अलाउद्दीन खिलजी की जालिम सुल्तानी, मंगोल से लड़ाई और भारत में उनकी हुकूमत की कहानी।
Key Takeaways
- अलाउद्दीन खिलजी ने भारत में पहली स्थायी और संगठित सेना बनाई।
- उनकी सख्त नीतियों ने भ्रष्टाचार को कम किया और सेना को मजबूत किया।
- मंगोलों के आक्रमण को रोकने में उनकी भूमिका निर्णायक थी।
- उनकी सत्ता पाने की कहानी में परिवारिक साजिशें और राजनीतिक चालाकी शामिल थीं।
- अलाउद्दीन ने आर्थिक और सैन्य सुधारों के जरिए अपने शासन को प्रभावशाली बनाया।
What the video covers
- अलाउद्दीन खिलजी एक जालिम और शक्तिशाली बादशाह थे जिन्होंने भारत में अपनी सख्त हुकूमत स्थापित की।
- उन्होंने अपने चाचा को मारकर सत्ता हासिल की और दिल्ली का सुल्तान बने।
- मंगोलों के खतरे के खिलाफ उन्होंने भारत की पहली स्थायी फौज बनाई और कैश सैलरी सिस्टम लागू किया।
- उनकी फौज में अनुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े नियम थे, जिससे सेना मजबूत बनी।
- अलाउद्दीन ने अपने शासनकाल में बाजार और व्यापार पर भी सख्त नियंत्रण रखा।
- उन्होंने मंगोलों से कई लड़ाइयां लड़ीं और अंततः उन्हें भारत से पीछे हटने पर मजबूर किया।
- उनकी नीतियों और शासनशैली ने भारत में मुस्लिम हुकूमत को मजबूत किया।
- अलाउद्दीन की कहानी में बहादुरी, साजिश, और सत्ता की भूख प्रमुख थी।
- उनकी फौज ने आधुनिक सैन्य प्रबंधन के कई सिद्धांत अपनाए।
- अलाउद्दीन खिलजी की जिंदगी और शासनकाल भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
Chapters
- 00:00अलाउद्दीन खिलजी का परिचय और सत्ता की शुरुआत
- 01:43ममलूक सल्तनत की स्थापना और प्रारंभिक चुनौतियां
- 02:58अलाउद्दीन की बहादुरी और कारा का गवर्नर बनना
- 05:27सुल्तान की हत्या और अलाउद्दीन का सुल्तान बनना
- 06:42दिल्ली पर कब्जा और सेना का विस्तार
- 08:06मंगोल खतरा और सेना की तैयारी
- 09:38जंग और जफर खान की बहादुरी
- 11:55अलाउद्दीन की आर्थिक नीतियां और बाजार नियंत्रण
Full Transcript — Download SRT & Markdown
Speaker A
अलाउद्दीन खिलजी। [संगीत] एक जालिम बादशाह। [संगीत] जिसकी एंपायर में अगर कोई गोश्त वाला गोश्त का वेट कम करके बेचता तो उसकी बॉडी। [संगीत] से उतना ही गोश्त काटा जाता था। उसके पास ऐसे जिन थे कि उसके मिनिस्टर्स अपने घर में भी इशारों से बातें करते थे।
Speaker A
क्योंकि उसे हर बात का पता चल जाता था। [संगीत] उसके ज़हन पे सिर्फ एक चीज सवार थी कि मैं इस दुनिया का सबसे पावरफुल इंसान हूं। और मेरी इजाजत के बगैर इस एंपायर में एक पत्ता भी ना हिल सके।
Speaker A
इसी पावर को पाने के लिए उसने अपने ही चाचा जिसके हाथों में वो पला बड़ा था उसे मार दिया और खुद इंडिया का सबसे पावरफुल बादशाह बन गया। [संगीत] बट वेट ये सब हुआ कैसे?
