नए यूट्यूबर्स की 5 आम गलतियां और उन्हें कैसे सुधारें ताकि तेजी से ग्रोथ हो सके।
Key Takeaways
- हर वीडियो के लिए SEO रणनीति अलग रखें, सभी वीडियो पर एक जैसा SEO न करें।
- कंसिस्टेंसी जरूरी है लेकिन रोजाना वीडियो डालना आवश्यक नहीं, नियमित अंतराल पर वीडियो डालें।
- अपनी वीडियो को गलत ऑडियंस तक जबरदस्ती शेयर न करें, YouTube एल्गोरिदम सही दर्शकों तक पहुंचाएगा।
- अपलोड टाइमिंग पर ज्यादा चिंता न करें, जब वीडियो तैयार हो तुरंत अपलोड करें।
- अपने कंटेंट में मेहनत और ऑडियंस की जरूरतों को ध्यान में रखें, तभी चैनल सफल होगा।
What the video covers
- यूट्यूब वीडियोस पर ज्यादा व्यूज न आने के पीछे 5 मुख्य गलतियां होती हैं।
- हर वीडियो के लिए अलग-अलग व्यूज के सोर्स होते हैं, इसलिए हर वीडियो का SEO अलग होना चाहिए।
- कंसिस्टेंसी जरूरी है लेकिन रोज वीडियो डालना जरूरी नहीं, हफ्ते में एक वीडियो भी काफी है।
- अपलोड टाइमिंग पर ज्यादा ओवरथिंकिंग न करें, जब भी वीडियो तैयार हो तुरंत अपलोड करें।
- अगर कोई शो चलाते हैं तो उसकी टाइमिंग फिक्स रखें, इससे दर्शकों का ट्रस्ट बना रहता है।
- अपनी वीडियो को जबरदस्ती गलत ऑडियंस तक शेयर करने से नुकसान होता है, एल्गोरिदम को वीडियो खुद सही ऑडियंस तक पहुंचाता है।
- गलत ऑडियंस को वीडियो दिखाने से व्यूज और इंगेजमेंट कम होता है, जिससे वीडियो की रीच घटती है।
- अपने चैनल की निच और मार्केट रिसर्च करें, सिर्फ ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर वीडियो न बनाएं।
- मेहनत और सोच-समझकर कंटेंट बनाना जरूरी है, तभी चैनल की ग्रोथ संभव है।
- ऑडियंस को फायदा दिखाना जरूरी है, तभी वे आपकी वीडियो देखेंगे और चैनल ग्रो होगा।
Chapters
- 00:00परिचय और वीडियो का उद्देश्य
- 00:265 मिस्टेक्स का अवलोकन
- 00:58YouTube SEO और व्यूज के सोर्स
- 01:57कंसिस्टेंसी का महत्व और मिथक
- 03:11अपलोड टाइमिंग पर ओवरथिंकिंग न करें
- 04:11शो की टाइमिंग और दर्शकों का ट्रस्ट
- 05:30एल्गोरिदम और सही ऑडियंस तक पहुंच
- 06:14मार्केट रिसर्च और कंटेंट की गुणवत्ता
- 07:13निष्कर्ष और मेहनत की जरूरत
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Speaker A
अगर तुम भी YouTube पे वीडियोस बनाते हो, लेकिन उन वीडियोस पे ज्यादा व्यूज नहीं आते तो यह वीडियो तुम्हारे लिए बहुतेंट होगी क्योंकि यह पांच मिस्टेक्स ही हैं जो हर बिगिनर रिपीट कर रहा होता है जिनकी वजह से उनकी ग्रोथ नहीं होती कभी।
Speaker A
मुझे याद है जब मैंने भी इनिशियली अपनी YouTube की जर्नी स्टार्ट करी थी तो मैं भी यही गलतियां रिपीट कर रहा होता था। जब स्टार्ट किया था तो तब मैं सोचता था कि कोई अगर जेन्युइन गाइड करने वाला होता तो कितना अच्छा होता।
Speaker A
फिर यह बात मेरे दिमाग में अभी आई कि यार अब तो मुझे पता है क्या करना है क्या नहीं करना है। तो क्यों ना बिगिनर्स को गाइड करूं जो यह सोच रहे होंगे कि कोई जेन्युइन गाइड करने वाला होता तो कितना अच्छा होता।
Speaker A
तो वन बाय वन पांचों मिस्टेक्स को कवर करेंगे। फोर्थ वाली मिस्टेक एकदम बिगिनर्स के लिए है। तो अगर तुम्हें ऑलरेडी काफी टाइम हो गया कंटेंट बनाते हुए तो वो वाला पॉइंट तुम स्किप कर सकते हो। पर बाकी वाले थोड़ा ध्यान से सुन लेना। ठीक है?
