मुसलमानों की पहली फिल्म इंडस्ट्री और 1001 रातों की कहानियों की ऐतिहासिक भूमिका पर एक हिंदी वीडियो।
Key Takeaways
- मुस्लिम सभ्यता ने दुनिया की पहली फिल्म और कहानी इंडस्ट्री की स्थापना की।
- अब्बासी खिलाफत के बगदाद ने ज्ञान और कला के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र की भूमिका निभाई।
- 1001 रातों की कहानियां आज भी विश्वभर में प्रसिद्ध और प्रभावशाली हैं।
- सुपर पावर बनने के लिए विज्ञान के साथ कला और संस्कृति का विकास भी आवश्यक है।
- मुस्लिम इतिहास और कला की विरासत को आधुनिक समय में पुनः समझने और सराहने की जरूरत है।
What the video covers
- अलादीन, सिंबा और अलीबाबा जैसी मशहूर कहानियों के मुस्लिम मूल और उनके इतिहास की चर्चा।
- मुस्लिम खिलाफतों (राश्ता, उमैया, अब्बासी) का इतिहास और उनका विश्व पर प्रभाव।
- अब्बासी खिलाफत के दौर में बगदाद का ज्ञान, कला और संस्कृति का केंद्र बनना।
- बगदाद में पहली स्टोरी और फिल्म इंडस्ट्री की स्थापना और हिकावती की भूमिका।
- कहानियों के महत्व और बगदाद की फिल्म इंडस्ट्री के पतन के कारण।
- 1001 रातों की कहानियों का निर्माण और उसकी वैश्विक लोकप्रियता।
- शहंशाह शहरियार और शहरेजाद की कहानी का वर्णन।
- कहानियों के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश।
- मुस्लिम आर्ट्स की ताकत और उसकी आधुनिक दुनिया में भूल।
- 1001 रातों की कहानियों का यूरोप में प्रसार और प्रभाव।
Chapters
- 00:00मुस्लिम कहानियों का परिचय और उनका वैश्विक प्रभाव
- 01:52मुस्लिम खिलाफतों का इतिहास और उनका पतन
- 03:32अब्बासी खिलाफत और बगदाद का ज्ञान केंद्र बनना
- 05:07बगदाद में पहली फिल्म और कहानी इंडस्ट्री की स्थापना
- 08:24कहानियों की गुणवत्ता और इंडस्ट्री का संकट
- 10:061001 रातों की कहानियों का निर्माण और लोकप्रियता
- 11:41शहंशाह शहरियार और शहरेजाद की कहानी
- 14:41कहानियों का सामाजिक प्रभाव और समाप्ति
- 20:201001 रातों की कहानियों का यूरोप में प्रसार
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Speaker A
अलादीन सिंबा और अलीबाबा 40 चोर ये ऐसी कहानियां है जिन्हें आज भी अमेरिका [संगीत] से लेकर चाइना तक पूरी दुनिया जानती है। अली बाबा लेकिन अगर इन कहानियों को गौर से देखा जाए [संगीत] तो इन सारी कहानियों में एक चीज
Speaker A
कॉमन है। इन कहानियों के सारे हीरोज़ मुसलमान कैरेक्टर्स [संगीत] हैं। फॉर एग्जांपल दुनिया की सबसे फेमस कहानी [संगीत] अलादीन। असल में एक मुसलमान लड़की [संगीत] अलाउद्दीन के बारे में थी। लेकिन आखिर क्यों? ये सब आखिर हुआ कैसे?
