इस वीडियो में मदीना के यहूदियों, तौरा की प्रॉफेसी और इस्लाम के पैगंबर की भविष्यवाणियों पर चर्चा की गई है।
Key Takeaways
- मदीना में यहूदियों की उपस्थिति और उनकी प्राचीन भविष्यवाणियां इस्लाम के पैगंबर के आगमन से जुड़ी हैं।
- प्राचीन तौरा स्क्रॉल्स की खोज और उनकी प्रामाणिकता इस्लाम और यहूदी धर्म के इतिहास को जोड़ती है।
- यहूदियों ने पैगंबर मोहम्मद को स्वीकार नहीं किया, लेकिन कुछ ने इस्लाम कबूल कर बलिदान दिया।
- खैबर की लड़ाई ने अरब में यहूदियों की शक्ति को समाप्त कर दिया और मुसलमानों को बढ़ावा दिया।
- मक्का और काबा की धार्मिक महत्ता तौरा और हिब्रू बाइबल दोनों में स्पष्ट रूप से वर्णित है।
What the video covers
- रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मदीना जाने के बाद वहां यहूदियों की उपस्थिति और उनके इतिहास का वर्णन।
- फलस्तीन के पहाड़ों में मिले प्राचीन तौरा स्क्रॉल्स और उनकी कार्बन डेटिंग के परिणाम।
- तौरा में दर्ज भविष्यवाणियां, जैसे सायरस द ग्रेट की कहानी और मदीना में यहूदियों की बसावट।
- कदार और सेला के लोगों की प्रॉफेसी और उनका मदीना से संबंध।
- मदीना के अरब और यहूदियों के बीच संघर्ष और पैगंबर के आने की उम्मीद।
- मक्का से मसब बिन उमैर का मदीना आकर इस्लाम की दावत देना।
- यहूदियों का पैगंबर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को स्वीकार न करना और उनके खिलाफ साजिशें।
- खैबर की जंग के बाद यहूदियों की ताकत का खत्म होना और मुसलमानों का बढ़ना।
- तौरा और हिब्रू बाइबल में मक्का और काबा की महत्ता का उल्लेख।
- यहूदियों की नाकामी और इस्लाम की जीत के ऐतिहासिक संदर्भ।
Chapters
- 00:00मदीना में यहूदियों की उपस्थिति और तौरा की खोज
- 03:23तौरा की भविष्यवाणियां और सायरस द ग्रेट
- 06:34मदीना के अरब और यहूदियों के बीच संघर्ष
- 09:27मक्का से इस्लाम की दावत और पैगंबर का आगमन
- 14:27यहूदियों का पैगंबर को अस्वीकार करना और साजिशें
- 18:19खैबर की लड़ाई और मुसलमानों की बढ़ती ताकत
- 21:47काबा और मक्का की धार्मिक महत्ता तौरा में
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Speaker A
जब तक रसूलल्लाह सलम मक्का में थे, कभी भी किसी वाक्य में भी यहूदियों का जिक्र नहीं हुआ। लेकिन जब रसूलल्लाह सला सलम मदीना गए, तो वहां पर पहले से बहुत सारे यहूदी आबाद थे। अब क्वेश्चन यह है कि मदीना में इतने
Speaker A
सारे यहूदी आए कहां से? क्योंकि यहूदियों को 1000 साल पहले से पता था कि बहुत जल्द मदीना और उसके आसपास एक पैगंबर आने वाला है। आज से तकरीबन 70 साल पहले तीन अरबी शेफर्ड्स फलस्तीन के पहाड़ों में अभी घूम फिर रहे थे। क्या अचानक उन्हें दूर
Speaker A
से एक पहाड़ में एक गुफा, एक केव देखा। वो उस केव के अंदर गए और उन्होंने देखा कि उस केव में सिर्फ दो जार्स पड़े हुए थे। उन्होंने ये जार्स खोल के देखे तो अंदर पुराने जमाने के कुछ पेपर्स और स्क्रोल्स पड़े
Speaker A
हुए थे। उन्होंने सोचा पता नहीं कोई चीज होगी बस, तो उन्होंने बाजार जाकर थोड़े पैसों के बदले इनको बेच दिया। वहां से स्क्रूल्स किसी तरह अमेरिका के एक साइंटिस्ट के हाथ लगे, जिसको डायरेक्ट पता लग गया कि ये यहूदियों की आसमानी किताब
Speaker A
तौरा है। लेकिन यह किसी अजीब से स्टाइल से लिखी हुई और आज के जमाने के सारे रात से मुख्तलिफ थी। तो उस साइंटिस्ट जॉन सी ट्रेवर ने इन पेपर्स को उस जमाने के सबसे पुराने रात, जो 1800 साल पुराना था, उससे कंपेयर किया और
Speaker A
इन दोनों रात का स्टाइल और अंदाज बिल्कुल एक जैसे था। जिस कागज पर यह तौरा लिखी हुई थी, उस साइंटिस्ट ने उसकी कार्बन डेटिंग कराई कि ज्यादा से ज्यादा यह कितने पुराने जमाने के हो सकते। तो पता चला कि यह
Speaker A
एटलीस्ट 2200 साल पुराना कागज है जिस पर यह रात लिखी हुई है। च्च मींस कि यह तौरा जो फलस्तीन के एक गुफा में एक आम से अरबी शेफर्ड को मिले थे, यह दुनिया के सबसे पुराने तौरा में से एक है। इवन हजरत ईसा अल सलाम
Speaker A
के आने से भी पुराने का तौरा है। पी बाब ल् प्र नोन कपी ऑ बाइबल। यह कंप्लीट तौरा तो नहीं है, लेकिन तौरा के बहुत सारे पोर्शन इसमें मौजूद हैं। इन स्क्रोल्स के स्टार्टिंग में यहूदियों के एक पैगंबर आइया का जिक्र है, जिनको क्रिश्चन और
Speaker A
मुसलमान दोनों एक सच्चा प्रॉफिट मानते हैं। और इस पैगंबर आइया ने फ्यूचर की कुछ प्रोफेसी लिखी है कि आने वाले वक़्त में दुनिया में क्या-क्या होने वाला है। पहली प्रोफेसी यह थी कि बख्ते नसर बैबल का बहुत ताकतवर बादशाह, जिसने हजारों साल
Speaker A
पहले यहूदियों की बिल्कुल हिटलर की तरह तबाही फेर दी थी, इस रात की पहली प्रोफेसी यह है कि अभी तो बख्ते नसर हमारे ऊपर बहुत जुल्म कर रहा है, लेकिन बहुत जल्द एक शख्स इसकी हुकूमत को तबाह बर्बाद कर दे
Speaker A
और यहूदियों को उनके इलाके में वापस आबाद करेगा। यह प्रोफेसी इस तौरा से भी 300 साल पहले पूरी हो चुकी थी, सायरस द ग्रेट की शक्ल में, जो ईरान का एक बहुत ताकतवर बादशाह था, जिसको आज बहुत सारे मॉडर्न
Speaker A
इस्लामिक स्कॉलर्स जुलकरनैन भी समझते हैं। एक्चुअली ही वाज सायरस ही वाज द किंग ऑफ पर्शिया। यह भी एक बहुत इंटरेस्टिंग स्टोरी है। तो सब्सक्राइब। इस तौरा की दूसरी प्रोफेसी की वजह से यहूदी मदीना में आबाद थे। इस दुनिया के सबसे पुराने तौरा
Speaker A
प्रोफेसी कुछ ऐसे हैं। देखो, मेरा गुलाम जिसे मैं कायम रखता हूं, मैं अपनी रूह को इसमें डालूंगा और वह दुनिया में इंसाफ कायम करेगा। और जब तक वह जमीन पर इंसाफ कायम ना कर ले, वह पीछे नहीं हटेगा और ना उसे कोई
Speaker A
कुचल सकेगा। और मैं बुतों को अपनी तारीफ छीनने नहीं दूंगा। और जिन आबादियों में कदार के लोग रहते हैं, खुश हो जाएं। कैद कैद। इसको याद रखें। सेला के लोग पहाड़ के ऊपर चढ़कर चीख-चीख कर खुशी के नारे लगाए। लेट
Speaker A
देम गिव ग्लोरी टू लोड नाउ। लेट्स ब्रेक दिस डाउन। सबसे पहले कहा गया है कि कदार के लोग खुशियां मनाए। तो अब यह कदार कौन है और कहां है? कदार इब्राहीम अल सलाम के बेटे इस्माइल अल सलाम के दूसरे बेटे का नाम है और
Speaker A
इस कदार के बच्चों ने अरब में एक बहुत बड़ी सल्तनत कायम की। और रसूलल्लाह स वसल्लम भी इस्माइल अल सलाम के इस बेटे कदार की नस्ल में से हैं। दूसरा जिक्र है बुतों का। उस जमाने में सबसे ज्यादा बुतों की दत
Speaker A
अरब में की जाती थी। अब इससे यह तो क्लियर है कि पैगंबर अरब में आएगा। प्रॉफिट आइया ने दोरात में दूसरी प्रोफेसी यह की थी कि सेला के लोग पहाड़ पर चढ़कर जोर-जोर से खुशी के नारे लगाए। यह
Speaker A
सेला लफ्ज एस ई एल ए आज भी दरात में इसी तरह लिखा जाता है। अब यह सेला अरब में किधर है? दिस इज वेरी इंटरेस्टिंग। मेरी बात ना माने गूगल मैप्स तो सबके पास होता है। गूगल मैप्स पर देखें सेला अरब और सर सेवाए आप सीधा इस
Speaker A
पहाड़ की लोकेशन पर पहुंचेंगे। यह पहाड़ आज भी मदीना में है और सिर्फ मदीना में ही नहीं बल्कि मस्जिदए नबवी का सबसे नजदीक पहाड़ यही सेला पहाड़ है। मस्जिद नबवी से यह पहाड़ सिर्फ 500 मीटर दूर है, किलोमीटर
Speaker A
भी नहीं। मीटर। तो रात में सेला के लोगों को कहा गया है कि पहाड़ पर चढ़ो और खुशी के नारे लगाओ। क्योंकि सब कुछ तौरा में यहूदियों को पहले ही बता दिया गया था। यहूदियों को इस बात का पूरा पूरा अंदाजा
Speaker A
था कि बहुत जल्द मदीना में एक पैगंबर आने वाला है। तो आहिस्ता आहिस्ता बहुत सारे यहूदी फलस्तीन से मदीना और इसके आसपास शिफ्ट होना शुरू हुए कि काश हम उस पैगंबर से मिल सकें। और एक दफा तो यहूदी और रोमन
Speaker A