Speaker A
तो मिस्टेक नंबर वन है YouTube एसइओ से रिलेटेड। मुझे बहुत सारे कमेंट्स आए ये पूछते हुए कि आपकी हर वीडियो पे अच्छे व्यूज कैसे आते हैं? आप अपनी वीडियोस का एसइओ कैसे करते हो? एसइओ यानी सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन।
Speaker A
वो टेक्निक्स जिनसे हम अपनी वीडियो को YouTube सर्च रिजल्ट में टॉप पे रैंक कराने की कोशिश करते हैं। ताकि कोई भी अगर हमारे वीडियो से रिलेटेड टॉपिक सर्च करे तो हमारी वीडियो सबसे ऊपर दिखे। बट ये हर वीडियो में नहीं करना होता। पहले
Speaker A
मैं भी इसी में अपना टाइम लगाता था कि बेस्ट टैग्स फाइंड करूं, बेस्ट हैशटैग्स फाइंड करूं। बट इस सब का फायदा नहीं होता। क्यों? क्योंकि हर वीडियो पे व्यूज के आने का सोर्स डिफरेंट होता है। जैसे मैं तुम्हें दो वीडियोस का एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे ये वाली जो मेरी वीडियो है व्हाई स्टार्टिंग YouTube इज अ ब्रिलियंट आईडिया। इसमें व्यूज ब्राउज़ फीचर से आए हैं। यानी कि जब कोई व्यक्ति YouTube की होम फीड ऐसे स्क्रॉल कर रहा था तो YouTube ने मेरी वीडियो उसके सजेशन में भेजी। तो
Speaker A
उसने वो वीडियो वहां से खोल कर देखी। बट यह वाली वीडियो बेस्ट माइक फॉर YouTube इसको लोग सर्च करते हैं। तो यह सर्च रिजल्ट में शो होती है तो तब इसमें सर्च रिजल्ट से ट्रैफिक आता है। तो इस वीडियो
Speaker A
का मैं एसइओ करूंगा बट इस वाले का नहीं क्योंकि इसे मुझे सर्च में रैंक नहीं कराना है ना? तो मैं हर वीडियो में ये नहीं सोचूंगा कि बेस्ट हैशटग क्या होगा?
