इलुमिनाटी की रहस्यमयी सीक्रेट सोसाइटी और उसके इतिहास, प्रभाव व विवादों की गहराई से पड़ताल।
Key Takeaways
- इलुमिनाटी की स्थापना एक विरोधी और क्रांतिकारी सोच के तहत हुई थी।
- यह समूह सत्ता और धर्म दोनों के खिलाफ था और समाज में बदलाव चाहता था।
- इलुमिनाटी के अस्तित्व और प्रभाव को लेकर आज भी विवाद और कंस्पिरेशन थ्योरीज प्रचलित हैं।
- इस सोसाइटी के सदस्य अपने उद्देश्यों के लिए चरम कदम उठाने को तैयार थे।
- इतिहास में इसकी आधिकारिक समाप्ति के बाद भी इसकी गुप्त गतिविधियां जारी रहीं।
What the video covers
- इलुमिनाटी एक सीक्रेट सोसाइटी है जो दुनिया के फैसलों और लोगों को कंट्रोल करती है।
- इस सोसाइटी की शुरुआत 1700-1760 के बीच जर्मनी के बवेरिया में हुई थी।
- इलुमिनाटी के सदस्य प्रभावशाली लोग होते हैं, जिनका मकसद बादशाही और चर्च की सत्ता को खत्म करना था।
- इस समूह के अंदर मतभेद और बगावतें भी हुईं, जिससे इसकी आधिकारिक गतिविधियां बंद हो गईं।
- 1960 के दशक में इलुमिनाटी की चर्चा फिर से उभरी, खासकर पश्चिमी देशों में।
- इलुमिनाटी के सदस्य अपने दुश्मनों को नुकसान पहुंचाने को जायज मानते थे।
- इस सोसाइटी से जुड़े कई बड़े सेलिब्रिटी और राजनीतिक हस्तियों के नाम भी लिए जाते हैं।
- इलुमिनाटी ने महिलाओं की एक शाखा भी बनाई थी, जिसमें अबॉर्शन जैसी संवेदनशील विषयों पर चर्चा होती थी।
- इस समूह के खिलाफ बवेरिया के ड्यूक ने प्रतिबंध लगाया था, लेकिन यह समूह गुप्त रूप से सक्रिय रहा।
- इंटरनेट के आने के बाद इलुमिनाटी के रहस्यों और कंस्पिरेशन थ्योरीज ने और जोर पकड़ा।
Chapters
- 00:00इलुमिनाटी क्या है? परिचय और लोकप्रियता
- 01:26इलुमिनाटी की स्थापना और इतिहास
- 02:41इलुमिनाटी के सदस्य और उनके उद्देश्य
- 03:58जोसेफ श्नाइडर की बगावत और खत
- 06:271960 के दशक में इलुमिनाटी का पुनरुत्थान
- 08:50इलुमिनाटी के रहस्य और कंस्पिरेशन थ्योरीज
- 10:38इलुमिनाटी की महिला शाखा और विवादित विषय
- 12:15इलुमिनाटी पर प्रतिबंध और गुप्त संचालन
- 13:35इंटरनेट युग में इलुमिनाटी की चर्चा
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Speaker A
क्या वाकई एक ऐसी सीक्रेट सोसाइटी है जो पूरी दुनिया के लोगों को कंट्रोल कर रही है? यह इलुमिनाटी आखिर है क्या? दोस्तों, आज की वीडियो इंफॉर्मेशन थ्योरी के बारे में बात करेंगे और जानने की कोशिश करेंगे कि ये इलुमिनाटी आखिर है।
Speaker A
क्या अब यह वर्ड इतना पॉपुलर हो चुका है क्या आपको भी कुछ हद तक अंदाजा होगा ही तो जी कहा जाता है कि इलुमिनाटी एक ऐसी सीक्रेट सोसाइटी है जिसके मेंबर्स बहुत इन्फ्लुएंस लोग हैं और उनका काम एक ही है
Speaker A
क्या अब यह वर्ड इतना पॉपुलर हो चुका है? क्या आपको भी कुछ हद तक अंदाजा होगा? ही तो जी, कहा जाता है कि इलुमिनाटी एक ऐसी सीक्रेट सोसाइटी है जिसके मेंबर्स बहुत इन्फ्लुएंस लोग हैं और उनका काम एक ही है।
Speaker A
