कैपिटल गेट अबू धाबी की अनोखी झुकी हुई बिल्डिंग की इंजीनियरिंग और डिजाइन की कहानी।
Key Takeaways
- कैपिटल गेट का झुकाव और डिजाइन इंजीनियरिंग की सीमाओं को चुनौती देता है।
- विशेष फाउंडेशन तकनीक और कंक्रीट डालने के समय का प्रबंधन सफलता की कुंजी था।
- खलीफा बिन जायद अल नाहयान की पहल से यह बिल्डिंग विश्व प्रसिद्ध हुई।
- हेलीपैड जोड़ना एक बड़ा तकनीकी चैलेंज था जिसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
- यह परियोजना आर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग में नवाचार का उदाहरण है।
What the video covers
- कैपिटल गेट अबू धाबी की बिल्डिंग का डिजाइन फिजिक्स के नियमों को चुनौती देता है और इसका झुकाव पिज़ा टॉवर से पांच गुना ज्यादा है।
- बिल्डिंग का लाखों टन वजन एक तरफ झुका हुआ है, जिससे इंजीनियरिंग में भारी चुनौतियाँ आईं।
- खलीफा बिन जायद अल नाहयान की फरमाइश पर इस बिल्डिंग में हेलीपैड भी शामिल किया गया, जो डिजाइन के लिए नया चैलेंज था।
- इंजीनियरों ने समुद्री लहरों और रेगिस्तान की रेत से प्रेरित होकर एक अनोखा डिजाइन और फाउंडेशन तैयार किया।
- फाउंडेशन को इस तरह बनाया गया कि वह झुकी हुई साइड के भारी वजन को सह सके, जिसमें 200 पाइल्स का इस्तेमाल हुआ।
- कंक्रीट डालने के लिए रात के समय ठंडे पानी का इस्तेमाल किया गया ताकि गर्मी के कारण कंक्रीट जल्दी सूखने से बचा जा सके।
- बिल्डिंग का कोर कर्व शेप में बनाया गया, जो पारंपरिक स्काईस्क्रैपर्स से अलग है।
- इस अनोखे डिजाइन के कारण कैपिटल गेट को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया।
- निर्माण में कई तकनीकी और समय सीमा की चुनौतियाँ आईं, लेकिन टीम ने सफलतापूर्वक इन्हें पूरा किया।
- यह बिल्डिंग अबू धाबी में टूरिज्म को आकर्षित करने वाला एक महत्वपूर्ण आर्किटेक्चरल चमत्कार बन गई है।
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Speaker A
दो-तीन सालों की मेहनत के बाद अबू धाबी में इंजीनियर और आर्किटेक्ट एक ऐसी बिल्डिंग का स्ट्रक्चर बना चुके थे जो किसी भी तरह मुमकिन नहीं था। यह कैपिटल गेट बिल्डिंग का स्ट्रक्चर था, जिसको अबू धाबी के खलीफा बिन जायद अल नाहयान की खासूसी फरमाइश पर बनाया गया था।
Speaker A
फरमाइश पर बनाया गया था क्योंकि इस बिल्डिंग का लाखों टन वजन सिर्फ एक तरफ को झुका हुआ था इसी वजह से एंजीनियर्स तो यह था कि कैलकुलेशन से थोड़ा भी वजन बढ़ाया गया तो बिल्डिंग का यह स्ट्रक्चर एक ही पल
Speaker A
क्योंकि इस बिल्डिंग का लाखों टन वजन सिर्फ एक तरफ को झुका हुआ था। इसी वजह से इंजीनियर्स का कहना था कि कैलकुलेशन से थोड़ा भी वजन बढ़ाया गया तो बिल्डिंग का यह स्ट्रक्चर एक ही पल में ठहर भी सकता है।
Speaker A
डिजाइन था जो फिजिक्स के लॉस को तोड़ने के बिल्कुल करीब करीब था पैन उस टाइम पर जब पेंटिंग लांच के लिए बिल्कुल तैयार थी अबू धाबी के खलीफा की तरफ से कंस्ट्रक्शन टीम को एक पैगाम आया जिसमें उनका कहना था कि
