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Cockroach Janta Party has started a REVOLUTION! | Dhruv Rathee

सरकारी स्कूलों की बदहाली और कॉकरोच जनता पार्टी की स्कूल ठीक करो क्रांति पर विस्तृत चर्चा।

Key Takeaways

  • सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति देशभर में व्यापक है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
  • कॉकरोच जनता पार्टी ने इस समस्या को उजागर कर शिक्षा सुधार के लिए एक बड़ा आंदोलन शुरू किया है।
  • सरकार की प्रतिक्रिया ज्यादातर दिखावटी रही, वास्तविक सुधार की कमी है।
  • आम जनता और छात्र स्वयं अपने स्कूलों की स्थिति उजागर कर रहे हैं, जिससे शिक्षा मुद्दा राष्ट्रीय बहस में आया है।
  • शिक्षा सुधार के लिए सामूहिक आवाज और सक्रियता जरूरी है।

What the video covers

  • देश के कई सरकारी स्कूल भैंसों के साथ एक ही जगह चल रहे हैं, जहां बच्चों को खराब परिस्थितियों में पढ़ना पड़ता है।
  • कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने स्कूल ठीक करो अभियान की शुरुआत कर शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की।
  • छात्रों ने कई राज्यों में खराब स्कूल सुविधाओं के खिलाफ प्रोटेस्ट किया, जैसे टूटी छत, गंदे टॉयलेट्स और शिक्षक अभाव।
  • सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने स्कूलों की खराब हालत उजागर करते हुए 15 अगस्त से अभियान शुरू किया।
  • महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड समेत कई राज्यों के स्कूलों की स्थिति बेहद खराब पाई गई।
  • सरकार ने वीडियो वायरल होने के बाद स्कूलों की स्थिति सुधारने का दिखावा किया, लेकिन वास्तविक सुधार नहीं हुआ।
  • आम लोगों ने सोशल मीडिया पर स्कूलों की हालत दिखाने के लिए वीडियो बनाकर साझा करना शुरू किया।
  • सीजेपी ने स्कूलों की ऑडिट रिपोर्ट्स एक वेबसाइट पर इकट्ठा की हैं, जिसमें विभिन्न राज्यों के स्कूल शामिल हैं।
  • यह आंदोलन शिक्षा के मुद्दे को राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहा है और जनता की आवाज बुलंद कर रहा है।
  • वीडियो में एआई मास्टर क्लास का प्रचार भी है, जो दर्शकों को एआई टूल्स सिखाने के लिए लाइव वर्कशॉप का निमंत्रण देता है।

Answers

Questions about this video

कॉकरोच जनता पार्टी ने स्कूल ठीक करो अभियान क्यों शुरू किया?

कॉकरोच जनता पार्टी ने ग्रामीण स्कूलों की खराब स्थिति को उजागर करने और शिक्षा सुधार की मांग के लिए स्कूल ठीक करो अभियान शुरू किया। वे चाहते हैं कि बच्चों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिलें।

सरकारी स्कूलों की मुख्य समस्याएं क्या हैं?

सरकारी स्कूलों में टूटी छत, गंदे टॉयलेट, पानी की कमी, शिक्षक अभाव, खराब बेंच और खाने की खराब गुणवत्ता जैसी समस्याएं आम हैं। कई स्कूल खतरनाक स्थिति में हैं।

सरकार ने स्कूलों की खराब स्थिति पर क्या प्रतिक्रिया दी?

