Skip to content

The Biggest Mystery of Internet - Cicada 3301

सिकाडा 3301 इंटरनेट की सबसे बड़ी पहेली है, जिसमें गुप्त संदेश, क्रिप्टोग्राफी और रहस्यमय लोकेशन्स शामिल हैं।

Key Takeaways

  • सिकाडा 3301 एक अत्यंत जटिल और बहु-स्तरीय इंटरनेट पजल है।
  • इसमें क्रिप्टोग्राफी, गुप्त संदेश, और वास्तविक दुनिया की लोकेशन्स का उपयोग हुआ।
  • सिकाडा ने अपनी विश्वसनीयता के लिए PGP की जारी की।
  • पजल का मकसद केवल प्रैंक नहीं बल्कि डिजिटल प्राइवेसी और प्रतिभाशाली लोगों की खोज था।
  • अंतिम स्टेप और सिकाडा की असली पहचान आज भी अज्ञात है।

What the video covers

  • 4 जनवरी 2013 को फोर चैन पर गुमनाम यूजर 3301 ने एक रहस्यमय इमेज पोस्ट की।
  • इस इमेज में छुपे संदेश को डिकोड करने के लिए सीज़र साइफर और अन्य क्रिप्टोग्राफी तकनीकों का उपयोग हुआ।
  • पहले पजल में कई लिंक, फोन नंबर, और लोकेशन्स मिले जो पांच देशों में फैले थे।
  • सिकाडा ने फेक पोस्टिंग से बचने के लिए ऑफिशियल PGP की जारी की।
  • दूसरे पजल में ऑडियो फाइल, ट्विटर हैंडल, और डार्क वेब की चुनौती शामिल थी।
  • कुछ चुनिंदा लोग ही अंतिम स्टेप तक पहुंच पाए, लेकिन अंतिम परिणाम अज्ञात रहा।
  • 2014 में सिकाडा ने फिर से पजल जारी किया, जिसमें प्राचीन रनिक भाषा में लिखी किताब शामिल थी।
  • सिकाडा का मकसद डिजिटल प्राइवेसी और इंटेलिजेंस की तलाश बताया गया।
  • पजल के पीछे की असली पहचान और उद्देश्य आज भी रहस्य बने हुए हैं।
  • 14 साल बाद भी सिकाडा 3301 इंटरनेट की सबसे बड़ी और जटिल पहेलियों में से एक है।

Answers

Questions about this video

सिकाडा 3301 क्या है?

सिकाडा 3301 एक गुप्त और जटिल इंटरनेट पजल है जिसे 2013 में एक गुमनाम यूजर ने शुरू किया था, जिसमें क्रिप्टोग्राफी और रहस्यमय संकेत शामिल हैं।

पहले पजल में कौन-कौन से संकेत मिले थे?

पहले पजल में सीज़र साइफर, वेब लिंक, फोन नंबर, रेडिट पोस्ट, और विभिन्न देशों में फैली लोकेशन्स के संकेत मिले थे।

सिकाडा का असली मकसद क्या था?

