ग्रीक सभ्यता का इतिहास, पॉलिस सिस्टम, स्पार्टा और एथेंस की राजनीति, और पर्शियन युद्धों की कहानी।
Key Takeaways
- ग्रीक सभ्यता कभी एक केंद्रीकृत साम्राज्य नहीं थी, बल्कि स्वतंत्र शहरों का समूह थी।
- ग्रीस ने लोकतंत्र और सांस्कृतिक नवाचारों की नींव रखी।
- स्पार्टा और एथेंस की भिन्न राजनीतिक संरचनाएं ग्रीक इतिहास की मुख्य विशेषताएं हैं।
- पर्शियन युद्धों ने ग्रीक शहरों को अस्थायी रूप से एकजुट किया।
- ब्रोंज एज कोलैप्स ने ग्रीक सभ्यता को पुनर्निर्माण के लिए मजबूर किया।
What the video covers
- ग्रीक एंपायर कभी एक नहीं था, बल्कि सैकड़ों छोटे-छोटे शहरों का समूह था।
- ग्रीक सभ्यता ने लोकतंत्र, थिएटर, लॉजिक और फिलॉसफी जैसी महत्वपूर्ण चीजें विकसित कीं।
- मिनोंस सभ्यता क्रीट द्वीप पर थी, जिसने समुद्री व्यापार में महारत हासिल की।
- माइसिनियंस योद्धा थे जिन्होंने मजबूत किलेबंदी की और ट्रॉय की जंग की कहानी दी।
- ब्रोंज एज कोलैप्स के कारण ग्रीक सभ्यता लगभग 300 साल के लिए अंधकार में चली गई।
- 800 ईसा पूर्व तक ग्रीस ने पॉलिस यानी स्वतंत्र शहर-राज्य बनाकर पुनः जागरण किया।
- स्पार्टा ने पूरी सोसाइटी को सेना में बदला जबकि एथेंस ने लोकतंत्र की स्थापना की।
- स्पार्टा और एथेंस की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था में गहरा अंतर था।
- पर्शियन साम्राज्य के खिलाफ ग्रीक शहरों ने मिलकर युद्ध किया, जिसमें मैराथॉन की लड़ाई प्रमुख थी।
- ग्रीक सभ्यता की यह कहानी उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों को दर्शाती है।
Chapters
- 00:00ग्रीक एंपायर का मिथक और प्रारंभिक सभ्यताएं
- 02:00मिनोंस और माइसिनियंस सभ्यता
- 03:26ब्रोंज एज कोलैप्स और अंधकार युग
- 05:43पायलोस महल और सभ्यता के अंतिम दिन
- 09:03पॉलिस का उदय और स्वतंत्र शहर-राज्य
- 10:58ग्रीक संस्कृति की एकता और ओलंपिक खेल
- 13:31स्पार्टा की सैन्य व्यवस्था
- 15:28एथेंस की लोकतांत्रिक क्रांति
- 17:15पर्शियन साम्राज्य और ग्रीक बगावत
- 19:09मैराथॉन की लड़ाई और ग्रीक विजय
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Speaker A
लोग जब ग्रीक एंपायर बोलते हैं, एक गलती कर देते हैं। कभी कोई एक ग्रीक एंपायर था ही नहीं। ना कोई एक राजा, ना कोई एक राजधानी, ना कोई एक आर्मी जो सबको एक जगह से कंट्रोल करती हो। जो था वो सिर्फ इतना था।
Speaker A
सैकड़ों छोटे-छोटे शहर जो आपस में लड़ते थे, जो एक दूसरे को पसंद नहीं करते थे। जिनमें से कई एक दूसरे की बोली तब थोड़ी अलग बोलते थे। और फिर भी आज जब आप किसी चीज के लिए वोट देते हैं, आप उनका
Speaker A
बनाया हुआ एक आईडिया यूज कर रहे हैं। जब आप किसी थिएटर में बैठकर स्टेज पर एक कहानी जीते हुए कलाकार को देखते हैं। आप उन्हीं लोगों की इजात की हुई चीज देख रहे हैं। जब आप लॉजिक बोलते हैं, एटम बोलते
Speaker A
हैं, फिलॉसफी बोलते हैं। आप उनकी ही घड़ी हुई [संगीत] भाषा बोल रहे हैं। एक बिखरी हुई आपस में लड़ती हुई सिविलाइजेशन ने वह कर दिया जो किसी बड़े एंपायर ने कभी नहीं किया। उसने इंसान के सोचने का तरीका हमेशा