सरकार ने वीडियो वायरल होने के बाद कुछ स्कूलों की लाइटें और सुविधाएं ठीक करने का दिखावा किया, लेकिन वास्तविक सुधार नहीं हुआ और कई जगहों पर समस्या जस की तस बनी रही।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
क्या आप जानते हो दोस्तों, इस देश में एक सरकारी स्कूल ऐसा भी है जो भैंसों के एक तबेले में चलता है। ऊपर टिन की छत है। बगल में भैंसों का चारा रखा है और वही जमीन पर बैठकर छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं।
00:12
Speaker A
मतलब जहां जानवरों का चारा रखा हुआ है, वहां पर आप बच्चों को पढ़ा रहे हैं। नहीं, आप कैमरे पर हाथ नहीं लगाएंगे। और यह कोई एक दिन की टेंपरेरी अरेंजमेंट नहीं है। यह पूरे एक साल से ऐसे ही चल रहा
00:23
Speaker A
है। इससे भी शॉकिंग बात यह है कि जब कुछ लोग स्कूल का वीडियो बनाने पहुंचे, तो उनकी गाड़ियां तोड़ दी गई। उनके साथ मारपीट की गई और यहां तक कि महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया। लेकिन बात सिर्फ इस एक गांव की नहीं है दोस्तों। आज
00:41
Speaker A
देश के लगभग हर गांव में स्कूल्स हर बातचीत के सेंटर में आ गए हैं। यहां पर एक तरफ है आम लोग जो अपने फोन के कैमरा से स्कूल्स की सच्चाई दिखाने में लगे। सब लोग नहीं, कम से कम
01:03
Speaker A
बताओ अगर आप क्या बन जाते हैं क्या? और दूसरी तरफ पूरा सरकारी सिस्टम जो सच्चाई छुपाने के लिए सब कुछ करने को तैयार है। इस सब का नतीजा यह हुआ है कि पिछले कुछ हफ्तों में देश की राजनीति की
01:16
Speaker A
सुई आलतू-फालतू मुद्दों से घूमकर एजुकेशन पर आ गई है। हिंदू मुस्लिम की राजनीति फेल हो चुकी है और जिस देश को पिछले 12 सालों में डराधमका कर चुप रहना सिखाया गया, वो देश अब बोलने लगा है और उसकी एक ही मांग
01:30
Speaker A
है हमारे बच्चों के स्कूल्स ठीक करो। आगे बढ़ने से पहले बताना चाहूंगा दोस्तों इस संडे शाम को 7:00 बजे मैं लाइव आ रहा हूं आपके सामने द एआई मास्टर क्लास में। यह एक 3 घंटे की लाइव वर्कशॉप है जहां मैं
01:46
Speaker A
आपको 30 सबसे इंपॉर्टेंट एआई टूल्स सिखाता हूं। बिल्कुल ज़ीरो से। चाहे आप एक स्टूडेंट हो, जॉब करते हो या आपका अपना बिजनेस हो। जहां आपको एआई से मैं गाने बनाना सिखाऊंगा, एनिमेटेड वीडियोस बनाना सिखाऊंगा। खुद की प्रेजेंटेशंस और इवन
01:58
Speaker A
पूरी की पूरी वेबसाइट्स बनाना सिखाऊंगा। और ये सब इसी भाषा और स्टाइल में जैसे मैं अभी आपसे बात कर रहा हूं। यह फास्टेस्ट और सबसे अफोर्डेबल तरीका है अपने आपको एआई की फील्ड में अपस्किल करने का क्योंकि इसकी
02:07
Speaker A
कॉस्ट सिर्फ दो मूवी टिकटों जितनी है और अगर आप लाइव ना जुड़ पाओ तो आप रिकॉर्डिंग भी देख सकते हो अगले 7 दिनों तक। देर मत करना टाइम बहुत कम बचा है और 1.5 लाख से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा चुके हैं। तो
02:18
Speaker A
जल्दी जाकर नीचे दिए गए डिस्क्रिप्शन और पिंड कमेंट में लिंक पर क्लिक करके ज्वाइन कर सकते हो। नमस्कार दोस्तों, इस पूरे बदलाव के पीछे सारा क्रेडिट जाता है कॉकरोच जनता पार्टी को। अब वैसे तो कॉकरोच जनता पार्टी ने ऑफिशियली स्कूल ठीक करो
02:33
Speaker A
