यह वीडियो 11 आउटडेटेड YouTube ग्रोथ टिप्स बताता है जो अब काम नहीं करते और सही कंटेंट क्रिएशन पर फोकस करने की सलाह देता है।
Key Takeaways
- पुरानी ग्रोथ टिप्स छोड़कर कंटेंट क्रिएशन पर फोकस करें।
- महंगे उपकरण जरूरी नहीं, कंटेंट की क्वालिटी और वैल्यू महत्वपूर्ण है।
- वीडियो को बिना अनावश्यक सेटिंग्स के सीधे अपलोड करें।
- डेली अपलोड से ज्यादा महत्वपूर्ण है कंटेंट की क्वालिटी और वैल्यू।
- ऑडियंस के लिए वैल्यूफुल कंटेंट बनाएं, तभी चैनल ग्रो करेगा।
What the video covers
- पुरानी YouTube ग्रोथ टिप्स अब प्रभावी नहीं हैं और उनका उपयोग समय की बर्बादी है।
- कीवर्ड्स, हैशटैग, चैनल सेटिंग्स जैसे छोटे-छोटे कामों में समय खर्च करना फायदेमंद नहीं।
- ब्रांडिंग और प्रोफेशनल लुक पर शुरुआती दौर में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
- महंगे कैमरा या लाइटिंग की जरूरत नहीं, फोन और साधारण लाइट से भी अच्छा कंटेंट बन सकता है।
- वीडियो का मुख्य उद्देश्य वैल्यू देना होना चाहिए, चाहे वह एंटरटेनमेंट हो या नॉलेज।
- परफेक्ट टाइमिंग या अनलिस्ट करके वीडियो अपलोड करने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता।
- रैंडम शेयरिंग और फालतू ऑडियंस बिल्ड करने से नुकसान होता है।
- डेली अपलोड करने से चैनल नहीं बढ़ता अगर कंटेंट खराब हो।
- कंटेंट का विश्लेषण और सुधार करना जरूरी है ताकि बेहतर वीडियो बनाई जा सके।
- एल्गोरिदम पर भरोसा रखें और सही ऑडियंस तक पहुंचने दें।
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Speaker A
आज हम 11 ऐसी आउटडेटेड YouTube ग्रोथ टिप्स डिस्कस करेंगे जो कि कुछ साल पहले बहुत अच्छी काम करती थीं। उससे चैनल पर ग्रोथ भी होती थी। लेकिन अभी वह सारी चीजें काम नहीं करती हैं। लेकिन उस पे वीडियोस अभी भी बहुत सारी बनती हैं। हो सकता है आप भी उनमें से काफी सारी चीजें कर रहे हों इस होप में कि शायद उससे चैनल ग्रो होगा। लेकिन वो अब काम नहीं करती। वो मैं करके देख चुका हूं। तो इसलिए वो मैं एक्सपीरियंस आपके साथ शेयर करना चाहता हूं ताकि आप इसे एक 10 मिनट की वीडियो से अपना टाइम सेव कर लो। इस वीडियो के एंड होने तक आपको 100% क्लेरिटी मिल जाएगी कि क्या नहीं करना है एज अ यूबर ताकि आप वह ना करके वह चीजें करने पे फोकस करें जहां से एक्चुअल में रिजल्ट आएगा। सबसे बेसिक गलती से स्टार्ट करते हैं जो कि आई गेस हम सभी लोग कर रहे होते हैं जब मैंने भी अपना YouTube चैनल स्टार्ट किया था 2017 में सबसे पहला वाला। उस पे मैं यही गलती करता था कि मैं वीडियो अपलोड करता था। उस पे मैं कीवर्ड्स, हैशटैग, यही सब सर्च करने में लगे रहता था कि अच्छे से डिस्क्रिप्शन कैसे लिखना है। कोई ऐसा कीवर्ड तो नहीं है जो मैं मिस कर रहा हूं जो मैं टैग्स में लगा दूंगा तो उससे रीच बढ़ जाएगी, व्यूज आ जाएंगे। लेकिन उस सब में टाइम वेस्ट करने के बाद इतने साल