दुबई के सबसे मुश्किल और भविष्य के मेगा प्रोजेक्ट्स जैसे दुबई क्रीक टावर, डायनेमिक टावर, म्यूजियम ऑफ द फ्यूचर और हाइपरलूप की जानकारी।
Key Takeaways
- दुबई लगातार विश्व की सबसे ऊंची और अनोखी बिल्डिंग्स बनाने में अग्रणी है।
- फ्यूचर टेक्नोलॉजी और स्मार्ट कंस्ट्रक्शन तकनीकों का इस्तेमाल दुबई के प्रोजेक्ट्स में हो रहा है।
- हाइपरलूप जैसी टेक्नोलॉजी से यात्रा का समय और खर्च दोनों कम होंगे।
- दुबई के मेगा प्रोजेक्ट्स आर्थिक और पर्यटन क्षेत्र में बड़ा योगदान देंगे।
- सऊदी अरब के प्रतिस्पर्धी प्रोजेक्ट्स के कारण दुबई को अपनी योजनाओं को और बेहतर बनाना होगा।
What the video covers
- दुबई ने रेगिस्तान से एक आधुनिक शहर में तब्दील होकर विश्व में अपनी पहचान बनाई है।
- दुबई क्रीक टावर दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग बनने की योजना में है, जो बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड तोड़ेगा।
- डायनेमिक टावर एक अनोखा रोटेटिंग फ्लोर वाला प्रोजेक्ट है, जिसमें फ्लोर फैक्ट्री में बनाकर साइट पर लाए जाएंगे।
- म्यूजियम ऑफ द फ्यूचर में आने वाली टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रोबोटिक्स प्रदर्शित की जाएगी।
- हाइपरलूप एक इलेक्ट्रिक बेस्ड हाई स्पीड ट्रांसपोर्ट सिस्टम है, जो दुबई से अबू धाबी के सफर को 12 मिनट में पूरा करेगा।
- दुबई-इंडिया के बीच अंडर वाटर हाई स्पीड ट्रेन टनल का भी प्रस्ताव है, जो 2 घंटे में मुंबई-दुबई सफर संभव करेगा।
- अलादीन सिटी दुबई क्रीक पर 4000 एकड़ में बनेगी, जिसमें एयर कंडीशन्ड टनल से जुड़ी बिल्डिंग्स होंगी।
- इन प्रोजेक्ट्स में अरबों डॉलर का निवेश हो रहा है, जो दुबई की ग्लोबल शोहरत और आर्थिक विकास को बढ़ाएंगे।
- सऊदी अरब के जत्रा टावर के कारण दुबई क्रीक टावर का निर्माण फिलहाल रुका हुआ है।
- ये प्रोजेक्ट्स दुबई को भविष्य में तकनीकी और वास्तुकला के क्षेत्र में अग्रणी बनाएंगे।
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Speaker A
कि जिस देश में सिर्फ रेगिस्तान और रेत के पहाड़ हों और जिसके पास हुक्का पीने का पानी भी ना हो, वह दुनिया में इतनी तरक्की करेगा, यह किसी ने भी नहीं सोचा था। जी हां, हम बात कर रहे हैं यूनाइटेड अरब एमिरेट्स में मौजूद एक ऐसे शहर की, जहां आज से 35 साल पहले सिर्फ रेत ही रेत थी, जिसको आज पूरी दुनिया दुबई के नाम से जानती है। जब वीडियोस में एक बार फिर से कुशादगी इस रेगिस्तान में लोग आना भी पसंद नहीं करते थे, वहां अब पूरी दुनिया का आना-जाना लगा रहता है। इस रेल पेल के पीछे ऐसे दिमाग हैं जिन्होंने रेगिस्तान को भी ऐसा मॉडर्न सिटी बना दिया है, जहां अब हर किस्म का ऐशो आराम मिल सकता है। इसकी दुबई से लेकर बुर्ज अल अरब तक, और डांसिंग फाउंटेन से लेकर अंडर वाटर एक्वैरियम तक, दुबई में ऐसे बेशुमार प्रोजेक्ट मौजूद हैं जो शायद आपने पहले कभी ना देखे हैं। लेकिन दुबई के चंद ऐसे फ्यूचर प्रोजेक्ट्स हैं जो लांच तो चंद सालों के बाद होंगे, लेकिन उन प्रोजेक्ट्स की वजह से दुबई की शोहरत और कामयाबी नए लेवल पर जा पहुंचेगी। आइए जानते हैं दुबई के उन फ्यूचर प्रोजेक्ट्स के बारे में जिनकी लांच से दुबई की चमक-धमक मस्जिद बढ़ जाएगी। नंबर वन, दुबई क्रीक टावर। दुबई की कामयाबी शुरू हुई थी 2010 में, जब दुबई ने दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग बुर्ज खलीफा को लांच किया था। 