Speaker A
यहां तक पहुंचने के लिए कंस्ट्रक्शन टीम ने जिन तेजस का सामना किया था, वह शायद बुर्ज खलीफा की कंस्ट्रक्शन टीम ने भी नहीं किया होगा। क्योंकि कैपिटल गेट का डिजाइन एक ऐसा डिजाइन था जो फिजिक्स के लॉस को तोड़ने के बिल्कुल करीब था।
Speaker A
ही बिल्डिंग का डिजाइन इस चीज की परमिशन दे रहा था और ना ही एंजीनियर्स में शेर को मना करने की हिम्मत थी तो अब सिर्फ एक ही सलूशन बचा था कि किसी भी सूरत में हेलीपैड को मुमकिन बनाया जाए लेकिन मसला यह था कि
Speaker A
पैन उस टाइम पर जब पेंटिंग लॉन्च के लिए बिल्कुल तैयार थी, अबू धाबी के खलीफा की तरफ से कंस्ट्रक्शन टीम को एक पैगाम आया जिसमें उनका कहना था कि उनको इस बिल्डिंग के टॉप पर एक हेलीपैड भी चाहिए।
Speaker A
वजन एक तरफ को झुका हुआ है लेकिन यह किसी गलती की वजह से नहीं बल्कि यही इसका डिजाइन था क्योंकि कैपिटल गेट का झुकाव इटली के लिंक टावर ऑफ पीजा से भी पांच गुना ज्यादा है इसी वजह से इसको गिनीज बुक
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यह मैसेज कंस्ट्रक्शन टीम पर ऊपर पहाड़ बनकर गिरा क्योंकि बिल्डिंग का लोड पहले ही अपनी एक्सट्रीम लिमिट पर था। ना ही हेलीपैड के लिए जगह छोड़ी गई थी, ना ही बिल्डिंग का डिजाइन इस चीज की परमिशन दे रहा था, और ना ही इंजीनियर्स में से कोई मना करने की हिम्मत थी।
Speaker A
मुश्किल तरीन स्ट्रक्चर बनाएगा इस रेस में हिस्सा लेने के लिए और दुनिया भर से टूरिज्म अट्रैक्ट करने के लिए 2007 में अबू धाबी के खलीफा बिन जायेद अल नहयान भी मैदान में उतर आए उनका टारगेट ऊंची तरीन बिल्डिंग बनाने का नहीं बल्कि उनको एक ऐसी
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तो अब सिर्फ एक ही सलूशन बचा था कि किसी भी सूरत में हेलीपैड को मुमकिन बनाया जाए। लेकिन मसला यह था कि आखिर कैसे? जन्म वीडियोस में एक बार फिर से कौशांबी नाजरीन।
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को अपॉइंट कर दिया यह टास्क मिलते ही शेख सुल्तान ने लंदन की टॉप आर्किटेक्चर फ्रॉम ऑल m0m से रास्ता किया और यही इस बिल्डिंग को बनाने का सबसे पहला अमल था कैसे इंजीनियर्स और वर्कर्स ने इस खतरनाक चैलेंज को अंजाम
Speaker A
कैपिटल गेट अबू धाबी में मौजूद दुनिया की वह एक ऐसी बिल्डिंग है जो इतनी ऊंची तो नहीं, लेकिन इसने आर्किटेक्चर के रोल्स को बाकायदा झिंझोड़ दिया था। 524 फुट ऊंची इस बिल्डिंग का आदेश से ज्यादा वजन एक तरफ को झुका हुआ है।
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फ्रॉम को जब यह टॉस दिया गया तो यही इनका सबसे बड़ा चैलेंज था उनको एक ऐसा डिजाइन बनाना था जो उनके ही बनाए गए आर्किटेक्चर रोल्स के खिलाफ हो आर्किटेक्चर फ्रॉम के कई डिजाइंस पहले तो रिजेक्ट किए गए लेकिन
Speaker A