बाद मुझे पता लगा कि नहीं भाई इससे कोई भी फायदा नहीं होता है। तो अगर आप भी बिगिनर कंटेंट क्रिएटर हो और इसी सब में आपका टाइम वेस्ट होता है तो अब आप इसको छोड़ सकते हो क्योंकि सच में कोई फायदा नहीं होता इससे। दूसरी इसी से रिलेटेड मिस्टेक है कि काफी लोग अपनी चैनल सेटिंग्स पे बहुत फोकस करते हैं। चैनल कीवर्ड्स कौन से लगाऊं, कौन सा बैनर लगाऊं, कौन सा लोगो लगाऊं? मैं आपको सच बताऊं मेरे इस चैनल पे अगर आप क्लिक करके देखोगे ना इस पे कोई बैनर नहीं है। जब से मैंने स्टार्ट किया है कोई बैनर नहीं लगा है। क्योंकि इस सब से कोई फायदा नहीं है। टू बी ऑनेस्ट अभी एज अ बिगिनर कंटेंट क्रिएटर आपको ब्रांडिंग पे फोकस करने की जरूरत नहीं है कि मेरे सारे थंबनेल एक जैसे दिख रहे हैं। मेरा चैनल का लोगो अच्छा दिख रहा है। प्रोफेशनल लग रहा हूं या नहीं लग रहा हूं मैं। वो सब अभी करके क्या फायदा? जब हमारे पास ऑडियंस ही नहीं है। तो चैनल की सेटिंग करना, उसके टैग्स में दूसरे चैनल के नेम लिखना ये सारी चीजें मैं करा करता था। लेकिन इससे कोई फायदा होता नहीं है। तो रेदर देन हम इन सारी चीजों पे फोकस करें जहां से बहुत कम रिजल्ट आ रहा है। अगर आप मेन कंटेंट बनाने पे ध्यान दोगे तो वो ज्यादा बेनिफिशियल होगा। राइट? कंटेंट बनाने में आई नो कि बहुत मेहनत जाती है वीडियो बनाना, उसे एडिट करना। लेकिन ये ना हमारा मिथ है कि बहुत प्रोफेशनल वीडियो बननी चाहिए। बहुत अच्छी एडिटिंग होनी चाहिए। शूज, शार्स, ऐसे बहुत सारे एलिमेंट होने चाहिए। ऐसा कुछ भी नहीं है। अगर आप मेरी पुरानी सारी वीडियोस देखोगे ना, इवन इवन जिस पे 1 लाख व्यूज है। उस पे भी आप देखो मैं यहां पे स्क्रीन में प्ले करूंगा। अच्छी लाइट भी नहीं है, अच्छी एडिट भी नहीं है। पर वो वीडियो चली गई क्योंकि वो वैल्यूएबल वीडियो है। तो वीडियो का इंटेंट बस फुलफिल हो जाना चाहिए कि अगर आप एंटरटेन करना चाह रहे हो उस वीडियो के थ्रू तो एंटरटेन हो जाए लोग। अगर आप उससे कोई नॉलेज देना चाह रहे हो तो वो नॉलेजेबल वीडियो होनी चाहिए। ये जरूरी नहीं है कि प्रोफेशनल कैमरा होना। कैमरा तो मेरे पास भी नहीं है। अगर मैं आपको दिखा पाता कुछ है यहां पे। मेरे पास मैं है नहीं। मतलब मैं फोन से ही शूट कर रहा हूं। तो आपको भी बहुत महंगे इक्विपमेंट लेने की, कोई कैमरा लेने की, लाइट पे बहुत ज्यादा इन्वेस्ट करने की जरूरत नहीं है। मैं आपको दिखाऊं मैं अभी लाइट कैसे यूज़ कर रहा हूं अपने इस वीडियो के लिए। यह मेरा मॉनिटर है। और यहां पर एक छोटी सी रिंग लाइट है। सॉरी मेरे घर के कचरे को आप थोड़ा सा इग्नोर करें। मेरे कपड़े थोड़े से फैले हुए हैं। लेकिन मैं आपको बस बताना चाह रहा हूं कि बहुत महंगी लाइटें लेने की जरूरत नहीं है। ये मेरे कॉलेज का रूम है। तो यहां मैं वो लाइट लाया नहीं। मेरे घर पे है एक रिंग लाइट बड़ी वाली ना। यहां पे मैं ऐसे बार-बार लाइट थोड़ी खरीदते रहूंगा कि