कैंपेन की शुरुआत 15 अगस्त को करी थी। लेकिन इससे पहले ही जेन अल्फा के बच्चे इस कैंपेन को लांच कर चुके थे। जंतरमंतर के प्रोटेस्ट से इंस्पायर होकर जुलाई से ही कई राज्यों में स्टूडेंट्स खुद ही सड़क पर
02:45
Speaker A
उतरने लगे थे। जैसे कि उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में सर्वोदय इंटर कॉलेज के 10,500 बच्चों ने खराब पंखों, टूटी डेस्क और गंदे टॉयलेट्स के खिलाफ प्रोटेस्ट किया। बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी बच्चों ने ऐसे ही प्रोटेस्ट किए। राजस्थान में तो
03:01
Speaker A
कई जगह स्टूडेंट्स ने टीचर्स ना होने पर स्कूल्स पर ताला ही लगा दिया। हमारी मांगे हैं सेकंड ग्रेड, फर्स्ट ग्रेड और थर्ड ग्रेड, एल1, एल2 सभी के टीचर लगाएं। वरना तब तक ना तो ये स्कूल का लॉक खुलेगा।
03:11
Speaker A
और जयपुर में हियरिंग एंड स्पीच डिसेबिलिटीज वाले स्टूडेंट्स तक प्रोटेस्ट करने पर उतर आए। ये बिल्कुल परेशान हैं सरकार से। ये अपने टीचर से परेशान हैं, प्रिंसिपल से परेशान हैं। ये बोल-बोल के बोल-बोल बोल सकते नहीं हैं। फिर भी ये कह कह के थक चुके हैं कि
03:24
Speaker A
हमारा वाशरूम खराब है। ये सब खराब है। लेकिन इस पॉइंट तक ये सारा गुस्सा बिखरा हुआ था। सीजेपी ने इस बिखरे हुए गुस्से को एक रास्ता दिखाया। 10 अगस्त को सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने एक वीडियो पोस्ट करके कहा कि आजादी के 80 साल बाद भी
03:37
Speaker A
कैसे गांव के स्कूल्स में ना पीने का पानी है, ना वॉशरूम्स हैं। नई पार्लियामेंट बन गई है। नया पीएम हाउस बन गया है। लेकिन स्कूल्स नहीं बने। 80 साल में हम लोगों ने गांव में जो स्कूल होते हैं उन पर जरा भी
03:49
Speaker A
काम नहीं किया है। हमने नई पार्लियामेंट बना दी, नया पीएम हाउस बना दिया। तो हम नए स्कूल्स क्यों नहीं बना पाए हमारे गांव में?
03:54
Speaker A
इसी के बाद था कि अभिजीत ने ऐलान किया कि सीजेपी 15 अगस्त से ऑफिशियली स्कूल ठीक करो कैंपेन शुरू करेगी। उन्होंने पेरेंट्स से अपील की कि वो भी इस कैंपेन में शामिल हो। क्योंकि आपके बच्चों की जो स्कूलिंग है वो
04:06
Speaker A
अच्छी होनी चाहिए। वो आपका फंडामेंटल राइट है। आपके बच्चों का फंडामेंटल राइट है। और पॉलिटिकल पार्टी से सीधे शब्दों में कहा कि अगर वोट्स चाहिए तो गांव के स्कूल्स ठीक करो। अगर इन लोगों को हमारे वोट चाहिए तो आओ
04:19
Speaker A
हमारे गांव में सरकारी स्कूल ठीक करो। सबसे पहले अभिजीत महाराष्ट्र के हिंंगोली में अपने ही गांव के संतूक पिंपरी के सरकारी स्कूल पहुंच गए। स्कूल की खिड़कियां टूटी हुई थीं और उन टूटी हुई खिड़कियों को ढका गया था महाराष्ट्र के
04:31
Speaker A
डेपुटी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे के पोस्टर्स और बोरियों से। टॉयलेट इतना गंदा था कि लग रहा था जैसे सालों से साफ ना हुआ हो और बच्चों के लिए ना बेंचेस थे, ना पीने का पानी था। लेकिन यह सब तो सिर्फ शुरुआत
04:43
Speaker A
थी। बाद में जैसे-जैसे अभिजीत महाराष्ट्र के बाकी स्कूल्स में गए और ज्यादा खराब हालात सामने आने लगे। एक स्कूल का किचन पूरा काला हुआ पड़ा था। छत से पानी टपक रहा था। मकड़ी के जाले लगे थे और खाना
04:55
Speaker A
