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₹300 Crore ki Toffee 🤯 #shorts

₹1 की पल्स कैंडी ने कच्चे आम और मसाले के फ्लेवर से 300 करोड़ का बिजनेस बनाया।

Key Takeaways

  • मार्केट रिसर्च से नया फ्लेवर और प्रोडक्ट इनोवेशन जरूरी है।
  • ग्राहक की पसंद और ट्रस्ट जीतना सफलता की कुंजी है।
  • मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से प्रोडक्ट को व्यापक पहुंच मिलती है।
  • प्रतिस्पर्धी मार्केट में अलग पहचान बनाना जरूरी है।

What the video covers

  • ₹1 की पल्स कैंडी ने 300 करोड़ का बिजनेस बनाया।
  • दस ग्रुप ने मार्केट रिसर्च के आधार पर कच्चे आम के साल्टी मसाला दाल फ्लेवर वाली कैंडी बनाई।
  • मार्केट में पहले से कई कैंडी ब्रांड्स होने के कारण कुछ अलग करना जरूरी था।
  • कैंडी के सेंटर में सोल्टी मसाला दाल दिया गया, जिससे यह इंस्टेंट सक्सेस बनी।
  • कस्टमर का ट्रस्ट जीतने के लिए कंपनी ने अपने लोकप्रिय ब्रांड का नाम रैपर पर जोड़ा।
  • दस ग्रुप ने अपने पुराने प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का इस्तेमाल किया।
  • पल्स कैंडी को भारत के लाखों रिटेल स्टोर्स तक पहुंचाया गया।
  • इस रणनीति से पल्स कैंडी ने मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ बनाई।

Answers

Questions about this video

पल्स कैंडी ने ₹300 करोड़ का बिजनेस कैसे बनाया?

पल्स कैंडी ने कच्चे आम और साल्टी मसाला दाल के फ्लेवर वाली कैंडी बनाकर और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का उपयोग कर ₹300 करोड़ का बिजनेस बनाया।

पल्स कैंडी को मार्केट में अलग कैसे बनाया गया?

कंपनी ने कच्चे आम के फ्लेवर और सेंटर में सोल्टी मसाला दाल डालकर कैंडी को अलग बनाया, जिससे यह इंस्टेंट सक्सेस बनी।

पल्स कैंडी के वितरण के लिए कौन सा नेटवर्क इस्तेमाल किया गया?

दस ग्रुप ने अपने पुराने प्रोडक्ट्स जैसे रजनीगंधा, पास पास और बाबा इलायची के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का इस्तेमाल किया।

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Speaker A
₹1 की पल्स कैंडी बीच के इस कंपनी ने 300 करोड़ का बिजनेस बनाया। दस ग्रुप जो पल्स कैंडी के मकर से उन्हें पता था कि मार्केट में ऑलरेडी अल्पनलीब, मैंगो बीते और इक्लेयर जैसी कई कैंडीज होने के कारण
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Speaker A
मार्केट काफी कॉम्पिटेटिव था और सक्सेसफुल होने के लिए उन्हें कुछ डिफरेंट करना था। मार्केट रिसर्च में पता चला कि इंडिया के लोग कच्चे आम के ऊपर साल्टी मसाला दाल के साथ खाना बहुत पसंद करते हैं। इसीलिए इन्होंने कच्चे आम के फ्लेवर वाली कैंडी बनाई और
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Speaker A
उसके सेंटर पे सोल्टी मसाला दाल दिया, जिससे ये कैंडी एक इंस्टेंट सक्सेस बन गई। इसके अलावा कस्टमर का ट्रस्ट जितने के लिए कंपनी ने अपना एक ऑलरेडी पॉपुलर ब्रांड आसपास का लोगो पल्स के रैपर के टॉप साइड पे दाल दिया। फाइनली पल्स की सक्सेस के लिए
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Speaker A
उसे इंडिया की लाखों रिटेल स्टोर्स में पहुंचाना जरूरी था। इसीलिए दस ग्रुप में अपने पुराने प्रोडक्ट्स जैसे रजनीगंधा, पास पास और बाबा इलायची के वेल एस्टेब्लिश डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का इस्तेमाल किया और पल्स को इंडिया के कोने-कोने तक पहुंचाया।
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