Speaker A
के लिए बदल दिया। लेकिन यह कहानी जितनी महान है उतनी ही एक बार मिट जाने के काफी करीब भी आ गई थी। पूरब से दुनिया का सबसे बड़ा एंपायर आता है। इतना विशाल कि उसके सामने यह छोटे-छोटे शहर रेत के दाने जैसे लगते हैं।
Speaker A
अगर उस दिन यह सभ्यता हार जाती आज आपके पास ना डेमोक्रेसी होती, ना थिएटर, ना वह तरीका जिससे आप दुनिया को समझते हैं। यह कहानी है उस सिविलाइजेशन की जिसने खुद को बनाया, खुद को तोड़ा और फिर खुद को बचाया।
Speaker A
इसका नाम है ग्रीस। यह कहानी शुरू होती है आज से लगभग 4000 साल पहले इजियन सी के बीच एक छोटे से आइलैंड पर नाम है क्रीट। यहां रहते थे मिनों्स यूरोप की सबसे पहली बड़ी सभ्यता। इनकी सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि
Speaker A
इन्होंने अपने शहर के अराउंड बड़ी दीवारें नहीं बनाई। हिस्टोरियंस मानते हैं कि इन्हें जरूरत ही नहीं थी। यह समंदर के मालिक थे। इनके जहाज इजिप्ट तक ट्रेड करते थे। और इनका महल कोनोस इतना विशाल और इतना कॉम्प्लेक्स था कि सदियों बाद के ग्रीक्स
Speaker A
ने इसके बारे में एक कहानी गढ़ ली। एक लेरिंथ की जिसमें आधा इंसान, आधा बुल, एक मिनोटर रहता था। खुद थसडाइड्स जो बाद में ग्रीस के सबसे इंपॉर्टेंट हिस्टोरियंस में से एक बनेगा। अपनी किताब में लिखता है कि
Speaker A
क्रीट के राजा माइनस ने दुनिया की सबसे पहली ऑर्गेनाइज्ड नेवी बनाई थी। कुछ 100 साल बाद मेनलैंड ग्रीस पर एक नया पावर रुकता है। माइसिनियंस यह मिनोन से बिल्कुल अलग थे। यह वॉरियर्स थे। इनके राजा सोना पहनते थे। अपनी
Speaker A
सिटाडल्स के अराउंड इतनी भारी पत्थर की दीवारें बनाते थे कि बाद की जनरेशंस को लगता था यह किसी इंसान ने नहीं जॉइंट्स ने बनाई होंगी। इसी दुनिया से एक ऐसी कहानी निकलती है जो आज तक जिंदा है। ट्रॉय की जंग एक राजा एक
Speaker A
चुराई हुई रानी 10 साल का सीज। हुमर ने यह कहानी सदियों बाद लिखी और कितना सच है कितना कल्पना। हिस्टोरियंस आज भी इस पर बहस करते हैं। लेकिन प्रॉय का शहर रियल था और उसके रिमेंस में जंग के निशान भी मिले
Speaker A
हैं। फिर अचानक सब कुछ बिखर जाता है। लगभग 1200 बीसी के आसपास पूरे मेडिटरेनियन में वह होता है जिसे हिस्टोरियंस ब्रोंज़ एज कोलैप्स कहते हैं। शहर के शहर जलते हैं। एंपायर्स गिर जाते हैं। सिर्फ ग्रीस नहीं इजिप्ट भी हिटाइटस भी।
Speaker A
हिस्टोरियन एरिक क्लिन अपनी किताब 1177 बीसी में इसका डीप एनालिसिस करते हैं। और उनका आर्गुमेंट यह है कि वजह कोई एक नहीं थी। सूखा फेमिन, ट्रेड रूट्स का टूटना, अंदर की बगावतें और सी पीपल्स नाम के रहस्यमई हमलावर सब एक साथ। एक फ्रेजाइल
Speaker A
सिस्टम को पूरी तरह गिरा देते हैं। आर्कियोलॉजिस्ट्स को इस कोलैप्स का एक सबूत ऐसी जगह मिला है जो दिल दहला देती है। मेनलैंड ग्रीस में पाइलोस नाम की एक जगह पर एक विशाल महल हुआ करता था। नेस्टोर का महल। इसके अंदर सैकड़ों क्ले टैबलेट्स
Speaker A
थी। जिन पर उस साल के अकाउंट्स लिखे हुए थे। कितना अनाज है, कितने सैनिक हैं?
