मदीना की वादी-ए जिन में गाड़ियां बिना एक्सेलरेटर के चढ़ाई पर चलती हैं, जो ऑप्टिकल इल्यूजन और स्थानीय कहानियों से जुड़ी है।
Key Takeaways
- वादी-ए जिन में गाड़ियों का ऊपर चढ़ना एक ऑप्टिकल इल्यूजन है, न कि जादू या मैग्नेटिक फील्ड।
- स्थानीय कहानियां और मिथक इस फेनोमना को अलग-अलग रूपों में बताते हैं।
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह एक भ्रम है, जो कैमरे और दृष्टि के सेटअप से उत्पन्न होता है।
- दुनिया के कई हिस्सों में इसी तरह के फेनोमेना पाए जाते हैं।
- किसी भी अजीब घटना को मानने से पहले पूरी रिसर्च और जांच जरूरी है।
What the video covers
- मदीना की वादी-ए जिन में गाड़ियां बिना एक्सेलरेटर के चढ़ाई पर ऊपर जाती हैं, जिसे लेकर दो मत हैं।
- एक ग्रुप का मानना है कि यहां जिन्नात रहते हैं जो गाड़ियों को धक्का देते हैं।
- दूसरा ग्रुप इसे मैग्नेटिक फील्ड के प्रभाव से होने वाला साइंटिफिक फेनोमना मानता है।
- वीडियो में बताया गया कि दोनों ग्रुप्स के विचार गलत हैं और यह एक ऑप्टिकल इल्यूजन है।
- स्टूडियो में एक टेबल पर भी इसी तरह की चढ़ाई का भ्रम कैमरे के उल्टे सेटअप से दिखाया गया।
- यह इल्यूजन असल में एक उतराई को चढ़ाई के रूप में दिखाता है।
- दुनिया के कई अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की जगहें हैं जहां गाड़ियां खुद-ब-खुद ऊपर चलती हैं।
- भारत, स्कॉटलैंड, अमेरिका और चीन में भी ऐसी जगहों की लोककथाएं मौजूद हैं।
- वीडियो में कुरान की आयत का हवाला देते हुए बताया गया कि किसी भी खबर को मानने से पहले रिसर्च जरूरी है।
- यह वीडियो वादी-ए जिन की असली कहानी और मिथकों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाने का प्रयास है।
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Speaker A
वादिए जिन जिस तरह गाड़ी स्पीड के साथ 120 क्रॉस कर रही है, ये जिन भी एक वही मुकाम है जो स्पेशल है। मदीना में एक ऐसी जगह जहां से हर चीज, गाड़ियां, बॉटल्स, इवन पानी भी चढ़ाई से नीचे नहीं, बगैर किसी फोर्स के ऊपर की तरफ जाती है। इस वक्त स्पीड आप चेक करें तो पहुंच चुकी है। मुसलमानों में मदीना की इस वैली के बारे में बहुत कन्फ्यूजन है। इससे मुतमईन नहीं हूं। और इस वादी-ए जिन के बारे में मुसलमानों के दो ग्रुप्स बने हैं। एक ग्रुप कहता है कि वाकई में इस वादी के अंदर जिन रहते हैं। ये जिन्नात की वादी है। मदीने की कशिश की वजह से पानी की बोतल खींचती चली जाती है। जो इस वादी-ए जिन गाड़ियों को धक्का देकर चढ़ाई के ऊपर पुश करते हैं। और दूसरा थोड़ा पढ़ा लिखा