Speaker A
ये जिन करेगा आपकी खिदमत। यह कोई छोटा-मोटा कोइंसिडेंस या इत्तेफाक नहीं बल्कि इस सबके पीछे मुसलमानों की एक ऐसी हिस्ट्री छुपी है जिसे आज हम बिल्कुल भूल चुके हैं। और वो है दुनिया की पहली फिल्म इंडस्ट्री जो मुसलमानों ने खुद बनाई थी और इन अदर
Speaker A
वर्ड्स एक मुस्लिम हॉलीवुड। [संगीत] ये ले। अरे अली बाबा दरवाजा खोलने का राज किसी को मत बताओ। खुल जा सिम सिम लेकिन पहले पैसे दो। बेहतरीन किताबें और मखदूता। आज तक दुनिया में मुसलमानों [संगीत] की तीन बड़ी अंपायर्स रहीं हैं। खिलाफत रादा,
Speaker A
बनू उमया और अब्बासी खिलाफत। खिलाफत राजा वो अंपायर थी जिसने थोड़े से टाइम में दुनिया की बड़ी-बड़ी पावर्स को क्रश किया। और पहली बार मुसलमान दुनिया के सुपर पावर बने। [चीखने की आवाज़] अकबर ये दौर मुसलमानों के लिए बहुत ही सख्त
Speaker A
टाइम था क्योंकि इस वक्त मुसलमान सिर्फ जंगों जंगों और जंगों में ही बिजी थे लेकिन जैसे ही खिलाफत राश्ता अपनी ताकत की पीक पर पहुंची [संगीत] खिलाफत राश्ता दुनिया से खत्म [नाक से की जाने वाली आवाज़] कर दी गई
Speaker A
जिसके बाद खिलाफत एक नए खानदान के पास आई बनू उमैया उमैया खिलाफत में मुसलमानों की ताकत और भी बड़ी। लेकिन मुसलमानों की इस एंपायर में एक बहुत बड़ा मसला था। बनो उमैया सिर्फ एक अरबों की खिलाफत थी। [संगीत]
Speaker A
जो सिर्फ अरबों को ही बादशाह समझते थे और बाकी कौमों को वो अपना गुलाम कहते थे। उसी तरह जिस तरह आज के अरब बादशाह पाकिस्तानियों, इंडियंस और बंगालियों को ट्रीट करते को दखल इसीलिए बनो उमैया की खिलाफत में मुसलमान
Speaker A
साइंस, टेक्नोलॉजी [संगीत] और आर्ट्स में कभी भी आगे नहीं जा सके। लेकिन आखिर उमैया खानदान के बाद दुनिया में मुसलमानों की तीसरी खिलाफत आई। जिसने आने वाले मुसलमानों को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को हमेशा के लिए बदल कर
Speaker A
रख दिया। [संगीत] और इसका नाम था अब्बासी खिलाफत। जिसे आज तक पूरी दुनिया एक ही नाम से जानती है। द गोल्डन एज ऑफ इस्लाम। [संगीत] वाल। अब्बासी खिलाफत के आते ही मुसलमानों ने इतनी बड़ी दुनिया फतह कर ली थी कि अब
Speaker A
[संगीत] मुसलमानों को और आगे जाने की कोई जरूरत नहीं। मुसलमानों के बॉर्डर्स एक तरफ चाइना से लेकर दूसरी तरफ स्पेन तक फैले हुए थे। तो अब जब जंग खत्म हो चुकी और हर तरफ पीस और अमन फैला हुआ था। मुसलमान बादशाहों ने
Speaker A