Speaker A
कितनी सप्लाई बची है? एक जिंदा चलती हुई सरकार के रोजमर्रा के रिकॉर्ड्स और फिर एक रात महल जलता है पूरी तरह। लेकिन यहां एक आयरोनिक सच छुपा है। वो क्ले टैबलेट्स जो कच्ची मिट्टी की थी आग की वजह से पक कर
Speaker A
सख्त हो गई और इसी वजह से 3000 साल तक जमीन के नीचे बची रह गई। जब तक 20वीं सदी में आर्कियोलॉजिस्ट ने इन्हें खोद कर नहीं निकाला। यानी एक सभ्यता के आखिरी दिन के रिकॉर्ड्स उसी आग में हमेशा के लिए बच गए
Speaker A
जिसने उस सभ्यता को खत्म कर दिया। उस रात पाइलोस में बैठे किसी क्लर्क को अंदाजा भी नीड्स होगा कि वह जो लिख रहा है वो आखिरी चीज होगी जो उसकी दुनिया के बारे में बचेगी। इसके बाद ग्रीस अंधकार में चला
Speaker A
जाता है। लिखना भूल जाते हैं। बड़े शहर खत्म हो जाते हैं। लगभग 300 साल तक इतिहास खामोश रह जाता है। सभ्यताएं खत्म होकर भी पूरी तरह मिट नहीं जाती। लगभग 800 ईसा पूर्व तक ग्रीस दोबारा जागना शुरू करता
Speaker A
है। लेकिन एक बिल्कुल नए तरीके से। इस बार कोई एक बड़ा एंपायर नहीं बनता। इसके बजाय सैकड़ों छोटे इंडिपेंडेंट शहर बनते हैं। इन्हें पॉलिस कहते हैं मतलब सिटी स्टेट। एथेंस एक पुलिस है। स्पारता एक पुलिस है। कोरेंथ, थी्स, आर्गोस सबकी अपनी जगह अलग,
Speaker A
अपना कानून अलग, अपनी पॉलिटिक्स अलग। इसका एक रीजन भूगोल भी है। ग्रीस में पहाड़, आइलैंड्स, अलग-अलग घाटियां इतनी ज्यादा हैं कि लोगों को नेचुरली अलग कम्युनिटीज में बांट देती हैं। इसी दौर में ग्रीक्स अपनी राइटिंग वापस पाते हैं। फिनीशियन से
Speaker A
एक अल्फाबेट उधार लेकर अपनी जरूरत के हिसाब से बदलकर होमर की इलियड और ओडिसी आखिरकार लिखी जाती हैं। और एक चीज होती है जो सबसे इंपॉर्टेंट है। यह लोग अलग-अलग शहर में रहते हुए भी खुद को एक ही पहचान
Speaker A
देते हैं। हेलींस एक लैंग्वेज, एक गॉड्स, एक कल्चर। 776 ईसा पूर्व में यह पहली बार एक दूसरे से मिलते हैं जंग के लिए नहीं कंपटीशन के लिए। ओलंपिया में पहला ओलंपिक गेम्स होता है। उस दिन अगर दो शहर जंग भी लड़ रहे हो तो
Speaker A
भी एक सेक्रेट ट्रूस के तहत हथियार नीचे रख दिए जाते थे। यह ग्रीस का एक कंट्राडिक्शन है जो आगे भी चलता रहेगा। पॉलिटिकल रूप से बिखरा हुआ लेकिन कल्चरली एक। यही कंट्राडिक्शन कुछ दशक बाद उनकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा और एक दिन उनकी सबसे
Speaker A
बड़ी कमजोरी भी। दो शहर इस नए ग्रीस में सबसे ज्यादा उभरते हैं और यह दोनों जितने अलग हो सकते हैं, उतने अलग हैं। पहला स्पार्टा। स्पार्टा ने अपने पड़ोस के मेसीनिया को जीतकर उसकी पूरी पापुलेशन को स्लेव बना दिया। जिन्हें वो हीलॉर्ड्स
