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The Bermuda Triangle..... Dajjal, Shaitan ya illuminati?

बरमूडा ट्रायंगल की रहस्यमयी घटनाओं और मिथकों की वैज्ञानिक व्याख्या, दज्जाल, शैतान और इलुमिनाटी से जुड़ी अफवाहों का खंडन।

Key Takeaways

  • बरमूडा ट्रायंगल की घटनाएं ज्यादातर वैज्ञानिक कारणों से होती हैं, न कि अलौकिक शक्तियों से।
  • मिथक और अफवाहों के बावजूद, बरमूडा ट्रायंगल एक सामान्य समुद्री क्षेत्र है।
  • इतिहास और समुद्री दुर्घटनाओं के साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई को समझना जरूरी है।
  • कोलंबस और अन्य जहाजों की घटनाएं मैग्नेटिक फील्ड और मानवीय त्रुटियों से जुड़ी हैं।
  • बरमूडा ट्रायंगल की लोकप्रियता का कारण रहस्यमय कहानियां नहीं, बल्कि मीडिया और अफवाहें हैं।

What the video covers

  • बरमूडा ट्रायंगल को दज्जाल, शैतान और इलुमिनाटी से जोड़ा जाता है, लेकिन ये केवल अफवाहें हैं।
  • 500 साल पहले उस्मानिया सल्तनत और यूरोप के व्यापार संघर्ष के संदर्भ में कोलंबस की यात्रा का वर्णन।
  • कोलंबस ने अपनी डायरी में लिखा कि बरमूडा ट्रायंगल में कंपास अजीब तरह से हिलने लगा था, जो मैग्नेटिक फील्ड की वजह से होता है।
  • बरमूडा ट्रायंगल में खाली जहाजों के दिखने की कहानी एक मिथक है, जिसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है।
  • 300 लोगों वाले जहाज का डूबना सिलेंडर क्रैक होने के कारण हुआ था, न कि किसी अलौकिक शक्ति से।
  • दूसरे जहाजों के गायब होने के पीछे पायलटों की अनुभवहीनता और ईंधन खत्म होना मुख्य कारण थे।
  • बरमूडा ट्रायंगल में जहाज डूबने की घटनाएं सामान्य समुद्री दुर्घटनाओं के समान हैं।
  • पिछले 500 सालों में बरमूडा ट्रायंगल में डूबे जहाजों की संख्या बहुत कम है और यह अन्य समुद्री क्षेत्रों की तुलना में सामान्य है।
  • बरमूडा ट्रायंगल में रोजाना कई जहाज सुरक्षित रूप से गुजरते हैं।
  • इस वीडियो में बरमूडा ट्रायंगल के रहस्यों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया गया है।

Answers

Questions about this video

बरमूडा ट्रायंगल में जहाज क्यों गायब होते हैं?

बरमूडा ट्रायंगल में जहाजों के गायब होने के पीछे मुख्य कारण मैग्नेटिक फील्ड में बदलाव, मानवीय त्रुटि और समुद्री तूफान हैं, न कि कोई अलौकिक शक्ति।

क्या बरमूडा ट्रायंगल दज्जाल या इलुमिनाटी का ठिकाना है?

नहीं, यह केवल अफवाहें हैं। वीडियो में बताया गया है कि बरमूडा ट्रायंगल में दज्जाल या इलुमिनाटी से जुड़ा कोई ठोस प्रमाण नहीं है।

कोलंबस ने बरमूडा ट्रायंगल के बारे में क्या लिखा था?

