विराट कोहली की जिंदगी और करियर में अनुष्का शर्मा के साथ उनके संघर्ष और समर्थन की कहानी।
Key Takeaways
- विराट कोहली के करियर में मानसिक स्वास्थ्य और फोकस का महत्व।
- अनुष्का शर्मा ने विराट की जिंदगी में सकारात्मक भूमिका निभाई।
- मीडिया और पब्लिक प्रेशर खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है।
- कप्तानी के दबाव से निपटना चुनौतीपूर्ण होता है।
- स्वयं से जुड़ाव और मानसिक शांति से ही खेल में वापसी संभव है।
What the video covers
- विराट कोहली के करियर में अनुष्का शर्मा के कारण फोकस में आई बाधाएं और मानसिक संघर्ष।
- 2015 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में खराब प्रदर्शन और मीडिया ट्रोलिंग का सामना।
- अनुष्का के साथ विराट की लव स्टोरी और 2017 में उनकी शादी।
- 2018 में भारत की ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी जीत और विराट की कप्तानी की सफलता।
- कप्तानी के दबाव और टीम के अंदर तनाव के कारण विराट का प्रदर्शन प्रभावित होना।
- 2020 में विराट के करियर का डार्क फेज, कोविड और बायो-बबल्स के दौरान गिरावट।
- आईपीएल 2022 में लगातार खराब प्रदर्शन और कप्तानी से इस्तीफा।
- विराट का खुद से लड़ाई और मानसिक थकान, ब्रेक लेने की जरूरत महसूस करना।
- विराट और अनुष्का का एक-दूसरे का समर्थन और विराट का कमबैक करने का संकल्प।
- अंत में विराट का खुद से पुनः जुड़ाव और वापसी की तैयारी।
Chapters
- 00:00विराट कोहली की मानसिक लड़ाई और फोकस की समस्या
- 01:04विराट की जिम्मेदारी और आत्म-स्वीकारोक्ति
- 01:55अनुष्का शर्मा से पहली मुलाकात और प्यार की शुरुआत
- 03:42मीडिया ट्रोलिंग और 2015 वर्ल्ड कप का प्रभाव
- 08:40विराट और अनुष्का का समर्थन और शादी
- 10:022018 की सफलता और कप्तानी का दबाव
- 11:38कप्तानी से इस्तीफा और करियर का डार्क फेज
- 20:14मानसिक शांति की तलाश और वापसी की तैयारी
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Speaker A
क्या सच में खत्म हो गया? मैं अनुष्का की वजह से फोकस गया, डिस्ट्रक्शन एक्शन है वो। मुझे नहीं पता क्या हो रहा है। मैं ट्राई कर रहा हूं, सब कुछ कर रहा हूं, पर कुछ काम नहीं कर रहा।
Speaker A
वो थक गया है। बॉडी नहीं, माइंड। तुझे ब्रेक चाहिए। ब्रेक लिया तो लोग बोलेंगे भाग गया। लोग हमेशा बोलेंगे, पर तुझे अपने आप से पूछना है, तू कितना और झेल सकता है।
Speaker A
आई एम रिस्पांसिबल फॉर माय परफॉर्मेंस। ओनली मी। ब्लेमिंग समवन एल्स दैट इज रोंग।
Speaker A
एंड दोज़ हु डू दिस? दे शुड आस्क योरसेल्फ व्हाट काइंड ऑफ़ पर्सन दे आर। उसने मेरी लाइफ में सिर्फ पॉजिटिविटी दी है सिर्फ, और मैं उसके साथ हमेशा खड़ा रहूंगा।
Speaker A
विराट के लिए आज का दिन स्पेशल था क्योंकि आज वो एक ऐड शूट पर जाने वाला था और वहां पर अपनी स्पेशल लेडी को लाइफ में पहली बार मिलने वाला था, अनुष्का शर्मा।
Speaker A
अ यस, इससे बड़ी हील्स नहीं मिली क्या तुम्हें?
