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Aurangzeb Alamgir ZALIM ?

औरंगजेब आलमगीर की सत्ता, युद्ध और मुगल साम्राज्य के विस्तार की कहानी, जिसमें उनके संघर्ष और शासन की झलक मिलती है।

Key Takeaways

  • औरंगजेब ने परिवार के खिलाफ सख्त कदम उठाकर सत्ता हासिल की।
  • मुगल साम्राज्य की समृद्धि और विस्तार अकबर और शाहजहां के शासनकाल में हुआ।
  • सत्ता संघर्ष में रणनीति और सैन्य कौशल महत्वपूर्ण थे।
  • औरंगजेब का शासनकाल आर्थिक रूप से मजबूत था।
  • धार्मिक नीतियों को लेकर विवाद के बावजूद साम्राज्य की स्थिरता बनी रही।

What the video covers

  • औरंगजेब आलमगीर ने हिंदुस्तान का सबसे शक्तिशाली मुगल साम्राज्य बनाया।
  • उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के खिलाफ सख्त कदम उठाए, जैसे पिता को जेल में डालना और भाइयों को मारना।
  • मुगल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने की थी, जिसे अकबर और शाहजहां ने समृद्ध और विस्तृत किया।
  • शाहजहां के बीमार होने पर उनके चार बेटों के बीच सत्ता संघर्ष हुआ।
  • दारा शिकोह, शुजा, मुराद और औरंगजेब के बीच युद्ध हुआ, जिसमें औरंगजेब ने रणनीति से विजय प्राप्त की।
  • औरंगजेब ने पठानों की मदद से राजपूतों को हराया और दारा शिकोह को परास्त किया।
  • दारा की हार के बाद औरंगजेब को मुगल साम्राज्य का अगला बादशाह माना गया।
  • औरंगजेब के शासनकाल में आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था दुनिया की शीर्ष में थी।
  • उनके शासन में धार्मिक नीतियों पर विवाद हुआ, लेकिन वे हिंदुओं के खिलाफ पूरी तरह कट्टर नहीं थे।
  • औरंगजेब ने अपने शासनकाल में कई सुधार और कड़े फैसले लिए, जिससे साम्राज्य की समृद्धि बनी।

Answers

Questions about this video

औरंगजेब ने अपने परिवार के खिलाफ क्या कदम उठाए थे?

औरंगजेब ने सत्ता पाने के लिए अपने पिता को जेल में डाल दिया और अपने भाइयों को मार डाला, जिससे वह मुगल साम्राज्य का एकमात्र शासक बन सके।

मुगल साम्राज्य की समृद्धि में अकबर और शाहजहां का क्या योगदान था?

अकबर ने मुगल साम्राज्य को 50 वर्षों में व्यापक रूप से बढ़ाया और शाहजहां ने ताज महल जैसी भव्य इमारतें बनाकर साम्राज्य की समृद्धि और सांस्कृतिक उन्नति को बढ़ावा दिया।

औरंगजेब ने दारा शिकोह के खिलाफ युद्ध कैसे जीता?

औरंगजेब ने रणनीति और पठानों की मदद से राजपूतों को हराया, अचानक छुपी हुई फौज से हमला किया और दारा की फौज को परास्त कर सत्ता हासिल की।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
औरंगजेब आलमगीर हिंदुस्तान की तारीख का सबसे पावरफुल बादशाह था, जिसने अफगानिस्तान के ड्राई पहाड़ों से लेकर बंगाल के समंदरों तक हिंदुस्तान की तारीख की सबसे पावरफुल एंपायर बनाई, जिसने अंग्रेजों को हिंदुस्तान के सामने घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
00:37
Speaker A
[संगीत] उसके ज़हन पर सिर्फ एक चीज सवार थी कि मैं इस दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान बनूं। इसी पावर को पाने के लिए उसने अपने ही बूढ़े बाप को जेल में डाल दिया। अपने ही भाइयों का सर काट कर उन्हें मार डाला।
00:59
Speaker A
[संगीत] और जो भी उसके रास्ते में आया, उन्हें तबाह बर्बाद कर दिया।
01:16
Speaker A
[संगीत] बट वेट, क्या ये सच है?