2716 फीट ऊंची, बादलों को फाड़कर निकलने वाली इस बिल्डिंग में हैरतअंगेज तौर पर 163 स्टोरीस बनाई गई थीं। लेकिन बुर्ज खलीफा ने सिर्फ अपनी हाईट की वजह से ही दुनिया भर से लोगों को अपनी तरफ अट्रैक्ट नहीं किया, बल्कि बुर्ज खलीफा के पास चंद और वर्ल्ड रिकॉर्ड्स भी मौजूद हैं, जिसमें दुनिया का सबसे ऊंचा ऑब्जर्वेशन डेक, दुनिया का सबसे ऊंचा रेस्टोरेंट और दुनिया की सबसे तेज चलने वाली लिपस्टिक शामिल है। लेकिन यह हम सबको मालूम है, यह दुबई का यह फेम हमेशा के लिए नहीं है। जी हां, जो वर्ल्ड रिकॉर्ड पहले से मौजूद थे, उनको तोड़कर दुबई ने अपने नए वर्ल्ड रिकॉर्ड्स तो बनाए हैं, लेकिन जाहिर है उनको भी एक ना एक दिन जरूर कोई तोड़ेगा। बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सऊदी अरब के शहर जता में ज्यादा टावर की कंस्ट्रक्शन भी चल रही है, जो अभी तक की इंफॉर्मेशन के हिसाब से थ्री थाउजेंड 2108 फीट ऊंची बिल्डिंग होगी। यानी बुर्ज खलीफा से भी 500-600 फीट ज्यादा। जत्रा टावर ना सिर्फ बुर्ज खलीफा की ऊंचाई का रिकॉर्ड तोड़ेगा, बल्कि बुर्ज खलीफा के बनाए गए दूसरे भी कई रिकॉर्ड तोड़ने का मंसूबा सऊदी बिल्डर्स बना चुके हैं। जैसा कि दुनिया का सबसे ऊंचा ऑब्जर्वेशन डेक और हेलीपैड भी ज्यादा टावर में मौजूद होगा। साथ-साथ बुर्ज खलीफा में टोटल 57 एलिवेटर्स हैं, जब तक यह रिकॉर्ड तोड़ने के लिए ज्यादा टावर में 99 एलिवेटर्स बनाने का प्लान किया गया है। अगर यह मंसूबा कामयाब हो गया तो दुबई के फेम को जितना टावर की वजह से खासा नुकसान पहुंचेगा, और जाहिर है जब फेम को नुकसान पहुंचेगा तो दुबई के बिजनेस और टूरिज्म बेबी काफी प्रभावित पड़ेगा। इस चीज से बचने के लिए ज्यादा टावर के टक्कर में दुबई भी मैदान में उतर चुका है। जी हां, जहां ज्यादा में ज्यादा टावर की कंस्ट्रक्शन चल रही है, वहीं दुबई क्रीक एक और बिल्डिंग की कंस्ट्रक्शन जोरों-शोरों से चल रही है, जिसको दुबई क्रीक टावर का नाम दिया गया है। दुबई क्रीक टावर के बिल्डर एम्मार प्रॉपर्टीज ने अभी तक इसकी टोटल हाईट डिस्क्लोस नहीं की, लेकिन इनका प्लान यही है कि इसे दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग दुबई में ही रखनी है। अगर ज्यादा टावर की हाइट वाकई में 3021 फीट रखी गई तो दुबई क्रीक टावर की हाईट को बढ़ाकर इतना कर दिया जाएगा कि वह ज्यादा टावर से ऊंची हो जाए। दुबई क्रीक टावर की कंस्ट्रक्शन पर होने वाले खर्चे का एस्टीमेट वन बिलियन डॉलर बताया जा रहा है, जो 75 अरब रुपए बनते हैं। फिलवक्त ज्यादा टावर के बिल्डर्स ने टावर की कंस्ट्रक्शन रोक दी है, क्योंकि जिन सऊदी प्रिंस