प्रोफेशनल वीडियो बनानी है। नहीं। आप बस अपना बेस्ट दो। जो भी आपके पास रिसोर्सेज हैं वो यूज़ करके वीडियो बनाओ। उसपे मेहनत जाती है सबकी जाती है। इट्स अ नॉर्मल थिंग। और फिर उसको अपलोड कर दो। अपलोड करने के टाइम पे यह मत सोचो कि क्या परफेक्ट टाइमिंग होगी। सुबह अपलोड करूं, रात को अपलोड करूं। अनलिस्ट करके पब्लिश करूं या डायरेक्ट पब्लिश कर दूं कुछ फर्क नहीं पड़ेगा इन सारी चीजों से। मैं आपको जेन्युइनली बताऊं मैं अनलिस्ट कब करता हूं वीडियोस को जब वो स्पोंसर्ड होती हैं। मुझे किसी ब्रांड को भेजनी होती है कि वो देखे, उसे अप्रूव करे फिर मैं पब्लिश करूं। अदरवाइज मैं डायरेक्टली पब्लिश कर देता हूं क्योंकि मेरे वीडियोस में कोई भी कॉपीराइट मटेरियल यूज़ होता नहीं है। मैंने इस पे वीडियो बनाई हुई है कॉपीराइटेड म्यूजिक वाले पे। तो अगर आप कॉपीराइट फ्री चीजें यूज़ कर रहे हो। मेरी वीडियो में तो ज्यादा कुछ होता नहीं है। उसी तरीके से अगर आपकी वीडियो में भी ज्यादा कुछ एलिमेंट्स नहीं हैं तो अनलिस्ट करने का कोई सेंस नहीं है। क्योंकि अनलिस्ट हम तब कर रहे हैं ये देखने के लिए कि कुछ कॉपीराइट का इशू आ रहा है या नहीं आ रहा है। ऐसा नहीं है कि आपने परफेक्ट टाइम पे अपलोड करा तो रीच बहुत ज्यादा हो जाएगी। ऐसा कुछ नहीं है। वीडियो को डायरेक्टली पब्लिश करो और YouTube एल्गोरिदम पे छोड़ दो कि हां वो सही ऑडियंस तक पहुंचा देगा। उसे फालतू लोगों को मत शेयर करना कि रैंडमली अपना स्टेटस लगा दिया। स्टोरी पे लगा दिया। मैं इनिशियली 2017-18 की बात है। WhatsApp ग्रुप्स पे शेयर करता था। सॉरी Facebook ग्रुप्स पे शेयर करता था क्योंकि उस टाइम पे Facebook बहुत अच्छा चलता था ना। तो रैंडमली वहां से कुछ लोग आते थे वीडियो को। वो अच्छे से देखते भी नहीं थे क्योंकि उनका इंटरेस्ट नहीं होता था। वो तो उन्होंने बस ऐसे क्यूरियोसिटी के लिए क्लिक किया था कि इसने कुछ भेजा है क्लिक कर देता हूं। तो रिटेंशन डाउन हो जाता था। वीडियो को लोग देख नहीं रहे हैं। उस पे इंगेज नहीं कर रहे। कोई कमेंट, लाइक, शेयर कुछ नहीं हो रहा। तो YouTube एल्गोरिदम को लगता था कि यार शायद वीडियो ही अच्छी नहीं है। इसलिए जो भी व्यक्ति इसमें आ रहा है कोई टिक ही नहीं रहा है इस पे। जिनका हमारे कंटेंट पे इंटरेस्ट ही नहीं है हम उन्हें शेयर कर देते हैं और वहां से हमारे कंटेंट का डाउनफॉल स्टार्ट हो जाता है। कुछ लोग तो बहुत एफर्टफुली शेयर करते हैं कमेंट सेक्शन में लिखते हुए कि न्यू यूर्स सपोर्ट ईच अदर। लेट्स सपोर्ट ईच अदर। ऐसे कमेंट्स पे स्पैम करके अगर आपके कोई चैनल पे आ रहा है तो आप सोचो ना वो कितना फालतू इंसान होगा जो कमेंट देख रहा है, उसको लाइक कर रहा है, फिर किसी का चैनल देख रहा है। फालतू में ऐसी ऑडियंस बिल्ड करके क्या फायदा जो जिसके पास इतना फालतू टाइम है ना रैंडमली किसी कमेंट में लिंक पेस्ट करना, सब मुझे सब्सक्राइब