प्राचीन मिस्र की 3000 साल पुरानी सभ्यता, फिरौन की सत्ता, पिरामिड निर्माण और सामाजिक-धार्मिक जीवन की कहानी।
Key Takeaways
- फिरौन की सत्ता धार्मिक और राजनीतिक दोनों रूपों में केंद्रीकृत थी।
- नाइल नदी की उपजाऊ भूमि ने मिस्र की सभ्यता को समृद्ध बनाया।
- पिरामिड निर्माण में विज्ञान, गणित और मानव श्रम का अद्भुत समन्वय था।
- मध्य किंगडम में पुनः एकीकरण और विकास हुआ।
- मिस्र की सभ्यता पर विदेशी आक्रमणों ने अंततः प्रभाव डाला।
What the video covers
- प्राचीन मिस्र की सभ्यता 3000 साल तक शक्तिशाली रही, जिसके राजा खुद को खुदा मानते थे।
- नाइल नदी के किनारे इस सभ्यता का विकास हुआ, जिससे कृषि और जीवन समृद्ध हुआ।
- फिरौन नार्मर ने अप्पर और लोअर मिस्र को एकीकृत किया और एक सशक्त राज्य स्थापित किया।
- ओल्ड किंगडम काल में पिरामिडों का निर्माण हुआ, जो वास्तुकला और विज्ञान का अद्भुत उदाहरण हैं।
- फिरौन की सत्ता धार्मिक और राजनीतिक दोनों रूपों में अत्यंत प्रभावशाली थी।
- मिश्रवासियों का सामाजिक जीवन समृद्ध था, जिसमें भोजन, वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन और चिकित्सा शामिल थे।
- मध्य किंगडम में इजिप्ट ने पुनः विकास और सिंचाई परियोजनाओं पर जोर दिया।
- फिरौन की मृत्यु के बाद भी उनके लिए पिरामिडों में जीवनोपयोगी वस्तुएं रखी जाती थीं।
- राजनीतिक कमजोरियों के कारण राज्य टूट गया और स्थानीय शासकों ने छोटे-छोटे राज्यों का निर्माण किया।
- अंत में मिस्र पर विदेशी आक्रमण हुए, जिसमें पर्शियन और रोमन साम्राज्य शामिल थे।
Chapters
- 00:00प्राचीन मिस्र की शुरुआत और फिरौन की सत्ता
- 01:44नाइल नदी और मिस्र की कृषि जीवनशैली
- 03:09फिरौन नार्मर और मिस्र का एकीकरण
- 05:58ओल्ड किंगडम और पिरामिड युग
- 07:23पिरामिड निर्माण की तकनीक और विज्ञान
- 08:42फिरौन की सत्ता और सामाजिक जीवन
- 10:07फिरौन की मृत्यु और आफ्टर लाइफ की मान्यताएं
- 12:53राजनीतिक कमजोरियां और राज्य का विघटन
- 14:12मध्य किंगडम का पुनरुत्थान और विकास
- 17:11विदेशी आक्रमण और मिस्र का अंत
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Speaker A
3000 साल तक पावरफुल रहने वाली एक ऐसी सल्तनत जिसका राजा खुद को खुदा कहता था। यह एक ऐसी सिविलाइजेशन है जिसकी मम्मीज़, जिसके पिरामिड्स, जिसकी मिस्टीरियस दास्ताने आज भी लोगों को हैरान कर देती हैं। इतनी ताकतवर एंपायर का उूज कैसे हुआ।
Speaker A
और इसको जवाल कैसे आया? यही मौजू है हमारी आज की इस वीडियो का और यह कहानी है एंशिएंट इजिप्ट की। [संगीत] दोस्तों यह तहजीब ना सिर्फ दुनिया की सबसे पुरानी तहजीबों में से एक है बल्कि ये एक ऐसी तहजीब भी है जो 3000 साल के अरसे तक
Speaker A
और इसको जवाल कैसे आया? यही मौजू है हमारी आज की इस वीडियो का और यह कहानी है एंशिएंट इजिप्ट की। [संगीत] दोस्तों यह तहजीब ना सिर्फ दुनिया की सबसे पुरानी तहजीबों में से एक है बल्कि ये एक ऐसी तहजीब भी है जो 3000 साल के अरसे तक।
Speaker A
ऑब्वियस सी बात है कि नदी जहां से भी गुजरती है उसके आसपास की जमीन बहुत फर्टाइल होती है। वहां फसल बहुत अच्छे से उग सकती है। तो ये नदी जो थी मिस्र के लोगों के लिए एक तोहफा थी। तारीख भी जब
Speaker A
इंतहाई पावरफुल रही। इस सिविलाइजेशन ने जो बर्थ लिया वो था नदी के किनारे। जी हां नायल नदी के किनारे। इस नदी का ठाठे मारता हुआ पानी आसपास की जमीनों को जरखेज करता रहता था और आज भी करता है और ये तो।
Speaker A
