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How Nirav Modi Stole PNB ₹14,000 Crore | Nirav Modi Scam Explained | 2D Animated

नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक से ₹14,000 करोड़ का घोटाला किया, जो एक बैंक अधिकारी की सतर्कता से पकड़ा गया।

Key Takeaways

  • बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता और रिकॉर्ड की सख्त निगरानी जरूरी है।
  • फर्जी गारंटी लेटरों ने बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया।
  • एक सतर्क बैंक अधिकारी की नजर से ही यह बड़ा घोटाला पकड़ा गया।
  • नीरव मोदी ने लग्जरी ब्रांड के पीछे एक बड़ा वित्तीय धोखा छुपाया था।
  • यह स्कैम भारतीय बैंकिंग और व्यापार प्रणाली में सुधार की आवश्यकता दर्शाता है।

What the video covers

  • 2018 में पंजाब नेशनल बैंक की ब्राडी हाउस ब्रांच में ₹14,000 करोड़ के गारंटी लेटर का खुलासा हुआ।
  • नीरव मोदी, जो एक ज्वेलरी कारोबारी था, ने बिना कोलटरल के बैंक से गारंटी लेटर हासिल किए।
  • PNB के डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी ने फर्जी एलओयू Swift नेटवर्क के जरिए जारी किए, जो बैंक के कोर सिस्टम में दर्ज नहीं थे।
  • नीरव मोदी का परिवार हीरों के व्यापार में था, लेकिन उसने भारत में एक लग्जरी डायमंड ब्रांड बनाने का सपना देखा।
  • 2010 में लंदन की क्रिस्टीज नीलामी में नीरव मोदी की ज्वेलरी ने उसे भारत का 'कार्टियर' बना दिया।
  • डायमंड व्यापार में कैश फ्लो की समस्या को हल करने के लिए नीरव ने बैंक से गारंटी लेटर का दुरुपयोग किया।
  • फर्जी गारंटी लेटरों के कारण विदेशी बैंक PNB को जिम्मेदार मानते थे, जबकि बैंक के रिकॉर्ड में कोई एंट्री नहीं थी।
  • यह घोटाला 7 सालों तक चलता रहा जब तक एक बैंक अधिकारी ने इस अनियमितता को पकड़ा।
  • नीरव मोदी देश छोड़कर भाग गया, और बाद में लंदन में गिरफ्तार हुआ।
  • यह मामला भारतीय बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियों और भ्रष्टाचार को उजागर करता है।

Answers

Questions about this video

नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक से कैसे ₹14,000 करोड़ का घोटाला किया?

नीरव मोदी ने बिना कोलटरल के फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेइंग (एलओयू) के जरिए विदेशी बैंकों से गारंटी लेटर हासिल किए, जिन्हें बैंक के कोर सिस्टम में दर्ज नहीं किया गया। इससे बैंक को भारी नुकसान हुआ।

गोकुलनाथ शेट्टी की भूमिका इस स्कैम में क्या थी?

गोकुलनाथ शेट्टी, जो पीएनबी के डिप्टी मैनेजर थे, उन्होंने Swift नेटवर्क के जरिए फर्जी एलओयू जारी किए और इन्हें बैंक के फिनाकल सिस्टम में दर्ज नहीं किया, जिससे घोटाला संभव हुआ।

नीरव मोदी की ज्वेलरी व्यवसाय में सफलता कैसे मिली?

नीरव मोदी ने भारत में एक लग्जरी डायमंड ब्रांड बनाया और 2010 में लंदन की क्रिस्टीज नीलामी में अपनी ज्वेलरी को बड़ी कीमत पर बेचकर प्रसिद्धि हासिल की, जिससे उन्हें 'इंडिया का कार्टियर' कहा गया।

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Speaker A
साल 2018, मुंबई समय सुबह करीब 10:00 बजे, पंजाब नेशनल बैंक की ब्राडी हाउस ब्रांच। यह कोई बड़ी चमचमाती बिल्डिंग नहीं थी। लेकिन आज इस ब्रांच के अंदर एक ऐसी फाइल खुलने वाली थी जो अगले कुछ ही घंटों में
00:14
Speaker A
पूरे देश की नींद उड़ा देगी। एक नया अधिकारी अपनी सीट पर बैठा है। वह अभी-अभी इस ब्रांच में आया है और उसके सामने एक कस्टमर खड़ा है जो इंपोर्ट पेमेंट के लिए एक और गारंटी लेटर लेने आया है रूटीन