पहली बार अपनी अटेंशन जंगों से हटाकर [संगीत] ऐसे लफ्ज की तरफ की जो कुरान में सबसे पहले नाजिल हुआ था। रब ख इरा रीड रीड और फिर इसीलिए अब्बासियों ने दुनिया में अपना नया कैपिटल बनाया। दुनिया का सबसे बड़ा शहर बगदाद।
Speaker A
आहिस्ता-आहिस्ता यह बात पूरी दुनिया में फैलने लगी कि अगर [संगीत] दुनिया में कोई भी पढ़ना और लिखना चाहता है वो मुसलमानों के इस शहर बगदाद आ सकता है। चाहे वो मुसलमान हो, क्रिश्चियन हो या हिंदू कोई भी हो।
Speaker A
तो ऑफ कोर्स ये सब देखकर दुनिया में जितने भी स्मार्ट और जीनियस लोग थे वो अपने-अपने इलाके यूरोप, चाइना, इंडिया को छोड़कर बगदाद की तरफ बढ़ने लगे। [संगीत] जिस तरह आज दुनिया के जीनियस लोग अमेरिका की तरफ जाते हैं।
Speaker A
इंटरनेशनल स्टूडेंट्स हैव कम टू द यूएस स्टूडेंट्स इन द यूनाइटेड [संगीत] स्टेट्स। इसी तरह अब्बासी खिलाफत का कैपिटल बगदाद दुनिया [संगीत] के इल्म और नॉलेज का सेंटर बनने लगा। [संगीत] पर वेट ये सब हमने बचपन से बार-बार सुना
Speaker A
है कि एक जमाने में मुसलमान साइंस में दुनिया में सबसे आगे थे। बट यह वीडियो मुसलमानों की साइंस की ताकत के बारे में नहीं बल्कि मुसलमानों के आर्ट्स की ताकत के बारे में है। जिसे आज हम सब भूल चुके हैं। क्योंकि दुनिया में
Speaker A
कोई भी सुपर पावर सिर्फ अपनी आर्मी और टेक्नोलॉजी से [संगीत] नहीं बनती बल्कि सुपर पावर बनने के लिए आपको साइंस के साथ-साथ आर्ट्स में भी पूरी दुनिया से आगे होना होता है। फॉर एग्जांपल आज की सुपर पावर अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी
Speaker A
आर्मी है। बी टू स्पिरिट [संगीत] लेकिन आर्मी के साथ-साथ अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म इंडस्ट्री हॉलीवुड भी है। [संगीत] अच्छा इस बात का सिर्फ आज हमें नहीं पता बल्कि आज से हजार साल पहले बगदाद के
Speaker A
बादशाहों को भी इस बात का अच्छी तरह पता था। इसीलिए जब अब्बासी बादशाहों ने पूरी दुनिया के टैलेंटेड लोगों को बगदाद बुलाया। पूरी दुनिया से लोग अपने इलाकों को छोड़कर बगदाद की तरफ बढ़ने लगे। पूरी दुनिया से यह लोग अकेले नहीं बल्कि
Speaker A
अपने साथ अपनी जबान, कल्चर और इवन कहानियां भी लेकर बगदाद आए। [संगीत] और इस तरह बगदाद में पूरी दुनिया के कल्चरर्स और कहानियां जमा होने लगी। और बगदाद के लोग भी हर नए आने वालों से उनकी कहानियां सुनने के लिए गौर से उसके
Speaker A
पास जमा हो जाते थे। और इस तरह यहां से बगदाद एक इंटरनेशनल सिटी बनी। और यहीं से बगदाद में दुनिया की पहली स्टोरी इंडस्ट्री या फिल्म इंडस्ट्री शुरू हुई। तो जिस तरह आज एक फिल्म या मूवी में एक हीरो या एक्टर होता है
