क्रिकेट अंपायर के उपयोग में आने वाले महत्वपूर्ण उपकरणों का परिचय और उनका उपयोग कैसे किया जाता है।
Key Takeaways
- अंपायर के पास कई उपकरण होते हैं जो मैच के सुचारू संचालन में मदद करते हैं।
- हर उपकरण का एक विशेष कार्य होता है जो नियमों के पालन को सुनिश्चित करता है।
- लाइट मीटर से मैच की सुरक्षा और खेल की गुणवत्ता को बनाए रखा जाता है।
- बॉल और बैट के नियमों का पालन करना खेल की निष्पक्षता के लिए आवश्यक है।
What the video covers
- अंपायर काउंटर का उपयोग ओवर्स, विकेट्स और बॉल्स की गिनती के लिए किया जाता है।
- बॉल गेज से बॉल के शेप और साइज को मापा जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बॉल नियमों के अनुसार है।
- अंपायर बैट गेज का उपयोग बैट की विड्थ, डेप्थ और एज की थिकनेस चेक करने के लिए किया जाता है।
- स्टम गेज से स्टंप्स की चौड़ाई (9 इंच) सुनिश्चित की जाती है और ग्राउंड में होल्स बनाए जाते हैं।
- लाइट मीटर से लाइट कंडीशंस को लक्स यूनिट्स में मापा जाता है, और खराब लाइटिंग पर मैच को सस्पेंड किया जा सकता है।
- लाइट मीटर के आधार पर ग्राउंड की फ्लड लाइट्स को ऑन करवाया जा सकता है।
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Speaker A
एक क्रिकेट अंपायर मैच चलाने के लिए कई सारे डिवाइसेस यूज करता है। सबसे बेसिक डिवाइस है अंपायर काउंटर, जिसका यूज करके अंपायर्स नंबर ऑफ ओवर्स, विकेट्स और बॉल्स का ट्रैक रखते हैं। फॉर एग्जांपल, एक विकेट गिरने पर अंपायर साइड में लगे डायल को घुमाते हैं और यह काउंटर जीरो से वन में शिफ्ट हो जाता है। बॉल के शेप और साइज को चेक करने के लिए बॉल गेज का यूज किया जाता है। इसमें दो कनेक्टेड रिंग्स होती हैं। पहली रिंग बॉल के मिनिमम अलाउड डायमीटर की होती है और दूसरी मैक्सिमम अलाउड डायमीटर की। अगर बॉल मिनिमम वाली रिंग से पास हो जाती है या मैक्सिमम वाली रिंग से पास नहीं हो पाती, मतलब बॉल का शेप बिगड़ गया है और अब उसे रिप्लेस करने की जरूरत है। सिमिलरली बैट की विड्थ, डेप्थ और एज की थिकनेस रूल्स के अकॉर्डिंग है या नहीं, इसे चेक करने के लिए अंपायर्स बैट गेज का यूज करते हैं। क्रिकेट में स्टंप्स एग्जैक्टली 9 इंच वाइड होने चाहिए। और इसे इंश्योर करने के लिए स्टम गेज का यूज करके ग्राउंड में होल्स किए जाते हैं। फाइनली, अंपायर्स के पास एक लाइट मीटर होता है, जिसका यूज करके अंपायर्स लाइट कंडीशंस को लक्स यूनिट्स में मेजर करते हैं। अगर अंपायर्स को लगता है कि लाइट की कमी से प्लेइंग कंडीशंस अनसेफ हो गई है, तो वो टेस्ट मैच को सस्पेंड कर देते हैं और इसी मीटर के बेस पर वो ग्राउंड की फ्लड लाइट्स को भी ऑन करवा सकते हैं।
Speaker A
को घुमाते हैं और यह काउंटर जीरो से वन में शिफ्ट हो जाता है। बॉल के शेप और साइज को चेक करने के लिए बॉल गेज का यूज किया जाता है। इसमें दो कनेक्टेड रिंग्स होती हैं। पहली रिंग बॉल के मिनिमम अलाउड
Speaker A
डायमीटर की होती है और दूसरी मैक्सिमम अलाउड डायमीटर की। अगर बॉल मिनिमम वाली रिंग से पास हो जाती है या मैक्सिमम वाली रिंग से पास नहीं हो पाती मतलब बॉल का शेप बिगड़ गया है और अब उसे रिप्लेस करने की
Speaker A
जरूरत है। सिमिलरली बैट की विड्थ, डेप्थ और एज की थिकनेस रूल्स के अकॉर्डिंग है या नहीं। इसे चेक करने के लिए अंपायर्स बैट गेज का यूज करते हैं। क्रिकेट में स्टंप्स एग्जैक्टली 9 इंच वाइड होने चाहिए। और इसे
Speaker A
इंश्योर करने के लिए स्टम गेज का यूज करके ग्राउंड में होल्स किए जाते हैं। फाइनली, अंपायर्स के पास एक लाइट मीटर होता है जिसका यूज करके अंपायर्स लाइट कंडीशंस को लक्स यूनिट्स में मेजर करते हैं। अगर अंपायर्स को लगता है कि लाइट की कमी से
Speaker A
प्लेइंग कंडीशंस अनसेफ हो गई है तो वो टेस्ट मैच को सस्पेंड कर देते हैं और इसी मीटर के बेस पर वो ग्राउंड की फ्लड लाइट्स को भी ऑन करवा सकते
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