ग्रुप है, जो कहते हैं यहां कोई जिन-विन नहीं है। लेकिन अगर जिन होते तो ऐसा टूरिस्ट स्पॉट तो बन ही नहीं पाता ना। वादिए जिन बस एक साइंटिफिक इफेक्ट है और यह सब बस दुनिया की मैग्नेटिक फील्ड चेंज होने की वजह से होता है। तो वो मैग्नेटिक पावर जो है, जनरेट वादी जिन भी एक वही मुकाम है जो स्पेशल मैग्नेटिक ज़ोन है। तो अब यहां पर क्वेश्चन ये है कि आखिर इन दोनों ग्रुप्स में सही कौन है? और इसका आंसर है कोई भी नहीं। ये दोनों ही ग्रुप्स बिल्कुल गलत हैं। इस वीडियो में हम वादी जिन की असल कहानी बताएंगे। कहा जाता है कि यह जिन्नात की वादी है। और सिर्फ यही नहीं बल्कि इधर हम अपने स्टूडियो में आपको वादी जिन बना कर दिखाएंगे। वादी जिन के बारे में कुछ कहते हैं कि यह वादी असल में जिनों का हेड क्वार्टर है और इस पूरी वादी में जिनों के खानदान रहते हैं। ये जिन्नात की वादी है। इसीलिए जो भी गाड़ी यहां से गुजरती है, जिन उसे धक्का देकर यहां से निकाल देते हैं। कुछ कहते हैं कि एक दिन आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इस वादी में एक ऊंटनी से बात की थी, जिसके बाद उस ऊंटनी के मालिक ने उसे मार दिया था। और फिर उसी ऊंटनी की रूह आज तक वादी जिन में रहती है। बल्कि मुझे तो मेरे कारी साहब ने बचपन में बताया था कि वादी जिन में गाड़ियों की स्पीड मदीना की तरफ बगैर किसी एक्सलरेटर के तेज होती रहती है। और वो इसलिए कि इवन गाड़ियां भी मदीना से दूर नहीं जाना चाहती। लेकिन ऑफ कोर्स ये सारी कहानियां बिल्कुल गलत हैं। वादिया जिन में जो होता है वो सिर्फ यहां पर नहीं बल्कि दुनिया की और भी बहुत सारी जगहों में होता रहता है। आई ट्राई द फिनोमना ग्रेविटी एक्चुअली अपीयर टू रोल बैकवर्ड। आई एम एट मैग्नेटिक हिल इन साउथ ऑस्ट्रेलिया। फॉर एग्जांपल इंडिया। इंडिया के एक इलाके में इसी तरह गाड़ी बगैर एक्सेलरेटर के चढ़ाई के ऊपर चढ़ती है। गाड़ी न्यूट्रल पे है और चल रही है। और बिल्कुल वादिया जिन की तरह इंडिया के लोगों ने भी इसके पीछे एक कहानी बनाई हुई है। जी बिल्कुल ऐसा ही है। कि असल में ये रोड एक जमाने में सीधा जन्नत स्वर्ग तक जाया करता था। और जन्नत जाने वाले लोग इसी रोड से जन्नत की तरफ जाते थे। तो आज भी इंडिया में कुछ लोग कहते हैं कि यहां गाड़ी इसलिए खुद चलती है, अपने आप गाड़ियां न्यूट्रल हो के भी चलने लगती हैं ताकि वो सीधा जन्नत पहुंच सके। ये तो सिर्फ इंडिया की कहानी है। इंडिया के अलावा स्कॉटलैंड के भी एक इलाके में वादी जिन की तरह गाड़ियां खुद ब खुद चलती हैं। एंड देन एक्चुअली टू बैकवर्ड अपही। और यहां के लोग