00:26
Speaker A
डिमांड पर। लेकिन इस बार अधिकारी ने एक ऐसा सवाल पूछा जो शायद पिछले 7 सालों में किसी और ने नहीं पूछा था। और शायद यही इस स्कैम का सबसे बड़ा कारण है। वो सवाल था कि इस इंपोर्ट पेमेंट के बदले कोटरल क्या
00:40
Speaker A
है? वो आदमी मुस्कुराते हुए जवाब देता है, "सर, हम सालों से यही करते आ रहे हैं। कोई कोलटरल नहीं लगता।" अधिकारी सोच में पड़ जाता है। आखिर ऐसा कैसे हो सकता है? वह अपने सिस्टम में जाता है, बैंक के कोर
00:51
Speaker A
सॉफ्टवेयर में जिसे फिनाकल कहा जाता है। वह नाम टाइप करता है, अकाउंट चेक करता है। उसको अपने अकाउंट्स में कुछ नहीं मिलता। कोई एंट्री नहीं, कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं। मानो जैसे यह ट्रांजैक्शन कभी हुआ ही नहीं। अब वह एक और सिस्टम खोलता है।
01:04
Speaker A
Swift, यह वो नेटवर्क है जिससे बैंक दुनिया भर के दूसरे बैंकों को मैसेज भेजते हैं, और यहां जो वह देखता है, उसके हाथ कांपने लगते हैं। एक नहीं, दो नहीं, सैकड़ों मैसेज। हर एक में पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से एक गारंटी। हर एक विदेशी
01:19
Speaker A
बैंक को कि अगर पैसा नहीं लौटाया गया तो पीएनबी जिम्मेदार है। अब वह टोटल अमाउंट गिनना शुरू करता है और जैसे-जैसे नंबर बढ़ता है, उसका चेहरा उतरता जाता है। टोटल ₹14,000 करोड़ की गारंटी पंजाब नेशनल बैंक ने फॉरेन बैंक्स को दे रखी थी। वो भी बिना
01:35
Speaker A
किसी कोट्ररल के। मतलब पंजाब नेशनल बैंक ने ₹14,000 करोड़ की गारंटी दी थी, लेकिन बैंक को खुद नहीं पता था कि उसने यह गारंटी दी है। यह कैसे मुमकिन है? एक बैंक अपने ही पैसे का हिसाब कैसे भूल सकता है?
01:47
Speaker A
और सबसे डरावनी बात, जिस आदमी के लिए यह सारा पैसा गया था, वह आदमी उस दिन मुंबई में था ही नहीं। वह पहले ही बहुत आराम से अपनी फैमिली के साथ देश छोड़ चुका था और किसी को कानों कान खबर नहीं हुई थी। यह
02:01
Speaker A
कहानी है नीरव मोदी की। एक ऐसे आदमी की जिसके हीरो की ज्वेलरी हॉलीवुड की एक्ट्रेसेस तक पहनती थी। जिसकी फोटो दुनिया की सबसे बड़ी नीलामी कंपनी के कवर पेज पर छपती थी। जिसे मीडिया इंडिया का कार्टियर बुलाती थी। लेकिन यह सब कुछ हर
02:15
Speaker A
चमक, हर तारीफ, हर हेडलाइन एक बहुत ही खतरनाक झूठ की नींव पर खड़ी थी और सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह झूठ सिर्फ एक इंसान का नहीं था। यह झूठ एक पूरे सिस्टम का था जिसने सालों तक जानकर
02:29
Speaker A
आंखें बंद रखी। आइए जानते हैं, कैसे एक 18 साल का लड़का यूरोप से इंडिया आकर एक ऐसा एंपायर खड़ा करता है जो असल में कभी था ही नहीं। कैसे एक बैंक अधिकारी की एक छोटी सी चालाकी 7 साल तक सिस्टम को गुमराह करती
02:43
Speaker A
रही और आखिर में कैसे एक आम बैंक क्लर्क की एक नजर ने इस पूरे स्कैंडल को बेनकाब कर दिया। नीरव मोदी का जन्म गुजरात के पालनपुर शहर के एक ऐसे परिवार में हुआ जो पीढ़ियों से हीरों का काम करता आया था। पालनपुर वैसे
03:02
Speaker A
भी हीरा व्यापारियों का गढ़ माना जाता है। यहां के बहुत से परिवार दुनिया भर में डायमंड ट्रेडिंग में बड़े नाम हैं। लेकिन नीरव की परवरिश गुजरात में नहीं हुई। उसका परिवार बेल्जियम के एंटरवर्ब शहर में शिफ्ट हो गया था जो दुनिया की डायमंड
03:14
Speaker A
