ईरान का सबसे बड़ा हथियार स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस है, जो दुनिया की तेल सप्लाई और इकॉनमी को नियंत्रित करता है।
Key Takeaways
- स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस ईरान का सबसे बड़ा रणनीतिक हथियार है।
- यह मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- ईरान की धमकियों और ब्लॉकेड ने विश्व अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है।
- इतिहास में तेल को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया है।
- संघर्ष के परिणाम वैश्विक स्थिरता के लिए निर्णायक होंगे।
What the video covers
- ईरान का सबसे बड़ा हथियार परमाणु बम नहीं बल्कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस नामक समुद्री मार्ग है।
- यह छोटा रास्ता दुनिया की 20% ग्लोबल ऑयल सप्लाई का प्रमुख मार्ग है।
- स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस के नियंत्रण से ईरान पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
- ईरान ने अमेरिका को धमकी दी है कि हमला होने पर यह मार्ग बंद कर देगा।
- अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया और सुप्रीम लीडर को मार डाला।
- ईरान ने बदले में इस मार्ग को ब्लॉक कर दिया, जिससे वैश्विक तेल और गैस की कीमतें बढ़ गईं।
- भारत, चीन, जापान और अन्य देशों की अर्थव्यवस्था इस ब्लॉकेड से प्रभावित हुई है।
- ईरान ने इस ब्लॉकेड के बदले में अमेरिका और इजराइल के राजदूतों को निकालने की शर्त रखी है।
- इतिहास में भी मुसलमान नेताओं ने तेल को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया, जैसे शाह फैसल ने किया था।
- इस संघर्ष के दो संभावित परिणाम हैं: या तो दबाव बनाकर युद्ध खत्म होगा या स्थिति और बिगड़ेगी।
Chapters
- 00:00ईरान का सबसे बड़ा हथियार: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस
- 01:15स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस की वैश्विक महत्ता और तेल सप्लाई
- 02:19स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस का नियंत्रण और ईरान की धमकियां
- 04:11अमेरिका-इजराइल का हमला और ईरान का जवाब
- 05:10स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस का ब्लॉकेड और वैश्विक प्रभाव
- 05:53दुनिया की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव और ईरान का प्रस्ताव
- 07:36इतिहास में तेल का हथियार के रूप में उपयोग
- 08:24संभावित परिणाम और भविष्य की चुनौतियां
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Speaker A
ईरान की इस खतरनाक जंग। ईरान का सबसे बड़ा वेपन पता है क्या? [संगीत] नहीं नहीं, एटम बम्ब नहीं बल्कि इस जंग में ईरान का सबसे बड़ा वेपन है। द स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस। ये है दुनिया में ईरान की लोकेशन। [संगीत]
Speaker A
और ईरान के बिल्कुल पास समंदर का एक छोटा सा रास्ता है। ये दिखने में तो छोटी सी जगह है लेकिन असल में यह कोई आम रास्ता नहीं है। क्योंकि ये छोटा सा रास्ता था। सो स्माल यू कुडंट इवन फिट लक्सब्ग। आज पूरी दुनिया
Speaker A
की इकॉनमी का सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट है। इज अ मेजर इंटरनेशनल शिपिंग रूट फॉर ऑयल एंड गैस। क्योंकि इस छोटे से रास्ते के आसपास सारी ऐसी कंट्रीज हैं जहां दुनिया में सबसे ज्यादा ऑयल पैदा किया जाता है। 20% ग्लोबल ऑयल सप्लाई [संगीत] आर
Speaker A