चूल्हे पर बनाया जा रहा था। सरकार दावा करती है सिलेंडर का उला उज्ज्वला योजना का। लेकिन यहां पर हकीकत ये है कि चूल्हे पर खाना बन रहा है। एक स्कूल का वाशरूम ऐसा था कि उसका दरवाजा टूट कर अलग पड़ा था और पानी तक नहीं आ रहा
05:06
Speaker A
था। पानी नहीं। इस वीडियो को देखिए। इस क्लासरूम को देखकर यह बताना मुश्किल था कि ये क्लासरूम है या कबाड़ खाना। धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर ये वीडियोस वायरल होने लगे। और जब इससे सरकार की ज्यादा बेइज्जती होने लगी तब उन्होंने
05:20
Speaker A
अभिजीत के इंस्पेक्शन से पहले स्कूल की लाइटें, खाना खाने की प्लेट्स ये सब ठीक-ठाक करना शुरू कर दिया था। इतने दिन दिया क्या इन्होंने? नहीं, लाइट भी था स्कूल में नहीं। यह सारा इन्हें है ना, यह जो यह जो प्लेट देख रहा हूं यह भी आज ही
05:39
Speaker A
कई जगहों पर तो सच छिपाने के लिए इन्होंने दूसरे स्कूल से बच्चों को लाकर बैठाना शुरू कर दिया। अभिजीत के आने से पहले जो बच्चे दूसरे स्कूल के स्कूल कौन से स्कूल के हो? आप पीपल आप स्कूल के नहीं हो।
05:57
Speaker A
तुम्हारे तुम्हारे स्कूल में ये तुम्हारा स्कूल नहीं है। इमेजिन कर सकते हो कितनी अजीबोगरीब चीज है ये। दूसरे स्कूल के बच्चों को यहां लाकर बिठाया जा रहा है। लेकिन यह सिर्फ महाराष्ट्र की कहानी नहीं थी। सीजेपी के बाकी लोग दूसरी स्टेट्स के स्कूल्स में
06:13
Speaker A
जाने लगे। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर के प्राइमरी स्कूल में एक कमरे की छत गिरी हुई थी। दीवारों में क्रैक्स थे। लड़कियों के वॉशरूम का दरवाजा टूटा हुआ था और हैंडवाश के प्लेटफार्म में टैप और पानी दोनों गायब थे। कुछ जगहों पर स्टूडेंट्स
06:26
Speaker A
खुद इस इनिशिएटिव को आगे बढ़ाने लगे। जैसे कि मध्य प्रदेश के मुरैना में एक लड़के ने खुद अपने गांव के स्कूल का ऑडिट किया। जहां पीने का पानी नहीं था। वाशरूम पर ताला लटका था और प्लेग्राउंड एक दलदल बन
06:37
Speaker A
चुका था। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर के स्कूल के बीच में से एक खुली नाली बह रही थी। कुछ जगहों पर स्कूलों की हालत तो इतनी खराब थी कि सीधे-सीधे बच्चों की जान को खतरा था। जैसे कि मध्य प्रदेश के मवई का
06:52
Speaker A
सरकारी स्कूल। यह देखने में स्कूल कम खंडर ज्यादा लगता है। इसकी छत इतनी कमजोर है कि कभी भी गिर सकती है और उसी के नीचे बैठकर बच्चे रोज पढ़ते हैं। क्या आप अपने बच्चों को ऐसी जगह पढ़ते देखना चाहते हो? झारखंड
07:04
Speaker A
के एक स्कूल के पिलर्स और छत में भी ऐसे ही क्रैक्स हैं। जगह बंद करके दिखाओ। पिलर फट चुका है। क्रैक आ चुका है एकदम नीचे से ऊपर तक। और राजस्थान के अलवर में तो एक स्कूल की छत सच में गिर गई। जिसके बाद सीजेपी के
07:15
Speaker A
आशुतोष रांका को वहां धरने पर बैठना पड़ा। आसाम के नोयापुर के स्कूल्स में ना पंखे चल रहे थे, ना पानी था और छत टूटी हुई थी। हरियाणा में भी सीजेपी की टीम ने 16-17 स्कूलों का ऑडिट किया जहां कहीं टूटी हुई
07:27
Speaker A
बेंचेस पड़ी थीं तो कहीं ऐसा स्कूल था जो हर बारिश में तालाब बन जाता था। अच्छी चीज यह है कि अब लोगों ने खुद से ऑडिट करने शुरू कर दिए हैं। अगर आप Instagram पर हैशटैग स्कूल ठीक करो सर्च करोगे तो हजारों
07:39
Speaker A
