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911 | USA Vs Osama Bin Laden

9/11 के आतंकवादी हमलों का विस्तार से विश्लेषण, जिसमें अमेरिका और उसामा बिन लादेन के बीच संघर्ष की कहानी है।

Key Takeaways

  • 9/11 हमलों ने वैश्विक राजनीति और सुरक्षा नीतियों को पूरी तरह बदल दिया।
  • अमेरिका की सैन्य और खुफिया ताकतों ने आतंकवाद के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया।
  • हमलों के पीछे अल-कायदा और उसामा बिन लादेन का हाथ माना गया।
  • पैसेंजर्स की बहादुरी ने चौथे जहाज के हमले को रोकने में मदद की।
  • इस घटना ने अमेरिका और विश्व समुदाय को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट किया।

What the video covers

  • 9/11 के हमलों ने पूरी दुनिया, खासकर मुसलमानों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया।
  • अमेरिका, जो उस वक्त दुनिया की सबसे बड़ी सुपरपावर थी, को 19 आतंकवादियों ने चार जहाज हाईजैक कर निशाना बनाया।
  • पहले दो जहाज न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स से टकराए, जिससे भारी तबाही हुई।
  • तीसरा जहाज पेंटागन पर हमला करने के लिए वाशिंगटन की ओर बढ़ा।
  • चौथा जहाज, जिसे पैसेंजर्स ने हाईजैकर्स से लड़कर गिरा दिया, जिससे बड़ा नुकसान टला।
  • इस हमले में लगभग 3000 लोग मारे गए और अमेरिका को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
  • हमलों के बाद अमेरिका ने तालिबान सरकार को उसामा बिन लादेन सौंपने को कहा, लेकिन तालिबान ने इनकार किया।
  • अमेरिका ने अफगानिस्तान में सैन्य अभियान शुरू किया और कई वर्षों तक उसामा बिन लादेन को खोजा।
  • 2011 में अमेरिका ने पाकिस्तान के एबटाबाद में उसामा बिन लादेन का ऑपरेशन कर उसे मार गिराया।
  • इस घटना के बाद भी कई लोग इसे साजिश मानते हैं, लेकिन यह हमले और उनकी परिणति का व्यापक दस्तावेजीकरण हुआ।

Answers

Questions about this video

9/11 हमलों के पीछे कौन था?

9/11 हमलों के पीछे अल-कायदा संगठन और उसके नेता उसामा बिन लादेन को माना गया, जिन्होंने अमेरिका के चार जहाजों को हाईजैक कर हमला किया।

चौथे विमान का क्या हुआ था?

चौथे विमान को हाईजैकर्स ने सुसाइड मिशन के लिए इस्तेमाल किया, लेकिन पैसेंजर्स ने मिलकर हाईजैकर्स पर हमला किया और विमान को गिरा दिया, जिससे बड़ा नुकसान टला।

अमेरिका ने 9/11 के बाद क्या कदम उठाए?

अमेरिका ने तालिबान सरकार से उसामा बिन लादेन को सौंपने को कहा, अफगानिस्तान में सैन्य अभियान शुरू किया और अंततः 2011 में उसामा बिन लादेन को मार गिराया।

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Speaker A
[संगीत] 9/11 यानी 21वीं सदी की सबसे बड़ी खबर, जिसने एक दिन में पूरी दुनिया की मुसलमानों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। जिसमें एक तरफ दुनिया की सबसे बड़ी सुपर पावर अमेरिका थी, यास य और दूसरी तरफ एक आदमी सादी बिलर सामा।
00:30
Speaker A
बिन लादेन फर वट वा देन द वांटेड टेररिस्ट रिस्पांसिबल फॉर किंग थाउ। यह कोई पहली दफा नहीं था कि किसी ने अमेरिका के इन दो टावर्स को गिराने की कोशिश की हो, क्योंकि यह ट्विन टावर्स उस वक्त दुनिया
00:45
Speaker A
की सबसे लंबी बिल्डिंग्स में से एक थी। एंड विदाउट एनी डाउट ये बिल्डिंग्स दुनिया की सबसे मशहूर बिल्डिंग्स थी, क्योंकि इस बिल्डिंग के अंदर और आसपास ऑलमोस्ट 500 हॉलीवुड मूवीज बनाई गई थी। तो जो भी इन बिल्डिंग्स को गिराना चाहता था, उसे अच्छी
00:59
Speaker A
तरह पता था कि जब न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ये बिल्डिंग्स गिरें तो यह आने वाली दुनिया की सबसे बड़ी न्यूज़ होगी। जैसे अगर आज कोई बुर्ज उल खलीफा को गिरा दे। आज से एक्जेक्टली 23 साल पहले दुनिया
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Speaker A
की सिचुएशन यह थी कि सोवियत यूनियन टूट चुका था और चाइना की इतनी औकात नहीं थी उस जमाने में। तो अमेरिका दुनिया का वन एंड ओनली वाहिद सुपर पावर था, जिसकी ताकत को चैलेंज करने वाला दुनिया में कोई भी नहीं
01:23
Speaker A
था। लेकिन अचानक एक आम से दिन 11 सितंबर 2001 को 19 लोग अमेरिका के चार बड़े जहाजों को हाईजैक करने के लिए अलग-अलग एयरपोर्ट्स पहुंचे। अमेरिका की अब तक सारी रिपोर्ट्स देखकर यही लगता है कि यह 19 में
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Speaker A
से 19 लोग मुसलमान थे और इन सब का ताल्लुक सऊदी, इजिप्ट, लबल और यूएई से था। हर जहाज को हाईजैक करने के लिए पांच लोगों की टीम्स बनाई गई, जिसमें हर आदमी का अपना बहुत ही इंपॉर्टेंट रोल था और इस सब के लिए वो
