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Iran 🇮🇷 vs America 🇺🇸

ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष की जड़ें, इतिहास और वर्तमान राजनीतिक घटनाओं का विश्लेषण।

Key Takeaways

  • ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष की जड़ें द्वितीय विश्व युद्ध तक जाती हैं।
  • ईरान में पश्चिमीकरण की नीतियों के कारण इस्लामी क्रांति हुई।
  • आयतुल्लाह खुमैनी की नेतृत्व में ईरान ने अमेरिका के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।
  • इराक के साथ लंबी जंग ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाया।
  • ईरान का परमाणु कार्यक्रम अमेरिका और इजराइल के लिए मुख्य चिंता का विषय है।

What the video covers

  • ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जंग की शुरुआत और कारणों का इतिहास से विश्लेषण।
  • द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ईरान के बादशाह का हिटलर के साथ गठबंधन और ब्रिटिश एंपायर की प्रतिक्रिया।
  • ईरान के बादशाह रजा शाह पहलवी की पश्चिमीकरण की नीतियाँ और इस्लाम से दूर करने की कोशिशें।
  • आयतुल्लाह खुमैनी का उदय, उनका निर्वासन और इराक में उनका प्रभाव।
  • ईरान में खुमैनी की वापसी और इस्लामिक क्रांति, अमेरिका के साथ दुश्मनी की शुरुआत।
  • इराक के सद्दाम हुसैन के साथ ईरान की 8 साल की जंग और विश्व राजनीति में इसका प्रभाव।
  • ईरान का परमाणु हथियार बनाने का प्रयास और पाकिस्तान की भूमिका।
  • अमेरिका और इजराइल की ईरान पर दबाव और प्रतिबंध।
  • ईरान के वर्तमान नेतृत्व और अमेरिका के साथ संभावित वार्ता।
  • इस्लामिक दुनिया में ईरान की भूमिका और क्षेत्रीय राजनीतिक तनाव।

Answers

Questions about this video

ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष की शुरुआत कब हुई?

संघर्ष की शुरुआत द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुई जब ईरान के बादशाह ने हिटलर के साथ गठबंधन किया, जिससे ब्रिटिश एंपायर और बाद में अमेरिका के साथ टकराव बढ़ा।

आयतुल्लाह खुमैनी का ईरान में क्या प्रभाव था?

आयतुल्लाह खुमैनी ने इस्लामिक क्रांति का नेतृत्व किया और अमेरिका समर्थित बादशाह को सत्ता से हटाकर नई इस्लामिक सरकार स्थापित की।

ईरान का परमाणु कार्यक्रम क्यों विवादित है?

ईरान का परमाणु कार्यक्रम अमेरिका और इजराइल के लिए खतरा माना जाता है क्योंकि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है और ईरान की सैन्य क्षमता बढ़ सकती है।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
[संगीत] ईरान, अमेरिका और इजराइल आखिर इन सबकी लड़ाई है किस बात की? दुनिया में 57 इस्लामिक कंट्रीज हैं। लेकिन क्या वजह है कि अमेरिका और इजराइल इन सबको छोड़कर एक ही कंट्री ईरान के पीछे पड़ा है? ईरान और अमेरिका की इस जंग को
00:27
Speaker A
पूरा समझने के लिए हमें पीछे जाना होगा। ऑल द वे टू वर्ल्ड वॉर टू। वी शैल नेवर सरेंडर। वर्ल्ड वॉर टू में दुनिया की हर कंट्री के पास सिर्फ दो ऑप्शंस थे कि या तो वो ब्रिटिश एंपायर का साथ दे और या हिटलर का।