ग्रुप जो बहुत पावरफुल है और वो आपके और हमारे फैसलों में मुदा फलत कर रहे हैं हमें कंट्रोल करके इसका मतलब तो यह हुआ कि इस दुनिया के शतरंज के खेल में हम तो सिर्फ प्यादे हैं बड़ी-बड़ी पावरफुल चालें
Speaker A
पूरी दुनिया को कंट्रोल करना। ये जो बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज हैं, इनका भी ताल्लुक किसी तरह से इलुमिनाटी के साथ जोड़ा जाता है, जैसे बेस जेज, मेडोना और इवन ट्रंप के बारे में भी कहा जाता है कि वो भी इलुमिनाटी का हिस्सा हैं। बेसिकली एक ऐसा इलीट।
Speaker A
करती थी यह बात है दरअसल 1700 176 की जर्मनी की एक स्टेट बवेरिया में एक शख्स बड़ा बेताब है बेचैन है और सिस्टम से तंग आया हुआ है सिर्फ सिस्टम नहीं मजहब से भी बहुत तंग आया हुआ है मैं बात कर रहा हूं
Speaker A
ग्रुप जो बहुत पावरफुल है और वो आपके और हमारे फैसलों में मुद्दा फलत कर रहे हैं। हमें कंट्रोल करके इसका मतलब तो यह हुआ कि इस दुनिया के शतरंज के खेल में हम तो सिर्फ प्यादे हैं। बड़ी-बड़ी पावरफुल चालें।
Speaker A
थिंकिंग को रोक देती है उसको खुल के सोचने की इजाजत नहीं देती उसके फ्रीडम ऑफ थॉट को रिप्रेस करती है एडम इसलिए नई आइडियो बनाता है नए प्रैक्टिसेस बनाता है नए सेट ऑफ आइडियाज बनाता है और वो ये क्लेम करता
Speaker A
तो हम चल ही नहीं सकते। अब ऐसा नहीं कि यह सिर्फ हवा से बनाई हुई एक कंस्पिरेशन थ्योरी है। नहीं, इसकी शुरुआत भी एक हकीकत से ही हुई है। जी हां, द ऑर्डर ऑफ इलुमिनाटी वाकई में एक सीक्रेट सोसाइटी थी जो एजिस्ट।
Speaker A
जिसका नाम उसने रखा द ऑर्डर ऑफ इलुमिनाटी यह लब्ज इलुमिनाटी असल में लैटिन वर्ड है जो इलुमिनाटी से आया हुआ है जिसका मतलब है इनलाइटें यानी ऐसे लोग जिनको शऊर मिल चुका है बा शऊर लोग जो भी इस सोसाइटी के
Speaker A
करती थी। यह बात है दरअसल 1700-1760 की जर्मनी की एक स्टेट बवेरिया में एक शख्स बड़ा बेताब है, बेचैन है और सिस्टम से तंग आया हुआ है। सिर्फ सिस्टम नहीं, मजहब से भी बहुत तंग आया हुआ है। मैं बात कर रहा हूं।
Speaker A
को अपनी तरफ अट्रैक्ट करने लगी लेकिन दोस्तों ऑन पेपर्स यह सोसाइटी ज्यादा देर तक टिकी नहीं हुआ कुछ ऐसा कि इस ग्रुप के अपने मेंबर्स के बीच में लड़ाई होने लगी और एक बंदा जिसने बगावत की जोसेफ श्नाइडर उसने
Speaker A
एक जर्मन फिलोसोफर एडम वाइजहाउट की। एडम उस दौर की मोनार्की यानी बादशाही से तंग आया हुआ है और रिलीजन यानी चर्च से भी बहुत तंग आया हुआ है। एडम को लगता है कि ये दो बहुत बड़ी पावर्स जो हैं इंसान की क्रिटिकल।
Speaker A
ड्यूक होता क्या है ड्यूक दोस्तों लाइक इक्विवेलेंट टू द गवर्नर जैसे बादशाह होता है किंग वो पूरे मुल्क को संभालता है तो ड्यूक गवर्नर होता है वो किसी प्रोविंस को किसी स्टेट को संभालता है तो बवेरिया के स्टेट को संभालने वाला ड्यूक उस दौर में
Speaker A
थिंकिंग को रोक देती हैं, उसको खुल के सोचने की इजाजत नहीं देतीं, उसके फ्रीडम ऑफ थॉट को रिप्रेस करती हैं। एडम इसलिए नई आइडिया बनाता है, नए प्रैक्टिसेस बनाता है, नए सेट ऑफ आइडियाज बनाता है और वो ये क्लेम करता।
Speaker A
