YouTube वीडियो अपलोड के बाद की जाने वाली 5 गलतियों से बचें और अपनी वीडियो की रीच बढ़ाएं। सही रणनीति से चैनल ग्रो करें।
Key Takeaways
- रिपीटेड टाइटल चेंजिंग से बचें, इससे एल्गोरिदम कंफ्यूज होता है।
- कीवर्ड स्टफिंग से वीडियो की रीच खराब होती है, प्राकृतिक तरीके से कीवर्ड इस्तेमाल करें।
- गलत ऑडियंस को वीडियो शेयर करने से रिटेंशन और चैनल की परफॉर्मेंस खराब होती है।
- छोटे चैनल को एनालिटिक्स पर जल्दी निर्णय नहीं लेना चाहिए, समय के साथ डेटा समझें।
- धैर्य रखें, YouTube एल्गोरिदम वीडियो की सही ऑडियंस खोजने में समय लेता है।
What the video covers
- वीडियो अपलोड के बाद रिपीटेडली टाइटल बदलना एल्गोरिदम को कंफ्यूज करता है और वीडियो की रीच कम करता है।
- कीवर्ड स्टफिंग और डिस्क्रिप्शन में बार-बार कीवर्ड डालना अब काम नहीं करता, बल्कि स्पैम माना जाता है।
- गलत ऑडियंस को वीडियो जबरदस्ती शेयर करने से रिटेंशन खराब होता है और चैनल की टारगेटिंग बिगड़ती है।
- छोटे क्रिएटर्स को एनालिटिक्स पर जल्दी निर्णय नहीं लेना चाहिए क्योंकि व्यूज कम होने पर सही डेटा नहीं मिलता।
- एल्गोरिदम वीडियो की सही ऑडियंस खोजने में समय लेता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी है।
- टाइटल, डिस्क्रिप्शन, टैग्स और थंबनेल को बार-बार बदलना वीडियो के प्रदर्शन को नुकसान पहुंचा सकता है।
- गलत ऑडियंस को वीडियो दिखाने से वीडियो की परफॉर्मेंस और चैनल की रीच दोनों प्रभावित होती हैं।
- वीडियो की परफॉर्मेंस सुधारने के लिए सही टारगेटिंग और ऑडियंस समझना आवश्यक है।
- वीडियो के लिए SEO की समझ जरूरी है, लेकिन पुराने SEO ट्रिक्स अब काम नहीं करते।
- धैर्य और सही रणनीति से वीडियो धीरे-धीरे बेहतर व्यूज और रिटेंशन पा सकती है।
Chapters
- 00:00परिचय और वीडियो का उद्देश्य
- 00:375 मुख्य मिस्टेक्स का परिचय और पॉइंट सिस्टम
- 01:08पहली मिस्टेक: रिपीटेड टाइटल चेंज करना
- 01:41एल्गोरिदम कैसे काम करता है और टाइटल चेंज का प्रभाव
- 02:18टाइटल चेंजिंग का लूप और समय की बर्बादी
- 02:52छोटे क्रिएटर्स के लिए एनालिटिक्स की समझ
- 03:23कीवर्ड स्टफिंग और डिस्क्रिप्शन में गलतियां
- 03:59गलत ऑडियंस को वीडियो शेयर करने के नुकसान
- 04:26रिटेंशन और टारगेटिंग का महत्व
- 05:06व्यक्तिगत अनुभव और वीडियो की परफॉर्मेंस सुधारना
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Speaker A
अगर आप भी YouTube पे वीडियोस अपलोड करने के बाद यह कुछ बेसिक मिस्टेक्स करते हो तो उससे वीडियो की रीच पे काफी नेगेटिव इंपैक्ट पड़ता है। उस पे जितने व्यूज आ सकते थे उतने नहीं आते। और यह मुझे इसलिए
Speaker A
पता है क्योंकि इनमें से कुछ गलतियां मैंने खुद करी हुई हैं और कुछ मैंने अपने सब्सक्राइबर्स को करते हुए देखा है। वैसे तो कुछ गलतियां ऐसी हैं जिससे सिर्फ वीडियो की रीच खराब होती है, बट कई केसेस में ओवरऑल चैनल पे नेगेटिव इंपैक्ट पड़ता