एंपायर की लड़ाई के बाद बहुत सारे यहूदी मदीना और इसके गिर्द जमा होना शुरू हुए। और खैबर को जो मदीना के सबसे करीब सिटी समझी जाती थी, उसको अपना हेड क्वार्टर बनाया। मदीना के अरब यहूदियों के नॉलेज और
Speaker A
उनके बिजनेस करने के तरीके से बहुत ज्यादा इंप्रेस थे, जिस तरह आज भी पूरी दुनिया यहूदियों के इंटेलिजेंस और बिजनेस के तरीके से बहुत इंप्रेस है। आहिस्ता आहिस्ता मदीना में यहूदी बढ़ने लगे और मदीना के अरबियां और यहूदियों के दरमियान लड़ाइयां
Speaker A
होना शुरू हुईं। और हमेशा यहूदी मदीना के अरबियां को कहते थे कि आज तो तुम लोगों ने जो करना है कर लो, लेकिन जब हमारा पैगंबर आएगा तब हम तुम लोगों को नहीं छोड़ेंगे। मदीना के अरबी हमेशा इस बात से डरते थे कि कहीं
Speaker A
वाकई इनका प्रॉफिट आके हमें खत्म ही ना कर दे। मदीना वालों को जनरेशन एंड जेनरेशंस तक यह बात बताई जा रही थी, जिसकी वजह से मदीना वालों को यकीन हो गया था कि बहुत जल्द एक पैगंबर आने वाला
Speaker A
है। इस सब के दरमियान अचानक एक दिन मक्का से एक आदमी मदीना आया, जिसका नाम था मसब बिन उमैर। और उन्होंने मदीना के लोगों को इस्लाम की दावत दी और बताया कि मक्का में एक अरबी पैगंबर आया, जिसकी बात कोई भी
Speaker A
मक्का में नहीं मानता। यह सुनकर मदीना वाले हैरान हो गए कि एक अरबी बोलने वाला पैगंबर हो सकता है। यह वही पैगंबर है जिससे यहूदी हमें बार-बार डराते रहते। तो मदीना वालों ने डायरेक्ट दुनिया में सबसे पहले इस्लाम
Speaker A
कबूल कर लिया। यहूदियों को जब इस बात का पता चला कि हमारा पैगंबर तो अरबी हों में आ गया, तो उन्होंने साफ डिनायर दी कि यह वो पैगंबर है ही नहीं। लेकिन फिर भी कुछ यहूदियों ने इस्लाम कबूल भी किया और
Speaker A
इस्लाम के लिए जान भी दी। और तौरा में मोहम्मद स वसल्लम के बारे में जो पहले से कहा गया था, यह भी यहूदी जो मुसलमान हो गए थे, यह भी उन्हीं यहूदियों ने डिस्कवर किया था। इसीलिए हजरत सलमान फारसी को भी एक
Speaker A
क्रिश्चन प्रीस्ट ने मदीना ही भेजा था कि वहां एक पैगंबर आने वाला है। यहूदियों ने सबको डिनायर दिया कि यह वह पैगंबर है ही नहीं। और सिर्फ इनको पैगंबर मानने से इंकार नहीं किया, बल्कि रसूलल्लाह सलम के खिलाफ
Speaker A
हर तरह की साजिश भी की। लेकिन यहूदियों की ताकत खैबर की जंग के बाद पूरे अरब में हमेशा के लिए खत्म कर दी। और वो सारा मान जो यहूदियों ने हंड्रेड्स ऑफ यर्स में जमा किया था, सारा मुसलमानों को मिल गया। और
Speaker A
मक्का वालों को भी पता चल गया कि खैबर के बाद अगली बारी मक्का वालों की है। सबसे पहले काबा को मक्का में इब्राहिम अल सलाम ने बनाया था। वी ऑल नो दैट। लेकिन यहूदी और ईसाई जो इब्राहिम अल सलाम को एक
Speaker A
सच्चा पैगंबर मानते हैं, वो सारी इंपॉर्टेंस जेरूसलम को देते हैं और मक्का को बस एक आम सी सिटी कहते हैं। और कहते हैं कि मक्का का इब्राहिम अल सलाम और उनके खुदा से कोई ताल्लुक नहीं है। लेकिन इन्हीं
Speaker A
की किताब तौरा में क्लीयरली लिखा हुआ है कि मक्का में ही खुदा का घर है। आज से 80 साल पहले वर्ल्ड वॉर ट में हिटलर ने जब नेदर एंड्स को फतह किया, तो वहां जितने भी यहूदी थे, उन सभी को एक लाइन
Speaker A
में खड़ा किया और आहिस्ता आहिस्ता इन सभी को एक कमरे में ले जाया गया, जहां गैस से इन सभी को आसानी से कत्ल कर दिया जाता था। उधर खड़े सारे यहूदी अपनी मौत का इंतजार कर रहे थे। और इन सबकी जबान पर तौरा
Speaker A
का एक ही कलमा था। साम 84। यह साम 84 यहूदियों की मेन किताब नाख और हिब्रू बाइबल के बुक ऑफ साम्स में लिखी हुई है। नाख यहूदियों के लिए सबसे इंपोर्टेंट किताब है। और इस तरह के तीन मेन हिस्से हैं।
Speaker A
राह जो मूसा अल्लाह पर नाजिल हुई, नेविया जो यहूदियों की बाकी पैगंबरों पर नाजिल हुई, और टूएम जिसका एक हिस्सा द बुक ऑफ साम्स है, जो दाऊद अल सलाम पर नाजिल हुई थी, जिसे मुसलमान जूर के नाम से जानते हैं। साम 84
Speaker A
में लिखा है, कितनी खूबसूरत है आपके रहने की जगह। ए अजीम रब ब्लेस्ड आर द पीपल जो आपके घर में रहते हैं और हर वक्त आपकी इबादत करते हैं। और उनका दिल सिर्फ पिलग्रिम हज की तरफ होता है। जब वो बक्का
Speaker A
के खुश्क वादी के पास से गुजरते हैं। बक्का बक्का तो वो उस वादी को स्प्रिंग्स, चश्मों में बदल देते हैं। दे गो फ्रॉम स्ट्रेंथ टू स्ट्रेंथ, जिसका असली हिब्रू तर्जुमा है दे गो फ्रॉम माउंटेन टू माउंटेन। यहूदियों की
Speaker A
इस किताब में क्लियर लिखा है कि खुदा का एक घर है बक्का की खुश्क वादी में है। और उसके पास चश्मा भी है। और वहां लोग पहाड़ से पहाड़ की तरफ जाते हैं। यह क्लीयरली काबा की बात हो रही है, जो मक्का में है,
Speaker A
जिसके पास जमजम का कुआं है। और लोग सफा के पहाड़ से मरवा की तरफ जाते हैं। लेकिन यहां तो लिखा है।
Speaker A
फरमाते हैं कि कह दीजिए कि अल्लाह ने जो कहा है सच कहा है और पैरवी करो इब्राहिम की जो बिल्कुल अपराइट थे और मुशरिक नहीं थे यकीनन पहला घर जो लोगों के लिए बनाया गया अल्लाह की इबादत के लिए वही है जो
Speaker A
पक्का में है बरकत वाला और हिदायत का सेंटर है सारे जहानों के लिए तो ऐ किताब वालों तुम क्यों अल्लाह की आयतों से इंकार करते हो कुरान और तौरा दोनों ने मक्का को मक्का नहीं बल्कि बक्का का है और बक्का
Speaker A
मक्का का ही पुराना नाम है मुसलमानों का पहला किबला मक्का के बजाय जेरूसलम में बैतुल मुकद्दस था एक दिन मदीना में रसूलल्लाह सल्ला वसल्लम मस्जिद में नमाज पढ़ा रहे थे कि अचानक अल्लाह की तरफ से हुकम हुआ कि जहां भी हो अपना रुख बैतुल
Speaker A
मुकद्दस से फेर करर मक्का में काबा की तरफ करो तो रसूलल्लाह सल्ला वसल्लम नमाज के दौरान ही 180 डिग्रीज काबा की तरफ टर्न हुए और पीछे खड़े सारे सहाबा ने भी ऐसा ही किया और इस तरह पहली दफा मुसलमानों का नया
Speaker A
किबला बना तो यहूदियों ने कहा कि मुसलमानों ने असली कबले बैतुल मुकद्दस को छोड़कर पता नहीं कहां से एक नया किबला ईजाद कर लिया है यहूदी और हिस्टोरियंस दोनों इस बात को मानते हैं कि जेरूसलम में यहूदियों का पहला टेंपल सुलेमान अल सलाम
Speaker A
ने आज से 3000 साल पहले बनाया था जबकि मक्का में काबा को इब्राहिम अल सलाम ने बनाया था जो सुलेमान अल सलाम से भी हजारों साल पहले गुजर चुके थे तो मुसलमानों ने एक नया किबला ईजाद नहीं किया बल्कि असली कबले
Speaker A
की तरफ वापस गए हैं यहूदी मजहब में इब्राहिम अल सलाम ने इस्माइल अल सलाम और उनकी मां हाजर को परान के डेजर्ट में छोड़ा था जिसको आज बहुत सारे हिस्टोरियंस हिजाज का इलाका समझते हैं और इसी हिजाज में मक्का भी वाकया है यहूदियों के रिलीजन
Speaker A
में इस्माइल अल सलाम की इतनी इंपॉर्टेंस नहीं है जितनी इसहाक अल सलाम की है और वो कहते हैं कि इब्राहिम अल सलाम को इसहाक अल सलाम को जिबाह करने का हुकम दिया गया था इस्माइल अल सलाम को लेकिन वो हमेशा से
Speaker A
इस्माइल अल सलाम और उसकी औलाद को नेक और सच्चे लोग मानते हैं और इसका अंदाजा इस मूवी के क्लिप से होगा जो यहूदियों ने मूसा अल सलाम पर बनाई थी जब मूसा अल सलाम मिस्र से भागकर जैथ के पास बना लेते हैं
Speaker A
तो जथ उनसे कहते हैं अब्राहम इज द फादर ऑफ मेनी नेश वी आर द चिल्ड्रन ऑफ इमेल हिज फर्स्ट बोर्न वी आर द ओबेडिएंट ऑफ गड काबा को बनाने के बाद मक्का का पहला नाम मक्का था और यहां ज्यादातर इस्माइल अल सलाम की
Speaker A
ला आबाद थी जैसे-जैसे वक्त गुजरता गया आहिस्ता आहिस्ता बहुत सारे और ड्राइव्स भी मक्का में रहने लगे और यहां का नाम बक्का से मक्का में बदल गया और ऐसा हिस्ट्री में बार-बार हुआ है जैसे बम्बे और मुंबई आहिस्ता आहिस्ता लोग असली लीजन को छोड़कर
Speaker A