भी एक जमाने में कहते थे कि यहां पर एक दिन एक स्कूल बस का एक्सीडेंट हुआ था। बस और उसमें बहुत सारे बच्चे फौत हुए और आज तक उन बच्चों की रूहें इस इलाके में गाड़ियों को धक्का देती ताकि किसी और का एक्सीडेंट ना हो सके। इसी तरह अमेरिका में भी एक जगह है जहां लोग कहते हैं यहां हम मगरमच्छ की रूह गाड़ियों को धक्का देते हैं। और चाइना में भी एक ऐसी जगह है जहां कुछ चाइनीस कहते हैं कि एक जमाने में यहां एक परी रहा करती थी। इस परी को कुछ शैतानों ने मार दिया था। और आज तक इस परी की रूह यहां फिरती रहती है। इन शॉट, दुनिया में कोई 100 से ज्यादा ऐसी जगह है, जहां वादी-ए जिन की तरह ही गाड़ियां खुद ब खुद चलती हैं। डू इट। गाड़ी अपने आप आगे की तरफ जा रही है। देख रहे हो? अब दूसरी तरफ पढ़े लिखे लोग हैं, जो कहते हैं कि यह कोई जिन-विन नहीं है बल्कि ये सिर्फ दुनिया की मैग्नेटिक फील्ड शिफ्ट होने की वजह से वादिय जिन में ऐसा होता है। वादिय जिन भी एक वही मुकाम है जो स्पेशल मैग्नेटिक ज़ोन है। क्योंकि पढ़े लिखे लोग ज्यादातर साइंस से बहुत जल्दी इंस्पायर होते हैं। लेकिन ये बात भी बिल्कुल गलत है। और ये हम आपको प्रूफ करके दिखाएंगे। इस वक्त मैं अपने स्टूडियो में हूं जो बिल्कुल आम सी जगह है और यहां एक दो जिनों के अलावा और कोई भी नहीं है। और यहां कोई मैग्नेटिक फील्ड वाला मसला भी नहीं है। लेकिन यहां भी हम वादी जिन वाला इफेक्ट बना सकते हैं। इस टेबल को देखें। इसके ऊपर हमने एक स्लोप, एक चढ़ाई बनाई हुई है। अगर मैं इस बॉटल को इस चढ़ाई के बिल्कुल नीचे वाली पॉइंट पे रखूंगा, तो देखें क्या होता है। बोतल ऊपर जा रही है। दोबारा देखें कैसे हो सकता है ऐसा? और सिर्फ यही नहीं, अगर इस बोतल को मैं नीचे की तरफ भी पुश करूं तो ये बोतल दोबारा वापस ऊपर ही जाएगी। और सिर्फ यह बोतल नहीं, अगर हम यहां कोई बॉल भी रखें तो वो भी हमेशा ऊपर ही जाएगी। और अगर हम यहां पानी भी डाल दें तो पानी भी इस चढ़ाई में हमेशा ऊपर की तरफ ही जाएगा। लेकिन क्यों? क्या यहां कोई जिन्नात इसे पुश कर रहे हैं और या हमारे स्टूडियो में कोई मैग्नेटिक फील्ड है? इन दोनों में से कुछ भी नहीं है और इसका बहुत ही एक सिंपल आंसर है। ये सब सिर्फ आपकी आंखों का धोखा है। ऑप्टिकल इल्यूजन। क्योंकि ये असल में एक चढ़ाई है ही नहीं बल्कि हमने इस टेबल को असल में उल्टा रखा हुआ है। असल में यह टेबल ऐसे है। और आपकी आंखों को ट्रिक करने के लिए हमने कैमरे को भी उल्टा किया हुआ था, जिससे आपको यह एक चढ़ाई नजर आ रही थी। मतलब अगर आप इस बोतल की नजर से देखेंगे तो आपको यह एक चढ़ाई नजर