Speaker A
इंडिया पर एक मुसलमान बादशाह मोहम्मद गौरी की नजर थी और वो किसी तरह भी इंडिया को फतह करना चाहता था तो उसने इंडिया पर हमले शुरू। [संगीत] और फाइनली उसने इंडिया को फतह कर लिया और यहां से इंडिया पर पहली बार मुसलमानों की
Speaker A
हुकूमत स्टार्ट हुई और अगले 700 साल तक मुसलमानों ने इंडिया पे हुकूमत की। गौरी तो वापस चला गया लेकिन उसने अपने एक गुलाम जनरल को इंडिया का गवर्नर बना दिया। लेकिन जैसे ही गौरी फौत हो गया तो इसी
Speaker A
गवर्नर ने इस एंपायर को तोड़ दिया। और इंडिया की पहली मुसलमान हुकूमत को स्टार्ट किया जिसका नाम था ममलूक सल्तनत। [संगीत] इस एंपायर का सबसे बड़ा चैलेंज मंगोल था। और नए लीडर ने मंगोल के डर से फौज को
Speaker A
बढ़ाना शुरू किया। इसी टाइम दो भाइयों ने यह फौज जॉइन की। जलालुद्दीन और उसका बड़ा भाई। [संगीत] ये दोनों बड़ी तेजी से तरक्की करने लगे। लेकिन एक दिन जलालुद्दीन का बड़ा भाई। [संगीत] अचानक मर गया। और उसका एक छोटा सा बेटा रह
Speaker A
गया। जिसको जलालुद्दीन ने ही पालना शुरू किया। और जब वो बड़ा हुआ तो जलालुद्दीन ने अपनी बेटी की शादी उसी से करा दी। [संगीत] इस लड़के का नाम था अलाउद्दीन खिलजी। अलाउद्दीन आराम आराम से अपने चाचा के साथ
Speaker A
आर्मी में इन हो गया और उसका चाचा मिनिस्टर ऑफ वॉर बन गया। जिस तरह आज यूएस में मिनिस्टर ऑफ वॉर होता है। सेक्रेटरी ऑफ वॉर। लेकिन एक दिन ममलूक एंपायर का बादशाह माजूर हो गया। [संगीत] और उसके तीन साल का
Speaker A
बच्चा सुल्तान बन गया और इसी वजह से एंपायर बहुत कमजोर हो गया। तो जलालुद्दीन ने उसे हटाकर खुद दिल्ली का नया सुल्तान बन गया। लेकिन कहा। [संगीत] जाता है कि यहां से अलाउद्दीन खिलजी की जिंदगी का टर्निंग पॉइंट आ गया। क्योंकि उसकी बीवी उसे हर
Speaker A
टाइम जलील करती रहती थी और कहती थी कि तुम्हारी औकात क्या है? [संगीत] मैं एक शहजादी हूं और तुम एक मामूली से आदमी हो। [संगीत] एक दफा एक इलाका जिसका नाम कारा था वहां के गवर्नर ने सुल्तान के खिलाफ बगावत कर
Speaker A
दी। तो सुल्तान ने उसे खत्म करने के लिए अपनी फौज भेजी। [संगीत] जैसे ही अलाउद्दीन को पता चला उसने एक मामूली सा कमांडर बनकर। [संगीत] इस फौज को जॉइन किया। और जैसे ही जंग शुरू हुई तो अलाउद्दीन फ्रंट लाइन पे बहुत ही
Speaker A
बहादुरी के साथ लड़ रहा था। और अलाउद्दीन की इसी बहादुरी की वजह से सुल्तान वो जंग जीत गया। और सुल्तान उससे इतना इंप्रेस हुआ कि उसने अलाउद्दीन को उसी इलाके का गवर्नर बना दिया। और कारा का पूरा कंट्रोल अब अलाउद्दीन के
Speaker A
हाथ में आ गया। लेकिन वो बहुत टेंशन में था। ना तो उसके पास इतने पैसे थे और ना ही इतनी फौज। और घर में भी उसकी कोई इज्जत नहीं थी। तो उसने सुल्तान से बगैर पूछे पास वाले सूबे
Speaker A
