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How the Roman Empire Conquered the World... Then Destroyed Itself (The Full Story) | Episode 2

रोमन साम्राज्य की स्थापना, विस्तार, राजनीतिक व्यवस्था और पतन की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • रोमन कानून और प्रशासनिक प्रणाली आधुनिक विश्व की नींव हैं।
  • रोम की राजनीतिक व्यवस्था ने मोनार्की से रिपब्लिक तक का संक्रमण दिखाया।
  • प्यूनिक युद्धों ने रोम को एक महाशक्ति बनाया।
  • क्रिश्चियनिटी का रोम में आधिकारिक धर्म बनना विश्व इतिहास में महत्वपूर्ण मोड़ था।
  • आर्थिक और राजनीतिक असंतुलन के कारण रोम का पतन हुआ।

What the video covers

  • रोमन साम्राज्य ने ग्रीक विचारों को विश्वभर फैलाया और आधुनिक कानून, सड़क नेटवर्क, भाषा, और क्रिश्चियनिटी की नींव रखी।
  • रोम की स्थापना की पुरानी कथा जिसमें रोमोलुस और रिमोस की कहानी शामिल है।
  • रोम ने रिपब्लिक प्रणाली अपनाई जिसमें काउंसिल्स और सेनेट की भूमिका थी, जो मोनार्की से बेहतर थी।
  • प्लेबियंस ने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया और ट्रिब्यूल्स ऑफ द प्लेब्स बनाए गए।
  • प्यूनिक युद्धों में रोम ने कार्थेज को हराकर मेडिटरेनियन का प्रभुत्व स्थापित किया।
  • जूलियस सीजर की महत्वाकांक्षा और सत्ता संघर्ष ने रोम की राजनीतिक व्यवस्था को प्रभावित किया।
  • अगस्टस के शासनकाल में रोम रिपब्लिक से साम्राज्य में परिवर्तित हुआ।
  • पैक्स रोमाना के दौरान रोम ने शांति और समृद्धि का अनुभव किया।
  • क्रिश्चियनिटी का उदय और रोम में उसका आधिकारिक धर्म बनना।
  • आंतरिक भ्रष्टाचार, आर्थिक संकट, बार्बेरियन आक्रमण और अंततः साम्राज्य का पतन।

Answers

Questions about this video

रोमन साम्राज्य ने आधुनिक दुनिया को क्या योगदान दिया?

रोमन साम्राज्य ने आधुनिक कानून, सड़क नेटवर्क, लैटिन भाषा और क्रिश्चियनिटी के प्रसार की नींव रखी। इनके कानून और प्रशासनिक प्रणाली आज भी कई देशों में प्रचलित हैं।

प्यूनिक युद्धों का रोम के इतिहास में क्या महत्व है?

प्यूनिक युद्धों में रोम ने कार्थेज को हराकर मेडिटरेनियन क्षेत्र में प्रभुत्व स्थापित किया। इन युद्धों ने रोम को एक महाशक्ति बनने में मदद की।

रोमन रिपब्लिक और मोनार्की में क्या अंतर था?

रोमन रिपब्लिक में सत्ता दो काउंसिल्स और सेनेट के बीच बंटी थी, जिससे किसी एक व्यक्ति के पास अधिक शक्ति न हो। यह मोनार्की से बेहतर था क्योंकि इसमें लोकतांत्रिक तत्व थे, हालांकि यह पूर्ण लोकतंत्र नहीं था।

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00:00
Speaker A
वेलकम बैक टू यूरोप हिस्ट्री सीरीज। दोस्तों, पिछले एपिसोड में हमने एंशिएंट ग्रीस के बारे में बात की थी। वह छोटा सा इलाका है जिसने इतने बड़े आइडियाज दिए दुनिया को। आज इस एपिसोड टू में हम बात करेंगे उस एंपायर की जिसने ग्रीस के
00:14
Speaker A
आइडियाज को पूरी दुनिया में फैला दिया। जिसने सड़कें बनाई, लॉज़ बनाए, एक ऐसा सिस्टम खड़ा किया जो आज भी बहुत सारे मुल्कों की बुनियाद है। जी हां दोस्तों, आज हम बात करेंगे रोमन एंपायर की, उसके शान और शौकत की, उसकी राइज़ की और उसके फॉल
00:28
Speaker A
की। रोमन एंपायर इतना पावरफुल था कि लोग कहते थे कि रोम से दूर तो कोई जगह है ही नहीं। उसके सोल्जर्स यूरोप से लेकर अफ्रीका, एशिया तक फैले हुए थे। उसके लॉस आज भी कंट्रीज में चलते हैं। उसकी सड़कें
00:40
Speaker A
