अमेरिका और इजराइल ने खमेई के अंडरग्राउंड बंकर्स पर हमला कर उनकी सुरक्षा प्रणाली को नष्ट किया।
Key Takeaways
- गहरी सुरक्षा के बावजूद खमेई के अंडरग्राउंड बंकर्स को निशाना बनाया गया।
- धोखे और सूचना युद्ध का इस्तेमाल कर ईरान का ध्यान भटकाया गया।
- तकनीकी श्रेष्ठता के कारण ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह विफल किया गया।
- सटीक जानकारी और रणनीति से ऑपरेशन सफल रहा।
What the video covers
- अमेरिका और इजराइल ने महीनों तक खमेई की डेली लाइफ को ट्रैक किया।
- खमेई तेहरान के बेते रहबरी कंपाउंड में रहते थे, जिसके नीचे गहरे अंडरग्राउंड बंकर्स थे।
- दिन के समय खमेई ऊपर आते थे, जिससे हमला करने का मौका मिला।
- 28 फरवरी को खमेई की मीटिंग की जानकारी मिली, जो ऑपरेशन की आधारशिला बनी।
- यूएस ने 11 F22 जेट्स को इजराइल के उफडा एयर बेस पर भेजा और इसे लीक किया ताकि ईरान का ध्यान भटकाया जा सके।
- इजराइल के टॉप जनरल ने अटैक से पहले पब्लिक डिनर में भाग लेकर शक को कम किया।
- अटैक की शुरुआत ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम्स को निशाना बनाकर की गई।
- अमेरिका के EA 18G ग्राउलर जेट ने रेडार सिस्टम्स को जैम किया।
- फॉल्स टारगेट्स के जरिए ईरान के एयर डिफेंस को भ्रमित किया गया।
- अंततः 30 बम गिराकर खमेई और करीब 40 अन्य अधिकारियों की जान ली गई।
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Speaker A
कैसे अमेरिका और इजराइल ने खमेई को एलिमिनेट किया? अमेरिका और इजराइल महीनों से खमेई की डेली लाइफ को ट्रैक कर रहे थे। खमेई तेहरान में बने बेतेहब भरी कंपाउंड से ऑपरेट करते थे। जिसके नीचे उनकी सिक्योरिटी के लिए डीप अंडरग्राउंड बंकर्स बने हुए थे। इतने डीप कि उन तक पहुंचने के लिए एलिवेटर में भी 5 मिनट से ज्यादा समय लग जाता था। बेसिकली इन बंकर्स पे अटैक करना बेहद मुश्किल था। लेकिन यूएस और इजराइल ने एक इंटरेस्टिंग पैटर्न ऑब्जर्व किया। दिन के दौरान खमनई सेफ फील करते थे और अबव द ग्राउंड आ जाते थे। साथ ही साथ यूएस और इजराइल को पता चला कि 28th फरवरी यानी सैटरडे की सुबह बेते रहबरी में खमनई की मीटिंग होने वाली है। यही इंफॉर्मेशन पूरे ऑपरेशन की फाउंडेशन बनी। अब अटैक से कुछ दिन पहले यूएस के 11 F22 जेट्स को इजराइल के उफडा [संगीत] एयर बेस पे भेजा गया और इस मूवमेंट की खबर डेलीबेटली लीक की गई ताकि ईरान का पूरा ध्यान केवल इस बेस को मॉनिटर करने पर लग जाए। जबकि रियल अटैक तो दूसरे बेसिस से होने वाला था। आल्सो इतने बड़े अटैक के पहले इजराइल के टॉप जनरल को मिलिट्री हेड क्वार्टर्स पे होना चाहिए था। लेकिन वो एक रूटीन पब्लिक डिनर पे देखे गए। जनरल ने ऐसा किया ताकि ईरान को अटैक की भनक ना लगे। लेकिन अगले दिन सुबह अटैक ल्च हुआ और सबसे पहले ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम्स को टारगेट किया गया और ऐसा करने के लिए इनके पास कई ऑप्शंस थे। जैसे अमेरिका का EA 18G ग्राउलर जेट जो पावरफुल इलेक्ट्रॉनिक नॉइज़ ब्लास्ट करके रेडार सिस्टम्स को जैम कर सकता है। और यूएस के पास तो ऐसे भी सिस्टम्स हैं जो फॉल्स टारगेट्स क्रिएट करके एनिमी के एयर डिफेंस सिस्टम्स को ऐसे जेट्स पे फायर करवा सकते हैं जो रियलिटी में एग्जिस्ट ही नहीं करते। अब मेथड चाहे जो भी हो रिजल्ट ये था कि ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम ऑलमोस्ट कंप्लीटली फेल हो गया। रास्ता क्लियर होते ही इजरायली जेट्स ने खमनेई के कंपाउंड पे 30 बॉम्ब्स गिरा दिए। जिस कारण उनकी और करीब 40 और ऑफिशियल्स की जान चली।
Speaker A
बने हुए थे। इतने डीप कि उन तक पहुंचने के लिए एलिवेटर में भी 5 मिनट से ज्यादा समय लग जाता था। बेसिकली इन बंकर्स पे अटैक करना बेहद मुश्किल था। लेकिन यूएस और इजराइल ने एक इंटरेस्टिंग पैटर्न ऑब्जर्व
Speaker A
किया। दिन के दौरान खमनई सेफ फील करते थे और अबव द ग्राउंड आ जाते थे। साथ ही साथ यूएस और इजराइल को पता चला कि 28th फरवरी यानी सैटरडे की सुबह बेते रहबरी में खमनई की मीटिंग होने वाली है। यही इंफॉर्मेशन
Speaker A
पूरे ऑपरेशन की फाउंडेशन बनी। अब अटैक से कुछ दिन पहले यूएस के 11 F22 जेट्स को इजराइल के उफडा [संगीत] एयर बेस पे भेजा गया और इस मूवमेंट की खबर डेलीबेटली लीक की गई ताकि ईरान का पूरा ध्यान केवल इस
Speaker A
बेस को मॉनिटर करने पर लग जाए। जबकि रियल अटैक तो दूसरे बेसिस से होने वाला था। आल्सो इतने बड़े अटैक के पहले इजराइल के टॉप जनरल को मिलिट्री हेड क्वार्टर्स पे होना चाहिए था। लेकिन वो एक रूटीन पब्लिक
Speaker A
डिनर पे देखे गए। जनरल ने ऐसा किया ताकि ईरान को अटैक की भनक ना लगे। लेकिन अगले दिन सुबह अटैक ल्च हुआ और सबसे पहले ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम्स को टारगेट किया गया और ऐसा करने के लिए इनके पास कई
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ऑप्शंस थे। जैसे अमेरिका का EA 18G ग्राउलर जेट जो पावरफुल इलेक्ट्रॉनिक नॉइज़ ब्लास्ट करके रेडार सिस्टम्स को जैम कर सकता है। और यूएस के पास तो ऐसे भी सिस्टम्स हैं जो फॉल्स टारगेट्स क्रिएट करके एनिमी के एयर डिफेंस सिस्टम्स को ऐसे
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जेट्स पे फायर करवा सकते हैं जो रियलिटी में एग्जिस्ट ही नहीं करते। अब मेथड चाहे जो भी हो रिजल्ट ये था कि ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम ऑलमोस्ट कंप्लीटली फेल हो गया। रास्ता क्लियर होते ही इजरायली जेट्स ने खमनेई के कंपाउंड पे 30 बॉम्ब्स गिरा
Speaker A
दिए। जिस कारण उनकी और करीब 40 और ऑफिशियल्स की जान चली
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