कोलंबस ने अपनी डायरी में लिखा कि जब वे बरमूडा ट्रायंगल में थे, तो उनका कंपास अजीब तरह से हिलने लगा था, जो मैग्नेटिक फील्ड के बदलाव के कारण था।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
बरमूदा ट्रायंगल दज्जाल। [संगीत] का हेडक्वार्टर दज्जाल कहां है? एक जजीरे में। [नाक से की जाने वाली आवाज़] शैतान का तख्त। शैतान का जो तख्त है ना, इब्लीस का। द डेविल्स ट्रायंगल नोन एस द डेविल्स ट्रायंगल। यहां से लुमनाटी के लोग पूरी दुनिया को कंट्रोल करते हैं। [संगीत] जहां से जो भी कश्ती गुजरती है, वो डूबती नहीं बल्कि अचानक इस दुनिया से गायब हो जाती है। शिप जस्ट मिसिंग। [संगीत] और सिर्फ कश्तियां नहीं बल्कि इस ट्रायंगल के ऊपर से कोई भी जहाज नहीं गुजर सकता। वेयर प्लेस डिसपीयर। [संगीत] फ्रॉम द स्काई। आखिर इस आइलैंड में ऐसा है क्या? जिसकी वजह से इसे दुनिया का सबसे खतरनाक एरिया कहा जाता है। डेलीस्ट मोस्ट डेंजरस एंड डिसेप्टिव लोकेशन। और क्या वाकई में यहां दज्जाल, शैतान और इलुमिनाटी का तख्त है? सेमली गोइंग ऑन डाउन देयर वी एक्सप्लेन। [कराहने की आवाज़] [चीखने की आवाज़] बरमूदा ट्रायंगल की असल कहानी आज से 500 साल पहले शुरू होती है। जब दुनिया की सबसे बड़ी सुपर पावर का नाम था उस्मानिया सल्तनत। और यह वो जमाना था जब स्पेन में मुसलमानों के कंट्रोल में था। लेकिन तब अचानक आज से 500 साल पहले, [संगीत] फ्रांस के बादशाह ने मुसलमानों के स्पेन पर हमला कर दिया। और तेजी से स्पेन को मुसलमानों से छीनने लगा और स्पेन में हजारों मुसलमान शहीद होने लगे। ये देखकर उस जमाने में मुसलमानों के सुपर पावर उस्मानिया सल्तनत के बादशाह ने मुसलमानों पर यह जुल्म रोकने के लिए यूरोप के [संगीत] सारे ट्रेड और बिजनेस के रास्ते बंद कर दिए। और यह यूरोप के लिए एक बहुत बड़ा मसला था। क्योंकि यूरोप अपनी ज्यादातर खाने पीने [संगीत] की चीजें इंडिया और चाइना से इसी रास्ते से लेकर आता था। लेकिन उस्मानिया सल्तनत की वजह से अब यूरोप में हर तरफ भूख और गरीबी फैलने लगी। [संगीत] और लोग हर तरफ भूख से मरने लगे। उसी टाइम स्पेन [संगीत] में एक आदमी अपने बादशाह के पास गया और उसे बताया कि उस्मानिया सल्तनत ने हमारा यह रास्ता तो बंद कर दिया लेकिन मैं स्पेन [संगीत] से इंडिया तक एक नया रास्ता ढूंढ सकता हूं। बादशाह को उसकी यह बात बहुत पसंद आई और यह आदमी तीन [संगीत] बड़ी-बड़ी कश्तियों के साथ पहली बार स्पेन से उल्टी साइड पर रवाना हुए। इस आदमी का नाम था क्रिस्टोफर कोलंबस। जिसे उस वक्त इस बात का पता तो नहीं था लेकिन वो पहली बार एक नई दुनिया अमेरिका की तरफ बढ़ रहा था। अब जब कोलंबस अमेरिका की तरफ बढ़ रहा था, अचानक कोलंबस ने एक दिन आगे का रास्ता [संगीत] जानने के लिए अपना कंपास निकाला जो अब तक तो बिल्कुल ठीक काम [संगीत] कर रहा था। लेकिन जैसे ही कोलंबस की कश्तियां बरमूदा ट्रायंगल के अंदर घुसी, अचानक उसका कंपास हिलने लगा। और यह सब सिर्फ मैं नहीं कह रहा बल्कि ये सारी कहानी कोलंबस ने खुद अपनी डायरी में लिखी है। कोलंबस इसमें लिखता है कि जैसे ही हम इस नए इलाके पहुंचे, अचानक मेरा कंपास अजीब तरह हिलने लगा। और जब मैंने ऊपर देखा, दूर से मुझे आसमान और समंदर के दरमियान एक रोशनी नजर आई। अब कोलंबस तो किसी तरह बरमूदा ट्रायंगल से सेफ निकल कर अमेरिका पहुंच गया। लेकिन कहा जाता है कोलंबस वो पहला और आखिरी आदमी था जो बरमूदा ट्रायंगल से बचकर जिंदा निकला था। क्योंकि कोलंबस के बहुत साल बाद, [संगीत] एक और जहाज इसी बरमूदा ट्रायंगल से गुजर रहा था। [संगीत] लेकिन जैसे ही यह जहाज भी बरमूदा ट्रायंगल के अंदर आया, अचानक