आज भी मौजूद हैं और उसके थ्रू क्रिश्चियनिटी दुनिया भर में कैसे फैली? आज ये देखेंगे। असल सवाल ये भी है कि इतना बड़ा एंपायर गिरा कैसे? क्या वजह थी उसके फॉल की? तो ये पूरी कहानी को इस वीडियो
00:51
Speaker A
में हम समझेंगे। चलो भाई पहले तो ये समझ लेते हैं कि हम आज रोम की बात कर क्यों रहे हैं? पहली बात रोमन लॉ। रोमन लॉ ने मॉडर्न लीगल सिस्टम की बुनियाद रखी है। यह इनोसेंट अनटिल प्रूवन गिल्टी यह भी वहीं
01:03
Speaker A
से आया। प्रॉपर्टी राइट्स, कॉन्ट्रैक्ट्स ये सारी चीजें रोम की देन हैं। दूसरी वजह रोड्स इंफ्रास्ट्रक्चर। रोम ने दुनिया में पहली बार इतना ऑर्गेनाइज्ड रोड नेटवर्क बनाया। एक मशहूर कहावत थी कि ऑल रोड्स लीड टू रोम। उनकी इंजीनियरिंग इतनी जबरदस्त थी
01:19
Speaker A
कि कुछ सड़कें आज भी 2000 साल बाद भी मौजूद हैं। तीसरी बात लैंग्वेज। लैटिन रोम की जुबान थी। लैटिन से ही स्पेनिश, फ्रेंच, इटालियन, पोर्चुगी, रोमानियन जैसी लैंग्वेजेज ने जन्म लिया है। आज भी मेडिसिंस में, लॉ में, साइंस में बहुत से
01:33
Speaker A
लैटिन टर्म्स यूज़ किए जाते हैं। चौथी वजह क्रिश्चियनिटी। शुरू में रोम ने क्रिश्चियनिटी को बड़ा तंग किया। लेकिन बाद में क्रिश्चियनिटी को अपना लिया। उसको अपना ऑफिशियल रिलीजन बना दिया। इसी वजह से क्रिश्चियनिटी पूरे यूरोप में नहीं बल्कि
01:46
Speaker A
पूरी दुनिया में फैल गई। पांचवी बात एंपायर का कांसेप्ट। आज भी जब हम किसी बड़े पावरफुल मुल्क की बात करते हैं तो हम उसको एंपायर कहते हैं। यह कांसेप्ट एंपायर का यह भी रोम से आया है। चलो दोस्तों अब
01:55
Speaker A
शुरू करते हैं रोम की असल कहानी बिल्कुल शुरू से। रोम की शुरुआत एक पुरानी लेजेंड से होती है। पुरानी कहानी से। रोमन लोगों की रिवायत के मुताबिक 753 बीसी में दो भाई पैदा हुए। रोमोलुस और रिमोस। उनके अब्बा
02:08
Speaker A
थे मार्स यानी जंग के देवता और उनकी अम्मा जो थी वो थी रिया सिलविया। उनके चाचा ने उन दोनों को तिमर नदी में फेंक दिया ताकि वो मर जाए। लेकिन शी वुल्फ एक मादा भेड़िया ने उन्हें बचा लिया और अपना दूध पिलाकर
02:22
Speaker A
उनको पाला। बाद में एक शेफर्ड ने उन दोनों को अपने घर पे जो है पनाह दी और वहीं पर वो लोग बड़े हो गए। रोमोलस ने एक शहर बसाया और उसका नाम अपने नाम पर ही रख दिया रोम।
02:32
Speaker A
अब जाहिर है ये स्टोरी असल में कितनी सच्ची है ये तो हम नहीं जानते। लेकिन ये स्टोरी रोम के लोगों के लिए बहुत इंपॉर्टेंट थी। इससे उनमें यह एहसास पैदा होता था कि वह किसी मामूली शहर के नहीं हैं
02:43
Speaker A
बल्कि एक खास शहर से हैं। पहले 250 साल तक रोम एक छोटा सा शहर रियासत सिटी स्टेट था। लेकिन आहिस्ताआहिस्ता उसने अपने आसपास के इलाकों को अपने अंदर शामिल कर लिया। फिर 1509 बीसी में एक बड़ी तब्दीली आई। रोम के
02:56
Speaker A
आखिरी बादशाह लुसियस तरकोनस जिसे लोग तरकोइन भी कहते हैं। उसकी हुकूमत जब गिरी तो पूरा सीन बदल गया। यह बादशाह जो था यह बड़ा एगेंट था। सेनेट की बात नहीं मानता था। अपनी मर्जी से हुकूमत चलाता था और
03:09
Speaker A
लोगों पर बड़ा जुल्म करता था। उसकी बदतरीन हरकत तब हुई जब उसके बेटे सेक्स ट्रस्ट तरफ ने एक नोबल औरत जो है लुक्रेशिया उसके साथ जबरदस्ती की। लुक्रेशिया ने अपनी इज्जत बचाने के लिए खुदकुशी ही कर ली। जब ये बात
03:22
Speaker A
पूरे रोम में फैल गई तो लोगों का गुस्सा जो है वो उबल पड़ा। इस गुस्से की लीडरशिप जो है ना वो की लुसियस ब्रूटस ने। उसने लोगों को इकट्ठा किया और जो तरकोन है उस फैमिली को रोम से ही निकाल दिया। इसके बाद