00:50
Speaker A
जिसमें दुनिया के ज्यादातर कंट्रीज ने ब्रिटिश एंपायर का साथ दिया। लेकिन उस वक्त ईरान के बादशाह ने ब्रिटिश एंपायर को छोड़कर हिटलर के साथ हाथ मिलाया। जिसके बाद ईरान और जर्मनी बहुत ही क्लोज दोस्त बनने लगे। और यह बात ब्रिटिश एंपायर
01:06
Speaker A
को बिल्कुल पसंद नहीं आई। इसीलिए ब्रिटेन ने हर तरफ से ईरान पर हमला कर दिया और बहुत तेजी से पूरा ईरान फतह करने लगे। ये देखकर ईरान के बादशाह ने कुछ ही दिनों में ब्रिटिश एंपायर के सामने सरेंडर कर
01:24
Speaker A
दिया और उनसे अपनी बादशाहत बचाने की भीख मांगने लगे। जिस पर ब्रिटिश एंपायर ने कहा ठीक है लेकिन हमारी एक शर्त है तुम्हें ईरान के तख्त से हटना होगा और अपने 22 साल के जवान बेटे को ईरान का नया बादशाह बनाना
01:39
Speaker A
होगा क्योंकि उसका यह बेटा रजा शाह पहलवी ब्रिटिश एंपायर का एक वफादार पपेट था। ईरान का यह नया बादशाह अंग्रेजों से बहुत ज्यादा इंस्पायर था। वो चाहता था ईरान के लोग भी बिल्कुल वेस्ट की तरह कपड़े पहने। उन्हीं की तरह पार्टियां करें और अपने
01:56
Speaker A
सारे ट्रेडिशंस को भूल जाएं। इसीलिए वह पहले दिन से यह कोशिश कर रहा था कि किसी तरह इस्लाम को ईरान के लोगों से दूर कर दिया जाए। जिसकी वजह से उसने ईरान में हिजाब पहनने पर पाबंदी लगाई। बहुत सारे मदरसों और
02:14
Speaker A
मस्जिदों को बंद कर दिया और ईरान के बड़े-बड़े इस्लामिक स्कॉलर्स को गिरफ्तार करने लगा और इनकी जगह म्यूजिक, पार्टीज और शराब को पूरे ईरान में फैलाने लगा। यहां तक एक टाइम ऐसा आया कि ईरान में इतनी शराब बनने लगी कि ईरान जैसा इस्लामिक
02:32
Speaker A
मुल्क दुनिया को शराब एक्सपोर्ट करने लगा। ईरान के इस बादशाह का ख्याल था कि वो जो भी कर रहा है बहुत ही अच्छा काम कर रहा है। आई मीन टू बी एस यू से वी आर द किंग ऑफ किंग्स। यहां तक कि उसने एक दिन सऊदी
02:45
Speaker A
के किंग फैसल को कहा कि तुम ये क्या पुराने जमाने में रह रहे हो। तुम्हें चाहिए कि सऊदी को भी बिल्कुल वेस्ट की तरह एक लिबरल कंट्री बनाओ। लेकिन सऊदी के किंग फैसल ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। लेकिन
02:58
Speaker A
यहां पर फनी बात ये है कि आज वही सऊदी ईरान से कहता है कि तुम भी थोड़ा लिबरल बनो। लेकिन अब ईरान उसकी बात नहीं मानता। आखिर ईरान के बादशाह ने ईरान को इस्लाम से इतना दूर करने की कोशिश की कि ईरान के
03:12
Speaker A
सारे बड़े इस्लामिक स्कॉलर्स अपने इस बादशाह के खिलाफ होने लगे। जिसके बाद ईरान की मस्जिदों और मदरसों में ये स्कॉलर्स बादशाह के खिलाफ स्पीचेस करने लगे। जिसमें सबसे बड़े स्कॉलर का नाम था आयतुल्लाह खुमैनी। खुमैनी और उसके फॉलोअर्स ईरान की आवाम को
03:35
Speaker A
बादशाह के खिलाफ बगावत के लिए भड़काने लगे। वेटिंग फॉर आखिर खुमैनी की ताकत ईरान में इतनी बढ़ गई कि ईरान के बादशाह ने उसे गिरफ्तार करके ईरान से हमेशा के लिए बाहर निकाल दिया। जिसके बाद इमाम हुमेनी ईरान
03:52
Speaker A