Speaker A
कहते थे। लेकिन इतनी बड़ी स्लेव पापुलेशन को कंट्रोल करना आसान नहीं था। सॉल्यूशन क्या निकाला गया? पूरी सोसाइटी को ही एक आर्मी में बदल दिया गया। हिस्टोरियन और बायोग्राफर प्लूटार्क जो सदियों बाद लिखते हैं। बताते हैं कि एक स्पार्टन लड़का 7
Speaker A
साल का होते ही अपने घर से ले जाया जाता था। उसके बाद उसकी पूरी जिंदगी एक ही चीज सिखाती थी। डिसिप्लिन, दर्द सहना और कभी अपनी जगह ना छोड़ना। कम खाना दिया जाता था जानबूझकर ताकि वह चोरी करना सीखें बिना
Speaker A
पकड़े जाए। सर्दी में भी पतले कपड़े ताकि जिस्म दर्द को बर्दाश्त करना सीख लें। इसी प्लूटार्क की लिखी किताब सेइंग्स ऑफ स्पार्टन वुमेन में एक लाइन मिलती है जो आज तक [संगीत] स्पार्टा की पहचान बन चुकी है। एक मां अपने बेटे को बैटल में भेजते
Speaker A
वक्त कहती थी कि अपनी ढाल के साथ वापस आना या उसी पर। स्पार्टा के पास ना बड़ा आर्ट था ना ट्रेड। लेकिन दुनिया की सबसे बेहतरीन इनफेंट्री थी। दूसरी तरफ एथेंस। एथेंस भी कभी एक राजा के अंडर थी। फिर
Speaker A
टरेंट्स के अंडर, फिर रिफॉर्मर्स आए। सोलन और बाद में क्लेस्टिनेस। जिन्होंने धीरे-धीरे एक ऐसी चीज बनाई जो उस वक्त दुनिया में कहीं नहीं थी। 508 ईसा पूर्व में एथेंस ने डिसाइड किया कि हर एडल्ट मेल सिटीजन चाहे कितना भी गरीब हो, वोटिंग में
Speaker A
हिस्सा लेगा। फौजी फैसले, कानून सब कुछ एक पब्लिक असेंबली में वोट से डिसाइड होंगे। एक पहाड़ी जगह थी पनिक्स जहां हजारों एथिनियंस एक साथ बैठकर बहस करते थे, चिल्लाते थे, एक दूसरे को कन्विंस करने की कोशिश करते थे। कोई राजा नहीं था जो
Speaker A
उन्हें चुप करवा दे। ऑनेस्ट बात यह है कि यह डेमोक्रेसी आज के स्टैंडर्ड से पूरी नहीं थी। वमेन, स्लेव्स और बाहर से आए लोग इसमें शामिल नहीं थे। लेकिन अपने वक्त के लिए यह एक रेडिकल एक्सपेरिमेंट था। जैसा
Speaker A
इंसान ने पहले कभी ट्राई नहीं किया था। एक शहर डिसिप्लिन और खामोशी पर खड़ा था। दूसरा बहस और वोट पर। यह दोनों एक दूसरे को पसंद नहीं करते थे। लेकिन कुछ ही सालों में इन्हें एक ऐसी चीज का सामना करना पड़ेगा जो इन्हें कम से कम
Speaker A
कुछ वक्त के लिए एक साथ ला देगी। जब ग्रीस अपने छोटे शहरों में बिजी था। पूर्व में एक बिल्कुल अलग स्केल की कहानी लिखी जा रही थी। एक परर्शियन राजा साइरस ने कुछ ही दशकों में इतना बड़ा एंपायर
Speaker A