बनाने शुरू कर दिए। मुख्तलिफ हुनर सीखने शुरू कर दिए और इसी तरह ही उन्होंने इतनी बड़ी-बड़ी इमारतें भी बना दी। इन शहरों की जो रोजमर्रा की जिंदगी है वो भी बड़ी इंटरेस्टिंग होती थी। एंशिएंट इजिपशियंस का जो खाना होता था उसमें रोटी शामिल होती
Speaker A
ऑब्वियस सी बात है कि नदी जहां से भी गुजरती है उसके आसपास की जमीन बहुत फर्टाइल होती है। वहां फसल बहुत अच्छे से उग सकती है। तो ये नदी जो थी मिस्र के लोगों के लिए एक तोहफा थी। तारीख भी जब।
Speaker A
बर्दाश्त करने के लिए सही भी रहते थे। बाकी खूबसूरती को लेके एंशिएंट इजिपशियंस बहुत ही पैशनेट थे। भाई विग्स भी पहनते थे, आईलाइनर लगाते थे, ज्वेलरी पहनते थे। ये जो ब्यूटीफिकेशन है यह उनके कल्चर का पार्ट थी। और सरप्राइजिंगली इस मुआशरे में
Speaker A
देखेंगे तो मिस्र के लोगों के पास कभी भी खाने की कमी नहीं रही। जब इंसान का पेट भर जाता है तो फिर वह और चीजों पे गौर फिक्र करने लग जाता है। बिल्कुल ऐसे ही जब खाना अबंडेंस में आ गया तो फिर उन्होंने शहर।
Speaker A
ने बहुत सारे लोग नॉर्मर को मिनिस भी कहते हैं। उस बादशाह ने क्या किया कि अप्पर इजिप्ट और लोअर इजिप्ट को यूनाइट कर दिया। यूनाइट करके एक यूनाइटेड इजिप्ट बना दिया। एक मुल्क बना दिया जिस पर वह हुकूमत करने
Speaker A
बनाने शुरू कर दिए। मुख्तलिफ हुनर सीखने शुरू कर दिए और इसी तरह ही उन्होंने इतनी बड़ी-बड़ी इमारतें भी बना दी। इन शहरों की जो रोजमर्रा की जिंदगी है वो भी बड़ी इंटरेस्टिंग होती थी। एंशिएंट इजिपशियंस का जो खाना होता था उसमें रोटी शामिल होती।
Speaker A
है ना दोस्तों वो किंग नॉर्मर से शुरू होता है। जिसमें आगे जाके बहुत सारी चीजें हैं, पिरामिड्स हैं, ममीज हैं और बड़ी दास्ताने हैं। जब नार्मर ने इजिप्ट को यूनाइट कर दिया तो फिर उसके बाद एक और नए
Speaker A
थी और बियर जरूर शामिल होती थी। जी बियर तो वो ऐसे कंज्यूम करते थे जैसे पानी हो और उसके साथ प्याज, मछली, अंजीर और कभी-कभी गोश्त भी। कपड़े बहुत सिंपल से उनके लेनन के होते थे और वो गर्मी।
Speaker A
और उनमें से भी जो मशहूर है द ग्रेट पिरामिड ऑफ़ गीजा वो भी इसी टाइम में बना जो फेरो खुफू ने बनाया। तो असल में इन पिरामिड्स को जो चीज कमाल बनाती है जो वंडर क्रिएट होता है इनके अराउंड वो यही
Speaker A
बर्दाश्त करने के लिए सही भी रहते थे। बाकी खूबसूरती को लेके एंशिएंट इजिपशियंस बहुत ही पैशनेट थे। भाई विग्स भी पहनते थे, आईलाइनर लगाते थे, ज्वेलरी पहनते थे। ये जो ब्यूटीफिकेशन है यह उनके कल्चर का पार्ट थी। और सरप्राइजिंगली इस मुआशरे में।
Speaker A
आम पत्थर नहीं होता। एक पत्थर का वजन तकरीबन एक टन बताया जाता है। तो यह जो था यह सिर्फ आर्किटेक्चर का कमाल नहीं था। साइंस का भी कमाल है। इसमें मैथ्स का भी कमाल है। बाय द वे ये जो 365 डेज होते हैं
Speaker A
जो औरतें थी वह बड़ी एंपावर्ड थी। औरतें प्रॉपर्टी भी ओन कर सकती थी, डिवोर्स भी ले सकती थी। तो प्रॉपर उनका सोसाइटी में एक रुतबा था। अब जो असल खेल शुरू हुआ वो हुआ 3100 बीसी के आसपास। जब इजिप्ट के किंग नार्मर।
Speaker A
बड़ी बात थी। और मेडिसिंस में भी यह लोग बहुत आगे थे। हर्बल रेमेडीज करते थे, सर्जिकल प्रोसेससेस करते थे। इवन डेंटल ट्रीटमेंट्स भी करते थे। सदियों तक ये चीज एक मिस्ट्री ही रही थी कि ये पिरामिड्स कैसे बनाए गए हैं। लेकिन अब जाके यह समझ
Speaker A
ने बहुत सारे लोग नॉर्मर को मिनिस भी कहते हैं। उस बादशाह ने क्या किया कि अप्पर इजिप्ट और लोअर इजिप्ट को यूनाइट कर दिया। यूनाइट करके एक यूनाइटेड इजिप्ट बना दिया। एक मुल्क बना दिया जिस पर वह हुकूमत करने।