Speaker A
जेम्स बॉल उसी तरह उस जमाने में बगदाद में भी एक नई फील्ड बनी जिसका नाम था हिकावती हिकावती एक ऐसा बंदा होता था जो बगदाद के बाजारों में खड़ा होकर जोर-जोर से लोगों को कहानियां सुनाया करता था। आज हुकूमत को
Speaker A
आपके बादशाहो की कहानियां जिन्नात की कहानियां और इवन पैगंबरों की कहानियां बगदाद के इन हिकायों की कहानी सुनने के लिए लोग दूर-दूर से जमा हो जाते थे। और अगर उसकी कहानी अच्छी होती थी [संगीत] उसे बहुत ज्यादा पैसा भी मिलता था। इस तरह
Speaker A
आहिस्ता-आहिस्ता इन कहानियों का बिजनेस इतना बढ़ने लगा अपने दरबार में कि यह पहली बार एक पूरी इंडस्ट्री बन गई। [संगीत] बल्कि यहां तक कि लोग ट्रेनिंग्स लेने लगे कि एक अच्छी कहानी बनाते [संगीत] कैसे हैं। जिस तरह आज लोग फिल्म मेकिंग या
Speaker A
एक्टिंग सीखने [संगीत] जाते हैं। लेकिन बगदाद की फिल्म इंडस्ट्री का एक बहुत बड़ा मसला था। यह सारी बस आम कहानियां थी। इन्हें किसी ने भी गौर से सोच समझ कर नहीं लिखा था। जिसमें बहुत सी कहानियां बिल्कुल बोरिंग कहानियां [संगीत]
Speaker A
थी। जिस तरह आज फ्लॉप फिल्में होती है। आपको थप्पड़ कैसी लगी? हमारी आवाज स्केरी पिक्चर। और यह बगदाद की फिल्म इंडस्ट्री को आहिस्ता-आहिस्ता डूबा रहा था। इसीलिए यह देखकर बगदाद के कहानी वाले हिकायों को समझ आ गई कि अब उन्हें एक ऐसा
Speaker A
काम करना होगा। [संगीत] एक ऐसी कहानी लिखनी होगी जिसे सुनकर लोग एक सेकंड भी इधर-उधर ना देख सकें। और बिल्कुल गौर से इस कहानी को सुनते रहें। [संगीत] और इन अदर वर्ड्स हमें एक ऐसी कहानी बनानी होगी जिसे सुनने के लिए बगदाद का हर आदमी
Speaker A
हर रात दूर-दूर से चल कर आया। बहुत बड़ा मिस जिसके बाद यहां पर बगदाद में एक ऐसी कहानी लिखी गई जिसे बगदाद तो गया। आज तक पूरी दुनिया नहीं भुला सकी। अलादीन अलादीन। और इवन आप भी वो कहानियां बार-बार सुन
Speaker A
चुके हैं। अलादीन [संगीत] अलीबा या समसम और सिमबाद जैसी कहानियां बगदाद के स्टोरी टेलर्स ने मिलकर दुनिया की सबसे बड़ी कहानी पर काम करना शुरू किया [संगीत] और उन्होंने इस कहानी का नाम रखा 1000 और एक रातें 1000 एंड वन नाइट्स
Speaker A
ओल्ड ओल्ड स्टोरीज दे कम फ्रॉम द000 अरेबियन 10001 क्या अजीब सा नाम है। लेकिन इसी नाम के पीछे बगदाद की पूरी फिल्म इंडस्ट्री का सीक्रेट छुपा है। [संगीत] और जैसे ही यह कहानी पूरी हुई इस कहानी ने हमेशा के लिए
Speaker A
दुनिया की फिल्म इंडस्ट्रीज को बदल कर रख दिया। और इंटरेस्टिंग बात पता है क्या है?