पर हमला कर दिया। और जंग जीत के उसे बहुत ज्यादा सोना और पैसा मिल गया। [संगीत] जैसे ही सुल्तान को पता चला उसने एक बहुत बड़ी फौज कारा की तरफ रिवाना कर दिया। और अब अलाउद्दीन को पता था कि उसकी खैर नहीं है
Speaker A
क्योंकि सुल्तान उसे इस बार कभी माफ नहीं करता। लेकिन जब सुल्तान इतनी बड़ी फौज को लेके नजदीक पहुंचा तो अलाउद्दीन ने उनसे मिलने अपने भाई को भेजा और उसे कन्विंस किया कि अलाउद्दीन अपनी हरकत पर बहुत ज्यादा शर्मिंदा है। और
Speaker A
अगर आप उससे नहीं मिले तो वह सुसाइड कर ले। इस बात पर सुल्तान ने अपनी फौज से कहा कि आप पीछे से आ जाओ और खुद कश्ती में अलाउद्दीन से मिलने चला गया। जैसे ही वो वहां पहुंचा तो अलाउद्दीन उसके पैरों में
Speaker A
गिर गया। उसने अलाउद्दीन को उठाया और माफ करके गले लगाया। लेकिन यही सिग्नल था। अचानक पीछे से एक फौजी ने सुल्तान पर हमला कर दिया। जिससे सुल्तान जख्मी हो गया और कश्ती की तरफ भागने लगा। ओ जालिम। ये क्या किया तुमने?
Speaker A
जैसे ही वो भागने लगा, एक दूसरे फौजी ने उस पे हमला किया और उसे मार दिया और लोगों में खौफ फैलाने के लिए उसका सर काट के। [संगीत] पूरे इलाके में फिराया गया और यहां से अलाउद्दीन ने अपने आप को इंडिया का नया
Speaker A
सुल्तान डिक्लेअर किया। [संगीत] लेकिन दिल्ली पर कब्जा अब भी बहुत ही मुश्किल काम है। [संगीत] क्योंकि वहां के लोगों ने अलाउद्दीन को सुल्तान मानने से इंकार कर दिया था। तो अलाउद्दीन ने एक प्लान बना के दिल्ली की तरफ रवाना हुआ। और
Speaker A
रास्ते में हर इलाके में उसने ऐलान करवाया कि जो भी मेरी फौज में शामिल होगा उसे पूरे साल की एडवांस सैलरी मिलेगी। इसी वजह से फौज इतनी बड़ी हुई कि जब वो दिल्ली पहुंचा तो उसकी फौज 1 लाख से भी
Speaker A
ज्यादा थी और लोगों के दिलों को जीतने के लिए उसने बड़े-बड़े तोप सोने से भर दिए और दिल्ली की तरफ फायर करना शुरू कर दिया। कहा जाता है कि उस दिन दिल्ली में सोने की बारिश होने लगी। और इसी वजह से लोग सुल्तान के मरने का गम
Speaker A
भूल गए। [संगीत] और दिल्ली की आधी फौज खुद जाके अलाउद्दीन की फौज में शामिल और बड़ी आसानी से दिल्ली का नया सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी बन गया। अब जब अलाउद्दीन इंडिया का सबसे बड़ा बादशाह बन गया था और दिल्ली फुल अमीर हो
Speaker A
चुका था और लोग खुशियां मना रहे थे। [संगीत] इसी टाइम अलाउद्दीन खिलजी की जिंदगी का सबसे खतरनाक चैलेंज सामने आ गया। उस वक्त की दुनिया की सुपर पावर छोटी आंखों वाली वो इतने स्पीड जाते थे जब वो किसी फौज में घुस जाते तो उसे तबाह बर्बाद
Speaker A
कर उनकी जिंदगी का सिर्फ एक गोल था कि जितनी बड़ी जीत उतना बड़ा खोपड़ियों का मीनार और ये थे मंगोल्स। [संगीत] [संगीत] तकरीबन आधी दुनिया पे हुकूमत करने वाले मंगोल्स की नजर अचानक इंडिया पर और इंडिया को इस वक्त सिर्फ एक बादशाह ही
Speaker A