कैपिटल कहलाता है। तो नीरव की सोच, उसका स्टाइल, उसका नजरिया यह सब भारतीय नहीं बल्कि यूरोपियन लग्जरी मार्केट से प्रभावित था। 18 साल की उम्र में नीरव इंडिया आया। यहां उसके परिवार का पहले से ही कनेक्शन था। उसका मामा मेहुल चौक्सी
03:29
Speaker A
इंडिया के सबसे बड़े डायमंड और ज्वेलरी व्यापारियों में गिना जाता था। मेहुल चौक्सी की कंपनी थी गीतांजलि जेम्स जो उस वक्त पहले से एक जाना माना नाम था। नीरव ने कुछ साल अपने मामा के बिजनेस में काम किया लेकिन उसके मन में कुछ और चल रहा था।
03:43
Speaker A
वो सिर्फ हीरे बेचना नहीं चाहता था। वो एक ब्रांड बनाना चाहता था। उस वक्त इंडिया में डायमंड बिजनेस का मतलब था होलसेल। मतलब बड़े-बड़े हीरे खरीदो, कट करो, पॉलिश करो और दुनिया भर की ज्वेलरी कंपनियों को बेच दो। यह बैकग्राउंड का काम था। कोई
03:57
Speaker A
ग्लैमर नहीं, कोई पब्लिक फेस नहीं। लेकिन नीरव ने कुछ और सोचा। उसने सोचा पश्चिम में कार्टियर, टिफनी और वैनक्लीफ जैसे ब्रांड्स हैं जिनका नाम ही स्टेटस सिंबल बन चुका है। लेकिन इंडिया में ऐसा कोई नाम क्यों नहीं है? 1999 में उसने अपनी कंपनी
04:12
Speaker A
फायर स्टार डायमंड शुरू की। शुरुआत आसान नहीं थी। बहुत से लोगों ने उसका मजाक उड़ाया। भारत में उस वक्त कौन ही इतनी महंगी ज्वेलरी खरीदेगा? यहां लोग सोना खरीदते हैं शादी के लिए, इन्वेस्टमेंट के लिए। डायमंड ज्वेलरी को लग्जरी स्टेटमेंट
04:25
Speaker A
की तरह कौन ही देखेगा? लेकिन नीरव के दिमाग में एक चीज साफ थी। भारत बदल रहा था। नई सदी में एक नया मिडिल क्लास और अपर क्लास उभर रहा था। जिसके पास पैसा था और जिसे वह पैसा दिखाना भी था और
04:37
Speaker A
शो ऑफ के लिए डायमंड से बेहतर कुछ नहीं होता। उसने धीरे-धीरे अपना नेटवर्क बनाया। लेकिन जो चीज उसे असली पहचान दिलाने वाली थी, वह अभी बाकी थी। और यहीं से शुरू होता है वह मोड जिसने नीरव मोदी को रातोंरात एक
04:49
Speaker A
सेलिब्रिटी बना दिया। 2010, लंदन की क्रिस्टीज ऑक्शन हाउस, दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित नीलामी कंपनी जहां दुनिया के सबसे अमीर लोग पेंटिंग्स, एंटीक और रेयर ज्वेलरी के लिए बोली लगाते हैं। नीरव मोदी ने यहां अपना एक खास पीस भेजा,
05:04
Speaker A
गोलकोंडा लॉट्स नेकलेस। इसमें बेहद दुर्लभ पिंक डायमंड्स जड़े थे जो गोलकोंडा माइं से आए थे। वही माइंस जिनसे कभी दुनिया के कुछ सबसे मशहूर हीरे निकले थे। और जब नीलामी हुई तो जो हुआ उसने नीरव की पूरी दुनिया बदल दी। वो नेकलेस नीलामी में
05:20
Speaker A
$3.5 मिलियन में बिका। उस वक्त के हिसाब से लगभग ₹16 करोड़ और सिर्फ पैसा ही नहीं, नीरव मोदी बना पहला भारतीय ज्वेलर जिसकी तस्वीर क्रिस्टीज के कैटलॉग के कवर पेज पर छपी। रातोंरात कहानी बदल गई। अखबारों में उसकी फोटो, टीवी पर इंटरव्यू,
05:35
Speaker A
बिजनेस मैगजीनों में प्रोफाइल स्टोरीज। मीडिया ने उसे नया नाम दिया, इंडिया का कार्टियर। अब नीरव मोदी सिर्फ एक बिजनेसमैन नहीं था। वो एक चेहरा बन चुका था। लग्जरी, स्टेटस और सेल्फ मेड सक्सेस का। लेकिन जो चीज किसी को नहीं
05:48
Speaker A
दिख रही थी कि इस पूरे ग्लैमर के पीछे एक बहुत बड़ी दिक्कत छुपी थी। एक ऐसी दिक्कत जिसका हल नीरव ने ढूंढ तो लिया लेकिन वो हल इतना खतरनाक था कि आने वाले सालों में इसने पूरे देश को हिला दिया। डायमंड
05:59
Speaker A
बिजनेस में एक बुनियादी समस्या होती है। कैश फ्लो समझिए कैसे? मानो तुम्हें हीरे खरीदने हैं यूरोप या अफ्रीका से। उन्हें इंडिया लाना है, कट पॉलिश करना है, फिर दुनिया भर में बेचना है। यह पूरा प्रोसेस महीनों लेता है। लेकिन जिनसे तुम हीरे
