मखाना खाने से 30 दिन में टांगों और घुटनों के दर्द में राहत मिलती है, जो हड्डियों और मसल्स को मजबूत करता है।
Key Takeaways
- गलत खानपान और सिडेंट्री लाइफस्टाइल जोड़ों के दर्द के मुख्य कारण हैं।
- मखाना हड्डियों और मसल्स को मजबूत करने वाला प्राकृतिक खाद्य पदार्थ है।
- मखाना सूजन को कम करता है और प्रोटीन से जोड़ों की मरम्मत में मदद करता है।
- मखाना खाने के तीन प्रभावी तरीके हैं जो विभिन्न उम्र और दर्द की स्थिति के अनुसार उपयुक्त हैं।
- पेन किलर का अधिक उपयोग हानिकारक है, जबकि मखाना सुरक्षित और दीर्घकालिक समाधान प्रदान करता है।
What the video covers
- टांगों और घुटनों के दर्द के मुख्य कारणों में गलत खानपान, सिडेंट्री लाइफस्टाइल, कैल्शियम और विटामिन डी की कमी, और पेन किलर का गलत उपयोग शामिल हैं।
- प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड से शरीर में सूजन और यूरिक एसिड बढ़ता है, जिससे जोड़ों में दर्द होता है।
- मखाना एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय है जो हड्डियों, कार्टिलेज और मसल्स को मजबूत करता है।
- मखाने में कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन, एंटीऑक्सिडेंट्स और फास्फोरस होते हैं जो बोन डेंसिटी बढ़ाते हैं और सूजन कम करते हैं।
- मखाना डायबिटिक फ्रेंडली है और शुगर पेशेंट्स भी इसे आराम से खा सकते हैं।
- मखाना खाने के तीन तरीके बताए गए हैं: पानी में भिगोकर, दूध में भिगोकर शहद और केसर के साथ, और बादाम, अखरोट व अलसी के बीज के साथ।
- पहला तरीका माइल्ड दर्द वाले लोगों के लिए है, दूसरा तरीका कैल्शियम की कमी और उम्रदराज लोगों के लिए, और तीसरा तरीका गंभीर जोड़ों के दर्द वाले लोगों के लिए है।
- पेन किलर दर्द को दबाते हैं लेकिन सूजन को नहीं रोकते, जिससे समस्या बढ़ती है।
- मखाना नियमित रूप से सुबह खाली पेट लेने से 30 दिनों में दर्द में सुधार महसूस होता है।
- यह नुस्खा हड्डियों और जोड़ों की ताकत बढ़ाने के लिए एक संपूर्ण प्राकृतिक उपाय है।
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Speaker A
अगर आप सीढ़ियां चढ़ते वक्त रेलिंग पकड़ लेते हैं। सुबह उठते ही घुटने सख्त और भारी लगने लगते हैं, और आप रोजाना पेन किलर खाकर सिर्फ अपने दर्द को दबा रहे हैं, लेकिन असली प्रॉब्लम ठीक नहीं हो रही है।
Speaker A
तो आज की यह वीडियो आपके लिए बहुत इंपॉर्टेंट है। क्योंकि आज मैं आपको एक ऐसी बहुत ही सिंपल सी चीज के बारे में बताने वाला हूं, जो कि अगर सही तरीके से ली जाए तो अगले 30 दिन के अंदर आप अपने
Speaker A
घुटनों और टांगों में खुद डिफरेंस महसूस करेंगे। जी हां दोस्तों, मैं बात कर रहा हूं एक नेचुरल, सेफ और साइंस बैग्ड तरीके की, जो आपकी हड्डियों, आपके जॉइंट्स और मसल्स तीनों पर एक साथ काम करता है। अगर आप भी कमजोर होती हड्डियों और जोड़ों के
Speaker A