Speaker A
वर्कर्स ने भी इसमें कंट्रीब्यूट किया होगा। बाकी कुछ लोग जो कॉनस्परेसी थ्योरीज पे यकीन रखते हैं वो तो यह भी कहते हैं कि यह सब बनाने में एलियंस ने इनकी हेल्प की थी। लेकिन हमारा चैनल कोई कांस्परेसी थ्योरीज का चैनल नहीं है। हम फैक्ट्स पे
Speaker A
लग गया। तो किंग नॉर्मर ने इजिप्ट को इतना स्ट्रांग बना दिया कि जो आम इजिपशियन लोग थे आवाम जो थी वो ये कहने लगी कि हमारा जो लीडर है ना भाई वो इंसान नहीं है। वो कोई खुदा है। तो ये एंशिएंट इजिप्ट का जो सफर।
Speaker A
लेके सोशल लाइफ सब कुछ इनके हुकुम के अकॉर्डिंग होगी। यानी रिलीजन और पॉलिटिक्स दोनों एक ही इंसान के कंट्रोल में थी और वो था उस वक्त का फेरो। यह फेरोज़ इतने पावरफुल होते थे कि अपने मरने के बाद भी
Speaker A
है ना दोस्तों वो किंग नॉर्मर से शुरू होता है। जिसमें आगे जाके बहुत सारी चीजें हैं, पिरामिड्स हैं, ममीज हैं और बड़ी दास्ताने हैं। जब नार्मर ने इजिप्ट को यूनाइट कर दिया तो फिर उसके बाद एक और नए।
Speaker A
बेरियल की साइट है। लेकिन इनका जो रिलीजन होता था उसके हिसाब से इनका मानना यह था कि मरने के बाद जो आफ्टर लाइफ है, उसमें जब रूह यहां से उठेगी तो इस पिरामिड में वो सेफ रहेगी। ये उसके लिए एक घर बन
Speaker A
दौर की शुरुआत हुई। तारीख में इस दौर को बोलते हैं ओल्ड किंगडम। यह दौर शुरू हुआ 2686 से लेके 2181 बीसी तक। इसी दौर को पिरामिड एज भी कहते हैं। क्योंकि इसी दौर में जो पिरामिड्स हैं वो बनने शुरू हो गए।
Speaker A
लाइफ में यह सारी चीजें उनको काम आएंगी। अब एंशिएंट इजिप्ट का पूरा जो सिस्टम था वह सारा डिपेंड करता था कि फेरो कितना पावरफुल है। जितना पावरफुल फेरो उतनी ही पावरफुल उसकी एडमिनिस्ट्रेशन और उतना ही पावरफुल उसका मुल्क। इसी दौर में उन्होंने
Speaker A
और उनमें से भी जो मशहूर है द ग्रेट पिरामिड ऑफ़ गीजा वो भी इसी टाइम में बना जो फेरो खुफू ने बनाया। तो असल में इन पिरामिड्स को जो चीज कमाल बनाती है जो वंडर क्रिएट होता है इनके अराउंड वो यही।
Speaker A
थे। लेकिन जैसे ही आगे जाके कमजोर फेरोज़ आते रहे यानी किंग की जो ताकत है वो कमजोर पड़ने लग गई तो लोकल गवर्नर्स जो हैं उन्होंने अपनी-अपनी छोटी-छोटी सल्तनतें बनानी शुरू कर दी। यानी एक सेंट्रल गवर्नमेंट के पास जो पावर थी वो टूट गई।
Speaker A
है कि इतने पुराने दौर में 4500 साल पहले इतनी कमाल किस्म की इंजीनियरिंग कैसे पॉसिबल थी? कैलकुलेटर भी नहीं होते थे तब मॉडर्न मशीनें भी नहीं होती थी। कन भी नहीं होते थे। पत्थर से पत्थर जोड़कर आखिर यह सब बना कैसे? और पत्थर भी जो है ये कोई।
Speaker A
इजिप्ट टूट-फूट चुका था इसको फर्स्ट इंटरमीडिएट पीरियड भी कहते हैं। ओल्ड किंगडम के कोलैप्स के बाद एक और दौर आया जिसको बोलते हैं मिडिल किंगडम। इस दौर की शुरुआत होती है 255 बीसी से। होता यह है कि जो लोकल लीडर्स थे उन्होंने
Speaker A
आम पत्थर नहीं होता। एक पत्थर का वजन तकरीबन एक टन बताया जाता है। तो यह जो था यह सिर्फ आर्किटेक्चर का कमाल नहीं था। साइंस का भी कमाल है। इसमें मैथ्स का भी कमाल है। बाय द वे ये जो 365 डेज होते हैं।
Speaker A
किंगडम था इसमें सबसे ज्यादा फोकस था डेवलपमेंट क्योंकि यह वो टाइम है जब इजिप्ट के लोगों ने इरीगेशन के प्रोजेक्ट्स भी बनाए। नाइल नदी से आने वाला जो पानी है उसका उन्होंने बेहतरीन इस्तेमाल किया। इरीगेशन करके उस पानी को
Speaker A
