डेमोस्थेंस, दुनिया के पहले वकील, जिन्होंने अपनी मेहनत से पब्लिक स्पीकिंग और वकालत की नींव रखी।
Key Takeaways
- वकील की भूमिका लोगों की जरूरत से जन्मी।
- स्पीच और पब्लिक स्पीकिंग कोर्ट में केस जीतने के लिए महत्वपूर्ण थे।
- डेमोस्थेंस ने कठिन अभ्यास से अपनी कमियों को दूर किया।
- वकील का पेशा और पब्लिक स्पीकिंग आज भी महत्वपूर्ण और सम्मानित हैं।
- डेमोस्थेंस का योगदान आज भी विश्व स्तर पर सराहा जाता है।
What the video covers
- एथेंस, ग्रीस के बड़े कोर्ट्स में स्पीच की अहमियत थी, जहां बेस्ट स्पीकर ही केस जीतता था।
- कुछ लोग जो खुद बोल नहीं पाते थे, उन्होंने वकील की जरूरत महसूस की।
- डेमोस्थेंस दुनिया के पहले वकील माने जाते हैं, जिन्होंने स्पीच लिखना और रिप्रेजेंट करना शुरू किया।
- डेमोस्थेंस ने खुद को बेहतर स्पीकर बनाने के लिए कठोर अभ्यास किया, जैसे मुंह में पत्थर रखना और पहाड़ों पर दौड़ना।
- उनकी स्पीच इतनी प्रभावशाली थी कि जज और जनता दोनों ध्यान से सुनते थे।
- डेमोस्थेंस ग्रीस के पॉलिटिक्स में भी सक्रिय हुए और किंग फिलिप्स के खिलाफ आवाज उठाई।
- डेमोस्थेंस बचपन में हकलाते थे, लेकिन मेहनत से उन्होंने अपनी कमियों को दूर किया।
- उनके स्पीच कौशल को आज भी विश्व की बड़ी यूनिवर्सिटीज में पढ़ाया जाता है।
- वकील का कांसेप्ट लोगों की जरूरत से उत्पन्न हुआ, न कि किसी ने इसे बनाया।
- डेमोस्थेंस को परफेक्ट स्पीकर माना जाता है और वे पब्लिक स्पीकिंग के हीरो हैं।
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Speaker A
वकील की जरूरत क्या है? लोग खुद अपने आप को क्यों रिप्रेजेंट नहीं करते? आई एम योर ऑनर। वकील तो सिर्फ पैसा लेने के लिए बैठा हुआ है। दुनिया का पहला वकील कौन था? ये कहानी आज से 2500 साल पहले एथेंस, ग्रीस से।
Speaker A
[संगीत] एथेंस, ग्रीस में कोर्ट्स कोई ऐसे साइलेंट और छोटे कोर्ट्स नहीं होते थे, बल्कि बहुत बड़े-बड़े कोर्ट्स होते हैं। ऐसे जैसे कि आज कोई क्रिकेट का मैच और पूरे मुल्क से लोग वहां पे जमा हो के लोगों के केसेस सुनते थे और वहां फैक्ट्स
Speaker A
और लॉ से ज्यादा लोग बेस्ट स्पीच को सुनना पसंद करते हैं। और जो बेस्ट स्पीच करता था, वही बंदा अपना केस। ये कोर्ट प्रोसीडिंग है। ये कोई गांव की पंचायत नहीं है कि जो जब जिसने चाहा मुंह उठा के चला आया। तो उस जमाने में कुछ
Speaker A
फार्मर्स और इंट्रोवर्ट्स और ऐसे बिजनेसमैन जो स्पीच नहीं कर सकते थे। उन्होंने एक दिन बैठ के सोचा कि हम बहुत से केसेस हार रहे हैं और हमें एक ऐसे बंदे की जरूरत है जो हमारे लिए हमसे बहुत ही
Speaker A
बेस्ट स्पीच करें। तो उन्होंने इललीगल तरीके से ऐसे लोगों को ढूंढना शुरू किया जो कि उनके [संगीत] लिए स्पीच लिखे भी और उन्हें रिप्रेजेंट भी करें। और यहां दुनिया का पहला वकील सामने आया जिसका नाम था डिमोस्थीस। डेमोस्टींस पहले लोगों को स्पीच लिख कर
Speaker A
देता था और ट्रेन भी करवाता था। लेकिन आराम-आराम से डिमोस्टिंस लोगों को खुद रिप्रेजेंट करने लगा। [संगीत] और लोग इसके लिए उसे पैसे देने लगे। ये अभी भी इललीगल था। लेकिन उनकी स्पीचेस इतनी बेस्ट होती थी कि जजेस और आवाम सब खामोशी से सुनते
Speaker A
रहते। आहिस्ता-आहिस्ता, [संगीत] वो इतने सक्सेसफुल लॉयर बन गए कि वो ग्रीस के कोर्ट से ग्रीस के पॉलिटिक्स में आते। और यहां एलेग्जेंडर द ग्रेट के फादर किंग फिलिप्स के खिलाफ ग्रीस की सबसे बड़ी आवाज थी। यही डेमोस्टींस बने। लेकिन सबसे
Speaker A
इंटरेस्टिंग बात यह है कि डेमोस्टींस कोई बचपन से इतना बेस्ट स्पीकर नहीं था। इनफैक्ट वो हकला था। लेकिन इन्होंने अपनी सारी जवानी अपनी स्पीच [संगीत] को बेहतर करने में रख दी। योर वो अपने मुंह में पत्थर रखकर कई-कई घंटों
Speaker A
स्पीच के, फिर वो घंटों समंदर के वेव्स पे चीरखते थे ताकि उनकी आवाज बेहतर हो सके और वो पहाड़ों पे फुल स्पीड रनिंग करते थे और जोर-जोर से पोयम पढ़ते थे ताकि वो अपनी सांस को कंट्रोल कर सकें। और सिर्फ यही नहीं, वो अपने आप को कमरे में
Speaker A
बंद करके अपने सर के आधे बाल काटते थे ताकि जब तक बाल ना आए, वो प्रैक्टिस करते रहे और शर्म के मारे बाहर बाहर ना निकल सके। और उस जमाने के बड़े-बड़े फिलॉसफर्स ने उन्हें परफेक्ट स्पीकर कहा था। इनको आज
Speaker A
भी दुनिया की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटीज में पढ़ाया जाता है। क्योंकि यह पब्लिक स्पीकिंग और बेस्ट स्पीच के आज भी बहुत बड़े हीरो हैं। तो दुनिया का पहला वकील किसी ने बनाया नहीं था। यह लोगों की जरूरत की वजह से पैदा है। यहां से दुनिया में
Speaker A
वकालत का कांसेप्ट स्टार्ट हुआ।
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