03:34
Speaker A
रोम ने रिपब्लिक का नया सिस्टम अडॉप्ट कर लिया। अब सवाल ये है कि ये लोगों ने रिपब्लिक क्यों बनाया? क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि कोई एक आदमी फिर से इतना पावरफुल हो जाए। इतनी पावर हासिल कर ले कि
03:44
Speaker A
वो कुछ भी बन जाए। टरेंट बन जाए। इसलिए उन्होंने कंसिल्स चुने। तो कंसिल्स जो है वो रूलर को चेक में रखती थी और रूलर कंसिल्स को चेक में रखता था। अगर एक गलत फैसला ले तो दूसरा उसको वीटो कर सकता है।
03:55
Speaker A
सेनेट को भी ज्यादा पावर दी गई ताकि कोई एक शख्स जो है पूरी हुकूमत अपने हाथ में ना ले सके। ये रिपब्लिक जो थी ये एक्चुअली एक कॉम्प्रोमाइज था। पूरी डेमोक्रेसी नहीं थी ये लेकिन मोनार्की से बेहतर माना गया
04:07
Speaker A
इसे। इस तरह रोम ने एक नया पॉलिटिकल एक्सपेरिमेंट शुरू किया जो आगे चलकर बहुत बड़ा एंपायर बनने वाला था। अब जरा बात करते हैं इस रोमन रिपब्लिक की। इसके स्ट्रक्चर की। रिपब्लिक में हुकूमत दो काउंसिल्स के हाथ में होती है। ये दोनों
04:19
Speaker A
हर साल तब्दील होते रहते ताकि कोई एक शख्स ज्यादा देर तक पावर हासिल ना कर सके। इन काउंसिल्स के नीचे एक बहुत ताकतवर इदारा था जिसका नाम था सेनेट। सेनेट में रोम के सबसे अमीर और ताकतवर लोग बैठते थे। लेकिन
04:32
Speaker A
ये समझना बहुत जरूरी है कि ये डेमोक्रेसी नहीं थी। जैसे एथेंस में थी। ये ओलिगार्की थी। ओलिगार्की मतलब एक ऐसे छोटे से ग्रुप की हुकूमत जो बड़ा पावरफुल हो और इस ग्रुप में सिर्फ पेट्रिशियंस यानी अमीर और ऊंचे
04:44
Speaker A
तबके के लोग ही शामिल हो सकते थे। सिर्फ यही नहीं मतलब इनकी जो हाई पोजीशंस थी सिर्फ वहां पे अमीर ही आ सकते थे। दूसरी तरफ जो प्लेबियंस थे यानी आम लोग गरीब लोग उनके राइट्स बहुत कम होते थे। उन्हें
04:55
Speaker A
इंसाफ नहीं मिलता था। कर्ज के बोझ तले दबे रहते थे। हुकूमत भी उनकी कोई आवाज नहीं सुनती थी। लेकिन आहिस्ता-आहिस्ता ये प्लेबियंस जो थे इन्होंने अपने राइट्स मांगने की जिद्दोजहद शुरू कर दी। उन्होंने अपने लिए ट्रिब्यूल्स ऑफ द प्लेब्स नाम के
05:07
Speaker A
खास अफसर बनाए। ये ट्रिब्यूंस जो थे ये सिर्फ प्लेबियंस जो थे गरीब आदमी उनके राइट्स के मुहाफिज नहीं थे बल्कि उनके आसपास उनकी बड़ी ताकत बने हुए थे। वो किसी भी कंसिल या सेनेट के फैसले वो वीटो कर
05:19
Speaker A
सकते थे। यानी रोक सकते थे कि अगर वो फैसला आम लोगों के खिलाफ है तो आम लोगों को महफूज़ करते थे। अब इस जद्दोजहद की वजह से आहिस्ता-आहिस्ता जो प्लेबियंस थे उनको भी कुछ सियासी राइट्स मिलने लग गए।
05:29
Speaker A
रिपब्लिक के दौर में रोम ने अपनी ताकत को बहुत फैलाया। उसने इटली के बहुत सारे इलाकों को फतह किया। फिर अपनी हुकूमत और नीचे भी ले गया। लेकिन सबसे बड़ा चैलेंज उनके सामने था कार्थेज। शुमाली अफ्रीका का एक बहुत ताकतवर और अमीर शहर कार्थेज भी एक
05:43
Speaker A
बहुत बड़ी ताकत बन चुका था। तो दोनों के दरमियान एक ऐसा टकराव था जो नागजीर। फिर हुई प्यूनिक वॉरर्स यानी रोम वर्सेस कार्थेज। रोम और कार्थेज के दरमियान तीन बड़ी जंग हुई जिनको हम प्यूनिक वॉरर्स भी कहते हैं। यह जंगे रोम के लिए बहुत
05:57
Speaker A
इंपॉर्टेंट थी क्योंकि इन जंगों ने रोम को मेडिटरेनियन का मास्टर बना दिया। पहली प्यूनिक वॉर ये ज्यादातर समंदर पे ही लड़ी गई। रोम ने इस जंग में अपनी पहली नेवी बनाई और फाइनली जीत हासिल कर ली। इस जीत
06:08
Speaker A