साल के अंदर यह भी हमें एंशिएंट इजिप्ट से पता लगा। उन्होंने ही ऐसा कैलेंडर बनाया था ताकि वो नाइल नदी के फ्लड्स को प्रेडिक्ट कर सके। तो बिना किसी मॉडर्न इंस्ट्रूमेंट्स के परफेक्ट एंगल्स निकालना, परफेक्ट मेजरमेंट्स करना पिरामिड्स के लिए यह अपने आप में बहुत।
Speaker A
वो भी शुरू हो गया। पैसे भी बहुत सारे आने लग गए और कनेक्शंस भी बहुत अच्छे बन गए। एक और जो खास बात थी इस दौर की वो ये थी कि इस जमाने के जो फेरोस थे उन्होंने अपनी
Speaker A
बड़ी बात थी। और मेडिसिंस में भी यह लोग बहुत आगे थे। हर्बल रेमेडीज करते थे, सर्जिकल प्रोसेससेस करते थे। इवन डेंटल ट्रीटमेंट्स भी करते थे। सदियों तक ये चीज एक मिस्ट्री ही रही थी कि ये पिरामिड्स कैसे बनाए गए हैं। लेकिन अब जाके यह समझ।
Speaker A
हिफाज़त करें। तुम पे रूल करें। वी आर शेफर्ड ऑफ़ द पीपल। तो ये जो अप्रोच थी ना ये जरा नीचे से आने वाली अप्रोच थी। एक पॉलिटिकल स्ट्रेटजी थी बेसिकली ये ताकि जो आम आवाम है उसके साथ कनेक्शन बेहतर हो
Speaker A
आता है कि दिस इज पॉसिबल। हां, इसमें मैन पावर बहुत ज्यादा लगा होगा। लेकिन उस दौर के फिरौनों के पास मैन पावर की कमी नहीं होती थी। उनके पास हजारों लाखों की तादाद में गुलाम होते थे। जाहिर है स्किल्ड।
Speaker A
प्रोग्रेस हुई। आर्ट में बहुत प्रोग्रेस हुई। उसके अलावा लिखने के मुख्तलिफ तरीके इन्वेंट किए गए। कहानियां लिखी गई। इस एरा में टेंपल्स भी बहुत सारे बनाए गए। तो इस दौर में इजिप्ट जो है वो ना सिर्फ मिलिट्री पावर और पॉलिटिकल पावर बन रहा था
Speaker A
वर्कर्स ने भी इसमें कंट्रीब्यूट किया होगा। बाकी कुछ लोग जो कॉनस्परेसी थ्योरीज पे यकीन रखते हैं वो तो यह भी कहते हैं कि यह सब बनाने में एलियंस ने इनकी हेल्प की थी। लेकिन हमारा चैनल कोई कांस्परेसी थ्योरीज का चैनल नहीं है। हम फैक्ट्स पे।
Speaker A
बाहर से था। मुल्क से बाहर के एक्सटर्नल थ्रेट्स बहुत बढ़ने लग गए थे। मैं बाहर से आने वाले दुश्मनों की बात कर रहा हूं। तभी इस कहानी में एंट्रेंस होती है हिकसोस की। हिकसोस एक ऐसी कौम थी उस दौर की जिसके पास
Speaker A
ही बात करेंगे भाई। तो ये जो एरा था इसमें जो फेरोस थे वो इतने पावरफुल थे कि लोग उनको लिटरली खुदा का रूप समझते थे। लोग यह मानते थे कि यह फेरोज़ गॉड को रिप्रेजेंट कर रहे हैं। तो हमारी प्राइवेट लाइफ से।
Speaker A
हिक्सोस ने जब अटैक किया इजिप्ट पे तो उन्होंने इजिप्ट के बहुत सारे इलाकों पर कब्जा कर लिया। तो इस तरह इजिप्ट बहुत कमजोर होने लग गया। लेकिन यह वाला जो डाउनफॉल है यह भी टेंपरेरी डाउनफॉल था क्योंकि इसके बाद आया एक और एरा जिसको
Speaker A
लेके सोशल लाइफ सब कुछ इनके हुकुम के अकॉर्डिंग होगी। यानी रिलीजन और पॉलिटिक्स दोनों एक ही इंसान के कंट्रोल में थी और वो था उस वक्त का फेरो। यह फेरोज़ इतने पावरफुल होते थे कि अपने मरने के बाद भी।
Speaker A
यह तकरीबन 1550 बीसी के आसपास से शुरू होता है। 500 साल तक यह एरा चलता है। यह जो एरा था यह इजिप्ट की पीक थी। इजिप्ट हर चीज में टॉप पर जा रहा था। आर्किटेक्चर हो, मिलिट्री पावर हो, कल्चर हो, ट्रेड
Speaker A
अपने कंफर्ट के लिए यह पिरामिड्स बना देते थे ताकि इनकी रूह वहां पर महफूज़ रहे। अभी समझाता हूं। खुल के समझाता हूं। बेसिकली, तो जो पिरामिड है, वह बादशाह के लिए एक कब्र है जहां पर उसको दफनाया जाता है। वह।
Speaker A
सूडान है और लिवांथ जो आज के दौर का सीरिया और फस्तीन है। यह सारे एरिया भी इजिप्ट की सल्तनत के अंडर आ गए थे। इस दौर में एक फीमेल फेरो भी रही है। उसका नाम था हेचशिप्सू। हैचिप्स ने ट्रेड को स्पेशली
Speaker A