सिकाडा का मकसद प्रतिभाशाली और बुद्धिमान लोगों की खोज करना और डिजिटल प्राइवेसी को बढ़ावा देना माना जाता है, लेकिन इसका पूरा उद्देश्य आज भी रहस्य बना हुआ है।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
4th जनवरी 2013 फोर चैन वेबसाइट पर एक मिस्टीरियस इमेज पोस्ट होता है, जिस पर ब्लैक बैकग्राउंड और वाइट टेक्स्ट में लिखे लफ्जों ने पूरी दुनिया को चैलेंज कर दिया। इमेज पोस्ट करने वाला कोई गुमनाम शख्स था, जिसने अपना निक नेम 3301 रखा था।
00:19
Speaker A
मैसेज के मुताबिक यह लोग दुनिया के सबसे इंटेलिजेंट लोगों की तलाश में हैं। उन्होंने इस सादे से इमेज में एक सीक्रेट मैसेज छोड़ा है और कोई भी इस सीक्रेट मैसेज को ढूंढकर उन तक पहुंच सकता है। और आखिर में लिखा था गुड लक 3301।
00:36
Speaker A
पहले तो सबको लगा कि कोई प्रैंक है क्योंकि सिंपल से दिखने वाले इमेज में कोई ऐसा इशारा ही नहीं था जो किसी भी तरह से सीक्रेट मैसेज को छुपा सके। लेकिन कौन जानता था कि यह सिंपल इमेज इंटरनेट की
00:50
Speaker A
तारीख की सबसे [संगीत] बड़ी मिस्ट्री बनने वाला है। ZM टीवी की वीडियोस में एक बार फिर से खुशामदीद। नाजरीन, इमेज पोस्ट होने के चंद मिनटों बाद लोग इस इमेज में छुपे मैसेज की तलाश में लग गए। किसी ने इसके
01:04
Speaker A
कलर्स बदले तो कोई 3301 नंबर पर शक कर रहे थे। पर एक शख्स ने दिमाग लड़ाकर इमेज फाइल को जब टेक्स्ट एडिटर में खोला तो फाइल के आखिर में यह लिखा था। टाइबेरियस क्लॉडियस सिज़रसेस और उसके बाद यह कोड नाम तो यह
01:21
Speaker A
रोमन एपरर का है, लेकिन इसके आगे वाला कोड फिर भी समझ से बाहर था। लेकिन समझने वालों को मालूम था कि सीजर वर्ड का होना इशारा दे रहा है कि यह एक सीजर साइफर है। यह क्रिप्टोग्राफी की एक बहुत पुरानी और आसान
01:36
Speaker A
टेक्निक है, जिसमें अल्फाबेट्स को किसी भी एक फिक्स्ड नंबर से आगे या पीछे किया जाता है। जिस पर उसका असल वर्ड जाहिर हो जाता है। टाइबेरियस क्लॉडियस रोम के फोर्थ एपरर थे। यानी यहां फिक्स्ड नंबर फोर है। अगर
01:52
Speaker A
कोड के हर अल्फाबेट को अल्फाबेटिकल ऑर्डर में फोर से पीछे या आगे किया जाए तो कोड डी साइफर हो सकता है। अल्फाबेटिकल ऑर्डर में कोड का पहला लेटर था एल, जिसको फोर स्टेप्स पीछे किया जाए तो यह एच बनता है।
02:08
Speaker A
दूसरे दो थे एक्स, यानी फोर पीछे करने पर यह टी बनता है और फिर था टी, जो बनता है पी। पहले चार कररेक्टर से वाज़ हो गया कि यह एक वेब लिंक की शुरुआत है जो एच डबल टीपी से शुरू होता है। पूरा डिसाइफर करने
02:24
Speaker A
पर जो लिंक मिला वो एक इमेज का लिंक था। एक बतख और साथ में लिखा था कि यह ऐसे नहीं होगा जैसे आप कर रहे हैं। पहले तो लगा कि शायद यह कोई ट्रोल कर रहा है। लेकिन बतख
02:38
Speaker A
वाले इमेज पर लिखे आउट और गेस वर्ड्स में छुपा था एक इशारा, यानी आउट गेस नामी सॉफ्टवेयर। जब पहले इमेज को आउटग गेस सॉफ्टवेयर में खोला गया तो इसमें छुपा था रेडिट वेबसाइट का एक लिंक। इस लिंक पर
