महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर की खाम नदी को गंदगी से बचाकर पुनर्जीवित किया गया। नदी अब साफ और जीवंत हो चुकी है।
Key Takeaways
- सहयोग और तकनीकी सर्वे से नदी पुनर्जीवन संभव है।
- प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और पुनर्स्थापना पर्यावरण सुधार में मदद करती है।
- स्थानीय समुदाय और प्रशासन की भागीदारी जरूरी है।
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सीवेज ट्रीटमेंट से प्रदूषण कम किया जा सकता है।
- हरित क्षेत्र और जैव विविधता का संरक्षण शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाता है।
What the video covers
- छत्रपति संभाजी नगर की खाम नदी पहले शहर की जीवन रेखा थी, लेकिन 2020 तक गंदगी और प्रदूषण से पूरी तरह खराब हो गई थी।
- शहर के 65% लोगों को नदी के अस्तित्व का पता नहीं था, वे इसे नाला समझते थे।
- म्युनिसिपल कॉरपोरेशन और महिला नेतृत्व वाली स्टार्टअप इकोसवा ने नदी को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया।
- 6 महीने के ड्रोन सर्वे में 249 ऐसे पॉइंट्स मिले जहां से untreated सीवेज नदी में मिल रहा था।
- 16 फ्रेश वाटर स्प्रिंग्स स्लज से ब्लॉक्ड थे, जिनमें से 11 को स्लज हटाकर अनब्लॉक किया गया।
- रिवर बैंक को मजबूत करने के लिए स्टोन लगाए गए और 1 लाख पेड़, बांस सहित, लगाए गए ताकि मिट्टी का कटाव रुके।
- 12,400 वर्ग मीटर सॉलिड वेस्ट हटाया गया, जिसमें 40% टेक्सटाइल वेस्ट था, जिसे रिसाइकिल करने के लिए टेक्सटाइल रिकवरी फैसिलिटी बनाई गई।
- 249 सीवेज एंट्री पॉइंट्स पर पाइप कनेक्शन लगाए गए जिससे 50 लाख लीटर सीवेज रोजाना ट्रीटमेंट प्लांट्स में भेजा जाता है।
- 600 से अधिक अतिरिक्त सैनिटेशन वर्कर्स को हायर कर बेहतर ट्रेनिंग और वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था की गई।
- आज खाम नदी साफ है और उसके आसपास 10 एकड़ का इको पार्क, बटरफ्लाई गार्डन, एम्फी थिएटर और कई जीव-जंतु वापस आ चुके हैं।
Chapters
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Speaker A
कैसे महाराष्ट्र ने एक मरती हुई नदी को रिवाइव किया। छत्रपति संभाजी नगर में है खाम नदी। कुछ सेंचुरीज पहले, यह शहर की लाइफ लाइन हुआ करती थी। लेकिन 2020 तक गंदगी से इसका पानी पिच ब्लैक हो चुका था और स्मेल बर्दाश्त के बाहर थी। इनफैक्ट, शहर के 65% लोगों को तो पता ही नहीं था कि यह एक नदी है। वो तो इसे हमेशा से एक नाला मानते थे। लेकिन फिर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन और एक वुमेन लेड स्टार्टअप इकोसवा ने इसे रिवाइव करने का ठान लिया। 6 महीने लंबे ड्रोन सर्वे के बाद 249 ऐसे पॉइंट्स पता चले जहां से अनट्रीटेड सीवेज नदी में मिल रहा था। और यह भी पता चला कि अंडर वाटर अभी भी 16 ऐसे फ्रेश वाटर स्प्रिंग्स हैं जो स्लज से ब्लॉक्ड हैं। काम शुरू हुआ और सबसे पहले इरोडेड रिवर बैंक को स्टोंस लगा के स्ट्रांग किया गया। 