01:52
Speaker A
पिछले कई महीनों से ट्रेनिंग भी हासिल कर रहे थे। तो आखिर ये चार जहाज अपने एयरपोर्ट से रवाना हुए और जैसे ही इन जहाजों ने टेक ऑफ किया, इन लोगों ने प्लेंस को हाईजैक करने का प्लान स्टार्ट कर दिया। और प्लान
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Speaker A
के मुताबिक सिर्फ 15 मिनट हवा में रहने के बाद पहले प्लेन में मौजूद पांच हाईजैकर्स खड़े हुए और कुछ छोटी छुरियां और बॉक्स कटर्स के साथ पूरे प्लेन को बहुत तेजी से हाईजैक कर लिया। और जहाज के दोनों पायलट को
02:17
Speaker A
मारकर अपना बंदा मोहम्मद अता को पायलट की सीट पर बिठाया और जहाज के सारे पैसेंजर्स को पिछली साइड पर धकेल दिया। और उन सारों को क्लीयरली बता दिया कि अब जहाज के दोनों पायलट मर चुके हैं, तो यह जहाज आप सिर्फ हमारा
02:30
Speaker A
बंदा मोहम्मद अता ही लैंड करा सकता है, जिससे सारे पैसेंजर्स चुप होकर खड़े हो गए। लेकिन हाईजैकर्स कभी इस प्लेन को लैंड करना चाहते ही नहीं थे। अब जब इस जहाज का नया पायलट मोहम्मद अता पैसेंजर्स को यह
02:43
Speaker A
बातें समझा रहा था तो उसने गलती से जहाज के एक और बटन को भी दबा दी, जिससे वो सीधा न्यूयॉर्क एयरपोर्ट के टावर के साथ कनेक्ट हो गया। और उसने कहा, "स् क्ट एंड य बी ओके टंग टू द एयरपोर्ट के सब आराम से बैठ जाओ,
02:56
Speaker A
हम इस जहाज को एयरपोर्ट की तरफ ही लेकर जा रहे हैं।" नाउ यह सुनकर न्यूयॉर्क के एयरपोर्ट में कंफ्यूजन फैल गई और उन्होंने जल्दी से एयरपोर्ट के रनवे से सारे जहाजों को हटाकर रनवे क्लियर कर दी। और इस जहाज का
03:08
Speaker A
इंतजार करने लगे। इसके बाद अगेन मोहम्मद अता गलती से दोबारा एयरपोर्ट के टावर के साथ कनेक्ट हुआ और उसने कहा, मतलब कोई इतने खतरनाक मिशन में इतना रिलैक्स कैसे हो सकता है। खैर यह जहाज पहले बस्टन से लॉस ए की
03:30
Speaker A
तरफ जा रहा था, जो काफी लंबा सफर है। तो मोहम्मद अता ने इस जहाज को 100 डिग्री टर्न किया और न्यूयॉर्क की तरफ बढ़ने लगा। और जैसे ही वह न्यूयॉर्क के सिटी के करीब पहुंचा, जहाज बहुत तेजी से अपनी हाइट
03:42
Speaker A
से नीचे आने लगा। और क्लीयरली सबको ऐसा ही लग रहा था कि यह जहाज इसलिए नीचे आ रहा है ताकि ये न्यूयॉर्क के एयरपोर्ट पर लैंड कर सके। इसीलिए उधर एयरपोर्ट में भी यह देखकर सारे लोग इस जहाज का इंतजार करने लगे। बट
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Speaker A
काफी वक्त गुजरने के बाद भी जहाज नहीं पहुंचा। और एयरपोर्ट में सारे लोग कंफ्यूज कि आखिर यह जहाज गया कहां। तो आखिर किसी ने आकर उन्हें बताया कि यह जहाज वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की बिल्डिंग से क्रैश कर चुका
04:07
Speaker A
है। अब सिर्फ एयरपोर्ट वालों को ही पता था कि असल में यह हुआ क्या है, लेकिन अमेरिकन मीडिया को इस बारे में कुछ पता नहीं था। इसीलिए हर न्यूज़ चैनल ने इसे एक बहुत बड़ा एक्सीडेंट कहकर ब्रॉडकास्ट करना शुरू
04:20
Speaker A
किया। इस सब के दौरान अमेरिका का प्रेसिडेंट जॉर्ज बुश फ्लोरिडा में बच्चों के एक स्कूल में बैठा हुआ था। तो उनके सेक्रेटरी ने आके खामोशी से उन्हें इस इंसिडेंट का बताया। तो उनका भी फर्स्ट रिएक्शन यही था कि यह
04:35
Speaker A
कोई एक्सीडेंट ही होगा ना। पहले जहाज को टेक ऑफ के सिर्फ 15 मिनट बाद हाईजैक किया गया था, लेकिन दूसरे जहाज को बिल्कुल पहले जहाज की तरह ही 30 मिनट बाद हाईजैक किया गया। और जहाजों को हाईजैक करने की ये
04:47
Speaker A
टाइमिंग्स भी पहले से प्लान थी। मतलब जो भी इन हमलों के पीछे था, वह चाहता था कि दूसरे जहाज को क्रैश होते हुए पूरी दुनिया देख सके। मरवान अल शही, जिसकी उम्र सिर्फ 23 साल थी, अपने साथियों के साथ दूसरे प्लेन को भी
05:01
Speaker A
हाईजैक करके पायलट की सीट पर बैठ गया और अगेन प्लेन को लॉस एंजेलिस के बजाय न्यूयॉर्क की तरफ मोड़ दिया। अब जब पूरी दुनिया के न्यूज़ चैनल्स अपने नॉर्मल प्रोग्राम्स छोड़कर पहले जहाज के क्रैश को दिखा रहे थे और इसे एक बहुत बड़ा
05:15
Speaker A
एक्सीडेंट कह रहे थे, उसी टाइम पूरी दुनिया के सामने दूसरा जहाज फुल स्पीड आकर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दूसरे टावर से टकरा गया। जिसे देखकर पहले तो लोग थोड़ा कंफ्यूज हुए, लेकिन फिर आहिस्ता आहिस्ता सबको समझ आ गई कि यह सब कोई एक्सीडेंट नहीं बल्कि
05:36
Speaker A
हमला था। और अगेन अमेरिकन प्रेसिडेंट के सेक्रेटरी ने आके उनके कान में दोबारा यह बात बताई और कहा, "मिस्टर प्रेसिडेंट, अमेरिका इज अंडर अटैक, यूएस अंडर अटैक।" इसके बाद अमेरिकन आर्मी फुल हाई अलर्ट हुई और मुल्क के सारे जहाजों को लैंड करने का