खड़ा कर दिया था जैसा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा था। उसके सक्सेसर्स खासकर डेरियस इसे और भी फैलाते हैं। इजिप्ट उनके अंडर आता है और ईस्ट में आज के पाकिस्तान तक उनका रूल पहुंचता है। इस एंपायर के एक
Speaker A
कॉर्नर में एशिया माइनर की कोस्ट पर कुछ ग्रीक शहर भी थे। जिन्हें लोनिया कहा जाता था। यह पर्शियन रूल के अंडर थे। 499 बीसी में यह आयोनियन ग्रीक्स पर्सिया के अगेंस्ट बगावत कर देते हैं और एथेंस अपने हेललेन भाइयों की मदद करने के नाम पर कुछ
Speaker A
शिप्स भेजता है। यह बगावत आखिर में कुचल दी जाती है। लेकिन इसके दौरान ग्रीक फोर्सेस ने एक परर्शियन शहर सारदिस को जला दिया था। हिस्टोरियन हेरोडोटस जिसे आज फादर ऑफ हिस्ट्री कहा जाता है। अपनी किताब द हिस्ट्रीज में लिखते हैं कि जब डेरियस
Speaker A
को यह खबर मिलती है, वो इतना गुस्सा होता है कि अपने एक नौकर को आर्डर देता है। हर रात खाने से पहले तीन बार उस।
Speaker A
नहीं चाहता। वो एथेंस को सबक सिखाना चाहता है। 490 ईसा पूर्व डारियस की आर्मी एजियन पार करती है। रास्ते में पड़ने वाले एट्रिया शहर को जलाकर खत्म कर दिया जाता है। फिर यह आर्मी उतरती है एथन से लगभग 40
Speaker A
कि.मी. दूर एक मैदान पर जिसका नाम है मैराथॉन। एथेंस के पास एक ही ऑप्शन है। अपनी पूरी आर्मी लेकर वहां जाना और उम्मीद करना कि कोई मदद आ जाए। एक रनर फिडिपिडीस स्पार्टा की तरफ भेजा जाता है। लगभग 240
Speaker A
कि.मी. भागकर मदद [संगीत] मांगने। स्पार्टा मदद करने को तैयार होती है। लेकिन उनका एक धार्मिक फेस्टिवल चल रहा होता है और उनके कानून के हिसाब से वो पूरे चांद तक आर्मी नहीं भेज सकते। बाद में लोगों ने इस कहानी का एक अलग वर्जन
Speaker A
बना दिया। किफ डिपडीस मैराथन से एथंस तक भागा। जीत की खबर देकर गिर गया और मर गया। यह वर्जन जितना ड्रामेटिक है उतना ही कंफर्म नहीं है। हिरोडोटस जो इस वक्त के सबसे बड़े हिस्टोरियन थे इस एग्जैक्ट कहानी का जिक्र ही नहीं करते। स्पार्टा
Speaker A
वाली दौड़ वही रियल है। तो एथेंस अकेला खड़ा होता है। सिर्फ एक छोटा सा नेबरिंग शहर प्लेटिया उनका साथ देता है। लगभग 10,000 ग्रीक होप [संगीत] लाइट्स हैवी आर्मर पहने हुए इनफेंट्री उस मैदान पर खड़े होते हैं अपने से काफी बड़े पर्शियन
Speaker A
फोर्स के सामने। एग्जैक्ट नंबर्स पर हिस्टोरियंस आज भी बहस करते हैं। एंशिएंट सोर्सेस अक्सर दुश्मन की संख्या बढ़ा चढ़ाकर बताते थे। लेकिन यह तय है कि परर्शिया फोर्स ग्रीक फोर्स से काफी बड़ा था। यहां एक जनरल आगे आता है। मिल्टियाडीज
Speaker A