ने जत्रा टावर में इनवेस्टमेंट कर रखी थी, उनको सऊदी कमेंट ने करप्शन केस की वजह से अरेस्ट किया हुआ है। अब क्योंकि ज्यादा टावर का काम भी रुका हुआ है, तो एम्मार प्रॉपर्टीज ने भी दुबई क्रीक टावर का काम रोका हुआ है। लेकिन यह बात तो कंफर्म है कि आने वाले एक-दो सालों में बुर्ज खलीफा नहीं बल्कि दुबई क्रीक टावर दुनिया की अब तक की सबसे ऊंची बिल्डिंग होगी। नंबर टू, डायनेमिक टावर। आखिरकार लोग ऊंची बिल्डिंग से एक ना एक दिन तो जरूर बोर हो जाएंगे। इसके लिए दुबई ने ऐसे मेगा प्रोजेक्ट भी स्टार्ट कर दिया है जो आने वाले सालों में दुबई के बिजनेस को मस्जिद भून कर देंगे। और इन प्रोजेक्ट्स में से एक प्रोजेक्ट है डायनेमिक टावर। यह चकित टावर हाईट में बुर्ज खलीफा से काफी कम होगा, लेकिन इसमें एक ऐसी चीज भी है जो दुनिया में किसी भी टावर में मौजूद नहीं। जी हां, इस टावर में टोटल फ्लोर रखे गए हैं, लेकिन यह एक्टिव फ्लोर कोई आम लोग ही नहीं बल्कि यह हर वक्त गोल घूमते रहेंगे, जो दूर से देखने पर लोगों को वाकई एक अंधे का मंजर पेश करेंगे। डायनेमिक टावर में रहने वाले लोग अपने फ्लोर की रोटेशन स्पीड भी कंट्रोल कर सकेंगे। सांसद देखने का मूड हो या सीव देखने का, फ्लोर को रोटेट करके अपनी मर्जी के नजारे आराम से देखे जा सकेंगे। जो टेक्नोलॉजी इस डायनेमिक टावर में इस्तेमाल हो रही है, वह वाकई बहुत ही अनोखी है। हैरत की बात यह है कि इस टावर के हर फ्लोर की कंस्ट्रक्शन वेबसाइट पर नहीं बल्कि फैक्ट्री में अलग से की जाएगी, और बाद में यह फ्लोर ट्रांसपोर्ट करके साइट पर पहुंचाए जाएंगे। और एक के ऊपर दूसरा फ्लोर रखकर बिल्डिंग को कंप्लीट किया जाएगा। बिल्डर्स का मानना है कि इस तरीके से इसमें लगने वाला खर्चा थर्टी परसेंट कम होगा, लेकिन फिर भी इस प्रोजेक्ट में टोटल 1.2 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा खर्चा होगा, जो तकरीबन ₹90 अरब बनते हैं। नंबर 3, म्यूजियम ऑफ द फ्यूचर। दुबई में मनाया जाने वाला यह म्यूजियम नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी की एक शानदार एग्जांपल होगा। इस म्यूजियम में पुराने ज़माने की चीजें नहीं बल्कि आने वाले वक्त की टेक्नोलॉजी देखने को मिलेगी, जिनको देखकर इंसानी दिमाग दंग रह जाएगा। जी हां, म्यूजियम के अंदर इंसानी दिमाग के करिश्मों और टेक्नोलॉजी से भरपूर चीजें बनाई जाएंगी। म्यूजियम के अंदर रिपोर्ट्स वहां आने वाले इंसानों का भरपूर इस्तेमाल करेंगे। इसके अलावा रोबोट्स अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ऐसे कारनामे करके दिखाएंगे जो शायद कभी इंसान भी नहीं कर सकता। साथ-साथ रोबोटिक कार्स, मोटरसाइकिल और रोबोट ढेढ़ इंच की नेक्स्ट जेनरेशन इस म्यूजियम में शोकेस की जाएगी। यह म्यूजियम दुबई में शेख जायद रोड पर बनाया जा रहा है, जिस पर लगने वाला खर्चा अभी तक 1000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। नंबर फॉर, हाइपरलूप। एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो इंतहाई कम