को छोड़कर इराक में रहने लगे। जहां एक यंग लीडर उसकी हर हरकत को बहुत गौर से नोट कर रहा था। सद्दाम हुसैन आहिस्ता-आहिस्ता सद्दाम हुसैन भी खुमैनी की ताकत को देखकर उससे डरने लगा। यहां तक कि एक दिन उसने ईरान के बादशाह से कहा कि
04:12
Speaker A
अगर आप चाहते हैं तो मैं खुमैनी को साइड पे करके उसे गोली मार देता हूं जो सद्दाम के लिए एक बहुत ही आम बात थी और इसे हम पूरा एक्सप्लेन कर चुके हैं। लेकिन ईरान के बादशाह ने कहा कि नहीं इसे मारने की
04:25
Speaker A
कोई जरूरत नहीं। यह बुड्ढा खुमैनी मेरा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता। इमाम खुमेनी इराक में बैठकर अपनी स्पीचेस को कैसेट्स में रिकॉर्ड करने लगे। इस्लाम जिन्हें फिर बहुत सीक्रेटली स्मगल करके पूरे ईरान में फैला दिया जाता था। और
04:44
Speaker A
खुमेनी की बातें सुनकर लोग इतना इंस्पायर होते थे कि वो आहिस्ता-आहिस्ता ईरान के बादशाह से ज्यादा इमाम खुमैनी को अपना लीडर मानने लगे। लेकिन फिर भी ईरान के बादशाह को हटाना कोई आसान काम नहीं था क्योंकि उसके पास एक बहुत ही खतरनाक फौज
04:59
Speaker A
और सुपर पावर अमेरिका का फुल सपोर्ट हासिल था। अमेरिका अस जेरस एंड और वो मुसलमान दुनिया में अमेरिका का फेवरेट पपेट था। लेकिन यहां पर जब ईरान का बादशाह अपनी ताकत की पीक पर था। उसने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती की। द फ्लेम्स
05:20
Speaker A
ऑफ परशिया। दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे महंगी पार्टी। [संगीत] अचानक एक दिन ईरान के बादशाह ने ऐलान किया द ग्रेट परशियन एंपायर को दोबारा जिंदा करने के लिए ईरान में दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होगी। यह एक ऐसी पार्टी थी जिसमें दुनिया के
05:48
Speaker A
सारे लीडर्स और बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज इनवाइट किए जाएंगे। ईरान का बादशाह उसी परशियन एंपायर को दोबारा जिंदा करना चाहता था। रू बुजुर्ग तारीख ईरान जिसे आज से बहुत साल पहले हजरत उमर बिन खत्ताब की खिलाफत में मुसलमानों ने तबाह कर दिया।
06:07
Speaker A
इस पार्टी के लिए ईरान के डेजर्ट के बीच में एक नई सिटी बनाई गई और अपने वीआईपी मेहमानों के लिए ईरान के बादशाह ने 600 लेमोजींस मंगवाई। सोने की प्लेट्स में खाना खिलाया। जिसके बाद ईरान के बादशाह ने
06:19
Speaker A
सबको अपने सामने खड़ा किया और अपने सोने के तख्त पर ऐसे बैठा कि अब वही पर एंपायर का नया शहंशाह है। लेकिन अब जब ईरान का बादशाह अपनी अयाशी की जिंदगी गुजार रहा था। वहां ईरान के गरीब लोग सोचने लगे कि
06:34
Speaker A
हम यहां खाने-पीने की चीजों को तरस रहे हैं और हमारा बादशाह सोने की प्लेट में खाना खाता है। इसीलिए इस पार्टी के बाद ईरान के लोग बहुत तेजी से इमाम खुमेनी की सोच की तरफ बढ़ने लगे और खुमेनी ने भी
06:46
Speaker A
अपनी कैसेट्स में ऐलान किया कि ईरान का बादशाह आज के दौर का यज़ीद है। आहिस्ता-आहिस्ता खुमेनी ईरान में इतना ताकतवर हुआ कि ईरान के बादशाह को समझ आ गई कि अब उसे सिर्फ एक ही ताकत हुई से बचा