बेरियल की साइट है। लेकिन इनका जो रिलीजन होता था उसके हिसाब से इनका मानना यह था कि मरने के बाद जो आफ्टर लाइफ है, उसमें जब रूह यहां से उठेगी तो इस पिरामिड में वो सेफ रहेगी। ये उसके लिए एक घर बन।
Speaker A
थ्री। इसने फिर मिलिटरली इजिप्ट को सुपर पावर बना दिया था। इसको तो बहुत सारे स्टोरियंस नेपोलियन ऑफ़ इजिप्ट भी कहते थे क्योंकि इसने मिलिट्री कैंपेन बहुत ज्यादा की थी। इसी के टाइम में इजिप्ट की जो पावर थी वो सबसे ज्यादा एक्सपेंड की थी। उसके
Speaker A
जाएगा। तो इसीलिए उस पिरामिड के अंदर वो बादशाह के लिए सब कुछ रख भी देते थे। सोना भी रख देते थे, गोल्ड भी रखते थे, खाना भी रखते थे। यहां तक कि गुलामों के स्टैचूस भी रख देते थे। उनका मानना था कि यह आफ्टर।
Speaker A
सिस्टम है उसको खत्म कर दिया। एक नया सिस्टम वो लेके आ गया और उसके हिसाब से उसने कहा कि गॉड जो है ना वह एक है। एथिन गॉड एतिथिन की ही इबादत करेंगे। एथिन उनका सूरज वाला खुदा था। तो उसने कहा कि भाई
Speaker A
लाइफ में यह सारी चीजें उनको काम आएंगी। अब एंशिएंट इजिप्ट का पूरा जो सिस्टम था वह सारा डिपेंड करता था कि फेरो कितना पावरफुल है। जितना पावरफुल फेरो उतनी ही पावरफुल उसकी एडमिनिस्ट्रेशन और उतना ही पावरफुल उसका मुल्क। इसी दौर में उन्होंने।
Speaker A
फेरो मरा और नए वाले आए उन्होंने सबसे पहले तो इसका जो सिस्टम था ना यह एक खुदा वाला उसको खत्म कर दिया। उसके अलावा इसके टेंपल भी तुड़वाए। इसको पूरा हिस्ट्री से डिलीट करने की कोशिश की। बिल्कुल भी पसंद
Speaker A
लिखने का एक नया निजाम भी इन्वेंट किया। थयरोगफिक्स जिसको बोलते हैं। अब वक्त के साथ-साथ हुआ यूं कि जो लोकल गवर्नर्स थे जिनको नोमार्क्स भी कहते हैं वो बहुत पावरफुल होने लगे। पहले तो वह फेरो के अंडर काम करते थे और फेरो की ही बात मानते।
Speaker A
करते हैं तो यह दो अलग फिरौनों पर फिट बैठता है। तो रेमिसिस टू की जब हिस्ट्री को आप देखेंगे तो ये एक ऐसा फिरौन है जिसने सबसे ज्यादा कंस्ट्रक्शन कराई है। कैपिटल सिटी पिरामिसिस बनाया है और उसके पास गुलाम भी बहुत ज्यादा थे। तो बनी
Speaker A
थे। लेकिन जैसे ही आगे जाके कमजोर फेरोज़ आते रहे यानी किंग की जो ताकत है वो कमजोर पड़ने लग गई तो लोकल गवर्नर्स जो हैं उन्होंने अपनी-अपनी छोटी-छोटी सल्तनतें बनानी शुरू कर दी। यानी एक सेंट्रल गवर्नमेंट के पास जो पावर थी वो टूट गई।
Speaker A
करता है। अब रेमिसिस टू ने बहुत लंबे अरसे तक हुकूमत की थी तकरीबन 66 इयर्स। तो हिस्टोरियंस ये कहते हैं कि यह हो सकता है कि रेमिसिस टू के जब आखिरी दिन हो उन दिनों में हजरत मूसा अपने डिवाइन मिशन पे
Speaker A
और इसी तरह इजिप्ट की जो यूनिटी है वो बिखर गई। अंदर ही पावर स्ट्रगल शुरू होने लग गई। पॉलिटिकल इनस्टेबिलिटी आ गई और इसी तरह ओल्ड किंगडम जो है वो पूरा का पूरा कोलैप्स कर गया। यह जो पीरियड था जिसमें।
Speaker A
थे ये जो एग्जिटस का पूरा वाकया हुआ था वो हो सकता है मरणबता के टाइम में हुआ हो यानी रेमसेस टू के बेटे की जिंदगी में यानी वो पूरा जो किस्सा है जिसमें हजरत मूसा समंदर के दो टुकड़े करते हैं बनी
Speaker A
इजिप्ट टूट-फूट चुका था इसको फर्स्ट इंटरमीडिएट पीरियड भी कहते हैं। ओल्ड किंगडम के कोलैप्स के बाद एक और दौर आया जिसको बोलते हैं मिडिल किंगडम। इस दौर की शुरुआत होती है 255 बीसी से। होता यह है कि जो लोकल लीडर्स थे उन्होंने।
Speaker A
भी कहते हैं क्योंकि आर्कियोलॉजिस्ट को 1896 में मरनेपता स्टीली के नाम से इं्रिप्शन मिली थी। जिसमें पहली दफा इसराइल का नाम लिखा हुआ था। उसमें लिखा तो यह हुआ था कि इसराइल जो है वो बनी इसराइल उसको इजिप्ट ने क्रश कर दिया है। खत्म कर