इस जहाज के कैप्टन ने एक और जहाज को दूर से अपने करीब [संगीत] आता हुआ देखा। और जैसे ही यह जहाज करीब पहुंचा, इस जहाज का कैप्टन और कश्ती में सारे लोग यह देखकर हैरान रह गए, [संगीत] कि इस जहाज पर लोगों के कपड़े, चीजें और खाने-पीने की चीजें तो पड़ी हुई हैं। [संगीत] लेकिन इस जहाज पर कोई भी आदमी नहीं था। हेलो। तो ऑफ कोर्स कैप्टन ने अपनी कश्ती से कुछ लोगों को इस दूसरी कश्ती की तरफ भेजा ताकि वो जाकर देखे कि ये जहाज आखिर आया कहां। लेकिन जैसे ही ये लोग उस कश्ती पे उतरे, अचानक समंदर में एक तूफान आया। और ये दोनों कश्तियां एक दूसरे से दूर होने लगीं। और आखिर तूफान इतना बड़ा कि ये दोनों कश्तियां एक दूसरे के नजरों से दूर चली गईं। पूरी रात तूफान चलता रहा। लेकिन अगले दिन जैसे ही मौसम ठीक हुआ, कैप्टन ने दोबारा [संगीत] दूर से वही कश्ती देखी। और जैसे ही वो इस कश्ती के करीब पहुंचे तो लोग यह देखकर एक बार फिर हैरान रह गए कि जिन लोगों को उन्होंने उस कश्ती [संगीत] में भेजा था, उनका सामान तो पड़ा है लेकिन वो लोग भी अब इस कश्ती में नहीं रहे। [संगीत] और यह कश्ती एक बार फिर बिल्कुल खाली थी। कैप्टन ने डर कर तेजी से अपनी कश्ती को बरमूडा ट्रायंगल से बाहर निकाला और वापस जाकर अमेरिका में यह कहानी सबको सुनाई। बरमूडा ट्रायंगल कोई आम समंदर नहीं बल्कि यह कहानी तो अमेरिका के एक अखबार में भी छपी और यहां से अमेरिका में यह बात फैलने लगी कि अमेरिका के पास इस बरमूडा ट्रायंगल में कोई ना कोई गड़बड़ जरूर थी। इसके कुछ साल बाद बरमूडा ट्रायंगल से अमेरिका का एक और बहुत बड़ा नेवी का जहाज गुजर रहा था। जिसमें 300 लोग सवार थे और यह कश्ती भी बरमूडा एंटर होते ही अचानक गायब हो गई। [संगीत] और इसके बाद आखिर वो हुआ जिससे पूरी दुनिया बरमूडा ट्रायंगल को जानने लगी। बरमूडा ट्रायंगल का सबसे मशहूर क्रैश तब हुआ जब दुनिया में एक बहुत बड़ी जंग चल रही थी। वर्ल्ड वॉर टू। क्योंकि अब तक तो बरमूडा ट्रायंगल में सिर्फ कश्तियां गायब हुईं। लेकिन वर्ल्ड वॉर टू में एक दिन बरमूडा ट्रायंगल के ऊपर से अमेरिका के पांच फाइटर जेट्स गुजर रहे थे। जैसे ये जहाज बरमूडा ट्रायंगल के अंदर आए। इन जहाजों के साथ भी एक्साक्टली वही हुआ, जो इससे बहुत साल पहले कोलंबस के साथ हुआ था। इन जहाजों के कंपास [संगीत] भी अजीब तरह से हिलने लगे। जिसे देखकर इनके चीफ पायलट ने इमरजेंसी में अमेरिका के रेडियो टावर से राब्ता किया और उन्हें कहा, "आई डोंट नो वेयर वी आर, आई डोंट नो टू गेट।" बल्कि बरमूडा ट्रायंगल के ऊपर से गुजरते हुए इन पायलट्स [संगीत] की आपस में बहसें भी हुईं। कोई कह रहा था हमें ईस्ट जाना चाहिए। कोई कह रहा है वेस्ट जाना चाहिए। वी गेट होस्ट टर्न अराउंड ईस्ट अगेन। और आखिर कुछ ही देर बाद इन जहाजों में से एक पायलट का रेडियो टावर में आखरी मैसेज रिसीव हुआ। ऑल प्ले क्लोज अप टाइट वी ऑल गो डाउन टगेदर। ये इन जहाजों का लास्ट मैसेज था। और ये लास्ट मैसेज इस पायलट ने दिया था जो इन पांचों जहाजों का कैप्टन था। और इस मैसेज के बाद, [संगीत] यह जहाज भी बाकियों की तरह गायब हो गए। और आज तक इन जहाजों का पता नहीं चल सका कि आखिर ये पांच जहाज गए कहां। ये थी वो चार कहानी जिनकी वजह से आज पूरी दुनिया बरमूडा ट्रायंगल को जानती है। ट्रायंगल नोन [संगीत] एस द ग्रेवयार्ड्स ऑन। और अगर देखा जाए वाकई में ये बहुत ही अजीब कहानियां हैं। कैसे ये सारे जहाज अचानक गायब हो सकते हैं। और इससे भी इम्पोर्टेन्ट बात ये है कि आखिर इन सब ने बरमूडा ट्रायंगल के अंदर देखा क्या? दज्जाल का आइलैंड, शैतान का तख्त, और या समंदर के अंदर एक ऐसा जानवर जो