वक्त में इंसान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा सकती है, और वह भी बहुत कम खर्च में। हाइपरलूप एक बहुत बड़ा ट्यूब चैनल है, जिसमें छोटी-छोटी कैप्सूल्स में इंसान बैठकर एक जगह से दूसरी जगह ट्रैवल कर सकते हैं। यह पूरी टेक्नोलॉजी इलेक्ट्रिक बेस्ड है, यानी इसमें किसी किस्म का भी फ्यूल इस्तेमाल नहीं होता है। ओपन लूप में चलने वाली कैप्सूल्स 100-123 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ट्रैवल कर सकेंगे। यह स्पीड कई हवाई जहाज की स्पीड से भी ज्यादा है, जबकि इनके चलने से अंदर बैठे लोगों को किसी किस्म का भी शोर सुनाई नहीं देगा। इन कैप्सूल्स में विंडोज तो नहीं हैं, लेकिन इन्हें हर पैसेंजर के लिए एंटरटेनमेंट स्क्रीन जरूर मौजूद होगी। फुल वक्त यह आप लोग दुबई से अबू धाबी के लिए लांच किया जाएगा, जो इस 1 घंटे के सफर को सिर्फ 12 मिनटों में ही पार कर लेगा। दुबई में इस हाइपरलूप का स्टेशन बुर्ज खलीफा के करीब जबकि अबू धाबी में इतिहास टावर के आसपास बनाया जाएगा। नवंबर 22 में हाइपरलूप का सक्सेसफुल टेस्ट रन भी किया जा चुका है। हैरतअंगेज़ तौर पर हाइपरलूप को बनाने में हर किलोमीटर पर 225 करोड़ रुपयों का खर्चा आएगा, यानी सिर्फ दुबई से अबू धाबी के लोग पर 312 करोड़ रुपयों का खर्चा आने वाला है। बाद में यहां खत्म नहीं हुई। यह तो हो गया हाइपरलूप जो दुबई और अबू धाबी को जमीन से ही कनेक्ट करेगा, लेकिन दुबई से इंडिया तक हाइपरलूप के बारे में आपका क्या ख्याल है? जी हां, यूनाइटेड अरब एमिरेट्स और इंडिया के दरमियान होने वाली एक मीटिंग में यह प्रोजेक्ट डिस्कस हुआ था, जिसको दुबई के फ्यूचर प्रोजेक्ट्स की लिस्ट में शामिल कर लिया गया है। दुबई और इंडिया के शहर मुंबई के दरमियान समंदर के जरिए यह टनल बनाया जाएगा, जिसमें हाई स्पीड ट्रेन चलेगी और सिर्फ 2 ही घंटे में यह सफर पार किया जा सकेगा। यह अंडर वाटर टनल समंदर के मोकों पर नहीं बल्कि समंदर की सतह पर ही तैरता रहेगा, और ट्रेन के अंदर मौजूद लोग सफर के साथ-साथ समृद्धि दुनिया भी देख सकेंगे। 2000 किलोमीटर की इस दूरी को पार करने के लिए यह ट्रेन 11100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी, और इस अंडर वाटर ट्रेन टनल के जरिए दोनों दलों के बीच इंसान तो सफर करेंगे ही, लेकिन साथ-साथ ऑयल भी इंतहाई कम कीमत पर ट्रांसपोर्ट किया जा सकेगा। नंबर पांच, अलादीन सिटी। दुबई क्रीक पर 4000 एकड़ भरने वाली यह है दुबई अलादीन सिटी। यह प्रोजेक्ट अलादीन और सिंदबाद की स्टोरी से इंप्रेस होकर बनाया जा रहा है, जिसमें तमाम बिल्डिंग्स की शक्ल अलादीन के चिराग जैसी है। हर बिल्डिंग एक दूसरे से एयर कंडीशन टनल के जरिए आपस में जुड़ी होंगी। अलादीन सिटी में होटल, ऑफिस और फ्लैट्स तो होंगे ही, और 79 गाड़ियों की पार्किंग स्पेस भी होगी। यह प्रोजेक्ट दुबई के गवर्नमेंट की तरफ से बनाया जा रहा है। इस पर तकरीबन 1125 करोड़ रुपए का खर्चा होगा। नंबर सिक्स, जो मेरा अबे आईलैंड।
Speaker A