02:52
Speaker A
सारे पोस्ट इनकोडेड थे, जिनको डिकोड करने पर एक बुक का नाम मिला और उस बुक में इशारा था इस नंबर का 2143909608 डेलिस का एक फोन नंबर। जब इस पर कॉल की गई तो अगली तरफ यह रिकॉर्डेड मैसेज चल पड़ा।
03:11
Speaker A
गुड यू हैव डन वेल, दे आर थ्री प्राइम नंबर एसोसिएटेड ओरिजिनल फाइनल जेग 331 वन, देव अदर टू फाइंड द [संगीत] नेक्स्ट स्टेप, गुड लक, गुड बाय। अब कहानी में मजीद ट्विस्ट आ चुका था और रातोंरात ओरिजिनल इमेज पूरे इंटरनेट पर
03:39
Speaker A
वायरल हो गया। सबके ज़हन में सिर्फ एक ही सवाल था कि इस पजल को शुरू करने वाला कौन है और उसका मकसद क्या है? कुछ ने कहा कि यह इंटेलिजेंस एजेंसीज का काम है, जिनको इंतहाई जहीन लोगों की जरूरत है। तो कुछ ने
03:54
Speaker A
सिर्फ इसको मजाक [संगीत] समझकर टाल दिया। लेकिन इसके एंड पर क्या था इसका फिलहाल किसी को भी आईडिया नहीं था। फोन रिकॉर्डिंग में दी गई इंस्ट्रक्शंस के मुताबिक ओरिजिनल इमेज में दो नंबर्स छुपे हैं। इन दोनों नंबर्स को 301 से
04:09
Speaker A
मल्टीप्लाई करना है और जवाब के आगे डॉट लगाना है। यानी इस गेम का अगला पार्ट किसी वेबसाइट में छुपा था। मालूम पड़ा कि ओरिजिनल इमेज में छुपे वो दो नंबर्स उस इमेज की हाइट और विड्थ थे। तीनों नंबर्स
04:25
Speaker A
को आपस में मल्टीप्लाई करने पर एक वेबसाइट का लिंक मिला और उस वेबसाइट पर सिका कीड़े की तस्वीर के नीचे एक काउंटडाउन टाइमर पहले से चल रहा था। टाइमर पूरा होने पर वेब पेज अपडेट हुआ और जीपीएस कोऑर्डिनेट्स
04:40
Speaker A
की एक लिस्ट नमूदार हो गई। यह 14 मुख्तलिफ लोकेशनेशंस थी जो कि पांच मुल्कों में फैली हुई थी। जो लोग पजल के इस लेवल तक पहुंच चुके थे, उनको अब यकीन था कि यह कोई प्रैंक तो हरगिज़ नहीं है। इन लोकेशनेशंस
04:55
Speaker A
पर एक प्रिंटेड A4 पेपर चिपका था, जिस पर सिका की तस्वीर के नीचे एक क्यूआर कोड मौजूद था। साउथ कोरिया में जो शख्स बताई गई लोकेशन पर पहुंचा, उसने वहां की वीडियो भी रिकॉर्ड की। क्यूआर कोड में एक इमेज का
05:10
Speaker A
लिंक था। उस इमेज में एक पहेली थी और उस पहेली से एक बुक का नाम मिला और फिर उस बुक में एक वेबसाइट का लिंक था। यह सब इतनी जल्दी और आसानी से नहीं हुआ जितना सुनने में लग रहा है। सॉल्व करने वालों को
05:24
Speaker A
इसमें कई दिन लगे थे। पर कहानी यहां खत्म नहीं हुई। इस वेबसाइट पर आकर कहानी में एक नया ट्विस्ट आता है। वेबसाइट सिर्फ पहले आने वाले लोगों को पजल के आखिरी मोड़ तक जाने के लिए एक्सेप्ट कर रही थी। जो बाद
05:40
Speaker A
में वेबसाइट तक पहुंचा उनकी अब कोई जगह नहीं थी। उनका इस्तकबाल सिर्फ इस मैसेज से किया गया। शायद जो भी इसके पीछे था, उसको सिर्फ उन्हीं की जरूरत थी जो डिकोडिंग जल्दी करेगा। अगली स्टेज पर जो पहुंचे उनके साथ क्या हुआ फिलहाल यह किसी को भी