05:52
Speaker A
हुकम दिया। लेकिन अभी भी दो जहाज ऐसे थे जिन्हें यह लोग हाईजैक कर चुके थे और किसी को पता नहीं था कि इन दोनों जहाजों का अगला टारगेट कौन सा होने वाला है। थर्ड जहाज को, जिसे एक सऊदी सिटीजन हानी हंजर
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Speaker A
उड़ा रहा था, उसने जहाज न्यूयॉर्क की तरफ टर्न करने के बजाय उसे अमेरिका के कैपिटल वाशिंगटन की तरफ टर्न किया। और जैसे ही वह वाशिंगटन के करीब पहुंचा, वह अपने जहाज को बहुत ही नीचे ले आया और जहाज की स्पीड फुल
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Speaker A
बढ़ा दी। और यह जहाज बहुत तेजी से दुनिया की सबसे इंपॉर्टेंट बिल्डिंग्स में से एक पेंटागन की तरफ बढ़ रहा था। और दुनिया की नंबर वन इंटेलिजेंस एजेंसी सीआईए हेड [संगीत] क्वार्टर। इस जहाज के पेंटागन पर क्रैश
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Speaker A
होने के बाद पूरी दुनिया वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को छोड़कर पेंटागन के क्लिप्स दिखाने लगी। लेकिन अभी भी एक जहाज मिसिंग था। जब यूएस आर्मी ने इस जहाज की डायरेक्शन चेक की तो उन्होंने देखा कि यह जहाज भी वाशिंगटन की तरफ ही बढ़ रहा है और हो सकता
06:52
Speaker A
है यह अमेरिका की पार्लियामेंट कैपिटल को टारगेट करें। तो मजबूरन इस जहाज को गिराने के लिए अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट के ऑर्डर्स पर दो फाइटर जेट्स फुल स्पीड रवाना किए गए। और इन जेट्स को यह ऑर्डर दिया गया था कि इस जहाज को हर हाल में
07:06
Speaker A
गिराना लाजमी है, चाहे सारे पैसेंजर्स मर भी जाएं। तीन जहाज तो बिल्कुल प्लान के मुताबिक अपने टारगेट्स तक पहुंच चुके थे, लेकिन चौथा जहाज जिसे जैद जर्राह चला रहा था, अपने टारगेट कैपिटल तक कभी पहुंच ही नहीं सका। क्योंकि जब यह जहाज हाईजैक किया
07:22
Speaker A
गया था तब तक वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला हो चुका था। जैद जर्रा ने दोबारा सारे पैसेंजर्स को उसी तरह बता दिया कि सब आराम से बैठ जाओ, हम एयरपोर्ट की तरफ ही जा रहे हैं। लेकिन जब पैसेंजर्स में से एक ने जहाज
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Speaker A
के फोन से अपनी बीवी से राबता किया तो उसकी बीवी ने उसे बताया कि यह हाईजैकर्स झूठ बोल रहे हैं और यह एयरपोर्ट नहीं जा रहे, बल्कि यह एक सुसाइड मिशन है। इस बंदे ने जाके बाकी पैसेंजर्स को भी समझाया कि
07:48
Speaker A
देखो मरना तो वैसे भी है, लेकिन इससे पहले कि यह हाईजैकर्स इस प्लेन को किसी बिल्डिंग पर क्रैश करें, हम सब खुद ही इस जहाज को गिरा देते हैं। जिस पर इन सारे पैसेंजर्स ने मिलकर हाईजैकर पर हमला कर
08:00
Speaker A
दिया। जिसे देखकर जैद जरा ने प्लेन को ऊपर नीचे और साइड टू साइड हिलाना शुरू किया। लेकिन बहुत कोशिश करने के बाद भी पैसेंजर्स आखिर जहाज के कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंच गए। और वह जैसे ही जहाज के दरवाजे
08:13
Speaker A
को तोड़ने वाले थे, तो इस जहाज के पायलट जैद जर्राह ने जहाज की स्पीड फुल बढ़ा दी और इसका मुंह जमीन की तरफ किया। और इस तरह यह चौथा और आखिरी जहाज तबाह हो [संगीत] गया। अब पूरी दुनिया के न्यूज़ चैनल्स अगेन
08:32
Speaker A
चौथे जहाज को दिखाने लगे। तो अचानक सिर्फ एक घंटे बाद न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का साउथ टावर [संगीत] कोलैप्स। 1000 लोग हलाक हुए। और इसकी कुछ ही देर बाद दूसरा टावर भी गिर गया और उसमें भी 1600 लोग हलाक हुए। ओवरऑल
08:57
Speaker A
9/11 के इन चार हमलों में 3000 लोग मारे गए, जिनमें से 200 लोग तो सिर्फ ऐसे थे जिन्होंने इन बिल्डिंग में लगी आग की वजह से वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के टॉप फ्लोर से छलांग लगाकर मरे थे। लेकिन इन हमलों के कुछ
09:09
Speaker A
ही दिन बाद मोहम्मद अता, जो इस सारे प्लान का लीडर था, उसकी वालिद का एक इंटरव्यू सामने आया जिसमें उसने यह सब मानने से इंकार कर दिया और सारा मलबा इजराइल की इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद पर डाल दिया। और कहा कि इस्लाम में ऐसे किसी अटैक
09:28
Speaker A
की इजाजत है ही नहीं। और इस तीसरे और चौथे जहाज के पायलट के मां-बाप ने भी अमेरिका के रिपोर्ट्स मानने से इंकार कर दिया। और अगर इन अटैकर्स की फैमिलीज को देखा जाए तो यह कोई आम गरीब लोग नहीं थे, बल्कि ये सारे
09:40
Speaker A
अटैकर्स बहुत ही वेल ऑफ रिच फैमिलीज से थे। 9/11 का यह हमला इतना...
