सूरह फलक के पीछे का इतिहास, काले जादू का असर और कुरान की गहराई पर आधारित एक विस्तृत व्याख्या।
Key Takeaways
- सूरह फलक का नाजिल होना मक्का के मुशरिकों की विरोधी गतिविधियों के संदर्भ में हुआ।
- काले जादू ने नबी पर असर डाला लेकिन उनकी नबूवत सुरक्षित रही।
- सूरह फलक मानसिक और आध्यात्मिक सुरक्षा प्रदान करती है।
- इस्लामिक इतिहास में जादू के प्रभाव को स्वीकार किया गया है पर उसका असर सीमित था।
- कुरान की गहराई और रूहानी शक्ति को समझना आवश्यक है।
What the video covers
- वीडियो में सूरह फलक के नाजिल होने के पीछे का ऐतिहासिक और धार्मिक संदर्भ बताया गया है।
- मोहम्मद पर काले जादू के प्रभाव और उसकी वजह से उनके अनुभवों का वर्णन किया गया है।
- खैबर के यहूदियों और लबीद बिन आसिम के जादूगर की भूमिका का विस्तार से उल्लेख है।
- सूरह फलक को ओवरथिंकिंग और एंजायटी के इलाज के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
- मक्का और मदीना के बीच हुए सुलेह हुबिया और जंग के बाद की स्थिति का वर्णन।
- काले जादू के प्रभाव के बावजूद नबी की नबूवत और रिसालत की सुरक्षा पर जोर।
- सूरह फलक और सूर नास के महत्व और उनके द्वारा जादू के गांठों को खोलने की प्रक्रिया।
- इस्लामिक इतिहास और हदीस की किताबों में जादू के प्रभाव और उसके सीमित प्रभाव का विश्लेषण।
- नबी के ऊपर जादू के असर से उत्पन्न मानसिक बेचैनी और एंजायटी की तुलना।
- वीडियो में कुरान की गहराई और उसकी रूहानी ताकत पर विशेष ध्यान दिया गया है।
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Speaker A
यह बात है कुरान की। यह कोई कुरान नहीं है। यह मोहम्मद का गढ़ा हुआ कलाम है। झूठा कलाम। हमारी हर तरकीब नाकाम हो गई। अरब की हर तलवार खरीदी। हर सरदार को खामोश किया। पैसा पानी की तरह बहाया। लेकिन जंगे खंदक ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। आप फिक्र ना कीजिए। इस बार मोहम्मद के जिस्म पर नहीं बल्कि आपकी रूह पर वार किया जाएगा। तुम्हारा मतलब काले जादू का इस्तेमाल? जी बिल्कुल। बेहतरीन ख्याल है। अब इसके अलावा और कोई रास्ता भी नहीं। ये बात है उस इंसान की जिसने अल्लाह के नबी पर जादू किया। खैबर के यहूदी चाहते हैं कि नबी पर जादू किया जाए। नबी के बालों का इंतजाम करो। फिर देखना मेरे जादू से आपको आपका अल्लाह भी नहीं बचा सकेगा। लोग कहते हैं कि अहमद से अल्लाह बात करता है। मैंने भी यही सुना है। अच्छा है। आपके अल्लाह को भी पता चल जाएगा कि मैं वो बला हूं जिसकी फूंक इंसान को राख में बदल देती है। ये बात है उस सवाल की जो आज भी हमारे बीच जिंदा है। अगर हम यह कुरान किसी पहाड़ पर नाजिल करते तो तुम इसको देखते कि अल्लाह के खौफ से दबा और फटा जाता है। यह लॉजिक समझ नहीं आता। जब अल्लाह के नबी ने कुरान का वो बोझ उठा लिया जो पहाड़ तोड़ देता। हम फिर आप पर जादू कैसे हो सकता है? कुरान रूह की ताकत है और जादू जिस्म का इम्तिहान हम मेरे भाई कुरान की गहराई में उतरेगा तो जवाब मिल जाएगा। ये बात है सुबह के रब की। ये बात है सूर फलक की। कुल [गाना गाने की आवाज़][संगीत] रब फलक सूर इलास यानी कुल अल्लाहु अहद अगर अल्लाह की पहचान है तो सूर फलक ओवरथिंकिंग और एंजायटी का इलाज है। हम कब तक रेंट पर रहेंगे? साल प्रमोशन मुश्किल लग रहा है। बेटा अस्पताल का बिल भी बना। कब तक महीना यूं ही आ जाता है। अस्पताल का बिल भी बचपन से बचपन तक हम सब ने इस सूरत को ना जाने कितनी बार पढ़ा है। लेकिन अफसोस हम में से बहुत थोड़े हैं जिन्होंने इसे समझा है। क्या है सूरह फलक के नाजिल होने के पीछे का वाकया और यह सूर हमें ऐसा कौन सा लिटमस टेस्ट सिखाती है जिससे [संगीत] हम बड़ी आसानी से पता कर सकते हैं कि कहीं जाने अनजाने हम अल्लाह के बताए रास्ते की जगह शैतान के रास्ते पर तो नहीं। और किस तरह अल्लाह सुभाना ताला की प्रोटेक्शन होने के बावजूद भी नबी-ए पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के ऊपर काले जादू ने अपना असर दिखा दिया और सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट 1400 साल पुरानी इस सूरत का क्या काम है आज हमारी जिंदगी में इन सब सवालों के जवाब जानेंगे इस वीडियो में कुलब रब फलक श [गाना गाने की आवाज़] खलक व शस [गाना गाने की आवाज़] स्कॉलर्स कहते हैं कि सूर फलक मक्का के उस दौर में नाजिल हुई जब आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सूर काफिरून को पढ़कर मक्का के मुशरिकों को मक्का के सरदारों को साफ बता दिया कि अब कोई डील अब कोई सौदेबाजी नहीं होगी। कह दो कि ए काफिरों तुम्हारे लिए तुम्हारा रास्ता मेरे लिए मेरा रास्ता। और इसके बाद ये सारे के सारे मुशरिक खुलेआम आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की मुखालिफत करने लगे। हमारी तमाम कोशिशें नाकाम कर दी मोहम्मद ने। मोहम्मद और उनके मानने वालों का हुक्का पानी बंद करवा दो। अब आपके कत्ल के अलावा कोई और रास्ता नहीं। और इसके लिए हम हर कबीले के मजबूत नौजवान चुन लेते हैं। ताकि किसी एक पर इल्जाम ना आए। लेकिन जनरली आमतौर पर बहुत सारे मुसलमान ये समझते हैं, ये यकीन करते हैं कि ये सूरत मदीना में नाजिल हुई और उस वक्त नाजिल हुई जब आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के ऊपर जादू किया गया। ये बात असल में सात हिजरी की है। [संगीत] मुसलमानों को मक्का से मदीना हिजरत किए हुए यानी माइग्रेट किए हुए एक अरसा गुजर चुका था। [हंसी] जंगे बदर की धूप, [संगीत] ओहद का गम और जंगे खंदक की मुश्किलें ये सब गुजरे कल के किस्से बन चुके थे। [संगीत] सुलेह हुबिया को हुए करीब दो साल गुजर चुके थे। सुलेह हुबिया यानी मक्का और मदीना के मुसलमानों के बीच में एक एग्रीमेंट कि भाई अगले 10 साल [संगीत] तक अब कोई जंग नहीं होगी। या हबीब अल्लाह कुरैश ने शर्तें मंजूर कर ली हैं। उन्होंने लिखा है 10 साल तक ना हम आपको नुकसान पहुंचाएंगे