Speaker A
खुद ही सोचा कि भाई ऐसे तो इजिप्ट नहीं चल सकता। हमें एक लीडर की जरूरत है। और इसीलिए दोबारा से फेरो वाला निजाम कायम करना पड़ेगा। तो उन्होंने दोबारा से इजिप्ट को यूनाइट करके अपने लिए एक फेरो को एज अ लीडर चुन लिया। अब यह जो मिडिल।
Speaker A
जाती है कि डूब के मरने वाला फ्रॉन यह हो। रेवर्सिस टू जिसकी मैं बात कर रहा था सबसे बड़ा बिल्डर यह था। लक्सर टेंपल इसने बनाया। अबू सिंबल की ये जो जॉइंट स्ट्रक्चर्स आप देखते हैं वो भी इसी के
Speaker A
किंगडम था इसमें सबसे ज्यादा फोकस था डेवलपमेंट क्योंकि यह वो टाइम है जब इजिप्ट के लोगों ने इरीगेशन के प्रोजेक्ट्स भी बनाए। नाइल नदी से आने वाला जो पानी है उसका उन्होंने बेहतरीन इस्तेमाल किया। इरीगेशन करके उस पानी को।
Speaker A
पूछेंगे ये हिताइड्स कौन है भाई? ये एक और एंशिएंट सिविलाइजेशन थी जिन्होंने बहुत बड़ी एंपायर बनाई हुई थी एनथोलिया में आज के दौर के तुर्की में। तो इन हिताइड्स की और इजिपशियंस जो थे इनकी जंगे आपस में अक्सर चलती रहती थी और ज्यादातर ट्रेड
Speaker A
वो अपने फसलों तक ले गए ताकि फसलें और अच्छी बने। इससे एग्रीकल्चर जो है वो बहुत स्ट्रांग हुआ। फिर उसके अलावा इजिप्ट ने अपने जो पड़ोसी रीजंस हैं उनके साथ ट्रेड भी शुरू कर दी। तो माल का जो लेना देना है।
Speaker A
ट्रीटी पे खत्म हुई है। यानी पहली पीस ट्रीटी अगर हम देखें ना पूरी तारीख में तो वो यहां मिलती है। इसी दौर में जो रिलीजन था और आफ्टर लाइफ का जो पूरा कांसेप्ट था उसके अंदर भी बहुत ज्यादा डिटेल्स आने लग
Speaker A
वो भी शुरू हो गया। पैसे भी बहुत सारे आने लग गए और कनेक्शंस भी बहुत अच्छे बन गए। एक और जो खास बात थी इस दौर की वो ये थी कि इस जमाने के जो फेरोस थे उन्होंने अपनी।
Speaker A
गाइडेंस थी। एंशिएंट इजिपशियंस का यह मानना था कि मरने के बाद इंसान खत्म नहीं हो जाता बल्कि उसकी रूह का एक सफर शुरू हो जाता है। जिसमें वो रूह जो है मुख्तलिफ मरहलों से गुजरती है। आजमाइशों से गुजरती
Speaker A
इमेज चेंज करने की कोशिश की। जो ओल्ड किंगडम्स के फेरोस थे वो तो खुद को डायरेक्ट खुदा कहते थे। इन्होंने आवाम को यह बताया कि भाई हम खुदा तो नहीं है डायरेक्ट लेकिन हमें खुदा की तरफ से अपॉइंट किया गया है कि हम तुम लोगों की।
Speaker A
पूरी कहानी है एक तरीका है। वह यह मानते थे कि जो रूह निकल गई है उसकी जजमेंट ओसास इस तरह करता है कि एक तराजू में उस आदमी का दिल डालता है और दूसरे तराजू पे एक फदर रखता है। अब अगर तो जो दिल है उस बंदे का
Speaker A
हिफाज़त करें। तुम पे रूल करें। वी आर शेफर्ड ऑफ़ द पीपल। तो ये जो अप्रोच थी ना ये जरा नीचे से आने वाली अप्रोच थी। एक पॉलिटिकल स्ट्रेटजी थी बेसिकली ये ताकि जो आम आवाम है उसके साथ कनेक्शन बेहतर हो।
Speaker A
गया है। तो फेदर से उसका वजन ज्यादा बढ़ गया तो फिर उसको जहन्नुम में नहीं भेजते। जहन्नुम उनके पास कोई कांसेप्ट नहीं था। बल्कि उसकी सजा यह होती थी कि एक मॉन्सर आमित नामी उस रूह को निगल जाएगा। खत्म कर
Speaker A
सके। क्योंकि यह जो मिडिल किंगडम वाले फेरोज़ थे वो इस बात को समझ गए थे कि जो हमारे आबादाद हैं वो जो बहुत ही भरम में रहते थे वो आवाम के साथ कनेक्टेड नहीं थे। खैर इस वक्त में जो लिटरेचर है उसमें बहुत।
Speaker A
ट्रेजर, सोना, गुलामों के स्टैचूस। उनका यह मानना था कि मरने के बाद उस रूह को यह सारी चीजें काम आएंगी। और गुलामों के जो स्टैचूस थे उनको लगता था ये भी जो है ना ये जिंदा हो जाएंगे और ये भी अब गुलामी