07:00
Speaker A
सकती है। सुपर पावर अमेरिका। तो वो बिल्कुल अपने बाप की तरह जाकर सुपर पावर्स के सामने भीख मांगने। एक्सप्रेस टू यू आर डीप ग्रेटट्यूड। जिसके बाद अमेरिका, फ्रांस और बाकी कंट्रीज के प्रेसिडेंट्स ने मिलकर एक बहुत ही इंपॉर्टेंट मीटिंग
07:16
Speaker A
की। और इस मीटिंग के एंड में उन्होंने ईरान के बादशाह को क्लियरली कहा कि अब तुम्हें खुमेनी से कोई नहीं बचा सकता। और यह सुनते ही ईरान का बादशाह अपने मुल्क को छोड़कर हमेशा के लिए भाग गया। जैसे ही खुमेनी को पता चला कि ईरान का
07:33
Speaker A
बादशाह उसके खौफ की वजह से ईरान को छोड़कर भाग चुका है। तो इमाम खुमेनी 14 साल एग्जाइल में रहने के बाद फाइनली ईरान की तरफ रवाना। दुनिया की तारीख में अब तक किसी भी लीडर के इतने लोग जमा नहीं हुए थे। जितना इमाम
07:50
Speaker A
खुमेनी को वेलकम करने के लिए जमा हुए। 70 लाख लोगों ने इमाम खुमेनी को ईरान में वेलकम किया। जो एक वर्ल्ड रैक था। जैसे ही खुमेनी ईरान पहुंचे ईरान की जमीन से पहली बार डेथ टू अमेरिका और डेथ टू इजराइल के नारे लगने लगे।
08:13
Speaker A
हुमेनी के फॉलोअर्स अमेरिका की एंबेसी के सारे लोगों को गिरफ्तार कर लिया। [संगीत] और हुमेनी ने अमेरिका के प्रेसिडेंट का नाम लेकर कहा मैं इन 50 लोगों को तब तक रिहा नहीं करूंगा जब तक तुम अमेरिका ईरान के बादशाह
08:34
Speaker A
को हमारे हवाले नहीं करते। और यहां से पहली बार अमेरिका और ईरान की दुश्मनी शुरू हुई। लेकिन ईरान का बादशाह कभी भी वापस ईरान नहीं आया और उसके मरने के बाद उसके बेटे ने ईरान का नया शाह होने का ऐलान किया।
08:52
Speaker A
नाउ ईरान में खुमेनी ने अपनी नई इस्लामिक हुकूमत बनाई। लेकिन जैसे ही खुमेनी ईरान का लीडर बना, एट द सेम टाइम ईरान के बिल्कुल पास इराक में भी एक नया लीडर बना। सद्दाम हुसैन। लेकिन यहां मसला यह था कि दुनिया के बाकी
09:09
Speaker A
लीडर्स खुमेनी की ताकत से बहुत डरते थे। क्योंकि खुमेनी अपने स्पीचेस में बार-बार बाकी मुसलमान दुनिया के आवाम को अपने बादशाहों के खिलाफ बगावत करने पर उभारते थे। यह देखकर इराक के लीडर सदाम हुसैन ने अमेरिका और अरब लीडर्स के कहने पर हुमेनी
09:29
Speaker A
पर हमला कर दिया और 8 साल तक ईरान और इराक के दरमियान एक बहुत ही सख्त जंग हुई। लेकिन सदाम हुसैन के पास पूरी दुनिया की सपोर्ट होने के बाद भी वो खुमेनी को उसके तख्त से हटा नहीं सका। और आखिर 8 साल बाद
09:47
Speaker A
जैसे ही यह जंग खत्म हुई उसके कुछ ही अरसे बाद इमाम खुमेनी इस दुनिया से चले गए। खुमेनी का जनाजा दुनिया की तारीख का सबसे बड़ा जनाजा था क्योंकि उसके जनाजे में 1 करोड़ लोग शामिल थे। जो आज तक गिनीस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
10:08
Speaker A
में किसी भी लीडर के लिए दुनिया की सबसे बड़ी गैदरिंग है। जिसके बाद ईरान के मिनिस्टरर्स ने मिलकर खुमेनी के बाद अपना नया लीडर चुना। आयतुल्लाह खुमेनी का स्टूडेंट आयतुल्लाह अली खामेनी। [संगीत] जो आज तक ईरान का सुप्रीम लीडर है।
10:31
Speaker A