Speaker A
ये कहानी 1001 नाइट्स आज भी दुनिया में पड़ी हुई है। ये किताब नहीं बल्कि ये किताब। ये है 1001 नाइट्स। [संगीत] आई मीन लुक एट दिस बुक। जैसे ही ये किताब पूरी हुई बगदाद का सबसे बड़ा हकावती ये
Speaker A
किताब लेकर बाजार पहुंचा। लोग उसे देखकर हर तरफ से उसके आसपास जमा हो गए। [संगीत] और जैसे ही बहुत सारे लोग जमा हुए इस आदमी ने उनके सामने यह किताब खोल दी। बिस्मिल्लाहहिर्रहमानिर्रहीम। ये कहानी है आज से हजारों साल पहले एक
Speaker A
बादशाह की जो परर्शियन एंपायर का शहंशाह था [संगीत] और उसका नाम था शहंशाह शहरियार। [संगीत] जिसका पूरी दुनिया पर राज था। और दुनिया का हर बादशाह उसके सामने अपना सर झुकाता था। कोई भी इस दुनिया में शहरियार के हुक्म का
Speaker A
इंकार नहीं कर सकता था। लेकिन इस शहंशाह शहरियार की एक बहुत बड़ी कमजोरी थी। शहरियार की बीवी और परर्जन एंपायर की मलका। [संगीत] कहा जाता है शहरियार अपनी बीवी से बहुत प्यार करता था और उसकी बहुत इज्जत करता था।
Speaker A
लेकिन एक दिन शहरियार जब अपने महल पहुंचा उसे बताया गया कि उसकी बीवी जिससे वो बहुत प्यार करता है उसने शहरियार को धोखा दे दिया। [संगीत] इस एक खबर ने शहंशाह शहरियार को बिल्कुल तोड़ कर रख दिया और उसे इतना गुस्सा आया
Speaker A
कि उसने अपने हाथों से अपनी ही बीवी को मार डाला। लेकिन अपनी बीवी को मारने के बाद भी शहरियार का गुस्सा कम नहीं हुआ। बल्कि अपने बीवी के धोखे की वजह से अब शहरियार दुनिया की हर औरत से नफरत करने लगा।
Speaker A
[संगीत] दुनिया की हर औरत उसे धोखेबाज लगने लगी। और इसी गुस्से में उसने अपने वज़र एआज़म को हुकुम दिया कि आज के बाद मैं हर रात एक कंवारी लड़की से शादी करूंगा। जाओ लेकर आओ। और सुबह होते ही मैं उस
Speaker A
लड़की को मार डालूंगा। फिर शहरियार ने अपने वजीर की तरफ देखा और कहा अगर एक रात भी तुमने मेरा हुक्म पूरा नहीं किया तो मैं तुम्हारा सर उड़ा दूंगा। अब शहरियार का वज़र एक बहुत ही शरीफ आदमी था और वो खुद ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना
Speaker A
चाहता था। लेकिन शहंशाह का हुक्म टालना अपनी मौत को बुलाना था। जिसके बाद ऑफ कोर्स वजीर हर रात शहर से किसी कंवारी लड़की को जबरदस्ती उसके घर से घसीट कर बादशाह के सामने पेश करने लगा और सुबह होते ही उस लड़की को मार दिया जाता था।
Speaker A
इसी तरह एक दो या तीन रातें नहीं बल्कि हजारों रातों तक शहंशाह शहरियार मासूम लड़कियों को हर सुबह मारता रहा। [संगीत] जिसकी वजह से पूरी सल्तनत शहरियार से तंग थी और उससे नफरत करने लगी थी। लेकिन शहरियार को इस सब का जरा भी पछतावा
Speaker A
नहीं था। हजारों लड़कियों को मारने के बाद आहिस्ता-आहिस्ता एक वक्त ऐसा आने लगा कि बादशाह के शहर में लड़कियां खत्म होने लगी। और आखिर एक दिन ऐसा आया कि पूरे शहर में एक भी गवारी लड़की नहीं बची। वजीर ने
Speaker A
बहुत कोशिश की। हर तरफ शहर में ढूंढता रहा। लेकिन उसे ऐसी कोई भी लड़की नहीं मिली। और आखिर वो थक कर वापस अपने घर पहुंचा। जैसे ही वजीर अपने घर पहुंचा, घर में वजीर की दो बेटियां उसका इंतजार कर
Speaker A
रही थी और वजीर की ये दोनों बेटियां गवारी थी। जब वजीर ने यह पूरी कहानी अपनी बेटियों को सुनाई और उन्हें बताया कि आज उसकी दुनिया में आखिरी रात है। क्योंकि अब बादशाह शहरियार उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा। मेरी आखिरी रात है।
Speaker A
लेकिन यह सुनकर वजीर की बड़ी बेटी शहरजाद ने कहा कि अब्बा जान नहीं मैं ऐसा नहीं होने दूंगी। अब्बू जान मैं ऐसा नहीं होने दूंगी। आप मुझे बादशाह के पास भेज दें। ये सुनकर वजीर ने कहा तुम ये क्या कह रही हो?