01:42
Speaker A
हिंदुस्तान में बहुत सी एंपायर्स बने। लेकिन हिंदुस्तान की तारीख की सबसे पावरफुल एंपायर थी।
02:08
Speaker A
[संगीत] द मुगल एंपायर, जिसने 300 साल तक हिंदुस्तान पर राज किया और दुनिया की सबसे अमीर एंपायर बनी। इस एंपायर की बुनियाद तो बहुत मुश्किल हालात में बाबर ने रखी। लेकिन आगे जाकर इसी बाबर के पोते जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर ने असल में इस एंपायर को 50 साल में यहां से बढ़ाकर
02:32
Speaker A
[संगीत] यहां तक पहुंचा दिया और मुगल एंपायर
02:57
Speaker A
[संगीत] पूरी दुनिया की सबसे अमीर एंपायर बन गई। जिसके सामने कोई आंख भी उठा के नहीं देख सकता था। अकबर के मरने के बाद उसका बेटा और करते-करते उसका पोता इस पूरी एंपायर का नया बादशाह बन गया, जिसका नाम था शाहजहां।
03:18
Speaker A
[संगीत] शाहजहां के टाइम में इस एंपायर के पास इतना पैसा आ गया था कि अब दुनिया को अपने पैसे की पावर दिखाने का टाइम आ गया था। तो शाहजहां ने बड़ी-बड़ी बिल्डिंग्स बनाना शुरू की। जिसमें से सबसे फेमस बिल्डिंग दुनिया के वंडर्स में से एक ताज महल
03:35
Speaker A
और पूरी दुनिया में सबसे खूबसूरत बिल्डिंग्स यहीं हिंदुस्तान में बनने लगीं, जिससे हिंदुस्तान आर्किटेक्चर में दुनिया के टॉप पर चला गया। अब जब ये सारे बड़े-बड़े काम हो रहे थे, अचानक एक दिन शाहजहां बहुत ज्यादा बीमार हो गया। आप फिक्र ना करें। आप बहुत जल्द
03:55
Speaker A
सेहतयाब हो जाएंगे। और अपनी आखिरी सांसे ले रहा था। यह बात पूरी एंपायर में फैल गई। मालिक बहुत सख्त बीमार है। जैसे ही यह खबर शाहजहां के बाकी बेटों तक पहुंची, जहां पाना बादशाह बहुत सख्त बीमार है, तो उन्होंने बगावत कर ली।
04:15
Speaker A
मतलब यही वक्त है। सवारी तैयार करो। असल में शाहजहां के चार बेटे थे। सबसे बड़ा बेटा दारा शिकोह, जिसको पहले से ही शाहजहां ने क्राउन प्रिंस बना दिया था कि मेरे मरने के बाद दारा ही इस पूरी एंपायर का अगला बादशाह होगा।
04:38
Speaker A
मेरे बाद मेरा बेटा दारा शिकोह बादशाह बनेगा। दूसरा बेटा शुजा, तीसरा बेटा औरंगजेब और चौथा बेटा मुराद। मुराद और शुजा ने शाहजहां की बीमारी का सुनते ही अपने आप को बादशाह डिक्लेयर कर दिया। आज से मैं ही तुम्हारा बादशाह हूं।
04:53
Speaker A
लेकिन एक बेटा ऐसा था जिसने बगावत नहीं की। शाहजहां का तीसरा बेटा औरंगजेब आलमगीर।
05:09
Speaker A
[संगीत] अब जब ये सारी बगावतें हो रही थीं, तो अचानक शाहजहां अपनी बीमारी से दोबारा ठीक हो गया।
05:30
Speaker A
[संगीत] और पूरी एंपायर यह देख के हैरान हो गई कि शाहजहां तो जिंदा है। दारा ने शाहजहां को इन बगावतों के बारे में बताया। मुझे आपको कुछ बताना है। शाहजहां ने अपने बेटों से कहा कि वापस अपने-अपने इलाके चले गए। तुम्हें यहां से जाना होगा। लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया।
05:46
Speaker A
मैं यहां से नहीं जाऊंगा। दारा ने शाहजहां को कन्विंस कर लिया कि इनके खिलाफ फौज भेजनी चाहिए। दारा शिकोह ने अपने बाकी भाइयों को कंट्रोल करने के लिए एक बहुत बड़ी फौज तैयार करके
06:02
Speaker A
[संगीत] उनकी बगावतों को रास्ते में ही कुचल देने के लिए भेज दी। इस फौज ने जाकर दारा शिकोह के एक भाई की बगावत को खत्म कर दिया। और वो मुश्किल से अपनी जान बचाकर भाग गया। जैसे ही यह खबर औरंगजेब और मुराद तक पहुंची कि उनका दूसरा भाई बहुत ही