सिर्फ बरमूदा में ही रहता है। और इसका आंसर है कुछ भी नहीं। उन्होंने बरमूदा में कुछ भी नहीं देखा। यह सब बिल्कुल 100% झूठ है। लेट्स गो बैक टू द फर्स्ट कहानी। कोलंबस। आज से 500 साल पहले जब कोलंबस बरमूदा के अंदर एंटर हुआ और उसका कंपास अचानक हिलने लगा। ये एक बहुत ही सिंपल [संगीत] साइंटिफिक प्रॉब्लम है। कंपास चलते हैं दुनिया की मैग्नेटिक फील्ड से। और दुनिया में कुछ इलाके ऐसे हैं जहां मैग्नेटिक फील्ड्स चेंज हो जाती हैं जिससे कंपास इसी तरह अजीब तरीके से हिलता है। ऐसा सिर्फ बरमूदा ट्रायंगल में नहीं बल्कि रशिया, कनाडा, अफ्रीका के समंदरों में भी ऐसे ही होता है। दूसरा जहाज जिसमें कैप्टन को बरमूदा ट्रायंगल में एक खाली कश्ती नजर [संगीत] आई थी। यह तो है ही बिल्कुल एक झूठी कहानी। कोई आदमी बैठा-बैठा बोर हो गया होगा और उसने बच्चों को डराने के लिए एक कहानी बना दी होगी। जो पूरी दुनिया में फैल गई जिसका एक न्यूज़पेपर आर्टिकल के अलावा कोई प्रूफ नहीं है। और यह आर्टिकल भी इस कहानी से 20 साल बाद लिखा गया। तीसरी कश्ती जिसमें 300 लोग गायब हो गए थे। यह भी जहाज के अंदर एक सिलेंडर क्रैक होने की वजह से डूबा था। और आखिर वो पांच जहाज जो बरमूदा में गायब हुए थे। ये जहाज अपना रास्ता खोकर समंदर में बहुत दूर निकल गए थे। और इन जहाजों के पायलट्स का एक्सपीरियंस बहुत ही कम था। इसीलिए यह अपना वापसी का रास्ता भूल गए। और फिर कुछ देर बाद फ्यूल खत्म होने की वजह से यह जहाज बरमूदा के बड़े समंदर [संगीत] में डूब गए। मतलब इन सिंपल वर्ड्स ये जहाज किसी जिन, शैतान या इलुमिनाटी ने नहीं डूबाए थे। बल्कि जिस तरह दुनिया के बाकी इलाकों में जहाज डूबते हैं, उसी तरह यहां भी डूबे थे। फॉर एग्जांपल, इस मैप को देखें। यह पिछले 20 साल का मैप है, जिसमें कश्तियां आराम से बरमूदा ट्रायंगल के अंदर से गुजर रही हैं। और कोई भी कश्ती नहीं डूब रही। इन टोटल बरमूदा ट्रायंगल में पिछले 500 साल में 50 कश्तियां और 20 जहाज डूबे हैं। 500 साल में 50 कश्तियां जो एक बहुत ही छोटा नंबर है। बरमूदा ट्रायंगल के मुकाबले में यह दुनिया के वो सारे इलाके [संगीत] जहां बरमूदा से 10 गुना ज्यादा कश्तियां और जहाज डूबे हैं। मतलब बरमूदा से ज्यादा इंडियन ओशन में कश्तियां डूबती हैं। [संगीत] मतलब बरमूदा बिल्कुल एक नॉर्मल सी जगह है। जहां से आज भी डेली कश्तियां गुजरती रहती हैं। लेकिन यहां क्वेश्चन ये है कि अगर बरमूदा बिल्कुल एक नॉर्मल सी जगह है तो फिर ये दुनिया में इतनी मशहूर कैसे? ट्रायंगल ट्रायंगल। इसका एक [संगीत] ही आंसर है हॉलीवुड। अ
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Speaker A
कंट्रोल करते हैं। [संगीत] जहां से जो भी कश्ती गुजरती है वो डूबती नहीं बल्कि अचानक इस दुनिया से गायब हो जाती है। शिप जस्ट मिसिंग [संगीत] और सिर्फ कश्तियां नहीं बल्कि इस ट्रायंगल के ऊपर से कोई भी जहाज नहीं गुजर सकता।
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Speaker A
वेयर प्लेस डिसपीयर [संगीत] फ्रॉम द स्काई। आखिर इस आइलैंड में ऐसा है क्या? जिसकी वजह से इसे दुनिया का सबसे खतरनाक एरिया कहा जाता है। डेलीस्ट मोस्ट डेंजरस एंड डिसेप्टिव लोकेशन और क्या वाकई में यहां दज्जाल शैतान और इलुमिनाटी का तख्त है
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Speaker A
सेमली गोइंग ऑन डाउन देयर वी एक्सप्लेन [कराहने की आवाज़][चीखने की आवाज़] बरमूदा ट्रायंगल की असल कहानी आज से 500 साल पहले शुरू होती है। जब दुनिया की सबसे बड़ी सुपर पावर का नाम था उस्मानिया सल्तनत। और यह वो जमाना था जब स्पेन में मुसलमानों