Speaker A
बेटा तुम ये क्या कह रही हो? शहरियार तुम्हें सुबह होते ही मार डालेगा। लेकिन उसकी बेटी ने कहा नहीं बादशाह मुझे नहीं मारेगा। वजीर ने अपनी बेटी को बहुत मनाया लेकिन उसकी बेटी नहीं मानी और आखिर अपने बाप की जान बचाने के लिए उसकी बेटी
Speaker A
शहरेजाद रात होते ही शहंशाह के महल पहुंची। जिसके बाद जैसे कि हमेशा होता था शहरियार और शहरेजाद की शादी हो गई। सुबह होने से पहले बादशाह ने शहरेजाद से कहा कि बताओ मरने से पहले तुम्हारी आखिरी ख्वाहिश क्या है?
Speaker A
शहरेजाद ने बादशाह से कहा कि मेरी सिर्फ एक ही आखिरी ख्वाहिश है कि मेरी एक छोटी बहन है जो मुझसे बहुत प्यार करती है और जब तक रात को मैं उसको कोई कहानी ना सुनाऊं वो नहीं सोती। तो मरने से पहले मैं सिर्फ यह चाहती हूं
Speaker A
कि मैं अपनी छोटी बहन को आखिरी कहानी सुनाऊं। यह सुनकर शहरियार हंसने लगा और कहा ठीक है बुलाओ अपनी बहन को बुलाओ अपनी बहन को शहरेजाद की छोटी बहन भाग कर उसके पास आई और कहा आप कहां थी आपने मुझे कहानी क्यों नहीं
Speaker A
सुनाई शेरजाद ने अपनी बहन को उठाया अपने पास बिठाया और उसे कहा मैं तुम्हें एक कहानी सुनाती हूं। शहजाद अपनी बहन दुनियाजाद को कहानी सुनाने लगी और शहंशाह भी पास बैठकर यह कहानी गौर से सुनने लगा। कहानी चलती गई और रात भी
Speaker A
गुजरती गई और शहरेजाद के मौत का वक्त करीब आता गया। जैसे ही शहरेजाद की कहानी अपनी पीठ पर पहुंची, सुबह का वक्त करीब आने लगा और बादशाह के जल्लाद शहरेजाद को मारने के लिए दरवाजा खटखटाने लगे। यह सुनते ही शहजाद ने कहानी सुनाना बंद कर
Speaker A
दिया। क्या हुआ? तुम रुक क्यों गई? मुझे बताओ कहानी में आगे क्या हुआ? लेकिन शहजाद ने कहा, "नहीं बाकी कहानी मैं कल रात को सुनाऊंगी।" जैसे ही जल्लाद कमरे के अंदर आए, बादशाह शेरजाद की कहानी में इतना घुस
Speaker A
चुका था कि पहली बार कई सालों के बादशाह ने जल्लादों से कहा, "रुक जा।" "मैं इस लड़की को एक रात और जिंदा रहने की इजाजत देता हूं।" [संगीत] ताकि यह अपनी कहानी खत्म कर सके। अगली रात शेरजाद ने वहीं से अपनी कहानी
Speaker A
शुरू की और इस कहानी को खत्म कर दिया। दर्द। बादशाह को यह कहानी बहुत पसंद आई और वो खुश हुआ कि अब वो इस लड़की को मार सकता है। लेकिन बादशाह के हुक्म देने से पहले ही शहरेजाद ने एक और कहानी शुरू कर दी। यह
Speaker A
कहानी भी जब अपनी पीक पर पहुंची, जल्लादों ने दरवाजा खटखटाना शुरू किया। और एक बार फिर शहरेजाद ने अपनी कहानी रोक दी। बादशाह ने कहा क्या हुआ? शहरेजाद ने कहा इससे आगे की कहानी मैं कल सुनाऊंगी। तो बादशाह ने शहरेजाद को एक और रात इजाजत
Speaker A