इलुमिनाटी के जो मेंबर्स हैं ये करने को ठीक समझते हैं और अपने दुश्मन को जहर देना भी इनके लिहाज से एक लेजिटीमेट चीज है श्नाइडर ने खत्म में यह भी लिखा कि यह लोग मजहब के तो शदीद खिलाफ है और इनका
Speaker A
है कि अगर ये आइडिया पूरे यूरोप पे अप्लाई कर दी तो यूरोप को चलाने का तरीका बिल्कुल बदल जाएगा और वही होगा बेहतर तरीका और उसमें बादशाही और चर्च की कोई जगह नहीं होगी। तभी एडम ने एक सीक्रेट सोसाइटी बनाई।
Speaker A
जुर्माने डाल दिए लेकिन दोस्तों ड्यूक के बैन करने से ये इलुमिनाटी की सीक्रेट सोसाइटी खत्म नहीं हुई बल्कि सीक्रेट ही ऑपरेट करती रही आखिरी नेल इन द कॉफिन जिसको बोलते हैं वह तब लगा जब इससे भी ज्यादा भयानक किस्म के सीक्रेट्स सामने आ
Speaker A
जिसका नाम उसने रखा द ऑर्डर ऑफ इलुमिनाटी। यह लब्ज इलुमिनाटी असल में लैटिन वर्ड है जो इलुमिनाटी से आया हुआ है, जिसका मतलब है इनलाइटेंड यानी ऐसे लोग जिनको शऊर मिल चुका है। बा शऊर लोग जो भी इस सोसाइटी के।
Speaker A
बनानी है एक अलहदा बर्डर ऑफ इलुमिनाटी की औरतों वाली ब्रांच बनानी है जिसमें अबॉर्शन के मेडिकल तरीके बताए हुए थे अब बात यह है दोस्तों कि क्रिश्चियनिटी में अबॉर्शन बहुत बड़ा गुनाह है क्रिश्चियनिटी में ये माना जाता है कि अगर एक दफा गॉड की
Speaker A
मेंबर्स होते थे, उनको यह लगता था कि उनके पास जो इल्म है, जो विजडम है, जो नॉलेज है वह किसी और के पास नहीं है। इसलिए वह इनलाइटेंड हैं। चंद लोगों से शुरू होने वाली यह सोसाइटी आहिस्ता आहिस्ता हजारों लोगों।
Speaker A
करना चाहते हो होंगे तो ऐसी इंक जो लिखने से दिख ना रही हो उसकी रेसिपी तो बहुत जरूरी रेसिपी होगी और पहले तो सिर्फ बातें थी लेकिन इन पेपर्स में एविडेंस भी मिल गया कि इलुमिनाटी के लोग स्टेट के खिलाफ
Speaker A
को अपनी तरफ अट्रैक्ट करने लगी। लेकिन दोस्तों, ऑन पेपर्स यह सोसाइटी ज्यादा देर तक टिकी नहीं। हुआ कुछ ऐसा कि इस ग्रुप के अपने मेंबर्स के बीच में लड़ाई होने लगी और एक बंदा जिसने बगावत की, जोसेफ श्नाइडर, उसने।
Speaker A
वो कहां जिंदा रह पाती तो वो इलुमिनाटी का द ऑर्डर ऑफ इलुमिनाटी बवेरिया इलुमिनाटी का जो ग्रुप है यह शुरू हुआ 1776 से और यह चला 1787 तक हिस्टोरियंस कहते हैं कि फिर तो खत्म हो गया लेकिन दोस्तों आज भी ऐसे लोग हैं और
Speaker A
एक खत लिख डाला जिसमें इलुमिनाटी के सारे राज लिख दिए और उसने वह खत सीधा द ड्यूक ऑफ बवेरिया को भेज दिया। उस खत में इलुमिनाटी के सारे राज जोसेफ ने फाश कर दिए। सबसे पहले तो मैं आपको यह बताऊं कि ये।
Speaker A
को कंट्रोल करती है एक्सपर्ट्स से कहते कि जर्मनी में इस सोसाइटी को मरे हुए 175 साल हो गए थे कोई नाम भी नहीं लेता था इलुमिनाटी का लेकिन वेस्ट में 1960 के इस डेकेट में कुछ ऐसा हुआ कि फिर तो हर बंदा
Speaker A
ड्यूक होता क्या है? ड्यूक दोस्तों, लाइक इक्विवेलेंट टू द गवर्नर। जैसे बादशाह होता है किंग, वो पूरे मुल्क को संभालता है, तो ड्यूक गवर्नर होता है। वो किसी प्रोविंस को, किसी स्टेट को संभालता है। तो बवेरिया के स्टेट को संभालने वाला ड्यूक उस दौर में।