बचा सकता था। [संगीत] जिसका नाम था अलाउद्दीन खिलजी तो उसने इंडिया की तारीख की सबसे पहली स्टैंडिंग आर्मी बनाई और इस आर्मी को स्ट्रांग बनाने के लिए उसने कैश सैलरी स्टार्ट की। [संगीत] हर फौजी की सिलेक्शन मेरिट से होती थी।
Speaker A
और करप्शन खत्म करने के लिए उसने एक नया सिस्टम बनाया कि हर फौजी का फेस डिस्क्रिप्शन लिखा जाता था। और घोड़ों पर मार्क लगाया जाता था। जैसे आज गाड़ियों पर नंबर प्लेट्स हैं। और इस आर्मी को बेस्ट वेपन्स और सही ट्रेन किया जाता है।
Speaker A
[संगीत] इस नए सिस्टम की वजह से कहा जाता है कि इस फौज को 5 लाख फौजियों ने जॉइन किया। अब जब अलाउद्दीन एक नया सिस्टम बना रहा था। [संगीत] इसी टाइम उसको खबर मिली कि एक बहुत बड़ी मंगोल फौज
Speaker A
दिल्ली की तरफ फुल स्पीड आ रही है। अलाउद्दीन ने भी तैयारी शुरू कर ली और यह दोनों फौजे एक दूसरे के सामने आ गए। अलाउद्दीन ने अपनी फौज को तीन हिस्सों में डिवाइड किया। दरमियान में वो खुद खड़ा
Speaker A
हुआ। एक तरफ उसने अपने सबसे वफादार जनरल जफर खान को खड़ा किया और दूसरी तरफ उसने अपने भाई को खड़ा किया। [संगीत] जैसे ही जंग स्टार्ट हुई जफर खान ने बगैर पूछे हमला कर और दुश्मन को फुल ताकत के साथ मारने लगा।
Speaker A
और मंगोल की फौज की एक साइड एकदम डर गई और पीछे भागने लगी। लेकिन जफर खान भी उनके पीछे जाने लगा। वो भागते जा रहे थे और जफर खान उनका फुल स्पीड पीछा करने। लेकिन अचानक। [संगीत] मंगोल की फौज रुक गई
Speaker A
और जफर खान एकदम हैरान हो गया। जैसे ही उसने पीछे देखा तो उसे पता चला कि वो। [संगीत] अपनी मेन फौज से बहुत दूर आ गया। और यही मंगोल की सबसे फेमस ट्रिक थी। वो भागे नहीं थे। उन्होंने जफर खान को फंसा
Speaker A
लिया था। और मंगोल की बाकी फौज ने जफर खान को चारों तरफ से घेर लिया और वो फंस गया। इसी टाइम सब ने अलाउद्दीन से कहा कि फौज भेजो और उसे बचाओ। लेकिन अलाउद्दीन ने कहा कि नहीं क्योंकि वो बगैर ऑर्डर के गया है।
Speaker A
और मैं किसी की भी मदद नहीं करता जो बगैर मेरे ऑर्डर के काम करे। चाहे वो मेरा बेस्ट जनरल जफर खान ही क्यों ना हो। अब जफर खान को भी समझ आ गई कि मुझे बचाने कोई नहीं आएगा। तो उसने एकदम मुड़ के अपनी फौज
Speaker A
को देखा और उनसे कहा कि अगर हम वो वापस भी चले जाएं तो अलाउद्दीन हमें कभी नहीं छोड़ेगा। क्योंकि हमने उसका ऑर्डर नहीं माना। और यह कहते ही उसने दुश्मन की तरफ देखा और अपनी पूरी ताकत के साथ हमला कर
Speaker A
दिया। [चीखने की आवाज़] वो इतनी बहादुरी से लड़ा कि मंगोल उससे बहुत ज्यादा इंप्रेस हो गया। तो मंगोल के कमांडर ने उसे ऑफर दी कि हमारा साथ दो और हम तुम्हें दिल्ली का नया सुल्तान बनाएंगे। [संगीत] लेकिन उसने कहा कि मैं
Speaker A
धोखा नहीं दे सकता और वो लड़ते-लड़ते शहीद हो गया। अब जब मंगोल ने उसे खत्म कर दिया तो अलाउद्दीन ने अपनी बाकी फौज को रेडी कर लिया। जैसे ही जंग शुरू होने वाली थी, अचानक मंगोल जंग छोड़कर वापस चले गए। पता