करो, मैं आपको सब्सक्राइब करूंगा। इस सब से कोई फायदा नहीं होगा, इसमें बस आपका टाइम वेस्ट होगा। तो बस वीडियो को अपलोड करो, एल्गोरिदम पे छोड़ दो, वो सही ऑडियंस तक उसे पहुंचा देगा। बस वीडियो को अपलोड करने पे हमारा ध्यान होना चाहिए एक अच्छी वीडियो मतलब ऐसा नहीं कि रैंडमली आप कुछ भी बना के डाल रहे हो ये सोच के कि डेली अपलोड करूंगा तो एल्गोरिदम मुझे सपोर्ट करेगा करेगा। ऐसा नहीं होता। यह अफवाह पता नहीं किसने फैला दी है कि डेली आप बस कुछ ना कुछ अपलोड करते रहो। एक दिन आपकी वीडियो वायरल हो जाएगी। ऐसा कुछ नहीं होता। रैंडमली कोई वीडियो कैसे वायरल हो जाएगी जब आप खराब चीज़ ही अपलोड करते जा रहे हो। उस वीडियो का कोई लॉजिक होना चाहिए ना। उस वीडियो से कुछ वैल्यू मिलनी चाहिए ऑडियंस को। तभी तो वो उस वीडियो को देखेगी। अगर उस वीडियो को लॉजिक ही नहीं है तो उसको कोई क्यों देखेगा? या तो वो एंटरटेन सीख कर रहा होगा कि टाइम पास हो जाए तो उसका अच्छा टाइम पास हमें कराना होगा। एंटरटेन करना होगा। वो हंसे हमारी वीडियो को देख के। ये एक वैल्यू हो सकती है। दूसरी वैल्यू ये हो सकती है कि अगर हम उसे एजुकेट करना चाह रहे हैं तो वो अच्छे से उस चीजों को समझ सके हमारी वीडियो के थ्रू। तो अगर वैल्यू देने पे हमारा फोकस होगा कि हम अपने कंटेंट के थ्रू किसी की हेल्प कर रहे हैं वहां पे हमारी वीडियो परफॉर्म करेगी आज नहीं तो कल। पर अगर वो वीडियो ही इन इटसेल्फ बेकार है। आपने बस बना दी है कि कुछ बनाना है करके तो फिर वो वीडियो नहीं चलने वाली ऑब्वियसली। राइट? ये तो आप खुद भी सोच सकते हो लॉजिकली। तो डेली अपलोड करने से कोई चैनल ग्रो नहीं हो जाएगा अगर डेली आप खराब चीजें अपलोड कर रहे हो। आपको देखना पड़ेगा कि ये एक कंटेंट पीस मैंने बनाया आज। अब मैं इसको अच्छे से स्टडी करूंगा। थोड़ी चीजें नोट डाउन करूंगा कि अगली वीडियो में क्या इंप्रूव करूं। राइट? आप ऑलरेडी मार्केट में जो कंटेंट चल रहा है उसको स्टडी करोगे कि ये इनका कंटेंट चल क्यों रहा है। उसको आप ब्रेक डाउन करोगे। वैसा कुछ बनाने की कोशिश करोगे जो लोगों को पसंद आ रहा है ऑलरेडी। फिर हमारा कंटेंट लोग देखेंगे भी। पर अगर आप रैंडमली अपने मन से कुछ भी बनाए जा रहे हो डेली अपलोड करना है करके कि डेली बस टिक लग जाए। जैसे स्कूल होमवर्क हम करते हैं ना कि बस लिख देता हूं यार बस चेक ही तो कराना है। वैसे अगर आप कंटेंट बना रहे हो तो कोई उ
Speaker A
भी बहुत सारी बनती है। हो सकता है आप भी उनमें से काफी सारी चीजें कर रहे हो इस होप में कि शायद उससे चैनल ग्रो होगा। बट वो अब काम नहीं करती। वो मैं करके देख चुका हूं। तो इसलिए वो मैं एक्सपीरियंस
Speaker A
आपके साथ शेयर करना चाहता हूं ताकि आप इसे एक 10 मिनट की वीडियो से अपना टाइम सेव कर लो। इस वीडियो के एंड होने तक आपको 100% क्लेरिटी मिल जाएगी कि क्या नहीं करना है एज अ यूबर ताकि आप वह ना करके वह चीजें