में मौजूद एक ऐसे शहर की जहां आज से 35 साल पहले सिर्फ रेत ही रेत थी जिसको आज पूरी दुनियां दुबई के नाम से जानती है जब वीडियोस में एक बार फिर से कुशादगी इस रेगिस्तान में लोग आना भी पसंद नहीं करते
Speaker A
थे वहां अब पूरी दुनिया का आना-जाना लगा रहता है इस रेल पेल के पीछे ऐसे दिमाग हैं जिन्होंने रेगिस्तान को भी ऐसा मॉडर्न सिटी बना दिया है जहां अब हर किस्म का ऐशो आराम मिल सकता है इसकी दुबई से लेकर बुर्ज
Speaker A
अल अरब तक और डांसिंग फाउंटेन से लेकर अंडर वाटर एक्वैरियम तक दुबई में ऐसे बेशुमार प्रोजेक्ट मौजूद हैं जो शायद आपने पहले कभी ना देखे हैं लेकिन दुबई के चंद ऐसे फ्यूचर प्रोजेक्ट्स की है जो लांच तो चंद सालों के बाद होंगे लेकिन उन
Speaker A
प्रोजेक्ट्स की वजह से दुबई की शोहरत और कामयाबी ने लेवल पर जा पहुंचेगी आइए जानते हैं दुबई के उन फ्यूचर प्रोजेक्ट्स के बारे में जिनकी लांच से दुबई की चमक-धमक मस्जिद बढ़ जाएगी नंबर वन दुबई क्रीक टावर दुबई की
Speaker A
कामयाबी शुरू हुई थी 2010 में जब दुबई ने दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग बुर्ज खलीफा को लांच किया था 2716 फीट ऊंची बादलों को फाड़कर निकलने वाली इस बिल्डिंग में हैरतअंगेज तौर पर 163 स्टोरीस बनाई गई थी लेकिन बुर्ज खलीफा ने सिर्फ अपनी हाईट की
Speaker A
वजह से ही दुनिया भर से लोगों को अपनी तरफ अट्रैक्ट नहीं किया बल्कि बुर्ज खलीफा के पास चंद और वर्ल्ड रिकॉर्ड्स भी मौजूद हैं जिसमें दुनिया का सबसे ऊंचा ऑब्जर्वेशन डेक दुनिया का सबसे ऊंचा रेस्टोरेंट और दुनिया की सबसे तेज चलने वाली लिपस्टिक
Speaker A
शामिल है लेकिन यह हम सबको मालूम है यह दुबई का यह फेम हमेशा के लिए नहीं है जी हां जो वर्ल्ड रिकॉर्ड पहले से मौजूद थे उनको तोड़कर दुबई ने अपने नए वर्ल्ड रिकॉर्ड्स तो बनाए हैं लेकिन जाहिर है
Speaker A
उनको भी एक ना एक दिन जरूर कोई थोड़े का बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड तोड़ने यह सऊदी अरब के शहर जता में ज्यादा टावर की कंस्ट्रक्शन भी चल रही है जो अभी तक की इंफॉर्मेशन के हिसाब से थ्री थाउजेंट 2108
Speaker A
फीट ऊंची बिल्डिंग होगी यानी बुर्ज खलीफा से भी 500 600 ची जत्रा टावर ना सिर्फ बुर्ज खलीफा की ऊंचाई का रिकॉर्ड तोड़ेगा बल के बुर्ज खलीफा के बनाए गए दूसरे भी कई रिकॉर्ड तोड़ने का मंसूबा सऊदी बिल्डर्स बना चुके हैं जैसा कि दुनिया का सबसे ऊंचा
Speaker A
ऑब्जर्वेशन डेक और हेलीपैड भी ज्यादा टावर में मौजूद होगा साथ-साथ बुर्ज खलीफा में टोटल 57वें एलिवेटर्स है जब तक यह रिकॉर्ड तोड़ने के लिए ज्यादा टावर में f9 एलीवेटर्स बनाने का प्लान किया गया है अगर यह मंसूबा कामयाब हो गया तो दुबई के फेम
Speaker A
को जितना टावर की वजह से खासा नुकसान पहुंचेगा और जाहिर है जब प्रेम को नुकसान पहुंचेगा तो दुबई के बिजनेस और टूरिज्म बेबी काफी परफेक्ट पड़ेगा इस चीज से बचने के लिए ज्यादा टावर के टक्कर में दुबई भी
Speaker A