Speaker A
चला कि जफर खान ने उनके कमांडर को बुरी तरह जख्मी कर लिया था और वो मजीद नहीं लड़ सकते। और कहा जाता है कि वो कमांडर वापसी में जाते हुए ही रास्ते में मर गए। और ऐसे ही अलाउद्दीन ये जंग जीत गए।
Speaker A
[चीखने की आवाज़] अकबर और दिल्ली मंगोल से बच गया। अकबर मंगोल तो वापस चले गए थे लेकिन अलाउद्दीन के पास बहुत बड़ी आर्मी रह गई थी और इतनी बड़ी आर्मी को अफोर्ड करना अलाउद्दीन के लिए बहुत बड़ा चैलेंज था तो बजाय इसके कि
Speaker A
वो आर्मी खत्म करता उसकी नजर अचानक इंडिया की मार्केट पर पड़ी। [संगीत] और उसने।
Speaker A
और यह आर्डर दिया कि कोई बिजनेसमैन भी सामान खुद स्टोर नहीं कर सकता। [संगीत] वो हर सुबह सरकारी गोदामों से सामान खरीदेगा और बेचेगा। और यह सारा सामान बाहर से लाने के लिए सरकारी ट्रांसपोर्टर्स को रखा। तो क्या होना था? एक आम फौजी जिसकी सैलरी
Speaker A
बहुत कम होती थी और आम लोग जो बहुत गरीब होते थे अय्याशी की जिंदगी गुजारने लगे लेकिन [संगीत] कुछ अरसे बाद पता चला कि लोग ऑर्डर्स नहीं मांग रहे और मार्केट में करप्शन भी हो रही है तो सुल्तान ने इस
Speaker A
सिस्टम को चलाने के लिए इंडिया की पहली इंटेलिजेंस एजेंसी बनाई [संगीत] जिस तरह आज आईएसआई और रॉ है। [संगीत] सबसे पहले उसने हर मार्केट के लिए एक कंट्रोलर अपॉइंट किया जो पूरी मार्केट को कंट्रोल करता था और हर दिन सारे
Speaker A
दुकानदारों के रजिस्टर्स चेक करता था और सुल्तान को डेली रिपोर्ट देता था। इस कंट्रोलर पर नजर रखने के लिए एक इंटेलिजेंस ऑफिसर होता था। वो भी मार्केट की डेली रिपोर्ट डायरेक्ट सुल्तान को देता था। लेकिन सुल्तान को पता था कि यह ऑफिसर्स भी
Speaker A
करप्शन कर सकते हैं। इन पे भी नजर रखने के लिए मार्केट में सीक्रेट जासूस होते थे। जिनका किसी को पता नहीं होता था और वो भी डेली सुल्तान को रिपोर्ट देते थे। एक दफा सुल्तान ने एक छोटे से बच्चे को मार्केट
Speaker A
भेजा। और उसने दुकानदार से गोश्त खरीदा। और वापस महल आ गया। सुल्तान ने कहा कि इस गोश्त का वजन चेक करो। जब उन्होंने वेट चेक किया तो पता चला कि वो तो कम है और उसने दुकानदार को बुलाया
Speaker A
और उसकी बॉडी से उतना ही गोश्त काटा जितना उसने कम बेचा था। बिजनेसमैन इस सिस्टम से इतना डर गए थे कि वो लोगों को ज्यादा सामान देने लगे कि कहीं कम ना हो जाए वरना हमारी बॉडी से गोश्त कटेगा।
Speaker A
कहते हैं कि दिल्ली में इतनी सस्ती चीजें मिलने लगी कि बाकी इलाकों से भी लोग दिल्ली आने लगे और कुछ अरसे बाद लोग भूल गए कि महंगाई भी कोई चीज होती है। और सब ऐसा ही चलता रहा। लेकिन एक दिन कुछ लोग
Speaker A
अलाउद्दीन के दरबार में आए। उनके कपड़े फटे हुए थे और उनकी बॉडी से खून निकल रहा था। तो अलाउद्दीन ने पूछा कि आप कौन हो?