Speaker A
क्या? विराट, अनुष्का थोड़ी और केमिस्ट्री लाओ यार।
Speaker A
आई एम सॉरी। इस ऐड शूट के बाद विराट और अनुष्का दुनिया और मीडिया से छुप-छुप के डेट पे जाने लगे और यहां से उनकी लव स्टोरी शुरू हुई।
Speaker A
सो जमीन पे हम चल रहे थे पर आसमान तुम हो गए मुसाफिर। फिर थे हम पुराने, अब कारवा तुम हो गए। भीड़ में खुद को जो ढूंढा तो तुम्हें जाकर मिले।
Speaker A
खामोशियां जो हमारी थी उनकी जुबां तुम हो गए। ओ सफर में धूप मिलेगी तो साया बन जाना। हवाएं रुख बदले तो तुम किनारा बन जाना।
Speaker A
तेरी आंखों में है भर मेरा बस तेरा ही नाम लिया, बस तेरा ही नाम लिया। हां हमसफर, तुझे पता है तेरे साथ क्या होता है। मैं बस विराट हूं, क्रिकेटर नहीं, कप्तान नहीं, बस
Speaker A
बस इंसान। वही तो अच्छा है। दुनिया को कोहली चाहिए। मुझे सिर्फ विराट।
Speaker A
2015 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में विराट अच्छा खेल नहीं पाता। अनुष्का की वजह से फोकस गया है। डिस्ट्रैक्शन है वो। और इंडिया हार जाती है। और फिर पूरी
Speaker A
दुनिया और मीडिया अनुष्का को ट्रोल करती है। मीम्स बनते हैं। टीवी पर डिबेट्स चलते हैं।
Speaker A
आई एम रिस्पांसिबल फॉर माय परफॉर्मेंस। ओनली मी। ब्लेमिंग समवन एल्स। दैट इज रोंग एंड दोज़ हु डू दिस? दे शुड आस्क योरसेल्फ व्हाट काइंड ऑफ़ पर्सन दे आर। उसने मेरी
Speaker A
लाइफ में सिर्फ पॉजिटिविटी दी है सिर्फ, और मैं उसके साथ हमेशा खड़ा रहूंगा।
Speaker A
पर यह सब होने के बावजूद विराट और अनुष्का एक दूसरे को सपोर्ट करते रहे। और फिर 2017 में विराट और अनुष्का इस क्रिकेट, बॉलीवुड और मीडिया के शोर से दूर
Speaker A
इटली में जाकर शादी कर लेते हैं।
Speaker A
हम तू ही मेरी मिट्टी, तू ही मेरा आसमान। तेरे दम से रोशन मेरा सारा ये जहां। मेरा राही भी तू, मेरी मंजिल भी तू, मेरी खामोशियों की एक कामिल हंसी तू। पापा
Speaker A
आपको बहुत पसंद आती है वो, पर तुझ पे दिल हारा है।
Speaker A
2018 में इंडिया ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी जीती। हिस्टोरिक मोमेंट थी। विराट टेस्ट में नंबर एक, ओडीआई में नंबर एक, दुनिया का बेस्ट बल्लेबाज और इंडिया का सबसे
Speaker A
डोमिनेंट कप्तान था।
Speaker A
विराट, सब तेरे साथ नहीं सोच सकते। थोड़ा स्पेस दे लोगों को।
Speaker A
स्पेस देकर क्या होगा? मीड क्रिटी एक्सेप्ट करनी पड़ेगी। वो मैं नहीं करूंगा। हर चीज फाइट नहीं होती। लीड करने के लिए लिसन करना पड़ता है।
Speaker A
विराट ने रवि शास्त्री की बात सुनी पर एक्सेप्ट नहीं किया। इसके बाद आईसीसी टूर्नामेंट में फिर टीम की हार हुई। कप्तानी का प्रेशर विराट को अंदर से खा रहा था और इसका इफेक्ट उसके परफॉर्मेंस पर पड़ रहा था।
Speaker A
ड्रेसिंग रूम में सिर्फ सन्नाटा था। प्लेयर्स एक दूसरे के साथ बात नहीं कर रहे थे। मैं टीम को लेके नहीं जा पाया।
Speaker A
