किसी को अपनी कमी महसूस करना सीखो | Osho Hindi Speech #o… — Transcript

अपने मूल्य को पहचानो, खुद से प्रेम करो और दूसरों की स्वीकृति पर निर्भर न रहो। जीवन में संतुलन और आत्मसम्मान जरूरी है।

Key Takeaways

  • अपने मूल्य को पहचानना और खुद से प्रेम करना सबसे जरूरी है।
  • हर समय उपलब्ध रहने से लोग आपकी कदर नहीं करते, इसलिए सीमाएं बनाना जरूरी है।
  • प्रेम स्वतंत्रता देता है, जरूरत का रिश्ता डर पैदा करता है।
  • अपनी खुशी और आत्मसम्मान दूसरों पर निर्भर न करें।
  • दूरी और अनुपस्थिति से आपकी अहमियत और भी बढ़ती है।

Summary

  • हम अक्सर दूसरों को खुश करने में अपनी ऊर्जा और समय खर्च कर देते हैं, जिससे अपनी कीमत भूल जाते हैं।
  • जो व्यक्ति हर समय उपलब्ध रहता है, उसकी कमी कोई महसूस नहीं करता, इसलिए अपनी ऊर्जा और समय संभालना जरूरी है।
  • दूरी और सीमाएं बनाना आवश्यक है ताकि लोग हमारी अहमियत समझ सकें।
  • प्रेम करो लेकिन अपने अस्तित्व को खोकर नहीं, कभी-कभी पीछे हटना भी प्रेम का एक रूप है।
  • अपने सपनों पर काम करो, अपने व्यक्तित्व को निखारो और आत्मसम्मान को मजबूत बनाओ।
  • जो खुद की कदर नहीं करता, दुनिया भी उसकी कदर नहीं करती।
  • अपनी खुशी की चाबी दूसरों के हाथ में न दो, खुद से प्रेम करो और आत्मनिर्भर बनो।
  • जरूरत का रिश्ता डर पैदा करता है, जबकि प्रेम का रिश्ता स्वतंत्रता देता है।
  • अपनी अनुपस्थिति से अपनी कीमत समझाओ, दूसरों को जलाना या दुख देना गलत तरीका है।
  • अपने भीतर की शांति खोजो, ध्यान करो और खुद को निखारने की आदत डालो।