दर्द से परेशान हैं तो पहले यह समझना जरूरी है कि इनके पीछे असल कारण क्या होता है। देखिए, पहला कारण होता है गलत खानपान। दोस्तों, आजकल का खाना हमें न्यूट्रिशन कम देता है, एंजॉयमेंट ज्यादा देता है। पिज़्ज़ा, बर्गर, मोमोज़, बेकरी आइटम्स,
Speaker A
कोल्ड ड्रिंक्स, एक्सेसिव चाय, बिस्किट कल्चर ये सभी चीजें हमारी बॉडी में इनफ्लेमेशन को बढ़ाती हैं। सिर्फ हमें टेस्ट तो देती हैं, लेकिन अंदर से न्यूट्रिशन नहीं देती। वहीं मैदे से बनी हुई चीजें यानी प्रोसेस्ड चीजें जितनी भी होती हैं ये इंसुलिन को स्पाइक करती हैं।
Speaker A
हाई इंसुलिन का मतलब है कि ये यूरिक एसिड को बढ़ा देता है, और जब यूरिक एसिड जॉइंट्स के अंदर डिपॉजिट होता है तो सूजन और दर्द अपने आप शुरू हो जाती है। दूसरा कारण होता है सीडेंट्री लाइफस्टाइल। जी हां, हम में
Speaker A
से ज्यादातर लोग सुबह से शाम तक ऑफिस में चेयर के ऊपर बैठे रहते हैं। एक ही जगह पड़े रहते हैं। शाम में घर आने के बाद सोफे पर बैठ जाते हैं। टीवी देखने लगते हैं और रात को खाना खाया और उसके बाद सीधे
Speaker A
बेड पर जाकर सो गए। यानी अगर हम गौर से देखें तो हमारी लाइफ में चलना फिरना बिल्कुल कम हो चुका है। ऑलमोस्ट नेगलिजिबल हो चुका है। इससे हमारी मसल्स वीक होने लगती हैं। और जब मसल्स स्ट्रांग नहीं होती
Speaker A
हैं तो उसकी वजह से बॉडी का पूरा का पूरा वेट डायरेक्टली हमारे जोड़ों के ऊपर आ जाता है। तीसरा बहुत ही इंपॉर्टेंट कारण होता है कैल्शियम और विटामिन डी की कमी हो जाना। आजकल लोग धूप में बिल्कुल नहीं
Speaker A
बैठते। दूध नकली मिलता है। देसी घी में भी खूब सारी मिलावट है और इसीलिए विटामिन डी धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। कैल्शियम भी घटता जा रहा है। जब बॉडी में हमारी कैल्शियम की कमी हो जाती है, विटामिन डी
Speaker A
की कमी हो जाती है तो उसकी वजह से आप सब लोग जानते हैं कि हमारी हड्डियां और जोड़ जो है वो कमजोर होने लगते हैं। अंदर से इनकी डेंसिटी कम होने लगती है और जिससे दर्द वगैरह शुरू हो जाता है। और चौथा और
Speaker A
सबसे डेंजरस कारण होता है क्रॉनिक इनफ्लेमेशन और पेन किलर का मिसयूज। देखिए पेन किलर सिर्फ दर्द का सिग्नल बंद कर देते हैं। लेकिन जिस वजह से आपकी बॉडी में अंदर इनफ्लेमेशन चल रहा है या दर्द हो रहा है उसको कोई भी नहीं रोकता है। ऊपर से
Speaker A
किडनी, लीवर और स्टमक पर इसका जो साइड इफेक्ट पड़ता है वो अलग है। इससे वक्त तौर पे तो शायद आपको आराम मिल जाए, लेकिन प्रॉब्लम अंदर ही अंदर बढ़ती चली जाती है और एक टाइम आता है जब आप चलने फिरने से भी
Speaker A
कई बार माजूर हो जाते हैं। दोस्तों, अब तक आपने जाना कि जॉइंट पेन और बोन वीकनेस का असल कारण क्या होता है। चलिए अब सॉल्यूशन की बात करते हैं और जो सॉल्यूशन आज मैं आपको बताने वाला हूं वो एक बहुत ही सिंपल
Speaker A