Speaker A
करने पे फोकस करें जहां से एक्चुअल में रिजल्ट आएगा। सबसे बेसिक गलती से स्टार्ट करते हैं जो कि आई गेस हम सभी लोग कर रहे होते हैं जब मैंने भी अपना YouTube चैनल स्टार्ट किया था 2017 में सबसे पहला वाला
Speaker A
उस पे मैं यही गलती करता था कि मैं वीडियो अपलोड करता था। उस पे मैं कीवर्ड्स हैशटैग यही सब सर्च करने में लगे रहता था कि अच्छे से डिस्क्रिप्शन कैसे लिखना है। कोई ऐसा कीवर्ड तो नहीं है जो मैं मिस कर रहा
Speaker A
हूं जो मैं टैग्स में लगा दूंगा तो उससे रीच बढ़ जाएगी व्यूज आ जाएंगे। बट उस सब में टाइम वेस्ट करने के बाद इतने साल बाद मुझे पता लगा कि नहीं भाई इससे कोई भी फायदा नहीं होता है। तो अगर आप भी बिगिनर
Speaker A
कंटेंट क्रिएटर हो और इसी सब में आपका टाइम वेस्ट होता है तो अब आप इसको छोड़ सकते हो क्योंकि सच में कोई फायदा नहीं होता इससे। दूसरी इसी से रिलेटेड मिस्टेक है कि काफी लोग अपनी चैनल सेटिंग्स पे
Speaker A
बहुत फोकस करते हैं। चैनल कीवर्ड्स कौन से लगाऊं, कौन सा बैनर लगाऊं, कौन सा लोगो लगाऊं? मैं आपको सच बताऊं मेरे इस चैनल पे अगर आप क्लिक करके देखोगे ना इस पे कोई बैनर नहीं है। जब से मैंने स्टार्ट किया
Speaker A
है कोई बैनर नहीं लगा है। क्योंकि इस सब से कोई फायदा नहीं है। टू बी ऑनेस्ट अभी एज अ बिगिनर कंटेंट क्रिएटर आपको ब्रांडिंग पे फोकस करने की जरूरत नहीं है कि मेरे सारे थंबनेल एक जैसे दिख रहे हैं।
Speaker A
मेरा चैनल का लोगो अच्छा दिख रहा है। प्रोफेशनल लग रहा हूं नहीं लग रहा हूं मैं। वो सब अभी करके क्या फायदा? जब हमारे पास ऑडियंस ही नहीं है। तो चैनल की सेटिंग करना, उसके टैग्स में दूसरे चैनल के नेम
Speaker A
लिखना ये सारी चीजें मैं करा करता था। बट इससे कोई फायदा होता नहीं है। तो रेदर देन हम इन सारी चीजों पे फोकस करें जहां से बहुत कम रिजल्ट आ रहा है। अगर आप मेन कंटेंट बनाने पे ध्यान दोगे तो वो ज्यादा
Speaker A
बेनिफिशियल होगा। राइट? कंटेंट बनाने में आई नो कि बहुत मेहनत जाती है वीडियो बनाना उसे एडिट करना। बट ये ना हमारा मिथ है कि बहुत प्रोफेशनल वीडियो बननी चाहिए। बहुत अच्छी एडिटिंग होनी चाहिए। शूज शार्स ऐसे बहुत सारे एलिमेंट होने चाहिए। ऐसा कुछ भी
Speaker A
नहीं है। अगर आप मेरी पुरानी सारी वीडियोस देखोगे ना इवन इवन जिस पे 1 लाख व्यूज है। उस पे भी आप देखो मैं यहां पे स्क्रीन में प्ले करूंगा। अच्छी लाइट भी नहीं है, अच्छी एडिट भी नहीं है। पर वो वीडियो चली
Speaker A
गई क्योंकि वो वैल्यूुएबल वीडियो है। तो वीडियो का इंटेंट बस फुलफिल हो जाना चाहिए कि अगर आप एंटरटेन करना चाह रहे हो उस वीडियो के थ्रू तो एंटरटेन हो जाए लोग। अगर आप उससे कोई नॉलेज देना चाह रहे हो तो
Speaker A
वो नॉलेजेबल वीडियो होनी चाहिए। ये जरूरी नहीं है कि प्रोफेशनल कैमरा होना। कैमरा तो मेरे पास भी नहीं है। अगर मैं आपको दिखा पाता कुछ है यहां पे। मेरे पास मैं है नहीं। मतलब मैं फोन से ही शूट कर रहा