Speaker A
प्रोग्रेस हुई। आर्ट में बहुत प्रोग्रेस हुई। उसके अलावा लिखने के मुख्तलिफ तरीके इन्वेंट किए गए। कहानियां लिखी गई। इस एरा में टेंपल्स भी बहुत सारे बनाए गए। तो इस दौर में इजिप्ट जो है वो ना सिर्फ मिलिट्री पावर और पॉलिटिकल पावर बन रहा था।
Speaker A
बचेगी कहीं पर जाने के लिए। वो बेघर हो जाएगी। वक्त जैसे गुजरा तो फिर एक्सटर्नल खतरा आने लग गया और इस दफा खतरा फिर बाहर से ही था। ये जो लोग हैं ये अपने आप में एक बड़ी मिस्ट्री है। इजिप्शंस ने इनको नाम दिया
Speaker A
बल्कि एक कल्चरल पावर भी बन रहा था। लेकिन जैसे हमेशा होता है कि अच्छे द।
Speaker A
था कौन? ये लोग थे कौन? लेकिन इजिप्शन उनको सी पीपल्स कहते हैं। भाई वो जब भी आते थे तबाही मचाते थे। एक तो उन्होंने इजिप्ट की मिलिट्री को वीक कर दिया। फिर अंदर करप्शन भी बहुत सारी होने लगी। बाय द
Speaker A
टाइम रम्स थ्री आया। इजिप्ट इतना कमजोर हो चुका था कि अब वो दोबारा नहीं खड़ा हो सका। अब जो है इजिप्ट में इतनी स्ट्रेंथ ही नहीं बची थी। यानी ये जो न्यू किंगडम है आखिरी वाला इसी में इजिप्ट सबसे ज्यादा
Speaker A
पीक पर भी गया और इसी में उसका डिक्लाइन भी हुआ। अब जब यह न्यू किंगडम का दौर जो है वो भी कोलैप्स कर गया तो 777 बीसी के अराउंड इजिप्ट एक फज़ में चला गया। इस फज़ को हिस्टोरियंस कहते हैं थर्ड इंटरमीडिएट
Speaker A
पीरियड। इस वक्त तक कोई सेंटर पावर नहीं थी। कोई फेरो नहीं था। छोटी-छोटी डायनेस्टीज बनी हुई थी। कोई एक राजा नहीं था। रिलीजियस प्रीस्ट जो थे, वह आपस में ही पावर के पीछे लड़ते रहते थे। और आपको पता है कि कोई भी मुल्क जब इस तरह अंदर से
Speaker A
कमजोर हो जाता है तो क्या होता है? फिर बाहर के लोग आते हैं वो आप पे हुकूमत करते हैं। तो सबसे पहले साउथ से उठ के आए न्यूबियंस। उन्होंने इजिप्ट पे हमला किया। उन्होंने इजिप्ट पे हुकूमत कायम की। वो गए। फिर
Speaker A
असीरियंस की बारी आई। भाई असीरियंस जो है वो भी अपना ब्रूटल मिलिट्री पावर के लिए बड़े मशहूर थे। वह गए तो फिर पर्शियंस आ गए। उन्होंने इजिप्ट पे कंट्रोल हासिल कर लिया। यानी इस तरह यह चैन चलती रही। फॉरेन
Speaker A
के जो पावर्स थे ना वह आके इजिप्ट पे कंट्रोल करते थे। उस पे रूल करते थे। फिर ये आता है 332 बीसी। और यहां पे एंट्रेंस होती है जी दुनिया के सबसे मशहूर कॉनकरर की एलेग्जेंडर द ग्रेट। सिकंदर आजम भी
Speaker A
जिसको कहते हैं। उसने आके इजिप्ट को फतेह किया। बल्कि फतेह क्या किया? इजिपशियंस ने खुद ही उसको वेलकम किया। क्योंकि वो पर्शियन एंपायर से बहुत ही तंग थे। लेकिन 9 साल के बाद एलेक्जेंडर द ग्रेट जो है 32
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साल की उम्र में फौत हो जाता है। अब उसके मरने के बाद उसका जो टॉप का जनरल था टॉलमी टॉलमी ने वहां पर इजिप्ट में अपनी डायनेस्टी बना दी। टॉल एकक डायनेस्टी वैसे तो इस डायनेस्टी की जो ओरिजिन है वो ग्रीक
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है क्योंकि ये लोग तो सारे मेसडोनिया से आए थे लेकिन टॉलमी ने जो अपना स्टाइल था ना गवर्नेंस का वो बिल्कुल फेरोज़ की तरह रखा। बिल्कुल वही पुराना फेरोज़ वाला फेरोनो वाला स्टाइल। इस डायनेस्टी के जो सबसे मशहूर रूलर थी वह थी क्लपेट्रा।
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क्लिपेट्रा पे तो भाई बहुत सारी मूवीज भी हैं, ड्रामे भी हैं, फिल्में भी हैं। वह अपनी खूबसूरती के लिए भी बहुत जानी जाती थी। पॉलिटिक्स भी करना उसको आता था। डिप्लोमेसी भी उसको आती थी। बड़े ही डिप्लोमेटिक उसने अप्रोचेस भी अपनाए।