09:54
Speaker A
ऑलमोस्ट न बिलियन डॉलर्स लगे थे लेकिन फिर भी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के गिरने से अमेरिका को इतना नुकसान नहीं हुआ असल नुकसान इन बिल्डिंग से थोड़ी सी दूरी पर एक दूसरी बिल्डिंग में हुआ जिसे लोग हमेशा भूल जाते हैं और वो बिल्डिंग थी न्यूयॉर्क
10:10
Speaker A
स्टॉक एक्सचेंज मार्केट ग एब्सलूट हैमर्ड एजें इन हमलों के बाद अमेरिका की मार्केट्स में पैनिक फैल गया और अमेरिका की स्टॉक एक्सचेंज क्रैश करने लगी और ऑलमोस्ट सारे कंट्रीज के स्टॉक्स गिरने लगे जिसमें सबसे बड़ा नुकसान उठाया वरन
10:25
Speaker A
बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने और कहा जाता है कि इन हमलों से अमेरिका को 1.4 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ और अमेरिका की जीडीपी जो इससे पहले 4 और 5 पर पर ग्रो कर रही थी 2001 के हमलों के बाद 1 पर से
10:39
Speaker A
भी नीचे आ गई लेकिन अब जब स्टॉक एक्सचेंज में सारी कंपनीज के स्टॉक्स नीचे जा रहे थे तो कुछ कंपनीज दरमियान में ऐसे भी थी जिन्होंने इन हमलों से नुकसान की बजाय बहुत ज्यादा प्रॉफिट किया और इन कंपनीज के
10:52
Speaker A
शेयर्स ऊपर जाने लगे और यह कंपनीज थी वॉर कंपनीज गंस बनाने वाली कंपनीज फाइटर जेट्स और टैंक्स बनाने वाली कंपनीज अमेरिका के ऑलमोस्ट सारे इन्वेस्टर्स अपने पैसे इन कंपनीज में इन्वेस्ट करने लगे और यह लोग ऐसा क्यों कर रहे थे क्योंकि सबको पता था
11:08
Speaker A
कि अमेरिका अब इन 911 के बदला लेने में एक बहुत बड़ी जंग शुरू करेगा जिसकी वजह से पूरी दुनिया गौर से अमेरिकन प्रेसिडेंट जॉर्ज बुश की तरफ देख रही थी कि आखिर किसने और क्यों दुनिया की इतनी बड़ी सुपर
11:22
Speaker A
पावर अमेरिका के साथ ऐसा करने की जुर्रत की है और पूरा अमेरिका गुस्से से भरा हुआ था इन हमलों के कुछ दिन बाद जॉर्ज बुश आखिर पूरी दुनिया के सामने आए और सबको बताया कि इन हमलों के पीछे कोई मुल्क या
11:36
Speaker A
गवर्नमेंट नहीं थी बल्कि यह एक टेररिस्ट अटैक था और इन अटैक्स के पीछे सिर्फ एक ही ऑर्गेनाइजेशन थी अलकायदा पनम उमा बिन लान मे अदर र् इं और उसका लीडर उसामा बिन लाद जो इस सबसे बहुत दूर आराम से
11:54
Speaker A
अफगानिस्तान में बैठा हुआ था नाउ अब जब पूरी दुनिया उसामा बिन नादन को इन हमलों के लिए ब्लेम कर रही थी तो उसामा बिन लादीन सामने आए और अलजजीरा को इंटरव्यू देकर कहा कि मेरा इन हमलों से कोई ताल्लुक
12:06
Speaker A
नहीं है लेकिन उन्होंने कुछ बाकी बयान भी ऐसे दिए जिसकी वजह से पूरी दुनिया के लोग कंफ्यूजन में थे कि यह इसने किया है या नहीं किया इन हमलों के बाद सिर्फ उसामा ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमान और
12:17
Speaker A
स्कॉलर्स सामने आए और इन हमलों की सख्त मुखालफत की क्योंकि अगर किसी ने भी रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी के बारे में पढ़ा हो तो उसे पता होगा कि आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हर जंग से पहले मुसलमानों को यह ऑर्डर्स दिया
12:29
Speaker A
करते थे कि जंग के दरमियान भी किसी औरत बच्चे बूढ़े और इवन दरख्तों को भी नहीं काटना और फार्मर्स और दूसरे रिलीजन के प्रीस्ट को भी नहीं मारना सिर्फ उनसे लड़ना जो तुमसे लड़े मतलब इतने सॉफ्ट स्पोकन और हमेशा माफ करने वाले प्रोफेट
12:45
Speaker A
मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के रिलीजन के नाम पर कोई कैसे ऐसे कर सकता था इसीलिए इन हमलों के बाद ओआईसी मुसलमानों की सबसे बड़ी ऑर्गेनाइजेशन सामने आए और उसने भी 911 के इन हमलों की मुखालफत की और उनके अलावा मक्का के ग्रैंड मुफ्ती ने भी
12:59
Speaker A
यह बयान दिया कि यह हमले इस्लाम के खिलाफ हैं और इवन अमेरिका के दुश्मन समझे जाने वाले आयतुल्लाह खाम आई ने भी यह बयान दिया कि इन हमलों का इस्लाम से कोई ताल्लुक नहीं है लेकिन इस सब के बाद भी इस्लाम की
13:10
Speaker A
इमेज वेस्टर्न कंट्रीज में बहुत ही खराब होने लगी और इस्लामोफोबिया बढ़ने लगा फॉर एग्जांपल लोग रोड पर हिजाब पहनने वाली औरतों को मारने लगे और वेस्टर्न कंट्रीज में बहुत सारे मुसलमानों को जॉब से निकाला गया और कुछ मुसलमानों को तो जान से भी
13:24
Speaker A
मारा गया और टीवीज पर पहली दफा ये डिबेट स्टार्ट हुई कि क्या इस्लाम एक पीसफुल रिलीजन है भी या नहीं इस्लाम इज नॉट ए रिलीजन ऑफ पीस लेकिन इन सब चीजों के बाद भी पूरी दुनिया के मुसलमानों का यही सेंस