Speaker A
फिलॉसफी से बड़ा इंस्पायर होने लगे जी हां ईस्टर्न फिलॉसफी खास तौर पे हिंदुइज्म बुद्धिज्म अचानक से वेस्ट के गोरे ईस्ट की फिलॉसफी से बड़ा इंस्पायर होने लग गए और यह वही टाइम है 1960 का जिसमें ओशो भी एक
Speaker A
था कार्ल थड। अब चलते हैं मुद्दे पे तो इलुमिनाटी के मेंबर जोसेफ ने जो बगावत करके खत भेजा ड्यूक को। ड्यूक ने वो खत जैसे ही पढ़ा उसके तो होश उड़ गए। श्नाइडर ने खत में पहला सीक्रेट ये लिखा कि।
Speaker A
यह भी थी कि वह अमेरिका का वियतनाम वॉर में घुसना बिल्कुल गलत समझते थे वो कहते थे भाई ये अननेसेसरी जंग है जंगे क्यों लड़ रहे हो हिप्पीज हमेशा पीस और लव को प्रमोट बहुत ज्यादा करते थे जंग के वो
Speaker A
इलुमिनाटी के जो मेंबर्स हैं, ये करने को ठीक समझते हैं और अपने दुश्मन को जहर देना भी इनके लिहाज से एक लेजिटीमेट चीज है। श्नाइडर ने खत्म में यह भी लिखा कि यह लोग मजहब के तो शदीद खिलाफ हैं और इनका।
Speaker A
गाड़ी ले लो मुशे में सब सलूट मारेंगे तुम्हें तो ये सारे जो हिप्पीज थे ये इस सबके खिलाफ होते थे समझ लो हिप्पीज उस जमाने के अंग्रेजों के मलंग हुआ करते थे जिनको मटेरियल ज्म से कोई लेना देना था ही
Speaker A
मकसद है कि पूरे यूरोप से बादशाही और रिलीजन चर्च बिल्कुल खत्म हो जाए। यह सब जब ड्यूक को पता लगा तो उसने इस सीक्रेट सोसाइटी पर बैन लगा दिया। इसको गैर कानूनी करार दे दिया और इनको ज्वाइन करने वालों पे।
Speaker A
दी है इसका ख्याल रखना चाहिए इन हेपीज में रॉक और काउंटर कल्चर म्यूजिक का बड़ा ट्रेंड था और उससे भी ज्यादा ट्रेंड था एलएसडी का जी साइकेड ड्रग्स करने का मैंने बताया ना भाई उस जमाने के मलंग हुआ करते
Speaker A
जुर्माने डाल दिए। लेकिन दोस्तों, ड्यूक के बैन करने से ये इलुमिनाटी की सीक्रेट सोसाइटी खत्म नहीं हुई बल्कि सीक्रेट ही ऑपरेट करती रही। आखिरी नेल इन द कॉफिन, जिसको बोलते हैं, वह तब लगा जब इससे भी ज्यादा भयानक किस्म के सीक्रेट्स सामने आ।
Speaker A
लेना शुरू किया 175 साल बाद असल में इन हिप्पीज में काउंटर कल्चर सैटायर की बहुत अहमियत होती थी बड़े-बड़े अथॉरिटी फिगर्स का मजाक उड़ाते थे सिस्टम का मजाक उड़ाते थे अटायर वही होता है कि मुशे के मसले आप
Speaker A
गए। ड्यूक की पुलिस को कुछ हाईली कॉम्प्रोमाइजिंग फाइल्स मिले इलुमिनाटी के जिनमें उनके बाकी बचे हुए डार्क सीक्रेट्स भी दुनिया के सामने आ गए। इन फाइल्स में चौका देने वाले सीक्रेट्स में सबसे पहला सीक्रेट यह था कि एक औरतों की भी सोसाइटी।
Speaker A
होता है स टायर इस हंसी मजाक प्रैंक्स इन सबका सबसे ज्यादा इंपैक्ट तब हुआ जब हिप्पीज ने लॉन्च किया ऑपरेशन माइंड जी हां ऑपरेशन माइंड सुनने में तो यह लगता होगा कि यार ये तो बड़ा कोई मिलिट्री मिशन
Speaker A
बनानी है, एक अलहदा ब्रांच ऑफ इलुमिनाटी की औरतों वाली ब्रांच बनानी है जिसमें अबॉर्शन के मेडिकल तरीके बताए हुए थे। अब बात यह है दोस्तों कि क्रिश्चियनिटी में अबॉर्शन बहुत बड़ा गुनाह है। क्रिश्चियनिटी में ये माना जाता है कि अगर एक दफा गॉड की।