1 लाख ट्रीज इंक्लूडिंग बमबूस लगाए गए ताकि इनकी रूट से सॉइल इरोजन रुके। रिवर बेड से फिजिकली स्लज को रिमूव किया गया जिससे 11 फ्रेश वाटर स्प्रिंग्स अनब्लॉक हो गए और नदी में नेचुरली फ्रेश वाटर ऐड होने लगा। नदी के ऊपर और उसके आसपास से 12,4,000 स्क्वायर मीटर सॉलिड वेस्ट रिमूव किया गया और पता चला कि इसमें से 40% तो केवल टेक्सटाइल वेस्ट है। इसीलिए एक डेडिकेटेड टेक्सटाइल रिकवरी फैसिलिटी बना के इस वेस्ट को रिसाइकल किया गया। ब्रिजेस के पास गार्बेज ट्रैप्स लगा दिए गए और कई डंपिंग स्पॉट्स को पॉकेट पार्क्स में बदल दिया गया जो 249 सीवेज एंट्री पॉइंट्स मिले थे। वहां पाइप कनेक्शंस लगाए गए जिससे डेली का 50 लाख लीटर सीवेज खाम रिवर की जगह ट्रीटमेंट प्लांट्स में जाने लगा। फाइनली शहर की सफाई के लिए 600 प्लस एडिशनल सैनिटेशन वर्कर्स को हायर किया गया। इन्हें बेटर ट्रेनिंग मिली और वेस्ट रिकवरी फैसिलिटीज बनाई गई ताकि वेस्ट नदी तक पहुंच ही ना पाए। आज खाम नदी का पानी ना केवल साफ है बल्कि उसके साथ में बना है 10 एकड़ का इको पार्क विद साइकिलिंग पार्ट्स, बटरफ्लाई गार्डन्स और एक एम्फी थिएटर। 35 बर्ड स्पीशीज, 86 प्लांट स्पीशीज और फ्रेश वाटर टर्टल्स भी यहां वापस आ चुके हैं।
Speaker A
था और स्मेल बर्दाश्त के बाहर थी। इनफैक्ट शहर के 65% लोगों को तो पता ही नहीं था कि यह एक नदी है। वो तो इसे हमेशा से एक नाला मानते थे। लेकिन फिर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन और एक वुमेन लेड स्टार्टअप इकोसवा ने इसे
Speaker A
रिवाइव करने का ठान लिया। 6 महीने लंबे ड्रोन सर्वे के बाद 249 ऐसे पॉइंट्स पता चले जहां से अनट्रीटेड सीवेज नदी में मिल रहा था। और यह भी पता चला कि अंडर वाटर अभी भी 16 ऐसे फ्रेश वाटर स्प्रिंग्स हैं
Speaker A
जो स्लज से ब्लॉक्ड हैं। काम शुरू हुआ और सबसे पहले इरोडेड रिवर बैंक को स्टोंस लगा के स्ट्रांग किया गया। 1 लाख ट्रीज इंक्लूडिंग बमबूस लगाए गए ताकि इनकी रूट से [संगीत] सॉइल इरोजन रुके। रिवर बेड से फिजिकली स्लज को रिमूव किया गया जिससे 11
Speaker A
फ्रेश वाटर स्प्रिंग्स अनब्लॉक हो गए और नदी में नेचुरली फ्रेश वाटर ऐड होने लगा। नदी के ऊपर और उसके आसपास से 12,4,000 स्क्वायर मीटर सॉलिड वेस्ट रिमूव किया गया और पता चला कि इसमें से 40% तो केवल टेक्सटाइल वेस्ट है। इसीलिए एक डेडिकेटेड
Speaker A
टेक्सटाइल रिकवरी फैसिलिटी बना के इस वेस्ट को रिसाइकल [संगीत] किया गया। ब्रिजेस के पास गार्बेज ट्रैप्स लगा दिए गए और कई डंपिंग स्पॉट्स को पॉकेट पार्क्स में बदल दिया गया जो 249 सीवेज [संगीत] एंट्री पॉइंट्स मिले थे। वहां
Speaker A
पाइप कनेक्शंस लगाए गए जिससे डेली का 50 लाख लीटर सीवेज खाम रिवर की जगह ट्रीटमेंट प्लांट्स [संगीत] में जाने लगा। फाइनली शहर की सफाई के लिए 600 प्लस एडिशनल सैनिटेशन वर्कर्स को हायर किया गया। इन्हें बेटर ट्रेनिंग मिली और वेस्ट
Speaker A
रिकवरी फैसिलिटीज बनाई गई ताकि वेस्ट नदी तक पहुंच ही ना पाए। आज खाम नदी का पानी ना केवल साफ है बल्कि उसके साथ में बना है 10 एकड़ का इको पार्क विद साइकिलिंग पार्ट्स, बटरफ्लाई गार्डन्स और एक एमफी
Speaker A
[संगीत] थिएटर। 35 बर्ड स्पीशीज, 86 प्लांट स्पीशीज और फ्रेश वाटर टर्टल्स भी यहां वापस आ चुके हैं। [संगीत]
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