आएगी। लेकिन अगर आप पूरे टेबल को देखेंगे तो यह असल में एक उतराई है। और अब अगर हम इस टेबल को दोबारा सीधा रखें। अब ये टेबल बिल्कुल सीधा है। अभी अगर हम यहां रखेंगे तो ये ऊपर नहीं जाएगा, बल्कि यहां से नीचे जाएगा। तो बिल्कुल इस बोतल की तरह जब मदीना के वादिय जिन में भी कोई इंसान खड़ा होता है, उसे अपने आगे का रास्ता एक चढ़ाई नजर आती है। लेकिन अगर थोड़ा ज़ूम आउट करके पूरी दुनिया की नजर से वादिय जिन को देखा जाए तो यह वादिय जिन का रास्ता ऊपर की तरफ नहीं बल्कि नीचे जा रहा होता है। इसीलिए जब भी कोई गाड़ी यहां से गुजरती है, बगैर किसी एक्सलरेटर के गाड़ी की स्पीड बढ़ती रहती है। गाड़ी की स्पीड 40 पे चली है। जिन्होंने इससे पहले हमेशा यह सुना था कि इस वादी में कोई जिन या परियां रहती हैं, उन सबके लिए कुरान में एक आयत है। बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम कि जब भी आप तक कोई खबर पहुंचे तो उस खबर को मानने से पहले पूरी रिसर्च कर लिया करें। तुम सब्सक्राइब।
Speaker A
ऊपर की तरफ जाती है। इस वक्त स्पीड आप चेक करें तो पहुंच [संगीत] चुकी है। मुसलमानों में मदीना की इस वैली के बारे में बहुत क्फ्यूजन है। इससे मुतमई नहीं हूं। और इस वादी-ए जिन के बारे में मुसलमानों
Speaker A
के दो ग्रुप्स बने हैं। एक ग्रुप कहता है कि वाकई में इस वादी के अंदर जिन रहते हैं। ये जिन्नात की वादी है। मदीने की कशिश की वजह से पानी की बोतल खींचती चली जाती है। जो इस वादी-ए जिन गाड़ियों को धक्का देकर
Speaker A
चढ़ाई के ऊपर पुश करते हैं। और दूसरा थोड़ा पढ़ा लिखा ग्रुप है। जो कहते हैं यहां कोई जिन-विन नहीं है। लेकिन अगर जिन होते तो ऐसा टूरिस्ट स्पॉट तो बन ही नहीं पाता ना। वादिए जिन बस एक साइंटिफिक इफेक्ट है और यह सब बस दुनिया
Speaker A
की मैग्नेटिक फील्ड चेंज होने की वजह से होता है। तो वो [संगीत] मैग्नेटिक पावर जो है जनरेट वादी जिन भी एक वही मुकाम है जो स्पेशल मैग्नेटिक ज़ोन है। तो अब यहां पर क्वेश्चन ये है कि आखिर इन
Speaker A
दोनों ग्रुप्स में सही कौन है? और इसका आंसर है कोई भी नहीं। ये दोनों ही ग्रुप्स बिल्कुल गलत है। इस वीडियो में हम वादी जिन की असल कहानी बताएंगे। कहा जाता है कि यह जिन्नात की वादी है। और सिर्फ यही नहीं बल्कि इधर हम अपने
Speaker A
स्टूडियो में आपको वादी जिन बना कर दिखाएंगे। [संगीत] वादी जिन के बारे में कुछ कहते हैं कि यह वादी असल में जिनों का हेड क्वार्टर है और इस पूरी वादी में जिनों के खानदान रहते हैं। ये जिन्नात की वादी है।
Speaker A