05:59
Speaker A
मालूम नहीं था। लेकिन इसके बाद सिकडा की तरफ से 1 महीने की खामोशी छा गई। अगले महीने सडा ने रेडिट पर एक इमेज पोस्ट किया, जिसमें पजल के हवाले से एक इंपॉर्टेंट अनाउंसमेंट थी। इसमें लिखा था कि हमें जिन
06:14
Speaker A
लोगों की तलाश थी, वह हमें मिल चुके हैं और जो लोग यहां तक नहीं पहुंच सके, वो ना उम्मीद ना हो क्योंकि ऐसा मौका बाद में भी मिलेगा। थैंक यू ऑल301। सिकडा ने तो टू दी पॉइंट इंफॉर्मेशन दे दी
06:29
Speaker A
थी। लेकिन उन सवालात का कोई जवाब नहीं था जो लाखों लोगों के जेहन में अभी तक गूंज रहे थे कि पजल का असली मकसद क्या था? कौन है इसके पीछे और आखिर लास्ट स्टेज के बाद होता क्या है? लेकिन बाद में पता चला कि
06:45
Speaker A
यहां तक जो कुछ हुआ वह तो सिर्फ शुरुआत थी। यहां आपको बताता चलूं कि फर्स्ट पजल के दौरान बहुत से लोगों ने फेक सिका बनकर फोर चैन और रेडिट्स पर पोस्ट किए, जिसके चलते बहुत कंफ्यूजन फैल चुकी थी कि
07:01
Speaker A
आखिर असली पोस्ट कौन सा है? इस कंफ्यूजन को खत्म करने के लिए सिकडा ने एक ऑफिशियल पीजीपी की रिलीज की। पीजीपी जिसे प्रीटी गुड प्राइवेसी कहा जाता है। ठीक किसी बैंक लॉकर की दो चाबियों की तरह काम करती है।
07:17
Speaker A
इसमें की का एक हिस्सा सबको मालूम था, यानी के पब्लिक और दूसरा हिस्सा सिकडा के लैपटॉप या कंप्यूटर में प्राइवेट था। मकसद था कि अगर सिकाडा अपनी प्राइवेट की से किसी टेक्स्ट या इमेज पर साइन करें तो दुनिया में कोई भी बंदा पब्लिक की का
07:35
Speaker A
इस्तेमाल करके एक सेकंड में पता कर सकता था कि यह मैसेज 100% असली सिकाडा ने लिखा है या नहीं। एक साल तक बहुत सारे फेक इमेजेस के बाद आखिरकार 5िफ्थ जनवरी 2013 को, यानी पिछले पजल के ठीक 1 साल और 1 दिन
07:54
Speaker A
बाद सिकडा का ऑफिशियल इमेज दोबारा पोस्ट हुआ। यह 100% ऑथेंटिक मैसेज था क्योंकि इसकी पीजीपी की मैच हो रही थी। सिकडा301 वापस आ चुका था और अब बारी थी सेकंड पजल की। यह पहले वाले से ज्यादा मुख्तलिफ नहीं
08:12
Speaker A
था। इमेज में एक सीक्रेट मैसेज था। उसने एक बुक का इशारा दिया। उस बुक में था एक लिंक और उस लिंक में थी एक MP3 ऑडियो फाइल। ऑडियो में वैसे तो सिर्फ म्यूजिक था, लेकिन इस म्यूजिक के पीछे छुपी थी कुछ
08:26
Speaker A
फ्रीक्वेंसीज और कीपड की आवाजें। इन आवाजों और फ्रीक्वेंसीज को डिकोड करने पर एक Twitter का हैंडल मिला, जिसमें रैंडम न्यूममेरिक कोड्स पोस्ट हो रखे थे। इन कोड्स ने एक चार्ट पेपर की तरफ इशारा किया, जिस पर मिस्टीरियस रनिक अल्फाबेट्स मौजूद
08:43
Speaker A
थे। जिन्होंने आगे चलकर लोगों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी की। Twitter हैंडल से कुछ और क्लूस मिले जो आठ जीपीएस कोऑर्डिनेट्स की तरफ इशारा कर रहे थे। यह लोकेशनेशंस चार अलग-अलग मुल्कों में फैली हुई थी। पहले पजल की तरह जो लोग लोकेशन पर गए, वहां