06:20
Speaker A
मुश्किलों से अपनी जान बचाकर भाग गया है, तो औरंगजेब को समझ आ गई कि दारा अब हम में से किसी को छोड़ने वाला नहीं।
06:38
Speaker A
[संगीत] और यहां पर एंट्री होती है औरंगजेब की। अब तक तो औरंगजेब ने बगावत नहीं की थी, लेकिन यहां से औरंगजेब ने कहा कि दारा काफिर हो चुका है। दारा काफिर हो चुका है। मैं खुद जाकर दारा से अपने बाप को और इस पूरी एंपायर को बचाऊंगा। उसने अपने भाई मुराद से कहा कि हम मिलकर दारा का मुकाबला करेंगे। हमने दारा का
06:58
Speaker A
मुकाबला करना है। और वो दोनों अपनी पूरी फौज को लेकर कैपिटल की तरफ रवाना हुए। दारा ने इनको रास्ते में ही क्रश करने के लिए अपने जनरल को एक बहुत बड़ी फौज देकर भेज दी।
07:17
Speaker A
[संगीत] इस फौज को औरंगजेब ने अपनी लीडरशिप में बहुत ही बुरी तरीके से हरा दिया और वो मैदान छोड़कर भाग गई। जब ये खबर दारा शिकोह तक पहुंची तो वो बहुत ज्यादा गुस्सा हुआ।
07:34
Speaker A
[कराहने की आवाज़] और एक बहुत बड़ी फौज को तैयार करके खुद लीड करते हुए औरंगजेब को रास्ते में ही रोकने के लिए रवाना हुआ।
07:59
Speaker A
[संगीत] और फाइनली यह दोनों फौजें एक दूसरे के सामने आ गईं। एक तरफ दारा शिकोह की 60,000 की फौज, जिसके पास स्टेट की पूरी मशीनरी थी, और दूसरी तरफ एक आम से गवर्नर औरंगजेब की 5,000 की फौज। औरंगजेब ने एक साइड पर अपने भाई मुराद को और दूसरी साइड पर अपने बड़े बेटे को खड़ा कर दिया और खुद इस पूरी फौज के सेंटर में खड़ा हो गया। और दूसरी तरफ दारा ने अपने सारे तोप
08:17
Speaker A
अपने सामने फिक्स कर दिए और अपनी फौज को दोनों साइड्स में खड़ा करके खुद एक बहुत बड़े हाथी पर बैठकर सेंटर में खड़ा हो गया ताकि पूरी फौज को वो नजर आ सके। जंग शुरू होते ही दारा
08:40
Speaker A
ने अपने सारे तोपों से फायरिंग स्टार्ट कर दी। जैसे ही ये फायरिंग थोड़ी स्टॉप हुई, दारा ने अपनी सेंटर की फौज को हमला करने का हुकुम दिया। औरंगजेब ने भी अपने सेंटर को हमले के लिए भेज दिया। दारा की फौज बहुत ज्यादा स्ट्रांग थी
09:06
Speaker A
और बड़ी आसानी से औरंगजेब की फौज को क्रश कर ले रही थी। जैसे ही औरंगजेब की यह फौज बिल्कुल खत्म होने वाली थी, तो इसी टाइम अचानक दारा की फौज ने देखा कि पीछे से 10,000 की फौज फुल स्पीड उनकी तरफ
09:32
Speaker A
आ रही है, जो औरंगजेब ने जंग से पहले ही पीछे छुपाई हुई थी।
09:54
Speaker A
[संगीत] यह फौज बहुत ही तेजी से सेंटर की मदद के लिए आ गई और दारा के सेंटर को क्रश करके पीछे हटा दिया।
10:13
Speaker A
[संगीत] ये देखते ही दारा के एक साइड पे खड़े उसका सबसे बड़ा वेपन राजपूत ने हमला कर दिया। राजपूत कोई आम कौम नहीं थी। वो इतने स्ट्रांग वॉरियर्स थे
10:33
Speaker A
कि जंग उनके लिए ऑक्सीजन थी। वो जंग के लिए ऐसे जाते थे जैसे दूल्हा अपनी शादी के लिए जाता है।
10:57
Speaker A
[संगीत] जब वो जंग में उतरते तो उनके पास सिर्फ दो ऑप्शंस होते थे, जितना या मरना। एकदम उन्होंने मुराद की फौज पर इतनी स्पीड से हमला किया
11:16
Speaker A
कि औरंगजेब के तोपों को फायरिंग का मौका ही नहीं मिला। वो फुल स्पीड मुराद की फौज में घुस गए और
11:34
Speaker A
इतनी तेजी से मुराद की फौज को क्रश करने लगे
11:50
Speaker A