दी कि वो यह कहानी भी खत्म कर दे। अगले दिन शहजाद ने फिर यह कहानी खत्म की और एक नई कहानी शुरू कर दी। जल्लाद फिर अंदर आए। शेरजाद ने फिर कहानी रोकी और कहा, अगली कहानी मैं कल सुनाऊंगी। और बादशाह ने उसे
Speaker A
एक और दिन की इजाजत दी। फिर एक और दिन और एक और दिन इन्हीं कहानियों के अंदर एक रात शेरजाद ने बादशाह को एक ऐसी कहानी सुनाई जो आज तक जिंदा है। एक मुसलमान लड़के अलाउद्दीन और उसके चिराग
Speaker A
की कहानी जिसे आज हम अलादीन के नाम से जानते हैं। इन्हीं रातों में एक बार शहजाद ने शहंशाह को अलीबाबा और 40 चोरों की कहानी सुनाई। जो आज तक इतनी फेमस है कि चाइना की सबसे बड़ी कंपनी का नाम भी अलीबाबा है।
Speaker A
अली बाबा इसी तरह शेरजाद ने सुलेमान सलाम की अंगूठी खिजर अली सलाम की कहानियां और बहुत सारे जिनों की कहानियां भी सुनाई जो आज तक हमारी नानी और दादियां हमें सुनाती रहती है। भूत उसको खा लेता है। बल्कि कुछ लोग तो इन कहानियों को सच समझकर
Speaker A
मस्जिद के मेंबरों से भी सुनाते हैं। हर बार इसी तरह शेरजाद की कहानियां चलती रही और रातें भी गुजरती रही और हर रात बादशाह उसे एक दिन और की इजाजत देता रहा। तो 1000 रातों के बाद शेरजाद ने बादशाह को अपनी
Speaker A
आखिरी कहानी सुनाई। बादशाह ने कहा, क्या हुआ? मुझे एक और कहानी सुनाओ। क्या हुआ? मुझे एक और कहानी भी सुनाओ। लेकिन शहजाद [संगीत] ने कहा, नहीं। आज मेरी सारी कहानियां खत्म हो गई है। आज [संगीत] सारी कहानियां खत्म हो गई है।
Speaker A
और सुबह होते ही जब जल्लाद दोबारा अंदर आए बादशाह शहरेजाद की कहानियों से अब इतना बदल चुका था कि उसने थोड़ा सोचने के बाद कहा मैं शहरेजाद को माफ करता हूं। मैं शहजाद को माफ करता हूं। और आज के बाद शहजाद मेरे बल्कि पूरी पर
Speaker A
एंपायर की मलगा होगी। बादशाह ने आखिर 1001 रातों के बाद शहरेजाद को माफ कर दिया। इसीलिए इस एक कहानी का नाम था 1000 एंड वन नाइट्स। और आखिर इस हकावती ने अपनी किताब अल्फ [संगीत] लल वला बंद कर दी। आखिर तीन साल
Speaker A
के बाद [संगीत] जब ये हजार कहानियां खत्म हुई तो बगदाद के लोग हैरान रह गए। क्योंकि पिछले हजार रातों से सिर्फ शहंशाह शहरेजाद की कहानियां नहीं सुन रहा था। बल्कि बगदाद के सारे लोग भी [संगीत] यही कहानियां सुना
Speaker A
करते थे। क्योंकि सुबह होते ही जिस जगह पर शहरात अपनी कहानी रोकती थी, [संगीत] एग्जैक्ट उसी जगह पर यह हिकावती भी अपनी कहानी को रोक देता था। आगे की कहानी मैं कल सुनाऊंगा। और फिर इस कहानी के सस्पेंस की वजह से
Speaker A
[संगीत] सिर्फ शहंशाह ही नहीं बल्कि बगदाद के सारे लोग भी दूर-दूर से आकर कहानी का अगला हिस्सा सुनने के लिए जमा होते थे। और [संगीत] जैसे ही ये 1000 एपिसोड्स की कहानी खत्म हुई। यहीं से मुसलमानों की कैपिटल बगदाद से