Speaker A
आपको क्या हुआ है? तो उन्होंने बताया हम बिजनेसमैन हैं और बहुत दूर से आए हैं। लेकिन हमें आपकी गेट में डाकुओं ने लूटा है। और हमारी औरतों को किडनैप करके जंगल में चले गए। आप किस मुंह से अपने आप को एलेक्जेंडर द
Speaker A
सेकंड कहते हैं। जब हम आपकी गेट में भी सेफ नहीं है। खिलजी ने उनको जवाब नहीं दिया बल्कि अपनी इंटेलिजेंस ऑफिसर को इशारा किया। ऑफिसर ने फौरन जासूस भेजे जिनसे पता चला कि डाकू दिल्ली के चारों तरफ जंगल में छुपे हुए और वहीं से हमला कर
Speaker A
दिया। डाकू भूल गए थे कि उन्होंने किससे भंड किया। अलाउद्दीन खिलजी तो वो है जिसने मंगोल की खोपड़ियों का मीनार बनाया था। तो ये तो सिर्फ मामूली से डाकू थे। [संगीत] अलाउद्दीन ने अपनी फौज को हुकुम दिया कि
Speaker A
इन डाकुओं को तबाह बर्बाद करो। फौज ने सबसे पहले जंगलों को काटना शुरू किया कि आज के बाद कोई डाकू भी यहां ना छुप सके और ऐसा करते-करते 3000 डाकू उनके हाथ में फौज ने 3000 डाकुओं के सर काटे
Speaker A
और उनकी बॉडी को सारे रास्तों पर लटकाया गया। इस खबर से बाकी क्रिमिनल्स इतने डर गए कि कहा जाता है कि उन्होंने चोरी छोड़कर मजदूरी शुरू की। [संगीत] क्योंकि खिलजी के दौर में डाका मारना सुसाइड करने के बराबर
Speaker A
था। और उसने हुकुम दिया कि हर 10 मील पर एक चेक पोस्ट होगा। जहां पर पुलिस खड़ी होगी और पुलिस की सैलरी बढ़ा दी। अगर वो रिश्वत लेता या उसके इलाके में कोई क्राइम होता। [संगीत] तो वही ऑफिसर जिम्मेदार होता था
Speaker A
और उसे अपनी जेब से पैसे भी देने होते थे और अगर वो ऑफिसर लोगों को इंसाफ नहीं देता था तो उसको सबके सामने जलील किया जाता था और फिर सबके सामने उसकी बॉडी से चमड़ा निकाल दिया जाता था।
Speaker A
इन खतरनाक सजाओं की वजह से ऑफिसर्स इतने डर गए थे कि वो रात को खुद रास्तों पर फिरते थे। अगर उनको कोई डंडा भी मिलता था वो भी उठा के सेव करते थे ताकि अगर किसी ने इस पर भी शिकायत लगाई तो उन्हीं
Speaker A
ऑफिसर्स को सजा मिले और कहा जाता है कि इतना अमन आ गया था कि एक लड़की अगर अपने सर पर सोने का टोकरा लेके रास्ते पर जाती थी तो उसकी तरफ कोई आंख भी उठा के नहीं देख सकता था। इस नए सिस्टम से बहुत ज्यादा
Speaker A
अमन और खुशहाली आ गई थी। एक दिन अलाउद्दीन शिकार पे गया। इतने में वो शिकार करते हुए अपने गार्ड से थोड़ा दूर चला गया। अचानक उस पर तीरों की बारिश होने लगी। जिसकी वजह से अलाउद्दीन जख्मी होकर गिर गया। [संगीत]
Speaker A