ट्रांसपोर्टेड थ्रू द वाटर वे। जैसे कि कुवैत कंट्री फिफ्थ लार्जेस्ट ऑल रिजर्व, इराक, बहरेन, कतर, यूएई और इवन सऊदी अरेबिया लार्जेस्ट एनर्जी कंपनी इन द वर्ल्ड। और इसी तेल की वजह से आज ये सारी कंट्रीज दुनिया की सबसे अमीर कंट्रीज में से हैं।
Speaker A
[संगीत] इन कंट्रीज में तेल प्रोड्यूस होने के बाद यह सारा का सारा तेल इसी समंदर के छोटे से रास्ते को क्रॉस करके पूरी दुनिया तक पहुंचता है। जिससे ये सारी कंट्रीज बहुत पैसा कमाती हैं। [संगीत] और फिर इसी तेल
Speaker A
से पूरी दुनिया की इकॉनमी चलती है। हर दिन इस रास्ते से 2 करोड़ से भी ज्यादा ऑयल बैरल्स गुजरते हैं। मतलब हर साल इस रास्ते से दुनिया में ट्रिलियंस ऑफ डॉलर्स का बिजनेस होता है। मतलब यह रास्ता दुनिया की इकॉनमी के लिए
Speaker A
सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है। लेकिन इस रास्ते में एक बहुत बड़ा मसला है। इस रास्ते के बिल्कुल बीच में गुजरने के लिए एक बहुत ही तंग जगह है और हर कश्ती को यहां से गुजर कर जाना लाजमी है। और यह
Speaker A
छोटा सा रास्ता सिर्फ और सिर्फ 40 कि.मी. है और पिछले 40 साल से इस छोटे से रास्ते पर एक ही आदमी का कंट्रोल होता है और वो है ईरान का सुप्रीम लीडर। [संगीत] यही वो रास्ता है जहां से आपकी गाड़ी या
Speaker A
मोटरसाइकिल तक पेट्रोल पहुंचता है। और इसी रास्ते की वजह से बसेस, ट्रेंस और इवन जहाज भी चलते हैं। और इस बात का हमेशा से ईरान को अच्छी तरह पता है। [संगीत] इसीलिए जंग शुरू होने से पहले ही ईरान
Speaker A
बार-बार अमेरिका को धमकियां दे रहा था। ईरान हैज़ नाउ इशूड अ न्यू वार्निंग टू द यूनाइटेड [संगीत] स्टेट कि अगर तुमने हम पर हमला किया तो हम यह रास्ता बंद कर देंगे। [संगीत] जिससे पूरी दुनिया की इकॉनमी को एक बहुत
Speaker A
बड़ा झटका लगेगा। अरे वाह! लेकिन अमेरिका ईरान की धमकियों से रुका नहीं बल्कि अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अपनी पूरी ताकत से ईरान पर हमला कर दिया। [संगीत] मिलिट्री और जंग शुरू होते ही इजराइल के 200 फाइटर जेट्स तेजी से ईरान की तरफ रवाना हुए। और
Speaker A
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामिनाई को शहीद कर दिया। मिनी [संगीत] अपने सुप्रीम लीडर को खोने के बाद ईरान ने भी अमेरिका और इजराइल को जवाब देना शुरू किया। इजराइल के कई सिटीज पर मिसाइल्स फायर किए। इसके बाद ईरान अमेरिका के बेसिस पर भी
Speaker A
हमले करने लगा। और आखिर अब जब ईरान का सुप्रीम लीडर फौत हो चुका था। ईरान ने अपनी तारीख का सबसे बड़ा वेपन निकाला जो इससे पहले ईरान ने कभी नहीं किया था। [संगीत] अचानक ईरान के पास स्ट्रेट ऑफ होमोस से जितनी भी
Speaker A
कश्तियां गुजर रही थीं अचानक इन बड़ी-बड़ी समंदरी जहाजों के रेडियो बजने लगे। इन रेडियो पर ईरान की नेवी का मैसेज चल रहा था। ईरान इस्लामिक रेवोलशनरी जिसमें ईरान की फौज ने इन जहाजों को हुक्म दिया कि आज के बाद इस स्ट्रेट ऑफ हुरमुस
Speaker A
से एक भी कश्ती नहीं गुजरेगी और अगर किसी ने भी इस रास्ते से गुजरने की कोशिश की तो ईरान की फौज उसे तबाह कर देगी। ईरान की फौज के इस ऐलान के बाद इन बड़ी-बड़ी कश्तियों ने स्ट्रेंज ऑफ हॉर्मोस खाली कर दी। ये सारी कश्तियां
Speaker A
अब तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोंस के पीछे फंस चुकी हैं। और इन कश्तियों में ऑयल के मिलियंस ऑफ बैरल्स पड़े हुए हैं। जिसकी वजह से आज कई कंट्रीज के पास आहिस्ता-आहिस्ता ऑयल और गैस खत्म होने वाले हैं। और दुनिया की इकॉनमी तेजी से