इराक के साथ जंग खत्म होने के बाद ईरान के लीडर्स को समझ आ गई कि अब अमेरिका और इजराइल उनका पीछा कभी नहीं छोड़ेंगे जब तक ईरान के पास अपना खुद का एटम बम ना हो। लेकिन अब मसला यह था कि एटम बम बनाना कोई
10:46
Speaker A
आसान काम नहीं है। यह एक बहुत ही मुश्किल टेक्नोलॉजी है और उस वक्त कोई भी ईरान को यह टेक्नोलॉजी देने के लिए तैयार नहीं था। तो अब ईरान किसी ऐसे मिरेकल का इंतजार कर रहा था कि दुनिया का कोई मुल्क उसकी एटम
10:59
Speaker A
बम बनाने में मदद करे। और अजीब बात यह है कि एग्जजेक्टली ऐसा ही हुआ। ईरान के बिल्कुल करीब एक मुल्क दुनिया की पहली इस्लामिक कंट्री पाकिस्तान ने अपना पहला एटम बम बनाया। पाकिस्तान टुडे सक्सेसफुली कंडक्टेड फाइव न्यूक्लियर टेस्ट।
11:17
Speaker A
[संगीत] पाकिस्तान।
11:38
Speaker A
रहता है। लेकिन इसमें कपड़ों के बजाय यूरेनियम डाला जाता है। अगर इस मशीन में यूरेनियम को थोड़ी देर के लिए रखा जाए 5% तक तो उससे बिजली बनती है। लेकिन अगर यूरेनियम को बहुत देर तक इस मशीन में रखकर
11:51
Speaker A
घुमाया जाए 90% तक तो उससे एटम बम बनता है। ईरान पाकिस्तान की इस टेक्नोलॉजी को यूज करके बहुत तेजी से न्यूक्लियर प्लांट्स बनाने लगा। लेकिन जैसे ही ईरान ने यह सब करना शुरू किया अमेरिका को किसी तरह इस सब की खबर मिल गई। अब पाकिस्तान का
12:09
Speaker A
एटम बम तो अमेरिका को फिर भी किसी हद तक कबूल था क्योंकि पाकिस्तान अमेरिका का बहुत ही वफादार मुल्क है। चूज हमें अपनी कौम का पेट पालना है। और पाकिस्तान चाहे जो भी हो जाए अमेरिका के खिलाफ कभी नहीं
12:21
Speaker A
जाता। क्योंकि पाकिस्तान और अमेरिका बहुत ही पुराने दोस्त हैं। बी वि माय फ्रेंड लेकिन ईरान पाकिस्तान से बिल्कुल ऑोजिट बार-बार अमेरिका की आंखों में आंखें डालकर उसे धमकियां देता था। इसीलिए जैसे ही अमेरिका को ईरान के इस प्रोजेक्ट का पता चला अमेरिका का
12:39
Speaker A
प्रेसिडेंट पूरी दुनिया के सामने आया और उसने अपनी स्पीच में कहा कि दुनिया में कुछ मुल्क ऐसे हैं जो अपने लिए केमिकल और एटम बम बनाना चाहते हैं। एक इराक का सद्दाम हुसैन और दूसरा ईरान का खामनाई जिसका आज पूरी दुनिया को पता है कि यह एक
12:59
Speaker A
बहुत बड़ा झूठ है। बुश मिस्टेक जॉर्ज बुश की इस स्पीच के कुछ ही अरसे बाद अमेरिका ने सद्दाम हुसैन पर हमला कर दिया और इराक में हजारों लोगों को मारकर सद्दाम की हुकूमत खत्म कर दिया। सदाम हुसैन की
13:14
Speaker A
हुकूमत को इतनी आसानी से तोड़ने के बाद अमेरिका को इस बात का पता चला कि वो दुनिया के किसी भी मुल्क पर झूठा इल्जाम लगाकर उस पर हमला कर सकता है। इसीलिए अफगानिस्तान और इराक पर हमले के बाद अब
13:26
Speaker A
अमेरिका का अगला शिकार ईरान था। और अमेरिका बार-बार दोबारा यह झूठ बोलने लगा कि ईरान के पास एटम बॉम्ब्स हैं। जिसके बाद अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के लीडर आयतुल्लाह खामिनाई पर थी। और यह ईरान पर हमला करने का बेस्ट टाइम था
13:42
Speaker A