इसीलिए जो भी गाड़ी यहां से गुजरती है जिन उसे धक्का देकर यहां से निकाल देते हैं। कुछ कहते हैं कि एक दिन आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इस वादी में एक ऊंटनी से बात की थी। जिसके बाद उस ऊंटनी के मालिक
Speaker A
ने उसे मार दिया था। और फिर उसी ऊंटनी की रूह आज तक वादी जिन में रहती है। बल्कि मुझे तो मेरे कारी साहब ने बचपन में बताया था कि वादी जिन में गाड़ियों की स्पीड मदीना की तरफ बगैर किसी एक्सलरेटर के तेज
Speaker A
होती रहती है। और वो इसलिए कि इवन गाड़ियां भी मदीना से दूर नहीं जाना चाहती। लेकिन ऑफ कोर्स ये सारी कहानियां बिल्कुल गलत है। वादिया जिन में जो होता है वो सिर्फ यहां पर नहीं बल्कि दुनिया की और भी
Speaker A
बहुत सारी जगहों में होता रहता है। आई ट्राई द फिनोमना ग्रेविटी एक्चुअली अपीयर टू रोल बैकवर्ड आई एम एट मैग्नेटिक हिल इन साउथ ऑस्ट्रेलिया। फॉर एग्जांपल इंडिया। इंडिया के एक इलाके में इसी तरह गाड़ी बगैर एक्सेलरेटर के चढ़ाई के ऊपर चढ़ती है।
Speaker A
गाड़ी न्यूट्रल पे है और चल रही है। और बिल्कुल वादिया जिन की तरह इंडिया के लोगों ने भी इसके पीछे एक कहानी बनाई हुई है। जी बिल्कुल ऐसा ही है। कि असल में ये रोड एक जमाने में सीधा
Speaker A
जन्नत स्वर्ग तक जाया करता था। और जन्नत जाने वाले लोग इसी [संगीत] रोड से जन्नत की तरफ जाते थे। तो आज भी इंडिया में कुछ लोग कहते हैं कि यहां गाड़ी इसलिए खुद चलती है अपने आप गाड़ियां न्यूट्रल हो के भी चलने
Speaker A
लगती है ताकि वो सीधा जन्नत पहुंच सके। ये तो सिर्फ इंडिया की कहानी है। इंडिया के अलावा स्कॉटलैंड के भी [संगीत] एक इलाके में वादी जिन की तरह गाड़ियां खुद ब खुद चलती है। एंड देन एक्चुअली टू बैकवर्ड अपहि
Speaker A
और यहां के लोग भी एक जमाने में कहते थे कि यहां पर एक दिन एक स्कूल बस का एक्सीडेंट हुआ था। [संगीत] बस और उसमें बहुत सारे बच्चे फौत हुए और आज तक उन बच्चों की रूहें इस इलाके में
Speaker A
गाड़ियों को धक्का देती [संगीत] ताकि किसी और का एक्सीडेंट ना हो सके। [संगीत] इसी तरह अमेरिका में भी एक जगह है जहां लोग कहते हैं यहां हम मगरमच्छ की रूह गाड़ियों को धक्का देते हैं। और चाइना में भी एक ऐसी जगह है जहां कुछ चाइनीस कहते
Speaker A
हैं कि एक जमाने में यहां एक परी रहा करती थी। इस परी को कुछ शैतानों ने मार दिया था। और आज तक इस परी की रूह यहां फिरती रहती है। इन शॉट, दुनिया में कोई 100 से ज्यादा [संगीत] ऐसी जगह है, जहां वादी-ए
Speaker A
जिन की तरह ही गाड़ियां खुद ब खुद चलती हैं। डू इट। गाड़ी अपने आप आगे की तरफ जा रही है। देख रहे हो?