सी चीज है मखाना। जी हां, मखाना आपकी हड्डियों, आपके कार्टिलेज और मसल्स तीनों को इंटरनली सपोर्ट करता है। मखाने में ऐसे मिनरल्स और कंपाउंड्स होते हैं जो कि बोन डेंसिटी को सपोर्ट करते हैं। मसल क्रैब्स को कम करते हैं और बॉडी के अंदर चल रही
Speaker A
सूजन को कंट्रोल करने में भी काफी हद तक हमारी हेल्प करते हैं। एक मुट्ठी मखाने में अच्छी खासी मात्रा में कैल्शियम होता है जो कि बोन डेंसिटी को सपोर्ट करता है और ऑस्टियोपोसिस का रिस्क भी कम कर देता
Speaker A
है। इसके अलावा मखाने में मैग्नीशियम भी होता है। मैग्नीशियम आप सब लोग जानते होंगे कि हमारी मसल्स को रिलैक्स करता है। यह हमारे नर्व सिग्नल्स को भी बैलेंस करता है और जिससे क्रैंप्स का जो रिस्क होता है बॉडी में जो मांसपेशियों में कई बार अकड़न
Speaker A
हो जाती है वो कम होने लगती है। इसलिए जो लोग रात को पैर में जकड़न सी या खिंचाव सा फील करते हैं उनके लिए मखाने खाना काफी ज्यादा यूज़फुल होता है क्योंकि इसमें मैग्नीशियम काफी अच्छी मात्रा में है।
Speaker A
तीसरा पॉइंट होता है प्रोटीन। दोस्तों, प्रोटीन डैमेज्ड टिश्यूज़ की रिपेयर में काफी ज्यादा मदद करते हैं। यानी जॉइंट के अंदर लिगामेंट्स, टेंडेंस या फिर कार्टिलेज में जहां पर भी कोई डैमेज हो रहा होता है, उसे हील करने में प्रोटीन की
Speaker A
बहुत ज्यादा जरूरत पड़ती है। मखाने में कुछ ऐसे एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं दोस्तों जो कि फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रलाइज करके हमारी बॉडी के अंदर चल रही सूजन को कम करने में हेल्प करते हैं। फास्फोरस जो कि अगेन मखाने के अंदर पाया
Speaker A
जाता है। ये कैल्शियम के साथ मिलकर बोन मैट्रिक्स को स्ट्रांग बनाता है और क्योंकि यह एक लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला फूड है तो यह डायबिटिक फ्रेंडली भी है। यानी शुगर पेशेंट्स भी इसे बेहिचक होके बिना किसी परेशानी के ले सकते हैं। इससे
Speaker A
शुगर वगैरह नहीं बढ़ती है। तो इन शॉर्ट अगर देखें तो मखाना सिर्फ एक स्नैक नहीं है। यह बोन को सपोर्ट करता है। मसल्स को रिलैक्स करता है और बॉडी में चल रहे इंटरनल क्रॉनिक इनफ्लेमेशन को भी कंट्रोल करता है। यानी एक साथ तीन लेवल पर काम
Speaker A
करता है। लेकिन अब सवाल यह आता है कि इसे कैसे लेना है ताकि हमें इसका मैक्सिमम फायदा मिल सके। तो देखिए मेरे एक्सपीरियंस में मखाने को खाने के तीन तरीके सबसे ज्यादा बेस्ट होते हैं। आप अपनी कंडीशन के
Speaker A
हिसाब से, अपनी प्रॉब्लम के हिसाब से या अपनी प्रेफरेंस के हिसाब से इनमें से कोई भी एक मेथड चूज़ कर सकते हैं। सबसे पहला मेथड होता है मखाने को पानी के अंदर भिगोकर खाना। यह सबसे ज्यादा आसान और सबसे
Speaker A
ज्यादा सिंपल तरीका है और इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है। बस रात को लगभग 15-20 मखाने ले लीजिए और इन्हें आप एक गिलास साफ पानी में रात भर भिगोकर रख दीजिए और सुबह जब आप उठेंगे तो इन मखानों