वीडियोस मिलेंगे और इनमें से ज्यादातर वीडियोस आम लोगों ने खुद अपने आसपास के स्कूलों में जाकर बनाए हैं। मैं आपको भी कहूंगा दोस्तों आप भी अपने आसपास के स्कूलों में जाओ और उनकी कंडीशंस को हाईलाइट करो। सोशल मीडिया पर वीडियोस शेयर
07:51
Speaker A
करो। सीजेपी के वालंटियर्स इन सारे वीडियोस को वेरीफाई करने के बाद एक वेबसाइट पर इकट्ठा कर रहे हैं। जहां अब तक 164 स्कूल्स की ऑडिट रिपोर्ट्स वेरीफाई हो चुकी हैं। इस वेबसाइट पर जाकर आप खुद इन स्कूलों की हालत देख सकते हो और ऐसा नहीं
08:04
Speaker A
है कि ये सिर्फ बीजेपी रूल स्टेट्स में हो रहा हो। इसी वेबसाइट पर 164 में से कांग्रेस शासित कर्नाटका में चार, तेलंगाना में तीन और जेएमएम कांग्रेस की सरकार वाले झारखंड में भी चार स्कूल्स का वेरीफाइड ऑडिट हो चुका है। तो बहुत सी
08:17
Speaker A
झूठी खबरें आपने सुनी होंगी कि ये सिर्फ बीजेपी वाली स्टेट्स को टारगेट कर रहे हैं। यह बात बिल्कुल भी सच नहीं है। लेकिन यहां पर एक और बड़ा सवाल उठता है।
08:27
Speaker A
उदाहरण है। कहीं ऐसा तो नहीं बाकी स्कूल्स जो है देश में वो ठीक-ठाक हालत में हो और यहां पर सिर्फ सबसे बेकार उदाहरणों को चुना गया हो। इसका जवाब दोस्तों खुद सरकार ने अपने आंकड़ों में छिपाया है। 2014 से
08:39
Speaker A
लेकर 2024 के बीच में यानी सिर्फ 10 सालों का समय जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं। देश भर में लगभग 94 था,000 सरकारी स्कूल्स बंद हो चुके हैं। यह डाटा आप खुद वेरीफाई करके देख सकते हो। मैं हर
08:52
Speaker A
वीडियो के नीचे एक सोर्सेस लिंक डालता हूं जहां पर एक पीडीएफ में सारे सोर्सेस एक जगह पर आपको मिल सकते हैं। लेकिन यह जो डाटा पॉइंट है यह हमें बताता है कि हर दिन दोस्तों एवरेज निकालें तो हर दिन इस देश
09:04
Speaker A
में 25 से ज्यादा स्कूल्स बंद हुए हैं पिछले 10 सालों में और इसका असर सीधा एनरोलमेंट पर भी दिखा है। सिर्फ 2022 से 2024 के बीच सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 13.62 करोड़ से गिरकर 12.16 करोड़ पर हो गई है। यानी
09:19
Speaker A
सिर्फ दो साल में ऑलमोस्ट डेढ़ करोड़ बच्चे सरकारी स्कूल से बाहर निकल गए हैं। और ये एक ऐसे समय पर हो रहा है जब देश की पपुलेशन ऊपर जा रही है। आप कहोगे कि कहीं ऐसा तो नहीं कि ये लोग प्राइवेट स्कूलों
09:30
Speaker A
में शिफ्ट हो रहे हैं। कुछ हद तक जरूर हो रहे हैं लेकिन सारे नहीं हो रहे। इन्हीं दो सालों में प्राइवेट स्कूल्स के एनरोलमेंट में 1.17 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। यानी जिनके पेरेंट्स फीस अफोर्ड कर सकते थे वो प्राइवेट स्कूल्स में चले गए।
09:42
Speaker A
लेकिन बाकी बच्चे सीधा एजुकेशन सिस्टम से बाहर ही हो गए। उन्हें बेसिक एजुकेशन तक नहीं मिल रही है देश में। सबसे ज्यादा स्कूल्स बंद हुए हैं मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में। मध्य प्रदेश में 2018 से 2019 के बीच में सिर्फ 1 साल में 22,600 सरकारी
09:57
Speaker A
स्कूल्स बंद हुए। और उत्तर प्रदेश में इसी दौरान 25,000 स्कूल्स बंद हुए। और जो स्कूल्स चल रहे हैं उनकी हालत राजस्थान के इस सर्वे से समझिए। अगस्त 2025 में हुए इस सर्वे में सामने आया कि राज्य के 6538
10:10
Speaker A