Speaker A
कंट्रोल कर रहे हैं तो यह सब गलत है यह सिस्टम हमें नहीं चाहिए यह सब जो हो रहा है यह रियलिटी नहीं है हम सारे पपेट्स हैं हमें कंट्रोल किया जा रहा है इस मजाक मजाक में ये जो मिस इंफॉर्मेशन फैलाई गई उसकी
Speaker A
तरफ से बच्चा आ गया तो आ गया, अबॉर्शन नहीं करा सकते। अबॉर्शन कराना कतल जितना गुनाह है। उसके अलावा इनविजिबल इंक की रेसिपीज भी थी। ये तो आसान सी बात है। अब सीक्रेट सोसाइटी है तो एक दूसरे से कम्युनिकेट भी सीक्रेट।
Speaker A
आहिस्ता वक्त के साथ कुछ लोगों के लिए हकीकत बन गई वो इस बात पे 100% यकीन करने लगे कि ऐसा ही है द ऑर्डर ऑफ इलुमिनाटी अभी भी जिंदा है और ऐसे ही इस कंस्पिरेशन थ्योरी का जन्म हुआ भाई मेरा काम है आपको
Speaker A
करना चाहते हो होंगे तो ऐसी इंक जो लिखने से दिख ना रही हो उसकी रेसिपी तो बहुत जरूरी रेसिपी होगी। और पहले तो सिर्फ बातें थीं लेकिन इन पेपर्स में एविडेंस भी मिल गया कि इलुमिनाटी के लोग स्टेट के खिलाफ।
Speaker A
मुझे दाल में थोड़ा-थोड़ा काला तो लगता है इसी हिपी मूवमेंट के दौरान एक राइटर थे विल्सन आर थोली उन्होंने इलुमिनाटी पे तीन किताबें लिख डाली लुमिनास ट्रिलजी भाई साहब यह बुक्स इतने ज्यादा सक्सेसफुल हुए कि इनसे इंस्पायर होकर मजीद बुक्स और
Speaker A
साजिश कर रहे हैं। पहले तो सिर्फ ड्यूक ने सोसाइटी को बैन किया था लेकिन अब ड्यूक ने इसके एक-एक मेंबर को सजाए मौत सुना दी। तो इसलिए कहा जाता है कि वैसे यह सोसाइटी इतनी छोटी सी थी और इतनी बड़ी सजा के बाद।
Speaker A
तो तब पकड़ी जब इंटरनेट का दौर आया क्योंकि जब इंटरनेट आया तो पूरी दुनिया तो ग्लोबल विलेज बन गई इंफॉर्मेशन बहुत आराम से इधर-उधर शेयर हो सकती थी आप ही सोच एक विलेज में एक गांव में जब एक बात एक जगह
Speaker A
वो कहां जिंदा रह पाती। तो वो इलुमिनाटी का द ऑर्डर ऑफ इलुमिनाटी बवेरिया इलुमिनाटी का जो ग्रुप है, यह शुरू हुआ 1776 से और यह चला 1787 तक। हिस्टोरियंस कहते हैं कि फिर तो खत्म हो गया लेकिन दोस्तों आज भी ऐसे लोग हैं और।
Speaker A
और वैसे भी किसी भी रिलीजन या किसी आइडियो को लंबे अरसे तक जिंदा रखना है तो उसके सिंबल्स जगह-जगह दिखते रहने चाहिए पहले तो असल वाली पुरानी वाली बवेरिया इलुमिनाटी की बात कर लेते हैं और जरा हिस्टोरिकल पर्सपेक्टिव समझ लेते हैं कि उस दौर में
Speaker A
बहुत सारे लोग हैं जो यह मानने को तैयार नहीं हैं कि ये सीक्रेट सोसाइटी खत्म हो गई। वो यह कहते हैं कि यह सीक्रेट सोसाइटी आज तक एक्टिव है, वो सीक्रेट ही काम करती है और यही तो है वो सोसाइटी जो पूरी दुनिया।
Speaker A
रिप्रेजेंट करते हैं एक ऐसे स्ट्रक्चर को जिसमें रार की हो जिसके टॉप पे जाके कोई एक ताकत हो जैसे एक पिरामिड का सबसे टॉप वाला पॉइंट होता है अब क्योंकि द ऑर्डर ऑफ इलुमिनाटी एक सीक्रेट सोसाइटी थी तो यह
Speaker A
को कंट्रोल करती है। एक्सपर्ट्स से कहते हैं कि जर्मनी में इस सोसाइटी को मरे हुए 175 साल हो गए थे। कोई नाम भी नहीं लेता था इलुमिनाटी का लेकिन वेस्ट में 1960 के इस डेकेड में कुछ ऐसा हुआ कि फिर तो हर बंदा।