ने रोम को सिसली आइलैंड भी दे दिया। लेकिन सबसे फेमस और ड्रैटिक जो जंग थी वो थी दूसरी प्यूनिक वॉर। इसमें कार्थेज का एक जनरल था हेनिबल बार्सा। उसने उस कैरेक्टर ने एंट्री मारी। उस इंसान को हिस्ट्री का
06:20
Speaker A
वन ऑफ द मोस्ट जीनियस मिलिट्री जीनियस माना जाता है। हेनिबल ने एक बहुत रिस्की प्लान लिया। उसने अपनी पूरी आर्मी के साथ जिसमें सोल्जर्स भी थे, हाथियों की फौज भी थी, उन सबको एल्प पहाड़ों से क्रॉस करवाया और इटली के अंदर दाखिल करा दिया। बहुत लोग
06:35
Speaker A
कहते थे कि यह मिलिट्री हिस्ट्री की सबसे बड़ी अचीवमेंट। इटली में हेनिबल ने रोम को कई बार हरा दिया। सबसे फेमस तो थी बैटल ऑफ कने जहां उसने रोम की बहुत बड़ी आर्मी को ऑलमोस्ट तबाह कर दिया। लेकिन रोम ने हार
06:47
Speaker A
नहीं मानी। उन्होंने अपनी स्ट्रेटजी कंप्लीटली ही बदल दी। तब उनका लीडर था फेबियस मैक्सिमस। उसकी लीडरशिप में एक नई टेक्निक उन्होंने अपनाई वो थी डिलेइंग टेक्निक। मतलब वो क्या करता था कि डायरेक्टली लड़ाई नहीं करता था बल्कि हेनिबल को वो थका देता था। उसके सप्लाई
07:01
Speaker A
रोकता रहता। आखिर में सिपियो अफ्रीकानस नाम का एक यंग जनरल था। उसने हेनिबल को बैटल ऑफ जामा में हरा दिया। यह जीत इतनी बड़ी थी कि सिपियो जो था उसको अफ्रीकानस का टाइटल मिल गया। क्योंकि उसने नॉर्थ अफ्रीका में कार्थेज को शिकस्त दी। इस जीत
07:17
Speaker A
के बाद रोम ने कार्थेज को ऑलमोस्ट तबाह कर दिया था। पूरा नॉर्थ अफ्रीका रोम के कंट्रोल में आ गया था। फिर हुई तीसरी प्यूनिक वॉर। इसमें रोम ने कार्थेज शहर को कंप्लीटली डिस्ट्रॉय कर दिया। कहते हैं कि उन्होंने शहर को ही जला दिया। जमीन पर नमक
07:31
Speaker A
छिड़क दिया ताकि वहां कुछ उग ही ना सके। इन जंगों ने रोम को स्ट्रांग तो बहुत बनाया। वो पूरे मेडिटरेनियन में बड़े डोमिनेंट पावर बनके उठ गए। लेकिन ये जो एक्सपेंशन थी इसकी वजह से रोम के अंदर भी
07:42
Speaker A
बहुत बड़े चेंजेस आ रहे जैसे करप्शन बहुत बढ़ गई थी। अमीर और गरीब के बीच में फर्क बहुत बढ़ गया था। आर्मी का रोल पॉलिटिक्स में भी जो है बहुत बढ़ चुका था। अब हम आते हैं रोम के सबसे फेमस इंसान पर। जूलियस
07:54
Speaker A
सीजर की। सीजर 100 बीसी में एक पिटिशियन फैमिली में पैदा हुआ। बहुत एंबिशियस था। स्मार्ट था, कैरिस्मैटिक था। उसने अपना पॉलिटिकल करियर जैसे
08:07
Speaker A
गोल्स जो आज के फ्रांस और बेल्जियम है उसको जीता। 10 साल तक ये उसकी कैंपेन चली। उसने वहां बहुत सारी ट्राइब्स को जो है शिकस्त दी। रोम के लिए बहुत बड़ा इलाका फतह कर लिया। उसने इस जीत ने उसको दौलत भी
08:19
Speaker A
दी, शहरत भी दी और एक लॉयल वफादार आर्मी भी दी। लेकिन रोम में उसके दुश्मन बहुत ज्यादा हो गए थे। खासतौर पर सेनेट के जो कंजर्वेटिव मेंबर्स थे वो कहते थे सीज़र बहुत पावरफुल हो गया और वो किंग बनने की
08:31
Speaker A
कोशिश कर रहा है। रोम में किंग वर्ड जो है वो बहुत बुरा माना जाता था क्योंकि पहले वाले किंग्स को गिराया जो था उन्होंने। 49 बीसी में सीज़र ने अपनी फैमिली के साथ रूबिकॉन रिवर क्रॉस की और रोम पर मार्च कर
08:43
Speaker A
दिया। यह सिविल वॉर की शुरुआत थी। अब इस रूबिकॉन वाली बात को थोड़ा सा डिटेल में समझते हैं। देखो उस वक्त रोम में कोई एपरर नहीं था। रिपब्लिक चल रही थी जैसे मैंने समझाया। सिज़र गोल का गवर्नर था और उसकी
08:55
Speaker A
आर्मी उसके साथ ही थी। जब उसका गवर्नर का टर्म खत्म होने वाला था तो सेनेट ने उसको हुकुम दिया कि वो अपनी आर्मी को डिसबैंड कर दे और रोम वापस आ जाए। एक नॉर्मल सिटीजन की तरह वो जिंदगी गुजारे। सीज़र के
