इस वीडियो में बताया गया है कि सम्मान पाने के लिए डर, कीमत और उपयोगिता तीन जरूरी तत्व हैं।
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Key Takeaways
- सम्मान पाने के लिए डर, कीमत और उपयोगिता तीनों जरूरी हैं।
- डर से सामने वाले को आपकी सीमा का पता चलता है।
- कीमत से आपकी अहमियत और जरूरत समझ आती है।
- उपयोगिता से आपकी मौजूदगी का महत्व बढ़ता है।
- लोग आपकी मौजूदगी को तभी महत्व देते हैं जब उन्हें उससे लाभ हो।
What the video covers
- कुछ लोगों की बात को कोई टालने की हिम्मत नहीं करता जबकि कुछ की मौजूदगी तक नोटिस नहीं होती।
- सम्मान पाने के लिए तीन चीजें जरूरी हैं: डर, कीमत और उपयोगिता।
- डर का मतलब है कि सामने वाले को पता होना चाहिए कि आपकी भी एक सीमा है।
- कीमत का मतलब है कि आपके पास कोई हुनर, ज्ञान या ऐसी चीज हो जो दूसरों के लिए महत्वपूर्ण हो।
- उपयोगिता का मतलब है कि आपकी मौजूदगी से लोगों को कोई लाभ या फायदा हो।
- डर के बिना, जैसे सांप के पास जहर न हो तो लोग उसे हल्के में लेते हैं।
- हीरे की कीमत उसकी rarity और उपयोगिता से आती है, इसलिए उसकी रखवाली होती है।
- लोग वहीं जाते हैं जहां उन्हें कुछ मिलने की उम्मीद होती है, इसलिए उपयोगिता जरूरी है।
- साइकोलॉजी कहती है कि दुनिया तुम्हें सिर्फ अच्छे होने से नहीं बल्कि तुम्हारी मौजूदगी के महत्व से भी तौलती है।
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Speaker A
कभी सोचा है कुछ लोगों की बात कोई टालने की हिम्मत नहीं करता और कुछ लोगों की मौजूदगी तक कोई नोटिस नहीं करता। ऐसा क्यों? दुनिया जितनी दिखती है, उससे कहीं ज्यादा आसान है। अगर तुम्हारे पास इन तीन चीजों में से एक भी नहीं है तो
Speaker A
ज्यादातर लोग तुम्हें हल्के में लेने लगते हैं। पहली चीज डर। अगर सांप के पास जहर ना होता तो लोग उसे रस्सी की तरह घसीटते। हर बार ताकत दिखानी जरूरी नहीं। लेकिन सामने वाले को यह पता होना चाहिए कि तुम्हारी भी
Speaker A
एक सीमा है। दूसरी चीज कीमत। हीरे की खान की रखवाली इसलिए होती है क्योंकि उसके अंदर कुछ कीमती है। जिस इंसान के पास कोई हुनर, कोई ज्ञान या कोई ऐसी चीज नहीं जिसकी लोगों को जरूरत हो, दुनिया भी उसे
Speaker A
खोने से नहीं डरती। तीसरी चीज उपयोगिता। पेड़ पर फल लगते हैं। पत्थर भी उसी पर पड़ते हैं क्योंकि लोग वहीं जाते हैं जहां उन्हें कुछ मिलने की उम्मीद होती है। साइकोलॉजी कहती है दुनिया तुम्हें सिर्फ इस बात से नहीं तोलती कि तुम कितने अच्छे
Speaker A
हो बल्कि इस बात से भी कि तुम्हारी मौजूदगी कितनी मायने रखती है।
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