[संगीत] कि मुराद शदीद जख्मी होकर अपने हाथी से गिर गया। कहा जाता है कि उसके हाथी को इतने तीर लगे कि वो बिल्कुल पोर्कुपाइन लग रहा था। इससे मुराद बहुत ज्यादा पैनिक हो गया और
12:09
Speaker A
अपनी फौज को लेकर पीछे हटने लगा। यही मौका देखते ही राजपूतों ने एकदम सेंटर पर हमला कर दिया। वो बड़ी तेजी से औरंगजेब के इतने करीब आ गए कि औरंगजेब के हाथी के पांव को भी जख्मी कर दिया।
12:28
Speaker A
औरंगजेब की जान जाने वाली थी। राजपूतों के इतने खतरनाक हमले को देखकर पूरी फौज डर गई। लेकिन औरंगजेब बिल्कुल भी पैनिकिक नहीं हो रहा था। और उसने कहा सबसे पहले घबराना नहीं। और एग्जैक्ट इसी टाइम उसने अपना सबसे बड़ा
12:47
Speaker A
वेपन रिलीज कर दिया। पठान पार्टी। पठान के दर पे रखोगे तो मेहमान नवाजी के लिए पठान तो आएगा।
13:06
Speaker A
[संगीत] क्योंकि सिर्फ पठान ही राजपूतों जैसी बहादुर कौम का मुकाबला कर सकते थे।
13:20
Speaker A
[संगीत] औरंगजेब के गार्ड्स ने राजपूतों की फौज को एक-एक करके क्रश करना शुरू किया। क्योंकि राजपूत बहुत थके हुए थे और ये गार्ड्स बिल्कुल फ्रेश थे। जैसे ही दारा ने यह सब देखा तो वो बहुत ज्यादा पैनिकिक हो गया और खुद अपनी फौज लेकर राजपूतों की मदद के लिए आगे बढ़ा।
13:40
Speaker A
[संगीत] ये उसकी पहली बड़ी गलती थी क्योंकि उसने अपने ही तोपों को ब्लॉक कर दिया और औरंगजेब के तोपों ने उस पर लगातार फायरिंग स्टार्ट कर दी।
13:57
Speaker A
[संगीत] दारा को किसी ने बोला कि फायरिंग बहुत ज्यादा तेज है। आप अपने हाथी से उतर जाओ।
14:18
Speaker A
तो दारा अपने हाथी से उतर गया। और यही दारा की सबसे बड़ी गलती थी। जैसे ही दारा की फौज ने देखा कि दारा अपने हाथी पर नहीं है, तो वो समझने लगे कि दारा मर गया है, जिससे फौज का मोरल डाउन हो गया और वो जंग
14:33
Speaker A
से भागने लगी।
14:55
Speaker A
[संगीत] बस यही टर्निंग पॉइंट था। दारा ने जब यह सब देखा तो उसे भी समझ आ गई कि अब कुछ नहीं हो सकता। और वो वहां से भाग गया।
15:09
Speaker A
[संगीत] और किसी ना किसी तरीके से आधी रात
15:23
Speaker A
को आगरा पहुंच गया। पूरी सिटी में दारा की हार की खबर आग की तरह फैल गई। हरम की औरतों ने जोर-जोर से रोना शुरू किया।
15:39
Speaker A
[रोने की आवाज़] महल के सारे लोग, इंक्लूडिंग दारा की बहन और बादशाह शाहजहां, सब गम से टूट गए। शाहजहां ने दारा से कहा कि कुछ नहीं होता। मुझसे एक बार मिलने आ जाओ। लेकिन दारा बहुत ज्यादा शर्मिंदा था और वो बगैर किसी से मिले अपना सामान उठाकर वहां से बहुत दूर चला गया। अब औरंगजेब फुल
15:57
Speaker A
स्पीड आगरा की तरफ रवाना था। जैसे ही वो आगरा पहुंचा तो बाहर एक गार्डन में बैठ गया। और अब सबको पता चल गया था कि इस पूरी एंपायर का अगला बादशाह कौन होगा। तो अगले कई दिन वहां एक-एक करके बड़े-बड़े
16:13
Speaker A
नवाब और मिनिस्टर्स औरंगजेब के पास आने लगे और उसकी हाथ पर बैत करने लगे। लेकिन अब भी शाहजहां अपने किले में बैठा हुआ था और बार-बार औरंगजेब को मिलने का कह रहा था। उसको बोलो
16:30
Speaker A
[संगीत] एक बार मिलने आ जाए मुझसे। हूं। सब ने औरंगजेब से कहा कि शाहजहां अब भी दारा से बहुत ज्यादा प्यार करता है। और अगर आप श
16:43
Speaker A
गई कि शाहजहां अब भी दारा को ही पसंद करता है। और अगर शाहजहां बाहर निकल गया तो वो मुझे [संगीत] जिंदा नहीं छोड़ेगा। तो उसने हुकुम दिया कि शाहजहां को इसी किले में हाउस अरेस्ट करो। शाहजहां को इसी किले में नजरबंद कर दो।