सरकारी स्कूल्स में से 45365 स्कूल्स को मेजर रिपेयर्स की जरूरत है। यानी हर 10 में से सात स्कूल्स टूटे हुए हैं। इसी सर्वे में 83,000 से ज्यादा क्लासरूम्स पूरी तरह जजर हालत में मिले और सबसे शॉकिंग आंकड़ा यह है कि पूरे
10:26
Speaker A
राजस्थान में 611 सरकारी स्कूल्स ऐसे हैं जिनकी अपनी कोई बिल्डिंग ही नहीं है। 2000 स्कूल्स के पास वाशरूम्स तक नहीं है और 1000 स्कूल्स में पीने का पानी नहीं है और यहां सिर्फ राजस्थान स्टेट की बात हो रही
10:39
Speaker A
है। इन आंकड़ों और वीडियोस के सामने आने के बाद किसी भी सरकार के पास दो रास्ते बचते हैं। पहला रास्ता यह है कि स्कूल्स को ठीक करना शुरू कर दो और दूसरा रास्ता है कि स्कूल्स दिखाने वालों को ही चुप करा
10:50
Speaker A
दो डराधमका कर। और अनफॉर्चूनेटली दोस्तों हमारी सरकार ने यह दूसरा रास्ता चुना। 21 अगस्त 2026 को सीजेपी के आशुतोष रांका अपनी टीम के साथ जयपुर के पास के एक स्कूल में गए जो एक तबेले में चल रहा था। पहले
11:02
Speaker A
इस गांव में एक प्रॉपर सरकारी स्कूल होता था लेकिन उसकी बिल्डिंग को जुलाई 2025 में बच्चों के लिए अनसेफ घोषित कर दिया गया और उसके बाद से यह स्कूल भैंसों के तबेले में शिफ्ट हो गया। 5 साल से स्कूल की हालत को
11:14
Speaker A
लेकर एप्लीकेशनेशंस दी जा रही थी। लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। 2021 से वो एप्लीकेशन दे रही है, ज्ञापन दे रही है और कोई सुनवाई नहीं हो रही है गवर्नमेंट की तरफ से। और जब सीजेपी के लोग यहां पहुंचे इस चीज को पब्लिक को दिखाने
11:26
Speaker A
के लिए तो गांव के बॉर्डर पर उनकी गाड़ियां ही रोक दी गई और बीजेपी से जुड़े लोगों ने उन पर हमला कर दिया। पत्थर फेंके गए, लाठियां मारी गई। सोच सकते हो आप? इस हमले में एक वालंटियर का हाथ भी टूट गया
11:37
Speaker A
और दूसरे वालंटियर को गंभीर चोटें आई और राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इन गुंडों को सीजेपी पर हमला करने के लिए बधाई दी। गांव वालों ने अपनी विद्यालय की सुरक्षा की है। मैं उनको बधाई देता हूं। यहां आप
11:49
Speaker A
साफ देख सकते हो दोस्तों कि यह लोग नहीं चाहते कि आप लोगों के बच्चे अच्छे सरकारी स्कूलों में पढ़े। इसके बाद अलग-अलग बीजेपी सरकारों ने जो किया उसे एक ही शब्द में समझा जा सकता है और वह शब्द है
12:00
Speaker A
टूलकिट। वही पुरानी घिसीपिटी है डराधमका कर चुप कराने वाली टूलकिट जो पिछले 12 सालों में इस देश में बार-बार देखी गई है। इस टूलकिट का पहला हथियार है एफआईआर। उत्तर प्रदेश के कम से कम आठ डिस्ट्रिक्ट्स में स्कूल्स के वीडियोस
12:14
Speaker A
बनाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जैसे कि मेरठ के अयान ने वीडियो बनाकर स्कूल्स के गंदे टॉयलेट्स, अनसेफ ड्रिंकिंग वाटर और सांपों वाला ग्राउंड दिखाया था। यह वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, अयान को अरेस्ट कर लिया गया। उत्तर प्रदेश
12:27
Speaker A
के देवरिया में भी रजत सिंह ने गंदगी से भरे स्कूल्स दिखाए तो उनके ऊपर एफआईआर दर्ज कर दी गई। एफआईआर में ट्रेस पासिंग की धारा लगाई गई। जबकि स्कूल में कोई बाउंड्री ही नहीं थी जिसे ट्रेस पास किया
12:37
Speaker A
