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India’s New Power 🔥

विजिंजम पोर्ट भारत का पहला डीप वाटर पोर्ट है, जिसने देश को वैश्विक शिपिंग रूट्स में नई ताकत दी है।

Key Takeaways

  • विजिंजम पोर्ट भारत का पहला डीप वाटर पोर्ट है जो बड़ी शिप्स को सीधे डॉकिंग की सुविधा देता है।
  • इस पोर्ट से भारत की विदेशी पोर्ट्स पर निर्भरता कम होगी और व्यापार लागत में कमी आएगी।
  • आधुनिक तकनीक और महिला ऑपरेटर्स के साथ यह पोर्ट देश के लिए नई मिसाल कायम करेगा।
  • भारत अब सूअस मलक्का जैसे महत्वपूर्ण शिपिंग रूट्स पर प्रभावी नियंत्रण रखता है।
  • यह परियोजना भारत के समुद्री व्यापार और रणनीतिक स्थिति को मजबूत करेगी।

What the video covers

  • भारत के पास पहले 18 मीटर से अधिक ड्राफ्ट वाली बड़ी शिप्स के लिए कोई डीप वाटर पोर्ट नहीं था।
  • 75% अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भारत विदेशी पोर्ट्स पर निर्भर था, जिससे सालाना 200-400 मिलियन का नुकसान होता था।
  • केरल सरकार और अडानी ग्रुप ने 8867 करोड़ रुपये निवेश कर विजिंजम पोर्ट का विकास किया।
  • इस पोर्ट का उद्घाटन पीएम मोदी ने 2 मई को किया।
  • विजिंजम पोर्ट तिरुवनंतपुरम के तट पर स्थित है और इसका सीन 20-24 मीटर गहरा है।
  • यह पोर्ट विश्व के busiest सूअस मलक्का शिपिंग रूट से केवल 10 नॉटिकल माइल दूर है।
  • यहां MSC Turkey जैसी बड़ी कंटेनरशिप्स डॉक कर चुकी हैं।
  • पोर्ट में 74 मीटर ऊंचे शिप टू शोर क्रेन हैं, जिन्हें पहली बार महिलाएं ऑपरेट करेंगी।
  • आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित AI आधारित वेसल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम कंटेनर प्रोसेसिंग को 10 मिनट में करता है।
  • यह पोर्ट भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान देता है।

Answers

Questions about this video

विजिंजम पोर्ट का भारत के लिए क्या महत्व है?

विजिंजम पोर्ट भारत का पहला डीप वाटर पोर्ट है जो बड़ी शिप्स को सीधे डॉकिंग की सुविधा देता है, जिससे विदेशी पोर्ट्स पर निर्भरता कम होगी और व्यापार लागत घटेगी।

विजिंजम पोर्ट का उद्घाटन कब और किसने किया?

विजिंजम पोर्ट का उद्घाटन 2 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।

विजिंजम पोर्ट में कौन सी आधुनिक तकनीक इस्तेमाल की गई है?

पोर्ट में IIT मद्रास द्वारा विकसित AI आधारित वेसल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम है जो कंटेनर प्रोसेसिंग को केवल 10 मिनट में पूरा करता है।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