Speaker A
गिर रही है। [संगीत] और बड़ी-बड़ी कंट्रीज इंडिया, चाइना, जापान की इकॉनमीज़ भी हर्ट हुई हैं। स्टेट ऑफ हार्मोस को ब्लॉकेड करने से भारत को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है पूरी दुनिया में। पाकिस्तान में भी इसकी वजह से पेट्रोल आहिस्ताआहिस्ता खत्म होने
Speaker A
वाला है। हुकूमत ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में इजाफा कर दिया है। इसी तरह के हालात बांग्लादेश में भी हैं। रिचिंग इकोनमी लाइक बांग्लादेश और यही सब कुछ अफ्रीका में भी हो रहा है। पेट्रोल प्राइसेस हैव बीन एडजस्टेड अपवर्ड्स
Speaker A
इन नाइजीरिया एटलीस्ट थ्री टाइम्स। और इवन यूरोप में भी ईरान के इस वेपन की वजह से पेट्रोल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। सिंस द बिगिनिंग ऑफ दिस कॉन्फ्लिक्ट गैस प्राइसेस हैव रिजन बाय 50% एंड ऑयल
Speaker A
प्राइसेस हैव रिजन बाय 27% द डेज ऑफ़ वर्ल्ड हैव ऑलरेडी कॉस्ट यूरोपियन टैक्स पेयर्स 3 बिलियन यूरोस। मतलब ईरान ने अपनी सिर्फ कुछ ही कश्तियों से पूरी दुनिया की इकॉनमी को इस वक्त कंट्रोल किया हुआ है। और सिर्फ यही नहीं बल्कि कहा जाता है ईरान
Speaker A
ने इस स्ट्रेट ऑफ होर्मस के नीचे बड़े-बड़े माइंस लगाए हुए हैं। कि अगर कोई भी कश्ती ईरान की इजाजत के बगैर स्ट्रेट ऑफ हुरमुस के ऊपर से गुजरेगी। यह मं उस कश्ती को तबाह कर देंगे। और जिन कश्तियों ने इसके ऊपर से गुजरने की
Speaker A
कोशिश की है, ईरान ने उन पर हमला भी किया है। इन सारी कश्तियों को बंद करने के बाद ईरान ने दुनिया को एक ऑफर भी दी है। कि अगर जो भी स्टेट ऑफ हुर्मस से गुजरना चाहता है उसे बस एक छोटा सा काम करना
Speaker A
होगा। उस कंट्री को अपने मुल्क से अमेरिका और इजराइल के एंबेसडर्स को बाहर निकालना होगा। लेकिन आज यह कोई पहली बार नहीं है कि किसी मुसलमान लीडर ने ऑयल को एक वेपन की तरह यूज किया। क्योंकि आज से 50 साल पहले एक
Speaker A
और मुसलमान लीडर भी ऐसा था जिसने तेल के वेपन को यूज करके पूरी दुनिया की इकॉनमी को हिला कर रख दिया था। और वो मुसलमान लीडर था सऊदी अरब का बादशाह शाह फैसल। आज से 50 साल पहले जब अमेरिका और इजराइल
Speaker A
मिलकर मुसलमानों के खिलाफ लड़ रहे थे। शाह फैसल ने बिल्कुल आज की तरह ऑयल को बंद करके पूरी दुनिया के लीडर्स को अपने सामने सर झुकाने पर मजबूर किया था। और शाह फैसल के 50 साल बाद आज उसी तरह ईरान के सुप्रीम
Speaker A
लीडर ने भी स्ट्रेट ऑफ होमस बंद करके पूरी दुनिया की इकॉनमी को हिला कर रख दिया है। 329 देख ज्यादा खुश होने के बजाय आज हमें दुनिया के हालात को थोड़ा गौर से देखना होगा। स्ट्रेट ऑफ हॉरमोस्ट बंद होने की
Speaker A
वजह से दुनिया की इकॉनमी तो गिर रही है। [संगीत] ठीक है? लेकिन यहां से आगे इसके सिर्फ दो ही बड़े आउटकम्स हो सकते हैं। पहला आउटकम तो यह है कि ईरान इसी तरह आने वाले कई अरसे तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस इसी
Speaker A
तरह बंद रखें जिससे पूरी दुनिया की इकॉनमी इतनी कमजोर हो कि बड़े-बड़े कंट्रीज मिलकर अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप पर इतना प्रेशर डाले कि वो मजबूर होकर यह जंग खत्म कर दे। लेकिन दूसरा आउटकम थोड़ा खतरनाक है। इस जंग से पहले ही ईरान
Speaker A
अमेरिका को धमकी दे चुका था कि अगर अमेरिका ने उस पर हमला किया तो ईरान ये स्ट्रेट ऑफ होमोस बंद कर देगा। लेकिन यह जानते हुए भी अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया। मिलिट्रीमली कुछ लोग आज ये भी कह रहे हैं कि अमेरिका