लेकिन यह किसी गलती की वजह से नहीं बल्कि यही इसका डिजाइन था। क्योंकि कैपिटल गेट का झुकाव इटली के लिंक टावर ऑफ पीजा से भी पांच गुना ज्यादा है। इसी वजह से इसको गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी मिल चुका है।
Speaker A
एक करके ऐसा डिजाइन पेश किया जिसको समुद्री लहर की छह दी गई और इसका बॉटम रेत के टीलों जैसा था और तो और हर एंगल से देखने पर फील्डिंग का रिव्यु बिल्कुल चेंज हो जाता है चैलेंज नंबर दो यह डिजाइन 6
Speaker A
लेकिन आखिर अबू धाबी के शेख को जरूरत क्या थी इतनी खतरनाक बिल्डिंग बनाने की? फसल में दुनियाभर में एक के बाद एक यूनीक स्ट्रक्चर्स बनाने की रेस चली हुई है। इसमें जीतेगा वही जो सबसे अलग और सबसे मुश्किल तरीन स्ट्रक्चर बनाएगा।
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बेइंतहा फोर्सेस पैदा होंगी बिल्डिंग की फाऊंडेशन को जमीन से ही उखाड़ देंगे तो अब कंस्ट्रक्शन टीम के लिए यह चैलेंज था कि उनको एक ऐसी फाऊंडेशन तैयार करनी थी जो झुकी हुई साइड के लाखों टन के वज़न को
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इस रेस में हिस्सा लेने के लिए और दुनिया भर से टूरिज्म अट्रैक्ट करने के लिए 2007 में अबू धाबी के खलीफा बिन जायेद अल नहयान भी मैदान में उतर आए। उनका टारगेट ऊंची तरीन बिल्डिंग बनाने का नहीं बल्कि उनको एक ऐसी बिल्डिंग बनानी थी जिसका डिज़ाइन देखने दुनिया भर से लोग आए।
Speaker A
का सारा लोहे के मोटे-मोटे पाइप्स और उनके अंदर भरे कंक्रीट पर डाला जाने वाला था लेकिन यह कोई आम फाऊंडेशन नहीं थी जिस साइट पर बिल्डिंग झुकेगी उसके नीचे फाऊंडेशन पर 200 इस लगाए गए जबकि दूसरी साइड वाले पाया
Speaker A
जिसको बनाने में ज्यादा वक्त ना लगे और जो फिजिक्स के नोट्स को चैलेंज भी करें। इसी मकसद को पूरा करने के लिए खलीफा ने अपने गन शेख सुल्तान को अपॉइंट कर दिया।
Speaker A
नंबर 3 कैपिटल गेट का डिजाइन भी तैयार था और अब इंजीनियर ने लीनिंग टॉवर का लोड डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए एक एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी फाऊंडेशन का प्लान भी तैयार कर लिया था अब टाइम था फाउंडेशन का काम स्टार्ट करने का इस फाउंडेशन के लिए यह
Speaker A
यह टास्क मिलते ही शेख सुल्तान ने लंदन की टॉप आर्किटेक्चर फ्रॉम ऑल m0m से रास्ता किया और यही इस बिल्डिंग को बनाने का सबसे पहला अमल था।
Speaker A
को अंजाम देने के लिए आर्ट महीनों का वक्त रिक्वायर्ड था लेकिन अचानक एक और मसला खड़ा हुआ था जी हां इस मौके पर शेख सुल्तान ने इस बिल्डिंग की डेडलाइन जारी मीणा क्योंकि ठीक दो सालों के बाद अबू
Speaker A
कैसे इंजीनियर्स और वर्कर्स ने इस खतरनाक चैलेंज को अंजाम पहुंचाया, कैसे इस बिल्डिंग को ठीक 18 डिग्री पर ट्वीट किया गया और कैसे लाखों टन वजनी इस चुनाव को गिरने से बचाया है, यह सब आप जान सकेंगे आज की इस वीडियो में।
Speaker A
