इजिप्ट की सबसे अनोखी ममी खोजें, जिनमें क्रोकोडाइल, हिरण और टैटू वाली ममीज शामिल हैं।
Key Takeaways
- प्राचीन इजिप्ट में ममीकरण कला अत्यंत विकसित थी और विभिन्न जीवों की ममीज मिली हैं।
- ममीज की सजावट और संरक्षण उनके सामाजिक स्तर और महत्व को दर्शाता है।
- ऐतिहासिक ममीज की खोज से प्राचीन सभ्यता की धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं का पता चलता है।
- ममीज की देखभाल के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया, जैसे रमज द सेकंड की ममी का इलाज।
- टैटू और अन्य अनोखी विशेषताएं प्राचीन इजिप्ट की कला और जीवनशैली को समझने में मदद करती हैं।
What the video covers
- इजिप्ट में 100 से अधिक क्रोकोडाइल ममीज मिलीं जिनके कॉफिन पर रहस्यमय लेख थे।
- लेडी राय की ममी 3550 साल पुरानी है और उसके बाल आज भी अच्छी तरह प्रिजर्व हैं।
- रमज द सेकंड, जो 90 साल की उम्र में मरे, के पास दुनिया का पहला मरे हुए इंसान का पासपोर्ट था।
- टूटन खामो की ममी 1922 में किंग्स वैली से मिली, जिसमें खजाना और आत्माओं की मान्यता थी।
- क्रोकोडाइल ममीज को प्राचीन इजिप्शियंस ने खुदा माना और उनके कफन पर विशेष लेख पाए गए।
- हिरण की ममी भी मिली जो किसी क्वीन की पालतू थी और शाही अंदाज में दफन की गई थी।
- एक ममी मिट्टी से प्रिजर्व की गई थी, जो गरीब वर्ग की महिला की मानी जाती है।
- टैटू वाली ममीज मिलीं जो संभवतः उस समय की वॉल आर्टिस्ट थीं।
- प्राचीन इजिप्शियंस ने ममीज को उनके स्तर और ओहदे के अनुसार सजाया और दफनाया।
- ममीज की खोज और संरक्षण में कई अनोखी और रहस्यमय बातें सामने आई हैं।
Chapters
- 00:00क्रोकोडाइल ममीज की खोज और रहस्य
- 00:38ममीकरण की प्रक्रिया और अनोखी ममीज
- 01:10लेडी राय: प्राचीन ममी की कहानी
- 02:12रमज द सेकंड: शक्तिशाली बादशाह की ममी
- 03:32टूटन खामो: युवा किंग की ममी और रहस्य
- 04:59क्रोकोडाइल ममीज का धार्मिक महत्व
- 06:07हिरण की ममी और शाही संरक्षण
- 07:08मिट्टी से प्रिजर्व की गई ममी और सामाजिक स्थिति
- 08:06टैटू वाली ममीज और प्राचीन कला
- 09:10वीडियो का समापन और दर्शकों के लिए संदेश
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Speaker A
इजिप्ट की एक साइट पर आर्कियोलॉजिस्ट को 100 से भी ज्यादा ऐसी ममीज मिलीं जो इंसानों की नहीं बल्कि क्रोकोडाइल्स की थीं। इन क्रोकोडाइल ममीज के कॉफिन पर कुछ लिखा हुआ था, जिसे पढ़ने और समझने के बाद एक्सपर्ट्स हैरान और परेशान रह गए। जम टीवी
Speaker A
की वीडियोस में एक बार फिर से खुशामदीद नाजरीन। आज से हजारों साल पहले एंसटिटाइट हो प्रिजर्व करने के बाद मम्मी को उसके लेवल या फिर उसके ओहदे के हिसाब से डेकोरेट भी किया जाता था और फिर उसको जमीन
Speaker A
