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S Jaishankar Biography | In 1 Minute #shorts

डॉ. एस जयशंकर की बायोग्राफी, उनके करियर, भाषाई कौशल और भारत के विदेश मंत्री बनने की कहानी।

Key Takeaways

  • डॉ. जयशंकर का करियर विदेश सेवा में लंबा और प्रभावशाली रहा है।
  • भाषाई दक्षता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में मदद की।
  • उन्होंने महत्वपूर्ण न्यूक्लियर डील और डिप्लोमेटिक विवादों को सफलतापूर्वक संभाला।
  • राजनीति में न रहते हुए भी वे विदेश मंत्री बने, जो उनकी विशेषज्ञता को दर्शाता है।
  • भारत की विदेश नीति में उनका योगदान महत्वपूर्ण और प्रभावशाली है।

What the video covers

  • डॉ. एस जयशंकर ने 1977 में UPSC के जरिए इंडियन फॉरेन सर्विस में एंट्री ली।
  • उन्होंने रूस, सिंगापुर, जापान और चीन जैसे देशों में काम किया और भारत के रिश्ते मजबूत किए।
  • डॉ. जयशंकर हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, रूसी, जापानी, चीनी और हंगेरियन भाषाएँ जानते हैं।
  • 2005 में उन्होंने भारत और अमेरिका के न्यूक्लियर डील को सफलतापूर्वक नेगोशिएट किया।
  • 2013 में उन्होंने देवयानी खोबरागड़े केस में अमेरिका के साथ डिप्लोमेटिक टेंशंस को संभाला।
  • उन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़ा लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में उन्हें विदेश मंत्री बनाया।
  • विदेश मंत्री बनने के बाद वे भारत की 'इंडिया फर्स्ट' पॉलिसी को विश्व स्तर पर प्रमोट कर रहे हैं।

Answers

Questions about this video

डॉ. एस जयशंकर ने इंडियन फॉरेन सर्विस में कब प्रवेश लिया था?

डॉ. एस जयशंकर ने 1977 में यूपीएससी के माध्यम से इंडियन फॉरेन सर्विस में एंट्री ली थी।

डॉ. जयशंकर ने भारत और अमेरिका के बीच किस महत्वपूर्ण डील को नेगोशिएट किया था?

उन्होंने 2005 में भारत और अमेरिका के न्यूक्लियर डील को सफलतापूर्वक नेगोशिएट किया था।

डॉ. जयशंकर को विदेश मंत्री कब बनाया गया था और किसने उन्हें नियुक्त किया था?

डॉ. जयशंकर को 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत का विदेश मंत्री बनाया था।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
डॉक्टर एस जयशंकर की बायोग्राफी एक मिनट में। उन्होंने 1977 में यूपीएससी के थ्रू इंडियन फॉरेन सर्विस में एंट्री ली। और रूस, सिंगापुर, जापान और चीन जैसी कंट्रीज में काम करके इंडिया और उन कंट्रीज की रिलेशनशिप को स्ट्रांग किया।
00:13
Speaker A
डॉ. जयशंकर हिंदी, इंग्लिश, तमिल, रशियन, जापानीज, चाइनीस और हंगेरियन लैंग्वेज जानते हैं। डॉक्टर जयशंकर ने 2005 में इंडिया और यूएस के न्यूक्लियर डील को सक्सेसफुली नेगोशिएट किया था, जिससे इंडिया को फास्ट टाइम एक न्यूक्लियर वेपन स्टेट का रिकॉग्निशन मिला था।
00:28
Speaker A
2013 में उन्होंने इंडियन डिप्लोमेट देवयानी खोबरागड़े को वीजा फ्रॉड के चार्जेस में अरेस्ट कर लिया था और स्ट्रिप सर्च किया था। इससे इंडिया और यूएस के बीच में डिप्लोमेटिक टेंशंस काफी ज्यादा बढ़ गई थी। उस टाइम डॉक्टर जयशंकर ने ही स्विफ्टली उस अथॉरिटी से नेगोशिएट करके कंट्रोल किया था।
00:42
Speaker A
डॉ. जयशंकर ने कभी भी कोई इलेक्शन नहीं लड़ा, लेकिन फिर भी उनके एक्सपीरियंस और कैपेबिलिटीज को देखते हुए हमारे प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने 2019 में इंडिया का एक्सटर्नल अफेयर्स मिनिस्टर बनाया।
00:54
Speaker A
और मिनिस्टर बनने के बाद से ही डॉक्टर एस जयशंकर पूरे वर्ल्ड में अपनी पॉलिसी और शार्प रिप्लाईज के थ्रू इंडिया फर्स्ट पॉलिसी को सक्सेसफुली प्रमोट कर रहे हैं।
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