ना आप। लेकिन अगर किसी मुसलमान से किसी मक्का वाले को एक खरोच भी लग गई तो उसी लम्हे यह मुआदा खत्म कर दिया जाएगा। ये क्या बात हुई? और कुरैश भी इस बात के पाबंद रहेंगे। और इसी वजह से जंग के मैदान खामोश पड़े थे। तलवारें मयान में वापस जा चुकी [संगीत] थी। मदीना की हवा में एक सुकून था। मगर यह सिर्फ तूफान से पहले की खामोशी थी। आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का मुकाबला अब काले जादू के उन सायों से होने वाला था जो दीवारों के पीछे बैठे सांस ले रहे थे। लबीद बिन आसिम अरेबिया का सबसे बड़ा जादूगर एक ऐसा आदमी जिसने सिर्फ तीन अशरफियों के लालच में खैबर के यहूदियों के साथ मिलकर नबी-ए पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर जादू करने का सौदा कर लिया था। उम्मीद है कि आप हमारा काम कर पाएंगे। थोड़ा वक्त दीजिए आपका काम हो जाएगा। मैं वो बला हूं जो भूख से इंसान को राख कर देता हूं। लाजवाब। ये यहूदी समझ चुके थे कि आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को दिन की रोशनी में हराना नामुमकिन है। और इसी वजह से इन्होंने लबीद बिन आसिम का सहारा लिया। किताबों में यह भी [संगीत] मेंशन है कि लबीद अकेला नहीं था बल्कि उसकी बेटियां या उसकी बीवियां उसके साथ इस गुनाह में शामिल थीं। इन औरतों को नबी पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की कंघी और कुछ मुबारक बाल एक यहूदी लड़के की मदद से मिल गए थे। यहूदी लड़का असल में नबी-ए पाक के यहां काम करता था और कुछ सिक्कों के लालच में इसने आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की कंघी [संगीत] इनके हवाले कर दी थी। कंघी और बाल मिलने के बाद इन औरतों ने आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर जादू करना शुरू कर दिया। इस्लामिक हिस्ट्री की किताबों में यह बात क्लियरली मेंशन है कि लबीद कुछ तिलिस्म पढ़ता चला जाता और आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बाल पर गांठ बांधकर फूंकता चला जाता और इस तरह लबीद बिन आसिम ने मुबारक बाल पर 11 नॉट्स लगाई और फिर उन पर 11 बार कोई तिलस्म पढ़कर फूंकाला और फिर उसी काली सिया रात में लबीद ने [संगीत] कंघी और गांठ लगे बालों को एक भारी पत्थर के साथ बांधकर बिर्रे जरवान नाम के एक वीरान कुएं में फेंक दिया। मोहम्मद अब आपका अल्लाह भी आपको बचा नहीं पाएगा। यह लबीद का जादू है जिसकी भूख इंसान को राख कर देती है। कुछ जगह यह भी मेंशन है कि इसमें एक मोम का पुतला भी था जिसमें [संगीत] सुइयां चुबी हुई थीं और उस कुएं का पानी इतना गहरा था कि उसके अंदर दिन की रोशनी का जाना नामुमकिन था। [संगीत] धीरे-धीरे वक्त गुजरता चला गया। आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के ऊपर इस जादू का मुकम्मल असर होने में तकरीबन एक साल का वक्त लग गया। इस जादू का असर आप पर कुछ यूं हुआ कि आप हर वक्त अपने ऊपर एक बोझ सा महसूस करते। आपको ऐसा लगता कि आपने कोई काम कर लिया है। फिर रियलाइज [संगीत] होता कि नहीं किया है। तबीयत में हर वक्त [संगीत] एक बेचैनी एक परेशानी सी शामिल रहती। और यह जादू आपकी पर्सनल लाइफ को बहुत ज्यादा इफेक्ट कर रहा था। यानी दीन के किसी काम पर [संगीत] इस जादू का कोई असर नहीं पड़ा। क्योंकि हिस्ट्री की किसी किताब में हदीस की किसी किताब में हमें कोई रिवायत नहीं मिलती। कोई ऐसा एविडेंस नहीं मिलता जिससे ये बात पता चले कि आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पे जादू का इतना असर हो गया कि आपने किसी दिन कुरान गलत पढ़ दिया हो या आप नमाज पढ़ना भूल गए हो। हो या आपने किसी सूरह का मतलब गलत बता दिया हो। नहीं बिल्कुल भी ऐसा नहीं हुआ क्योंकि अगर ऐसा होता तो पूरे अरेबिया के अंदर धूम मच जाती। एक हंगामा खड़ा हो जाता। [संगीत] ये मुशरिक इल्जाम लगाते कहते कि आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को कोई ताकत ना हरा सकी। लेकिन एक [संगीत] जादूगर के काले जादू ने आपको हरा दिया और वो भी असर इस दर्जे में नहीं हुआ कि जिससे आपकी किस्मत मजरू हो जाए और गैर मोहतबर हो जाए। इसलिए कि उसका किसी और को तो पता ही नहीं चला। अल्लाह ताला ने इस जादू के असर से भी जो आपका फज़ मंसबी है आपके नबूवत और रिसालत के जो पहलू हैं उनको महफूज़ रखा है उस जमाने में भी उस दौर में भी जब आप पर ये जादू का असर था। हालांकि स्कॉलर्स ये बात मेंशन भी करते हैं और बाकी सहाबाओं ने भी महसूस किया [संगीत] कि धीरे-धीरे धीरे-धीरे आप घुलते चले जा रहे थे। कैसे एंजायटी और डिप्रेशन में इंसान हर वक्त किसी ना किसी सोच में मस्त रहता है। ना खाने का होश रहता है ना पीने का होश रहता है। हर वक्त एक बेचैनी तबीयत पर छाई रहती है। [संगीत] बिल्कुल वही हाल आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का था। और फिर एक रोज आप हजरत आयशा रदी अल्लाह ताला अन्हा के घर आराम फरमा रहे थे। [संगीत] क्या आपने रात को ख्वाब में दो फरिश्तों को देखा जो एक दूसरे से इंसानी शक्ल में बात कर रहे थे? आपको क्या हुआ है? आप पर जादू किया गया है। किस चीज पर किया गया है? जादू आपकी कंघी और बालों पर किया गया है और वो कंघी जरवान के कुएं में एक भारी पत्थर के नीचे दबाई गई है। अब हमें क्या करना चाहिए? कुएं की तह से कंघी और बालों को निकाल लेना चाहिए। सुबह नींद से बेदार होने पर आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम समझ गए कि यह अल्लाह सुभाना ताला की तरफ से उनके लिए एक मैसेज था। आपने सहाबाओं को साथ लिया। आप उस कुएं पर गए और वहां पत्थर के नीचे से वो शहर का वो मैजिक का सामान निकाला गया। [संगीत] और यह वो मौका था जब जिब्रील अल सलाम ने आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को खबर दी कि इस बाल पर 11 नोट्स यानी 11 गांठें बंधी हुई हैं। आप सूर फलक और सूर नास पढ़ते जाइए और इन गांठों को खोलते चले ज...