इंटीरियर का काम भी कंपलीट करना था यह चैलेंज मिलते ही कंस्ट्रक्शन की पूरी टीम में एक अफरा-तफरी सी मच गई थी जिसकी वजह से उनको पूरा कंस्ट्रक्शन टाइम फ्रेम ही चेंज करना पड़ा यानी जिस फाउंडेशन पर आठ महीनों का वक्त रिक्वेस्ट था उसको दिन रात
Speaker A
चैलेंज नंबर वन: लंदन बेस्ड आर्किटेक्चर फ्रॉम को जब यह टॉस दिया गया तो यही इनका सबसे बड़ा चैलेंज था। उनको एक ऐसा डिजाइन बनाना था जो उनके ही बनाए गए आर्किटेक्चर रोल्स के खिलाफ हो।
Speaker A
इनका चैलेंज था टावर की कंस्ट्रक्शन स्टार्ट करने का लेकिन यहां उनको एक और चैलेंज का सामना करना पड़ा नार्मल स्काईस्क्रैपर एक सॉलिड कोर अपने मित्र बने होते हैं जो बिल्कुल सीधा ऊपर तक जाता है लेकिन कैपिटल गेट के केस
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आर्किटेक्चर फ्रॉम के कई डिजाइंस पहले तो रिजेक्ट किए गए, लेकिन फिर इस डिजाइन को बनाने के लिए उन्होंने अबू धाबी के रेगिस्तान में मौजूद खूबसूरत रेत के टीलों और समुद्री लहरों से इंस्पिरेशन ली।
Speaker A
लिए यह प्लैन किया गया कि कैपिटल केट का कोर्स सीधा नहीं बल्कि कफ बनाया जाएगा और कोर मुकम्मल होने के बाद बिल्डिंग का बकाया हिस्सा इसके इर्द-गिर्द फिट किया जाएगा लिहाजा अब कप कोर का काम जल्द से जल्द स्टार्ट करना था कि डेडलाइन से पहले
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और अब बारी थी कुदरत के इस खूबसूरत छोड़ को शक्ल देने की कांसेप्ट। आर्किटेक्ट नील ने इंटर्व्यूअर ने दिन-रात एक करके ऐसा डिजाइन पेश किया जिसको समुद्री लहर की शक्ल दी गई और इसका बॉटम रेत के टीलों जैसा था।
Speaker A
एक ओर मसले ने जन्म दिया अबू धाबी की कड़कती गर्मी में दिन के टाइम पर पावर आफ फिफ्टीन डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच जाता है कि अगर कंक्रीट को इस गर्मी में डाला गया तो वक्त से पहले ही वह खुश हो जाएगा जिसकी
Speaker A
और तो और हर एंगल से देखने पर बिल्डिंग का रिव्यु बिल्कुल चेंज हो जाता है। चैलेंज नंबर दो: यह डिजाइन 6 स्थान को पसंद तो बहुत आया, लेकिन इसमें 1 मसला था।
Speaker A
पानी होगा और जिस वक्त कंक्रीट डाला जाएगा वह दिन का टाइम नहीं बल्कि रात का समा होगा जब टेंप्रेचर डर्टी डिग्री सेंटीग्रेड तक यह जाता है यह काम अंजाम देने के लिए आइस फैक्ट्री से भर मंगाई जाती जिस को पिघलाकर ठंडे पानी के तौर पर
Speaker A
जी हां, कैपिटल गेट के डिजाइन को रिलेटिव बनाने के लिए एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी इंजीनियरिंग चाहिए थी। क्योंकि डिजाइन के हिसाब से बिल्डिंग का टॉप उसके बॉटम से पूरे 108 डिग्री हटा हुआ था।
Speaker A
ज्यादा काम पूरा हो चुका था लेकिन असल चैलेंज अभी बाकी था है जी हां कंस्ट्रक्शन टीम ने कोर को तो थोड़ा कॉर्ड शेप दे दिया था मगर अब बारी थी बिल्डिंग के असली झुकाव कि जिसके लिए डायरेक्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होना था
Speaker A