09:06
Speaker A
दुश्मन खासतौर पर पमपे और जो सेनेट के लोग थे वो ये चाहते थे कि अब वो ऐसा हो जाए कि सीज़र जो है अपनी आर्मी को डिस्पेंड करके ऐसे ही वापस आ जाए। लेकिन सीज़र जानता था कि अगर उसने अपनी आर्मी को छोड़ दिया तो
09:20
Speaker A
उसके दुश्मन उसको तबाह कर देंगे। उसको अरेस्ट करेंगे या मार देंगे। तो उसने रूबिकॉन रिवर एक छोटी सी जो नदी थी जो गोल और इटली के दरमियान थी वो बॉर्डर था एक किस्म का। अब कानून के मुताबिक कोई भी
09:30
Speaker A
जनरल अपनी आर्मी के साथ इस नदी को क्रॉस नहीं कर सकता। ये सिर्फ सेनेट की इजाजत से ही मुमकिन था। सीज़र ने जब रूबिकॉर्न नदी को क्रॉस किया तो उसने कानून तोड़ दिया। इसका मतलब ये था कि वो अब अपनी आर्मी लेकर
09:42
Speaker A
इटली में घुस रहा है। जो एक तरह से रोम के अगेंस्ट बगावत थी। इसलिए जब उसने रूबिक क्रॉस किया तो एक सिविल वॉर की जो है ना सिचुएशन हो गई। उसके राइवल पमपे जो सेनेट के साथ था उसने सीज़र के अगेंस्ट फौज जमा
09:54
Speaker A
कर दी। सीज़र ने वहां पे पमपे को शिकस्त दी और पूरा इटली अपने कंट्रोल में कर लिया। इसके बाद सीज़र और भी ताकतवर हो गया। फिर उसने इजिप्ट, एशिया और स्पेन में भी कैंपेनेंस की। 45 बीसी तक वो रोम का
10:05
Speaker A
ऑलमोस्ट एब्सोल्यूट रूलर बन चुका था। उसने बहुत से रिफॉर्म्स भी किए। जैसे सेनेट को उसने एक्सपेंड किया और नए मेंबर्स भी उसमें ऐड किए। गरीब लोगों के लिए लैंड डिस्ट्रीब्यूशन की। अपनी आर्मी में जो वेटर्न्स थे उनको सेटल किया। करप्शन कम
10:19
Speaker A
करने की भी उसने कोशिश की। जूलियन कैलेंडर बनाया। ये जुलाई का जो मंथ है यह भी उसके नाम पर है। लेकिन उसके जो दुश्मन थे उन्होंने सोचा कि अब यह जो है ना यह किंग बनने वाला है। इसके पास बहुत पावर आ गई
10:29
Speaker A
है। उसकी अथॉरिटी आहिस्ता-आहिस्ता अनचलेंज्ड होती जा रही है। तो 44 बीसी में आइडस ऑफ मार्च 15 मार्च को उसके दुश्मनों ने सेनेट में ही उसको अससिनेट कर दिया। सेनेट के अंदर ही उसको चाकू मार के मार दिया। उनका जो लीड जो उनको कर रहा था वो
10:44
Speaker A
था ब्रूटस। जो सीजर का पहले दोस्त रह चुका था। कहते हैं कि जब सीज़र ने ब्रूटस को देखा तो उसने कहा कि ए तू ब्रूटो यानी यू टू ब्रूटो ये जो अल्फाज़ हैं आज भी धोखे के लिए यूज़ किए जाते हैं। जैसे हमारे
10:56
Speaker A
सबक्टिनेंट में होता है ना मीर जाफर कहा जाता है गद्दार को। तो ये वहां पे ऐसे बोला था यू टू ब्रूटो मतलब एक्सक्यूज मी आप भी। सीज़र की मौत ने रोम को और भी केओस में डाल दिया। सिविल वॉर में डाल दिया।
11:06
Speaker A
लेकिन ये केओस एक नए इंसान को लाने वाला था जो रोम को अब एंपायर में बदलने वाला था। उसका नाम था ऑक्टवियन जो बाद में अगस्तस बना। पहला रोमन एपरर बना। सीज़र के बाद उसका अडॉप्टेड सन जो था ऑक्टवियन वह
11:19
Speaker A
आया। उसने अपने राइवल्स को शिकस्त दी। 27 बीसी में सेनेट ने उसको अगस्टस का टाइटल दे दिया। यह रोम के रिपब्लिक से एंपायर में बदलने का एक ऑफिशियल मोमेंट था। अगस्टस बहुत स्मार्ट था। उसने कहा कि मैं सिर्फ प्रिंसेप्स हूं। यानी मैं फर्स्ट
11:34
Speaker A
सिटीजन हूं इस एंपायर का। हालांकि वो पूरा का पूरा एपरर था। उसने पेक्स रोमाना यानी रोमन पीस का एक दौर शुरू किया। लगभग 200 साल तक रोम में बड़ी जंगे नहीं हुई। ट्रेड भी बहुत बड़ा शहर डेवलप हुए, आर्ट और
11:47
Speaker A