13:37
Speaker A
था कि यह हमले चाहे जिसने भी किए हम इस सबके खिलाफ है नाउ उसामा बिन लाद के इंकार करने के बाद भी अमेरिका ने सारा ब्लेम उसामा बिन लादीन पर ही डाला अमेरिका ने अफगानिस्तान की गवर्नमेंट तालिबान को
13:49
Speaker A
अल्टीमेटम दिया कि अलकायदा के सारे लीडर्स इंक्लूडिंग उसामा बिन लदन को हर हाल में अमेरिका के हवाले किया जाए लेकिन अफगानिस्तान ने ऐसा नहीं किया क्योंकि अफगानिस्तान इससे कुछ ही साल पहले एक बहुत बड़ी सुपर पावर सोवियत यूनियन को 10 साल
14:04
Speaker A
जंग के बाद हरा चुका था और उसामा बिन लादीन ने उस जंग में अफगान की मदद के लिए बहुत बड़ा रोल प्ले किया था जिसकी वजह से तालिबान गवर्नमेंट जिसका लीडर मुल्ला मोहम्मद उमर था उसामा बिन लादने की बहुत
14:15
Speaker A
ही रिस्पेक्ट किया करती थी जिस पर तालिबान ने अमेरिका की गवर्नमेंट से कहा कि आप जिस पर ब्लेम लगा रहे हैं वो बंदा तो मान ही नहीं रहा कि उसने ये सब किया है आप हमें प्रूव्स हम खुद उसे सजा देंगे और बगैर
14:26
Speaker A
प्रूव्स के हम अपने गेस्ट को किसी के हवाले नहीं कर सकते बट अमेरिका ने उनकी यह ऑफर नहीं मानी और कहा देखो मैं एक सुपर पावर हूं और तुम एक आम से गरीब मुल्क हो मुझे तुम्हें सबूत देने की कोई जरूरत नहीं
14:37
Speaker A
है यह बंदा मेरे हवाले करो बस वरना हम अफगानिस्तान पर हमला करके तालिबान को खत्म कर देंगे क्योंकि अमेरिका के जनरल्स ने इससे पहले ही अपनी रिसर्च कर ली थी कि तालिबान हमारे सामने सिर्फ कुछ ही हफ्तों के लिए खड़े हो सकते हैं उसके बाद हम
14:50
Speaker A
इन्हें खत्म कर देंगे लेकिन तालिबान बीइंग पठान उन्होंने ऑफकोर्स उनकी बात नहीं मानी तो अमेरिका ने भी अफगानिस्तान पर हमले की प्लानिंग शुरू कर दी इस जंग को को रोकने के लिए तालिबान ने एक और आखिरी कोशिश भी
15:02
Speaker A
की और अमेरिका से कहा कि हम उसामा बिन लाद को एक थर्ड कंट्री के हवाले करते हैं जो ना आपकी सुनता हो ना हमारी और वो इंडिपेंडेंटली फैसला करें बट अमेरिका अपने ताकत के फुल नशे में था और उसने
15:13
Speaker A
अफगानिस्तान की यह ऑफर भी नहीं मानी और 9 के सिर्फ एक महीने बाद अफगानिस्तान पर हमला कर [प्रशंसा] दिया जॉर्ज बुश ने इस जंग को एक क्रुसेड कहा और इसका नाम रखा वॉर ऑन टेरर दिस क्रुसेड दिस वर ऑन टेरिम और हर तरफ से
15:31
Speaker A
अपनी फौज अफगानिस्तान की तरफ भेजना शुरू की और अफगानिस्तान के अंदर जो तालिबान के खिलाफ सबसे ताकतवर अफगान था अहमद शाह मसूद अमेरिका ने उसकी आर्मी को फुल सपोर्ट किया और बिल्कुल अमेरिका के प्लान के मुताबिक तालिबान को निकाल कर पूरे अफगानिस्तान को
15:47
Speaker A
फतह कर लिया लेकिन यह सब करने के दरमियान अमेरिका के रास्ते में एक बहुत बड़ा हर्डल था मीडिया और स्पेशली अल जजीरा क्योंकि पूरी दुनिया का मीडिया अब तक सिर्फ अमेरिका की साइड ही दिखा रहा था लेकिन अलजजीरा वाहिद चैनल था जो दोनों साइड्स को
16:02
Speaker A
दिखा रहा था अमेरिकन साइड और अफगान साइड अलजजीरा ने अपने टीवी पर ऐसे वाकत में दिखाए जिसमें अमेरिकन जेट सिर्फ तालिबान को नहीं बल्कि सिविलियंस को भी टारगेट कर रहे थे जिसे अब तक बाकी सारे चैनल्स बीबीसी सीएनए वगैरह नहीं दिखा रहे थे तो
16:16
Speaker A
इस पर अमेरिका की फौज को बहुत गुस्सा आया और उन्होंने अफगानिस्तान पर हमले के सिर्फ चार हफ्ते बाद काबुल में अलजजीरा के हेड क्वार्टर को अपने एक जहाज से उड़ा दिया ताकि अलजजीरा वहां रिपोर्टिंग ना कर सके और इवन इनके कैमरा मैन को दुनिया के सबसे
16:31
Speaker A
खतरनाक प्रिजन क्वांत नाम बे भेजा ताकि इन सब चीजों से अलजजीरा का मुंह बंद हो सके अमेरिकन जनरल्स की प्लानिंग बिल्कुल सही थी क्योंकि 911 के सिर्फ 3 महीने बाद तालिबान की गवर्नमेंट अफगानिस्तान में खत्म हो गई जिसके बाद अफगानिस्तान का कोई
16:45
Speaker A
भी लीडर नहीं था इसीलिए अमेरिका ने अफगानिस्तान के एक नए लीडर की तलाश शुरू कर दी और जर्मनी की सिटी बोन में एक बहुत बड़ी कॉन्फ्रेंस कराई जिसमें उन्होंने कुछ अफगान लीडर्स को भी बुलाया और इन सबको बिठाकर जर्मनी से अफगानिस्तान के लिए एक
16:58
Speaker A
नया लीडर चूज किए हामिद कर्जई जो बिल्कुल तालिबान के ऑपोजिट था अनफुलफिल्ड [संगीत] आदमी लगता था और सीआईए का फेवरेट था हामिद कर्जे को अमेरिका ने अफगानिस्तान का नया प्रेसिडेंट बनाया और इसकी हुकूमत को स्ट्रांग करने के लिए एक नई फौज ट्रेन की