मैदान में उतर चुका है जी हां जहां ज्यादा में ज्यादा टावर की कंस्ट्रक्शन चल रही है वहीं दुबे क्वी एक और बिल्डिंग की कंस्ट्रक्शन जोरों-शोरों से चल रही है जिसको दुबई क्रीक टावर का नाम दिया गया है दुबई क्रीक
Speaker A
टावर के बिल्डर एम्मार प्रॉपर्टीज ने अभी तक इसकी टोटल हाईट डिस्क्लोस नहीं की लेकिन इनका प्ले यही है कि इनको दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग दुबई में ही रखनी है अगर ज्यादा टावर की हाइट वाकई में 302 108
Speaker A
फीस रखी गई तो दुबई क्रीक टावर की हाईट को बढ़ाकर इतना कर दिया जाएगा कि वह ज्यादा टावर से ऊंची हो जाए दुबई क्रीक टावर की कंस्ट्रक्शन पर होने वाले खर्चे का एस्टीमेट वन बिलीयन डॉलर बताया जा रहा है
Speaker A
जो 75 अ प्रभाव बनते हैं फिलवक्त ज्यादा टावर के बिल्डर्स ने टावर की कंस्ट्रक्शन रॉकी हुई है क्योंकि जिन सऊदी प्रिंस ने जीता टावर में इनवेस्टमेंट कर रखी थी उनको सऊदी कमेंट ने करप्शन केसेस की वजह से अरेस्ट किया हुआ है अब क्योंकि ज्यादा
Speaker A
टावर का काम भी रुका हुआ है तो बीमार प्रॉपर्टीस ने भी दुबई क्रीक टावर का काम रोका हुआ है लेकिन यह बात तो कंफर्म है कि आने वाले एक-दो सालों में बुर्ज खलीफा नहीं बल्कि दुबई क्रीक टावर दुनिया की
Speaker A
अब से ऊंची बिल्डिंग होगी नंबर टू डायनेमिक टावर आखिरकार लोग ऊंची बिल्डिंग से एक ना एक दिन तो जरूर बोर हो जाएंगे इसके लिए दुबई ने ऐसे मेगा प्रोजेक्ट भी स्टार्ट कर दिया है जो आने वाले सालों में
Speaker A
दुबई के बिजनेस को मस्जिद भून कर देंगे और इन प्रोजेक्ट्स में से एक प्रोजेक्ट है डायनेमिक टावर वे चकित टावर हाईट में बुर्ज खलीफा से काफी कम होगा लेकिन इसमें एक ऐसी चीज भी है जो दुनिया में किसी भी
Speaker A
टावर में मौजूद नहीं जी हां इस टावर में टोटल एसटीएफ लो रखे गए हैं लेकिन यह एक्टिव फ्लोर कोई आम लोग ही नहीं बल्कि यह हर वक्त गोल घूमते रहेंगे जो दूर से देखने पर लोगों को वाकई एक अंधे का मंजर पेश
Speaker A
करेंगे डायनेमिक टावर में रहने वाले लोग अपने फ्लोर की रोटेशन स्पीड भी कंट्रोल कर सकेंगे सांसद देखने का मूड हो या सीव देखने का प्लेयर्स को रोटेट करके अपनी मर्जी के नजारे आराम से देखे जा सकेंगे जो टेक्नोलॉजी इस डायनेमिक टावर में इस्तमाल
Speaker A
हो कि वह वाकई बहुत ही अनोखी हैरत की बात यह है कि इस टावर के हर फ्लोर की कंस्ट्रक्शन वेबसाइट पर नहीं बल्कि फैक्ट्री में अलग से की जाएगी और बाद में यह फ्लोर ट्रांसपोर्ट करके साइड पर पहुंचाए जाएंगे
Speaker A
और एक के ऊपर दूसरा फॉलो रखकर बिल्डिंग को कंप्लीट किया जाएगा बिल्डर्स का मानना है कि इस तरीके से इसमें लगने वाला खर्चा थर्टी परसेंट कम होगा लेकिन फिर भी इस प्रोजेक्ट में टोटल 1.2 बिलीयन डॉलर से भी
Speaker A
ज्यादा खर्चा होगा जो तकरीबन ₹90 बनते हैं नंबर 3 म्यूजियम ऑफ द फ्यूचर दुबई में मनाया जाने वाला यह म्यूजियम नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी की एक शाम धार एग्जांपल होगा इस म्यूजियम में पुराने ज़माने की चीजें नहीं बल्कि आने वाले वक्त