लिटरेचर का एक गोल्डन टाइम आ गया। अगस्तस ने रोम को फिजिकली भी बदल दिया। उसने कहा कि मैंने रोम को ब्रिक यानी ईंटों का शहर पाया था और अब जब मैं उसको छोड़ के जा रहा हूं तो ये मार्बल से भरा हुआ। 41 सालों तक
11:59
Speaker A
उसने हुकूमत की। यानी रोम का सबसे लंबा रूलिंग एपरर यही था। रोमन एंपायर का पीक आया फर्स्ट और सेकंड सेंचुरी एडी में। अगस्टस के बाद कुछ एपरर्स आए जो बहुत अच्छे थे और कुछ बहुत बुरे भी थे। जो
12:12
Speaker A
बेहतर एपरर्स थे उनमें से कुछ नाम है जैसे ट्रेजियन सबसे बड़ा एंपायर उसके टाइम में था। उसने डासिया यानी रोमानिया को अपने कंट्रोल में लिया। फिर हेड्रियन आया। उसने ब्रिटेन में हेड्रियंस वॉल जो है वो बनाई ताकि वहां से दुश्मन अंदर ना आ सके। फिर
12:25
Speaker A
मार्कस रेलियस आया। यह बहुत बड़ा नाम था। ये फिलॉसफर भी था और एपरर भी था। उसने अपनी फेमस किताब भी लिखी मेडिटेशंस। इस दौर में रोम अपने पीच पर था। यह वो टाइम था जब हिस्टोरियंस इसको पैक्स रोमाना कहते
12:36
Speaker A
हैं। यानी रोमन पीस 200 साल तक कोई बड़ी जंग नहीं हुई। आर्मी भी बड़ी डिसिप्लिन थी। हर सोल्जर को स्ट्रिक्ट ट्रेनिंग दी जाती थी। उनके पास एडवांस्ड वेपंस थे। पूरे यूरोप में जो है रोड्स फैले होते थे। एडिक्वेट्स से शहरों में साफ पानी भी आता
12:49
Speaker A
था। कोलोजियम था जहां पे थिएटर होता था। ग्लेडियर्स लड़ते थे। वहां पे आपस में तो एक सिस्टम था। लॉ था। सिटीजन के राइट्स भी थे जिनको प्रोटेक्ट करने की कोशिश की जाती थी। लेकिन ये जो शान और शौकत है ना ये
13:00
Speaker A
हमेशा जाहिर है नहीं रहती। सेकंड सेंचुरी के बाद आहिस्ता-आहिस्ता प्रॉब्लम शुरू हो गई। एंपायर इतना बड़ा हो गया था कि उसको कंट्रोल करना मुश्किल हो गया। पर अंदर इंटरनल करप्शन और एक्सटर्नल अटैक्स ने मिलकर रोम को ही गिरा दिया। फर्स्ट
13:12
Speaker A
सेंचुरी एडी में एक नया रिलीजन पैदा हुआ। क्रिश्चियनिटी ये शुरू हुआ एक छोटे से ग्रुप के साथ जो जीसस क्राइस्ट को फॉलो करते थे। पहले ये सिर्फ जूस के अंदर एक मूवमेंट थी। लेकिन आहिस्ताआहिस्ता यह नॉन जस यानी जो जेंटाइल्स थे उनमें भी फैलने
13:27
Speaker A
लग गया। पहले रोम ने क्रिश्चियंस को बहुत पर्सक्यूट किया। उनको एरीना में जानवरों के सामने डाल देते थे। बहुत से क्रिश्चियंस को उन्होंने मार दिया। नेरो जैसे एपरर्स ने क्रिश्चियंस को मतलब स्केप गॉड बना दिया था। 64 एडी में रोम में एक
13:40
Speaker A
बहुत बड़ी आग लगी जिसे ग्रेट फायर का नाम दिया गया। यह इतनी बड़ी आग थी कि शहर का बहुत बड़ा हिस्सा जल के राख हो गया। लोगों ने शक किया कि शायद इस आग के पीछे एपरर नेहरू खुद ही है। क्योंकि वो शहर को अपने
13:53
Speaker A
तरीके से नए सिरे से बनाना चाहता था। लेकिन जब लोग उसके अगेंस्ट बोलने लगे तो नेहरू ने अपने ऊपर इल्जाम हटाने के लिए वो इल्जाम क्रिश्चियंस पर डाल दिया। उस वक्त क्रिश्चियंस क्योंकि एक छोटा सा और अनपॉपुलर ग्रुप था इसलिए उन पर इल्जाम
14:06
Speaker A
लगाना बड़ा आसान भी था। नेहरू ने उनको बहुत क्रूल तरीके से सजा दी। कुछ लोगों को जानवरों के सामने डाल दिया। कुछ को जला दिया। ये रोम की हिस्ट्री में क्रिश्चियंस के अगेंस्ट एक बहुत बड़ी पर्सक्यूशन थी। लेकिन क्रिश्चियनिटी इसके बावजूद
14:19
Speaker A
आहिस्ता-आहिस्ता फैलने लगी। लोगों को यह आईडिया बहुत पसंद आया कि सब इंसान बराबर है। अमीर और गरीब में कोई फर्क नहीं है कि मौत के बाद भी एक जिंदगी है और इंसान को माफ किया जा सकता है। यह आइडियाज रोमन के
14:31
Speaker A