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Speaker A
दोस्तों, आज मैं तुमसे एक बहुत गहरी बात कहना चाहता हूं। तुमने अपनी पूरी जिंदगी लोगों को खुश करने में लगा दी। किसी का फोन आए तो तुरंत उठाना। किसी को जरूरत हो तो सबसे पहले पहुंच जाना। किसी को दुख हो, तो अपना सुख छोड़ देना। लेकिन क्या कभी तुमने देखा है कि जब तुम्हें जरूरत होती है, तब कितने लोग तुम्हारे साथ खड़े होते हैं? यहीं से दुख शुरू होता है। मनुष्य की सबसे बड़ी भूल यह है कि वह अपनी कीमत भूल जाता है। वह
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Speaker A
तो अपना सुख छोड़ देना। लेकिन क्या कभी तुमने देखा है कि जब तुम्हें जरूरत होती है तब कितने लोग तुम्हारे साथ खड़े होते हैं? यहीं से दुख शुरू होता है। मनुष्य की सबसे बड़ी भूल यह है कि वह अपनी कीमत भूल जाता है। वह
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Speaker A
दूसरों के लिए इतना उपलब्ध हो जाता है कि लोग उसे अपनी आदत बना लेते हैं और आदत की कोई कीमत नहीं होती। अगर सूरज हर समय आसमान में रहे तो उसकी भी कोई कीमत नहीं रह जाएगी। रात इसलिए सुंदर है क्योंकि
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Speaker A
उसके बाद सूरज आता है। दूरी इसलिए जरूरी है क्योंकि उसी से किसी की अहमियत समझ में आती है। मैं तुमसे यह नहीं कहता कि लोगों से प्रेम मत करो। प्रेम करो लेकिन अपने अस्तित्व को खोकर नहीं। किसी के लिए इतना
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Speaker A
उसके बाद सूरज आता है। दूरी इसलिए जरूरी है क्योंकि उसी से किसी की अहमियत समझ में आती है। मैं तुमसे यह नहीं कहता कि लोगों से प्रेम मत करो। प्रेम करो, लेकिन अपने अस्तित्व को खोकर नहीं। किसी के लिए इतना
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Speaker A
पीछे हट जाना भी प्रेम है। कभी कभी चुप हो जाना भी बुद्धिमानी। कभी कभी दूर चले जाना भी जरूरी है। क्योंकि जब तुम हर पल किसी के साथ रहते हो तो लोग तुम्हें हल्के में लेने लगते हैं। लेकिन जिस दिन तुम थोड़ी
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Speaker A
मत झुको कि तुम्हारी रीढ़ ही टूट जाए। एक बात याद रखना, जो व्यक्ति हर समय उपलब्ध रहता है उसकी कमी कोई महसूस नहीं करता। तुम्हें अपनी ऊर्जा, अपना समय और अपना प्रेम संभाल कर देना सीखना होगा। कभी कभी
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Speaker A
जीवन में खिलना शुरू करो। अपने सपनों पर काम करो। अपने अंदर की शांति को खोजो। अपने व्यक्तित्व को इतना सुंदर बना लो कि लोग तुम्हें खोने से डरने लगे। याद रखो जो खुद की कदर नहीं करता। दुनिया भी उसकी कदर
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Speaker A
पीछे हट जाना भी प्रेम है। कभी कभी चुप हो जाना भी बुद्धिमानी। कभी कभी दूर चले जाना भी जरूरी है। क्योंकि जब तुम हर पल किसी के साथ रहते हो तो लोग तुम्हें हल्के में लेने लगते हैं। लेकिन जिस दिन तुम थोड़ी
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Speaker A
लगेगी उसी दिन तुम्हें समझ आएगा कि प्रेम मांगने से नहीं बल्कि अपने मूल्य को पहचानने से मिलता है। तुम अनमोल हो। खुद को सस्ता मत बनाओ। लेकिन एक बात और समझो। हमारी सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि हम
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Speaker A
दूरी बना लेते हो, उसी दिन उन्हें एहसास होता है कि उनकी जिंदगी में तुम्हारी क्या जगह थी। तुम फूल की तरह बनो। फूल किसी के पीछे नहीं भागता। वह बस खिलता है और लोग उसकी खुशबू से खींचे चले आते। तुम भी अपने
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Speaker A