Speaker A
है। तो मैंने सोचा क्यों ना इस पे एक वीडियो बना करके मैं आपको गाइड कर दूं। क्योंकि हर एक वीडियो से एक उम्मीद जुड़ी होती है। बहुत मेहनत से हम एक वीडियो बनाते हैं और उस होप में कि शायद यह वाली
Speaker A
बहुत अच्छी परफॉर्म करेगी। फिर अगर अनइंटेंशनली हम ऐसी कुछ गलतियां कर देते हैं तो उसकी रीच खराब हो जाती है तो अच्छा नहीं लगता कि इतनी मेहनत से वीडियो बनाई और फिर उस पे व्यूज भी नहीं आए। तो इस
Speaker A
वीडियो में हम उन पांच मिस्टेक्स को कवर कर रहे होंगे। वीडियो को देखते-देखते तुम खुद को पॉइंट्स भी देते रहना। जैसे अगर हम पांच मिस्टेक्स कवर कर रहे हैं उसमें से अगर तुम पहली वाली मिस्टेक नहीं करते हो
Speaker A
तो तुम्हारा हो जाएगा +1 पॉइंट। अगर तुम दूसरी मिस्टेक भी नहीं करते हो तो तुम्हारा हो जाएगा प्लस टू पॉइंट्स। और अगर तुम एक मिस्टेक करते होगे तो उसका कोई पॉइंट नहीं है। उस पे तुम जीरो पे ही
Speaker A
रहोगे फिर। है ना? पहली मिस्टेक से स्टार्ट करते हैं, वो है रिपीटेडली टाइटल चेंज करना। यह मिस्टेक बहुत कम लोग कर रहे होते हैं और उनमें से एक मैं हूं जो मैं पहले से अपनी वीडियो अपलोड करता था और
Speaker A
एनालिटिक्स देखते रहता था। यह देखता था कि यार इस वीक इस कीवर्ड पे व्यू नहीं आ रहे। चलो इसको चेंज कर लेते हैं। तो मैं टाइटल चेंज करता। फिर मैं डिस्क्रिप्शन पे दूसरा कीवर्ड लगाने की कोशिश करता। वीडियो अपलोड
Speaker A
होने के बाद मैं एनालिटिक्स ही देखते रहता। उसे रिफ्रेश करते रहता कि दो व्यू आ गए, तीन आ गए, चार आ गए, पांच आ गए। अब अटक गए। सात के आगे नहीं बढ़ रहा। तो फिर मैं टाइटल चेंज कर देता। उससे प्रॉब्लम
Speaker A
क्या होती है? ये चीज मैंने कब सीखी? जब मैं वेबसाइट पे काम करने लगा। जब मैं अपनी वेबसाइट बनाई ना तो उसके लिए एसइओ वगैरह सीखा। मैंने डिजिटल मार्केटिंग के रिलेटेड वीडियोस देखी। उसमें मुझे पता चला कि यार
Speaker A
अगर तुम कुछ भी पोस्ट कर रहे हो ना सर्च इंजन पे जैसे YouTube भी एक सर्च इंजन ही है कहीं ना कहीं Google भी एक सर्च इंजन ही है तो क्या होता है तुम अपना पोस्ट डाल रहे हो वहां पे जैसे वेबसाइट पे तुम पोस्ट
Speaker A
डाल रहे हो, YouTube पे तुम वीडियो पोस्ट कर रहे हो तो उसको इंडेक्स होने में टाइम लगता है। तुम वीडियो को डालते हो या पोस्ट डालते हो, वो कुछ टाइम बाद इंडेक्स होती है। एल्गोरिदम उसे क्रॉल करता है, वो देखता है
Speaker A
कि ये किस बारे में है, फिर वो सोचता है कि इसे किस ऑडियंस तक पहुंचाना है, इसको रैंक कराना है सर्चेस में या नहीं कराना है। इसी बीच हम क्या गलती करते हैं? हम उसका टाइटल ही चेंज कर देते हैं। तो जो एल्गोरिदम
Speaker A