Speaker A
ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। आप फिक्र ना कीजिए। इस बार मोहम्मद के जिस्म पर नहीं बल्कि आपकी रूह पर वार किया जाएगा। तुम्हारा मतलब काले जादू का इस्तेमाल?
Speaker A
जी बिल्कुल। बेहतरीन ख्याल है। अब इसके अलावा और कोई रास्ता भी नहीं। ये बात है उस इंसान की जिसने अल्लाह के नबी पर जादू किया। खैबर के यहूदी चाहते हैं कि नबी पर जादू किया जाए। नबी के बालों का इंतजाम करो। फिर देखना
Speaker A
मेरे जादू से आपको आपका अल्लाह भी नहीं बचा सकेगा। लोग कहते हैं कि अहमद से अल्लाह बात करता है। मैंने भी यही सुना है। अच्छा है। आपके अल्लाह को भी पता चल जाएगा कि मैं वो बला हूं जिसकी फूंक इंसान को
Speaker A
राख में बदल देती है। ये बात है उस सवाल की जो आज भी हमारे बीच जिंदा है। अगर हम यह कुरान किसी पहाड़ पर नाजिल करते तो तुम इसको देखते कि अल्लाह के खौफ से दबा और फटा जाता है।
Speaker A
यह लॉजिक समझ नहीं आता। जब अल्लाह के नबी ने कुरान का वो बोझ उठा लिया जो पहाड़ तोड़ देता। हम फिर आप पर जादू कैसे हो सकता है?
Speaker A
कुरान रूह की ताकत है और जादू जिस्म का इम्तिहान हम मेरे भाई कुरान की गहराई में उतरेगा तो जवाब मिल जाएगा। ये बात है सुबह के रब की। ये बात है सूर फलक की। कुल [गाना गाने की आवाज़][संगीत]
Speaker A
रब फलक सूर इलास यानी कुल अल्लाहु अहद अगर अल्लाह की पहचान है तो सूर फलक ओवरथिंकिंग और ए्जायटी का इलाज है। हम कब तक रेंट पर रहेंगे?
Speaker A
साल प्रमोशन मुश्किल लग रहा है। बेटा अस्पताल का बिल भी बना। कब तक महीना यूं ही आ जाता है। अस्पताल का बिल भी बचपन से बचपन तक हम सब ने इस सूरत को ना जाने कितनी बार पढ़ा है। लेकिन अफसोस हम
Speaker A
में से बहुत थोड़े हैं जिन्होंने इसे समझा है। क्या है सूरह फलक के नादिल होने के पीछे का वाकया और यह सूर हमें ऐसा कौन सा लिटमस टेस्ट सिखाती है जिससे [संगीत] हम बड़ी आसानी से पता कर सकते हैं कि कहीं
Speaker A
जाने अनजाने हम अल्लाह के बताए रास्ते की जगह शैतान के रास्ते पर तो नहीं। और किस तरह अल्लाह सुभाना ताला की प्रोटेक्शन होने के बावजूद भी नबी-ए पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के ऊपर काले जादू ने अपना असर दिखा दिया
Speaker A
और सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट 1400 साल पुरानी इस सूरत का क्या काम है आज हमारी जिंदगी में इन सब सवालों के जवाब जानेंगे इस वीडियो में कुलब रब फलक श [गाना गाने की आवाज़] खलक व शस [गाना गाने की आवाज़]
Speaker A
स्कॉलर्स कहते हैं कि सूर फलक मक्का के उस दौर में नाजिल हुई जब आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सूर काफिरून को पढ़कर मक्का के मुशरिकों को मक्का के सरदारों को साफ बता दिया कि अब कोई डील अब कोई सौदेबाजी नहीं
Speaker A
होगी। कह दो कि ए काफिरों तुम्हारे लिए तुम्हारा रास्ता मेरे लिए मेरा रास्ता। और इसके बाद ये सारे के सारे मुशरिक खुलेआम आप सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम की मुखालिफत करने लगे। हमारी तमाम कोशिशें नाकाम कर दी मोहम्मद ने। मोहम्मद और उनके मानने वालों का हुक्का
Speaker A
पानी बंद करवा दो। अब आपके कत्ल के अलावा कोई और रास्ता नहीं। और इसके लिए हम हर कबीले के मजबूत नौजवान चुन लेते हैं। ताकि किसी एक पर इल्जाम ना आए। लेकिन जनरली आमतौर पर बहुत सारे मुसलमान ये समझते हैं, ये यकीन करते हैं कि ये
Speaker A
सूरत मदीना में नाजिल हुई और उस वक्त नाजिल हुई जब आप सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम के ऊपर जादू किया गया। ये बात असल में सात हिजरी की है। [संगीत] मुसलमानों को मक्का से मदीना हिजरत किए हुए यानी माइग्रेट किए हुए एक अरसा गुजर
Speaker A
चुका था। [हंसी] जंगे बदर की धूप, [संगीत] ओहद का गम और जंगे खंदक की मुश्किलें ये सब गुजरे कल के किस्से बन चुके थे। [संगीत] सुलेह हुबिया को हुए करीब दो साल गुजर चुके थे। सुलेह हुबिया यानी मक्का और
Speaker A
मदीना के मुसलमानों के बीच में एक एग्रीमेंट कि भाई अगले 10 साल [संगीत] तक अब कोई जंग नहीं होगी। या हबीब अल्लाह कुरैश ने शर्तें मंजूर कर ली हैं। उन्होंने लिखा है 10 साल तक ना हम आपको नुकसान पहुंचाएंगे ना आप।
Speaker A
लेकिन अगर किसी मुसलमान से किसी मक्का वाले को एक खरोच भी लग गई तो उसी लम्हे यह मुआदा खत्म कर दिया जाएगा। ये क्या बात हुई? और कुरैश भी इस बात के पाबंद रहेंगे। और इसी वजह से जंग के मैदान खामोश पड़े
Speaker A
थे। तलवारें मयान में वापस जा चुकी [संगीत] थी। मदीना की हवा में एक सुकून था। मगर यह सिर्फ तूफान से पहले की खामोशी थी। आप सल्लल्लाहहु अलैह वसल्लम का मुकाबला अब काले जादू के उन सायों से होने वाला था जो दीवारों के पीछे बैठे सांस ले