Speaker A
जगह आजकल आपको इसलिए नजर आते हैं ताकि ये आपके सबकॉन्शियस में इंप्लांट हो जाए फिर जो जो चीजें इलुमिनाटी नॉर्मलाइज कराना चाहते हैं वो चीजें खुद ही से हो जाएंगी बेसा कता लोग उनको अपना लेंगे जैसे उनके सिंबल्स आपको मीडिया में बहुत ज्यादा
Speaker A
य कहने लग गया कि इसके पीछे भी इलुमिनाटी है, उसके पीछे भी इलुमिनाटी है। असल में 1960 के इस डेकेड में वेस्ट में, बल्कि स्पेशली अमेरिका में एक मूवमेंट आई थी जिसको बोलते हैं हिपी मूवमेंट। कुछ ऐसा कि तब के जो नौजवान थे वो ईस्टर्न।
Speaker A
होगी ये आंख ऑल वाचिंग आंख ये आंख किसी ना किसी तरह से बताती है कि यू ऑल आर बीइंग वाच्ड सीक्रेट सोसाइटी तुम सबको देख रही है फिर पेंटाग्राम का भी इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है अब पेंटाग्राम जो कि अपने
Speaker A
फिलॉसफी से बड़ा इंस्पायर होने लगे। जी हां, ईस्टर्न फिलॉसफी खास तौर पे हिंदुइज्म, बुद्धिज्म अचानक से वेस्ट के गोरे ईस्ट की फिलॉसफी से बड़ा इंस्पायर होने लग गए और यह वही टाइम है 1960 का जिसमें ओशो भी एक।
Speaker A
क्लियर बताया गया है कि ये जो नंबर 66 है इस नंबर से बीस्ट को रिफर किया गया है अब यहां पे बीस्ट से मुराद है एंटी क्राइस्ट मुसलमानों की आसानी के लिए अगर कहूं तो समझो दज्जाल का सिंबल है ये एक ऐसी इवल
Speaker A
स्पिरिचुअल गुरु बनके उभर रहा था। अब आपको तो पता है कि हर दौर में नौजवान नस्ल कुछ हद तक बागी तो होती ही है लेकिन 1960 के जो अमेरिका के नौजवान थे वो कुछ ज्यादा ही बागी हुए थे। बहुत सारी वजहें हाथ में एक वजह।
Speaker A
तरह की निशानियां को देखने के लिए ताक लगाए बैठे होते हैं ईस्टर एग्स ढूंढने के लिए बेताब होते हैं जैसे 2022 में जो बाइड ने अपनी एक स्पीच में कहा था कि न्यू वर्ल्ड ऑर्डर आ रहा है और हम उसको लीड
Speaker A
यह भी थी कि वह अमेरिका का वियतनाम वॉर में घुसना बिल्कुल गलत समझते थे। वो कहते थे भाई ये अननेसेसरी जंग है, जंग क्यों लड़ रहे हो। हिप्पीज हमेशा पीस और लव को प्रमोट बहुत ज्यादा करते थे। जंग के वो।
Speaker A
न्यू वर्ल्ड ऑर्डर की तो द ऑर्डर ऑफ इलुमिनाटी बात करते थे ये जरूर इलुमिनाटी है देसी जबान में ऐसे लोगों को वहमी बोलते हैं मैं ऐसे लोगों को यही बोलूंगा कि भाई बस कर दो हैरी पॉटर की ये जो बुक पढ़ रहे
Speaker A
सख्त खिलाफ थे और जैसे ही सेकंड वर्ल्ड वॉर टू खत्म हुई थी तो अमेरिका की जो इकॉनमी है वो कंज्यूमर जूम को बहुत ज्यादा बढ़ावा दे रही थी। यानी भाई यह फलाना बैग ले लो, मुशे में इज्जत हो जाएगी, फलानी।
Speaker A
बाइडर ने जो बात कही थी कि न्यू वर्ल्ड ऑर्डर इज कमिंग ये इस रेफरेंस में की थी कि 2022 में एक जिओ पॉलिटिकल पावर शिफ्ट नजर आ रहा था दुनिया में एक तो कोविड नया-नया खत्म हुआ था तो दुनिया को यह पता
Speaker A