08:59
Speaker A
उन्हें सिकाडा लोगों के साथ पोस्टर और सीक्रेट कोड मिला, जो उन्हें सीधा ले गया डार्क वेब पर। डार्क वेब की साइट पर उन्हें एक इंतहाई कॉम्प्लेक्स चैलेंज दिया गया, जो बहुत कम लोग सॉल्व कर पाए और आखिर में एक और वेबसाइट का लिंक मिला, जिसने
09:16
Speaker A
पहले पजल की तरह सिर्फ शुरुआती लोगों को एक्सेप्ट किया और बाकियों के लिए वेबसाइट बंद हो गई। इस राउंड टू में सिर्फ पांच छह लोग ही आखिरी स्टेप तक पहुंच सके। लेकिन पहले पजल की तरह सेकंड पजल का एंड सिकाडा
09:31
Speaker A
के ऑफिशियल मैसेज से नहीं हुआ। जिसका सबको बेसब्री से इंतजार था। अगले कई महीनों तक खामोशी छाई रही और इस दौरान लोगों की क्यूरोसिटी बढ़ती जा रही थी। सवालात वही लेकिन कोई जवाब नहीं। क्या हुआ आखिरी स्टेज पहुंचने वालों का, सिकड़ा कौन है?
09:50
Speaker A
क्या है इस सब का मकसद? लोगों ने समझा कि सिकाडा का खेल खत्म हुआ, लेकिन कहानी का अंजाम अभी भी बाकी था। देखते ही देखते 2014 का जनवरी शुरू हो गया। अभी लोग इसी कशमकश में थे कि पिछले दो सालों की तरह इस
10:06
Speaker A
साल कोई नया पजल आएगा या नहीं। और तभी एक बार फिर एंट्री होती है सिकडा301 की। वही इमेज, लेकिन नया पजल हर बार की तरह इमेज ने बुक का इशारा दिया। बुक में छुपा था डार्क वेब का लिंक। यूं करते-करते बाकी
10:23
Speaker A
सब सेम था। लेकिन इस बार कहानी एक अनोखी किताब के गिर्द घूमती रही। इस बुक का नाम था लिबर प्रीमियस, जिसका लातीनी जबान में मतलब है पहली किताब। मालूम पड़ा कि यह 74 पेजेस की किताब सिकडा ने खुद लिखी थी और
10:40
Speaker A
इसको कदीम रनिक अल्फाबेट्स में लिखा गया था, जिसको रंस भी कहते हैं। हजारों साल पहले इस जुबान को सीक्रेट मैसेजेस के लिए इस्तेमाल किया जाता था। पजल
10:54
Speaker A
रनिक अल्फाबेट्स लिखे थे। जिनका शायद लिबर प्रीमियस के साथ कोई ठोस कनेक्शन है। यही वह पॉइंट था जहां सिकडा की धुंधली कहानी अब नजरों से भी ओझल होने लगी। इस बुक में हाईली इंक्रिप्टेड अल्फाज़ लिखे थे जिनमें कुछ को जब डिकोड किया गया तो डार्क वेब का
11:13
Speaker A
एक लिंक मिला लेकिन वो खुल नहीं रहा था। एक जगह पर दोबारा म्यूजिक ऑडियो मिली जो किसी को समझ नहीं आई। 74 पेजेस की बुक में से 19 पेजेस ही ऐसे थे जिनको डिकोड किया जा सका। लेकिन बाकी 55 पेजेस पर क्या कुछ
11:30
Speaker A
लिखा था यह आज भी एक मिस्ट्री है। इसके बाद 2015 आया और चला गया। लेकिन सिकडा की तरफ से कोई मैसेज या नया पजल नहीं आया। काफी लोगों ने समझा कि शायद पजल नंबर थ्री इनकंप्लीट रह गया है। तभी सिकाडा भी गायब
11:47
Speaker A
है। और फिर बाद में यह शक बिल्कुल सही निकला। 2016 की शुरुआत में सिकडा ने एक और पोस्ट लगाई जिसमें कंफर्म किया कि आगे का रास्ता लीवर प्रीमियस के अंदर ही छुपा है। सिर्फ इतना ही नहीं सिकडा ने इस पोस्ट में
12:03
Speaker A