क्योंकि ईरान के एक तरफ अफगानिस्तान में अमेरिका की बहुत बड़ी फौज थी और ईरान की दूसरी तरफ इराक भी अमेरिका की फौज से भरा हुआ था। मतलब अमेरिका ने ईरान को हर तरफ से घेर लिया था। तो अब पूरी दुनिया की नजर
13:54
Speaker A
ईरान के लीडर आयतुल्लाह खामिनाई पर थी कि वो किस तरह अपने मुल्क ईरान को सुपर पावर अमेरिका से बचाएगा और यहां पर खामिनाई ने एक ऐसी बात कही जिससे अमेरिका के पास ईरान पर हमला करने के सारे बहाने टूट गए।
14:08
Speaker A
खामनाई जो इस्लामिक दुनिया का एक बहुत बड़ा स्कॉलर है। उन्होंने एक फतवा दिया कि इस्लाम में मुसलमानों के लिए एटम बॉम्ब बनाना हराम है। क्योंकि इस्लाम तो हमें यह सिखाता है कि जंग के मैदान में भी किसी भी
14:22
Speaker A
बच्चे, बूढ़े या औरत को नहीं मारा जा सकता। इवन जंग में दरख्तों को भी काटने की इजाजत नहीं है। लेकिन एटम बम्ब एक ऐसी चीज है जो बिना कुछ देखे हर चीज तबाह कर देती है। इसीलिए ईरान के खामनाइन ने एटम बम को
14:39
Speaker A
मुसलमानों के लिए हराम का हराम है। और साथ ही यह ऐलान किया कि ईरान का एटम बम बनाने का कोई इरादा नहीं। और ईरान के दरवाजे सबके लिए खोल दे और साथ ही यह ऐलान किया कि दुनिया की कोई भी
14:55
Speaker A
एजेंसी ईरान आकर खुद देखे कि ईरान का एटम बम बनाने का कोई इरादा नहीं है। लेकिन यूएन की टीम ने ईरान जाकर यह देखा कि ईरान के सारे न्यूक्लियर प्लांट्स बिल्कुल उसी डिज़ पर बने हैं जिस तरह पाकिस्तान में
15:08
Speaker A
बनाए गए। और पूरी दुनिया को समझ आ गई कि ईरान ने यह टेक्नोलॉजी पाकिस्तान से खरीदी है। और पाकिस्तान पर इतना प्रेशर बढ़ने लगा कि खुद अब्दुल कदीर खान ने टीवी पर आकर इस बात को एक्सेप्ट किया और फिर सबसे माफी
15:23
Speaker A
मांगी। मच इट इज ट्रू। और पाकिस्तान ने दुनिया को खुश करने के लिए अब्दुल कदीर खान को गिरफ्तार करके उसे अपने ही घर में बंद कर दिया। खामिनाई के इस फतवे के बाद अमेरिका के पास ईरान पर हमला करने का अब
15:35
Speaker A
कोई बहाना नहीं था। लेकिन दुनिया में एक कंट्री ऐसी थी जो बार-बार अमेरिका को ईरान पर हमला करने के लिए मजबूर करती प्रेशर ऑन ईरान। लेकिन अमेरिका ने इजराइल की बात नहीं मानी। लेकिन आहिस्ताआहिस्ता हालात बदलने लगे। ईरान के एक बहुत ही इंपॉर्टेंट
15:50
Speaker A
आदमी ने फ्रांस में बैठकर एक बहुत ही अजीब बात लिखी कि आयतुल्लाह खामिनाई का एटम बम को हराम कहने का फतवा। एक झूठा फतवा है और वो इस्लाम के एक कांसेप्ट तकिया के पीछे छुप रहा है। इस्लाम में तकिया का मतलब यह
16:04
Speaker A
है कि कोई भी शख्स अपनी जान बचाने के लिए झूठ बोल सकता है। तो इस आदमी ने कहा कि खामिनाई ईरान के लोगों की जान बचाने के लिए यह झूठा फतवा दिया है। और यह शख्स महमूद मुराद खान ने कोई आम आदमी नहीं।
16:19
Speaker A
खामिनाई की बहन का बेटा है। मतलब उसका अपना भतीजा था। खामिनाई की बहन और उसका यह बेटा ईरान में उसके सबसे बड़े दुश्मनों में से है। इन्हीं दिनों अमेरिका का भी ईरान पर शक बढ़ने लगा। जिसके बाद आखिर
16:33
Speaker A