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Speaker A
के कंट्रोल में था। लेकिन तब अचानक आज से 500 साल पहले [संगीत] फ्रांस के बादशाह ने मुसलमानों के स्पेन पर हमला कर दिया। और तेजी से स्पेन को मुसलमानों से छीनने लगा और स्पेन में हजारों मुसलमान शहीद होने
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Speaker A
लगे। ये देखकर उस जमाने में मुसलमानों के सुपर पावर उस्मानिया सल्तनत के बादशाह ने मुसलमानों पर यह जुल्म रोकने के लिए यूरोप के [संगीत] सारे ट्रेड और बिजनेस के रास्ते बंद कर दिए। और यह यूरोप के लिए एक
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Speaker A
बहुत बड़ा मसला था। क्योंकि यूरोप अपनी ज्यादातर खाने पीने [संगीत] की चीजें इंडिया और चाइना से इसी रास्ते से लेकर आता था। लेकिन उस्मानिया सल्तनत की वजह से अब यूरोप में हर तरफ भूख और गुर्बत फैलने लगी [संगीत]
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Speaker A
और लोग हर तरफ भूख से मरने लगे। उसी टाइम स्पेन [संगीत] में एक आदमी अपने बादशाह के पास गया और उसे बताया कि उस्मानिया सल्तनत ने हमारा यह रास्ता तो बंद कर दिया लेकिन मैं स्पेन [संगीत] से इंडिया तक एक नया रास्ता ढूंढ सकता हूं।
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Speaker A
बादशाह को उसकी यह बात बहुत पसंद आई और यह आदमी तीन [संगीत] बड़ी-बड़ी कश्तियों के साथ पहली बार स्पेन से उल्टी साइड पर रवाना हुए। इस आदमी का नाम था क्रिस्टोफर कोलंबस। जिसे उस वक्त इस बात का पता तो नहीं था
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Speaker A
लेकिन वो पहली बार एक नई दुनिया अमेरिका की तरफ बढ़ रहा था। अब जब कोलंबस अमेरिका की तरफ बढ़ रहा था। अचानक कोलंबस ने एक दिन आगे का रास्ता [संगीत] जानने के लिए अपना कंपास निकाला जो अब तक तो बिल्कुल ठीक काम [संगीत] कर
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Speaker A
रहा था। लेकिन जैसे ही कोलंबस की कश्तियां बरमूदा ट्रायंगल के अंदर घुस अचानक उसका कंबस हिलने लगा। और यह सब सिर्फ मैं नहीं कह रहा बल्कि ये सारी कहानी कोलंबस ने खुद अपनी डायरी में लिखी है। कोलंबस इसमें लिखता है कि जैसे ही हम
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Speaker A
इस नए इलाके पहुंचे अचानक मेरा कंपास अजीब तरह हिलने लगा। और जब मैंने ऊपर देखा दूर से मुझे आसमान और समंदर के दरमियान एक रोशनी नजर आई। अब कोलंबस तो किसी तरह बरमूदा ट्रायंगल से सेफ निकल कर अमेरिका
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Speaker A
पहुंच गया। लेकिन कहा जाता है कोलंबस वो पहला और आखिरी आदमी था जो बरमूदा ट्रायंगल से बचकर जिंदा निकला था। क्योंकि कोलंबस के बहुत साल बाद [संगीत] एक और जहाज इसी बरमूदा ट्रायंगल से गुजर रहा था। [संगीत] लेकिन जैसे ही यह जहाज भी बरमूदा ट्रायंगल
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Speaker A
के अंदर आया, अचानक इस जहाज के कैप्टन ने एक और जहाज को दूर से अपने करीब [संगीत] आता हुआ देखा। और जैसे ही यह जहाज करीब पहुंचा, इस जहाज का कैप्टन और कश्ती में सारे लोग यह देखकर हैरान रह गए [संगीत]
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Speaker A
कि इस जहाज पर लोगों के कपड़े, चीजें और खाने-पीने की चीजें तो पड़ी हुई है। [संगीत] लेकिन इस जहाज पर कोई भी आदमी नहीं था। हेलो। तो ऑफ कोर्स कैप्टन ने अपनी कश्ती से कुछ लोगों को इस दूसरी कश्ती की तरफ भेजा ताकि
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Speaker A