17:19
Speaker A
और एक नई गवर्नमेंट बनाई दूसरी गवर्नमेंट्स को निकालना और अपनी पसंद की गवर्नमेंट बिठाना अमेरिका का पुराना बिजनेस है लेकिन अगर अफगानिस्तान की हिस्ट्री को देखा जाए तो उन्होंने कभी भी बाहर से किसी लीडर को अपने ऊपर एक्सेप्ट
17:32
Speaker A
नहीं किया एंड टू टॉप दैट हामिद कर्जई की गवर्नमेंट इतनी करप्ट थी कि अफगान कौम उसे एक्सेप्ट कर भी नहीं सकती थी इसी तरह सब कुछ चलता रहा और ऐसा लग रहा था कि क्लीयरली तालिबान यह जंग हार चुके लेकिन
17:44
Speaker A
दो साल बाद 2003 में अमेरिका ने एक नई जंग शुरू की इराक वॉर सद्दाम हुसन एंड हि स मस्ट लीव इराक विथ 48 जिससे अमेरिका का सारा फोकस अफगानिस्तान से हटकर इराक की तरफ जाने लगा जहां उन्होंने सद्दाम हुसैन
18:00
Speaker A
को हटाने के लिए एक बहुत बड़ा झूठ बोला जिसे वो आज खुद भी मानते हैं वव रंग सद्दाम हुसैन की स्टोरी फिर हम किसी और वीडियो में एक्सप्लेन करेंगे जब अमेरिका का फोकस अफगानिस्तान से हट गया तो तालिबान ने आहिस्ता आहिस्ता मुल्ला उमर की
18:17
Speaker A
लीडरशिप में दोबारा री ग्रुप करना शुरू किया और अमेरिकन फोर्सेस पर छोटे-छोटे हमले करने लगे सद्दाम हुसैन की हुकूमत तो इराक में खत्म हो गई लेकिन उस जंग में अमेरिका ने इतनी बड़ी-बड़ी गलतियां की थी जिसे छुपा आना इंपॉसिबल था फॉर एग्जांपल
18:31
Speaker A
इराक में अमेरिका के एक जेल से कुछ पिक्चर्स रिलीज हुई जिसमें अमेरिकन फोर्सेस इराक को बहुत ही बुरी तरह ट्रीट कर रहे थे और यह पिक्चर्स पूरी दुनिया के मीडिया में फैल गई जिससे अमेरिका की इमेज बहुत ही खराब हो गई और उधर अफगानिस्तान
18:45
Speaker A
में तालिबान ने भी यह इमेज यूज करके अफगान को यह समझाने की कोशिश की कि देखो यह सब कुछ होता है अमेरिका के जेलों में इराक के इन जुल्मों की वजह से जब बुश इराक विजिट करने गए तो वहां उन्हें जूते भी मारे गए
18:58
Speaker A
इस सबसे अमेरिका की इराक में ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान में भी खराब हुई और तालिबान दोबारा मजबूत होने लगे इसके अलावा तालिबान की मजबूती का एक रीजन यह भी था कि अफगानिस्तान बहुत ही एक ट्राइबल सोसाइटी है और जब भी अमेरिकन फौज किसी एक अफगान को
19:13
Speaker A
मारती थी उसका सारा खानदान और कबीला तालिबान के साथ जाकर मिल जाता था तो इस तरह अफगान को मारने से तालिबान कमजोर होने के बजाय और स्ट्रांग होते जाते थे और इनके नंबर्स भी पहले से बहुत ज्यादा बढ़ चुके
19:25
Speaker A
थे नाउ एज वी सेड कि इससे पहले उसामा बिन लाद ने 911 के हमले में इवॉल्व होने से इंकार कर दिया था लेकिन 2004 की यूएस इलेक्शन से पहले उसामा बिन लादने की एक वीडियो सामने आई जिसमें उसने अमेरिकंस को
19:37
Speaker A
मुखातिब करके 911 की पूरी जिम्मेदारी एक्सेप्ट की और इस वीडियो में उसामा बिन लादीन ने उन 19 लोगों के लिए दुआएं भी की जिन्होंने 9911 किया था और अमेरिका को एक वार्निंग मिली कि वह दोबारा भी ऐसा कर
19:49
Speaker A
सकता है मतलब उसामा बिन लादने ने 911 के 3 साल बाद उसकी पूरी जिम्मेदारी उठा ली इस स्पीच के बाद जॉर्ज बुश दोबारा अमेरिका की पॉलिटिक्स में मजबूत हो गया और कुछ ही अरसे बाद इलेक्शंस जीत गया और इलेक्शन
20:01
Speaker A
जीतने के बाद उसने दोबारा फौजों को अफगानिस्तान में उसामा बिन लादीन के पीछे भेजा लेकिन फिर भी अगले 4 साल तक ना उसामा बिन लाद मिल सका और ना अफगानिस्तान फतह हो सका और ना तालिबान खत्म हो सके
20:12
Speaker A
अफगानिस्तान की यह जंग जो सिर्फ कुछ हफ्तों के लिए थी 911 के बाद 10 साल तक जारी रही और अब जॉर्ज बुश के बाद अमेरिका का नया प्रेसिडेंट भी आ चुका था बराक ओबामा ओबामा ने आते ही इस जंग को अपने
20:25
Speaker A
वादों के मुताबिक कम करने की बजाय और भी बढ़ा दिया और और भी ज्यादा अफगानिस्तान की तरफ भेजी जिससे वहां अमेरिकन फौज की तादाद 1 लाख से भी बढ़ गई और उसी के साथ ओबामा ने ड्रोन अटैक्स और एयर स्ट्राइक्स को भी
20:37
Speaker A
बढ़ा दिया और उसी की हुकूमत में आखिर 911 के 10 साल बाद 2011 में अमेरिका को आखिर एक टारगेट मिला उसामा बिन लादेन के बारे में जो अफगानिस्तान में नहीं बल्कि पाकिस्तान में छुपा हुआ था अब इस वाक के
20:49
Speaker A