क्रॉल करके गया है, जो उसके पास इंफॉर्मेशन गई, हम उसे चेंज कर देते हैं। फिर वो जब वापस आता है तो कंफ्यूज हो जाता है कि मैंने तो ये इंडेक्स दिया था, ये अब चेंज हो गया। फिर वो फिर से दोबारा एनालाइज करता है कि
Speaker A
इसको अब राइट ऑडियंस तक इसकी राइट ऑडियंस क्या होगी? जैसे YouTube के केस में ना हर एक कंटेंट का एक राइट ऑडियंस होती है। जैसे मेरी मम्मी देखती है भक्ति वाली रील्स। तो भक्ति वाली रील के लिए राइट
Speaker A
ऑडियंस कौन हुई? मेरी मम्मी हुई। अब मेरी वीडियोस के लिए वो राइट ऑडियंस नहीं है। है ना? तो तुम्हारी जो वीडियो जाएगी उसको एल्गोरिदम एनालाइज करता है कि यार इसकी राइट ऑडियंस क्या होगी? उसको फिर वो इंप्रेशन सेंड करता है। वहां पे फिर वो
Speaker A
टेस्ट करता है। और इसी बीच अगर तुम रिपीटेडली टाइटल ही चेंज करते जा रहे हो तो फिर वो फिर से एनालिसिस वाले में ही चलते रहेगा। वो लूप रिपीट होते रहेगा। तो उसमें टाइम वेस्ट हो जाएगा। अगर वीडियो
Speaker A
परफॉर्म करने वाली होती भी तो उस पे फिर और टाइम लग जाएगा। स्टार्टिंग के लिए तो ये एनालिटिक्सेंट भी नहीं है। अगर तुम्हारा चैनल बहुत छोटा है ना तो तुम्हारे पास वो डाटा ही नहीं है जिसको देखकर तुम बोलो कि यार ये चल रहा है और ये
Speaker A
नहीं चल रहा है। तुम्हारे पास 10, 20 या 10000 व्यूज हैं। तो उस पे तुम नहीं कह सकते कि ये चल रहा है या नहीं चल रहा है। वो तुम तब कहोगे जब तुम्हें दिख रहा है कि यार मेरे नॉर्मली 20-3000 व्यूज आ रहे थे।
Speaker A
इस वाले पे पांच पे अटक गया हूं या 10 पे अटक गया हूं। वहां पे हम सोचेंगे कि यार टाइटल, डिस्क्रिप्शन, टैग्स और थंबनेल कुछ खराब हो रखा है या फिर ये वीडियो का टॉपिक ही खराब है। तो तब हम चेंज करके देखते हैं
Speaker A
कि यार इस पे ऑडियंस क्यों नहीं रिस्पांस दे रही है। एज अ स्मॉल क्रिएटर हम एनालिटिक्स में नहीं फसेंगे अभी। ठीक है?
Speaker A
मैंने बहुत टाइम वेस्ट किया है उसमें। मैं नहीं चाहता कि तुम भी वही सब देखते रहो और चेंज करते रहो कि शायद इस वाले कीवर्ड पे चल जाएगा, उस वाले कीवर्ड पे चल जाएगा। कीवर्ड से याद आया, डिस्क्रिप्शन पे अपने
Speaker A
कीवर्ड्स की स्टफिंग मत करो। काफी लोग मैंने देखा है वो कीवर्ड्स ही भर देते हैं। हैशटैग से भर देते हैं। फिर टैग्स में भी सेम चीज रिपीट कर रहे होते हैं। यह चीज आज से कुछ साल पहले चलती होती थी। मैं
Speaker A
मानता हूं। ठीक है? उस टाइम पे एल्गोरिदम उतना अच्छा ट्रेंड नहीं था। इवन इस चीज का हमने बहुत ऐसे मिसयूज भी किया था। Google पे जब हम वेबसाइट पे पोस्ट डालते थे ना, हमें पता होता था कि यहां यहां पे कीवर्ड
Speaker A
भर दो तो वो ऊपर रैंक कर जाती है वीडियो। YouTube पे भी सेम होता था। अगर तुम कीवर्ड्स लगा रहे हो ना बार-बार बार-बार तो वो कहीं ना कहीं ऊपर आ जाती थी। उस पे कुछ-कुछ ऐसे आड़े-ते ट्रिक्स होते थे उस