Speaker A
हूं। तो आपको भी बहुत महंगे इक्विपमेंट लेने की, कोई कैमरा लेने की, लाइट पे बहुत ज्यादा इन्वेस्ट करने की जरूरत नहीं है। मैं आपको दिखाऊं मैं अभी लाइट कैसे यूज़ कर रहा हूं अपने इस वीडियो के लिए। यह मेरा
Speaker A
मॉनिटर है। और यहां पर एक छोटी सी रिंग लाइट है। सॉरी मेरे घर के कचरे को आप थोड़ा सा इग्नोर करें। मेरे कपड़े थोड़े से फैले हुए हैं। बट मैं आपको बस बताना चाह रहा हूं कि बहुत महंगी लाइटें लेने की
Speaker A
जरूरत नहीं है। ये मेरे कॉलेज का रूम है। तो यहां मैं वो लाइट लाया नहीं। मेरे घर पे है एक रिंग लाइट बड़ी वाली ना। यहां पे मैं ऐसे बार-बार लाइट थोड़ी खरीदते रहूंगा कि प्रोफेशनल वीडियो बनानी है। नहीं। आप
Speaker A
बस अपना बेस्ट दो। जो भी आपके पास रिसोर्सेज हैं वो यूज़ करके वीडियो बनाओ। उसप मेहनत जाती है सबकी जाती है। इट्स अ नॉर्मल थिंग। और फिर उसको अपलोड कर दो। अपलोड करने के टाइम पे यह मत सोचो कि क्या
Speaker A
परफेक्ट टाइमिंग होगी। सुबह अपलोड करूं, रात को अपलोड करूं। अनलिस्ट करके पब्लिश करूं या डायरेक्ट पब्लिश कर दूं कुछ फर्क नहीं पड़ेगा इन सारी चीजों से। मैं आपको जेन्युइनली बताऊं मैं अनलिस्ट कब करता हूं वीडियोस को जब वो स्पों्सर्ड होती है।
Speaker A
मुझे किसी ब्रांड को भेजनी होती है कि वो देखे उसे अप्रूव करे फिर मैं पब्लिश करूं। अदरवाइज मैं डायरेक्टली पब्लिश कर देता हूं क्योंकि मेरे वीडियोस में कोई भी कॉपीराइट मटेरियल यूज़ होता नहीं है। मैंने इस पे वीडियो बनाई हुई है
Speaker A
कॉपीराइटेड म्यूजिक वाले पे। तो अगर आप कॉपीराइट फ्री चीजें यूज़ कर रहे हो। मेरी वीडियो में तो ज्यादा कुछ होता नहीं है। उसी तरीके से अगर आपकी वीडियो में भी ज्यादा कुछ एलिमेंट्स नहीं है तो अनलिस्ट करने का कोई सेंस नहीं है। क्योंकि
Speaker A
अनलिस्ट हम तब कर रहे हैं ये देखने के लिए कि कुछ कॉपीराइट का इशू आ रहा है या नहीं आ रहा है। ऐसा नहीं है कि आपने परफेक्ट टाइम पे अपलोड करा तो रीच बहुत ज्यादा हो जाएगी। ऐसा कुछ नहीं है। वीडियो को
Speaker A
डायरेक्टली पब्लिश करो और YouTube एल्गोरिदम पे छोड़ दो कि हां वो सही ऑडियंस तक पहुंचा देगा। उसे फालतू लोगों को मत शेयर करना कि रैंडमली अपना स्टेटस लगा दिया। स्टोरी पे लगा दिया। मैं इनिशियली 2017-1 की बात है। WhatsApp
Speaker A
ग्रुप्स पे शेयर करता था। सॉरी Facebook ग्रुप्स पे शेयर करता था क्योंकि उस टाइम पे Facebook बहुत अच्छा चलता था ना। तो रैंडमली वहां से कुछ लोग आते थे वीडियो को। को वो अच्छे से देखते भी नहीं थे
Speaker A
क्योंकि उनका इंटरेस्ट नहीं होता था। वो तो उन्होंने बस ऐसे क्यूरियोसिटी के लिए क्लिक किया था कि इसने कुछ भेजा है क्लिक कर देता हूं। तो रिटेंशन डाउन हो जाता था। वीडियो को लोग देख नहीं रहे हैं। उस पे
Speaker A