के अंदर या फिर किसी टूम के अंदर दफन कर दिया जाता था। वैसे तो इजिप्ट से आर्कियोलॉजिस्ट को कई ममीज मिल चुकी हैं, लेकिन आज जिन सात ममीज के बारे में आप जानेंगे, यह वो ममीज थीं जिन्हें जब पहली बार
Speaker A
देखा गया तो एक्सपर्ट्स और आर्कियोलॉजिस्ट के लिए यकीन करना बहुत मुश्किल था। तो आइए शुरू करते हैं। नंबर सेवन लेडी एशियंट इजिप्ट की सबसे पुरानी ममीज में एक ऐसी औरत की मम्मी भी पाई जाती है, जिसे आज लेडी राय का नाम दिया गया है। आज से करीब
Speaker A
140 साल पहले इजिप्ट के थब टॉम के एरिया से यह मम्मी मिली थी, जिसने आर्कियोलॉजिस्ट को हैरत में डाल दिया था। तहकीक से मालूम पड़ा कि 3550 साल पहले लेडी राय करीब 35 साल की उम्र में मरी थी और बजहर ऐसा मालूम होता
Speaker A
था कि यह किसी एंसेट क्वीन की नर्स या फिर मेड हुआ करती थी। लेकिन जिस चीज ने आर्कियोलॉजिस्ट को चौका दिया था, वो थे लेडी राय के बाल। हजारों साल गुजरने के बावजूद भी लेडी राय के बाल अभी तक अच्छी
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तरह प्रिजर्व थे। हत्ता कि इसके बालों के चंद हिस्से तो ऐसे भी थे, जिन्हें देखकर ऐसा लगता था कि यह सिर्फ चंद महीनों पहले ही निकले हों। उस कदीम दौर में जिस हेयर स्टाइल के साथ लेडी राय को प्रिजर्व किया गया था,
Speaker A
वो हेयर स्टाइल भी आज तक ऐसे ही सजा हुआ है। नंबर सिक्स रमज द सेकंड। रमज द सेकंड एशियंट इजिप्ट का सबसे मशहूर तरीन लीडर था। दूसरे इजिप्ट के बादशाहों के मुकाबले में रामजस 2 ने बहुत लंबे अरसे तक अपनी
Speaker A
बादशाहत की गद्दी संभाले रखी और जब यह मरा तब इसकी ऐज 90 इयर्स थी। रेमस 2 का फैरो 18818 गांव सकारा से मिला था। यह वह जगह है जहां सिर्फ एंसटिटाइट जाता था। जिन आर्कियोलॉजिस्ट ने मम्मी को निकाला था उनका कहना था कि जैसे रमजट अपने
Speaker A
दौर में पावरफुल हुआ करता था, हजारों साल के बाद भी इसकी मम्मी वैसे ही ताकतवर दिख रही थी। एग्जैक्ट नंबर तो किसी को भी मालूम नहीं, लेकिन आपको यह जानकर हैरत होगी कि रिसर्च और डीएनए टेस्ट के मुताबिक रमजट
Speaker A
150 बच्चों का बाप था। 1974 में यह नोटिस किया गया कि रेमस 2 की मम्मी गल करर खराब हो रही है। इसी वजह से फौरन यह फैसला किया गया कि इसकी मम्मी को पेरिस ले जाया जाए जहां पर इसकी ट्रीटमेंट होगी। लेकिन
Speaker A
इंटरनेशनल रूल के मुताबिक इंसान चाहे जिंदा हो या मरा हुआ, बॉर्डर पार करने के लिए उसका पासपोर्ट होना जरूरी है। इसी वजह से इजिप्ट ने रमज 2 का पासपोर्ट इशू किया जिसमें उसको किंग का दर्जा दिया गया। याद
Speaker A
रहे कि यह दुनिया का पहला पासपोर्ट था जो किसी मरे हुए इंसान के लिए इशू किया गया था। पेरिस में लैंड करते वक्त भी रमज टू की मम्मी को भरपूर मिलिट्री ओनर से नवाजा गया। नंबर फाइव टूटन खामो या फिर किंग टट। इस
Speaker A