बुतों की इबादत करने लगे और काबा को भी अजीब अजीब बुतों से भर दिया रसूलल्लाह स सलम की उम्र जब 35 साल थी तो एक दिन बारिशों की वजह से काबा की छत अचानक गिर गई तो मक्का के लोगों ने काबा को दोबारा
Speaker A
बनाने का इरादा किया लेकिन सिर्फ हलाल पैसों से जैसे ही वह काबा की टूटी दीवार बनाने लगे तो एक दीवार पर कुछ अजीब सा लिखा हुआ था उन्होंने यह पढ़ने की कोशिश की लेकिन यह अरबी में नहीं किसी और जबान
Speaker A
में लिखा हुआ था आखिर एक यहूदी ने आके इनको बताया कि यहूदियों की जबान अरमय के है और इस पर लिखा है आई एम अल्लाह द लॉर्ड ऑफ बक्का और यह मैंने तब बनाया था जब मैंने आसमान और जमीन और चांद और सूरज को
Speaker A
बनाया था और यह तब तक कायम रहेगा जब तक इस के दो पहाड़ कायम है और आज भी काबा के गिलाफ के ऊपर मक्का नहीं बक्का लिखा हुआ है काबा जब दोबारा मक्का वालों ने बनाना शुरू किया तो सारे कबीलों की आपस में
Speaker A
लड़ाई शुरू हो गई कौन सा कबीला हजरे अवद को उसकी असली जगह पर लगाएगा तो आखिर कुरैश के सबसे बड़ी उम्र वाले शख्स ने कहा कि जो भी नेक्स्ट काबा के दरवाजे से एंटर होगा वही डिसाइड करेगा एंड अचानक रसूलल्लाह स
Speaker A
सल्लम काबा में दाखिल हुए और वो पैगंबर नहीं थे इस टाइम तो सब ने कहा कि हमें मंजूर है क्योंकि मोहम्मद सबसे ज्यादा सादिक और अमीन है तो रसूलल्लाह सल्ला वसल्लम ने इनकी लड़ाई खत्म करने के लिए हजरे अवद को एक चादर के दरमियान में रखा
Speaker A
और सारे कबीलों को कहा कि इस चादर को साइड से पकड़ लो और जैसे ही व उस जगह पहुंचे तो रसूलल्लाह सल्ला वसल्लम ने हजरे अस्वद अपने हाथों से काबा के अंदर फिट किया लेकिन काबा इस टाइम भी 360 बुतों से भरा
Speaker A
हुआ था और काबा की चाबी उस्मान बिन तलहातू अल्लाह सल्ला वसल्लम उस्मान बिन तलहातू उनसे काबा की चाबी मांगी तो उन्होंने कहा कि काबा की चाबी और तो रसूलल्लाह सल्ला सलम ने उस्मान बिन दलहा से कहा कि याद रखो एक दिन तुम काबा की
Speaker A
चाबी मेरे हाथ में देखोगे और मैं जिसे चाहूंगा यह चाबी दूंगा तो उस्मान बिन तहा ने कहा कि अच्छा तो वो कुरैश के लिए सबसे बदतर दिन होगा तो रसूलल्लाह सला वसल्लम ने कहा कि नहीं वो दिन कुरैश के लिए सबसे
Speaker A
इज्जत वाला दिन होगा इस वाकया के कुछ ही साल बाद आखिर रसूलल्लाह सल्ला वसल्लम नेने 10000 मुसलमानों के साथ बक्का आई मीन मक्का को फतह कर लिया और काबा के अंदर मौजूद सारे बुतों को तोड़ दिया और काबा की
Speaker A
चाबी उस्मान बिन तलह को वापस कर दी इसके बाद मुसलमान अरब के सबसे पावरफुल फोर्स बन गए लेकिन मक्का को फतह करने के सिर्फ 14 दिन बाद मुसलमान अपनी जिंदगी की सबसे मुश्किल जंगो में से एक के लिए नैन की तरफ
Speaker A
रवाना [संगीत] हुए कुरान की सबसे बड़ी प्रिडिक्शंस में से एक द ग्रेट रोमन एंपायर के बारे में थी जब सुपर पावर रोमन एंपायर बिल्कुल खत्म होने वाली थी उसी टाइम कुरान ने कहा कि नहीं जंग रोमन एंपायर ही जीतेगी
Speaker A
मक्का के खार में जिब्राइल अल सलाम के मोहम्मद स सलम को इकरा कहने के 8 साल पहले रोमन एंपायर और पर्जन एंपायर दो बड़ी सुपर पावर्स के दरमियान बहुत सख्त लड़ाई शुरू हो चुकी थी यह ऐसे था कि आज अमेरिका और
Speaker A
चाइना की फुल फ्लेज वॉर स्टार्ट हो जाए इस जंग में पर्जन एंपायर ने रोमन एंपायर को दबाव बर्बाद कर दिया था और पूरी दुनिया को ये लग रहा था कि रोमन एंपायर जो हजार साल से दुनिया की सबसे बड़ी सुपर पावर थी खत्म
Speaker A
होने वाली है और यह रोमन एंपायर कोई छोटी चीज नहीं थी आज तक पूरी दुनिया में उसी रोमन एंपायर का बहुत बड़ा इन्फ्लुएंस है यह वीडियो मैं बना रहा हूं जुलाई के महीने में पता है जुलाई को जुलाई क्यों कहते हैं
Speaker A
रोमन बादशाह जूलियस सीजर की वजह से जो रोमन एंपायर का पहला बड़ा बादशाह था और जो जु के बाद ऑफकोर्स ऑगस्त आएगा जो रोमंस के दूसरे बड़े बादशाह ऑगस्ट के नाम पर रखा गया है और इस सब के अलावा जितने प्लेनेट
Speaker A
है जुपिटर मार्स वीनस ये भी इसी रोमन एंपायर के खुदाओं के नाम पर रखे गए हैं रोमन एंपायर इस्लाम से 300 साल पहले दो पार्ट्स में बढ चुकी थी ईस्टर्न और वेस्टर्न रोमन एंपायर जिसके बाद वेस्टर्न रोमन एंपायर तो आहिस्ता आहिस्ता खत्म हो
Speaker A
गई लेकिन ईस्टर्न रोमन एंपायर विजेंट एंपायर फिर भी दुनिया की सुपर पावर रही इस जंग ऐसे लग रहा था कि पर्शियंस आखिरकार इस रोमन एंपायर को खत्म कर देंगे इतना बड़ा काम पर्शियंस कभी भी अकेले नहीं कर सकते
Speaker A
थे अगर उनके पास रोमन एंपायर के अवाम का सपोर्ट ना होता जंग से पहले रोमन एंपायर के अवाम अपने बादशाह और अपने फौज से बहुत तंग आ चुकी थी क्योंकि इस्लाम से 8 साल पहले रोमन बादशाह मोरिस जिसको आवाम बहुत
Speaker A
पसंद करती थी उसके आर्मी जनरल फोकस ने तह से हटा दिया था और उसकी बीवी और आठ बच्चों को उसके आंखों के सामने बहुत ही बुरी तरह कत्ल कर दिया और इन सबके सरों को इस्तांबुल ने उस जमाने में कांस्टेंटिन पल
Speaker A
में सारी आवाम के सामने लटका दिए थे तो यह सब देखकर रोमन एंपायर की आवाम ने इस नए बादशाह के खिलाफ हर तरफ बगावत शुरू कर दी तो जैसे हर ताकतवर करता है उसने इन प्रोटेस्टर्स को बरी तरह क्रश किया और
Speaker A
हजारों लोगों को जेलों में डाला और हजारों लोगों को कत्ल भी किया ताकि आवाम में खौफ फैल जाए लेकिन आहिस्ता आहिस्ता ये प्रोटेस्ट और भी ज्यादा फैलते गए ये सब कुछ सुना सुनाए नहीं लग रहा पर्शियन बादशाह खसरू ने जब देखा कि रोमन एंपायर की
Speaker A
आवाम अपने बादशाह के खिलाफ हो गई है तो उसने इस टाइम का फुल फायदा उठाया और रोमन एंपायर पर हमला कर दिया और आहिस्ता आहिस्ता रोमन एंपायर के बहुत इंपॉर्टेंट प्रोविंसेस सीरिया इजिप्ट फलस्तीन पर कब्जा कर लिया तो आहिस्ता आहिस्ता रोमन
Speaker A
एंपायर की आवाम और फौज को समझ आ गई कि फोकस से ना हो पाएगा तो उन्होंने अफ्रीका के गवर्नर जिसकी लोग बहुत इज्जत करते थे उससे मदद मांगी तो उसने अपना बेटा हर कल हरकुलस को कांस्टेंटिनॉपल भेजा जैसे ही व
Speaker A
पहुंचा आवाम और फौज ने मिलकर पिछले बादशाह को हटा दिया और हरकुलस को अपना नया एंपरर बनाया और फोकस के साथ वही कुछ किया जो उसने पिछले बादशाह के साथ किया था हरेक्स जैसे ही बादशाह बना उसे पता चला कि 90000
Speaker A
क्रिश्चन को कत्ल करके पर्जन ने यहूदियों की मदद से फलस्तीन पर कब्जा कर लिया है और क्रिश्चियंस की सबसे मुक द होली जगह द होली सेपल करर को तबाह कर दिया है इसकी क्रिश्चियनिटी में वही अहमियत है जो
Speaker A
इस्लाम में बैतुल्लाह शरीफ की है और वो क्रॉस जिस पर जीसस को मारा गया था अकॉर्डिंग टू द क्रिश्चन उसे वहां से उठाकर अपने कैपिटल थस फोन मदीय ले गए हैं यह ऐसी था कि आज काबा से कोई हजरे अस्वद
Speaker A
उठा के ले जाए कैन यू इमेजिन दुनिया में क्या होगा इस जंग में रोमंस किस लेवल तक हार चुके थे इसका अंदाजा इस लेटर से होगा जो पर्शिया के बादशाह खुसरो ने रोमन एंपरर हरकुलस को लिखा था जो आज तक बिल्कुल ठीक
Speaker A
ठाक मौजूद है फ्रॉम खुसरो सब खुदाओं से बड़ा खुदा मास्टर ऑफ द होल वर्ल्ड टू हरकुलस मेरा एक छोटा सा गुलाम तुम कहते हो तुम्हारा खुदा सबसे बड़ा है तो किधर है वो खुदा और उसने जेरूसलम को मुझसे बचाया
Speaker A
क्यों नहीं यह सब दो सुपर पावर्स के दरमियान इधर हो रहा था लेकिन इससे बहुत दूर मक्का के गार में खुदा ने एक आदमी की तरफ अपना एक फरिश्ता भेजा और [प्रशंसा] कहा [प्रशंसा] मोहम रीड इस्लाम ने आते ही यहूदी और क्रिश्चन
Speaker A
के सारे पैगंबरों को सही कहा जिसकी वजह से पहले लोगों को लग रहा था कि इस्लाम एक नया रिलीजन नहीं बल्कि क्रिश्चियनिटी की ही एक ब्रांच है तो मक्का वाले मुसलमानों को ताने देने लगे कि जिस तरह आग की इबादत
Speaker A