Speaker A
टाइम पे जो हम यूज़ करते थे। बट वो उस टाइम पे वर्क करता था। उस टाइम की ट्रिक्स अगर तुम अभी यूज़ करोगे तो फिर अभी वो काम नहीं करती। अभी अगर तुम कीवर्ड स्टफिंग कर रहे हो डिस्क्रिप्शन से उससे कुछ फर्क नहीं
Speaker A
पड़ता। इवन उससे बस टाइम वेस्ट ही हो रहा है तुम्हारा। वो स्पैम के अंदर कंसिडर हो जाएगा। YouTube तुम्हारी वीडियो के लिए राइट ऑडियंस खुद से फाइंड कर लेगा। उसे थोड़ा सा टाइम लगेगा। छोटा चैनल है तो थोड़ा और ज्यादा टाइम लग सकता है। थोड़ा
Speaker A
डिले हो सकता है। बट YouTube खुद से फिगर आउट कर देगा कि ये टारगेट ऑडियंस सही है इस चैनल के कंटेंट के लिए या ये वाली ऑडियंस सही है। और धीरे-धीरे वो फिगर आउट करेगा। खुद से तुम अपनी ऑडियंस खराब मत
Speaker A
करना। रॉन्ग टारगेटिंग मत कराना अपने चैनल की। जैसे मैंने तुम्हें अपना एग्जांपल दिया था ना कि मेरी मम्मी भक्ति वाली रील देखती है। मेरे पापा न्यूज़ देखते हैं। तो वो राइट ऑडियंस है न्यूज़ वाले कंटेंट के लिए। मेरा कंटेंट अगर मैं जबरदस्ती उनकी
Speaker A
फीड में डाल दूं। मतलब मान लो मैंने उन्हें WhatsApp पे शेयर करके उन्हें दिखा दिया। वो देखेंगे, उसे नहीं देखेंगे। वो क्लिक कर देंगे बट वीडियो खोल के फिर वो भाग जाएंगे तो रिटेंशन खराब हो जाएगा। मेरी टारगेटिंग खराब हो गई ना। YouTube
Speaker A
एल्गोरिदम कंफ्यूज हो जाएगा कि यार भक्ति वाली रील अगर कोई देख रहा है उसके साथ-साथ वो YouTube टिप्स भी देख रहा है। फिर वो न्यूज़ भी देख रहा है तो ये तो बहुत ही अलग टाइप की ऑडियंस है। फिर वो इस टाइप की
Speaker A
ऑडियंस को मेरी वीडियो भेजने लग जाएगी जो भक्ति वाली वीडियोस देख रहा है। फिर उसे दिखेगा कि यार हम इधर तो कोई क्लिक नहीं कर रहा इस पे। इधर तो कोई वीडियो देख नहीं रहा। फिर वो कंफ्यूज हो जाएगा फिर से कि
Speaker A
राइट टारगेटिंग कैसे कर ली है। तो तुम फालतू खराब मत करो इस चीज को। मतलब बेसिकली मैं यह कह रहा हूं कि जबरदस्ती शेयर मत करो रॉन्ग ऑडियंस को अपनी वीडियो। तुम्हारी भेजी हुई वीडियो लोग खोलते तो होंगे बट उस पे ना तो लाइक शेयर कुछ करते
Speaker A
होंगे ना उस पे उसको पूरा देखते होंगे तो रिटेंशन भी खराब हो जाता होगा उसका। तो ऐसा मत करो। ये मैंने पिछली वीडियो में बताया था। उसमें काफी लोग ने बोला कि हां ये गलती मैं करता था। तो आई होप इसमें कोई
Speaker A
नई ऑडियंस अगर आई होगी तो वो भी ये गलती कर रही होगी और वो अब से ये ना करें। मैं तुम्हें बताता हूं अपने खुद के एग्जांपल से। मैंने वीडियो डाली थी इस वाले चैनल पर फ्रीलांसिंग के बारे में। उस पे व्यूज 5,
Speaker A
10 आने के बाद अटक गए। यूजुअली उस टाइम फ्रेम में 2000 व्यूज आ जाते थे। ठीक है?