फैरो को मिलने से ना सिर्फ इसको ढूंढने वाले हैरान थे, बल्कि टूटन खामू की मम्मी ने पूरी दुनिया के आर्कियोलॉजिस्ट को हैरान करके रख दिया था। टूटन खामू की मम्मी जिस कमरे में बंद थी व जमीन के 20 फुट
Speaker A
नीचे से मिला था, जिसके बारे में आप सेम टीवी की यह वीडियो भी देख सकते हैं। टूटन खामो एंसटिटाइट छोटा किंग था, जिसे सिर्फ 9 साल की उम्र में ही इतनी ज्यादा पावर्स मिल गई थीं। इसकी मम्मी 1922 में किंग्स वैली के एक टूम से
Speaker A
मिली थी जहां मम्मी के साथ-साथ बेशुमार खजाना भी दफन था और इसी वजह से ही टूटन खाम की मम्मी ने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया था। सिर्फ 19 साल की उम्र में ही मर जाने वाले इस किंग की टूम के बारे में
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यह माना जाता था कि इसके अंदर कुछ ऐसी आत्माओं और बदरू हों का बसेरा है जो इस ममी और खजाने को बचा रही हैं। लॉर्ड नावन वो शख्स था जिसने टूटन खामो की टूम को ढूंढने में फंडिंग दी थी। हैरत अंगेज तौर
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पे किंग टट की मम्मी मिलने के चंद ही दिनों के बाद लॉर्ड का नावन मच्छर के काटने की वजह से मर गया था। नंबर फोर क्रोकोडाइल मम्मी। इजिप्ट की एक एंसटिटाइट ममीज या फिर दफन हुआ खजाना ढूंढना था,
Speaker A
लेकिन उनकी उम्मीदों पर तब पानी फिर गया जब इस जगह से एक दो नहीं बल्कि 100 से भी ज्यादा ऐसी ममीज मिलीं जो इंसानों की नहीं बल्कि क्रोकोडाइल्स की थीं। हजारों साल पुराने क्रोकोडाइल्स जिन्हें इंतहा महारत से प्रिजर्व किया गया था। पहले तो
Speaker A
आर्कियोलॉजिस्ट को यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर इंसानों की जगह क्रोकोडाइल्स को प्रिजर्व क्यों किया गया है, लेकिन बाद में इन क्रोकोडाइल्स के कॉफिन से कुछ ऐसी चीजें मिलीं जिन पर कुछ लिखा हुआ था और तब
Speaker A
इस मिस्ट्री का गेम ही पलट गया। आर्कियोलॉजिस्ट क्रोकोडाइल से ज्यादा उस लिखाई में इंटरेस्टेड थे जो हर क्रोकोडाइल के कफन पर लिखी हुई थी। आखिर हजारों साल पहले एंसटिटाइट इज्जत से क्यों प्रिजर्व किया गया था। इन सवालों के जवाब इसी राइटिंग में थे जो
Speaker A
क्रोकोडाइल के कफन पर लिखी थी। रिसर्च से यह मालूम पड़ा कि एसिएंट इजिप्शियंस क्रोकोडाइल को खुदा मानते थे क्योंकि उनके लिए क्रोकोडाइल ताकत का सिंबल हुआ करता था। उस कदीम दौर में एशियंट इजिप्शियंस ऐसे पुतले भी बनाते थे जिनका सर क्रोकोडाइल
Speaker A
जैसा होता है और नीचे का हिस्सा इंसानों जैसा। नंबर थ्री गजल्स ममीज। सिर्फ क्रोकोडाइल ही वह जानवर नहीं थे जिनकी ममीज इजिप्ट से मिली थीं, बल्कि आर्कियोलॉजिस्ट को कई हिरणों की ममीज भी मिल चुकी हैं। यह जो हिरनी की मम्मी आप देख
Speaker A
रहे हैं, ये आज से तकरीबन 3000 साल पहले मरी थी और ऐसा मालूम होता है कि यह किसी क्वीन की पालतू हिरनी थी। जब आर्कियोलॉजिस्ट को खुदाई के दौरान यह हिरनी मिली तो वह यह देखकर हैरान रह गए कि