करने वाले पर्शियंस ने रोमन एंपायर को तबाह कर दिया है उसी तरह तर हम तुम मुसलमानों को भी तबाह करें उस टाइम क्रिश्चियन और मुसलमानों का एक ही हाल था और दोनों का इन हालात से निकलना इंपॉसिबल लग रहा था इतने टेंस और सख्त टाइम में
Speaker A
अल्लाह ने कुरान के सूरे रोम में रोमंस और मुसलमानों दोनों की कामयाबी की प्रेडिक्शन की बिस्मिल्ला रहमा रहीम पास वाले मुल्क में रोमंस डिफीट हो चुके हैं लेकिन इस हार के कुछ ही साल बाद यह दोबारा कामयाब होंगे और वो दिन वो होगा
Speaker A
जब अल्लाह की दी हुई फतह पर मुसलमान खुशियां मना रहे होंगे इन आयात में दो प्रिडिक्शंस की गई है कि आज तो रोमंस हार रहे हैं लेकिन कुछ सालों बाद रोमंस दोबारा कामयाब होंगे और उसी दिन मुसलमान भी अपनी
Speaker A
कामयाबी का जश्न मना रहे होंगे मक्का में सबने इन आयात का बहुत मजाक उड़ाया कि रोमन एंपायर का बच जाना इंपॉसिबल है लेकिन हजरत अबू बकर रज अल्ला ताला अन्हो का इस्लाम के पहले दिनों में ही कुरान पर इतना यकीन था
Speaker A
कि उन्होंने मक्का के एक काफिर से शर्त लगाई कि अगर नस 3 साल बाद कामयाब ना हुए तो मैं तुम्हें 10 ऊ दूंगा और अगर कामयाब हो गए तो उस टाइम तक इस्लाम में गैंबलिंग और शर्त लगाना बैन नहीं हुआ था जब
Speaker A
रसूलल्लाह सलम को इस शर्त का पता चला तो उन्होंने अबू बकर रजला ताला अहो से कहा कि इस शर्त में ती साल का टाइम बढ़ाकर 10 साल कर दो और ऊंट 10 से बढ़ाकर 100 कर दो उस काफिर ने ये टर्म्स आसानी से मान लिए
Speaker A
क्योंकि रोमंस का जीतना इंपॉसिबल हो चुका था ब्रिटिश हिस्टोरियन एडवर्ड डि बोन जिसने रोमन एंपायर पर छह वॉल्यूम्स की किताब लिखी है उसने भी लिखा है कि कुरान की इस प्रोफेसी का सात आठ साल के बाद भी पूरा होने का कोई चांस नहीं लग रहा था
Speaker A
क्योंकि पर्शियंस बिल्कुल रोमन एंपायर की कैपिटल कांस्टेंटिनॉपल के पास पहुंच चुके थे और इसे चारों तरफ से घेर लिया था बट कांस्टेंटिनॉपल को फतह करना इंपॉसिबल था और इस वाक्य के 900 साल बाद तक भी कांस्टेंटिनॉपल को कोई फता नहीं कर सकता
Speaker A
आखिर इसे ऑटोमन एंपायर उस्मानिया सल्तनत के सिर्फ 21 ईयर ओल्ड सुल्तान मेहमद ने कश्तियां पहाड़ों पर चढ़ाकर इसे फतह किया था एंड आई कैंट वेट टू टेल दैट स्टोरी सो सब्सक्राइब कांस्टेंटिनॉपल जब हर तरफ से घेर लिया गया था तो हरकुलस ने पर्शियन
Speaker A
बादशाह खुसरो को खत लिखा और उससे भीख मांगी कि तुम जो कहोगे हम करेंगे सिर्फ हमें जिंदा रहने दो लेकिन खुसरू ने कहा एक शर्त है तुम्हें क्रिश्चियनिटी छोड़कर हमारे रिलीजन मतलब आग की इबादत करनी पड़ेगी तो रोमन एंपरर हरकुलस अपनी कैपिटल
Speaker A
कांस्टेंटिनॉपल को छ छोड़कर ब्लैक सी की तरफ से पर्जन एंपायर के नॉर्दर्न साइड प आ गया और उसी टाइम रसूलल्लाह सला सलम भी मक्का को छोड़कर मदीना हिजरत कर गए यहां पर हरकुलस ने पब से मदद मांगी और उसे कहा
Speaker A
कि पर्शियंस मेरे खिलाफ नहीं है ये क्रिश्चियनिटी के खिलाफ है तो पोप ने पूरे यूरोप से पैसे जमा किए और हरकुलस को भेजे जिससे हरकुलस ने पर्जन एंपायर के नॉर्दर्न साइड से एक सरप्राइज अटैक की तैयारी की और
Speaker A
पर्शियंस पर फुल फोर्स के साथ हमला कर दिया क्योंकि पर्जन सारे इस्तांबुल फतह करने में बिजी थे तो उनके अपने किंगडम का डिफेंस बहुत कमजोर हो गया था हरकुलस बहुत तेजी से आगे बढ़ता गया और एक के बाद एक
Speaker A
सिटी फतह करता गया और आखिरकार वो उस सिटी पहुंचा जो पर्शियंस के लिए सबसे होली सिटी थी जो पर्शियंस का मक्का था जिसमें उनका सबसे बड़ा आग का टेंपल भी था जिसमें आग बहुत सालों से जल रही थी तो राकस ने अपना
Speaker A
पूरा बदला लिया और उस सिटी को उसी तरह तबाह किया जिस तरह उन्होंने जेरूसलम को तबाह किया था इस वाकए के बाद गेम कंपलीटली चेंज होने लगी और यह कई सालों में रोमंस की पहली बड़ी जीत थी और वो इसके बाद अपनी
Speaker A
खोई हुई सल्तनत दोबारा हासिल करने लगे और इसी टाइम सिर्फ 313 मुसलमानों ने मक्का के काफिरों को जंगे बदर में हरा दिया और अपनी पहली जंग जीतने का जशन मनाने लगे और कुरान की प्रोफेसी पूरी हो गई अबू बकर रज अल्ला
Speaker A
ताला अन्हो ने जो शर्त लगाई थी वो जीत गए और मक्का के उस बंदे ने उसे 100 ऊंट दिए लेकिन उस टाइम इस्लाम में गैंबलिंग और शर्त लगाना हराम हो चुका था तो रसूलल्लाह सलम ने कहा कि ये 100 के 100 ऊंट गरीबों
Speaker A
में बांट दो हकस आगे बढ़ता गया और आखिर पजिया के कैपिटल ठफ मदीय को चारों तरफ से घेर लिया पर्जन को जब कोई और उम्मीद नजर नहीं आई तो खुसरू के बेटे ने अपने बाप और अपने 18 भाइयों के सर काट दिए और रोमन
Speaker A
एंपायर के सामने सरेंडर कर दिया और इस जंग में रोमन एंपायर का जितना नुकसान हुआ था वह सारे पैसे वापस करने का वादा किया और अपनी सारी फौज को रो रोमन एंपायर से वापस बुला लिया मतलब पर्जन एंपायर बहुत ही बुरी
Speaker A
तरह हार गई रोमन एंपरर ने उस क्रॉस को जो पर्जन जेरूसलम से बहुत गुरूर में लेकर गए थे वापस लाया और उसे उसी जगह पर रखा जहां वह पहले था और इसी साल मुसलमानों और मक्का वालों के दरमियान सुर हुदबे एग्रीमेंट हुई
Speaker A
जिससे मुसलमानों की तकदीर हमेशा के लिए बदल गई और कुरान ने इसे एक बहुत बड़ी फता कहा हरा किनस अब तो दुनिया का सबसे ताकतवर बादशाह बन गया था लेकिन सुले हुदबे बाद रसूलल्लाह सलम ने इसी हरकुलस को एक लेटर
Speaker A
लिखा और इसे इस्लाम की दावत दी लेकिन हरकुलस नहीं माना और अगले कुछ ही सालों में मुसलमानों ने ऑलमोस्ट पूरी रोमन एंपायर को फतह कर लिया और सिर्फ रोमन एंपायर को नहीं पर्जन एंपायर को भी फतह कर लि और आज तक मुसलमानों से यह इलाके दोबारा
Speaker A
कोई भी नहीं छीन [संगीत] सका इंसानों की तारीख की सबसे बड़ी सैर सात आसमानों की सैर अलरा वल मेराज य बिलीव दैट मोहम्मद वट टू हेवन ऑन अ विंग होर्स आई बिलीव इन गॉड शबे मेराज में सिदरतुल मुंतहा ये इतना अजीम सफर मक्का में
Speaker A
रसूलल्लाह स सलम की जिंदगी के सबसे मुश्किल और सख्त टाइम में हुआ पहले आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का बायकॉट किया गया फिर आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दिल के सबसे करीब लोग हजरत अबू तालिब और हजरत खदीजा रज अल्ला ताला अन्हा की वफात
Speaker A
फिर तायफ में आप सल्लल्लाहु अ वसल्लम को इतने पत्थरों से मारा गया कि जूते खून से भर गए एंड टू टॉप दैट मक्का में आप सल्लल्लाहु अ वसल्लम की सिटीजनशिप भी खत्म कर दी गई और जब आप सल्लल्लाहु अलैहि
Speaker A
वसल्लम मक्का में किसी और की पनाह में रह रहे थे अल्लाह ने इसी सबसे मुश्किल टाइम आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को इंसानों की तारीख की सबसे बड़ी सैर कराई सात आसमानों की सैर अ जर्नी लाइक नन बिफोर यह सात आसमानों का सफर नबूवत के
Speaker A
11वें साल में हुआ व्हिच मींस ऑलमोस्ट बिल्कुल मिडल में और यह सफर रसूलल्लाह सला सलम की जिंदगी का टर्निंग पॉइंट था सात आसमानों के इस सफर से पहले आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मक्का में बहुत सख्त जिंदगी गुजार रहे थे लेकिन इस सफर के डायरेक्ट
Speaker A
बाद आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मदीना हिजरत फरमाई जहां एक नई रियासत के लीडर और बादशाह के तौर पर उनकी जिंदगी बिल्कुल बदल गई एक दिन मक्का में आदी रात को जिब्राइल अल सलाम आप सल्लल्लाहु अल वसल्लम को बुराक
Speaker A
पर मक्का से जेरूसलम बैतुल मुकद्दस की तरफ ले गए यह बर्राक नाम बर्क से निकला है जिसका मतलब है लाइटनिंग और हो सकता है इसका यह नाम इसकी लाइटनिंग स्पीड की वजह से इसको मिलाओ बैतुल मुकद्दस में आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सारे