06:15
Speaker A
खरीद रहे हो, उन्हें पेमेंट तुरंत चाहिए होती है। तो अगर तुम्हारे पास इतना कैश नहीं है, तो क्या करोगे? यहीं काम आता है एक फाइनेंसियल टूल, लेटर ऑफ अंडरटेइंग, यानी एलओयू। मान लीजिए आपको किसी विदेशी सप्लायर से ₹1 लाख का माल खरीदना है।
06:30
Speaker A
लेकिन अभी आपके पास पैसा नहीं है। आप अपने बैंक के पास जाते हैं और कहते हैं, "इस सप्लायर को गारंटी दे दीजिए कि अगर मैं पैसा नहीं दूंगा तो आप दे देंगे।" बैंक वो गारंटी लेटर लिख देता है। यही एलओयू है, एक
06:42
Speaker A
भरोसे का कागज। नॉर्मली बैंक यह गारंटी सिर्फ तभी देता है जब आपके पास कुछ कोलटरल हो। जैसे कोई प्रॉपर्टी, कोई फिक्स्ड डिपॉजिट, कुछ ऐसा जो साबित करे कि आप पैसा लौटा सकते हैं। लेकिन नीरव मोदी को एक ऐसा शख्स मिल गया जो बिना किसी
06:57
Speaker A
कोलटरल के भी यह गारंटी दे देता था। उसका नाम था गोकुलनाथ शेट्टी। पंजाब नेशनल बैंक की ब्रडी हाउस ब्रांच में डिप्टी मैनेजर। 2011 में नीरव की टीम पहली बार शेट्टी के पास पहुंची। मांग डायमंड इंपोर्ट के लिए एलओयू चाहिए। शेट्टी ने पूछा कोलटरल, टीम
07:14
Speaker A
ने जवाब दिया, "हम सालों से रेगुलर बिजनेस करते हैं। पैसा हमेशा टाइम पर वापस आता है।" यह पूरी तरह झूठ था। लेकिन शेट्टी को इसका पता नहीं चला या शायद उसने पता लगाने की कोशिश ही नहीं की और यहां से शुरू होती
07:27
Speaker A
है वह कहानी जिसे समझे बिना यह पूरी कहानी अधूरी है। नॉर्मल प्रोसेस में जब भी कोई बैंक एलओयू जारी करता है, वह इसे अपने कोर बैंकिंग सिस्टम में दर्ज करता है। PNB का सिस्टम था फिनाकल। इसमें हर ट्रांजैक्शन
07:39
Speaker A
रिकॉर्ड होता है और ऑडिटर्स समय-समय पर इसे चेक करते हैं। लेकिन शेट्टी ने एक अलग रास्ता निकाला। उसने एलओयू जारी किया Swift के जरिए, वो इंटरनेशनल मैसेजिंग सिस्टम जिससे दुनिया भर के बैंक एक दूसरे को मैसेज भेजते हैं। तो शेट्टी ने विदेशी
07:55
Speaker A
बैंक को Swift पर मैसेज भेजा। PNB गारंटी देता है कि इस अमाउंट की जिम्मेदारी हमारी है। लेकिन फिनाकल में इसकी कोई एंट्री नहीं की गई। नतीजा क्या हुआ? विदेशी बैंक को लगता था कि PNB ने गारंटी दी है। लेकिन
08:08
Speaker A
PNB के अपने आधिकारिक रिकॉर्ड में इस गारंटी का नामोनिशान नहीं था। एक एग्जांपल से समझिए। जैसे लाइब्रेरी में आपका कोई दोस्त काम करता हो और आप उससे कहें कि एक किताब इशू कर दो। वो आपको किताब दे तो
08:20
Speaker A
देता है लेकिन रजिस्टर में एंट्री नहीं करता। लाइब्रेरी को लगता है किताब शेल्फ पर ही है। लेकिन असल में वो आपके पास है। और जब तक आपका दोस्त वहां काम कर रहा है, किसी को कानों कान खबर नहीं होगी। यही वह ट्रिक
08:32
Speaker A
थी और यह पहली बार में ही काम कर गई। नीरव ने हीरे खरीदे, बेचे, मुनाफा कमाया।
08:47
Speaker A
ट्रिक एक बार काम कर गई तो बार-बार क्यों नहीं? और यहीं से शुरू होता है इस कहानी का सबसे लंबा और सबसे खतरनाक चैप्टर। 2011 से 2017 तक। यह साल नीरव मोदी के लिए किसी सपने से कम नहीं थे। हर कुछ महीने में वह
09:01
Speaker A
नई एलओयू लेने पहुंच जाता। पहले 1 करोड़, फिर 50 करोड़, फिर 100 करोड़, फिर 500 करोड़। और सबसे शातिर बात नए एलओयू से जो पैसा आता, उससे पुराने एलओयू का भुगतान कर दिया जाता। यानी एक झूठ को छुपाने के लिए
09:14
Speaker A