Speaker A
रहे थे। लबीद बिन आसिम अरेबिया का सबसे बड़ा जादूगर एक ऐसा आदमी जिसने सिर्फ तीन अशरफियों के लालच में खैबर के यहूदियों के साथ मिलकर नबी-ए पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर जादू करने का सौदा कर लिया था। उम्मीद है कि आप हमारा काम कर पाएंगे।
Speaker A
थोड़ा वक्त दीजिए आपका काम हो जाएगा। मैं वो बला हूं जो भूख से इंसान को राख कर देता हूं। लाजवाब। ये यहूदी समझ चुके थे कि आप सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम को दिन की रोशनी में हराना नामुमकिन है। और इसी वजह से इन्होंने लबीद
Speaker A
बिन आसिम का सहारा लिया। किताबों में यह भी [संगीत] मेंशन है कि लबीद अकेला नहीं था बल्कि उसकी बेटियां या उसकी बीवियां उसके साथ इस गुनाह में शामिल थी। इन औरतों को नबी पाक सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम की कंघी और कुछ मुबारक बाल एक यहूदी लड़के की
Speaker A
मदद से मिल गए थे। यहूदी लड़का असल में नबी-ए पाक के यहां काम करता था और कुछ सिक्कों के लालच में इसने आप सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम की कंघी [संगीत] इनके हवाले कर दी थी। कंघी और बाल मिलने के बाद इन औरतों ने आप
Speaker A
सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम पर जादू करना शुरू कर दिया। इस्लामिक हिस्ट्री की किताबों में यह बात क्लियरली मेंशन है कि लबीद कुछ तिलिस्म पढ़ता चला जाता और आप सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम के बाल पर गांठ बांधकर फूंकता चला जाता और इस तरह लबीद बिन आसिम ने मुबारक
Speaker A
बाल पर 11 नॉट्स लगाई और फिर उन पर 11 बार कोई तिलस्म पढ़कर फूंकाला और फिर उसी काली सिया रात में लबीद ने [संगीत] कंघी और गांठ लगे बालों को एक भारी पत्थर के साथ बांधकर बिर्रे जरवान नाम के एक वीरान कुएं में फेंक दिया।
Speaker A
मोहम्मद अब आपका अल्लाह भी आपको बचा नहीं पाएगा। यह लबीत का जादू है जिसकी भूख इंसान को राख कर देती है। कुछ जगह यह भी मेंशन है कि इसमें एक मोम का पुतला भी था जिसमें [संगीत] सुइयां चुबी हुई थी और उस कुएं का पानी
Speaker A
इतना गहरा था कि उसके अंदर दिन की रोशनी का जाना नामुमकिन था। [संगीत] धीरेधीरे वक्त गुजरता चला गया। आप सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम के ऊपर इस जादू का मुकम्मल असर होने में तकरीबन एक साल का वक्त लग गया। इस जादू का असर आप पर कुछ
Speaker A
यूं हुआ कि आप हर वक्त अपने ऊपर एक बोझ सा महसूस करते। आपको ऐसा लगता कि आपने कोई काम कर लिया है। फिर रियलाइज [संगीत] होता कि नहीं किया है। तबीयत में हर वक्त [संगीत] एक बेचैनी एक परेशानी सी शामिल रहती। और यह जादू आपकी
Speaker A
पर्सनल लाइफ को बहुत ज्यादा इफेक्ट कर रहा था। यानी दीन के किसी काम पर [संगीत] इस जादू का कोई असर नहीं पड़ा। क्योंकि हिस्ट्री की किसी किताब में हदीस की किसी किताब में हमें कोई रिवायत नहीं मिलती। कोई ऐसा
Speaker A
एविडेंस नहीं मिलता जिससे ये बात पता चले के आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पे जादू का इतना असर हो गया कि आपने किसी दिन कुरान गलत पढ़ दिया हो या आप नमाज पढ़ना भूल गए हो। हो या आपने किसी सूर्य का मतलब गलत
Speaker A
बता दिया हो। नहीं बिल्कुल भी ऐसा नहीं हुआ क्योंकि अगर ऐसा होता तो पूरे अरेबिया के अंदर धूम मच जाती। एक हंगामा खड़ा हो जाता। [संगीत] ये मुशरिक इल्जाम लगाते कहते कि आप सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम को कोई ताकत ना हरा सकी। लेकिन एक [संगीत]
Speaker A
जादूगर के काले जादू ने आपको हरा दिया और वो भी असर इस दर्जे में नहीं हुआ कि जिससे आपकी किस्मत मजरू हो जाए और गैर मोहतबर हो जाए। इसलिए कि उसका किसी और को तो पता ही नहीं चला। अल्लाह ताला ने इस जादू के असर
Speaker A
से भी जो आपका फज़ मंसबी है आपके नबूवत और रिसालत के जो पहलू है उनको महफूज़ रखा है उस जमाने में भी उस दौर में भी जब आप पर ये जादू का असर था। हालांकि स्कॉलर्स ये बात मेंशन भी करते
Speaker A
हैं और बाकी सहाबाओं ने भी महसूस किया [संगीत] कि धीरे धीरे धीरे आप घुलते चले जा रहे थे। कैसे एंजायटी और डिप्रेशन में इंसान हर वक्त किसी ना किसी सोच में मुक्त रहता है। ना खाने का होश रहता है ना पीने
Speaker A
का होश रहता है। हर वक्त एक बेचैनी तबीयत पर तारी रहती है। [संगीत] बिल्कुल वही हाल आप सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम का था। और फिर एक रोज आप हजरत आयशा रदी अल्लाह ताला अन्हा के घर आराम फरमा रहे थे। [संगीत] क्या आपने रात को ख्वाब
Speaker A
में दो फरिश्तों को देखा जो एक दूसरे से इंसानी शक्ल में बात कर रहे थे?