Speaker A
चाहता ही यही है कि ईरान ये स्टेट ऑफ होमोस बंद करे। क्योंकि आज से 50 साल पहले जब ईरान पर उसके पहले सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खुमेनी की हुकूमत। उस जमाने में भी बिल्कुल आज की तरह अमेरिका ईरान के सुप्रीम लीडर को पसंद
Speaker A
नहीं करता था। इसीलिए अमेरिका ने एक और मुसलमान लीडर को सपोर्ट किया कि वो ईरान की खुमेनी पर हमला करें। और इस लीडर का नाम था सद्दाम हुसैन। सद्दाम हुसैन और खुमेनी की जंग शुरू। [संगीत] पहले तो ऐसा लग रहा था कि सद्दाम हुसैन
Speaker A
अमेरिका की मदद से खुमेनी को आसानी से हरा देगा। लेकिन जैसे-जैसे यह जंग गर्म होती गई सद्दाम हुसैन के हालात खराब होने लगे। [संगीत] और सद्दाम हुसैन को समझ आ गई कि अब वो यह जंग नहीं जीत सकता। इसीलिए सदाम
Speaker A
हुसैन अमेरिका से मदद मांगने लगा और अमेरिका से कहने लगा कि अब वो खुद इस जंग में आकर सदाम हुसैन की मदद करें और [संगीत] अपनी पूरी ताकत से ईरान पर हमला कर दे। अमेरिका भी ईरान पर हमला करना चाहता था।
Speaker A
लेकिन किसी पर भी हमला करने के लिए अमेरिका को हमेशा एक बहाने की जरूरत होती है। [संगीत] इसीलिए अब अमेरिका और सद्दाम मिलकर एक प्लान बनाने लगे। और आखिर उन्होंने यह प्लान बनाया कि सद्दाम स्टेट ऑफ हुरमुस में जितनी भी ईरान की कश्तियां
Speaker A
हैं उन सब पर हमला करके उन्हें तबाह कर दिया। जिसे देखकर ईरान गुस्से में आए और सद्दाम से बदला लेने के लिए इस ट्रेट ऑफ हुर्मस को पूरी दुनिया के लिए बंद कर दे। जिससे पूरी दुनिया की इकॉनमी गिरने [संगीत] लगे।
Speaker A
और अमेरिका इस ट्रेट ऑफ हुर्मस का बहाना बनाकर ईरान पर हमला कर जिसके बाद सदाम ने ऐसा ही किया। ईरान की सारी कश्तियां उड़ा दी। लेकिन उस जमाने में ईरान के सुप्रीम लीडर खुमेनी बिल्कुल भी गुस्से में नहीं आया और उसने स्टेट ऑफ
Speaker A
होमोस बंद नहीं किया। खुमेनी की इस जबरदस्त स्ट्रेटजी से अमेरिका ईरान पर हमला नहीं कर सका। लेकिन अमेरिका तो अमेरिका है। 2 साल बाद अमेरिका ने एक नया बहाना बनाया और इस नए बहाने से ईरान पर दोबारा हमला कर दिया।
Speaker A
इसी तरह अगर आज के हालात को देखा जाए तो हो सकता है अमेरिका एक बार फिर यही चाहता है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ हुरमुस बन जाए जिससे पूरी दुनिया की इकॉनमी गिरने लगे और अब तक वो ईरान जिसे पूरी दुनिया इस जंग
Speaker A
में एक हीरो समझती है आहिस्ता-आहिस्ता प।
Speaker A
और दुनिया की इकॉनमी को बचा [संगीत] ले और दुनिया उसे एक हीरो माने दे और ये तो ट्रंप ने खुद भी कहा है कि अगर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होमोस नहीं खोला [संगीत] तो मैं ईरान पर बहुत बड़ा हमला करूंगा
Speaker A
और फिर स्टेट ऑफ हुमस खोलकर यह मेरी तरफ से पूरी दुनिया के लिए एक [संगीत] गिफ्ट होगा और अब तो ईरान के सुप्रीम लीडर ने भी मैसेज न्यूली अपॉइंटेड सुप्रीम लीडर अपनी पहली स्पीच में ऐलान कर दिया कि यह
Speaker A
जंग तब तक नहीं रुकेगी जब तक हम आयतुल्लाह अली खामनाई और उन सारे बच्चियों की शहादत का बदला नहीं लेते। सेड ईरान वुड अवेंज द ब्लड ऑफ़ इट्स मास जिन्हें अमेरिका और इजराइल ने शहीद किया है। और यह स्टेट ऑफ होमोस इसी तरह आगे भी बंद
Speaker A
रहेगी। [संगीत] ईरान कभी सरेंडर नहीं करेगा।
Topics:ईरानस्ट्रेट ऑफ हॉर्मोसतेल ब्लॉकेडवैश्विक अर्थव्यवस्थाअमेरिका-ईरान संघर्षमिडिल ईस्टऑयल सप्लाईइजराइलसुप्रीम लीडरजंग