2009 में अमेरिका ने ईरान पर बहुत ही सख्त सेंशंस लगाए। सिग्निफिकेंट रिजीम ऑफ़ सेंशंस। इस ग्राफ को देखें। अमेरिका के सेंशंस से पहले ईरान की इकॉनमी बहुत तेजी से ऊपर जा रही थी। लेकिन जैसे ही अमेरिका ने सेंशंस लगाए, ईरान की पूरी इकॉनमी
16:47
Speaker A
बिल्कुल बैठ गई। अमेरिका के इन सेंशंस के बाद ईरान जैसी ऑयल और गैस से मालामाल कंट्री बिल्कुल बैंककरप्ट होने लगी। अमेरिका की मर्जी के बगैर ईरान अपना गैस पूरी दुनिया में किसी को नहीं बेच सकता। इवन अपने करीबी मुल्क पाकिस्तान से डील के
17:03
Speaker A
बाद भी पाकिस्तान ईरान से गैस नहीं खरीदता। और ईरान की सस्ती गैस छोड़कर दूर क़तर से एलएनजी मंगवाता है। यह ऐसा ही है कि कोई किसी बड़े चौधरी के डर से अपने घर के पास वाली दुकान की चीजों को छोड़कर रोज
17:17
Speaker A
दूर जाकर महंगी चीजें खरीदता हो। सिर्फ तीन बड़ी कंट्रीज दुनिया में ऐसी हैं जो ईरान के साथ आज भी बिजनेस करती हैं। चाइना, रशिया और इंडिया। आखिर अमेरिका के इन सेंशंस की वजह से ईरान के हालात इतने खराब हुए कि ईरान की गवर्नमेंट अमेरिका से
17:32
Speaker A
डील करने के लिए तैयार हो गई। और आखिर अमेरिका के प्रेसिडेंट बराक ओबामा के साथ ईरान ने न्यूक्लियर डील अंडरस्टैंडिंग कि ईरान एटम बम नहीं बनाएगा जिसके बदले में अमेरिका ईरान से सारे सेंशंस हटा दे और ईरान की इकॉनमी दोबारा स्ट्रांग हो
17:50
Speaker A
जाएगी जो दोनों मुल्कों के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी थी लेकिन पहले दिन से अमेरिका में एक शख्स ऐसा था जो इस डील के सख्त खिलाफ था डॉन्ड ट्रंप नथिंग और डोन्ड ट्रंप इस डील के इसलिए खिलाफ था क्योंकि
18:03
Speaker A
अमेरिका अमेरिका में यहूदियों का एक बहुत बड़ा नेटवर्क जिनके सपोर्ट के बगैर अमेरिका में कोई कुछ भी नहीं कर सकता। इसीलिए अपने पहले इलेक्शंस जीतने के कुछ ही अरसे बाद डोनल्ड ट्रंप ने ईरान से की हुई डील खत्म
18:16
Speaker A
करना और एक बार फिर ईरान की इकॉनमी कमजोर करने के लिए ईरान पर सख्त सेंश लगाएं जिससे ईरान की इकॉनमी एक बार फिर तेजी से गिरने लगी। लेकिन ऑफ कोर्स ईरान भी ईरान है। वो बाकी मुस्लिम दुनिया की तरह डर कर
18:37
Speaker A
खामोश रहने वाला नहीं था। जैसे ही ट्रंप ने ईरान पर पाबंदियां लगाई, ईरान ने अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम दोबारा शुरू किया। लेकिन दूसरी तरफ डोन्ड ट्रंप को भी सब जानते कि वो दुनिया में अपने अलावा किसी की भी बदमाशी बर्दाश्त नहीं करते।
18:51
Speaker A
जब ईरान ने अमेरिका की आंखों में आंखें डाली। डॉनल्ड ट्रंप ने उन्हें सबक सिखाने के लिए अचानक एक दिन एक मिसाइल हमले से ईरान के आर्मी चीफ कासिम सुलेमानी को उड़ा दिया। बीन ये ईरान और उसके आवाम के लिए बहुत ही
19:06
Speaker A
बेइज्जती की बात थी कि कोई इतनी आसानी से पूरी दुनिया के सामने उनके आर्मी चीफ को मार दे जिससे आहिस्ता-आहिस्ता ईरान में अमेरिका के खिलाफ गुस्सा बढ़ने लगा। और जैसे ही सुलेमानी की मौत के बाद ईरान में नए इलेक्शंस हुए, ईरान के अगले
19:24
Speaker A