Speaker A
आपको क्या हुआ है? आप पर जादू किया गया है। किस चीज पर किया गया है? जादू आपकी कंघी और बालों पर किया गया है और वो कंघी जरवान के कुएं में एक भारी पत्थर के नीचे दबाई गई है। अब हमें क्या करना चाहिए? कुएं की
Speaker A
तह से कंघी और बालों को निकाल लेना चाहिए। सुबह नींद से बेदार होने पर आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम समझ गए कि यह अल्लाह सुभाना ताला की तरफ से उनके लिए एक मैसेज था। आपने सहाबाओं को साथ लिया। आप उस कुएं पर गए और वहां पत्थर के नीचे
Speaker A
से वो शहर का वो मैजिक का सामान निकाला गया। [संगीत] और यह वो मौका था जब जिब्रील अल सलाम ने आप सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम को खबर दी कि इस बाल पर 11 नोट्स यानी 11 गांठे बंधी हुई हैं। आप सू फलक और सू नास पढ़ते जाइए
Speaker A
और इन गांठों को खोलते चले जाइए। ऐ पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहो कि मैं सुबह के मालिक की पनाह मांगता हूं हर चीज की बुराई से जो उसने पैदा की और गंडों पर पढ़पढ़ कर फूंकने वालियों की बुराई से
Speaker A
[गहरी सांस लेने की आवाज़] जब आप सू फलक और सू नास को साथ में देखेंगे तब आपको रियलाइज होगा कि इन दोनों में मिलाकर 11 आयतें हैं। आप सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम एक-एक गांठ को खोलते चले जाते और आयत को पढ़ते चले जाते और इस तरह
Speaker A
पूरे बाल [संगीत] से 11 गांठों को खोल दिया गया। जब सारी गांठे खुल गई, सारी नोट्स खुल गई तब आप सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम ने बिल्कुल ऐसा महसूस किया जैसे किसी ने आपको रस्सी में जकड़ा हुआ हो और अब आप अचानक से आजाद कर दिए गए हो।
Speaker A
अल्लाहहु्मा [संगीत][गाना गाने की आवाज़] सल्ल मुस्लिम स्कॉलर्स के अलावा इंटरनेशनल राइटर्स की किताबों में भी यह बात क्लियरली मेंशन है कि आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इस जादूगर को कुछ नहीं कहा बल्कि इसे आजाद कर दिया इसे जाने दिया और
Speaker A
सहाबाओं को भी हुक्म दिया कि वो इस जादूगर को कुछ ना कहेला सस [संगीत] [गाना गाने की आवाज़] मेरी फूंक किसी को क्या जलाती ए हबीबे अल्लाह मैं तो खुद अपने गुरूर की आग में जलकर खाक हो चुका हूं।
Speaker A
[गाना गाने की आवाज़] सल्ली और इस तरह से लोगों की अंडरस्टैंडिंग बन गई कि सूरत मदीना में नाजिल हुई है। और जब नाजिल की गई है जब आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर जादू किया गया। लेकिन ऐसा नहीं है। ये सूरत मक्का में नाजिल हुई। इस्लाम
Speaker A
के अर्ली फज़ में नाज़िल हुई। जब नाजिल हुई जब मुशरिकों ने आप सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम की खुलेआम मुखालिफत करना शुरू कर दिया। कहां है मोहम्मद का वो अल्लाह जिसे किसी ने नहीं देखा जो हमारे खुदाओं के सामने खड़े होने की जुर्रत कर सके।
Speaker A
तो ये था सूरह फलक के नाजिल होने के पीछे का पूरा वाकया। चलिए अब इस सूरत को समझते हैं सिनेमैटिक [संगीत] अंदाज में आसान तरीके से। लेकिन उससे पहले मैं आपको कुछ तस्वीरें दिखाना चाहता हूं। [संगीत] यह देखिए हमारी यह वीडियोस हर जगह
Speaker A
देखी जा रही हैं। बच्चे, बूढ़े, जवान इन वीडियोस से सीख रहे हैं। कई लोग नोट्स बना रहे हैं। कुछ लोग बकायदा पढ़ रहे हैं और पढ़ा रहे हैं। मैं बस कहना चाहता हूं शुक्रिया इस मोहब्बत के लिए। शुक्रिया इस
Speaker A
इज्जत के लिए। मेरा मकसद है कि मैं कुरान [संगीत] को इतने दिलकश और इतने आसान अंदाज से पेश करूं कि ये जो हमारे एजेंसी हैं, ये जो फिल्मों के शौकीन लोग हैं, ये [संगीत] सब कुरान में इंटरेस्ट ले सके।
Speaker A
इनके अंदर एक शौक पैदा हो कि खुद ये जाकर कुरान पढ़े। उसकी डीप स्टडी करें और अल्हम्दुलिल्लाह आप लोगों के सपोर्ट से यह पॉसिबल हो रहा है। आज बच्चे बच्ची की जुबान पर है कि ये [संगीत] बात है
Speaker A
कुरान की की कुरान की कुरान की ये बात है कुरान की इसके अलावा आपको खबर देनी थी कि हम यानी रियली मकतूब का चैनल [संगीत] एआई डिजिटल स्टोरी टेलिंग का नंबर वन चैनल में से एक है पूरे इंडिया में हम जैसा एआई कोई
Speaker A
क्रिएट नहीं कर रहा तो अगर आप [संगीत] मेरे इस मकसद में मुझे सपोर्ट करना चाहते हैं तो इस क्यूआर कोड को स्कैन करके आप मुझे सपोर्ट कर सकते हैं। मैं आप लोगों के लिए कुछ एक्सक्लूसिव कंटेंट बनाता हूं। और
Speaker A
आपके इस छोटे से सपोर्ट की कीमत सिर्फ और सिर्फ ₹4 पर डे है। यानी [संगीत] आपकी चाय की कीमत से भी बहुत कम। आपके इन ₹4 से मैं यह काम फुल टाइम कर सकता हूं और बेहतर और बढ़िया और जल्दी बहुत सारी
Speaker A
वीडियोस बना सकता हूं। चलिए [संगीत] अब इस सूरत को समझते हैं सिनेमैटिक अंदाज में आसान तरीके से। अबू अरवा वो सूरत तो सुनाओ जो नबी पर नाजिल हुई थी। क्यों नहीं?