16:59
Speaker A
और अपने बेटे को इस पूरे किले का हेड बना दिया और उसे कहा कि अपने दादा के साथ कोई बदतमीजी नहीं करनी और उनका बहुत ज्यादा ख्याल रखना। यह कहते ही औरंगजेब अपनी पूरी फौज को लेकर कैपिटल दिल्ली की तरफ रवाना
17:15
Speaker A
हुआ। अब रास्ते में मुराद को सब कहने लगे कि आपकी पावर खत्म है और औरंगजेब अकेला बहुत ज्यादा पावरफुल बन रहा है। तो मुराद बहुत जेलस हो गया। उसने औरंगजेब की फौज को तोड़ना शुरू किया और उनको बहुत ज्यादा
17:32
Speaker A
पैसा और बड़ी-बड़ी रैंक्स देने लगा। इससे औरंगजेब के बड़े-बड़े जनरल्स और फौजी मुराद के साथ शामिल होने लगे और मुराद की फौज बहुत तेजी से बढ़ने लगी। तो औरंगजेब को समझ आ गई कि मुराद अब मेरे लिए एक बहुत
17:49
Speaker A
बड़ा खतरा बन रहा है। तो उसने मुराद के लिए एक बहुत बड़ी दावत रखी और कहा कि मैं बहुत ज्यादा खुश हूं कि तुम [संगीत] अभी-अभी बहुत बड़े-बड़े जख्मों से ठीक हुए हो और मैं चाहता हूं कि हम इसे सेलिब्रेट
18:02
Speaker A
करें। मुराद इस दावत में नहीं आना चाहता था और बाकी लोग भी उसे जाने नहीं दे रहे थे। आपको नहीं जाना चाहिए। लेकिन उसके सबसे बड़े एडवाइजर ने उसे कन्विंस किया कि आपको जाना चाहिए। मैं तो कहता हूं [संगीत] आपको जाना चाहिए।
18:18
Speaker A
खैर मुराद औरंगजेब के पास आ गया और औरंगजेब ने उसे बहुत ही खुशी से वेलकम किया [संगीत] और दोनों एक प्राइवेट कमरे में खाने पे बैठ गए। अब जैसे ही खाना खत्म हुआ तो औरंगजेब ने मुराद से कहा कि मैं चाहता हूं
18:33
Speaker A
कि तुम आज दिल खोल के सेलिब्रेशन करो। मुराद ने उसे कहा कि मैं अपने बड़े भाई के सामने शराब नहीं पी सकता। तो औरंगजेब ने उसे कहा कि कोई बात नहीं आज तुम्हें इजाजत है। मुराद ने बहुत ज्यादा शराब पी ली और
18:47
Speaker A
वहीं सोने लगा। औरंगजेब ने कमरा खाली कर दिया। वहां एक लौंडी आई जिसने मुराद के पैर दबाना शुरू किए। और जैसे ही जाने वाली थी तो मुराद के सारे वेपन्स को छुपा कर ले गई। बस यही टाइम था। औरंगजेब के फौजी अंदर
19:03
Speaker A
आए। उन्होंने मुराद को अरेस्ट करके जेल में डाल दिया। अब औरंगजेब तेजी से दिल्ली की तरफ रवाना हुआ। जहां से दारा भाग चुका था और लाहौर में औरंगजेब के खिलाफ एक बहुत बड़ी फौज तैयार कर रहा था। [संगीत]
19:19
Speaker A
जब औरंगजेब को इस सब का पता चला तो वो दिल्ली के बजाय दारा की तरफ रवाना। बजाय लड़ने के उसने यहां पे एक बहुत बड़ी चाल चली। उसने दारा के सबसे वफादार आर्मी चीफ की तरफ एक लेटर लिखा कि तुमने मेरा
19:33
Speaker A
साथ देकर बहुत अच्छा काम किया है। मैं तुम्हें इसका बहुत बड़ा इनाम दूंगा। औरंगजेब ने अपने गुलाम से कहा कि यह लेटर किसी ना किसी तरीके से दारा की तरफ पहुंचा दो। दारा ने जब यह लेटर पढ़ा तो वह
19:46
Speaker A
बिल्कुल टूट गया और हिम्मत हार गया। और अपने आर्मी चीफ को बिल्कुल इग्नोर करने लगा। तो उसकी आर्मी भी उससे दूर होने लगी। यार यह बादशाह क्या कर रहा है? मुझे तो कुछ भी समझ नहीं आ रहा। असल में दारा को बचपन से ही शाहजहां ने
20:01
Speaker A
अपने पास बहुत ही लाड प्यार के साथ रखा था। उसके लिए बड़ी-बड़ी लाइब्रेरीज बनाई थी और वो बस हर वक्त किताबों और स्कॉलर्स के साथ ही बिजी रहता था। और जब भी कोई बड़ी जंग का खतरा होता था तो शाहजहां अपने
20:16