इलेक्शंस में एक नया प्रेसिडेंट आया इब्राहिम रईस। बिस्मिल्लाह रहमान रहीम। मजाक जो ईरान का बहुत ही सख्त प्रेसिडेंट था और किसी हाल में भी अमेरिका और इजराइल के सामने झुकने के लिए तैयार नहीं था। इब्राहिम रईसी के प्रेसिडेंट बनते ही ईरान
19:39
Speaker A
का न्यूक्लियर प्रोग्राम दोबारा बढ़ने लगा और इसके साथ ही सदर बनते ही सबको यह बात क्लियरली समझा दी कि ईरान अब अमेरिका से कोई डील नहीं करेगा। [संगीत] और इसके साथ ही उन्होंने इजराइल के खिलाफ लड़ने वाले सारे ग्रुप्स को फंडिंग और
19:58
Speaker A
वेपन्स भेजना शुरू किए और उन्हीं के दौर में इजराइल और गजा के लेकिन हम सबको पता है जब कोई भी लीडर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ इतना ओपनली बोलता है तो उसके साथ क्या होता द प्रेसिडेंट रईसी डाइड व्हेन द हेलीकॉप्टर
20:16
Speaker A
क्रैश ऑन रईसी के जाने के बाद आज से एक साल पहले ईरान में दोबारा इलेक्शंस हुए जिसमें ईरान की आवाम ने इब्राहिम रईसी से बिल्कुल ऑपोजिट लीडर चूज़ किया जो एक बहुत ही सॉफ्ट और काम इंसान है। जिसने प्रेसिडेंट बनते ही सबसे पहले ऐलान
20:34
Speaker A
किया कि हम आज भी आयतुल्लाह खामिनाई के उसी फतवे के साथ मजबूती से खड़े हैं। और ईरान कभी भी एटम बम नहीं बनाएगा। न्यू सो दे आर नॉट डेवलपिंग न्यू। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अमेरिका बल्कि
20:51
Speaker A
पूरी दुनिया के साथ डील करने को तैयार है। जिससे बहुत ही सीक्रेटली आज से कुछ ही अरसा पहले अमेरिका और ईरान की दोबारा डील के लिए मीटिंग्स होने लगी। लेकिन इजराइल कभी भी यह नहीं चाहता कि अमेरिका और ईरान
21:06
Speaker A
की आपस में डील हो जाए। और इजराइल हर तरह की कोशिश करने लगा। जिसके बाद इजराइल दोबारा ईरान पर झूठे इल्जाम लगाने लगा। ईरान हैज़ नेवर गिवेन अप इट्स क्वेस्ट फॉर न्यूक्लियर वेपन्स। कि ईरान एक महीने के अंदर-अंदर एटम बम्ब बनाने जा रहा है। इट
21:20
Speaker A
कुड बी विद इन अ फ्यू मंथ्स। जो वो पिछले 25 साल से कर रहा है। ईरान नेवर गिवन अप इट्स फॉर न्यूक्लियर वेपन दर्प्स ओनली फ्यू मंथ्स फ्यूक्स। प्रोड्यूस न्यूक्लियर वेपन इन शनि डिवाइस मंथ्स। ये कैसा एटम बम है जो पिछले 25 साल से एक
21:40
Speaker A
महीने में बनने वाला है। लेकिन आज तक नहीं बना। इजराइल ने ईरान पर ये इल्जाम भी लगाया कि ईरान बार-बार अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप को मारना चाहता है। इसीलिए आज इजराइल ईरान पर हमला करके ईरान के हर उस शख्स को चुन चुन कर मार रहा है।
22:00
Speaker A
टॉप एडवाइजर सुप्रीम लीडर हैज़ आफ्टर बीइंग जो अमेरिका के साथ डील करना चाहते हैं। और इन हमलों से इजराइल यही कोशिश कर रहा है कि किसी तरह ईरान गुस्से में आकर कोई ऐसा गलत कदम उठाए जिससे सुपर पावर अमेरिका
22:15
Speaker A
ईरान पर हमला कर दे और आज से बहुत साल पहले बनने वाली आयतुल्लाह खुमेनी की हुकूमत टूट जाए। सब्सक्राइब
Topics:ईरानअमेरिकाइस्लामिक क्रांतिआयतुल्लाह खुमैनीसद्दाम हुसैनपरमाणु हथियारद्वितीय विश्व युद्धपश्चिमीकरणइजराइलराजनीति

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