इंगेज नहीं कर रहे। कोई कमेंट लाइक शेयर कुछ नहीं हो रहा। तो YouTube एल्गोरिदम को लगता था कि यार शायद वीडियो ही अच्छी नहीं है। इसलिए जो भी व्यक्ति इसमें आ रहा है कोई टिक ही नहीं रहा है इस पे। जिनका
Speaker A
हमारे कंटेंट पे इंटरेस्ट ही नहीं है हम उन्हें शेयर कर देते हैं और वहां से हमारे कंटेंट का डाउनफॉल स्टार्ट हो जाता है। कुछ लोग तो बहुत एफर्टफुली शेयर करते हैं कमेंट सेक्शन में लिखते हुए कि न्यू यूर्स
Speaker A
सपोर्ट ईच अदर। लेट्स सपोर्ट ईच अदर। ऐसे कमेंट्स पे स्पैम करके अगर आपके कोई चैनल पे आ रहा है तो आप सोचो ना वो कितना फालतू इंसान होगा जो कमेंट देख रहा है उसको लाइक कर रहा है फिर किसी का चैनल देख रहा है
Speaker A
फालतू में ऐसी ऑडियंस बिल्ड करके क्या फायदा जो जिसके पास इतना फालतू टाइम है ना रैंडमली किसी कमेंट में लिंक पेस्ट करना सब मुझे सब्सक्राइब करो मैं आपको सब्सक्राइब करूंगा इस सब से कोई फायदा नहीं होगा इसमें बस आपका टाइम वेस्ट होगा
Speaker A
तो बस वीडियो को अपलोड करो एल्गोरिदम पे छोड़ दो वो सही ऑडियंस तक उसे पहुंचा देगा बस वीडियो को अपलोड करने पे हमारा ध्यान होना चाहिए एक अच्छी वीडियो मतलब ऐसा नहीं कि रैंडमली आप कुछ भी बना के डाल रहे हो
Speaker A
ये सोच के कि डेली अपलोड करूंगा तो एल्गोरिदम मुझे सपोर्ट करेगा करेगा। ऐसा नहीं होता। यह अफवाह पता नहीं किसने फैला दी है कि डेली आप बस कुछ ना कुछ अपलोड करते रहो। एक दिन आपकी वीडियो वायरल हो
Speaker A
जाएगी। ऐसा कुछ नहीं होता। रैंडमली कोई वीडियो कैसे वायरल हो जाएगी जब आप खराब चीज़ ही अपलोड करते जा रहे हो। उस वीडियो का कोई लॉजिक होना चाहिए ना। उस वीडियो से कुछ वैल्यू मिलनी चाहिए ऑडियंस को। तभी तो
Speaker A
वो उस वीडियो को देखेगी। अगर उस वीडियो को लॉजिक ही नहीं है तो उसको कोई क्यों देखेगा? या तो वो एंटरटेन सीख कर रहा होगा कि टाइम पास हो जाए तो उसका अच्छा टाइम पास हमें कराना होगा। एंटरटेन करना होगा।
Speaker A
वो हंसे हमारी वीडियो को देख के। ये एक वैल्यू हो सकती है। दूसरी वैल्यू ये हो सकती है कि अगर हम उसे एजुकेट करना चाह रहे हैं तो वो अच्छे से उस चीजों को समझ सके हमारी वीडियो के थ्रू। तो अगर वैल्यू
Speaker A
देने पे हमारा फोकस होगा कि हम अपने कंटेंट के थ्रू किसी की हेल्प कर रहे हैं वहां पे हमारी वीडियो परफॉर्म करेगी आज नहीं तो कल। पर अगर वो वीडियो ही इन इटसेल्फ बेकार है। आपने बस बना दी है कि
Speaker A
कुछ बनाना है करके तो फिर वो वीडियो नहीं चलने वाली ऑब्वियसली। राइट? ये तो आप खुद भी सोच सकते हो लॉजिकली। तो डेली अपलोड करने से कोई चैनल ग्रो नहीं हो जाएगा अगर डेली आप खराब चीजें अपलोड कर रहे हो। आपको
Speaker A
देखना पड़ेगा कि ये एक कंटेंट पीस मैंने बनाया आज। अब मैं इसको अच्छे से स्टडी करूंगा। थोड़ी चीजें नोट डाउन करूंगा कि अगली वीडियो में क्या इंप्रूव करूं। राइट?