Speaker A
किंग और क्वीन के साथ-साथ हिरनी को भी इंतहा शाही अंदाज में स्टफ करके दफन किया गया था। यानी जो तरीका किंग्स और क्वीन को प्रिजर्व करने में इस्तेमाल होता था, इस हिरनी को भी उसी शान और शौकत के साथ
Speaker A
प्रिजर्व करके शाही कफन में डाला गया था। नंबर टू मड ममी। इजिप्शियंस इंसानों की बॉडी को प्रिजर्व करने के लिए एक खास प्लांट से निकलने वाले केमिकल का इस्तेमाल करते थे, जिसे रेजिन भी कहा जाता है। यह केमिकल बहुत महंगा होता था और इसी वजह से
Speaker A
सिर्फ अमीर लोग ही इसे अफोर्ड कर सकते थे। आर्कियोलॉजिस्ट को जितनी भी ममीज मिली थीं, उन पर रेजिन लगा होता था ताकि बॉडी वक्त के साथ खराब ना हो। लेकिन ऑस्ट्रेलियन आर्कियोलॉजिस्ट तब हैरान रह गए जब उन्होंने एक ऐसी मम्मी तलाश की जो रेजिन
Speaker A
नहीं बल्कि मिट्टी से कवर हो रखी थी। यह मम्मी एक औरत की थी जो लगभग 25 साल की उम्र में मरी थी, लेकिन इसके कफन पर मिट्टी के अलावा कुछ और भी था जिसने आर्कियोलॉजिस्ट को तश्वी में डाल दिया था।
Speaker A
लैब टेस्ट से यह मालूम पड़ा कि यह मम्मी तो 3000 साल पुरानी थी, लेकिन इसके इर्द-गिर्द जो मट्टी लगाई गई थी वो इसके मरने के काफी सालों के बाद लगाई गई थी। रिसर्च के बाद यह समझा गया कि यह मम्मी
Speaker A
किसी गरीब घर की औरत की थी जो रेजिन अफोर्ड नहीं कर सकती थी। इसी वजह से इसे मिट्टी से प्रिजर्व किया गया। लेकिन इसके मरने के काफी सालों के बाद इस पर मिट्टी क्यों लगाई गई, यह अभी तक आर्कियोलॉजिस्ट
Speaker A
के लिए एक सवालिया निशान बना हुआ है। और अब नंबर वन मम्मी विथ टैटू। जिस्म पर टैटूज बनवाना आजकल के मॉडर्न दौर में फैशन समझा जाता है, लेकिन कदीम दौर में भी टैटूज की बहुत अहमियत हुआ करती थी। इजिप्ट के डेरल
Speaker A
मदीना के मकाम पर आर्कियोलॉजिस्ट को सात ऐसी औरतों की ममीज भी मिल चुकी हैं जिनकी बॉडी पर टैटूज देखे गए हैं। एक मम्मी की बॉडी पर तो 30 से भी ज्यादा टैटूज देखे गए। आर्कियोलॉजिस्ट का कहना है कि आज से पहले
Speaker A
उन्होंने कभी भी मम्मीस पर टैटूज बने नहीं देखे, लेकिन यह देखने के बाद यह कहना गलत नहीं होगा कि एंसटिटाइट थी। एसिएंट इजिप्शियंस जो अपनी हर टूम को डेकोरेट करने के मास्टर थे। किंग्स वैली से लेकर गीजा पिरामिड के अंदर हिडन चेंबर तक
Speaker A
हर जगह हमें सिर्फ डेकोरेशन ही नजर आती है। हो सकता है यह सात ममीज जिनके जिस्म पर टैटूज बने थे, यह उस दौर में वॉल आर्टिस्ट हों और इनका किंग्स वैली के चेंबर्स को सजाने में भरपूर किरदार रहा हो। उम्मीद है
Speaker A
जम टीवी की यह वीडियो भी आप लोग भरपूर लाइक और शेयर करेंगे। आप लोगों के प्यार भरे कमेंट्स का बेहद शुक्रिया। मिलते हैं अगली शानदार वीडियो में।
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