एक ऐसा आदमी जो कभी खुद पर्शियन टेरिटरी में रहकर उनका काम कर चुका था। मतलब दुश्मन को अंदर से जानता था। उसका स्ट्रेटजी सिंपल लेकिन रिस्की थी। अपना सेंटर पतला कर दो। दोनों फ्लैग्स स्ट्रांग बना दो। जब बैटल शुरू होती है, ग्रीक
Speaker A
सेंटर पीछे हटना शुरू करता है। जैसे वह हार रहे हो। पर्शियन सेंटर में आगे बढ़ते हैं और तभी दोनों फ्लैग से ग्रीक्स अंदर की तरफ घूमते हैं। परशियन आर्मी पूरी तरह से घिर जाती है। हेरोडोटस लिखते हैं कि
Speaker A
ग्रीक्स ने लास्ट कुछ 100 मीटर दौड़कर कवर किया ताकि परर्शियन आर्चरर्स को कम से कम वक्त मिले निशाना लगाने का। एक तरफ एक एंपायर था जिसने अब तक हारना सीखा ही नहीं था। दूसरी तरफ कुछ हजार लोग थे जो सिर्फ
Speaker A
एक आईडिया के लिए लड़ रहे थे कि उनके फैसले उनके अपने होंगे और उस दिन वो आईडिया जीत गया। परर्शियन आर्मी पीछे हटती है। उनके जहाज वापस समंदर में जाते हैं। हेरोडोटस के अनुसार सिर्फ 192 एथीनियंस मरे जबकि परर्शियंस की तरफ 6000 से
Speaker A
ज्यादा। लेकिन मॉडर्न हिस्टोरियंस इन नंबर्स को भी थोड़ी शक की नजर से देखते हैं। जो भी एग्जैक्ट नंबर्स रहे हो एक चीज पक्की है। एक छोटी सी आर्मी ने एक नए आईडिया के लिए लड़ते हुए दुनिया के सबसे
Speaker A
बड़े एंपायर को रोक दिया था। एथेंस में जश्न होता है लेकिन परशिया में एक बिल्कुल अलग माहौल है। डरायस अपनी हार भूलता नहीं है। वो एक और भी बड़ा ऑपरेशन प्लान करना शुरू करता है। इस बार सिर्फ एथंस को सबक सिखाने के लिए नहीं बल्कि
Speaker A
पूरे ग्रीस को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए। लेकिन वो प्लान पूरा करने से पहले ही 486 ईसा पूर्व में डारियस मर जाता है। उसका बेटा जर्क्सिस इस अधूरे काम को अपने हाथ में लेता है और पूरे 10 साल इसकी तैयारी
Speaker A
में लगाता है। यह तैयारी किसी नॉर्मल आर्मी जैसी नहीं थी। हिरोडोटिस लिखते हैं कि जर्क्सिस ने हेलीिलिस्पोंड के पार दो समंदर को जोड़ने वाले बोट से एक पुल बनवाया। उन्होंने माउंट एथोस के थ्रू एक पूरा कैनाल खुदवाया ताकि उनके जहाजों को
Speaker A
उस खतरनाक कोस्ट के अराउंड जाना ही ना पड़े। लेकिन जब पहला पुल एक तूफान में टूट जाता है जर्क्सिस का रिएक्शन वो होता है जो उसकी पूरी पर्सनालिटी बता देता है। हेरोडोटस लिखते हैं कि उसने आदेश दिया समंदर को 300 कोड़े मारे जाएं। उसमें
Speaker A
जंजीरें फेंकी जाएं जैसे समंदर खुद कोई गुनहगार हो। और जिन इंजीनियर्स ने वह पुल बनाया था उन्हें मरवा दिया गया। यह एक ऐसा आदमी था जो सोचता था प्रकृति भी उसके आगे झुकनी चाहिए। लेकिन इसी जर्क्सिस के बारे में हेरोडोटस
Speaker A