Speaker A
की टेक्नोलॉजी देखने को मिलेगी जिनको देखकर इंसानी धमाका दंग रह जाएगा जी हां म्यूजियम के अंदर इंसानी दिमाग के करना में और टेक्नोलॉजी से भरपूर चीजें बनाई जाएगी म्यूजियम के अंदर रिपोर्ट्स वहां आने वाले इंसानों का भरपूर इस्तेमाल
Speaker A
करेंगे इसके इलावा रोबोट्स अपनी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से ऐसे कारनामे करके दिखाएंगे जो शायद कभी इंसान भी नहीं कर सकता साथ-साथ रोबोटिक कार्स मोटरसाइकिल और रोबोट ढेढ़ इंच की नेक्स्ट जेनरेशन इस म्यूजियम में शोकेस की जाएगी यह म्यूजियम दुबई में
Speaker A
शेख जायद रोड पर बनाया जा रहा है जिस पर लगने वाला खर्चा अभी तक 1000 करोड़ पर बताया जा रहा है नंबर फॉर हाइपरलूप एक ऐसी टेक्नॉलजी है जो इंतहाई कम वक्त में इंसान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा सकती है और
Speaker A
वह भी बहुत कम खर्च में हाइपरलूप एक बहुत बड़ा ट्यूब चेनल है जिसमें छोटी-छोटी कैप्सूल्स में इंसान बैठकर एक जगह से दूसरी जगह ट्रेवल कर सकते हैं यह पूरी टेक्नोलॉजी इलेक्ट्रिक पेस्ट है यानी इसमें किसी किस्म का भी फ्यूल इस्तेमाल
Speaker A
नहीं होता है ओपन लूप में चलने वाली कैप्सूल्स 100 123 किलोमीटर्स पर हौर की स्पीड से ट्रेवल कर सकेंगे यह स्पीड कई हवाई जहाज की स्पीड से भी ज्यादा है जबकि इनके चलने से अंदर बैठे लोगों को किसी
Speaker A
किस्म का भी शोर सुनाई नहीं देगा इन कैप्सूल्स में विंडोस तो नहीं है लेकिन इन्हें हर पैसेंजर्स के लिए एंटरटेनमेंट स्क्रीन जरूर मौजूद फुल वक्त यह आप लोग दवाई से अबू धाबी के लिए लांच किया जाएगा जो इस 1 घंटे के सफर
Speaker A
भैरव तंग इंस्टॉल पर सिर्फ 12 मिनटों में ही पार कर लेगा दुबई में इस हाइपरलूप का स्टेशन बुर्ज खलीफा के करीब जबकि अबू धाबी में इतिहास टावर के आसपास बनाया जाएगा november22 में हाइपरलूप का सक्सेसफुल टेस्ट रन भी किया जा चुका है हैरतअंगेज़
Speaker A
तौर पर हाय पर लुक को बनाने में हर किलोमीटर पर 225 करोड़ रुपयों का खर्चा आएगा यानी सिर्फ दुबई से अबू धाबी के लोग पर 312 रुपयों का खर्चा आने वाला है बाद अब यहां खत्म नहीं हुई यह तो हो गया
Speaker A
हाइपरलूप जो दुबई और अबूधाबी को जमीन से ही कनेक्ट करेगा लेकिन दुबई से इंडिया तक हाइपरलूप के बारे में आपका क्या ख्याल है जी हां यूनाइटेड अरब एमिरेट्स और इंडिया के दरमियान होने वाली एक मीटिंग यह प्रोजेक्ट डिस्कस हुआ था जिसको दुबई के
Speaker A
फ्यूचर प्रोजेक्ट्स की लिस्ट में शामिल कर लिया गया है दुबई और इंडिया के शहर मुंबई के दरमियान समंदर के जरिए यह टनल बनाया जाएगा जिसमें हाय स्पीड ट्रेन चलेगी और सिर्फ 2 ही घंटे में यह सफर पार किया जा
Speaker A
सकेगा यह अंडर वाटर टनल समंदर के मौकों पर नहीं कि समंदर की सतह पर ही तैरता रहेगा और ट्रेन के अंदर मौजूद लोग सफर के साथ-साथ समृद्धि दुनिया भी देख सकेंगे 2000 किलोमीटर की इस दूरी को पार करने के लिए
Speaker A