जा सकता था। महाराष्ट्र के लातूर में खुद अभिजीत दीपके के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और आरोप यह लगाया गया कि वह बिना परमिशन के स्कूल में घुसे पढ़ाई में बाधा डाली और स्कूल को बदनाम किया। यानी जो बंदा यहां
12:49
Speaker A
पर स्कूल्स को ठीक कराने की कोशिश कर रहा है उसे ही कह दो कि वो स्कूल्स को बदनाम कर रहा है। इस टूलकिट का दूसरा हथियार है पाबंदी। राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मुंबई में स्कूल्स के अंदर बिना परमिशन
13:00
Speaker A
के जाने पर रिस्ट्रिक्शंस लगा दी गई है। और राजस्थान में तो यहां तक कह दिया गया है कि आदेश तोड़ने वालों पर पोक्सो एक्ट लगाया जाएगा। लेकिन इसके जवाब में अशोक शेरा नाम के क्रिएटर एक ऐसा स्कूल ढूंढ
13:12
Speaker A
लाए जिसकी कोई बिल्डिंग ही नहीं है। और उन्होंने वहां जाकर कहा कि जब बिल्डिंग ही नहीं है तो बिल्डिंग में घुसने की परमिशन कहां से लेंगे? भवन के अंदर घुसना अगर मुझे है तो पहले मुझे परमिशन लेनी थी।
13:22
Speaker A
लेकिन यहां मुझे भवन ही नहीं दिखा। यह स्कूल एक झोपड़ी में चल रहा है और यहां बच्चे रेत पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। इस टूलकिट का तीसरा सबसे खतरनाक हथियार है अपने गुंडे भेजकर हमला करवाना। जैसे कि वेस्ट बंगाल के बांकुड़ा में सीजेपी के
13:35
Speaker A
वालंटियर अब्दुल हाफिज और उनके पिता पर बीजेपी के गुंडों ने हमला किया। यह हमला ब्लेड्स और शार्प हथियारों से किया गया और इसी हमले में इनके पिता की मौत भी हो गई। सोच कर देखो दोस्तों, एक आदमी की जान
13:47
Speaker A
सिर्फ इसलिए चली गई क्योंकि उसके बेटे ने एक सरकारी स्कूल का वीडियो बनाया था और वो सरकारी स्कूल को बेहतर करना चाहता था। मेरे जो पिताजी थे वो चल वैसे हम लोग ये किस लिए कर रहे थे? स्कूल ठीक करने के
13:59
Speaker A
लिए? कंपनसेशन के बदले एक गवर्नमेंट जो है एक वर्ल्ड क्लास स्कूल बनाए तो मेरे पापा के नाम पे हो। यह सारी खबरें मेन स्ट्रीम मीडिया आपको नहीं दिखाएगा क्योंकि वो सरकार की गोदी में बैठा है। इतनी एफआईआर, इतनी पाबंदी और इतनी हिंसा देखकर शायद
14:13
Speaker A
आपको लगे कि यह कैंपेन पूरी तरीके से फ्लॉप रही होगी। लेकिन जमीन पर दोस्तों इसका ठीक उल्टा शुरू होना हो चुका है। पहला बदलाव वहीं से आया जहां से कैंपेन शुरू हुई थी। संतूक पिंपरी में सिर्फ 3 दिन के अंदर-अंदर स्कूल्स में बेंचेस आ गए
14:27
Speaker A
और पहली बार स्कूल में कंप्यूटरटर्स भी पहुंच गए। एक प्रिंसिपल जो नशे की हालत में स्कूल आता था उसे सस्पेंड कर दिया गया। प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया है। ऐसे ही उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर में 3 दिन के अंदर-अंदर रिपेयर का काम शुरू हो
14:41
Speaker A
गया और गर्ल्स वाशरूम में दरवाजा लग गया। वाशरूम साफ किया गया। सरकार पर प्रेशर इतना पड़ा कि 20 अगस्त को यूपी के शिक्षा विभाग ने लगभग 400 प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूल्स के लिए 14 पॉइंट्स की एक चेक लिस्ट जारी करी जिसमें पीने का पानी,
14:54
Speaker A