Speaker A
रब फलक श खलक व शस [गाना गाने की आवाज़] इदा वब व शद व शस [गाना गाने की आवाज़] इदा हसद तो पहली आयत क्या है? कुल आउजू बि रबिल फलक कह दीजिए कि मैं पनाह लेता हूं सुबह
Speaker A
के रब की। जैसा कि हम पुरानी वीडियोस में समझ चुके हैं कि कुल एक कमांडिंग वर्ब है। यानी यह अल्लाह का हुक्म है। आप यहां पर ये पॉइंट नोट कर सकते हैं कि यह लफ्ज कुल पूरे कुरान मजीद में 332 [संगीत]
Speaker A
टाइम्स मेंशन हुआ है। ये अपने आप में एक बहुत बड़ा सबूत है कि जब आप सल्लल्लाहु अलैहि वाले वसल्लम से अल्लाह ने कहा कि कह दीजिए तो फिर आपने उस बात में ना कुछ घटाया ना कुछ बढ़ाया। एज इट इज उस बात को
Speaker A
अमानत समझा और बिल्कुल उसी तरह से लिखवा दिया। उसी तरह से कह दिया जिस तरह से अल्लाह ने आपको कहने का हुकुम दिया था। आउजू बिरबल फलक आउजू यानी पनाह लेना, रेफ्यूज लेना। जब हम इसे थोड़ा सा डीप में
Speaker A
स्टडी करते हैं तो हमें पता चलता है कि आउजू का मतलब सिर्फ पनाह लेना नहीं होता। बल्कि किसी के साए में चले जाना। जैसे बच्चा मां के सीने से लग जाता है। जब उसे डर लगता है, जब उसे किसी चीज का खौफ होता
Speaker A
है, तो वह अपनी मां की पनाह में चला जाता है। अपनी मां के सीने से लग जाता है। तो यह होता है आउजू यानी किसी ताकत से चिपक जाना। उसके साए में चले जाना यह सोचकर, यह महसूस कर कर कि अब मैं हिफाजत में रहूंगा।
Speaker A
रब यानी के वो जो पालता है जो ख्याल रखता है। और यह जो लफ्ज़ है ना फलक, यह बहुत इंपॉर्टेंट लफ्ज़ है। फलक के असल में दो मतलब होते हैं। पहला मतलब होता है सुबह जब रात बिल्कुल अपनी पीक पर होती है। और उसके
Speaker A
बाद जब पहली किरण आप देखते हैं ना जब पहली किरण जो जिसे हम डॉन कहते हैं इंग्लिश में उसे कहते हैं फलक। इस लफ्ज का दूसरा और बहुत डीप मतलब होता है किसी चीज को चीर कर बाहर निकलना। जैसे बीज जब वह फटता है तब
Speaker A
उसमें से पौधा निकल सकता है। जैसे अंडे का टूटना ताकि उसमें से जिंदगी बाहर आ सके। जैसे रात का फटना ताकि दिन निकल सके। ओवरऑल मतलब यह हुआ कि हर वो चीज जिसे देखकर आपको लगता है कि नहीं भाई इसको
Speaker A
क्रैक ओपन नहीं किया जा सकता। इसको खोला नहीं जा सकता। इसको फाड़ा नहीं जा सकता वो है फलक। जैसे रात को देखकर कोई नहीं कह सकता कि इस रात की चादर को चीर दिया जाएगा और फिर उसमें से रोशनी बाहर आएगी।
Speaker A
[संगीत] बिल्कुल उसी तरह जब मूसा अल सलाम ने समुंदर के अंदर अपनी लाठी को मारा तो समुंदर के दो टुकड़े हो गए। तो उस वक्त क्या हुआ? समुंदर ने फलक को एक्सपीरियंस किया। चाहते तो कह देते के सुबह का रब अल्लाह कह
Speaker A
देते रात का रब अल्लाह ये कह देते कायनात का रब लेकिन यहां पर फलक का लफ्ज ही क्यों इस्तेमाल किया गया है स्कॉलर्स कहते हैं कि दुनिया की तमाम बुराइयां डिप्रेशन हो एंजायटी हो चोरी हो डकैती हो और भी जितनी
Speaker A
भी बुराइयां है वो रात के अंधेरे से शुरू होती हैं और जैसेजैसे जैसे रात अपने उरूज को पहुंचती चली जाती है इंसान का खौफ बढ़ता चला जाता है लेकिन जब वो फलक को एक्सपीरियंस करता है यानी कि कि जब वो
Speaker A
रोशनी की पहली किरण को देखता है तब खौफ जरा कम हो जाता है। तब दिल जरा संभल जाता है। तो असल में क्या गहरा मतलब हुआ इस आयत का कि कहो कि मैं पनाह लेता हूं उस अल्लाह की उस ताकत की जो अंधेरे को चीर कर सुबह
Speaker A
करता है। दूसरी आयत मीन शर मा खलक। मीन मतलब होता है से फ्रॉम शर। शर मतलब होता है इविल यानी बुराई। खलक मतलब क्रिएशन यानी हर वो चीज जिसे अल्लाह ने पैदा किया है। अब यहां पर एक बड़ा जो बारीक सा पॉइंट
Speaker A
है जो बहुत इंपॉर्टेंट बात है समझने की वो यह है कि इस आयत के अंदर बुराई को अल्लाह के साथ एसोसिएट नहीं किया गया बल्कि उसकी बनाई हुई क्रिएशन के साथ किया गया है। बहुत सारे उलमा कहते हैं कि अल्लाह सुभाना
Speaker A
ताला की बनाई हर क्रिएशन में कुछ ना कुछ शर् मौजूद है। शर मा खलक इसके हवाले से बात वाज़ ये होती है कि दर हकीकत हर मखलूक में शर मौजूद है। यानी अल्लाह ने हर चीज को मासूम पैदा किया
Speaker A
है। किसी मकसद के लिए पैदा किया है। लेकिन गुजरते वक्त के साथ वो चीजें वो क्रिएशन इंसान के लिए एक दूसरे के लिए शर बन जाती है। बुराई बन जाती है। मेरा नाम ओपन हाइमर है। आई एम द फादर ऑफ द
Speaker A
एटॉमिक बॉम्ब। हमने एक ऐसी पावर बना दी है कि शायद अब हम सिर्फ इंसान नहीं रहे। हम मौत बन चुके हैं। वो डेथ जो पूरी दुनिया को खत्म कर सकती है। वर्ल्ड शेकिंग एक्सप्लोजन। यह नागासाकी में बम का विस्फोट था।
Speaker A
रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ही बम से लगभग 12,6,000 लोग मारे गए। हम इस आयत में कहते हैं या कह रहे हैं कि ऐ अल्लाह मुझे अपनी बनाई हुई क्रिएशन के शर्त से बचा लीजिए। तीसरी आयत है वन शस
Speaker A
और अंधेरी रात के शर से जब वो आ जाए। ये आयत असल में आगे आने वाली आयतों की एक मिसाल है। एक एग्जांपल है। यहां पर जो आप गासिकन का लफज़ देख रहे हैं, इसको असल में रात के लिए इस्तेमाल किया गया है। लेकिन