Speaker A
बेस्ट टैग्स क्या होंगे? क्योंकि इनका बहुत मिनिमल इंपैक्ट पड़ता है वीडियो की रीच पे। अगर मैं यही सब सोचते रहूंगा तो मैं जो आज ये वीडियो बना रहा हूं ये 1 महीने बाद तुम देख रहे होते और इतने
Speaker A
इनकंसिस्टेंसी से तो YouTube पे ग्रो होना एकदम इंपॉसिबल है। यह तुम्हें बाकी यूटर्स बोलेंगे। ऐसा नहीं होता। देखो मैं एक स्टूडेंट हूं। मेरी वीडियोस को वर्किंग प्रोफेशनल्स देखते हैं जो जॉब कर रहे हैं, बिजनेस कर रहे हैं। कुछ स्टूडेंट्स भी
Speaker A
देखते हैं। तो हम फुल टाइम YouTube नहीं कर रहे हैं। कभी एग्जाम्स आते हैं, कभी जॉब में वर्क लोड बढ़ जाता है, कभी बिजनेस का वर्क लोड बढ़ जाता है। तो ऐसे में एकदम ही कंसिस्टेंट रहेंगे। ये तो पॉसिबल है
Speaker A
नहीं। बीच-बीच में ब्रेक्स आना नॉर्मल है। और ऐसा नहीं होगा कि अगर तुम बीच में ब्रेक ले लोगे तो चैनल डेड हो जाएगा या उसकी रीच खत्म हो जाएगी। ऐसा नहीं होता। जैसे यह वाली मेरी वीडियो माय फर्स्ट
Speaker A
YouTube अर्निंग वाली। यह 1 महीने बाद आई है यह वाली वीडियो के बाद। है ना? तो ऐसा तो नहीं था कि इस पे व्यूज ही नहीं आए। यह मेरी अभी तक की बेस्ट परफॉर्मिंग वीडियो है। तो कभी भी इस बात का स्ट्रेस मत लेना
Speaker A
कि मैं इनकंसिस्टेंट हो जाऊंगा तो चैनल ग्रो नहीं होगा। रीच कम हो जाएगी। मुझे डेली वीडियो डालनी पड़ेगी तभी चैनल ग्रो होगा। ऐसा नहीं होता। बट ऐसा नहीं है कि कंसिस्टेंसी का फायदा ही नहीं है। एक-ए महीने बाद तुम्हें अपलोड करना है। ऐसा
Speaker A
नहीं होता। कंसिस्टेंसी का फायदा होता है। तुम्हारी रिकॉल वैल्यू बढ़ाने में। मान लो तुमने एक वीडियो बहुत अच्छी अपलोड करी। उससे ऑडियंस आई। फिर तुम आ रहे हो 2 महीने बाद। तो तुम्हारी रिकॉल वैल्यू ही खत्म हो गई। बंदा भूल चुका है कि यह भी कोई
Speaker A
व्यक्ति था जिसकी मैंने वीडियो देखी थी या यह भी कोई क्रिएटर है जो अच्छी वीडियो बनाता है। क्यों? क्योंकि तुम 2 महीने बाद आए हो उसकी YouTube फीड पे। तो जो सब्सक्राइबर्स तुमने अर्न करे हैं उनके साथ अगर तुम कनेक्शन बनाए रखना चाहते हो
Speaker A
तो तुम्हें उनकी फीड पे बार-बार आना होगा ताकि वो तुम्हें याद रखें। वरना बहुत सारे क्रिएटर्स हैं YouTube पे। वो इवेंचुअली तुम्हें भूल जाएंगे। इसलिए ट्राई करना कि तुम एटलीस्ट हफ्ते में एक लॉन्ग फॉर्म वीडियो अपलोड कर रहे हो और वो कब अपलोड कर
Speaker A
रहे हो रात में या दिन में वो टाइमिंग भी परफेक्ट होनी चाहिए। ऐसा बाकी यूर्स बोलेंगे ऐसा कुछ नहीं होता। देखो मैंने रात में भी वीडियो अपलोड करी है। रात के 10, 11, 12:00 बजे मैंने सुबह अर्ली मॉर्निंग में भी वीडियो अपलोड करी हुई है।
Speaker A
