलाद के सारे नाम देख तो पहले इन सारों के नाम बिल्कुल मंगोल नाम जैसे कि गगो दय जोची लागू लेकिन आहिस्ता आहिस्ता इनके नाम मंगोल से मुसलमान नाम
17:10
Speaker A
होने लगे जैसे कि मोहम्मद तैमूर यूनुस और बाबर क्योंकि इंडिया पर बहुत साल हुकूमत करने वाली मुगल एंपायर इसी चंगेज खान की औलाद में से थी हजरत उमर और चंगेज खान में एक बात कॉमन है कि इन्होंने अपने जमाने की
17:26
Speaker A
सबसे बड़ी और सबसे ताकतवर अंपायर्स बनाए थे लेकिन इ दोनों अंपायर्स में एक बहुत बड़ा डिफरेंस है कि आज चंगेज खान को सिर्फ एक जालिम के तौर पर याद किया जाता है लेकिन हजरत उमर को पूरी दुनिया एक ग्रेट
17:38
Speaker A
लीडर मानते सब्सक्राइब
Topics:चंगेज खानसलाहुद्दीन अयूबीअब्बासी खिलाफतमुस्लिम इतिहासहाउस ऑफ विजडमक्रूसेड्समंगोल आक्रमणअरब खिलाफतइस्लामिक गोल्डन एजफलस्तीन

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