Speaker A
पैगंबरों की इमामत की और वहां से जिब्राइल अलसलाम के साथ आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पहले आसमान की तरफ रवाना हुए पहले आसमान का दरवाजा इनके लिए खोला गया और यह दरवाजा हमारे दरवाजों जैसा नहीं था पहले आसमान में आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की
Speaker A
मुलाकात आदम अल सलाम से हुई उनके राइट साइड पर जन्नत के लोग और उनके लेफ्ट साइड पर जहन्नुम में लोग थे आदम अल सलाम यूनिवर्स के पहले इंसान और दुनिया के सारे इंसान इन्हीं की औलाद हैं और आदम अल सलाम
Speaker A
का जिक्र कुरान में 25 दफा हुआ है आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उन्हें सलाम किया उन्होंने सलाम का जवाब दिया और आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दूसरे आसमान की तरफ रवाना हुए वहां उनकी मुलाकात ईसा और यया अल सलाम से हुई ईसा और यया अल सलाम एक
Speaker A
दूसरे के कजंस जिन्हें क्रिश्चियनिटी में जीसस और जॉन द बैप्स कहा जाता है ये दोनों पैगंबर आज से 2000 साल पहले रोमन एंपायर के स्टेट फलस्तीन में पैदा हुए और इन दोनों कजंस की जिंदगी बहुत ही मुश्किल हालत में गुजरी हजरत याया अल सलाम को एक
Speaker A
जालिम हु कमरान ने शहीद कर दिया और इनकी शहादत को आज भी लोग कर्बला में इमाम हुसैन की शहादत से कब बैर करते हैं इनके कजन ईसा अलसलाम के साथ भी यही होने वाला था लेकिन अल्लाह ने आखिरी टाइम उन्हें दुनिया से
Speaker A
उठा लिया कुरान में यया अल सलाम का जिक्र पांच दफा हुआ है और हजरत ईसा अलैहि सलाम का जिक्र 25 मर्तबा हुआ है आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इन्हें सलाम किया उन्होंने सलाम का जवाब दिया और आप सल्ला
Speaker A
वसल्लम तीसरे आसमान की तरफ रवाना हुए वहां उनकी मुलाकात यूसुफ अल सलाम से हुई यूसुफ अल सलाम आज से ऑलमोस्ट 3600 साल पहले फलस्तीन में पैदा हुए एंड वी ऑल नो कि कैसे वो वहां से इजिप्ट जो उस जमाने का
Speaker A
सुपर पावर था उसके वाइस रॉय मतलब बादशाह के बाद सबसे ताकतवर वजीर बने यह ऐसे था कि आज कोई यूके का प्राइम मिनिस्टर बने यूसुफ अल सलाम का जिक्र कुरान में 27 मर्तबा हुआ है और यह वाहिद पैगंबर है जिनकी डिटेल
Speaker A
कुरान में बाइबल से भी ज्यादा है आप सल्लल्लाहु अ वसल्लम ने उन्हें सलाम किया उन्होंने सलाम का जवाब दिया और आप सल्लल्लाहु अ वसल्लम जिब्राइल अल सलाम के साथ चौथे आसमान की तरफ रवाना हुए वहां उनकी मुलाकात इद्रीस अल सलाम से हुई
Speaker A
इद्रीस अल सलाम दुनिया के पहले इंसानों में से थे आदम अल सलाम और शीत अल सलाम के बाद इद्रीस अल सलाम को इंसानों का तीसरा नबी माना जाता है और दुनिया में सबसे पहले जुल्म के खिलाफ जिहाद इन्होंने ही किया था
Speaker A
इद्रीस अल सलाम को दुनिया का पहला साइंटिस्ट भी समझा जाता है क्योंकि उन्होंने पहली दफा दुनिया में पेन कलम यूज किया था पहली दफा आसमान में स्टार्स और प्लेनेट की मूवमेंट को ऑब्जर्व करके इंसानों की जिंदगी आसान बनाई थी इद्रीस अल
Speaker A
सलाम का जिक्र कुरान में दो मर्तबा हुआ है आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इन्हें सलाम किया उन्होंने सलाम का जवाब दिया और आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पांचवें आसमान की तरफ रवाना हुए वहां आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की मुलाकात हारून अल सलाम से
Speaker A
हुई जब मूसा अल सलाम पैगंबर बने तो उन्होंने अल्लाह से दुआ की कि मेरे भाई हारून को भी मेरे इस मिशन में शामिल करें तो इस तरह हारून अलसलाम भी पैगंबर बने मूसा अल सलाम ने हारून अल सलाम को सिर्फ
Speaker A
इसलिए चूज नहीं किया कि वो उनके भाई थे बल्कि इसलिए क्योंकि हारून अलसलाम बनी इसराइल के सबसे बड़े स्कॉलर्स में से थे मूसा अल सलाम बचपन से फिरौन के घर में पले बड़े थे जिसकी वजह से उन्हें बनी इसराइल
Speaker A
के किताबों और स्क्रिप्चर का इतना इल्म नहीं था तो उन्हें एक ऐसे शख्स की जरूरत थी जिसके पास इन सारी चीजों का इल्म हो और वो थे हारून अल सलाम और आज तक यहूदियों में सबसे ज्यादा स्कॉलर्स हारून अल सलाम
Speaker A
की औलाद में से हैं जिसकी वजह से हारून अलसलाम की औलाद को यहूदियों में एक स्पेशल स्टेटस हासिल है जिस तरह इस्लाम में सैयद को हासिल है हारून अल सलाम का जिक्र कुरान में 20 मर्तबा हुआ आप सल्लल्लाहु अलैहि
Speaker A
वसल्लम ने इन्हें सलाम किया उन्होंने सलाम का जवाब दिया और आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम छठे आसमान की तरफ रवाना होए वहां आप सल्लल्लाहु अल वसल्लम की मुलाकात एक ऐसे पैगंबर से हुई जिनका जिक्र कुरान में सबसे ज्यादा किया गया है
Speaker A
136 टाइम्स क्योंकि मूसा अल सलाम की स्टोरी को आज तक दुनिया की सबसे ज्यादा इंटरेस्टिंग और आउ स्टैंडिंग स्टोरी समझा जाता है और आज भी बुक्स कॉमिक्स और इवन हॉलीवुड की सबसे बड़ी फिल्म्स मूसा अल सलाम की स्टोरी से कहीं ना कहीं
Speaker A
इंस्पायर्ड होती है जैसे कि सुपरमैन हैरी पॉटर एंड मेनी अदर्स ये सारे स्टोरीज बिलियंस ऑफ डॉलर्स कमा चुके हैं कम ऑन दिस इज मूसा अल सलाम स्टोरी हुआ ऐसे कि जब यूसुफ अल सलाम मिस्र के प्राइम मिनिस्टर बने तो उन्होंने अपने 11 भाइयों को भी
Speaker A
इजिप्ट में आबाद किया और काफी जेनरेशंस तक वो उधर ही रहे और आहिस्ता आहिस्ता वो इजिप्ट के सबसे स्ट्रांग और रिच कम्युनिटी बने एज यूजुअल लेकिन यह देखकर मिस्र के लोग इनसे डरने लगे और उन्होंने बनी इसराइल पर जुल्म करना शुरू किया और आखिर सारे
Speaker A
यहूदियों को गुलाम बना दिया और बनी इसराइल मिस्र वालों के 400 साल तक गुलाम रहे जिसमें उन्होंने उन पर बहुत जुल्म किए आखिर 400 साल बाद मूसा अल सलाम के जरिए अल्लाह ने बनी इसराइल को फिरौन की गुलामी
Speaker A
से निकाल दिया वहां से आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सातवें और आखिरी आसमान पहुंचे जहां उनकी मुलाकात उनकी ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रैंडफादर से हुई हजरत इब्राहिम अल सलाम पिछले हजारों साल से दुनिया के सबसे बड़े रिलीजस इब्राहम रिलीजन रहे हैं और आज भी दुनिया की 60 पर
Speaker A
आबादी इन्हीं इब्राहम रिलीजस को फॉलो करती है और हर दिन पांच वक्त की नमाज में मुसलमान इब्राहिम अल सलाम के लिए स्पेशल दुआ करते हैं इसके बाद आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सिदरतुल मुंतहा के पास पहुंचे वहां आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम
Speaker A
को बैतुल मामूर दिखाया गया जिसका हर दिन 70000 नए फरिश्ते तवाफ करते हैं सिदरतुल मुंतहा आखरी बाउंड्री है वो आखरी हद है मखलूक कोई इससे आगे नहीं जा सकते लेकिन रसूलल्लाह सलम को इजाजत थी इसीलिए वह जिब्राइल अल सलाम को छोड़कर अकेले आगे
Speaker A
बढ़े और अल्लाह के दरबार में हाजिर हुए आप सल्लल्लाहु अल वसल्लम से बात में सहाबा ने पूछा कि क्या आपने अंदर अल्लाह को देखा तो आप सल्लल्लाहु वसल्लम ने कहा कि मैं कैसे देखता वहां नूर लाइट का पर्दा था यहां इस
Speaker A
इतने अजीम सफर का असली मकसद जाहिर हुआ यहां इस्लाम का सबसे बड़ा हुकम मुसलमानों पर फर्ज हुआ नमाज जो पिछले 1400 साल से पूरे दुनिया के कोने-कोने में अदा हो रही है इससे पहले नमाज फर्ज नहीं हुई क्योंकि
Speaker A
मक्का में मस्जिद बनाना इंपॉसिबल था लेकिन आसमानों के सफर के बाद मुसलमानों ने मदीना की तरफ हिजरत की और वहां इस्लाम की पहली मस्जिद बनाई और इसी निमाज की वजह से मदीना में एक ऐसी डिसिप्लिन और मजबूत कम्युनिटी
Speaker A