लड़के लड़कियों के लिए अलग टॉयलेट्स, बिजली, सेफ्टी, ब्लैक बोर्ड्स और मेस के खाने की क्वालिटी की जांच शामिल थी। और वो जो तबेले वाला स्कूल जिसकी बात मैंने वीडियो के शुरू में करी थी अच्छी खबर यह है दोस्तों कि उस स्कूल के कंस्ट्रक्शन का
15:07
Speaker A
ऐलान हो चुका है कि उसका काम 1 सितंबर से शुरू होगा। लेकिन इससे भी ज्यादा अच्छी खबर यह है कि 24 अगस्त को वही राजस्थान सरकार जिसके राज में सीजेपी वालंटियर्स पर पत्थर चले थे और जो पॉक्सो एक्ट लगाने की
15:19
Speaker A
धमकियां दे रही थी वो 3 साल का लगभग ₹1500 करोड़ का स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर रोड मैप लेकर आ गई है। इस प्लान के अनुसार 3500 से ज्यादा नई स्कूल बिल्डिंग्स बनेंगी। 22,500 स्कूल्स की बड़ी मरम्मत होगी और 13,600 टॉयलेट कॉम्प्लेक्सेस बनेंगे और 80
15:36
Speaker A
हजार से ज्यादा नए क्लासरूम्स भी बनेंगे। स्कूल सर्वे में जितने क्लासरूम्स जजर हालत में मिले थे उतने ही नए क्लासरूम सरकार ने बनाने का ऐलान कर दिया है। इसका मतलब समझिए सरकार को सब पता था। टूटे हुए क्लासरूम्स की एक-एक गिनती तक पता थी। कमी
15:51
Speaker A
सिर्फ एक चीज की थी करने के इरादे की और वो इरादा हजारों फोन कैमरास ने सिर्फ 10 दिनों में पैदा कर दिया। यह सब देखकर दोस्तों आपको अपनी ताकत का एहसास हो जाना चाहिए। आप लोगों के पास कितनी ताकत है।
16:04
Speaker A
सिर्फ एक फोन का कैमरा उठाने की देर है। अपनी आवाज उठाने की हिम्मत करो और देखो कितनी जल्दी देश में बदलाव आता है। इस सरकार को यकीन था कि जनता को असली मुद्दों से हमेशा भटकाया जा सकता है फालतू की
16:16
Speaker A
बातें करके। हिंदू मुस्लिम के मुद्दे उठाकर अपने गोदी मीडिया का इस्तेमाल करके। लेकिन इस कैंपेन ने यकीन दिला दिया है लोगों को कि जनता के पास है असली ताकत। आप लोग हो जो सरकार को चलाते हो। यह एक ऐसी
16:27
Speaker A
रेवोल्यूशन है जिसका देश को सालों से इंतजार था और इस कहानी का अगला हिस्सा किसी नेता या किसी पार्टी के हाथ में नहीं है बल्कि आप लोगों के हाथ में है। क्योंकि कैमरा आपकी जेब में भी है। आपके गांव में
16:39
Speaker A
आपके मोहल्ले में भी एक सरकारी स्कूल है तो अगली बार जब उसके सामने से गुजरो तो 5 मिनट रुक कर अंदर झांक कर जरूर देखो। अगर वहां सब ठीक है तो यह बात भी देश को पता चलनी चाहिए। और अगर वहां कुछ टूटा हुआ है
16:51
Speaker A
तो उसका वीडियो बनाइए और हैशटग स्कूल ठीक करो के साथ Instagram, Twitter या YouTube पर पोस्ट कीजिए। क्योंकि इस कैंपेन ने अब तक जितने भी स्कूल्स ठीक करवाए हैं उन सबकी शुरुआत ऐसे ही किसी एक वीडियो से हुई
17:03
Speaker A
थी। कंप्यूटर है। सीखना है। ठीक है ना? याद रखिए जिस देश में सच दिखना शुरू हो जाए वहां किसी तबेले में चलते स्कूल को ज्यादा दिन छिपाकर नहीं रखा जा सकता और स्कूलों के साथ-साथ अपनी भी अपस्किलिंग पर ध्यान दीजिए। एआई मास्टर क्लास को
17:26
Speaker A
ज्वाइन करना मत भूलिए जो कि इसी संडे शाम को 7:00 बजे होने जा रही है। जॉइ करने के लिए सीधा यहां क्लिक कर सकते हैं। और अगर अब आप पीछे की कहानी जानना चाहते हो कि इस पूरी रेवोल्यूशन की शुरुआत कैसे हुई थी।
17:36
Speaker A
जंतरमंतर प्रोटेस्ट से तो यह वाला वीडियो देख सकते हो। यहां क्लिक करते हैं। बहुत-बहुत धन्यवाद।
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