मेरी जब भी एडिटिंग पूरी होती है मैं अपलोड पे लगा देता हूं। फिर तब तक थंबनेल बनाता हूं फिर पब्लिश कर देता हूं वीडियो। तो ऐसे छोटी-मोटी चीजों पे ओवरथिंकिंग मत करना कि मेरी ऑडियंस जब मोस्ट एक्टिव है तभी अपलोड करूंगा तो ज्यादा व्यूज आएंगे, ज्यादा रीच आएगी। ऐसा कुछ भी नहीं होता। ठीक है? बस हां, एक केस में तुम्हें इस बात का ध्यान रखना होगा कि कब तुम वीडियो अपलोड कर रहे हो। जब तुम्हारा कोई टाइमिंग से रिलेटेड शो है। जैसे सार्थक गोस्वामी के चैनल पर संडे शो आता है। अब वो संडे को ही आएगा तभी लोग देखेंगे ना क्योंकि लोगों की हैबिट बनी हुई है कि हर संडे सार्थक एक नई वीडियो अपलोड करता है इस टाइम पे। अगर
Speaker A
वो संडे की जगह कभी मंडे कर रहा है, कभी वेडनेसडे को कर रहा है तो ऐसे लोगों का ट्रस्ट लूज हो जाएगा। वो जो हैबिट फॉर्म करने की कोशिश की जा रही थी कि इस टाइम पे लोग मेरी वीडियो खाते हुए देखेंगे तो वो हैबिट का लूप ब्रेक हो जाएगा। तो अगर तुम कोई शो रन कर रहे हो। तुम चाहते हो कि हर हफ्ते व्यक्ति इस टाइम पे मेरी वीडियो देखे। संडे सो जैसे तुम्हारा हो सकता है। तो संडे को ही अपलोड करनी है फिर वो
Speaker A
वीडियो। बट अदर केसेस में तुम कभी भी अपलोड करो, तुम्हारी वीडियो की रीच पे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यह मैं पर्सनल एक्सपीरियंस से बता रहा हूं। मैंने काफी सारे लोगों से कॉल पे वन टू वन बात करी है। वो पूछते हैं मुझसे कि कब अपलोड करूं
Speaker A
कि ज्यादा व्यूज आएंगे? मैं उन्हें बताता हूं कि ऐसा तो कुछ होता ही नहीं है। इतनी ओवरथिंकिंग क्यों कर रहे हो आप? कुछ लोग मुझसे पूछते हैं कि सीधे पब्लिश करूं या पहले अनलिस्ट करके पब्लिश करूं तो ज्यादा
Speaker A
व्यूज आएंगे। ये सब से क्या फर्क पड़ेगा यार? प्लीज इस सब पे ओवरथिंकिंग मत करना। नेक्स्ट मिस्टेक पे आगे बढ़ते हैं। मिस्टेक नंबर फोर जो ऑलमोस्ट जो एकदम बिगिनर्स होते हैं ना वो तो करते ही हैं कि वीडियो अपलोड करते हैं और खुद ही से
Speaker A
अपनी वीडियो बाकी लोगों को शेयर कर देते हैं। WhatsApp ग्रुप्स पे, अपने स्टेटस पे, Instagram स्टोरी पे जहां पे भी पॉसिबल होता है वो हर जगह अपनी वीडियो भेज देते हैं। इससे फायदे से ज्यादा नुकसान हो जाता है। क्यों? क्योंकि जिनको हमने अपनी
Speaker A
वीडियो जबरदस्ती भेजी है ना वो हमारी कभी ऑडियंस थी ही नहीं। और ना वो हमारी ऑडियंस है जिन्हें हमारे कंटेंट में इंटरेस्ट है। तो वो हमारी वीडियो जबरदस्ती बोलने पे खोल तो देंगे। बट ना तो वो उसे पूरा देखेंगे
Speaker A
ना उस पे वो इंगेज करेंगे। यानी कि लाइक, शेयर, कमेंट, सब्सक्राइब कुछ भी नहीं करेंगे। तो एल्गोरिदम को सारे नेगेटिव पॉइंट्स ही मिल रहे हैं उस वीडियो से कि ना तो इसका सेशन ड्यूरेशन अच्छा है, ना एवरेज व्यू ड्यूरेशन अच्छा है। ये
Speaker A
टेक्निकल टर्म्स को उतना ध्यान मत दो। बस मैं तुम्हें बता रहा हूं कि उस वीडियो पे ना तो रिटेंशन अच्छा आया। उसको किसी ने पूरा देखा भी नहीं। ना तो उस पे किसी ने इंगेज किया तो सारे नेगेटिव सिग्नल्स चले
Speaker A
गए। अब जब इतने नेगेटिव सिग्नल चले गए तो एल्गोरिदम उसे खुद से टेस्ट क्यों करेगा?