Speaker A
दुनिया की पहली फिल्म इंडस्ट्री शुरू हुई जो मुसलमानों ने बनाई थी। ऐसा फैसला किया बगदाद आने वाले 500 साल तक इसी तरह दुनिया का सुपर पावर रहा। लेकिन आखिर 500 साल बाद जैसे कि हमेशा होता है बगदाद की तबाही का वक्त भी करीब
Speaker A
आया। क्योंकि अचानक बगदाद से बहुत दूर मंगोलिया के एक छोटे से गांव में एक बच्चा पैदा हुआ जिसे आगे जाकर नाम मिला चंगेज खान। चंगेज़ खान आहिस्ताआहिस्ता मंगोलिया से पूरी दुनिया को फतह करते हुए पहली बार बगदाद के करीब पहुंच जाते।
Speaker A
और आखिर इसी चंगेज़ खान के पोते हलाकू खान ने। 500 साल में पहली बार बगदाद को हर तरफ से घेर लिया। लेकिन जब बगदाद के खलीफा ने हलाकू खान के सामने सरेंडर करने से इंकार किया। हलाकू खान ने बगदाद पर हमला करके
Speaker A
[संगीत] और बगदाद की सबसे बड़ी लाइब्रेरी में हर किताब को आग लगा दी। इंक्लूडिंग ये 1001 नाइट्स। हलाकू खान ने बगदाद की हर किताब को तो आग लगा दिया था। लेकिन उसके हमले से पहले बगदाद का साइंस और आर्ट्स पूरी
Speaker A
दुनिया में फैल चुका था। मुसलमानों के हॉलीवुड की ये कहानी यहां खत्म नहीं हुई बल्कि बगदाद के 300 साल [संगीत] बाद जब दुनिया के सुपर पावर मुसलमान ने यूरोप बना। किसी तरह 1001 नाइट्स की [संगीत] किताब पे यूरोप पहुंची। यूरोप में इस किताब को वर्ड
Speaker A
बाय वर्ड फ्रेंच जबान में ट्रांसलेट किया गया। और ऑफ कोर्स यह किताब भी यूरोप में आग की तरह फैली। यूरोप का बच्चा-बच्चा बगदाद के अलाउद्दीन, अलीबाबा और सिमबाद को अच्छी तरह जानता था। मतलब बगदाद की फिल्म इंडस्ट्री कभी मरी
Speaker A
नहीं बल्कि वो बगदाद से यूरोप गए। और फिर जब अमेरिका दुनिया का नया सुपर पावर बना। अमेरिका के हॉलीवुड के भी सबसे पहली फिल्में इसी किताब पर बनाई गई। जब दुनिया में पहली बार कैमरा एजाद हुआ तो दुनिया के
Speaker A
पहले कैमरों से भी इसी किताब की कहानियों पर अलीबाबा 40 थी्स की फिल्म बनाई गई। दिस मर्चेंट [संगीत] फ्रॉम बासराबा 1917 में जब वर्ल्ड वॉर वन चल रही थी। अमेरिका में अलादीन की फिल्म बनाई गई। और इवन आज तक अमेरिका बगदाद की इन्हीं
Speaker A
स्टोरीज को बार-बार बनाकर बिलियंस ऑफ डॉलर्स बनाता है। [चीखने की आवाज़] ओवर अ बिलियन एट द ग्लोबल बॉक्स ऑफिस। मतलब आज से हजार साल पहले बगदाद में बनाई गई मुसलमानों की फिल्म इंडस्ट्री। आज भी दुनिया के हर कोने में जिंदा है।
Speaker A
सब्सक्राइब।
Topics:मुस्लिम इतिहासअब्बासी खिलाफत1001 रातेंबगदादहिकावतीफिल्म इंडस्ट्रीमुस्लिम आर्ट्सशहंशाह शहरियारकहानी सुनानाहॉलीवुड