दो वर्जंस एक तो अमेरिका और पाकिस्तान का वर्जन और दूसरा कुछ सीनियर जर्नलिस्ट का वर्जन उसामा बिन लादीन अपने तीन बीवियों बच्चों और ग्रैंड चिल्ड्रन के के साथ पिछले कई साल से पाकिस्तान की सिटी एटाबाद में रह रहा था जहां अमेरिका ने खुद ही
21:04
Speaker A
ऑपरेशन करके उसे ढूंढा और फिर उसे मार दिया जिसका पाकिस्तान की आर्मी और गवर्नमेंट को बिल्कुल भी पता नहीं था लेकिन कुछ सीनियर जर्नलिस्ट जैसे कि सीमो और हर्श के मुताबिक अमेरिका ने उसामा बिन लादीन को पकड़ने के लिए 25 मिलियन डॉलर
21:18
Speaker A
रखी थी इसीलिए पाकिस्तान आर्मी के एक रिटायर्ड कर्नल इकबाल सईद खान ने इन पैसों के लिए उसामा बिन लादने की लोकेशन अमेरिका के सीआईए तक पहुंचाई और इस खबर को कंफर्म कर ने के लिए अमेरिका ने एबटाबाद में शकील
21:31
Speaker A
अफरीदी के साथ एक फेक वैक्सीन कैंपेन शुरू की और एबटाबाद के इस घर को हर तरफ से स्कैन करने लगा अमेरिकन ड्रोन और सैटेलाइट ने भी इस घर को 24 घंटे रिकॉर्ड करना शुरू किया और अचानक एक दिन उन्होंने इस घर के
21:45
Speaker A
लॉन में एक 6 फुट के आदमी को वॉक करता हुआ देखा इससे और कुछ बाकी चीजों से अमेरिका ने अंदाजा लगाया कि हो सकता है यही उसामा बिन लदन सीआईए ने उसामा पर हमले से पहले कुछ पाकिस्तानी एजेंट्स इस घर के पास भेजे
21:58
Speaker A
जिन्होंने जाकर वहां के सारे दरख्त काट दिए ताकि अमेरिका के हेलीकॉप्टर्स आराम से लैंड कर सकें और फिर आखिर 2 मई 2011 को प्रेसिडेंट ओबामा के ऑर्डर्स पर अफगानिस्तान के शहर जलालाबाद से दो हेलीकॉप्टर्स रात के टाइम में उसामा बिन
22:12
Speaker A
लादेन को मारने के लिए एबटाबाद की तरफ रवाना हुए जिसका पाकिस्तान आर्मी को बिल्कुल पता नहीं था और वहां अमेरिका में ओबामा और उसके मिनिस्टर्स यह सब कुछ लाइव देख रहे थे यह हेलीकॉप्टर्स उसामा बिन लादीन के घर में लैंड हुए और सिर्फ 40
22:25
Speaker A
मिनट के ऑपरेशन के बाद उसामा बिन लादीन को मार दिया और उसकी बॉडी बॉडी को अपने साथ वापस अफगानिस्तान ले गए जहां उसका डीएनए टेस्ट करके यह कंफर्म किया गया कि यही उसामा बिन लादने है और फिर उसकी डेड बॉडी
22:37
Speaker A
की पिक्चर्स लेकर उसामा बिन लादीन की लाश को समंदर में फेंक दिया अमेरिकन आर्मी के मुताबिक उन्होंने उसकी बॉडी को समंदर में इसलिए फेंका और उसे जमीन पर इसलिए नहीं दफनाया क्योंकि ऐसा ना हो कि कोई आगे जाकर
22:49
Speaker A
उसकी कब्र पर एक बहुत बड़ा श्राइन मजार बना दे सीआईए ने उसामा बिन लादीन की लाश की पिक्चर्स यूएस प्रेसिडेंट ओबामा को भेजी लेकिन उन्होंने इसे रिलीज करने से इंकार कर नाइटेड स्ट कंडक्शन किमा बिन न लीर ऑफ आलका पाकिस्तान में बहुत सारे लोग
23:05
Speaker A
आज भी ऐसे हैं जो उसामा बिन लादीन के एटाबाद में होने को नहीं मानते और कहते हैं यह बहुत बड़ी एक कोई गेम या साजिश है लेकिन यह बिल्कुल गलत है क्योंकि एटाबाद के इस ऑपरेशन के कुछ ही दिनों बाद अलकायदा
23:17
Speaker A
ने अपने सीक्रेट वेबसाइट्स पर उसामा बिन लादीन की डेथ को एक्सेप्ट किया और कहा कि हम इसका बदला जरूर लेंगे जिसके बाद तालिबान ने भी उसकी डेथ को एक्सेप्ट किया और इवन उसामा बिन लाद के अपने बेटे हमजा
23:29
Speaker A
बिन लाद ने भी इस बात को सही कहा तो जब अमरिका और अलकायदा दोनों इस बात को मान रहे हैं तो पाकिस्तानियों को क्या मसला है नाउ उसामा बिन लाद के पांच बीवियों से उनके 11 बेटे थे और उसका बड़ा बेटा
23:40
Speaker A
अब्दुल्लाह बिन लादेन आज भी सऊदी अरब के सिटी जद्दा में खामोशी से अपना बिजनेस चला रहा है लेकिन उसकी हर मूवमेंट को सऊदी गवर्नमेंट बहुत केयरफुली नोट करती है उसामा बिन लाद का दूसरा बेटा उमर बिन लाद जो पब्लिकली अपने बाप और उसके मिशन को गलत
23:55
Speaker A
कहता है और उसने अपने बाप उसामा बिन लादीन के खिलाफ एक किताब भी लिखी है उसामा बिन लाद का तीसरा बेटा साद बिन लाद जो एक जमाने में अपने बाप का राइट हैंड हुआ करता था और उसामा उसे अपने बाद अलकायदा का नया
24:08
Speaker A
लीडर भी बनाना चाहता था लेकिन उसके इस बेटे साद बिन लाद को उसामा बिन लाद से पहले ही 2009 में मार दिया गया उसामा बिन लादेन का एक ही ऐसा बेटा था उसका चौथा बेटा हमजा बिन लादेन जो उसके बाद अलकायदा
24:21
Speaker A
के लीडर्स में से था और उसामा बिन लादेन के मौत के बाद वो बार-बार अलकायदा की तरफ से पब्लिक स्टेटमेंट्स भी दिया करता था लेकिन इसे भी 2008 18 और 19 के दरमियान अफगानिस्तान में मार दिया गया उसामा बिन