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Speaker A
इंडिया के इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट ने पूरी दुनिया को जेलस कर दिया है। पिछले कई डिकेड से इंडिया के पास ऐसा एक भी डीप वाटर पोर्ट नहीं था, जहां 18 प्लस मीटर ड्राफ्ट वाली बड़ी शिप्स डॉक कर सकें। इसीलिए हम अपने 75% इंटरनेशनल ट्रेड के लिए फॉरेन कंट्रीज के पोर्ट्स पे डिपेंडेंट थे। मतलब बड़ी शिप्स पहले कोलंबो या सिंगापुर के पोर्ट्स में आती थी और फिर फीडर वेसल्स में गुड्स को इंडिया भेजा जाता था। इन सब में इंडिया को हर साल 200 से 400 मिलियन का लॉस हो रहा था।
00:15
Speaker A
लेकिन इसी प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए केरला गवर्नमेंट और अडानी ग्रुप ने 8867 करोड़ इन्वेस्ट करके विजिंजम पोर्ट डेवलप किया है। और सेकंड मई को खुद पीएम मोदी ने इसका इनोगेशन किया। तिरुवनंतपुरम के कोस्ट में बना यह इंडिया का पहला डीप वाटर पोर्ट है। इसके पास का सीन नेचुरली 20 टू 24 मीटर्स डीप है। जिस कारण वर्ल्ड की लार्जेस्ट कंटेनरशिप्स जैसे एमएससी टुर्की यहां ऑलरेडी डॉक कर चुकी हैं। यह पोर्ट वर्ल्ड के बिजीएस्ट सूअस मलाका शिपिंग रूट से सिर्फ 10 नॉटिकल माइल्स दूर पोजीशंड है। यहीं से यूरोप, मिडिल ईस्ट और ईस्ट एशिया का ज्यादातर ट्रेड होता है। फाइनली इस पोर्ट का इंफ्रास्ट्रक्चर काफी मॉडर्न है। यहां 74 मीटर ऊंची इंडिया की टॉलेस्ट शिप टू शोर केंस हैं और इंडिया में पहली बार इन केंस को फीमेल्स ऑपरेट करेंगी। आल्सो यहां आईआईटी मद्रास का बनाया हुआ एआई पावर्ड वेसल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम कंटेनर्स को केवल 10 मिनट में प्रोसेस कर देता है। सभी पावरफुल कंट्रीज शिपिंग रूट्स को कंट्रोल करना चाहती हैं। जैसे चाइना ने इंडियन ओसियन में इन्फ्लुएंस बढ़ाने के लिए ग्वादर और हमंबनटोटा पोर्ट्स को कंट्रोल किया था। लेकिन अब विज़िंजम पोर्ट ने एक ही झटके में इंडिया को वर्ल्ड के बिजीएस्ट मैरिटाइम कॉरिडोर की कमांड दे दी है। और यह नेचुरल एडवांटेज कोई भी और कंट्री कॉपी नहीं कर सकती।
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Speaker A
लेकिन इसी प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए केरला गवर्नमेंट और अडानी ग्रुप ने 8867 करोड़ इन्वेस्ट करके विजिंजम पोर्ट डेवलप किया है। और सेकंड मई को खुद पीएम मोदी ने इसका इनोगेशन किया। तिरुवनंतपुरम के कोस्ट में बना यह इंडिया का पहला डीप
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Speaker A
वाटर पोर्ट है। इसके पास का सीन नेचुरली 20 टू 24 मीटर्स डीप है। जिस कारण वर्ल्ड की लार्जेस्ट कंटेनरशिप्स जैसे एमएससी टुर्की यहां ऑलरेडी डॉक कर चुकी हैं। यह पोर्ट वर्ल्ड के बिजीएस्ट सूअस मलाका शिपिंग रूट से सिर्फ 10 नॉटिकल माइल्स दूर
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Speaker A
पोजीशंड है। यहीं से यूरोप, मिडिल ईस्ट और ईस्ट एशिया का ज्यादातर ट्रेड होता है। फाइनली इस पोर्ट का इंफ्रास्ट्रक्चर काफी मॉडर्न है। यहां 74 मीटर ऊंची इंडिया की टॉलेस्ट शिप टू शोर केंस हैं और इंडिया में पहली बार इन केंस को फीमेल्स ऑपरेट
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Speaker A
करेंगी। आल्सो यहां आईआईटी मद्रास का बनाया हुआ एआई पावर्ड वेसल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम कंटेनर्स को केवल 10 मिनट में प्रोसेस कर देता है। सभी पावरफुल कंट्रीज शिपिंग रूट्स को कंट्रोल करना चाहती हैं। जैसे चाइना ने इंडियन ओसियन में इन्फ्लुएंस बढ़ाने के लिए ग्वादर और
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Speaker A
हमंबनटोटा पोर्ट्स को कंट्रोल किया था। लेकिन अब विज़िंजम पोर्ट ने एक ही झटके में इंडिया को वर्ल्ड के बिजीएस्ट मैरिटाइम कॉरिडोर की कमांड दे दी है। और यह नेचुरल एडवांटेज कोई भी और कंट्री कॉपी नहीं कर
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