दूसरा झूठ और दूसरे को छुपाने के लिए तीसरा। धीरे-धीरे यह सिलसिला इतना बड़ा हो गया कि सात सालों में करीब 1,200 से ज्यादा फर्जी एलओयू जारी हो चुके थे। जिनका कुल अमाउंट [संगीत] पहुंच गया करीब 14,000 करोड़ तक। यानी उस समय लगभग $
09:31
Speaker A
बिलियन और इस दौरान नीरव मोदी की जिंदगी किसी फिल्म स्क्रिप्ट जैसी बनती जा रही थी। 2015 में उसने अपना पहला इंटरनेशनल बुटीक खोला हांगकांग में फिर लंदन में और फिर 2017 में सबसे बड़ा न्यूयॉर्क के मशहूर मेडिसिन एवन्यू पर जहां दुनिया के
09:46
Speaker A
सबसे बड़े लग्जरी ब्रांड्स के स्टोर्स होते हैं गुची प्रादा और अब उनके बीच नीरव मोदी उसकी ज्वेलरी ऑस्कर्स की रेड कारपेट पर दिखने लगी। हॉलीवुड एक्ट्रेसेस उसके डिजाइन पहनकर फोटो खिंचवाने लगी। बॉलीवुड में प्रियंका चोपड़ा उसकी ब्रांड एंबेसडर
10:01
Speaker A
बनी। यहां तक कि केट विंसलेट जैसी इंटरनेशनल स्टार्स ने भी उसकी ज्वेलरी पहनी। नीरव मोदी अब सिर्फ एक डायमंड मर्चेंट नहीं था। वो एक सेलिब्रिटी बन चुका था। प्राइवेट जेट्स, महंगी गाड़ियां, मुंबई में करोड़ों का बंगला, अलीबाग में
10:14
Speaker A
बीच फ्रंट प्रॉपर्टी, लंदन और न्यूयॉर्क में फ्लैट्स। 2018 की शुरुआत में वो स्विट्जरलैंड के दावोस पहुंचा वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जहां दुनिया के सबसे ताकतवर लोग जुटते हैं। वहां उसकी फोटो बड़े-बड़े ग्लोबल लीडर्स के साथ खींची। मीडिया में उसकी तारीफों के पुल बंधे सेल्फ मेड
10:30
Speaker A
बिलियनियर इंडियन लग्जरी का ग्लोबल फेस। फोब्स मैगजीन ने उसे इंडिया के सबसे अमीर ज्वेलर्स में गिना। नेटवर्थ करीब 1.75 बिलियन डॉलर। लेकिन एक बात जो लगभग किसी को नहीं दिखी। यह सारा साम्राज्य किसी ठोस बुनियाद पर नहीं बल्कि एक ऐसे कागज के
10:48
Speaker A
भरोसे खड़ा था जिसे बैंक ने अपने रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं किया। एक बार एक जूनियर बैंक क्लर्क ने कुछ फाइलों में अजीब सी बात नोटिस की। उसने अपने सीनियर से पूछा, "सर, यह ट्रांजैक्शन फिनाकल में क्यों नहीं दिख रहा?" सीनियर का जवाब था, "यह
11:01
Speaker A
स्पेशल अरेंजमेंट है। तुम अपना काम करो।" अगर उस दिन उस क्लर्क ने थोड़ा और सवाल पूछा होता, तो शायद यह कहानी वहीं रुक जाती। लेकिन नहीं। सब कुछ चलता रहा। जैसे हमेशा से चलता आया था। लेकिन जो चीज किसी
11:13
Speaker A
को नहीं पता थी कि इस झूठ की उम्र अब गिनी चुनी रह गई थी। 2017 के आखिर में एक ऐसी बात हुई जिसने इस पूरे खेल को खतरे में डाल दिया। गोकुल नाथ शेट्टी वो अफसर जिसने 7 साल तक बिना किसी सवाल के फर्जी एलओयू
11:26
Speaker A
जारी किए अब रिटायर होने वाला था। नीरव को यह बात पता थी और उसे यह भी समझ आ गया था कि जिस दिन शेट्टी बैंक छोड़ेगा उसकी जगह कोई नया अफसर आएगा। कोई ऐसा जिसे इस स्पेशल अरेंजमेंट के बारे में कुछ नहीं
11:38
Speaker A
पता। दिसंबर 2017 में नीरव ने अपनी फैमिली को एक मैसेज भेजा। सामान चुपचाप पैक करो। किसी को कुछ मत बताना। 1 जनवरी 2018। नीरव मोदी, उसकी पत्नी अमी और उसका भाई निशाल तीनों एक फ्लाइट में सवार हुए। मुंबई से
11:51
Speaker A
दुबई, दुबई से ब्रूसेल्स, ब्रूसेल्स से लंदन। देश छोड़ दिया। बिल्कुल शांति से। किसी को कानों कान खबर नहीं हुई। उधर पीएनबी में हालात कुछ और थे। 16 जनवरी 2018। ब्रैडीह हाउस ब्रांच में नीरव की कंपनी का एक आदमी पहुंचा। मांग वही
12:06
Speaker A
पुरानी, नई एलओयू। लेकिन इस बार सामने बैठा था वो नया अफसर जो शेट्टी की जगह आया था। उसने पूछा इसके बदले कोटरल क्या है?