24:32
Speaker A
लादीन की जो फैमिली एबटाबाद में बच गई थी व पहले तो एक दो साल पाकिस्तान की कैद में रहे जिसके बाद उन्हें वापस अपने कंट्रीज में भेज लिया गया और आज वह सारे खामोशी से सऊदी और यमन में अपनी जिंदगियां गुजार रहे
24:43
Speaker A
हैं लेकिन किसी को नहीं पता कि उनकी एग्जैक्ट लोकेशन क्या है उसामा बिन लादीन की वफात के बाद उनके घर से बहुत सारे पर्सनल डॉक्यूमेंट भी मिले जिनमें उनकी कुछ रिकॉर्डिंग्स और उनके बच्चों के लिए कुछ वीडियो गेम्स भी शामिल थी इन
24:56
Speaker A
डॉक्यूमेंट को देखकर यह भी लगता है कि उसामा बिन लादीन को पहले से पता था कि एक दिन उसे इसी तरह अचानक मारा जाएगा इसीलिए इन डॉक्यूमेंट में से एक में उनकी आखिरी वसीयत भी मिलती है जिसमें वो लिखते हैं कि
25:08
Speaker A
मेरे पास अभी भी 40 मिलियन डॉलर्स पड़े हैं और मेरे बाद इन 40 मिलियन डॉलर से सिर्फ थोड़ा सा मेरी फैमिली को दिया जाए और बाकी सब अलकायदा को दिया जाए नाउ अब जब उसामा बिन लादीन को मार दिया गया था और
25:21
Speaker A
अमेरिका जिस काम के लिए अफगानिस्तान आया था वोह पूरा हो चुका था तो चाहिए तो यह था कि वह अफगानिस्तान को छोड़कर वापस चला जाए पर उन्होंने ऐसा नहीं किया और अगले 10 साल तक अफगानिस्तान में बैठे रहे क्योंकि
25:32
Speaker A
उसामा बिन लादीन तो अब कोई मसला नहीं था लेकिन अब दुनिया बिल्कुल चेंज हो चुकी थी और अफगानिस्तान के बहुत ही क्लोज एक नया सुपर पावर चाइना बनने वाला था और चाइना को कंट्रोल में रखने के लिए अमेरिका की
25:43
Speaker A
प्रेजेंस इस इलाके में लाजमी थी इसके अलावा उसामा बिन लातिन की मौत से कुछ ही अरसा पहले अमेरिका के एक इंस्टिट्यूट ने अफगानिस्तान में रिसर्च की और उन्हें पता चला कि अफगानिस्तान के जमीन के नीचे जो मिनरल्स पाए जाते हैं व दुनिया के सबसे
25:56
Speaker A
कीमती और रेयर मिनरल्स में से एक है जिन में से सबसे इंपॉर्टेंट मिनरल है लिथियम जिससे दुनिया की ऑलमोस्ट सारी बैटरीज बनती हैं अब अगर अमेरिका अफगानिस्तान को छोड़कर चला जाता तो चाइना बहुत ही आसानी से इन मिनरल्स तक पहुंच सकता था इसीलिए अगले 10
26:10
Speaker A
साल तक अफगानिस्तान में अमेरिका बैठा रहा लेकिन फिर भी अमेरिका की इतनी बड़ी ताकत और इतनी बड़ी फौज के बावजूद अफगानिस्तान में तालिबान की प्रेजेंस बढ़ती गई और आखिर मजबूरन 20 साल की जंग के बाद अमेरिका के नए प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने तालिबान
26:24
Speaker A
गवर्नमेंट के साथ डील कर लीड और अफगानिस्तान से आहिस्ता आहिस्ता अपनी फौज निकालने लगा और 20 साल ट्रेनिंग देने के बाद भी अफगानिस्तान की फौज कुछ दिनों के लिए भी तालिबान के सामने खड़ी ना हो सकी और अमेरिका के जाने के कुछ ही दिनों
26:39
Speaker A
बाद तालिबान बगैर किसी लड़ाई के 20 साल बाद दोबारा अपने कैपिटल काबुल में दाखिल हुए अफगानिस्तान की इस जंग को अमेरिका की सबसे बड़ी नाकामी समझा जाता है क्योंकि 20 साल लड़ाई के बाद भी अमेरिका ने तालिबान को कमजोर करने की बजाय और स्ट्रांग बना
26:53
Speaker A
दिया और इस जंग के बाद अफगानिस्तान को उसका टाइटल दोबारा मिल गया एज द ग्रेव यार्ड ऑफ एंपायर हायर्स 911 में 3000 अमेरिकंस मारे जाने के बाद जो पूरी दुनिया में वॉर ऑन टेरर शुरू हुई उसमें अब तक 4.6
27:06
Speaker A
मिलियन लोग 46 लाख लोग हलाक हो चुके हैं 4 करोड़ लोग अपने घरों से डिस्प्लेस होकर रिफ्यूजीस बने हैं जिसमें मैं पर्सनली भी अपनी फैमिली और पूरी सिटी के साथ 2009 में रिफ्यूजी रहा हूं हालांकि मेरा 911 से कोई
27:21
Speaker A
ताल्लुक नहीं था और अगर इस वॉर ऑन टेरर के कॉस्ट को देखा जाए तो सिर्फ डायरेक्टली 2 ट्रिलियन डॉलर खर्च हुए हैं और ब्राउन यूनिवर्सिटी के एस्टिमेट्स के मुताबिक वॉर ऑन टेरर पर अमेरिका के 8 ट्रिलियन डॉलर जाय हुए हैं इस वॉर ऑन टेरर से अमेरिका की
27:35
Speaker A
आवाम को भी नुकसान हुआ है और अफगानिस्तान की आवाम को भी और फायदा सिर्फ और सिर्फ वेपंस बनाने वाली कंपनीज को हुआ है फॉर एग्जांपल लॉक हीट कंपनी के सीईओ को जो इस जंग से पहले हर साल $ मिलियन डॉलर कमाया
27:47
Speaker A
करता था लेकिन इस जंग के दौरान उसकी इनकम $ मिलियन डॉलर से 30 मिलियन डलर तक चली गई थी मतलब कुछ ही सालों में 10 टाइम्स इनकम बढ़ गई थी और आज भी दिस दिस [संगीत]
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