Speaker A
यहां सोचने वाली बात यह है कि अल्लाह सुभाना ताला ने रात के लिए गासिक का लफज़ ही क्यों इस्तेमाल किया? अल्लाह चाहते तो लैल का लफज़ भी इस्तेमाल कर सकते थे। लैल का मतलब भी रात होता है और कुरान मजीद में
Speaker A
कई मर्तबा लैल का लफज़ इस्तेमाल किया गया है और आपको जानकर यह ताज्जुब होगा पूरे कुरान मजीद के अंदर सिर्फ और सिर्फ एक बार गासिक का लफज़ इस्तेमाल हुआ है और वो भी बस इस आयत के अंदर हालांकि अगर अल्लाह सुभाना
Speaker A
ताला कहते रात लैल तो आयत कुछ इस तरह होती वन शब लेकिन उसके बावजूद भी अल्लाह सुान ताला ने एक नए लफज़ का इस्तेमाल किया के लफज़ का इस्तेमाल किया तो ऐसा क्यों किया अगर आप नोट करेंगे ना [संगीत] तो जब इंतहा अंधेरा
Speaker A
होता है ना तब इंसान अपने आप को सबसे ज्यादा कमजोर महसूस करता है। यहां तक के जहरीले जानवर भी रात को ही अपने बिलों से बाहर निकलते हैं। और इस्लामिक ट्रेडिशन के मुताबिक हम यह यकीन करते हैं कि जब रात
Speaker A
होती है यानी कि तकरीबन 6 या 7:00 बजे का वक्त होता है। उस वक्त सबसे ज्यादा जो सुपर नेचुरल पावर्स होती हैं, जैसे जिन्नात है, बुरी बलाएं हैं। वो सब अपने बिलों से निकल कर लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए निकल पड़ते हैं। और
Speaker A
जैसेजैसे जैसेजैसे रात और अंधेरी और काली और गासिक होती चली जाती है। वैसे-वैसे यह खतरा बढ़ता चला जाता है। इसीलिए आप सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम की हमें एक हदीस मिलती है कि जब शाम आ जाए, दिन ढल जाए तो
Speaker A
शयातीन हर तरफ फैल जाते हैं। इसीलिए अपने बच्चों को घरों में समेट लो। अपने जानवरों को बांध लो जब तक कि तारीकी खत्म ना हो जाए। दूसरा लफ्ज है वकब। वकब का लिटरल मतलब होता है किसी गड्ढे में पानी का
Speaker A
दाखिल होना और गायब हो जाना। स्कॉलर्स के अकॉर्डिंग अल्लाह सुभान ताला ने यहां वकब का लफ्ज इस वजह से इस्तेमाल किया है ताकि पढ़ने वाले को यह बात समझ में आ जाए कि अब आसमान के किसी कोने में अब कोई रोशनी का
Speaker A
नामोनिशान बाकी नहीं है। अंधेरा हर कोने में जा चुका है। पहुंच चुका है। तो क्या बात हुई इस पूरी आयत में के अल्लाह मैं पनाह मांगता हूं उस अंधेरी काली खौफनाक रात के शर से जब अंधेरा अपने पीक पर पहुंच
Speaker A
जाए। वन श नफासाती फ़ उकद और गांठों में यानी कि नोट्स में फूंक [संगीत] मारने वाली औरतों के शर से ये इस पूरी सूरत का बहुत ज्यादा अहम सेक्शन है। बहुत इंपॉर्टेंट पार्ट है क्योंकि इसके अंदर मैजिक की काले जादू की साइकोलॉजिकल
Speaker A
मैनपुलेशन की बात हो रही है। तो सबसे पहले नफा सात को समझते हैं कि वो क्या होता है। नफा सात का मतलब होता है फूंक मारना। इस तरह की फूंकें मारना जिसमें थूक शामिल ना हो। और औकत। औकत का मतलब होता है गांठे
Speaker A
बांधना, नॉट्स लगाना। यह असल में पूरी आयत उस टेक्निक की तरफ इशारा कर रही है जो जादूगर जनरली यूज़ करते हैं। जब किसी पे जादू करना होता है बालों पर, उनकी चीजों पर गांठे बांधते हैं। उसमें सुइयां चबाते
Speaker A
हैं और फिर इस तरह से उनका जादू काम करता है। तो इस आयत में क्या कहा गया? हम कह रहे हैं कि ऐ अल्लाह मैं पनाह लेता हूं आपकी हर उस छुपी हुई साजिश से और हर उस जादू के शर से जो मुझ पर हो रहा है या
Speaker A
होने वाला है। मुझे उन सब बुराइयों से बचा लीजिए। मैं कुछ लोगों को जानता हूं जो मुश्किल वक्त में जादूगरों के पास जाते हैं। जब आप किसी मैजिशियन का सहारा लेते हैं। उसी लम्हे आप अपना ईमान खो देते हैं।
Speaker A
अब बढ़ते हैं अपनी अगली और आखरी आयत की तरफ। वन शर हसन इजा हसद और पनाह मांगता हूं हसद करने वालों के शर से जब वो हसद करें। हसद यानी के एक ऐसी फीलिंग जब आपको महसूस होता है एक चिड़चिड़ाहट होती है
Speaker A
अंदर [संगीत] से कि जो सामने वाले को मिला है ना वो उसके लिए उसे डिर्व नहीं करता बल्कि ये चीज तो मुझे मिलनी चाहिए थी मैं ज्यादा डिर्विंग हूं उसे कहते हैं हसद और हासिद हासिद यानी वो जो हसद करता है अ
Speaker A
जेलस पर्सन और कुरान में भी कई मर्तबा हसद का एग्जांपल दी गई है जैसे दुनिया का पहला क्राइम जब काबील [संगीत] ने हाबल का कत्ल किया वो जेलेसी यानी हसद के चलते था इसीलिए आप सल्लल्लाहु अल वस वसल्लम की एक
Speaker A
हदीस हमें मिलती है जिसमें आपने कहा कि अपने आप को बार-बार बार-बार मॉनिटर करते रहो क्योंकि यह हसद आपकी नेकियों को ऐसे जलाकर राख कर देगी जैसे आग घास को जलाकर राख कर देती है और हसद की नजर आदमी को खा
Speaker A
जाती है और हासद का अल्लाह ने का इलाज कोई नहीं तो क्या कर काबा मुझसे पनाह मांगो मैंने चलिए अब एक बात जल्दी से इस पूरी आयत को समझ लेते हैं कि असल में इस पूरी आयत में बात हुई क्या है तो पहली आयत में अल्लाह
Speaker A
सुभाना ताला ने कहा कि कहो कि मैं पनाह लेता हूं। सेफ्टी में आता हूं उस रब की जो रात की चादर को चीर कर सुबह निकालता है। जो गुठलियों के बीचों को फाड़ कर पेड़ बनाता है। और पनाह लेता हूं उन चीजों के
Speaker A