Speaker A
फिर मेरे को लोग बोलते थे कि भाई अब टाइटल चेंज करने का कोई फायदा नहीं है। थंबनेल चेंज करने का कोई फायदा नहीं। अब तेरी वीडियो पे व्यूज नहीं आएंगे। बट मुझे था कि यार ये वीडियो तो अच्छी है। ये क्यों
Speaker A
नहीं चली? देन आई रियलाइज कि यार मेरी YouTube वाली जनता है जो YouTube पे कंटेंट बनाती है। उसको फ्रीलांसिंग को इंटरेस्ट नहीं है। तो उन्होंने मेरी उस वीडियो को अच्छे से देखा भी नहीं। उसका रिटेंशन खराब हुआ। उससे उसकी रीच खराब
Speaker A
हुई। बट एक-द महीने लगे। उसके बाद फिर उस पे धीरे-धीरे व्यूज आने लगे। मैं उन लोगों को कमेंट पे रिप्लाई देता था जो कहते थे ना अब व्यूज नहीं आएंगे। मैं कहता था नहीं यार 30000 के ऊपर तो लेके जाऊंगा। उसपे अभी
Speaker A
70-80 हजार ऐसे कुछ होंगे मुझे उतना याद नहीं है। बट देखा तुमने रॉन्ग ऑडियंस को अगर मैंने वीडियो दिखाई YouTube वाली ऑडियंस को फ्रीलांसिंग के बारे में सिखाया तो वीडियो की रीच खराब हुई। वो एक टाइम पे
Speaker A
आके अटक गई। उसके बाद उसे फिर से रिवाइव होने में एक-द महीने का टाइम लगा। अब जाके उस पे व्यूज।
Speaker A
हमें क्या पता लगा कि यार वीडियो को डिलीट नहीं करना होता। अगर तुम्हें पता है कि भाई वीडियो अच्छी है। जितने भी लोग आ रहे हैं वो तारीफ कर रहे हैं। इवन आप किसी से भी फीडबैक ले रहे हो उससे आपको दिख रहा है
Speaker A
कि यार बढ़िया वीडियो है यार। यार ये तो बहुत यूज़फुल है। तो आपको पता है वो बहुत बढ़िया वीडियो है। तो आज नहीं तो कल वो चलेगी। टाइम लगेगा उसे चलने में। मैं अपना पिछले वाले चैनल का एग्जांपल देता हूं जो
Speaker A
मेरा पहला वाला चैनल था। उस पे मैं बहुत अच्छी वीडियोस बनाता था। वाइट बोर्ड एनिमेशन वाली प्रॉपर स्क्रिप्टेड पॉइंट टू पॉइंट बहुत अच्छी वीडियो। मतलब मैं अपने दोस्तों को दिखाता दोस्तों को नहीं। मैं एक दो और उसी मतलब हां दोस्तों को बट वो
Speaker A
दोस्त ऐसे नहीं कि रॉन्ग टारगेटिंग में कर रहा हूं। मैं इसलिए दिखाता था कि भाई पूरी देख लेना वीडियो। पर यह भी बताना कि इसमें मैं क्या इंप्रूव करूं। तो एक दो को ही मैं भेजता था। वहां से मुझे पता लगा कि
Speaker A
यार नहीं वीडियो तो अच्छी है। कोई भी कमेंट आता था बोलते थे वीडियो तो अच्छी है। मैंने कहा कि चल क्यों नहीं रही? सब तारीफ तो कर रहे हैं। चल क्यों नहीं रही?
Speaker A
फिर मुझे 6 सात महीने लगे। उसके बाद उन वीडियोस पे व्यूज आने शुरू हुए। फिर आई रियलाइज कि यार नए चैनल को टाइम लगता ही है व्यूज आने में। कुछ केसेस ऐसे होंगे आउटलाइयर कि भाई एक वीडियो डाली 1 मिलियन
Speaker A
सब्स। उसकी बात नहीं कर रहा हूं मैं। ऑन एन एवरेज टाइम लगता ही है। इवन इस वाले चैनल की ऑलमोस्ट सारी वीडियोस जो मैं स्टार्टिंग में अपलोड करता था उन पे व्यूज नहीं आते थे। फ्रीलांसिंग वाली पे भी नहीं
Speaker A
आए थे। जो मैंने उस टाइम पे फ्रीलांसिंग वाली अपलोड करी थी ना म फर्स्ट फॉरेन क्लाइंट वाला। माय फर्स्ट फॉरेन क्लाइंट वाली वीडियो उस पे नहीं आए थे। व्यूज उतने अच्छे बाद में आए थे। तो टाइम लगता है। तो
Speaker A
वीडियोस को डिलीट मत करो। एक टाइम है वो फिगर आउट कर रहा है एल्गोरििदम की राइट ऑडियंस क्या होगी कुछ टाइम बाद वो पिक अप कर जाएगी अगर अच्छी वीडियो होगी तो लास्ट में हम कवर करेंगे सबसे घटिया मिस्टेक
Speaker A