Speaker A
जब उसे पता है कि इस पे तो कोई रुक ही नहीं रहा है वीडियो पे। तो चांसेस कम हो जाते हैं कि उस वीडियो की रीच ज्यादा आए। ज्यादातर केसेस में क्या होगा कि वो वीडियो 100-200 व्यूज पे ही अटक जाएगी।
Speaker A
उतने ही व्यूज आएंगे उस पे जितने लोगों को हमने शेयर किया था। बताना अगर तुम्हारे साथ भी ऐसा हुआ है। 100-200 व्यूज पे वह अटक जाती है। उसके आगे नहीं बढ़ उसके आगे नहीं बढ़ती। और फिर वह कंफ्यूज हो जाते
Speaker A
हैं कि यार अब आगे व्यूज क्यों नहीं आ रहे? 100-200 ही क्यों आए? क्योंकि हमारी वीडियो राइट ऑडियंस तक पहुंची ही नहीं। तो हमें क्या करना है? अपनी वीडियो पब्लिश करके बस रख देनी है। YouTube के ऊपर छोड़
Speaker A
दो। वो फाइंड आउट करेगा हमारे लिए राइट ऑडियंस। तो वो टेस्ट करेगा मल्टीपल लोगों को वीडियो भेजेगा। देखेगा अच्छा रिस्पांस आ रहा है तो वो आगे इसी टाइप की ऑडियंस को और सजेस्ट करेगा। बट अगर तुम गलत ऑडियंस
Speaker A
तक वो वीडियो पहुंचा रहे हो खुद उसे शेयर करके रैंडम लोगों को तो उसकी रीच ऑब्वियसली कम हो जाएगी। तो वीडियो पब्लिश करो बस उसे छोड़ दो। धीरे-धीरे ग्रोथ होगी। बट ग्रोथ कब नहीं होगी? जब तुम एकदम सेल्फिश कंटेंट बना रहेगे। और ज्यादातर
Speaker A
क्रिएटर्स यही कर रहे होते हैं। उनके मन में जो टॉपिक आता है वो उस पे वीडियो बना देते हैं। यह टॉपिक अच्छा लग रहा है इस पे वीडियो बना देता हूं। पहले सोचो तो सही।
Speaker A
दो। वो फाइंड आउट करेगा हमारे लिए राइट ऑडियंस। तो वो टेस्ट करेगा मल्टीपल लोगों को वीडियो भेजेगा। देखेगा अच्छा रिस्पांस आ रहा है तो वो आगे इसी टाइप की ऑडियंस को और सजेस्ट करेगा। बट अगर तुम गलत ऑडियंस
Speaker A
तक वो वीडियो पहुंचा रहे हो खुद उसे शेयर करके रैंडम लोगों को तो उसकी रीच ऑब्वियसली कम हो जाएगी। तो वीडियो पब्लिश करो बस उसे छोड़ दो। धीरे-धीरे ग्रोथ होगी। बट ग्रोथ कब नहीं होगी? जब तुम एकदम सेल्फिश कंटेंट बना रहेगे। और ज्यादातर
Speaker A
क्रिएटर्स यही कर रहे होते हैं। उनके मन में जो टॉपिक आता है वो उस पे वीडियो बना देते हैं। यह टॉपिक अच्छा लग रहा है इस पे वीडियो बना देता हूं। पहले सोचो तो सही कि कोई उस टॉपिक पे वीडियो देखना चाहता भी है
Speaker A
या नहीं। तो पहले मार्केट रिसर्च करो कि तुम्हारी नीश में कौन सा कंटेंट वर्क कर रहा है ऑलरेडी। सिर्फ आइडियाज मत उठाओ कि वर्किंग आईडिया है। इसने भी इस आईडिया पे वीडियो बनाई थी तो मैं ही बना देता हूं।
Speaker A
आईडिया सिर्फ स्टेप नंबर वन है। एग्जीक्यूशन इंपॉर्टेंट है। कॉम्पिटिट की वीडियो का एग्जीक्यूशन देखो। उसका ब्रेकडाउन करो कि इसकी वीडियो का टॉपिक तो चलो यह था। टॉपिक तो कोई भी कॉपी कर सकता है। एग्जीक्यूशन देखो। वीडियो की स्टार्टिंग कैसे हुई? मिडिल पार्ट क्या