में है। और जिस इंसान की खुशी की चाबी दूसरों के हाथ में हो, वह कभी शांत नहीं रह सकता। इसलिए आज से एक निर्णय लो। मैं खुद को किसी के व्यवहार के आधार पर नहीं परखूंगा। मैं खुद को किसी की स्वीकृति से
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Speaker A
जीवन में खिलना शुरू करो। अपने सपनों पर काम करो। अपने अंदर की शांति को खोजो। अपने व्यक्तित्व को इतना सुंदर बना लो कि लोग तुम्हें खोने से डरने लगे। याद रखो, जो खुद की कदर नहीं करता, दुनिया भी उसकी कदर
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Speaker A
लोगों को अपनी कमी महसूस कराने का सबसे गलत तरीका है उन्हें जलाना। उन्हें दुख देना या उनसे बदला लेना। और सबसे सुंदर तरीका है खुद को इतना बेहतर बना लेना कि तुम्हारी अनुपस्थिति बोलने लगे। अपने जीवन में कुछ समय केवल अपने लिए निकालो।
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Speaker A
नहीं करती। आज से किसी को मनाने के लिए मत भागो। किसी के पीछे अपनी इज्जत मत खो। अगर कोई तुम्हारी कीमत नहीं समझता तो थोड़ा दूर हो जाओ। तुम्हारी अनुपस्थिति ही उसे तुम्हारी उपस्थिति की कीमत सिखाएगी। और जिस दिन किसी को तुम्हारी कमी महसूस होने
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Speaker A
हो जाते हो तब तुम्हें किसी के साथ रहने की जरूरत नहीं रह जाती। तुम सिर्फ प्रेम से लोगों के साथ रहते हो। यह फर्क बहुत बड़ा है। जरूरत का रिश्ता हमेशा डर पैदा करता है। वह मुझे छोड़ देगा तो क्या होगा?
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Speaker A
लगेगी, उसी दिन तुम्हें समझ आएगा कि प्रेम मांगने से नहीं बल्कि अपने मूल्य को पहचानने से मिलता है। तुम अनमोल हो। खुद को सस्ता मत बनाओ। लेकिन एक बात और समझो। हमारी सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि हम
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Speaker A
है, फल देता है। लेकिन कभी किसी के पीछे नहीं भागता कि कृपया मेरे पास आओ। जो लोग उसकी कीमत समझते हैं, वे स्वयं उसके पास आते हैं। तुम भी एक वृक्ष की तरह बनो। अपनी जड़ों को मजबूत करो। तुम्हारी जड़े
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Speaker A
दूसरों से अपनी कीमत तय करवाना चाहते हैं। कोई हमारी तारीफ कर दे तो हम खुश हो जाते हैं। कोई हमें नजरअंदाज कर दे तो हम टूट जाते हैं। इसका मतलब है कि हमारी खुशी की चाबी हमारे हाथ में नहीं। किसी और के हाथ
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Speaker A
चले जाएंगे। लेकिन तुम्हें अपने रास्ते पर चलते रहना है। क्योंकि जीवन का सबसे बड़ा दुख किसी का चले जाना नहीं। सबसे बड़ा दुख है किसी को बचाने की कोशिश में खुद को खो देना। और मैं चाहता हूं कि तुम खुद को कभी
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Speaker A
में है। और जिस इंसान की खुशी की चाबी दूसरों के हाथ में हो, वह कभी शांत नहीं रह सकता। इसलिए आज से एक निर्णय लो। मैं खुद को किसी के व्यवहार के आधार पर नहीं परखूंगा। मैं खुद को किसी की स्वीकृति से
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Speaker A
सामने हीरा भी सिर्फ एक पत्थर है। इसलिए खुद को साबित करने की आदत छोड़ दो। खुद को निखारने की आदत शुरू करो और एक दिन ऐसा आएगा जब लोग तुम्हारी कमी महसूस करेंगे। वे तुम्हें याद करेंगे। वे सोचेंगे एक
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Speaker A
बड़ा या छोटा नहीं मानूंगा। क्योंकि तुम अनमोल हो। तुम्हारी कीमत इस बात से तय नहीं होती कि कितने लोग तुम्हें याद करते हैं। तुम्हारी कीमत इस बात से तय होती है कि तुम अपने भीतर कितने जागे हुए हो।