Speaker A
को चबा चबाकर आप खा लीजिए और फिर जो पानी इसका बचेगा उसको भी ऊपर से आप पी लीजिए। क्योंकि इस पानी के अंदर भी बहुत सारे सॉल्युबल न्यूट्रिएंट्स आ जाते हैं मखाने में से जो कि अगर आप फेंक देंगे तो वेस्ट
Speaker A
हो सकते हैं। यह तरीका दोस्तों उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा बेस्ट है जिनको माइल्ड टू मॉडरेट लेवल का जॉइंट पेन होता है। यानी जिनकी हड्डियां अभी शुरुआती दौर में हैं। कमजोर होने लगी हैं। दर्द की जस्ट शुरुआत हुई है या उम्र 40-45 साल के आसपास
Speaker A
है तो वैसे लोगों के लिए यह मेथड सबसे ज्यादा अच्छा होता है। दूसरा तरीका है मखाने को दूध के अंदर भिगोकर खाना। अगर आपकी हड्डियां ज्यादा कमजोर हैं, एज आपकी 50 प्लस है, 50 साल से ज्यादा हो चुकी है
Speaker A
या फिर कैल्शियम की डेफिशिएंसी ज्यादा हो रही है बॉडी में, तो यह तरीका आपके लिए और भी ज्यादा इफेक्टिव हो सकता है। बस एक गिलास दूध ले लीजिए। उसको हल्का सा गुनगुना कर लीजिए। ज्यादा तेज गर्म नहीं करना है। बस हल्का सा गुनगुना कर लीजिए।
Speaker A
और अब इस दूध के अंदर आप 15 से 20 मखाने डालकर रात भर के लिए भिगोकर छोड़ दीजिए। इसमें एक चम्मच शहद मिलाइए। अगर आपको डायबिटीज नहीं है तो। अदरवाइज शहद को आप अवॉइड करिए। चार से पांच धागे आप केसर के
Speaker A
इसमें डालिए और सुबह उठने के बाद खाली पेट इन मखानों को चबाकर खा लीजिए और दूध को ऊपर से पी लीजिए। यह कॉम्बिनेशन बोन डेंसिटी को और भी ज्यादा स्ट्रांग सपोर्ट देता है। तीसरा तरीका दोस्तों उन लोगों के
Speaker A
लिए है जो कि बहुत ज्यादा जॉइंट पेन से परेशान हैं। जिनका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ रहता है। एज 55-60 साल से ज्यादा है या फिर जिनकी जोड़ों के अंदर स्टिफनेस बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है। इसके लिए आपको
Speaker A
चाहिए बस 15 से 20 मखाने। पांच बादाम ले लीजिए, दो अखरोट की गिरी ले लीजिए और एक चम्मच आप ले लीजिए अलसी के बीज। रात को सोने से पहले पांच बादाम और दो अखरोट की जो गिरी है इसको आप निकालिए और थोड़े से
Speaker A
पानी के अंदर कटोरी में भिगोकर रख दीजिए। अब सुबह उठकर एक चम्मच आप अलसी के बीज लीजिए और इन्हें पहले हल्का सा ड्राई रोस्ट कर लीजिए। तवे पर भून लीजिए। और फिर एक गिलास गर्म दूध लीजिए। उसमें 15 मखाने
Speaker A
डालिए और रात भर भीगे हुए जो आपके बादाम हैं उनका छिलका उतारकर और भीगे हुए अखरोट लेकर इनकी आप बारीक पीसकर एक पेस्ट बना लीजिए और इस पेस्ट को आप इस दूध के अंदर डालिए और साथ में जो आपके अलसी के बीज
Speaker A
आपने ड्राई रोस्ट किए थे उनको बारीक पीसकर आप वो भी इस दूध के अंदर मिला लीजिए। बादाम में विटामिन ई और हेल्दी फैट्स होते हैं। अखरोट ओमेगा थ्री का एक बहुत अच्छा सोर्स है जो कि एंटी इनफ्लेममेटरी होता
Speaker A