Speaker A
तीसरे बेटे औरंगजेब को ही भेजता था। क्योंकि औरंगजेब बचपन से ही बहुत ही बहादुर और सबर करने वाला बंदा था। एक दफा शाही महल में हाथियों की लड़ाई हो रही थी। अचानक एक हाथी पागल होकर लोगों की तरफ
20:34
Speaker A
दौड़ने लगा। सब लोग डर कर इधर-उधर भागने लगे। लेकिन सिर्फ एक ही 14 साल का लड़का अपनी जगह पर खड़ा था। शाहजहां का तीसरा बेटा औरंगजेब आलमगीर। जब हाथी फुल स्पीड उसकी तरफ आया तो बजाय भागने के उसने अपना स्पेयर हाथी
21:01
Speaker A
के सर पर मार दिया। हाथी ने गुस्से में आकर औरंगजेब को अपने घोड़े से गिरा दिया। लेकिन वो फौरन खड़ा हो गया और तलवार निकाल कर दोबारा हमले के लिए रेडी हो गया। इसी टाइम गार्ड्स ने हाथी को कंट्रोल कर
21:19
Speaker A
लिया। लेकिन शाहजहां औरंगजेब से इतना इंप्रेस हुआ कि उसने औरंगजेब को एक नया टाइटल दिया। बहादुर बहादुर। मतलब औरंगजेब बचपन से ही बहुत काम और बहादुर वॉरियर था। और दारा को जंगों का कोई एक्सपीरियंस नहीं था। अब दारा एक बार
21:40
Speaker A
फिर औरंगजेब की चाल में बुरी तरह फंस गया था। [संगीत] और आखिरकार जिस दोस्त के घर में वो छुपा था उसी दोस्त ने दारा को औरंगजेब के हवाले कर दिया। दारा शिखो मेरे घर पर है। औरंगजेब ने दारा को एक गंदे से हाथी पर
21:55
Speaker A
बांधकर [संगीत] पूरे दिल्ली के सड़कों में जलील करवाया। [संगीत] और फिर अपने अब्बू शाहजहां के पास एक गिफ्ट बॉक्स भेजा। शाहजहां ने जैसे ही वो खोला तो उसमें दारा का कटा हुआ सर पड़ा था। अपने सबसे प्यारे बेटे का सर इस हालत में
22:14
Speaker A
देखकर शाहजहां एकदम गिर कर बेहोश हो गया। औरंगजेब इस पूरी एंपायर को एक मैसेज देना चाहता था कि जिस दारा को औरंगजेब को मारने के लिए भेजा था अब वो नहीं रहा और इस पूरी एंपायर का नया बादशाह औरंगजेब बन गया।
22:32
Speaker A
[संगीत] जिसे एक नया टाइटल मिला औरंगजेब आलमगीर पूरी दुनिया को फतह करने वाला। [संगीत] औरंगजेब ने आते ही महल की अय्याशियों पर जो बहुत ज्यादा पैसा लगता था उसे बिल्कुल खत्म कर दिया। इससे पहले महल में म्यूजिक की बड़ी-बड़ी महफिलें होती
22:54
Speaker A
थी। जिसमें बड़े-बड़े मिनिस्टर्स गोल्ड से भरे हुए कपड़े पहन के आते थे। [संगीत] औरंगजेब ने इन पार्टियों को बिल्कुल बैन कर दिया और कहा कि आज के बाद सादगी होगी। इससे पहले बादशाह की बर्थडे पर उसको गोल्ड कॉइन से तोला जाता था। और फिर वो गोल्ड
23:18
Speaker A
लोगों में बांटा जाता था। ये भी औरंगजेब ने खत्म कर दिया। इन सिंपल वर्ड्स जो पैसा फालतू अय्याशियों में खर्च हो रहा था वो औरंगजेब ने बचाकर शाही खजाने में जमा करा दिया। अब औरंगजेब को पता चला कि आवाम पर 80 से
23:36
Speaker A
ज्यादा ऐसे अजीब-अजीब टैक्स लगाए गए जिससे सिर्फ आवाम पर ही बोझ बढ़ रहा है। और उसका कोई फायदा नहीं है। मतलब जानवरों के घास खाने पर टैक्स। कश्ती में इधर से उधर जाने पर टैक्स। यहां तक कि नॉन मुस्लिम्स पर नदी में
23:53
Speaker A
नहाने का भी टैक्स और ऐसे बहुत ही अजीब-अजीब टैक्सेस को औरंगजेब ने आते ही खत्म कर दिया और सिर्फ एक ही टैक्स लगाया जिजिया टैक्स वो भी इतने स्ट्रिक्ट कंडीशन के साथ कि बच्चे बूढ़े औरतें गरीब माजूर हिंदू
24:13
Speaker A
ब्राह्मण और इवन वो लोग जो औरंगजेब के साथ गवर्नमेंट में काम कर रहे थे वो भी ये टैक्स नहीं देते। दे थे। हम टैक्स क्यों दें भाई?