बनी जिसने आगे जाके कुछ ही सालों में रोमन और पर्जन एंपायर दो बड़ी सुपर पावर्स को फतह कर लिया उस उस वक्त आप सल्लल्लाहु अ वसल्लम पर 50 नमाज फर्ज जैसे ही आप सल्लल्लाहु अल वसल्लम वहां से रवाना हुए
Speaker A
उनकी मुलाकात मूसा अल सलाम से हुई मूसा अल सलाम ने उनसे कहा कि आपकी उम्मत 50 निमाज कभी भी अदा नहीं कर सकती तो आप अल्लाह के दरबार में वापस जाए और उनसे इसे कम करने की रिक्वेस्ट कर सही बुखारी में है कि
Speaker A
रसूलल्लाह सला सलम वापस गए और अल्लाह से रिक्वेस्ट की जिस पर अल्लाह ने निमाज 50 से कम करके 40 कर दी आप सलम वापस मूसा अ सलाम के पास गए तो उन्होंने कहा कि 40 भी इंपॉसिबल है वापस जाकर अल्लाह से
Speaker A
रिक्वेस्ट करें कि वह 40 से भी कम करें और इस तरह थोड़ा आना जाना चलता रहा और आखिर नमाज पांच पर फिक्स हुई लेकिन मूसा अल सलाम ने फिर आप सल्लल्लाहु अल वसल्लम को कहा कि आपकी उम्मत पांच नमाज भी दिन में
Speaker A
अदा नहीं कर सकती लेकिन आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा कि इसके बाद अल्लाह से नमाज और कम करने में मुझे शर्म आती है मैं पांच नमाज पर राजी हूं आप सल्लल्लाहु अल वसल्लम को इस सफर में जन्नत दोजख और
Speaker A
गुनहगार लोगों की सजाएं सब दिखाई गई आखिर आप सल्ला अ वसल्लम जेरूसलम वापस बैतुल मुकद्दस पहुंचे और वहां से वापस मक्का की तरफ रवाना हुए रास्ते में उन्हें एक काफला देखा जिनका एक ऊंट उनसे भाग गया था जैसे
Speaker A
ही आप सलम वापस मक्का पहुंचे तो मक्का वाले सारे सो रहे थे च मींस यह सारा कुछ आप सला वसल्लम ने एक ही रात में किया था अब यह कैसे पॉसिबल है आइंस्टाइन की थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी के मुताबिक ट
Speaker A
इ टाइम इ नॉट एब्सलूट टाइम इ न एब्सलूट जिसका मतलब है कि अगर एक शख्स तेज मूव हो रहा है और दूसरा अपनी जगह पर खड़ा है तो ये दोनों टाइम को बिल्कुल डिफरेंट महसूस करेंगे और अगर कोई लाइट के स्पीड के करीब
Speaker A
ट्रेवल करे तो उसके लिए टाइम बहुत ही स्लोली पास होगा एंड एज वी नो बुराक का नाम ही उसकी लाइटनिंग स्पीड की वजह से रखा गया है इसीलिए आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के लिए यह रात बहुत लंबी थी और पाकी सारों
Speaker A
के लिए ये एक नॉर्मल रात थी जैसे ही आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मक्का वापस पहुंचे उनको पता था कि अगर वो यह सारी बातें मक्का वालों को बताएंगे तो मक्का वाले उनका बहुत मजाक उड़ाएंगे लेकिन आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सारों को
Speaker A
क्लीयरली कंप्लीट स्टोरी सुना दी जिसकी वजह से मक्का वालों ने उनका बहुत मजाक उड़ाया और आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बैतुल मुकद्दस के बारे में क्वेश्चंस पूछने लगे क्योंकि उनको पता था कि इससे पहले आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बैतुल
Speaker A
मुकद्दस कभी भी नहीं गए लेकिन उसी टाइम आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की मेमोरी को और स्ट्रांग करने के लिए अल्लाह ने बैतुल मुकद्दस को आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सामने पेश किया इसी तरह जिस तरह आप इस टाइम यह वीडियो देख रहे हैं मक्का वाले आप
Speaker A
सल्लल्लाहु अल वसल्लम से बैतुल मुकद्दस के बारे में पूछते रहे और आप सल्लल्लाहु अ वसल्लम उनके हर बात का जवाब देते रहे जिससे वह सारे बिल्कुल शौक हो गए आप सल्लल्लाहु अ वसल्लम ने उन्हें उस काफिले का भी बताया जिसका ऊंट भाग गया था और उसके
Speaker A
थोड़ी ही देर बाद वह काफिला भी पहुंच गया और उन्होंने कहा कि यह यह सब कुछ सच है जिससे मक्का वाले और भी शौक हो गए लेकिन यह ऐसा वाकया है कि जिसे आज भी और उस जमाने में भी मानना बहुत ही मुश्किल था
Speaker A
जिसकी वजह से कुछ कमजोर ईमान वाले मुसलमान भी इस्लाम से फिर गए और आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दोस्त जिन्होंने आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को पनाह दी थी उन्होंने भी आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बात नहीं मानी लेकिन जब अबू बकर रज
Speaker A
अल्लाह ताला अन्हो को इसका पता चला तो उन्होंने कहा कि अगर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा है तो यह यकीनन बिल्कुल सच बात होगी जिस पर उनका नाम उस दिन से अबू बकर सिद्दीक पढ़ा यह सफर कोई मामूली सफर नहीं था बल्कि इसने
Speaker A
इस्लाम की सख्त दिन खत्म करके इस्लाम के उरूज के दिन शुरू किए और इससे अगले ही साल मदीना से 72 लोग आप सल्लल्लाहु अल वसल्लम को अपने बादशाह और लीडर के तौर पर मक्का से मदीना की तरफ ले जाने के लिए
Speaker A
[संगीत] है आप सल्लल्लाहु अ वसल्लम एक ही रात में स्टार्स प्लेनेट गैलेक्सी को क्रॉस करते हुए जमीन से आसमान की तरफ गए अब अल्लाह ने कुरान में एक जगह फरमाया है कि जमीन और आसमान के दरमियान हर चीज अल्लाह को सजदा
Speaker A
करती है व्हिच मींस सारे स्टार्स गैलेक्सी प्लेनेट माउंटेंस ट्रीज लेकिन ये कैसे पॉसिबल है सजदा तो इस तरह होता है और कभी स्टार्स और प्लेनेट को हमारी तरह इबादत करते हुए किसी ने देखा है लेकिन अल्लाह ने कुरान में बार-बार कहा है कि ये सारी
Speaker A
चीजें अल्लाह की इबादत करती है तो यूनिवर्स के इन सारी चीजों में कोई ना कोई बात कॉमन एक जैसी जरूर होगी आज से बहुत साल पहले पूरी दुनिया का यह ख्याल था कि जमीन अर्थ ही दुनिया का सेंटर है और जमीन तो साकिन है बेटा जमीन
Speaker A
रोटेट करती ही नहीं है जमीन गर्दिश नहीं करती लेकिन आज से 400 साल पहले गैलिलियो जो एक इटालियन साइंटिस्ट थे उसने दो लेंजेस को अलाइन करके रखा तो उसे पता चला कि ऐसे करने से दूर की चीजों को करीब से
Speaker A
देखा जा सकता है छोटे लेवल पर टेलीस्कोप्स दुनिया में पहले भी मौजूद थे लेकिन इन्हें सिर्फ फौजी और समंदरी सफरों में यूज किया जाता था लेकिन गैलीलियो ने इसी टेलिस्कोप को इंप्रूव करके इंसानों की तारीख में पहली दफा का रुख आसमान की तरफ किया जिससे
Speaker A
उसने दुनिया से पहली बार सूरज और चांद को बिल्कुल करीब से देखा और गैलिलियो ने इन सारों की मूवमेंट को ऑब्जर्व करना शुरू किया 1300 दुनियां को अगर मिला लिया जाए इससे एक जुपिटर बत्ता है गैलिलियो नेने देखा कि यह भी बाकी प्लेनेट की तरह गोल है
Speaker A
लेकिन जुपिटर के ऊपर जो लाइट है व महीने के डिफरेंट दिनों में बिल्कुल बदल रही है और उसने देखा कि वीनस और सैटर्न का भी यही हाल है अब यह सब कुछ तभी पॉसिबल था कि अगर यह सारी चीजें सूरज के गिर्द घूम रही हो
Speaker A
दुनिया के नहीं गैलीलियो ने यह बातें पूरी दुनिया को बताई कि यूनिवर्स का सेंटर दुनिया नहीं बल्कि सूरज है लेकिन इस बात को सुनकर यूरोप के सारे चर्चे उसके दुश्मन बन गए क्योंकि उस जमाने के पोप का यह
Speaker A
ख्याल था कि जमीन ही यूनिवर्स का सेंटर है और सिर्फ पोप का नहीं पूरी दुनिया का ये ख्याल था जमीन तो साकिन जिसकी वजह से गैलीलियो को चर्च से यह सजा मिली कि वो हमेशा के लिए घर में बंद कर दिया जाएगा
Speaker A
लेकिन गैलीलियो ने अपना काम जारी रखा और उसकी इन रिसर्चस को बाद में पूरी दुनिया ने माना इवन पोप ने भी गैलीलियो के मरने के 350 साल बाद पूरी दुनिया के सामने उससे माफी मांगी और कहा कि हम गलत थे और आप सही
Speaker A
थे आहिस्ता आहिस्ता हमें पता चला कि जमीन यूनिवर्स का सेंटर नहीं है बल्कि यह सूरज के गिर्द घूमती है और सूरज भी कोई इतनी बड़ी चीज नहीं है बल्कि सूरज तो इसके जैसे अरबों खरबों स्टार्स की तरह मिल्की हुई
Speaker A
गैलेक्सी का एक छोटा सा हिस्सा है और यह मिलकी हुई गैलेक्सी अरबों स्टार्स से बनी हुई है और यह सारे बिलियंस ऑफ स्टार्स एक ही सर्कल में घूम रहे हैं हम तो सूरज के गिर्द घूम रहे हैं तो सूरज जैसे अरबों