पजल नंबर थ्री के हवाले से एक हिंट भी छोड़ी थी। सिकाडा के मुताबिक बुक के अल्फाज एक मैप हैं। उनके मतलब में छुपा है रास्ता और नंबर्स से डायरेक्शन मिलेगी। इस हिंट से लगता है कि बुक में किसी इंतहाई
12:18
Speaker A
सीक्रेट लोकेशन का पता छुपा है। लेकिन फिर भी आज तक लीबर प्रीमियस को कोई क्रैक नहीं कर सका। सिकडा301 की पहेलियां एक के बाद एक नए सवालात छोड़ती जा रही थी और वह सवालात जो ओरिजिनल इमेज ने छोड़े थे उनका भी अभी तक कोई जवाब
12:36
Speaker A
नहीं था। पजल का मकसद क्या था और कौन है सिकाडा301? बाद में मालूम पड़ा कि पजल नंबर वन में सेलेक्ट होने वाले लोगों में शामिल थे मार्कस वैनर और नक्स पॉपुलली। इन्होंने अपने इंटरव्यूज में बताया कि सेलेक्ट होने
12:51
Speaker A
के बाद उन्हें डार्क वेब के एक प्राइवेट फोरम में डाला गया। जहां बाकी सिलेक्टेड मेंबर्स के साथ-साथ 301 के क्रिएटर्स भी मौजूद थे। चंद लीक्ड ईमेल्स और फॉरम डिस्कशन के मुताबिक सिकडा ने साफ बताया कि ना तो वह सीआईए जैसी एजेंसी के लोग हैं और
13:08
Speaker A
ना ही कोई इललीगल ऑर्गेनाइजेशन। उनका मकसद सिर्फ डिजिटल प्राइवेसी को प्रोटेक्ट करना है जो हर इंसान का बुनियादी हक है। सिलेक्शन के बाद उन मेंबर्स को क्रिप्टोग्राफिक सॉफ्टवेयर की डेवलपमेंट का काम दिया गया जिस पर कई मेंबर्स ग्रुप
13:24
Speaker A
छोड़कर चले गए। मार्कस वैनर के मुताबिक लेट 2012 तक अक्सर सिलेक्टेड मेंबर्स जा चुके थे। और एक दिन अचानक सर्वर क्रैश के बाद वो डार्क वेबसाइट भी हमेशा के लिए ऑफलाइन हो गई। पजल नंबर टू के विनर्स को
13:40
Speaker A
तो किसी फोरम पर लाया ही नहीं गया बल्कि उन्हें ईमेल भेजकर बस सब्र रखने को कहा गया। इसके बाद मई 2013 में सिकडा ने उनसे भी हमेशा के लिए राब्ता खत्म कर दिया और पजल नंबर थ्री में तो फाइनल राउंड तक कोई
13:56
Speaker A
पहुंच ही नहीं सका। कम से कम अभी तक की इंफॉर्मेशन के मुताबिक। आज सकाडा301 के इन पजल्स को 14 साल गुजर चुके हैं। लेकिन आज भी यह एक मिस्ट्री है कि कोई शख्स या ऑर्गेनाइजेशन इतने हाईली इंक्रिप्टेड पज़ल्स सिर्फ एक मामूली मकसद
14:14
Speaker A
के लिए कैसे बना सकती है। मुख्तलिफ मुल्कों में अलग-अलग लोकेशनेशंस पर जाकर पोस्टर्स लगाना जरूर किसी एक शख्स का काम तो नहीं हो सकता बल्कि यह किसी सीक्रेट सोसाइटी का काम लगता है। इसके बारे में आपका क्या ख्याल है? मुझे कमेंट सेक्शन
14:31
Speaker A
में जरूर बताइएगा। उम्मीद है ZM TV की यह वीडियो भी आप लोग भरपूर लाइक और शेयर करेंगे। मिलते हैं अगली शानदार वीडियो में।
Topics:सिकाडा 3301इंटरनेट मिस्ट्रीक्रिप्टोग्राफीसीज़र साइफरडार्क वेबपजलPGPरहस्यमय लोकेशन्सडिजिटल प्राइवेसीइंटेलिजेंस एजेंसी

Get More with the SozAI App

Transcribe recordings, audio files, and YouTube videos — with AI summaries, speaker detection, and unlimited transcriptions.

Or transcribe another YouTube video here →