वो जाके देखे कि ये जहाज आखिर आया कहां। लेकिन जैसे ही ये लोग उस कश्ती पे उतरे अचानक समंदर में एक तूफान आया। और ये दोनों कश्तियां एक दूसरे से दूर होने लगी। और आखिर तूफान इतना बड़ा कि ये
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Speaker A
दोनों कश्तियां एक दूसरे के नजरों से दूर चली गई। पूरी रात तूफान चलता रहा। लेकिन अगले दिन जैसे ही मौसम ठीक हुआ, कैप्टन ने दोबारा [संगीत] दूर से वही कश्ती देखी। और जैसे ही वो इस कश्ती के करीब पहुंचे तो लोग यह
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Speaker A
देखकर एक बार फिर हैरान रह गए कि जिन लोगों को उन्होंने उस कश्ती [संगीत] में भेजा था उनका सामान तो पड़ा है लेकिन वो लोग भी अब इस कश्ती में नहीं रहे। [संगीत] और यह कश्ती एक बार फिर बिल्कुल
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Speaker A
खाली थी। कैप्टन ने डर कर तेजी से अपनी कश्ती को बरमूडा ट्रायंगल से बाहर निकाला और वापस जाकर अमेरिका में यह कहानी सबको सुनाई। बरमूडा ट्रायंगल कोई आम समंदर नहीं बल्कि यह कहानी तो अमेरिका के एक अखबार में भी
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Speaker A
छपी और यहां से अमेरिका में यह बात फैलने लगी कि अमेरिका के पास इस बरमूदा ट्रायंगल में कोई ना कोई गड़बड़ जरूर थी। इसके कुछ साल बाद बरमूदा ट्रायंगल से अमेरिका का एक और बहुत बड़ा नेवी का जहाज गुजर रहा था।
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Speaker A
जिसमें 300 लोग सवार थे और यह कश्ती भी बरमूदा एंटर होते ही अचानक गायब हो गई [संगीत] और इसके बाद आखिर वो हुआ जिससे पूरी दुनिया बरमूदा ट्रायंगल को जानने लगी। बरमूदा ट्रायंगल का सबसे मशहूर क्रैश तब हुआ जब दुनिया में एक बहुत बड़ी जंग चल
06:15
Speaker A
रही थी। वर्ल्ड वॉर टू क्योंकि अब तक तो बरमूदा ट्रायंगल में सिर्फ कश्तियां गायब हुई। लेकिन वर्ल्ड वॉर टू में एक दिन बरमूदा ट्रायंगल के ऊपर से अमेरिका के पांच फाइटर जेट्स गुजर रहे थे। जैसे ये जहाज बरमूदा ट्रायंगल के अंदर आए।
06:39
Speaker A
इन जहाजो के साथ भी एक्साक्टली वही हुआ। जो इससे बहुत साल पहले कोलंबस के साथ हुआ था। इन जहाजों के कंपस [संगीत] भी अजीब तरह से हिलने लगे। जिसे देखकर इनके चीफ पायलट ने इमरजेंसी में अमेरिका के रेडियो टावर से राब्ता
06:56
Speaker A
किया और उन्हें कहा आई डोंट नो वेयर वी आर आई डोंट नो टू गेट बल्कि बरमूदा ट्रायंगल के ऊपर से गुजरते हुए इन पायलट्स [संगीत] की आपस में बहसें भी हुई। कोई कह रहा था हमें ईस्ट जाना चाहिए। कोई कह रहा है वेस्ट जाना चाहिए।
07:10
Speaker A
वी गेट होस्ट टर्न अराउंड ईस्ट अगेन और आखिर कुछ ही देर बाद इन जहाजों में से एक पायलट का रेडियो टावर में आखरी मैसेज रिसीव हुआ। ऑल प्ले क्लोज अप टाइट वी ऑल गो डाउन टगेदर। ये इन जहाजों का लास्ट मैसेज था। और ये
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Speaker A
लास्ट मैसेज इस पायलट ने दिया था जो इन पांचों जहाजों का कैप्टन था। और इस मैसेज के बाद [संगीत] यह जहाज भी बाकियों की तरह गायब हो गए। और आज तक इन जहाजों का पता नहीं चल सका कि आखिर ये
07:48
Speaker A
पांच जहाज गए कहां। ये थी वो चार कहानी जिनकी वजह से आज पूरी दुनिया बरमूदा ट्रायंगल को जानती है। ट्रायंगल नोन [संगीत] एस द ग्रेवयार्ड्स ऑन। और अगर देखा जाए वाकई में ये बहुत ही अजीब कहानियां है। कैसे ये सारे जहाज़
08:08
Speaker A
अचानक गायब हो सकते हैं। और इससे भी इम्पोर्टेन्ट बात ये है कि आखिर इन सब ने बरमूदा ट्रायंगल के अंदर देखा क्या?