Speaker A
खरबों स्टार्स मिलकर किसके गिर्द घूम रहे हैं सुपर मैसिव ब्लैक होल हैव अ सुपर मैसिव ब्लैक होल एट देर सेंटर इस ब्लैक होल ने जो हमारे सूरत से 40 लाख टाइम्स बड़ा है ने पूरी गैलेक्सी को एक गोल सर्कल
Speaker A
में रखा हुआ है जिस तरह हमारे सूरज ने जमीन जुपिटर मार्स इन सारे प्लेनेट को एक सर्कल में रखा हुआ है लेकिन यह गैलेक्सी भी कोई इतनी बड़ी चीज नहीं है बल्कि ये लाखों और गैलेक्सी को मिलाकर एक छोटे से
Speaker A
क्लस्टर का एक छोटा सा हिस्सा है ये लाखों गैलेक्सी मिलकर एक क्लस्टर बनाते हैं और ये क्लस्टर भी कोई इतनी बड़ी चीज नहीं है बल्कि इस जैसे लाखों क्लस्टर्स मिलाकर एक सुपर क्लस्टर बनता है और ऐसे हजारों सुपर
Speaker A
क्लस्टर्स और भी मौजूद है अब आपने ये नोट किया कि इन सारे स्टार्स गैलेक्सी प्लेनेट में एक चीज कॉमन है कि इस पूरे य यूनिवर्स में हर चीज किसी ना किसी दूसरे ऑब्जेक्ट के गिर्द घूम रही है और जब रसूलल्लाह
Speaker A
सल्लल्लाहु अ वसल्लम भी आसमानों की तरफ गए तो उन्होंने बैतुल मामूर में फरिश्तों को नमाज पढ़ते हुए नहीं देखा वह भी किसी चीज के गिर्द घूम रहे थे लेकिन घूमने का इबादत से क्या ताल्लुक है अल्लाह ने तो कहा है
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कि यह सारी चीजें इबादत करती हैं आपको पता है अल्लाह ने यह बात किस सूरत में कही है सूर हज में हज में मुसलमान पूरी दुनिया से इस्लाम की सबसे मुकद्दस और होली जगह काबा के पास जाते हैं और बार-बार इसके
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गिर्द घूमते हैं अब इस सर्कल करने का मतलब क्या है जब मुसलमान काबा के गिर्द घूमता है तो वो उस वक्त अकेला नहीं घूम रहा होता बल्कि चांद प्लेनेट स्टार्स गैलेक्सी क्लस्टर्स सारों के साथ एक ही इबादत में
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शामिल हो जाता है तो ये सारी चीजें हमारी तरह इबादत नहीं करती बल्कि हम मक्का जाकर इनकी तरह इबादत करते हैं लेकिन इस आयत में तो लिखा है कि ये सारी चीजें अल्लाह को सजदा करती हैं सजदा का मतलब सिर्फ हमारे
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वाला सजदा नहीं है बल्कि अल्लाह के निजाम के मुताबिक चलने को भी सजदा कह सकते हैं लेकिन अल्लाह ने इस आयत में सिर्फ स्टार्स गैलेक्सी और प्लेनेट का नहीं कहा बल्कि हर चीज पहाड़ दरख्त जानवर सब का का है यह तो
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सर्कल्स में नहीं घूमते आज से हजारों साल पहले एंसेट ग्रीस में ये कांसेप्ट बना कि कायनात की हर चीज एक बहुत ही छोटे पार्टिकल एटम से बनी हुई है जिसको फिर 2000 साल तक पूरी दुनिया भूल गई लेकिन आज
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से 200 साल पहले इस कांसेप्ट पर रिसर्च दोबारा शुरू हुई और साइंस दानों की रिसर्च से पता चला कि एटम सबसे छोटा पार्टिकल नहीं है बल्कि इसके अंदर और भी पार्टिकल्स हैं जैसे प्रोटॉन न्यूट्रॉनस इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन और न्यूट्रॉनस हमेशा एटम के सेंटर
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में होते हैं और इलेक्ट्रॉन हमेशा इनके गिर्द घूम रहे होते हैं ऑलमोस्ट बिल्कुल उसी तरह जिस तरह प्लेनेट सूरज के गिर्द घूमते हैं और स्टार्स ब्लैक होल के गिर्द घूमते हैं जिसका मतलब है कि कायनात की हर चीज चाहते या ना चाहते हुए किसी ना किसी
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चीज का तवाफ कर रही है और जब कोई मुसलमान काबा का तवाफ करने जाता है तो वो कायनात की हर छोटी से छोटी चीज जैसे एटम के अंदर इलेक्ट्रॉन से लेकर कायनात के सबसे बड़े ऑब्जेक्ट्स प्लेनेट स्टार्स गैलेक्सी और
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इवन बैतुल मामूर में फरिश्तों के साथ एक ही इबादत में शामिल हो जाते हैं हो सकता है इसीलिए इस्लाम में तवाफ करना सबसे बड़ी इबादत है तो जब सूर हज में अल्लाह ने ये फरमाया कि ये सारी चीजें मेरी इबादत करती
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है तो यह हमारी तरह इबादत नहीं करती बल्कि हम मक्का में काबा का तवाफ करके इनकी तरह अल्लाह की इबादत करते हैं लेकिन इन सारी चीजों का तवाफ करने का एक फिक्स टाइम है और जैसे ही यह टाइम पूरा होगा तब हर शख्स
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मालूम कर लेगा कि वह क्या लेकर आया [संगीत] है आप सला सलम की वफात से पहले उन्होंने सहाबा को बहुत सारी बातों का पहले से बता दिया था कि उनके जाने के बाद दुनिया में क्या क्या होने वाला
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है एक दिन हजरत उमर रजला बाकी सहाबा के साथ आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास मस्जिदए नबवी में बैठे हुए थे कि अचानक एक बहुत ही रोबदार और हैंडसम आदमी मस्जिद में दाखिल हुआ उनके कपड़े एक्सट्रीमली वाइट और
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बाल बिल्कुल ब्लैक थे उस दिन से पहले उन्हें मदीना में किसी ने भी नहीं देखा मतलब वो मदीना के रहने वाले नहीं थे और उनके कपड़ों और बालों से बिल्कुल ऐसा नहीं लग रहा था कि वो कहीं दूर से ट्रेवल करके
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मदीना आए हैं मस्जिद में बैठे सारे सहाबा इस शख्स को गौर से देख रहे थे वो आदमी सीधा मस्जिद नबवी के अंदर आया और आके रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बिल्कुल सामने बैठ गया और कहा ऐ मोहम्मद मुझे इस्लाम के बारे में
Speaker A
बताएं इस आदमी के जाने के बाद आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सहाबा से पूछा कि क्या तुमने इस शख्स को पहचाना यह जिब्रील अल सलाम थे और तुम्हें तुम्हारा दीन सिखाने के लिए आए थे आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जिब्रील को इस्लाम के
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बारे में बताया कि अल्लाह के सिवा किसी को खुदा ना मानना मोहम्मद को अल्लाह का रसूल मानना नमाज रोजा जकात और हज अदा करना जिस पर जिब्रील अल सलाम ने कहा कि आपने बिल्कुल सच फरमाया फिर जिब्रील अल सलाम ने
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आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से ईमान के बारे में पूछा आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि अल्लाह को मानना उसके एंजल्स फरिश्तों को मानना उसकी किताबों को मानना उसके पैगंबरों को मानना आखिरत को मानना और तकदीर को मानना जिस पर जिब्रील अल सलाम ने
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फिर कहा कि आपने बिल्कुल सच फरमाया जिब्रील अल सलाम ने आप सल्लल्लाहु अल वसल्लम से एहसान के बारे में भी पूछा और फिर जिब्रील अल सलाम ने आप सल्लल्लाहु अल वसल्लम से पूछा कि कयामत द डे ऑफ जजमेंट
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कब आएगी जिस पर आप सल्लल्लाहु अल वसल्लम ने कहा कि जितना आपको पता है सिर्फ उतना ही मुझे पता है मतलब कयामत के दिन का अल्लाह के सिवा किसी को भी नहीं पता जिब्रील अल सलाम ने यह सुनने के बाद
Speaker A
फरमाया कि मुझे उस दिन के बारे में कुछ निशानियां बताएं अब तक इस डिस्कशन में जितनी भी बातें हुई उन सबको आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पहले भी एक्सप्लेन कर चुके क्योंकि यह वाकया आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की वफात से कुछ ही अरसे पहले हुआ
Speaker A