Speaker A
था? एंडिंग वाला पार्ट क्या था? हो सकता है एकदम देखते ही ना पता लगे कि क्या रीजन है वो? पर सोचोगे तो धीरे-धीरे कुछ एक दो पॉइंट मिलेंगे। उसे एक वीडियो में इंप्रूव करना, नेक्स्ट वीडियो में थोड़ा और
Speaker A
इंप्रूव करना। तुम्हें क्या लगता है कि यह वाला पॉइंट मैंने लास्ट में क्यों रखा है इस वीडियो में? क्योंकि इसमें दिमाग लगाने की बात हो रही है। इसमें मेहनत करने की बात हो रही है। जो कि ज़्यादातर लोग नहीं
Speaker A
करना चाहते। तो अगर इसे मैं मिस्टेक नंबर वन बोल के पहले ही पॉइंट पे बता देता तो लोग वीडियो छोड़ देते। इस वीडियो पे जो तुम व्यूज देख रहे हो कि 20,000 सब्सक्राइबर है पर 400 व्यूज है वो भी
Speaker A
नहीं होते। तो स्टार्टिंग में मैंने आसान-आसान चीजें बताई है जो ज्यादा रिलेटेबल हैं। ज्यादातर लोग YouTube पे एज अ शॉर्टकट इसे देख के आ रहे हैं कि इस पे तो मेहनत नहीं है। बस वीडियो बनानी है, डालनी है। ₹100 आ जाएंगे। तो उनको जब मैं
Speaker A
यह बताऊंगा कि मेहनत करनी पड़ेगी तो ऑब्वियसली वो वीडियो नहीं देखने वाले। अगर तुम यहां तक पहुंचे, हो, आई जेनुइनली रिस्पेक्ट यू कि तुम इतना अटेंशन स्पैन है तुम्हारा कि तुम वीडियो के एंड तक पहुंच रहे हो और मेहनत करने वाले पॉइंट को भी
Speaker A
सुन रहे हो। मैंने तो सोचा था यह वाला पॉइंट रखूंगा नहीं वीडियो में। बट फिर मैंने सोचा अगर जेन्युइन एडवाइस देनी है तो बताना पड़ेगा कि सेल्फिश कंटेंट मत बनाओ। सिर्फ अपने बारे में मत सोचो कि मेरे व्यूज आ जाए, मेरा चैनल ग्रो हो जाए,
Speaker A
मेरी अर्निंग हो जाए। तुम्हारी वीडियो कोई क्यों देखेगा? उसका रीज़न तो होना चाहिए ना। मैं तुम्हारी वीडियो क्यों देखूं?
Speaker A
उससे मेरा क्या फायदा? क्योंकि हर कोई अपना बेनिफिट देखेगा। अगर उसे दिख रहा है कि तुम्हारी वीडियो देखने से उसे कोई फायदा नहीं है तो वो तुम्हारी वीडियो क्यों देखेगा? वो तुम्हारी वीडियो इसलिए थोड़ी ना देखेगा कि तुम्हारे व्यूज बढ़
Speaker A
जाए, सब्सक्राइबर बढ़ जाए, तुम अर्निंग करने लग जाओ। वो तो इसलिए देखेगा ना जब उसे क्लियरली यह दिखेगा कि इस वीडियो से कुछ वैल्यू मिलेगी उसे। ये लास्ट वाला पॉइंट थोड़ा सा कड़वा है बट ग्रोथ के लिए इंपॉर्टेंट है। आई होप तुम्हें यह वीडियो
Speaker A
पसंद आई होगी। अगर ऐसा है तो वीडियो को लाइक कर देना। अगर तुम्हें मेरा सेटअप जानने में इंटरेस्टेड है कि मैं वीडियोस कैसे शूट करता हूं तो मैंने इस वीडियो में बताया हुआ है।
Topics:YouTube ग्रोथनए यूट्यूबर्स की गलतियांYouTube SEOकंसिस्टेंसीवीडियो अपलोड टाइमिंगऑडियंस इंगेजमेंटYouTube एल्गोरिदमकंटेंट क्रिएशनमार्केट रिसर्चयूट्यूब चैनल ग्रो