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Speaker A
पूर्ण हो जाओगे कि तुम्हारी खामोशी भी लोगों को तुम्हारी याद दिलाएगी और तुम्हारी अनुपस्थिति भी उन्हें तुम्हारी कीमत समझा देगी। और अब मैं तुमसे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण बात कहना चाहता हूं। दुनिया में दो तरह के [गला साफ़ करने की आवाज़] लोग होते हैं।
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Speaker A
लोगों को अपनी कमी महसूस कराने का सबसे गलत तरीका है उन्हें जलाना। उन्हें दुख देना या उनसे बदला लेना। और सबसे सुंदर तरीका है खुद को इतना बेहतर बना लेना कि तुम्हारी अनुपस्थिति बोलने लगे। अपने जीवन में कुछ समय केवल अपने लिए निकालो।
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Speaker A
दूसरे वे लोग होते हैं जो पहले खुद को समझते हैं। खुद से प्रेम करते हैं और फिर दुनिया से प्रेम करते हैं। पहले लोग हमेशा दुखी रहते हैं। दूसरे लोग हमेशा शांत रहते हैं। क्यों? क्योंकि पहले लोगों की खुशी
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Speaker A
किताबें पढ़ो, ध्यान करो। अपने सपनों पर काम करो। अपने माता-पिता के साथ बैठो। प्रकृति के साथ समय बिताओ। धीरे-धीरे तुम महसूस करोगे कि तुम्हारे भीतर एक नई शक्ति पैदा हो रही है। और जब तुम भीतर से मजबूत
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Speaker A
बिना किसी डर के खुद से कहा था मैं जैसा हूं, अच्छा हूं। मैं अपने आप में पूर्ण हूं। शायद बहुत समय हो गया। क्योंकि बचपन से हमें सिखाया गया कि दूसरों को खुश करो, दूसरों की सुनो, दूसरों के लिए जियो।
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Speaker A
हो जाते हो, तब तुम्हें किसी के साथ रहने की जरूरत नहीं रह जाती। तुम सिर्फ प्रेम से लोगों के साथ रहते हो। यह फर्क बहुत बड़ा है। जरूरत का रिश्ता हमेशा डर पैदा करता है। वह मुझे छोड़ देगा तो क्या होगा?
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Speaker A
छोड़कर चला गया तो इसका मतलब यह नहीं कि तुम में कोई कमी है। अगर कोई तुम्हारी कदर नहीं करता तो इसका मतलब यह नहीं कि तुम महत्वपूर्ण नहीं हो। कई बार लोग हीरों को छोड़कर कांच चुन लेते हैं क्योंकि उन्हें
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Speaker A
वह मुझसे दूर हो गई तो मैं कैसे जिऊंगा? लेकिन प्रेम का रिश्ता स्वतंत्रता देता है। वहां तुम कहते हो, मैं तुम्हें प्यार करता हूं। लेकिन मेरी खुशी सिर्फ तुम पर निर्भर नहीं है। यही परिपक्वता है। जरा सोचो। एक पेड़ हजारों लोगों को छाया देता
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Speaker A
है। तुम्हारी यात्रा अलग है। फिर तुम क्यों किसी के पीछे भाग-भाग कर अपने आप को छोटा करते हो? क्यों? किसी से बार-बार पूछते हो क्या तुम मुझसे प्यार करते हो?
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Speaker A
है, फल देता है। लेकिन कभी किसी के पीछे नहीं भागता कि कृपया मेरे पास आओ। जो लोग उसकी कीमत समझते हैं, वे स्वयं उसके पास आते हैं। तुम भी एक वृक्ष की तरह बनो। अपनी जड़ों को मजबूत करो। तुम्हारी जड़े
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Speaker A
तुम्हारी शांति छीन लेगा। इसलिए आज से एक नई शुरुआत करो। अगर कोई तुम्हें याद करता है अच्छा है। अगर कोई तुम्हें भूल जाता है तब भी अच्छा है। क्योंकि तुम्हारा जीवन किसी एक व्यक्ति के इर्दगिर्द घूमने के लिए नहीं बना। तुम्हारा जीवन बहुत बड़ा
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Speaker A