है। अलथी जॉइंट इनफ्लेमेशन को कंट्रोल करता है और मखाना आपको मैं बता ही चुका हूं कि बोन की डेंसिटी को बोन की हेल्थ को सपोर्ट करता है। यानी यह एक कंप्लीट जॉइंट रिपेयर ब्रेकफास्ट बन जाता है जिससे हड्डियों और जोड़ों में तेजी के साथ ताकत
Speaker A
आने लगती है। अब अगला सवाल यहां है दोस्तों के यह नुस्खा तो सब बढ़िया है लेकिन इसको आखिर लेना कैसे है और कितने दिनों तक लेना है और कब इससे आपको रिजल्ट देखने को मिलेगा। तो देखिए इसे लेने का
Speaker A
बेस्ट टाइम जो होता है यह सुबह खाली पेट होता है। लेकिन अगर आप सुबह में इसे नहीं ले सकते हैं, कुछ और लेते हैं तो आप चाहे तो इसे शाम में
Speaker A
देखिए। इससे आपकी हड्डियों और जोड़ों के अंदर जबरदस्त इफेक्ट आपको देखने को मिलेगा। यह कोई जादू नहीं है दोस्तों। एक बहुत ही अच्छा न्यूट्रिशनल सपोर्ट है आपकी हड्डियों और जोड़ों के लिए। इसलिए इसको कंसिस्टेंसी के साथ लीजिएगा। रेगुलर
Speaker A
लीजिएगा तभी आपको असल फायदे इसके देखने को मिलेंगे। यह मत सोचिएगा कि आज ही लिया है और अगले दिन से आपका दर्द कम हो जाएगा। हड्डियों में कोई जादुई ताकत आ जाएगी। ऐसा नहीं होगा। रेगुलर लेंगे। कंसिस्टेंसी से
Speaker A
लेंगे तभी इसमें आपको फर्क देखने को मिलेगा। दोस्तों, अब मैं आपको एक बहुत ही सिंपल सा चैलेंज देता हूं। आज रात से ही आप इसको शुरू कीजिए। 15 से 20 मखाने लीजिए। उन्हें भिगो दीजिए रात को और सुबह
Speaker A
खाली पेट खाना शुरू कर दीजिए। और 30 दिन के बाद बिना गैप के जब आप इसको फॉलो करते रहेंगे तो फिर मुझे कमेंट में आकर बताइएगा कि इससे आपकी स्टिफनेस में कितना ज्यादा डिफरेंस आपको देखने को मिला। सीढ़ियां
Speaker A
चढ़ने में आपको कितना फर्क पड़ा। बॉडी में कितनी अच्छी ताकत आई। एनर्जी में क्या इंप्रूवमेंट मिला और क्या आपका इससे वेट भी लूज़ हुआ या नहीं हुआ। क्योंकि दोस्तों नेचर जो है यह धीरे-धीरे काम करती है जैसे मैंने आपको बताया। लेकिन जब करती है तो
Speaker A
जड़ से करती है। अगर आपको लगता है कि यह जानकारी सच में आपके लिए यूज़फुल रही है, किसी और के भी काम आ सकती है, तो इस वीडियो को अपने घर के पेरेंट्स के साथ, अपने रिलेटिव्स के साथ और उन सभी लोगों के
Speaker A
साथ शेयर कीजिए जो कि घुटनों के दर्द से, जोड़ों के दर्द से, हड्डियों की कमजोरी से परेशान हैं। चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल भी मत भूलिएगा और कमेंट में मुझे जरूर बताइए कि क्या आप 30 दिन का यह
Speaker A
चैलेंज लेने वाले हैं या नहीं। मैं आपसे फिर मिलूंगा एक नई वीडियो में। तब तक अपना ध्यान रखिए, हंसते रहिए, मुस्कुराते रहिए। रोज कुछ ना कुछ नया सीखते रहिए ताकि आप रह सके हेल्दी हमेशा।
Topics:टांगों का दर्दघुटनों का दर्दमखानाहड्डियों की मजबूतीजोड़ों का दर्दप्राकृतिक उपचारविटामिन डी कमीकैल्शियम सप्लीमेंटसिडेंट्री लाइफस्टाइलपेन किलर साइड इफेक्ट