गाड़ी ले लो, मुशे में सब सलूट मारेंगे तुम्हें। तो ये सारे जो हिप्पीज थे ये इस सबके खिलाफ होते थे। समझ लो हिप्पीज उस जमाने के अंग्रेजों के मलंग हुआ करते थे जिनको मटेरियल ज्म से कोई लेना देना था ही।
Speaker A
दिए थे जिसकी वजह से जर्मनी उनसे ऑयल नहीं ले रहा था क्योंकि जर्मनी सबसे बड़ा इंपोर्टर था ऑयल का रशिया से जब ये वॉर हुई तो उसने फिर मिडिल ईस्ट से एलएनजी लेना शुरू कर दिया ओवरऑल पावर डायनेमिक्स
Speaker A
नहीं। वो भी यही मानते थे कि भाई ये सब इधर ही रह जाएगा। एनवायरमेंटलिस्ट भी बहुत ज्यादा थे। उनका मानना था कि कार्बन फुटप्रिंट इंसान का कम से कम होना चाहिए, प्लास्टिक कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए। वो ये मानते थे कि ये खुदा ने जो ये जमीन।
Speaker A
अमेरिका को कोई लेना देना होना नहीं चाहिए लेकिन उनका लेना देना होता है तो ये वर्ल्ड ऑर्डर यह वाला वर्ल्ड ऑर्डर था भाई बात यह है कि जब से ये कंस्पिरेशन थ्योरी आई हैं लोग बहुत ज्यादा वहमी हो गए लोग
Speaker A
दी है उसका ख्याल रखना चाहिए। इन हिप्पीज में रॉक और काउंटर कल्चर म्यूजिक का बड़ा ट्रेंड था और उससे भी ज्यादा ट्रेंड था एलएसडी का। जी, साइकेडेलिक ड्रग्स करने का। मैंने बताया ना भाई उस जमाने के मलंग हुआ करते।
Speaker A
बड़ी बदनाम है इन बातों में 2013 सुपर बोल की वो परफॉर्मेंस के बाद मशहूर वो हाथ से डायमंड का सिंबल बनाना आपने ये डायमंड वाला जो हाथ से से बनाया हुआ ये ट्रायंगल वाला शेप है ये बहुत देखा होगा
Speaker A
थे, नशों के बगैर कौन सा मलंग होता है। अब आप सोच रहे होंगे कि भाई अचानक से ये अंग्रेजों के मलंग की कहानी क्यों सुना रहे हो? क्योंकि ये वो लोग हैं दोस्तों जिन्होंने दोबारा से इलुमिनाटी का नाम।
Speaker A
ही दिल्लम नाटी रख दिया भाई ऐसे सेलिब्रिटीज को जब भी कंफरेंस मजाक में उड़ा देते हैं जैसे दिलजीत ने क्या पूरे कंसर्ट का नाम ही दिल् नाटी रख दिया कि हां जी 10 एंज तो फिर एंज सही असल में दोस्तों ये भी एक
Speaker A
लेना शुरू किया 175 साल बाद। असल में इन हिप्पीज में काउंटर कल्चर सैटायर की बहुत अहमियत होती थी। बड़े-बड़े अथॉरिटी फिगर्स का मजाक उड़ाते थे, सिस्टम का मजाक उड़ाते थे। अटायर वही होता है कि मुशे के मसले आप।
Speaker A
एंबेरेसमेंट वाला वाकया हो जाता था तो वो कोई ना कोई जोक कर देता था अपने मजाक को अपना सेल्फ डिफेंस मैकेनिज्म बना देता था और इसीलिए दोस्तों एक कॉमेडियन को एंबेरेसमेंट करना उसको शर्मिंदा फील करवाना बड़ा मुश्किल होता है क्योंकि आप जब भी उसको
Speaker A
पेश करते इस तरह कि उन पर हंसी आती है लेकिन इसी तरह से आप मसलों को एड्रेस भी करते हैं। जैसे हमने अपने कॉमेडी वाले चैनल पे कराची की वीडियो बनाई थी ना जिसमें कराची के सारे मसले बताए थे तो समझो वही।
Speaker A
देखो अचानक से तो इस अचानक से इतनी ज्यादा सक्सेस का राज क्या है मैं नहीं कह रहा ऐसे लोग लोग लोग बोलते हैं इससे पूछते हैं लोग क्योंकि अक्सर देखा गया कि यार अचानक से कोई सेलिब्रिटीज बहुत ही ज्यादा फेमस हो जाते
Speaker A