Speaker A
अब दूसरी तरफ पढ़े लिखे लोग हैं। जो कहते हैं कि यह कोई जिन-विन नहीं है बल्कि ये सिर्फ दुनिया की मैग्नेटिक फील्ड शिफ्ट होने की वजह से वादिय जिन में ऐसा होता है। वादिय जिन भी एक वही मुकाम है जो स्पेशल
Speaker A
मैग्नेटिक ज़ोन है। क्योंकि पढ़े लिखे लोग ज्यादातर साइंस से बहुत जल्दी इंस्पायर होते हैं। लेकिन ये बात भी बिल्कुल गलत है। और ये हम आपको प्रूफ करके दिखाएंगे। इस वक्त मैं अपने स्टूडियो में हूं जो बिल्कुल आम सी
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जगह है और यहां एक दो जिनों के अलावा और कोई भी नहीं है। और यहां कोई मैग्नेटिक फील्ड वाला मसला भी नहीं है। लेकिन यहां भी हम वादी जिन वाला इफेक्ट बना सकते हैं। इस टेबल को देखें। इसके ऊपर हमने एक स्लोप
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एक चढ़ाई बनाई हुई है। अगर मैं [संगीत] इस बॉटल को इस चढ़ाई के बिल्कुल नीचे वाली पॉइंट पे रखूंगा। तो देखें क्या होता है। बोतल ऊपर जा रही है। दोबारा देखें कैसे हो सकता है ऐसा? और सिर्फ यही नहीं
Speaker A
अगर इस बतल को मैं नीचे की तरफ भी पुश करूं [संगीत] तो ये बतल दोबारा वापस ऊपर ही जाएगी। और सिर्फ यह बोतल नहीं अगर हम यहां कोई बॉल भी रखें [संगीत] तो वो भी हमेशा ऊपर ही जाएगी। और अगर हम यहां पानी भी डाल दें
Speaker A
तो पानी भी इस चढ़ाई में हमेशा ऊपर की तरफ ही जाएगा। [संगीत] लेकिन क्यों? क्या यहां कोई जिन्नात इसे पुश कर रहे हैं और या हमारे स्टूडियो में कोई मैग्नेटिक फील्ड है? इन [संगीत] दोनों में से कुछ भी नहीं है और इसका बहुत ही एक
Speaker A
सिंपल आंसर है। ये सब सिर्फ आपकी आंखों का धोखा है। ऑप्टिकल इलुजन क्योंकि ये असल में एक चढ़ाई है ही नहीं बल्कि हमने इस टेबल को असल में उल्टा रखा हुआ है। असल में यह टेबल ऐसे है। और आपकी आंखों को
Speaker A
ट्रिक करने के लिए हमने कैमरे को भी उल्टा किया हुआ था। जिससे आपको यह एक चढ़ाई नजर आ रही थी। मतलब अगर आप इस बॉटल की नजर से देखेंगे तो आपको यह एक चढ़ाई नजर आएगी। लेकिन अगर आप पूरे टेबल को देखेंगे तो यह
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असल में एक [संगीत] उतराई है। और अब अगर हम इस टेबल को दोबारा सीधा रखें। अब ये टेबल बिल्कुल सीधा है। अभी अगर हम यहां रखेंगे तो ये ऊपर नहीं जाएगा। बल्कि यहां से नीचे जाएगा। [संगीत] तो बिल्कुल इस बॉटल की तरह जब मदीना के
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वादिय जिन में भी कोई इंसान खड़ा होता है, उसे अपने आगे का रास्ता एक चढ़ाई नजर आती है। लेकिन अगर थोड़ा ज़ूम आउट करके [संगीत] पूरी दुनिया की नजर से वादिय जिन को देखा जाए तो यह वादिय जिन का रास्ता ऊपर की तरफ
Speaker A
नहीं बल्कि नीचे जा रहा होता है। इसीलिए जब भी कोई गाड़ी यहां से गुजरती है, बगैर किसी एक्सलरेटर के गाड़ी की स्पीड बढ़ती रहती है। गाड़ी की स्पीड 40 पे चली है। जिन्होंने इससे पहले हमेशा यह सुना था कि इस वादी
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में कोई जिन या परियां रहती हैं। उन सबके लिए कुरान में एक आयत है। बिस्मिल्लाहहिहिर्रहमानिर्रहीम कि जब भी आप तक कोई खबर पहुंचे तो उस खबर को मानने से पहले पूरी रिसर्च कर लिया करें। तुम सब्सक्राइब
Topics:वादी-ए जिनमदीनाऑप्टिकल इल्यूजनजिन्नातमैग्नेटिक फील्डसाइंस और मिथकगाड़ी का चढ़नालोककथाएंसाइंटिफिक एक्सप्लनेशनटूरिस्ट स्पॉट