था जब ऑलमोस्ट सारा कुरान नाजिल हो चुका था लेकिन इसके बाद जो आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कयामत की निशानियां बताई वो इससे पहले किसी को भी पता नहीं थी और इन निशानियां का ताल्लुक सहाबा से ज्यादा हम
Speaker A
से है क्योंकि जो निशानियां आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने बताई वो सहाबा ने अपनी जिंदगी में पूरे हो नहीं देखी बल्कि वो निशानियां आज हम देख रहे हैं व्हिच मींस जिब्रील अल सलाम सिर्फ सहाबा को नहीं बल्कि आज के मुसलमानों को भी कयामत की
Speaker A
बहुत इंपोर्टेंट निशानियां सिखाना चाहते थे आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जिब्रील अलैहि सलाम को जवाब दिया कि जब एक लौंडी अपने मालक को जन्म देगी जिसको बहुत सारे स्कॉलर्स समझते हैं कि जब औलाद अपने वालदैन को गुलाम समझेगी और जब ये नंगे पैर
Speaker A
गरीब शेफर्ड्स चरवाहे एक दूसरे से लंबी बिल्डिंग्स बनाने में कंपटीशन मुकाबला करेंगे जिब्रील अल सलाम ने फिर कहा कि आपने बिल्कुल सच फरमाया और उठकर वहां से चले गए आप सल्लल्लाहु अ वसल्लम ने सहाबा को भेजा कि कोई जाकर इस आदमी को ढूंढे
Speaker A
लेकिन उस दिन के बाद यह आदमी किसी को भी नहीं दिखा नाउ आप सल्लल्लाहु अल वसल्लम ने नंगे पैर गरीब चरवाहों का जिक्र किया जिन्हें उस जमाने में अरब बेडविन बद्दू कहा करते थे जो अरब के बाकी कबीलों से
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हमेशा दूर रहते थे और कभी भी एक जगह पर नहीं रहते बल्कि अपने जानवरों के साथ हमेशा ट्रेवल करते रहते थे मतलब एक खानाबदोश नोमेडिक जिंदगी गुजारते थे यह इसलिए बहुत अजीब बात क्योंकि दद्दू पूरे अरब में सबसे गरीब कबीलों में से होते थे
Speaker A
सिर्फ उस जमाने में नहीं बल्कि इस हदीस के हजार साल बाद भी ये बेडस अरब के सबसे लोअर क्लास होते थे इसलिए सहाबा हैरान थे कि हमारी सोसाइटी के सबसे गरीब क्लास कैसे आपस में लंबी बिल्डिंग्स बनाने में
Speaker A
मुकाबला करेंगे आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बाद खिलाफत रास्ता हर तरफ फैलने के बाद दुनिया की सबसे बड़ी सुपर पावर बन गई सिर्फ मुसलमानों में नहीं बल्कि ये उस वक्त तक इंसानों की तारीख की सबसे बड़ी एंपायर ी जो एलेग्जेंडर द ग्रेट और रोमन
Speaker A
एंपायर के ज ये सीजर के एंपायर से भी बहुत बड़ी थी इसका फायदा उठाते हुए यह बेड विंस पूरे दुनिया में फैल गए लेकिन फिर भी इनकी सबसे बड़ी पॉपुलेशन इसी अरब के इलाके में रही आहिस्ता आहिस्ता वक्त गुजरता गया और
Speaker A
इनका कल्चर बिल्कुल भी नहीं बदला ये बेड इंस उसी तरह अपनी जिंदगी गुजारते रहे आखिर 1000 साल बाद उस्मानिया खिलाफत के आखिरी जमाने में दुनिया पुराने तरीकों से एक नई इंडस्ट्रियल एज की तरफ बढ़ने लगी तो आखिर उस्मानी खलीफा सुल्तान अब्दुल हमीद ने
Speaker A
मुसलमानों को भी मॉडर्न दुनिया की तरफ लाने के लिए बहुत स्ट्रांग रिफॉर्म्स की और पूरी एंपायर में बहुत सारे प्रोजेक्ट शुरू किए जिसमें इस्तांबूल से मदीना तक एक ट्रेन भी बनाई गई लेकिन इस ट्रेन के रास्ते में हमेशा एक बहुत बड़ी रुकावट थी
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यही बेडस क्योंकि इन्हीं बेडस इससे बहुत साल पहले 1757 में 20 हज हाजियों को शहीद भी किया था जिसके बाद उस्मानिया सल्तनत इनके कल्चर को चेंज करने लगी और इन्हें खानाबदोश नोमेडिक जिंदगी से एक परमानेंट इलाके में सेटल करने की कोशिश की लेकिन
Speaker A
बेडविन कबीले उस्मान मानिया सल्तनत के इन रिफॉर्म से बिल्कुल भी खुश नहीं थे और आखिर सऊदी अरब के पहले बादशाह इब्ने सऊद ने बेडविन को यूनाइट करके ऑटोमन एंपायर के खिलाफ एक फौज बनाई और फिर ब्रिटिश की मदद
Speaker A
से इस पूरे इलाके को फतह कर लिया जिसे आज हम सऊदी अरेबिया कहते हैं और कुछ सालों बाद इन इलाकों से ऑयल तेल डिस्कवर होने के बाद यही बेडस जिनकी इससे पहले कोई औकात नहीं थी आप दुनिया के सबसे रिच लोगों में
Speaker A
से बने और इनमें से बहुत सारे मिलियनेयर और बिलियनर्स भी सामने आए लेकिन तेल डिस्कवर होने के बाद इन सारों को पता चला कि यह ऑयल हमेशा के लिए नहीं रहने वाला बल्कि एक दिन बहुत जल्द खत्म होने वाली है
Speaker A
जिसके साथ इनकी सारी लग्जरीज भी खत्म हो जाएंगी तो सबसे पहले दुबई के बादशाह शेख मोहम्मद बिन राशिद जो एक बेडविन बद्दू कबीले से हैं जिन्होंने एक बार खलीज टाइम के इंटरव्यू में खुद यह कहा है कि उन्हें
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बेडविन कबीले से होने पर फखर है उन्होंने दुबई को ऑयल से निकालकर टूरिज्म और बिजनेस की तरफ लाया और बहुत तेजी से कुछ ही सालों में दुबई दुनिया की बेस्ट सिटीज में से बन ग और फिर कुछ सालों बाद दुनिया की सबसे
Speaker A
लंबी बिल्डिंग बुर्ज उल खलीफा भी दुबई में बनाई गई यह अब तक इंसानों की बनाई हुई सबसे बड़ी बिल्डिंग थी इससे पहले एक जमाने में आज से 4500 साल पहले इजिप्त में फिरोन के बनाए हुए पिरामिड्स स्पेसिफिकली द
Speaker A
पिरामिड ऑफ गीजा इंसानों की बनाई हुई सबसे बड़ी बिल्डिंग और दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग होने का यह टाइटल इस पिरामिड के पास 3800 साल तक रहा मतलब फिरौन के बाद 3800 साल तक कोई भी फिरौन से लंबी
Speaker A
बिल्डिंग नहीं बना सकती लेकिन 3800 साल बाद यूरोप के एक चर्च ने पिरामिड्स का यह रिकॉर्ड तोड़ दिया जिसके बाद पेरिस के आफल टावर और 911 में तबाह होने वाले वर्ल्ड ट्रेड सेंटर भी दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग्स रह चुकी हैं इसके बारे में फिर
Speaker A
हम बात करेंगे तो सब्सक्राइब दुबई के इस अजीम कामयाबी को देखकर सऊदी ने भी इसे कॉपी करना शुरू किया और मक्का में काबा के बिल्कुल सामने दुनिया की चौथी सबसे बड़ी बिल्डिंग बनाई और कुछ ही साल बाद दुनिया
Speaker A
की सबसे बड़ी बिल्डिंग का ऐलान करती है किंगडम टावर या जद्दा टावर जो दुबई के बुर्ज खलीफा से भी बड़ी होगी और इस तरह सऊदी यूएई से आगे निकल जाएगा इस सारे प्रोजेक्ट को हेड करने वाले का नाम अलवलीद
Speaker A
बिन तलाल है जो कुछ साल पहले दुनिया के सबसे अमीर अरब जिनके कबीले का ताल्लुक अगेन एक बेडविन कबीले से जिसके बाद दुबई ने सऊदी से दोबारा आगे निकलने के लिए दुबई में एक नई दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग
Speaker A
बनाने का ऐलान की जो इन दोनों बर्ज खलीफा और जद्दा टावर से भी बड़ी होगी और आजकल हर कुछ अरसे बाद बहुत तेजी से अरब में ऐसी लंबी बिल्डिंग्स के प्रोजेक्ट्स का ऐलान हो रहा है इवन अरब कंट्रीज एक दूसरे को यह
Speaker A
तक नहीं बता रही कि उनके अगले प्रोजेक्ट की हाइट क्या होगी क्योंकि फिर बाकी अरब कंट्रीज उनसे आगे निकलने के लिए उससे भी बड़ी बिल्डिंग का ऐलान कर दें और इस तरह लंबी बिल्डिंग्स बनाने का एक बहुत सख्त
Speaker A
कंपटीशन इन सारे अरब ममालाकंडम ऑलमोस्ट सारे प्रोजेक्ट्स के पीछे ऐसे लोग हैं जिनका कोई ना कोई ताल्लुक उन्हीं बेडविन कबीलों से है और आज यह जो कुछ भी हो रहा है इस सब का रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आज
Speaker A
से 1400 साल पहले जिब्रील अल सलाम और सहाबा को बता दिया था कि एक दिन ये बेडस जो आज नंगे पैर और बहुत ही गरीब शेप चरवाहे हैं वो एक दूसरे से लंबी बिल्डिंग्स बनाने में मुकाबला करें और यह
Speaker A
कयामत की इतनी इंपॉर्टेंट निशानी है कि जिब्रील अल सलाम खुद मुसलमानों को यह सिखाने आए थे और आज रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई इस निशानी को हम अपने आंखों के सामने पूरा होते देख रहे हैं सब्सक्राइब
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