Speaker A
एक चूहा अपनी जान बचाकर भाग रहा था। उसके मुंह में गेहूं का एक दाना था। इंसान ने उसे देखा और चिल्लाया। चोर पूरा गांव उसके पीछे पड़ गया। चूहे को तो यह भी नहीं पता था कि जो खाना उसे मिला है, इंसान उसे चोरी कहता है। कुछ दिन बाद वही इंसान मधुमक्खियों का पूरा छत्ता तोड़कर शहद उठा लाया। इस बार किसी ने उसे चोर नहीं कहा। सब बोले, वाह कितना मेहनती आदमी है। एक ही काम बस करने वाला बदल गया और उसके साथ सही और गलत की पूरी परिभाषा भी बदल गई। साइकोलॉजी में इसे सेल्फ सर्विंग बायस कहा जाता है। जब बात अपनी होती है तो हमारा दिमाग नियम भी अपने हिसाब से बदल लेता है। इसलिए याद रखना, सही और गलत जैसी कोई चीज नहीं होती। यहां बस दो ही कैटेगरी होती हैं। स्ट्रांग और वीक। ताकतवर वही काम करे तो लोग उसे नियम कहते हैं। वही काम अगर कमजोर करे तो लोग उसे जुर्म कह देते हैं। जिस दिन तुम ताकतवर बन गए ना, उसी दिन तुम्हें महसूस होगा कि यह जालिम दुनिया तुम्हारे लिए कितनी काइंड हो सकती है।