Speaker A
आप ऑलरेडी मार्केट में जो कंटेंट चल रहा है उसको स्टडी करोगे कि ये इनका कंटेंट चल क्यों रहा है। उसको आप ब्रेक डाउन करोगे। वैसा कुछ बनाने की कोशिश करोगे जो लोगों को पसंद आ रहा है ऑलरेडी। फिर हमारा
Speaker A
कंटेंट लोग देखेंगे भी। पर अगर आप रैंडमली अपने मन से कुछ भी बनाए जा रहे हो डेली अपलोड करना है करके कि डेली बस टिक लग जाए। जैसे स्कूल होमवर्क हम करते हैं ना कि बस लिख देता हूं यार बस चेक ही तो
Speaker A
कराना है। वैसे अगर आप कंटेंट बना रहे हो तो कोई उसे क्यों देखेगा? ये सवाल का आपको आंसर नहीं मिल पाएगा। और अगर अभी तक आपने कंटेंट क्रिएशन स्टार्ट ही नहीं कराया है आप बस सोचने वाले लूप पे ही फंसे हो
Speaker A
ओवरथिंकिंग वाले पे कि पहले सेटअप आ जाए पहले शकल सुधर जाए पहले आवाज अच्छी हो जाए पहले मैं सब चीजें सीख जाऊं तब मैं अच्छा बनाऊंगा उस पे आप फिर फंसे ही रह जाओगे ओवरथिंकिंग वाले लूप पे ना तो आपको
Speaker A
स्टार्ट कर देना चाहिए बिना ये सोचे कि मुझे परफेक्ट बनाना है पहला कॉन्टेंट पीस हमेशा खराब ही बनता है हर किसी का ना खराब बनाने के ही इंटेंट से आप स्टार्ट करो धीरे-धीरे आपको पता लग जाएगा कि इसे
Speaker A
सुधारना कैसे है ऐसा नहीं कि पहला कंटेंट पीस ही हमें एकदम परफेक्ट बनाना है तो पहला हमें खराब ही बनाना है उसको देखकर हम इंप्रूव करेंगे हमारा ही रेफरेंस होगा हम अपने आप को अपने से ही कंपेयर करेंगे वही
Speaker A
हमारा रेफरेंस होगा कि पहले मैं यह बनाता था। अब मैं यह बना रहा हूं। राइट? किसी और को देख के नहीं कि मैं ऐसा क्यों नहीं बना पा रहा हूं। मैं ऐसे क्यों नहीं बोल पा रहा हूं। नहीं उसने 100 200 300 वीडियो
Speaker A
बना दिए। तब वो वैसा बोल पा रहा है। अगर उसकी भी आप पहली वीडियो देखोगे वो भी खराब ही होगी। तो आपको शुरू कर देना चाहिए बिना ये सोचे कि इज इट टू लेट टू स्टार्ट? क्या अब कॉम्पटीशन बहुत ज्यादा हो गया है? क्या
Speaker A
अब ग्रो करना मुश्किल हो गया है? ऐसा कुछ नहीं है। ये वीडियोस 2020 में भी बनती थी, 2021 में भी बनती थी कि इज इट टू लेट टू स्टार्ट? क्या बहुत लेट हो गया है?
Speaker A
कॉम्पटीशन बहुत बढ़ गया है। सही में आप अगले साल भी देखना यही वीडियोस आ रही होंगी। क्या अभी लेट हो गया है या शुरू कर देना चाहिए? ऑब्वियसली शुरू कर देना चाहिए। इस पे सोचिए क्या फायदा? बाकी जो
Speaker A
चीज़ें हमने इस वीडियो में डिस्कस करी कि किन चीज़ों पे आपको ध्यान नहीं देना है जहां से रिजल्ट नहीं आता वहां से आप टाइम सेव करके आप उन चीज़ों पे ध्यान दे पाओगे जो एक्चुअल में काम करती है कि वीडियो को
Speaker A
कैसे इंप्रूव करूं अपने बोलने के स्टाइल को कैसे इंप्रूव करूं स्क्रिप्ट राइटिंग कैसे इंप्रूव करूं लोगों को कैसे रोको अपने कंटेंट पे एडिट में क्या-क्या चीजें यूज़ करनी होती है ऐसा नहीं कि बहुत प्रीमियम बनानी होती है बट फिर भी सोच समझ
Speaker A
के एडिट करनी होती है ना तो आप वहां पे ध्यान दे पाओगे रेदर दैन की सेटिंग चेंज कर लूं टैग कौन सा लगाऊं इस पे कोई फायदा नहीं होगा है ना तो आई होप आपको आज की वीडियो वैलुएबल लगी होगी अगर ऐसा है तो
Speaker A
वीडियो को लाइक कर देना सब्सक्राइब कर दो इस वाले चैनल को। मैं मिलता हूं तुम्हे नेक्स्ट वाली वीडियो में।
Topics:YouTube ग्रोथआउटडेटेड टिप्सकंटेंट क्रिएशनवीडियो अपलोडिंगब्रांडिंगYouTube एल्गोरिदमवीडियो क्वालिटीडेली अपलोडऑडियंस बिल्डिंगहिंदी YouTube टिप्स


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