यह हरकत उसके भाई के बेटे ने की थी। वो सीधा फौज के पास गया और उन्हें कहा कि अलाउद्दीन मर गया है और मैं हूं आपका नया सुल्तान। [संगीत] लेकिन फौज ने उसे कहा कि हम तब तक नहीं
Speaker A
मानेंगे जब तक तुम अलाउद्दीन का सर हमें नहीं दिखाते। अचानक उन्होंने पहाड़ की तरफ देखा तो अलाउद्दीन ने एकदम अपना हाथ उठाया और उनको पता चल गया कि अलाउद्दीन जिंदा है। तो क्या होना था? अलाउद्दीन ने इस बागी के
Speaker A
सारे खानदान का नामोनिशान मिटा। लेकिन इसकी वजह से अलाउद्दीन बहुत डिस्टर्ब हो गया था। और उसने अपने जासूसों से पता करवाया कि इतने डर के बावजूद भी लोग बगावत कैसे कर लेते हैं। [संगीत] उन्होंने बताया कि असल में एक तो लोग जब
Speaker A
शराब पीने के लिए जमा होते हैं तो आपस में आपके खिलाफ साजिश करते हैं तो अलाउद्दीन ने हुकुम दिया कि आज के बाद पूरे इंडिया में शराब बैन हो [संगीत] और कहा जाता है कि उस दिन इतना शराब फेंका गया कि रास्ते
Speaker A
कीचड़ से भर गए थे। दूसरी वजह उन्होंने यह बताई कि प्रॉस्टिट्यूशन मतलब जिस्म फरोशी। अलाउद्दीन ने एकदम हुकुम दिया कि इन सब औरतों की शादी कराओ। और जिसने भी जिनाह किया तो उसे नामर्द बनाया जाएगा। तीसरा रीजन उन्होंने यह
Speaker A
बताया कि अमीर लोग एक दूसरे में शादियां करके पावरफुल बन जाते हैं। तो अलाउद्दीन ने हुकुम दिया कि आज के बाद मेरी इजाजत के बगैर ना तो कोई शादी होगी ना कोई दावत होगी और ना ही कोई गैदरिंग
Speaker A
होगी। और यहां से अलाउद्दीन ने अपने जासूसों को इतना बढ़ा दिया, इतना बढ़ा दिया कि लोगों के घर की हर बात अलाउद्दीन को पता चल जाती थी और सब इतना [संगीत] डर गए थे कि उनको लगता था कि अलाउद्दीन के पास
Speaker A
जिन है। जिसकी वजह से उसे घर के अंदर की बातें भी पता चल जाती है। यह इतना सख्त सिस्टम था कि कोई पत्ता भी सुल्तान की इजाजत के बगैर नहीं हिल सकता था। इसी वजह से अलाउद्दीन के पास पूरी एंपायर का कंट्रोल [संगीत] आ
Speaker A
गया। और पहली बार मुसलमानों ने अलाउद्दीन की बादशाहत में साउथ इंडिया को भी फतह कर दिया। अकबर। अब मुसलमान इंडिया के सुपर पावर तो बन गए थे। लेकिन इस्लाम इंडिया पहुंचा कैसे?
Speaker A
यह कहानी बड़ी इंटरेस्टिंग होने वाली है। आज से 1300 साल पहले एक 17 साल के लड़के ने इंडिया पर हमला कर दिया [संगीत] जिसका नाम था मोहम्मद बिन कासिम। [संगीत] सब्सक्राइब
Topics:अलाउद्दीन खिलजीममलूक सल्तनतमंगोल आक्रमणदिल्ली सल्तनतभारतीय इतिहासमुस्लिम हुकूमतसैन्य सुधारसत्ता संघर्षइतिहास की कहानियांहिंदी इतिहास वीडियो