मतलब अगर तुम ये कर रहे हो बिल्कुल अभी से बंद कर देना ठीक है मैंने करी थी ये 3 साल पहले 2023 में करी होगी शायद मैंने अपनी वीडियो को प्रमोट कराया था उस पे ऐड लगाए हुए थे पैसे दे के मतलब उस पे व्यूज लाए
Speaker A
हुए थे ना तो उस पे व्यूज तो आ गए थे ₹500 लगा के पर उस वीडियो का पूरा पोटेंशियल खराब हो गया मतलब यूजुअली मुझे पता था कि इस टॉपिक पे ₹00 व्यूज आ जाएंगे उस टाइम पे उस वीडियो पे व्यूज नहीं आ रहे थे पांच
Speaker A
छह पे रुक गए थे मैंने 10,000 तक ऐड से ले जा लेंगे। उसके बाद 10 से आगे जब ये पहुंचेगा तो 400 आराम से पहुंचते रहेगा। तो मैंने व्यूज तो ले आए बट उससे रिटेंशन खराब हो गया। वो जो व्यूज खरीदे हुए थे
Speaker A
मैंने वो सब्सक्राइबर में भी बहुत कम कन्वर्ट हुए। ना उन्होंने वीडियो से इंगेज करा। तो बेसिकली वीडियो का पूरा जो पोटेंशियल था ना वो खराब करके चले गए वो वाले लोग। फिर मुझे रियलाइज हुआ कि यार व्यूज खरीदे जा सकते हैं। बट ऑडियंस जो
Speaker A
बिल्ड करनी होती है। और तुम्हें प्राउड कब फील होगा जब तुम्हें दिखेगा कि यार देखो मैंने 100 के सब्सक्राइबर खरीद लिए। या फिर जब तुम्हें दिखेगा कि यार एक साल पूरी मेहनत करी, 2 साल मेहनत करी। मेरे को तो 5
Speaker A
साल लग गए थे। उसके बाद मेरा सिल्वर प्ले बटन आया। तो वो एक अलग फील है। जब तुम प्राउड फील करो ना कि यार मेहनत करी उसके बाद रिजल्ट मिला है। एज़ कंपेयर टू मैंने पैसे लगाए और मेरा चैनल ग्रो हो गया।
Speaker A
मैंने कई केसेस में चैनल की रीच खराब होते हुए देखा है। पोटेंशियली बढ़िया चैनल जिनका सिर्फ इसलिए व्यूज नहीं आ रहे क्योंकि उन्होंने वो खराब कर दी ऑडियंस। वो बेकार सब्सक्राइबर आ गए जो कभी भी व्यूज में कन्वर्ट हुए ही नहीं उसके बाद
Speaker A
उस वाली वीडियो के बाद। तो खोखले व्यूज और खोखले सब्सक्राइबर आ जाते हैं प्रमोट करा करके। ऐसा मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस है। बाकी इस वाली वीडियो के लिए इतना ही था। अब बताना तुम्हारे कितने पॉइंट्स बने। तुम कितनी गलतियां करते हो और कौन सी गलती है
Speaker A
जो तुम इस वीडियो के बाद बंद कर दोगे। आई होप इस वीडियो से तुम्हारी बहुत हेल्प हुई होगी। मैं अपनी वीडियोस कैसे शूट करता हूं ये तो मैं हर वीडियो में बोल देता हूं। अगर तुम्हें चाहता है मैं कैसे अपनी
Speaker A
वीडियो शूट करता हूं तो ये वाली वीडियो देख सकते हो। अगर तुम मुझसे YouTube कंटेंट क्रिएशन के बारे में सीखना चाहते हो तो मैं डिस्क्रिप्शन में अपने आने वाले कोहॉट नंबर थ्री का एप्लीकेशन फॉर्म दे दूंगा। वहां पे तुम रजिस्टर कर सकते हो।
Speaker A
डिटेल्स पढ़ सकते हो। उसके बाद रजिस्टर करना। स्टूडेंट्स के लिए वो नहीं होता है। वो वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए होता है। तो पिछली वीडियो में काफी लोग कह रहे थे कि यार ये क्या कर रहे हो तुम? वो टारगेट
Speaker A
ऑडियंस मैं बताना भूल गया कि स्टूडेंट्स के लिए नहीं है वो। ठीक है? हम मिलेंगे नेक्स्ट वाली वीडियो में। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग।
Topics:YouTube वीडियोवीडियो अपलोड मिस्टेक्सटाइटल चेंजिंगकीवर्ड स्टफिंगऑडियंस टारगेटिंगवीडियो रीच बढ़ाएंYouTube एल्गोरिदमवीडियो रिटेंशनछोटे क्रिएटर्सडिजिटल मार्केटिंग


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