स्ट्रिक्ट क्लास सिस्टम जो था और पेगन जो बिलीव्स थे उनसे बिल्कुल अलग थी। 313 एडी में एपरर कॉन्स्टेंट ने इडिक्ट ऑफ मिलान जारी किया। ये इडिक्ट जो था ये एक लॉ था जिसके हिसाब से क्रिश्चियंस को फ्रीडम दी
14:44
Speaker A
गई और उनके अगेंस्ट जो पर्सक्यूशंस हो रही थी उनको बंद कर दिया गया। कॉन्स्टेट खुद भी क्रिश्चियन बन गया। या फिर कुछ लोग कहते हैं कि वह क्रिश्चियन बनने का उसने दिखावा किया। लेकिन जो भी है। फिर 380 एडी
14:56
Speaker A
में थियोडोसियस ने क्रिश्चियनिटी को रोम का ऑफिशियल रिलीजन बना दिया और जो पेगन रिलजन था उसको बंद किया जाने लग गया। यह बहुत बड़ी तब्दीली थी। अब रोम का फ्यूचर जो है वो क्रिश्चियनिटी से जुड़ गया। जब वेस्टर्न रोमन एंपायर गिरा तब भी
15:09
Speaker A
क्रिश्चियनिटी नहीं गिरी बल्कि वो जिंदा ही रही और उसने यूरोप को एक नई शेप दे दी। आज भी क्रिश्चियनिटी दुनिया का सबसे बड़ा रिलजन है और उसकी बुनियाद जो है वो रोम से जुड़ी हुई है। थर्ड सेंचुरी में रोम को
15:19
Speaker A
बहुत बड़ी प्रॉब्लम्स आई। एक तो इकोनॉमिक क्राइसिस इनफ्लेशन बहुत बढ़ गई। पैसे की वैल्यू बहुत ज्यादा गिर गई थी। मिलिट्री प्रॉब्लम्स भी आए। आर्मी वीक हो गई। बहुत से सोल्जर्स जो थे वो फॉरेनर्स थे जो रोम के लिए वफादार ही नहीं थे। फिर
15:32
Speaker A
बार्बेरियंस की इन्वेशंस भी बहुत शुरू हो गई। जर्मेनिक जो ट्राइब्स थी जैसे गोट्स, वेंडल्स, फ्रैंक्स यह बॉर्डर पे आते थे और अटैक करने लग जाते बाय द वे ये जो वर्ड है बार्बेरियन ये भी एक रोमंस की तरफ से आया
15:44
Speaker A
हुआ लफज़ है। मतलब कि रोमन पर्सपेक्टिव से आया हुआ लफज़ है। मतलब रोमंस के हिसाब से उनके पॉइंट ऑफ व्यू से बार्बेरियंस जो थे वो इतने सिविलाइज नहीं थे जितने रोमंस थे। खैर पॉलिटिकल इनस्टेबिलिटी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। 50 साल में 20 से ज्यादा एपरर्स
15:57
Speaker A
बदल चुके थे। ज्यादातर तो असेसनेट हो जाते थे या सिविल वॉर में मारे जाते थे। एंपायर इतना बड़ा हो गया था कि एक इंसान के लिए कंट्रोल करना उसको नामुमकिन ही हो गया था। ड्यूक्लेटियन ने एंपायर को दो हिस्सों में
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Speaker A
बांट दिया। ईस्ट और वेस्ट। यह आईडिया आगे चलके परमानेंट ही हो गया। कॉन्स्टेंट ने 330 एडी में एक नया कैपिटल बनाया कॉन्स्टेंटोप जो आज का इस्तांबुल है। यह ईस्टर्न रोमन एंपायर का सेंटर बन गया। अब यानी ईस्ट और वेस्ट जो है वो अलग हो गई।
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Speaker A
पांचवी सदी तक वेस्टर्न रोमन एंपायर ऑलमोस्ट खत्म हो चुकी थी। लेकिन ये अचानक नहीं हुआ बल्कि ये सदियों के मसलों का नतीजा था। पहली चीज जो देखी गई वो इंटरनल प्रॉब्लम्स इकोनमिक कोलैप्स तीसरी सदी से ही एंपायर में इनफ्लेशन बहुत बढ़ गया था।
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Speaker A
गवर्नमेंट ने इतने पैसे प्रिंट किए कि उसकी वैल्यू गिर गई। लोगों के पास पैसा रहता ही नहीं था। ट्रेड गिर गया, शहर खाली होने लग गए। टैक्सेस भी बहुत भारी कर दिए गवर्नमेंट ने। गवर्नमेंट को जाहिर है आर्मी और एडमिनिस्ट्रेशन के लिए बहुत पैसे
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Speaker A
की जरूरत थी। इसलिए उन्होंने टैक्सेस बहुत ज्यादा बढ़ा दी। गरीब लोगों पर बोझ इतना बढ़ गया कि बहुत सारे लोगों ने अपनी जमीनें छोड़ दी और अपनी जमीनें छोड़ के भाग गए। दूसरा मसला करप्शन और कमजोर लीडरशिप। तीसरी सदी में 50 साल के अंदर
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Speaker A