08:18
Speaker A
दज्जाल का आइलैंड, शैतान का तख्त, और या समंदर के अंदर एक ऐसा जानवर जो सिर्फ बरमूदा में ही रहता है। और इसका आंसर है कुछ भी नहीं। उन्होंने बरमूदा में कुछ भी नहीं देखा। यह सब बिल्कुल 100% झूठ है। लेट्स गो बैक
08:41
Speaker A
टू द फर्स्ट कहानी। कोलंबस। आज से 500 साल पहले जब कोलंबस बरमूदा के अंदर एंटर हुआ और उसका कंपास अचानक हिलने लगा। ये एक बहुत ही सिंपल [संगीत] साइंटिफिक प्रॉब्लम है। कंपास चलते हैं दुनिया की मैग्नेटिक फील्ड से।
08:59
Speaker A
और दुनिया में कुछ इलाके ऐसे हैं जहां मैग्नेटिक फील्ड्स चेंज हो जाती हैं जिससे कंपास इसी तरह अजीब तरीके से हिलता है। ऐसा सिर्फ बरमूदा ट्रायंगल में नहीं बल्कि रशिया, कनाडा, अफ्रीका के समंदरों में भी ऐसे ही होता है। दूसरा जहाज जिसमें कैप्टन
09:15
Speaker A
को बरमूदा ट्रायंगल में एक खाली कश्ती नजर [संगीत] आई थी। यह तो है ही बिल्कुल एक झूठी कहानी। कोई आदमी बैठा-बैठा बोर हो गया होगा और उसने बच्चों को डराने के लिए एक कहानी बना दी होगी। जो पूरी दुनिया में
09:28
Speaker A
फैल गई जिसका एक न्यूज़पेपर आर्टिकल के अलावा कोई प्रूफ नहीं है। और यह आर्टिकल भी इस कहानी से 20 साल बाद लिखा गया। तीसरी कश्ती जिसमें 300 लोग गायब हो गए थे। यह भी जहाज के अंदर एक सिलेंडर क्रैक
09:41
Speaker A
होने की वजह से डूबा था। और आखिर वो पांच जहाज जो बरमूदा में गायब हुए थे। ये जहाज अपना रास्ता खोकर समंदर में बहुत दूर निकल गए थे। और इन जहाजों के पायलट्स का एक्सपीरियंस बहुत ही कम था। इसीलिए यह
09:55
Speaker A
अपना वापसी का रास्ता भूल गए। और फिर कुछ देर बाद फ्यूल खत्म होने की वजह से यह जहाज बरमूदा के बड़े समंदर [संगीत] में डूब गए। मतलब इन सिंपल वर्ड्स ये जहाज़ किसी जिन, शैतान या इलुमनाटी ने नहीं डूबाए थे।
10:10
Speaker A
बल्कि जिस तरह दुनिया के बाकी इलाकों में जहाज डूबते हैं, उसी तरह यहां भी डूबे थे। फॉर एग्जांपल, इस मैप को देखें। यह पिछले 20 साल का मैप है, जिसमें कश्तियां आराम से बरमूदा ट्रायंगल के अंदर से गुजर रही
10:23
Speaker A
हैं। और कोई भी कश्ती नहीं डूब रही। इन टोटल बरमूदा ट्रायंगल में पिछले 500 साल में 50 कश्तियां और 20 जहाज डूबे हैं। 500 साल में 50 कश्तियां जो एक बहुत ही छोटा नंबर है। बरमूदा ट्रायंगल के मुकाबले में
10:38
Speaker A
यह दुनिया के वो सारे इलाके [संगीत] जहां बरमूदा से 10 गुना ज्यादा कश्तियां और जहाज डूबे हैं। मतलब बरमूदा से ज्यादा इंडियन ओशन में कश्तियां डूबती हैं। [संगीत] मतलब बरमूदा बिल्कुल एक नॉर्मल सी जगह है। जहां से आज भी डेली कश्तियां गुजरती रहती
10:56
Speaker A
है। लेकिन यहां क्वेश्चन ये है कि अगर बरमूदा बिल्कुल एक नॉर्मल सी जगह है तो फिर ये दुनिया में इतनी मशहूर कैसे?