2020 में विराट की लाइफ का सबसे डार्क चैप्टर शुरू होता है। वो आदमी जिसके लिए सेंचुरीज मजाक थी। जिसकी 70 इंटरनेशनल
Speaker A
सेंचुरीज थी। अब अचानक से वो 100 तक पहुंच नहीं पा रहा था। शुरू में धीरे-धीरे परफॉर्मेंस गिरता गया। फिर क्राइसिस बन गया। कोविड आया, बायोबबल्स, खाली स्टेडियम्स। दुनिया रुक गई और विराट की बैट भी। टू यंगस्टर्स ही अब्सोलुटली फिनिश।
Speaker A
लुक एट द स्टॉप दिस नॉन। मुझे नहीं पता क्या हो रहा है। मैं ट्राई कर रहा हूं। सब कुछ कर रहा हूं, पर कुछ काम नहीं कर रहा।
Speaker A
तू थक गया है। बॉडी नहीं, माइंड। तुझे ब्रेक चाहिए। ब्रेक लिया तो लोग बोलेंगे भाग गया।
Speaker A
लोग हमेशा बोलेंगे, पर तुझे अपने आप से पूछना है, तू कितना और झेल सकता है।
Speaker A
आईपीएल 2022 में विराट दो बार जीरो पे आउट होता है। क्राउड चुप हो जाती है। इन 1000 दिनों के दौरान विराट के बैट से एक भी
Speaker A
सेंचुरी नहीं आई। क्या सच में खत्म हो गया मैं? विराट अपने करियर में पहली बार थका हुआ, टूटा हुआ लगा।
Speaker A
आई एम लीविंग द टी20 कैप्टेंसी आफ्टर द वर्ल्ड कप। दिस इज माय डिसिशन। द वर्क लोड ऑन माय बॉडी इज टू मच। आई वांट टू फोकस ऑन
Speaker A
माय बैटिंग। इज दिस रिटायरमेंट? व्हाट हैप्पेंस टू द टीम? यू हैव स्टेटमेंट? कप्तानी?
Speaker A
वो क्राउन जो सात साल से विराट कोहली को डिफाइन करती थी, उसे छीन ली गई। एक बार नहीं, तीन बार। उन्हें कॉल करना मुश्किल था। मैसेज भेज
Speaker A
दिया। जैसे कोई स्विगी ऑर्डर कैंसिल करते हैं।
Speaker A
तू क्या करेगा? क्या करूंगा? खेलना है तो खेलना पड़ेगा। उनकी कंडीशंस पे।
Speaker A
आई एम आल्सो स्टेपिंग डाउन फ्रॉम टेस्ट कैप्टनसी। दिस डिसीजन इज नॉट इजी। दिस फॉर्मेट वास् माय होम। बट
Speaker A
कीपिंग एवरीथिंग इन वन प्लेस इट नो लॉन्गर पॉसिबल।
Speaker A
हर बार अलग-अलग रीज़न दिए गए और यह चीज विराट को अंदर से खा रही थी। अब विराट को सिर्फ एक चीज चाहिए थी। शांति, पीस और सिर्फ वही एक चीज उसको कमबैक में हेल्प
Speaker A
करने वाली थी। अब सिर्फ यह बचा है। बस ये वो इंसान जिसने कभी बोला था, डू आई लुक लाइक द पूजा पाठ टाइप? वही अब नंगे पांव मंदिर में खड़ा था। कोई कैमरा नहीं, कोई मीडिया नहीं। सिर्फ विराट और अनुष्का।
Speaker A
क्या फील हो रहा है? साइलेंस। पहली बार इतना साइलेंस फील हो रहा है, पता है? लास्ट 15 साल कभी साइलेंस नहीं मिली। क्राउड हमेशा थी। मीडिया हमेशा था।
Speaker A
अपनी आवाज भी सुन नहीं पाता था मैं। कभी-कभी आंसर्स बाहर नहीं मिलते। अंदर मिलते हैं। मैं 15 साल से बाहर लड़ रहा था। बॉलर्स से, क्रिटिक से, सिस्टम से, पर असली फाइट अंदर थी। खुद से थी।
Speaker A
शायद मुझे गेम से नहीं, खुद से रिकनेक्ट करना था। और तुम कर रहे हो। अब मैं वापस आऊंगा।
Topics:विराट कोहलीअनुष्का शर्माक्रिकेटकप्तानी दबावमानसिक स्वास्थ्यआईपीएलवर्ल्ड कपकमबैकमीडिया ट्रोलिंगलव स्टोरी