24:21
Speaker A
असल में इस्लाम में जजिया टैक्स पहली बार जंग तबूक के बाद लगाया गया था। जिसका सिर्फ एक ही मकसद था नॉन मुस्लिम्स को मुकम्मल प्रोटेक्शन देना। ताकि सिर्फ मुसलमान ही जंग लड़े और नॉन मुस्लिम सुकून से रहे और बाहर के हमलों से
24:38
Speaker A
भी मुसलमान ही उन्हें बचाए। [संगीत] इसी तरह औरंगजेब ने पूरी इस्लामी दुनिया से 500 टॉप स्कॉलर्स को जमा किया और इस्लाम की तारीख की सबसे बड़ी कानून की किताब लिखी जिसके 30 वॉल्यूम्स थे और ये किताब इतनी अच्छी तरह लिखी गई थी कि आज भी
24:58
Speaker A
हमारे जजेस इसी बुक से फैसला करते हैं। आलमगिरी के तहत यह फैसला हुआ। अब औरंगजेब की इन्हीं पॉलिसीज की वजह से आम आदमी बहुत ज्यादा अमीर हो गया और ये एंपायर दुनिया की रिचेस्ट एंपायर बन गई। अब क्वेश्चन ये
25:13
Speaker A
है कि औरंगजेब जालिम था या जीनियस? इसमें दो साइड्स हैं। एक कहते हैं कि औरंगजेब बहुत ही जालिम इंसान था। जो भी उसके रास्ते पे आता था उसे क्रश कर देता था। और दूसरी साइड कहती है कि औरंगजेब
25:28
Speaker A
बहुत ही जीनियस और नेक बंदा था। जिसने हिंदुस्तान को दुनिया की सबसे पावरफुल एंपायर बनाया। औरंगजेब अगर इतना ही नेक बंदा था तो उसने अपने भाइयों को क्यों मारा?
25:40
Speaker A
और अपने बूढ़े बाप को जेल में क्यों डाला? ये सिर्फ औरंगजेब ने नहीं किया था। बल्कि इससे पहले हर बड़ी अंपायर में ऐसा ही होता था। क्या बोला? क्योंकि भाइयों को जिंदा रखने का मतलब था बगावत। और दारा ने भी इतनी बड़ी जंग औरंगजेब को
26:02
Speaker A
फूल देने के लिए नहीं बल्कि मारने के लिए लड़ी थी। चलो भाइयों को तो खत्म करने की समझ आती है। उसने मंदिरों को क्यों तोड़ा?
26:10
Speaker A
हालांकि वो तो इबादत की जगह है। इस्लाम में तो इसकी बिल्कुल इजाजत नहीं है। औरंगजेब का बादशाह बनते ही अगर हम पहला फरमान देखें तो उसमें क्लियरली लिखा है कि मुझे पता चला है कि बनारस के हिंदुओं के
26:23
Speaker A
साथ जुल्म हो रहा है। इनको कोई कुछ नहीं कहेगा। इनको फुल आजादी होगी इबादत करने की। इवन उनको जमीनें भी दी गई मंदिर और स्कूल्स बनाने के लिए। आई रिपीट माय क्वेश्चन। उसने मंदिर क्यों तोड़े? असल में औरंगजेब ने मंदिरों को नहीं
26:44
Speaker A
तोड़ा। उसने उन बिल्डिंग्स को तोड़ने का आर्डर दिया था जहां से बगावतें होती थी। [संगीत] तो फिर वो हिंदुओं के इतने खिलाफ क्यों था?