11:03
Speaker A
ट्रायंगल ट्रायंगल। इसका एक [संगीत] ही आंसर है हॉलीवुड। असल में जब ये पांच जहाज बरमूदा में डूब गए। ये खबर आहिस्ता-आहिस्ता अमेरिका में हर तरफ फैलने लगी। और बरमूदा ट्रायंगल की किस्मत बहुत अच्छी थी। क्योंकि जिस दौर में बरमूदा ट्रायंगल की बातें अमेरिका में
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Speaker A
फैल रही थी। यह वही दौर था जब अमेरिका की फिल्म इंडस्ट्री हॉलीवुड अपनी पीक पर था। [संगीत] दिस गोल्डन एज ऑफ़ हाउ और अमेरिका में गॉड फादर स्नो वाइफ। स्नोइनो वाइट और दन कमांडमेंट्स जैसी बड़ी-बड़ी फिल्में बन रही थी। [संगीत] जब हॉलीवुड के राइटर्स
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Speaker A
तक बरमूदा ट्रायंगल की कहानी पहुंची। यह एक्जेक्टली वही चीज थी जिसकी इन [संगीत] हॉलीवुड डायरेक्टर्स को तलाश थी। पैसा ही पैसा होगा। अमेरिका के वो मैगजींस जो पहले से ही [संगीत] अमेरिका में जिनों की हॉरर झूठी कहानियां प्रिंट करते थे। उन्होंने अपना
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Speaker A
पैसा बनाने के लिए बरमूदा की कहानी प्रिंट करना शुरू की। इसके बाद अमेरिका में एक आदमी ने किताब भी लिखी कि बरमूदा ट्रायंगल के अंदर असल में एलियंस बैठे हुए हैं। जो [संगीत] इन कश्तियों को गिराते हैं। ये
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Speaker A
बुक यहां हमारे पास है तो नहीं लेकिन ये [संगीत] बुक इतनी वायरल हुई थी कि इसकी डेढ़ करोड़ कॉपीज बिकी थी। इस बुक के बाद ऑफ कोर्स हॉलीवुड में बरमूदा ट्रायंगल पर एक मूवी बनाई गई। [संगीत] और फिर एक और मूवी में इन पांच जहाजों को
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Speaker A
एलियंस के पास जाते हुए दिखाया। [संगीत] और यहां से बरमूदा ट्रायंगल की कहानी पूरी दुनिया में फैल गई। यहां पर एक पॉइंट नोट करना लाजमी है। पुराने जमाने में मक्का में एक आदमी [संगीत] था। रसूल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से भी पहले जिसका काम ये था कि
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Speaker A
[संगीत] वो मक्का से दूसरे इलाकों की तरफ जाता था और वहां के लोगों से उनके खुदाओं की कहानियां सुनकर उन कहानियों को मक्का लाया करता था। पहले सुना और मक्का के सादा और अनपढ़ लोग बगैर किसी प्रूफ के [संगीत]
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Speaker A
इन कहानियों को सच मान लेते थे। इन्हीं कहानियों की वजह से मक्का के लोग आहिस्ता-आहिस्ता इब्राहिम अल सलाम के असल दीन को छोड़कर बहुत दूर चले गए थे। बिल्कुल इसी तरह अमेरिका से भी कोई बरमूदा ट्रायंगल की कहानी लेकर हमारे इंडिया और
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Speaker A
पाकिस्तान आया होगा। और अब तक अंग्रेज बरमूदा में सिर्फ एलियंस और कोई बड़ा जानवर ढूंढ रहे थे। लेकिन जब बरमूदा ट्रायंगल की कहानी हमारे लोगों तक पहुंची, हमारे लोगों ने इस कहानी में एक नया तड़का ऐड किया। किसी ने कहा बरमूदा के अंदर
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Speaker A
दज्जाल रहता है। दज्जाल कहां है? एक जजीरे में कोई कहता है यहां शैतान का तख्त है। कॉल्ड द डेविंग। कुछ कहते हैं इलुमिनाटी यहां से पूरी दुनिया को चलाती है। बल्कि एक ने तो यहां तक कहा कि बरमूदा ट्रायंगल से इमाम मेहंदी
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Speaker A
जाहिर होंगे। और बिलखसूस बरमूदा ट्रायंगल। इस वीडियो का मकसद अगेन यही है कि आज इस एआई और इंटरनेट के दौर में हमने तब तक कोई बात नहीं मानी जब तक पूरी तरह हम रिसर्च ना कर लें। और कुरान की आयत है कि जब तुम
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Speaker A
तक कोई खबर पहुंचे तो उसे मानने से पहले पूरी रिसर्च कर लिया करो। [संगीत] सब्सक्राइब
Topics:बरमूडा ट्रायंगलदज्जालशैतानइलुमिनाटीकोलंबससमुद्री रहस्यमैग्नेटिक फील्डसमुद्री दुर्घटनाइतिहासवैज्ञानिक व्याख्या

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