जैसे मैंने आपको बताया 20 से ज्यादा एंप्रेस बदल चुके थे। ज्यादातर कत्ल हो गए या सिविल वॉर में मारे गए। यानी एक स्ट्रांग लीडरशिप भी नहीं रही। आर्मी का मसला यह था कि आर्मी बहुत कमजोर हो चुकी थी। उसको सस्टेन करना महंगा पड़ रहा था।
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Speaker A
जो अंदर सिपाही थे वो वफादार नहीं रहे। और दूसरा मसला था एक्सटर्नल दबाव। बार्बेरियंस अटैक करने लग जाते थे। जर्मेनिक जो ट्राइब्स थी। बाय द वे वो जर्मेनिक ट्राइब्स रोम के अंदर रहते भी थे। ट्रेड भी करते थे। लेकिन जब सेंट्रल
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Speaker A
गवर्नमेंट जो है वो कमजोर हो गई। जैसे ही हुई तो उन्होंने हमला कर दिया। 410 और 458 एडी में विसग्स और वेंडल्स ने रोम के शहर को लूट लिया। यह 800 साल में पहली बार ऐसा हुआ था कि किसी दुश्मन ने रोम पर ऐसा हमला
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Speaker A
किया कि उसको लूट ही लिया। यह रोम के लिए बहुत बड़ा झटका था। 452 एडी में एटिला द हुन ने इटली पर हमला किया। वो इतना खतरनाक था कि लोग उसको स्करज ऑफ़ गॉड कहते थे। अज़ाब आ गया खुदा का। आखिर में 476 एडी में
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Speaker A
एक जर्मेनिक लीडर था। उसका नाम था ओडोएसर। उसने आखिरी दफा जो है ना अटैक किया और वेस्टर्न रोमन एपरर जो है रोमलस अगस्टलस को तख्त से ही हटा दिया। ये वो लम्हा है जहां पे जो है वो हिस्टोरियंस कहते हैं कि
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Speaker A
इसके बाद मतलब रोमन एंपायर जो थी वेस्टर्न रोमन एंपायर वो खत्म हो गई। ये याद रखना जरूरी है कि ईस्टर्न एंपायर जो थी वो अब बैजेंटाइन एंपायर बन चुकी थी और वो जारी थी। कॉन्स्टेंटोप जो एक नया कैपिटल बना था
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Speaker A
वहां से वो जारी ही रह रही थी और लगभग 1000 साल तक वो वैसी ही चली। जब तक 1453 में ऑटोमंस ने आके उस पर हमला नहीं किया। ऑटोमस ने उस पे आके हमला किया और उसको फतह कर लिया। तब वो भी टूट गई। इस तरह
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Speaker A
वेस्टर्न एंपायर तो पहले टूट गई और जो ईस्टर्न रोमन एंपायर थी वो भी टूट गई। जहां से उस्मानिया खिलाफत जो है वो शुरू हुई। तो कंक्लूजन ये है दोस्तों कि आज हमने देखा कि कैसे एक छोटा सा शहर जो इटली
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Speaker A
के एक कोने में है वो कैसे पूरी दुनिया पर काबिज हो गया। उसने लॉज़ दिए, रोड्स बनाए, रिलीजन को फैलाया भी और ऐसा सिस्टम दिया जो आज तक जो है उसका असर है। तो भाई अगले एपिसोड में हम फिर बात करेंगे यूरोप के
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Speaker A
डार्क एजेस की, मिडिल एजेस की, क्रूशेड्स की और ब्लैक डेथ की। यह वो पीरियड है जब यूरोप ने रोम के गिरने के बाद अपना रास्ता ढूंढा। लेकिन आज के लिए इतना ही। अगर आपको यह वीडियो पसंद आई है तो इसको लाइक शेयर
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Speaker A
कर दें। चैनल को सब्सक्राइब कर दें। मैं आपसे मिलूंगा एक और वीडियो में। तब तक के लिए मुझे दे इजाजत। मैं चला गुड बाय।
Topics:रोमन साम्राज्यरोमन कानूनप्यूनिक युद्धजूलियस सीजररोमन रिपब्लिकक्रिश्चियनिटीरोमन सड़केंअगस्टसपैक्स रोमानाबार्बेरियन आक्रमण

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