26:54
Speaker A
यह बात बिल्कुल गलत है। हिंदुस्तान की तारीख में किसी मुसलमान बादशाह के कैबिनेट में इतने हिंदू मिनिस्टर्स नहीं थे जितने औरंगजेब के कैबिनेट में थे। 31% से ज्यादा हिंदू उसके मिनिस्टर्स थे और तकरीबन 50% से ज्यादा हिंदू उसके
27:12
Speaker A
गवर्नमेंट में काम करते थे। [संगीत] इवन जो जंगे हिंदुओं के खिलाफ हुई है वो भी औरंगजेब के हिंदू जनरल्स ने लड़ी थी। [संगीत] और सबसे इंटरेस्टिंग बात ये है कि औरंगजेब के टाइम में दुनिया का रिचेस्ट बंदा एक
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Speaker A
हिंदू बिजनेसमैन था जिसका नाम था विजी वारा। औरंगजेब की एक जंग को सबसे ज्यादा फाइनेंशियल सपोर्ट भी इसी हिंदू बिजनेसमैन ने किया था। तो ऐसी कोई बात नहीं है कि औरंगजेब हिंदुओं के खिलाफ था। अच्छा अगर आप जो कह रहे हैं वो सच है तो औरंगजेब
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Speaker A
इतना बदनाम क्यों है? इसका सिर्फ एक ही आंसर है। द ब्रिटिश एंपायर [गला साफ़ करने की आवाज़] वी श नेवर सरेंडर। ब्रिटिश एंपायर ने जब हिंदुस्तान को अपने कंट्रोल में लिया तो उनको पता था कि ना तो हमारे पास इतनी बड़ी फौज है [संगीत]
28:05
Speaker A
और ना ही हमारे पास इतनी ताकत है। [संगीत] तो उनके पास हिंदुस्तान पर राज करने का सिर्फ एक ही रास्ता था डिवाइड एंड रूल। तो उन्होंने हिंदुओं और मुसलमानों को आपस में लड़ाना शुरू किया और पहली बार एक नई
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Speaker A
हिस्ट्री लिखनी शुरू की जिसमें मुसलमान बादशाहों को हिंदुओं का सबसे बड़ा दुश्मन बना दिया। [संगीत] स्पेशली औरंगजेब आलमगीर को। अब जब हिंदू मुसलमान आपस में लड़ रहे थे, पीछे से अंग्रेजों ने बड़ी-बड़ी ट्रेंस बनाना शुरू किया। वी मस्ट पुश ऑन।
28:43
Speaker A
लोगों को लगा कि यह हमारे लिए कर रहे हैं। लेकिन असल में इन ट्रेंस का एक ही मकसद था हिंदुस्तान के माल को लूट कर वापस इंग्लैंड लेके जाना। वी रीच बॉम्बे बाय क्रिसमस। अंग्रेजों ने हिंदुस्तान को इतना लूटा,
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Speaker A
इतना लूटा [संगीत] औरंगजेब के दौर में हिंदुस्तान की इकॉनमी दुनिया की 25% थी। अब वो 4% पे आ गई [संगीत] थी। औरंगजेब आलमगीर ने यह सारा पैसा हिंदुस्तान पे लगाया था। जिससे आम लोगों की जिंदगी बेहतर [संगीत] हुई।
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Speaker A
दूसरी तरफ अंग्रेज ये सारा पैसा यहां से लेकर चले गए थे जिससे बड़े-बड़े कैद आए थे और करोड़ों लोग सिर्फ भूख से मरे थे। इस आर्टिकल में एक अंग्रेज ने लिखा है कि ब्रिटिश एंपायर ने हिंदुस्तान में सिर्फ
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Speaker A
40 साल में 17 करोड़ लोगों को सिर्फ भूख की वजह से मारा था। [संगीत] क्योंकि वो यहां की सारी फसल को जबरदस्ती इंग्लैंड लेके जाते थे। औरंगजेब आलमगीर के टाइम पे हिंदुस्तान दुनिया के सबसे बड़ा कपड़ा बनाने वाला मुल्क था। [संगीत]
29:53
Speaker A
और जब अंग्रेज यहां आए तो वो ये सारा माल अपने मुल्क ले गए। वहां अपनी फैक्ट्रीज में कपड़े बना के वापस इन्हीं हिंदुस्तान के लोगों को बेचने लगे। जिससे यहां की फैक्ट्रीज बंद हो गई। मतलब ब्रिटिश एंपायर ने हिंदू और मुसलमान
30:10
Speaker A
को लड़ाकर हिंदुस्तान को इतना लूटा कि अगर आज भी हम पाकिस्तान, इंडिया और बांग्लादेश के पैसों को इकट्ठा करें तो वो सिर्फ दुनिया के पैसों के 4% बनते हैं। [संगीत] हालांकि औरंगजेब आलमगीर के दौर में हिंदुस्तान की इकॉनमी दुनिया की 25% थी।
30:30
Speaker A
जो आज पूरी दुनिया में अमेरिका की इकॉनमी है। [संगीत] ब्रिटिश एंपायर की इस बदनामी की वजह से हिंदू मुसलमान एक दूसरों के इतने खिलाफ हुए कि आज इंडिया में एक मुसलमान मिनिस्टर भी नहीं है। हालांकि औरंगजेब की गवर्नमेंट में 50% हिंदू थे।
30:50
Speaker A
औरंगजेब आलमगीर की इतनी बड़ी एंपायर टूटी कैसे? सब्सक्राइब।
Topics:औरंगजेब आलमगीरमुगल साम्राज्यदारा शिकोहशाहजहांअकबरहिंदुस्तान इतिहाससत्ता संघर्षमुगल युद्धताज महलमुगल शासन

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