और जिसकी वजह से बेइंतहा फोर्सेस पैदा होंगी जो बिल्डिंग की फाउंडेशन को जमीन से ही उखाड़ देंगी। तो अब कंस्ट्रक्शन टीम के लिए यह चैलेंज था कि उनको एक ऐसी फाउंडेशन तैयार करनी थी जो झुकी हुई साइड के लाखों टन के वजन को आराम से झेल सके।
Speaker A
के फ्रेम हर एक फ्रेम का वजन 16,000 के जी और हर एक फ्रेम इसे वे एक दूसरे से अलग होगी यह काम अंजाम देने के लिए शारजाह की एक स्टील मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को टॉस दिया गया क्योंकि हर फ्रेम कि से वे एक
Speaker A
इस चैलेंज को अंजाम तक पहुंचाने के लिए प्रोजेक्ट आर्किटेक्ट और इंजीनियरों की बोर्ड ने फाउंडेशन बनाने का काम स्टार्ट कर दिया।
Speaker A
चलता कि अ बिल्डिंग में सिर्फ छोटे-मोटे काम ही बाकी थे जो शेख सुल्तान की दी गई डेडलाइन से पहले ही कंप्लीट हो जाने थे बिल्डिंग अब हैंड और के बिल्कुल करीब ही थी कि अचानक अबू धाबी के खलीफा के ऑफिस से एक
Speaker A
कैपिटल गेट की फाउंडेशन में 400 कंक्रीट पाइल्स इस्तेमाल करने का फैसला किया गया। यानी इस बिल्डिंग का सारा लोड लोहे के मोटे-मोटे पाइप्स और उनके अंदर भरे कंक्रीट पर डाला जाने वाला था।
Speaker A
डिजाइन बनाते वक्त हेलीपैड और हेलीकॉप्टर का वजन शामिल नहीं किया गया था यह मसला कैपिटल गेट की कंस्ट्रक्शन के दौरान खड़ा होने वाला सबसे बड़ा मसला साबित हुआ लिहाजा अब हनी सिंह का काम रोक कर एक बार फिर से सारी स्ट्रक्चरल कैलकुलेशंस दोबारा
Speaker A
लेकिन यह कोई आम फाउंडेशन नहीं थी। जिस साइट पर बिल्डिंग झुकेगी, उसके नीचे फाउंडेशन पर 200 पाइल्स लगाए गए जबकि दूसरी साइड वाले पाइल्स की लेंथ ज्यादा रखी गई।
Speaker A
भी सूरत में यह हेलीपैड बनाया था क्योंकि अब यह शेर की फरमाइश थी इसी मकसद के लिए लंदन में कैपिटल के मॉडल को विंड टनल टेस्ट किया गया जिसमें यह बात साबित हो गई कि तेज हवा में बिल्डिंग पर हेलिकॉप्टर की
Speaker A
जिनको जमीन के अंदर ही मौजूद बड़े-बड़े पत्थरों में डालकर के अंदर घुसाया गया। इंजीनियर का खयाल था कि इस तरीके से फाउंडेशन का लोड पूरी तरह से डिस्ट्रिब्यूट हो जाएगा।
Speaker A
सकता है मॉडल में हेलीपैड का डिजाइन चेंज किया गया तो हैरतअंगेज तौर पर विंड इंजीनियर की सजेशन सच साबित को यह खबर मिलते ही कैपिटल गेट पर हेलीपैड की कंस्ट्रक्शन स्टार्ट कर दी गई और बिल्डिंग को वक्त से पहले ही शेख सुल्तान के
Speaker A
यह था फाउंडेशन बनाने का सबसे बड़ा चैलेंज। नंबर 3: कैपिटल गेट का डिजाइन भी तैयार था और अब इंजीनियर ने लीनिंग टॉवर का लोड डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए एक एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी फाउंडेशन का प्लान भी तैयार कर लिया था।
Speaker A
शुक्रिया मिलते हैं अगले शानदार वीडियो में आ
Topics:कैपिटल गेटअबू धाबीइंजीनियरिंगआर्किटेक्चरझुकी हुई बिल्डिंगगिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डहेलीपैडफाउंडेशन डिजाइनरेगिस्तान प्रेरणातकनीकी चुनौतियाँ