शर से जो उसने बनाई है। और काली अंधेरी रात में होने वाले हर जुल्म से, हर बुराई से जो रात के अंधेरों में किए जाते हैं। और सेफ्टी चाहता हूं जादूगरों से, झाड़ फूंकने वालों से और सेफ्टी चाहता हूं उन
Speaker A
लोगों से जो हसद करते हैं या मुझसे हसद रखते हैं। लोगों अल्लाह ने आज मुझ पर दो ऐसी सूरत नाजिल की है जो पहले कभी नाजिल नहीं हुई। फिर नबी पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सूर अन्नास और सूर अल फलक की तिलावत
Speaker A
फरमाई। फलक चलिए अब उस सवाल पर आते हैं के आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब अल्लाह के नबी थे उसके बावजूद भी आप पर जादू कैसे [संगीत] हो गया? तो इस सवाल का जवाब यह है कि अल्लाह के नबी के साथ जो भी परेशानियां
Speaker A
थी जो भी इंसानों को परेशानियां होती है जैसे डिप्रेशन है, ए्जायटी है वो सब हुआ ताकि दुनिया उन्हें खुदा ना मान ले ताकि वो एक मिसाल बन सके पूरी दुनिया के लिए सारी कायनात के लिए। तो हुजूर सल्लल्लाहु
Speaker A
अलह वसल्लम पर भी यह हुआ है। बाकी मुख्तलिफ लोगों ने मुख्तलिफ तरीके से इसकी नफी की है। मजाक उड़ाया है। और मैं ये समझता हूं कि उससे इंकार करना दर हकीकत ये इस दौर के बड़े फितनों में से एक फितना
Speaker A
है। हर प्रॉब्लम का इलाज अल्लाह सुभाना ताला ने आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को बताया है। और उसी प्रॉब्लम का इलाज वही सूरतें हमारे लिए भी भेजी गई है। इसके अलावा दो बहुत इंपॉर्टेंट लेसन है जो सू फलक से हमें सीखने को मिलते हैं। आज का जो
Speaker A
हासिद है यानी जो जेलसी रखने वाला इंसान है ना वो घर के बाहर नहीं खड़ा हुआ बल्कि वो फोन की शक्ल में आपकी जेब में मौजूद [संगीत] है। आज मैं और आप एक ऐसी दुनिया में जी रहे हैं जहां सोशल मीडिया ने हमें
Speaker A
वॉयर बना दिया है। वॉयर यानी कि एक ऐसा इंसान जिसे दूसरों की जिंदगियों में झांकना बड़ा अच्छा [संगीत] लगता है। बड़े मजे आते हैं। और यही वजह है कि आज हम दूसरों की जिंदगी में झांक कर उनकी एडिटेड
Speaker A
फिल्टर्ड लाइफ को देखकर अपनी हकीकत से नफरत करने लगे हैं। सोशल मीडिया पर जो आप जिंदगी [संगीत] देखते हैं ना वो असल में समुंदर के खारे पानी की तरह है। आप जितना उसे पीते जाएंगे उतनी ज्यादा प्यास आपकी
Speaker A
बढ़ती चली जाएगी। इसीलिए अपनी ब्लेसिंग्स को, अपनी नेमतों को सबके सामने शो [संगीत] ना कीजिए बल्कि मोती की तरह उसे शेल में छुपा कर रखिए। दूसरा बहुत इंपॉर्टेंट लेसन ये हमें सिखाती है। जादूगर ने क्या किया?
Speaker A
उसने [संगीत] आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बालों पर गांठे लगाई और उन पर फूंक मारता रहा। बिल्कुल इसी तरह से आज शैतान हमारी इनसिक्योरिटीज को फूंक मारता है। कई बार होता है ना कि सारा घर सो गया लेकिन
Speaker A
आप जागे हुए हैं। एक अजीब फिक्र, [संगीत] एक अजीब तूफान आपके ज़हन में चल रहा है। लोग क्या कहेंगे अगर जॉब चली गई तो मेरे फ्यूचर का क्या होगा। फला को अब ये बात पता चल गई है ना। तो तुम देखना अब ऐसी नजर
Speaker A
लगेगी कि सब बर्बाद हो जाएगा। वो देखो कितना आगे बढ़ गया। मुझे देखो मैं [संगीत] कितना पीछे रह गया। यह मुझ पर क्या मुसीबत आ पड़ी है? क्या अल्लाह मुझसे नाराज है?
Speaker A
यह सब वो सारे उकद है, वह सारे नोट्स [संगीत] हैं जिन पर शैतान फूंके मारता है। ताकि हम डिप्रेशन और ए्जायटी का शिकार हो जाए। तो जब भी रात [संगीत] के अंधेरों में ख्याल आए ना तो उस अंधेरे कुएं को याद
Speaker A
कीजिएगा और याद कीजिएगा कि अल्लाह सुभाना ताला ने कहा है कि [संगीत] मांगो मुझसे पनाह। मैं हूं जो तुम्हें अंधेरों से निकाल कर रोशनी में ला सकता हूं। तो बस जब भी दिल घबराए चुपके से कह दीजिएगा कि
Speaker A
अल्लाह बड़ी टेंशन है तो आप संभाल लीजिए अब सब [संगीत] आपके हवाले और फिर अपनी नेमतों को काउंट करके जिंदगी में जो [संगीत] चीज चाहते हैं उसके लिए डबल मेहनत कीजिएगा। याद रखिए कभी-कभी बेइंतहा [संगीत] तकलीफ ना सिर्फ उस
Speaker A
मुस्कुराहट के लिए होती है जिसके आप हकदार हैं। बस थोड़ी सी हिम्मत [रोने की आवाज़] मुबारक हो नबी का सलाम आया है। अगर आपको मेरा यह वीडियो अच्छा लगा और आप मुझे एज ए क्रिएटर सपोर्ट करना चाहते हैं
Speaker A
तो इस क्यूआर कोड को स्कैन करके आप मुझे सपोर्ट कर सकते हैं। तारीख गवाह है कि बड़े-बड़े बदलाव भीड़ से नहीं आया करते बल्कि वो तो मुट्ठी भर लोगों के जरिए हासिल किए जाते हैं। तो क्यों ना आप भीड़
Speaker A
से निकल कर एक नई सवेरे की बुनियाद का पत्थर बने। इस्लामिक [संगीत] वीडियोस के अलावा मैंने और भी टॉपिक्स पर वीडियो बनाई है। क्योंकि मुझे लगता है कि बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा जरूरत है मीडिया में इस्लामिक पर्सपेक्टिव के होने की। करंट सिचुएशन को
Speaker A
हिस्ट्री को इस्लामिक लेंथ से देखने की। जजाकुम्लाह खैर अस्सलाम वालेकुम। कुलू रब फलक
Topics:सूरह फलककाला जादूनबी मोहम्मदइस्लामिक इतिहासखैबर के यहूदीमक्का और मदीनासुलेह हुबियाएंजायटीकुरान की गहराईसूर नास