12:14
Speaker A
टीम ने वहीं घिसा पिटा जवाब दिया। हम सालों से यही करते आ रहे हैं। कोई कोलटरल नहीं लगता। अफसर ने कहा रिकॉर्ड्स दिखाइए। टीम ने बताया रिकॉर्ड्स शेट्टी के पास थे। अफसर ने फिनाकल खोला। कुछ नहीं मिला। कोई
12:25
Speaker A
एंट्री नहीं। उसने Swift चेक किया और वहां जो उसने देखा उसकी सांस थम गई। सैकड़ों मैसेज हर एक में PNB किसी विदेशी बैंक को गारंटी देता हुआ। कुल अमाउंट ₹14,000 करोड़ से ज्यादा और फिनाकल में उसकी एंट्री जीरो। इसका सीधा मतलब था बैंक ने
12:41
Speaker A
₹14,000 करोड़ की गारंटी दी थी। लेकिन बैंक के अपने रिकॉर्ड्स में इस बात का कोई जिक्र ही नहीं था। तुरंत सीनियर अफसरों को बुलाया गया। इमरजेंसी मीटिंग हुई। फाइलें खंगाली गई। हर कोई सन रह गया। 29 जनवरी 2018 को PNB ने सीबीआई में शिकायत दर्ज
12:57
Speaker A
की। 14 फरवरी 2018 PNB ने आधिकारिक रूप से स्टॉक एक्सचेंज को इस मामले की जानकारी दी और जैसे ही यह खबर बाहर आई वैसे ही हेडलाइंस फट पड़ी 14000 करोड़ का घोटाला भारत का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड नीरव
13:11
Speaker A
मोदी देश छोड़कर फरार पीएनबी का शेयर धड़ाम से गिरा एक हफ्ते के अंदर करीब 30% हजारों करोड़ की मार्केट वैल्यू पल भर में गायब अब शुरू हुई नीरव मोदी को ढूंढने की कहानी सीबीआई ने केस दर्ज किया एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने जांच शुरू की
13:25
Speaker A
इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। लेकिन नीरव मोदी उस वक्त लंदन के एक महंगे फ्लैट में आराम फरमा रहा था। उसने बचने की भरपूर कोशिश की। पैसा छुपाया। प्रॉपर्टीज उस फैमिली के नाम कर दी। लेकिन तब तक
13:37
Speaker A
इंडियन गवर्नमेंट ने उसका पासपोर्ट कैंसिल कर दिया। प्रॉपर्टीज पर छापे पड़ने लगे। मुंबई से सटे अलीबाग में उसका करीब 100 करोड़ का बंगला। गवर्नमेंट ने उसे डायनामाइट से उड़ा दिया। यह वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया। न्यूयॉर्क का उसका
13:50
Speaker A
लग्जरी अपार्टमेंट सीएस हुआ। लंदन की प्रॉपर्टीज अनसीज हुई। पेंटिंग्स, गाड़ियां, ज्वेलरी सब कुछ जांच एजेंसियों के हाथ लगा। लेकिन खुद नीरव मोदी अभी भी हाथ नहीं आया था। भारत ने ब्रिटेन से एक्स्ट्रा यानी प्रत्यार्पण की मांग रखी। लेकिन ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया
14:06
Speaker A
बहुत लंबी होती है। करीब एक साल तक नीरव मोदी लंदन की सड़कों पर आजाद घूमता रहा। जैसे उसे कोई फर्क ही नहीं पड़ता। लेकिन किस्मत ने कुछ और ही सोच रखा था। मार्च 2019 लंदन के होलबोर्न इलाके में एक बैंक
14:18
Speaker A
क्लर्क अपने ऑफिस की तरफ जा रहा था। अचानक उसकी नजर एक शख्स पर पड़ी। लंबा कोट महंगा स्कार्फ और सिर पर बीनी कैप। बैंक क्लर्क को कुछ जाना पहचाना सा लगा। उसने ध्यान से देखा। यह तो नीरव मोदी है। वही आदमी जिसकी
14:31
Speaker A
फोटो हफ्तों से न्यूज़ में छाई हुई है। उसने तुरंत एक जर्नलिस्ट को कॉल किया। दी टेलीग्राफ न्यूज़पेपर के फोटोग्राफर वहां पहुंचे। एक फोटो क्लिक हुई और फिर वो फोटो वायरल हो गई। नीरव मोदी लंदन की सड़क पर अपनी करीब 11,000 पाउंड की ऑस्टिच लेदर
14:45
Speaker A
जैकेट में बिल्कुल बेफिक्र जैसे उसे कोई परवाह ही ना हो। इस एक फोटो ने सब कुछ बदल दिया। लोगों ने सवाल उठाना शुरू किया। एक फ्यूजिटिव खुलेआम सड़कों पर कैसे घूम सकता है? ब्रिटिश पुलिस पर दबाव बना। कुछ ही
14:57
Speaker A
दिनों में पुलिस ने नीरव मोदी को गिरफ्तार कर लिया। सोचिए अगर उस दिन नीरव कोई दूसरा रास्ता ले लेता या अपनी टोपी थोड़ी और नीचे खींच लेता या वो बैंक क्लर्क कुछ मिनट लेट हो जाता तो शायद वो आज भी वह
15:08
Speaker A