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इजिप्ट को बचाने के लिए। क्लिपेट्रा के रोमांटिक रिलेशनशिप्स भी थे। जूलिया सीज़र के साथ। एक अंडरस्टैंडिंग थी कि जी इजिप्ट को एनेक्स करने की जरूरत नहीं है। उस पे फुल टाइम कब्जा करने की जरूरत नहीं है। उसको मैं अपने तरीके से चलाऊंगी। लेकिन
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रोम की देखभाल में जूलियस सीज़र अह की जब अससिनेशन हुई जब उसको मारा गया तो उसके बाद अह जो मार्क एंटनी था फिर क्लपेट्रा उसके साथ जुड़ गई। फिर जी मार्क एंटनी और क्लुपेट्रा ने मिलके इजिप्ट को पूरा बचाने
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की कोशिश की रोमन एंपायर से। बहुत बड़ी उनकी जंग हुई ऑक्टवियन के साथ। लेकिन इस जंग में वो हार गए और अगस्टस जो है वो पहला एपरर बन गया रोम का। अब जो इजिप्ट था वह क्लपेट्रा ने जितना भी बचाने की कोशिश
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की वह नहीं बचा और रोमन एंपायर का महज़ एक प्रोविंस बनके रह गया। तो इस तरह 3000 साल जो एक सिविलाइजेशन इतनी पावरफुल रही वो आखिरकार पूरी टूट-फूट कर खत्म हो गई। तो इस इस एंशिएंट इजिप्शन सिविलाइजेशन की जो
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राइज़ थी उसकी वजह एक तो सबसे बड़ी ये थी कि ये कुदरत की तरफ से जो नाइल रिवर थी वो तोहफा था इनके लिए। उसकी वजह से इनके पास सबसे पहले तो एग्रीकल्चर बहुत अच्छा हुआ। फिर हुकूमत करने की इनकी पूरी हरार्की थी।
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यह सारा कुछ इनके राइज के टाइम में पिरामिड्स वगैरह सब कुछ बने। तो पीक वाले जो टाइम था उसमें उन्होंने आर्किटेक्चर में, आर्ट में, मेडिकल में, इंजीनियरिंग में बहुत तरक्की की। लेकिन फिर जब उनका डाउनफॉल हुआ है, उसकी रीज़न सबसे बड़ी तो
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यही समझ आती थी कि वो पूरा स्ट्रक्चर जो था, पूरा जो सिस्टम था वो ओवर डिपेंडेंट था फेरो पर, फिरौन पर। फिरौन जितना पावरफुल तो सब सेट है। फिरौन कमजोर तो सब खत्म। और जैसे ही फेरो कमजोर आया तो बाहर
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के जो एक्सटर्नल थ्रेट्स थे वह आने शुरू हो गए। कभी इन्होंने कब्जा किया, कभी उन्होंने कब्जा किया, कभी हिक्सूस आए, कभी असीरियंस आए, कभी परर्शियंस आए, कभी ग्रीक्स आए, फिर रोमन आए। तो ये सारी जो फॉरेन पावर्स थी ना, उन्होंने पूरा काम
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तमाम कर दिया। इजिप्ट को लेके एक इंटरेस्टिंग फैक्ट यह भी है जो कॉनस्परेसी थेरिस्ट बिलीव करते हैं कि इजिप्ट इज फुल ऑफ़ कर्स ऑफ़ फेरोज़। क्योंकि बहुत सारे आइकलॉजिस्ट जब एक्सकवेशंस कर रहे थे तो उनकी अचानक से मौत हो जाती थी। तो भाई यह
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माना गया कि इनमें जो है फेरोज़ का श्राप मौजूद है। लेकिन अगेन ये सिर्फ ऐसी कॉनस्परेसी की चिकनी चुपड़ी बातें जिसको पॉप कल्चर ने हॉलीवुड ने बहुत यूज़ किया है। मूवीज इतनी बना डाली है। दी मम्मी आपने देखी होगी और भी बहुत सारी। तो भाई
Speaker A
मुद्दे की बात कि एंपायर कितनी भी ताकतवर हो अगर उनके लीडर में एगेंस है अगर वो खुद को खुदा समझने लग जाएंगे तो कितनी भी पावरफुल एंपायर हो वो टूट-फूट के खत्म हो जाएगी। दैट इज द फाइनल टेक अवे फ्रॉम दिस
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