क्या हैं? तुम्हारा आत्मसम्मान, तुम्हारा आत्म प्रेम, तुम्हारा आत्मविश्वास। अगर यह तीन चीजें मजबूत हो गईं तो दुनिया का कोई इंसान तुम्हें तोड़ नहीं सकता। लोग आएंगे और जाएंगे। कुछ तुम्हें समझेंगे। कुछ तुम्हें गलत समझेंगे। कुछ तुम्हें छोड़कर
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Speaker A
को शांत बनाओ। अपनी आत्मा को जागृत करो। ध्यान करो। किताबें पढ़ो। नई चीजें सीखो। अपने माता पिता के साथ समय बिताओ। प्रकृति के बीच बैठो। अपने अंदर उतरना शुरू करो। और मैं तुमसे वादा करता हूं। जैसे जैसे तुम अपने भीतर उतरोगे वैसे वैसे तुम्हें
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Speaker A
चले जाएंगे। लेकिन तुम्हें अपने रास्ते पर चलते रहना है। क्योंकि जीवन का सबसे बड़ा दुख किसी का चले जाना नहीं। सबसे बड़ा दुख है किसी को बचाने की कोशिश में खुद को खो देना। और मैं चाहता हूं कि तुम खुद को कभी
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Speaker A
धमकी नहीं दे सकता। अब कोई उसे नजरअंदाज करके तोड़ नहीं सकता। अब कोई उसके आत्मसम्मान को छीन नहीं सकता। क्योंकि उसने अपने भीतर अपना घर बना लिया है और फिर एक दिन कुछ अद्भुत होता है। जिन लोगों ने तुम्हें हल्के में लिया था वे तुम्हें
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Speaker A
मत खोना। अगर कोई तुम्हें भूल गया है तो उसे याद करने की जद मत करो। अगर कोई तुम्हारी कदर नहीं करता तो उसे अपनी कीमत समझाने में अपनी पूरी जिंदगी मत लगा दो। क्योंकि जो हीरे की पहचान नहीं करता, उसके
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Speaker A
उपेक्षा से नहीं टूटते। तब तुम किसी के जाने से बिखरते नहीं क्योंकि तुमने सबसे बड़ा खजाना पा लिया होता है खुद को और याद रखना किसी को अपनी कमी महसूस कराने का सबसे शक्तिशाली तरीका यह नहीं है कि तुम
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Speaker A
सामने हीरा भी सिर्फ एक पत्थर है। इसलिए खुद को साबित करने की आदत छोड़ दो। खुद को निखारने की आदत शुरू करो और एक दिन ऐसा आएगा जब लोग तुम्हारी कमी महसूस करेंगे। वे तुम्हें याद करेंगे। वे सोचेंगे एक
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Speaker A
पहचानो। क्योंकि जब तुम खुद को पा लेते हो तब दुनिया तुम्हें खोने से डरने लगती है। और तब तुम्हें किसी से यह कहने की जरूरत नहीं पड़ती। मेरी कद्र करो। तुम्हारी खामोशी, तुम्हारा व्यक्तित्व और तुम्हारा आत्मसम्मान ही तुम्हारी कीमत बता देता है।
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Speaker A
इंसान था जो सच्चा था, जो हमेशा साथ खड़ा रहता था, जिसकी मौजूदगी से जीवन आसान लगता था। लेकिन तब तक तुम अपने भीतर लौट चुके हो। तब तुम किसी के पीछे भागने वाले इंसान नहीं रहोगे। तब तुम अपने आप में इतने
Topics:आत्मसम्मानप्रेमस्वयं की कदरदूरी का महत्वआत्मनिर्भरताOsho हिंदी भाषणजीवन के सिद्धांतखुद से प्रेमसपनों पर काममानसिक शांति

Frequently Asked Questions

क्यों हमें हमेशा दूसरों को खुश करने की बजाय अपनी कीमत समझनी चाहिए?

क्योंकि जब हम हमेशा दूसरों के लिए उपलब्ध रहते हैं तो लोग हमारी कदर नहीं करते और हमें दुख होता है। अपनी कीमत समझना आत्मसम्मान और मानसिक शांति के लिए जरूरी है।

दूरी बनाना क्यों जरूरी है और इसका क्या महत्व है?

दूरी इसलिए जरूरी है ताकि लोग हमारी अहमियत समझ सकें। अगर हम हर समय उपलब्ध रहेंगे तो लोग हमें हल्के में लेने लगेंगे, इसलिए थोड़ी दूरी से हमारी कदर बढ़ती है।

प्रेम और जरूरत के रिश्ते में क्या फर्क है?

जरूरत का रिश्ता डर और असुरक्षा पैदा करता है जबकि प्रेम का रिश्ता स्वतंत्रता देता है। प्रेम में हम अपनी खुशी दूसरों पर निर्भर नहीं करते, वहीं जरूरत में डर बना रहता है।

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