खुला घूम रहा होता। लेकिन उस दिन किस्मत में कुछ और लिखा था। नीरव मोदी को गिरफ्तार कर लंदन के वेंसवर्थ जेल भेज दिया गया। लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं हुई। असल में अब एक नई कहानी शुरू हुई एक
15:19
Speaker A
लंबी कानूनी लड़ाई की। भारत ने बार-बार ब्रिटेन से मांग की कि नीरव मोदी को वापस भेजा जाए। 2021 में वेस्टर्न मिस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने भारत के प्रत्यार्पण अनुरोध को मंजूरी दे दी। उस वक्त के ब्रिटिश होम सेक्रेटरी ने भी इस फैसले को
15:32
Speaker A
अप्रूव किया। लेकिन नीरव मोदी के वकीलों ने हार नहीं मानी। उसने एक के बाद एक अपील की। कभी कहा गया कि उसे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हैं। कभी दावा किया गया कि भारत की जेलों में उसे प्रताड़ित किया
15:43
Speaker A
जा सकता है कि वहां की स्थितियां मानवाधिकारों के लायक नहीं। हाई कोर्ट में अपील हुई। यूके सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा। हर बार अदालत ने भारत की तरफ से दिए गए आश्वासनों को पर्याप्त माना। 10 से ज्यादा बार जमानत की अर्जियां लगाई गई। हर
15:56
Speaker A
बार खारिज हुई। साल गुजरते गए। 2019 20 212 नीरव मोदी वेंसवर्थ जेल में ही रहा। जबकि उसका वकील हर मुमकिन कानूनी रास्ता आजमाता रहा। इस बीच एक और मोर्चे पर भी उसे झटका लगा। दुबई में उसकी एक कंपनी
16:11
Speaker A
फायर स्टार डायमंड एफ जेजेडी बैंक ऑफ इंडिया की एक लोन डील में डिफॉल्ट कर चुकी थी। जिसके लिए नीरव ने पर्सनल गारंटी दी थी। लंदन की एक कोर्ट ने उसे इस मामले में करीब ₹100 करोड़ से ज्यादा चुकाने का आदेश
16:23
Speaker A
दिया। फिर भी नीरव मोदी की कानूनी टीम रुकी नहीं। जब यूके में हर दरवाजा बंद हो गया तो उन्होंने आखिरी दांव खेला। यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स यानी ईसीएचआर जिसे स्ट्रासबर्ग कोर्ट भी कहा जाता है। अप्रैल 2026 में यह अपील दायर की
16:37
Speaker A
गई। यह दावा करते हुए कि उसका प्रत्यार्पण उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन होगा। लेकिन जुलाई 2026 की शुरुआत में एक ऐसी खबर आई जिसने इस पूरी कहानी को एक नया मोड़ दे दिया। यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स ने नीरव मोदी की आखिरी अपील को भी खारिज कर
16:52
Speaker A
दिया। समझिए इसका मतलब क्या है? यह वो आखिरी कानूनी रास्ता था जो नीरव मोदी के पास बचा था। वेस्ट मिनिस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट से लेकर हाई कोर्ट, फिर यूके सुप्रीम कोर्ट और अब यूरोप की सबसे बड़ी ह्यूमन राइट्स कोर्ट हर जगह उसकी दलीलें
17:06
Speaker A
खारिज हो चुकी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रिटिश सरकार ने अब इस प्रक्रिया की आखिरी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करनी शुरू कर दी हैं। ताकि नीरव मोदी को भारत को सौंपा जा सके। कोई तय तारीख अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे मामलों में
17:18
Speaker A
सुरक्षा कारणों से आमतौर पर ट्रांसफर की जानकारी पहले से नहीं दी जाती। लेकिन जानकारों का कहना है कि अब यह सिर्फ समय की बात है। 8 साल 10 से ज्यादा नाकाम जमानत अर्ज़ियां, हर मुमकिन अदालत, हर मुमकिन दलील और आखिरकार कानून का हर
17:33
Speaker A
दरवाजा बंद हो चुका है। अगर यह प्रत्यार्पण पूरा होता है तो नीरव मोदी को मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखे जाने की उम्मीद है। जहां उस पर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में मुकदमा चलेगा। सोचिए इस पूरे सफर को। वह आदमी जो कभी
17:46
Speaker A