यह ट्रेन 11100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी और इस अंदर वाटर ट्रेन टनल के जरिए दोनों दलों के घर में आने इंसान तो सफर करेंगे ही लेकिन साथ-साथ ऑयल भी इंतहाई कम कीमत पर ट्रांसपोर्ट किया जा
Speaker A
सकेगा नंबर पांच अलादीन सिटी दुबई क्रीक पर 4000 एक और पद भरने वाली यह है दुबई अलादीन सिटी यह प्रोजेक्ट अलादीन और सिंदबाद की स्टोरी से इंप्रेस होकर बनाया जा रहा है जिसमें तमाम बिल्डिंग्स की शक्ल अलादीन के चिराग जैसी है हर बिल्डिंग एक
Speaker A
दूसरे से एयर कंडीशन टनल के जरिए आपस में जुड़ी होंगी अलादीन सिटी में होटल ऑफिस आफ फ्लैट्स तो होंगे ही और 79 गाड़ियों की पार्किंग स्पेस भी हो कि यह प्रोजेक्ट दुबई के गवर्नमेंट की तरफ से बनाया जा रहा
Speaker A
है इस पर तकरीबन 1125 रुपयों का खर्चा होगा नंबर सिक्स जो मेरा अबे आईलैंड्स दुबई का नाम सुनते को सबसे पहले हमारे दिमाग में आते हैं मैं मेड गारलैंड्स जिसकी एक जीती-जागती एग्जांपल दुबई में पाम जुमैरा के नाम से
Speaker A
मौजूद है यह पाम जुमैरा खजूर के दर्ज ऐसा आयरलैंड समंदर में बनाया गया था जहां पर रिहायश 2007 में ही स्टार्ट हो चुकी थी यह पाम जुमैरा समंदर में पत्थर और रेत डालकर इंतहाई महारत से बनाया गया लेकिन इतने
Speaker A
बड़े आयरलैंड पर पत्थर और रेत डालने की ट्रांसपोर्टिंग कॉस्ट इतनी कम नहीं थी हां जो मेरा को बनाने में तकरीबन 90 रुपयों का खर्चा आया था और इस खर्चे में 112 अरब रुपयों का अटलांटिस होटल शामिल नहीं है
Speaker A
जिसमें वाटर पार्क और अंडर वाटर एक्यूरियम भी मौजूद है पांच जो मेरा इतना बड़ा है कि इसको स्पेस से भी देखा जा सकता है पाम जुमैरा की कामयाबी के बाद दुबई की गवर्नमेंट एक और मैं मेड आयरलैंड बना रही
Speaker A
है जिसको जो मेरा बे आईलैंड का नाम दिया गया है इस आयरलैंड की शक्ल एक सीहोर से मिलती-जुलती है जो मेरा भी आयरलैंड का काफी पर हिस्सा कंप्लीट कर लिया गया है जिसमें यॉट क्लब अपार्टमेंट्स और एक फाइव
Speaker A
स्टार लग्जरी फुलकारी भी मौजूद है नंबर सात दुनिया का सबसे ऊंचा फेरिस वील जो अभी अमेरिका के शहर लास वेगस में मौजूद है उसका रिकॉर्ड भी बहुत जल्द दुबई तोड़ने वाला है जी हां दुबई मरीना पर दुनिया का सबसे ऊंचा फेरिस वील बनाया जा
Speaker A
रहा है जिसकी हाईट 210 मीटर बताई जा रही है इस बीच में टोटल 345 कैप्सूल्स है जिन पर एक ही वक्त में चौथा सो लोग दुबई मरीना के शानदार नजारे देख सकेंगे यह फिर इस बेल पूरी तरह से तैयार है सिर्फ इसकी लांच
Speaker A
कोंबिनेशन की वजह से डिलीट हो गई थी इस बिल को बनाने में 2000 करोड़ों रुपयों से भी ज्यादा का खर्चा आया था जो 2021 में किसी भी वक्त लांच हो सकता है उम्मीद है यह वीडियो भी आप भरपूर लाइक और शेयर
Speaker A
करेंगे आप लोगों के प्यार भरे कमेंट और लाइक का बहुत-बहुत शुक्रिया मिलते हैं अगली शानदार वीडियो में
Topics:दुबईफ्यूचर प्रोजेक्ट्सदुबई क्रीक टावरडायनेमिक टावरम्यूजियम ऑफ द फ्यूचरहाइपरलूपअलादीन सिटीबुर्ज खलीफासऊदी अरब जत्रा टावरटेक्नोलॉजी