होता है सैटायर। इस हंसी मजाक, प्रैंक्स, इन सबका सबसे ज्यादा इंपैक्ट तब हुआ जब हिप्पीज ने लॉन्च किया ऑपरेशन माइंड। जी हां, ऑपरेशन माइंड सुनने में तो यह लगता होगा कि यार ये तो बड़ा कोई मिलिट्री मिशन।
Speaker A
रहा है जैसे कानिया वेस्ट बहुत सारे अपने इंटरव्यूज में ये बता चुका है कि यार कोई ऐसा ग्रुप ऐसी कोई सीक्रेट सोसाइटी है जो पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री को कंट्रोल कर रही है माइकल जैक्सन ने भी कहा था कि ऐसा एक
Speaker A
लेकिन किसी मिलिट्री मिशन से कम भी नहीं था। ऑपरेशन माइंड का मेन टारगेट यह था कि मिस इंफॉर्मेशन को फैलाना है। जी हां, बीटल्स से लेकर सीआईए तक सबको यह बोलना है कि भाई इनके पीछे इलुमिनाटी और यह हम सबको।
Speaker A
गए ट पाक ने तो अपने एल्बम का नाम ही रख दिया इलुमिनाटी और इन सब आर्टिस्ट का एक ही कहना था कि एक सीक्रेट सोसाइटी है कोई सीक्रेट ग्रुप है जो सब कुछ कंट्रोल कर रहा है ये सब एक्सप्रेस करने के बाद टपा
Speaker A
कंट्रोल कर रहे हैं तो यह सब गलत है। यह सिस्टम हमें नहीं चाहिए। यह सब जो हो रहा है यह रियलिटी नहीं है। हम सारे पपेट्स हैं। हमें कंट्रोल।
Speaker A
काइंड ऑ स्टफ और जिम कैरी के साथ भी देखें क्या हुआ मैं जिम कैरी का बहुत बड़ा फैन हूं और मैं बता सकता हूं आपको कि ही डिजर्व्स मोर देन व्हाट ही हैज अचीव्ड तो बात ये है कि जो भी एक्सपोज करने को कोशिश
Speaker A
करता है या तो उसका करियर खत्म हो जाता है उसकी जिंदगी में कोई पर्सनल प्रॉब्लम्स आ जाते हैं या फिर वो बंदा ही मर जाता है तो यह एक पैटर्न तो है जिसको कोई भी डिनायर सब छोड़ो भाई अब मुद्दे की बात पे आते हैं
Speaker A
ये ऑर्डर ऑफ इलुमिनाटी एजिस्ट करती है नहीं करती मैस लेवल पे लोगों के सबकॉन्शियस के साथ खेलती है नहीं खेलती ये एजिस्ट करती भी है कि नहीं एजिस्ट करती यह सारा कुछ मजे लेने के लिए ठीक है लेकिन
Speaker A
इतना मैटर नहीं करता क्योंकि मैंने ऐसे बहुत सार लोग देखे हुए हैं जो बहुत ज्यादा वहमी है समोसे को उठा के परेशान हो रहे हैं कि ये समोसा ट्रायंगुलर क्यों है भाई ये समोसे बनाने वाले चाचा कहीं इलुमिनाटी के मेंबर तो नहीं अरे बस कर दो
Speaker A
यार अरे यार वो बेचारा चाचा अपने समोसे बेच दे बड़ी बात है आप कह रहे हो उसने अपनी सोल बेच दी तो बात ये है कि अगर आप अच्छे इंसान हैं और अपनी पॉजिटिविटी प फोकस कर रहे हैं सही डायरेक्शन में जा रहे
Speaker A
हैं तो फिर कोई शैतानी ताकत आपको इधर-उधर नहीं कर सकती भाई बाय द वे आपके भाई का कराची में एक स्टैंड का शो होने जा रहा है द सवेज स्टैंड अप कॉमेडी नीचे कमेंट सेक्शन में मैंने लिंक लगा दिया है वहां
Speaker A
से जाके आप टिकट खरीद सकते हैं यह तो हो गई सीरियस बातें अब मिलेंगे स्टैंड अप कॉमेडी में हसेंगे खेलेंगे एंजॉय करेंगे तो सेकंड फेप को आना मत भूलना बाकी आपसे मुलाकात होती है किसी और वीडियो में किसी
Speaker A
और बात प करते हो तबसरा तब तक के लिए भाई को दीजिए इजाजत मैं चला गुड बाय [संगीत]
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