मेडिसिन एवन्यू पर बुटीक खोलने का सपना देखता था। जिसकी तस्वीरें दुनिया की सबसे बड़ी हस्तियों के साथ छपती थी। पिछले 7 सालों से एक जेल की कोठरी में है और अब शायद भारत वापस आकर एक और जेल में जाने
17:57
Speaker A
वाला है। लेकिन इस पूरी कहानी में एक सवाल अब भी अनुत्तरित है जो असल में सबसे ज्यादा मायने रखता है। जब भी लोग नीरव मोदी की कहानी सुनते हैं वो सिर्फ 14,000 करोड़ की बात करते हैं। लेकिन इस नंबर के
18:07
Speaker A
पीछे असली इंसान थे जिनकी जिंदगियों पर सीधा असर पड़ा। पीएनबी में लाखों आम लोगों की गाढ़ी कमाई जमा थी। रिटायर्ड टीचर्स की पेंशन, छोटे व्यापारियों की सेविंग्स, मिडिल क्लास फैमिलीज के बच्चों की एजुकेशन फंड। जिस दिन यह खबर आई, बहुत से
18:22
Speaker A
डिपॉजिटर्स रातों-रात परेशान हो गए। धीरे-धीरे लोगों के मन में एक डर बैठ गया, "अगर सरकारी बैंक भी सुरक्षित नहीं, तो सुरक्षित क्या है? PNB को रिकवर होने में सालों लग गए। शुरुआती अनुमान के मुताबिक बैंक को हजारों करोड़ का सीधा नुकसान हुआ।
18:36
Speaker A
एनफोर्समेंट डायरेक्टेट ने नीरव मोदी और उससे जुड़ी कंपनियों की प्रॉपर्टीज बेचकर कुछ हद तक रिकवरी की लेकिन बड़ा हिस्सा अब भी वापस नहीं आ पाया। बैंक के भीतर भी बड़े बदलाव हुए। गोकुलनाथ शेट्टी और उसके साथियों को गिरफ्तार किया गया। इंटरनल
18:50
Speaker A
जांच बैठाई गई और सबसे जरूरी Swift और फिनाकल को आपस में जोड़ने का सिस्टम बनाया गया ताकि भविष्य में कोई एलओयू बिना कोर बैंकिंग सिस्टम में दर्ज हुए जारी ही ना हो सके। एक और नाम जो इस पूरी कहानी में
19:03
Speaker A
अक्सर छाया रहता है। मेहुल चौक्सी, नीरव का मामा और गीतांजलि जेम्स का मालिक। PNB घोटाले की जांच में उसकी कंपनियों का नाम भी सामने आया और वह भी घोटाले के उजागर होने से ठीक पहले भारत छोड़कर एंटीगुआ चला
19:16
Speaker A
गया था। उसका मामला आज भी अलग से भारतीय एजेंसियों के पास लंबित है। यह कहानी सिर्फ एक घोटाले की नहीं है। यह कहानी है उस लालच की जो इंसान को इतना अंधा कर देता है कि उसे सही गलत का फर्क समझ ही नहीं
19:27
Speaker A
आता। नीरव मोदी के पास एक सफल बिजनेस था, इज्जत थी, ग्लैमरस लाइफ थी, लेकिन उसे और चाहिए था। और जब और की भूख हद से ज्यादा बढ़ जाती है तभी इंसान गिरता है। इस पूरी कहानी से तीन सबसे बड़ी बातें जो आपको
19:41
Speaker A
ध्यान रखनी चाहिए। पहली कभी भी किसी ऐसी स्कीम या डील पर भरोसा मत करो जो बहुत ज्यादा अच्छी लगे। अगर कोई कहे कि यह पूरी तरह रिस्क फ्री है, गारंटीड मुनाफा है, तो समझ जाइए कहीं ना कहीं कुछ गड़बड़ है।
19:53
Speaker A
दूसरी, किसी भी सिस्टम में चेकक्स एंड बैलेंसेस बेहद जरूरी हैं। अगर PNB ने अपने Swift और फिनाकल सिस्टम को शुरू से ही आपस में जोड़ रखा होता, तो यह घोटाला पहले ही हफ्ते में पकड़ में आ जाता। 7 साल तक नहीं
20:05
Speaker A
चलता। तीसरी, किसी की चमकदमक, उसके बड़े-बड़े शोरूम्स, सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट्स या मीडिया कवरेज देखकर आंख मूंदकर भरोसा मत कीजिए। नीरव मोदी के पास यह सब कुछ था। लेकिन अंदर से यह पूरी इमारत खोखली थी। आज भी मुंबई की ब्रडीह
20:19
Speaker A
हाउस ब्रांच की वह दीवारें शायद उस दिन को याद करती होंगी जब 16 जनवरी 2018 को सच सामने आया था और नीरव मोदी लंदन की जेल में बैठा हुआ शायद यही सोचता होगा एक कागज ने मुझे अरबपति बनाया और वही कागज मुझे
20:32
Speaker A
जेल तक ले आया। लेकिन नीरव मोदी से भी पहले एक ऐसा आदमी था जिसने पूरे स्टॉक मार्केट को अपने इशारों पर नचाया जिसके एक इशारे पर स्टॉक मार्केट ऊपर नीचे होता था। हर्षद मेहता अभी क्लिक करके देखिए और अगर
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Speaker A
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