एक बिल्कुल दूसरी कहानी भी लिखते हैं। जब उसकी विशाल आर्मी आखिरकार हेलिस्पोंड पार करने से पहले इकट्ठा होती है। जर्क्सिस [संगीत] एक ऊंची जगह से अपनी पूरी सेना को देखता है। लाखों सैनिक, हजारों जहाज जहां तक नजर जाए सिर्फ उसका अपना एंपायर। और वह रोने
Speaker A
लगता है। उसका चाचा पूछता है क्यों? जर्क्सिस का जवाब था कि उसे अभी ख्याल आया कि इतने सारे इंसानों में से 100 साल बाद एक भी जिंदा नहीं बचेगा। एक ही आदमी में दो लोग थे। एक जो समंदर को कूड़े मरवा
Speaker A
सकता था और एक जो अपनी ही ताकत की छाया में इंसान की नश्वरता पर आंसू बहा सकता था। यही आदमी अब ग्रीस की तरफ बढ़ रहा था। एथेंस घबराया हुआ था। उन्होंने डेल्फी भेजा जहां ग्रीक दुनिया का सबसे पवित्र
Speaker A
ओरेकल बैठा था। यह पूछने कि उनका क्या होगा? जवाब बिल्कुल अच्छा नहीं था। हेराडोटस लिखते हैं कि पहली प्रोफेसी इतनी दुखद थी कि एथीनियन रिप्रेजेंटेटिव्स दोबारा वापस जाकर एक बेहतर जवाब मांगते हैं। इस बार उन्हें एक अजीब सा जवाब मिलता
Speaker A
है कि एथंस को सिर्फ एक वुडन वॉल बचाएगी। एक ग्रुप का मानना था इसका मतलब है एक्रोपोलिस के अराउंड की लकड़ी की फेंसिंग। लेकिन थेस्टॉक लीज एक अलग ही मतलब निकालता है। उसका कहना था वुडन वॉल का मतलब है जहाज उनकी नेवी। इसी दौरान एक
Speaker A
और मामला चल रहा था। एथेंस की एक सिल्वर माइन से अचानक खजाना मिलता है। ज्यादातर लोग चाहते थे कि यह पैसा सबके बीच बांट दिया जाए। थेमस्टोकलीस असेंबली को कन्विंस करता है कि यह पैसा नेवी बनाने में लगाना
Speaker A
चाहिए। किसी को उस वक्त पूरा यकीन नहीं था कि इसकी इतनी जरूरत क्यों है। लेकिन थेस्टोकलीस जानता था कि मैराथॉन सिर्फ एक जंग थी। जर्क्सिस जो लाने वाला है वो एक पूरा तूफान होगा। एथेंस उसकी बात मान लेता
Speaker A
है। 200 से ज्यादा ट्राईम्स वॉरशिप्स बनना शुरू होते हैं। किसी को अंदाजा नहीं था कि यही फैसला [संगीत] कुछ साल बाद पूरी सभ्यता को बचा लेगा। आज एथेंस एक छोटे से चमत्कार का जश्न मना रहा है। लेकिन समंदर के किनारे बिना किसी
Speaker A
जश्न के, बिना किसी ढोल के 200 नए जहाज धीरे-धीरे आकार ले रहे हैं। सिर्फ लकड़ी काटने की आवाज और एक आदमी का भरोसा जिसे उस वक्त शायद ही किसी ने पूरी तरह समझा हो। क्योंकि पूर्व में एक जवान राजा अपने
Speaker A
पिता की हार को कभी माफ नहीं करेगा। अगले 10 साल जर्कसेस सिर्फ एक ही चीज बनाएगा। ऐसी सेना जिसका कोई हिसाब नहीं होगा जिसके सामने मैराथॉन की जीत एक बच्चों का खेल लगने लगेगी। ग्रीस के पास इस आने वाले
Speaker A
तूफान के सामने सिर्फ यही है। कुछ लकड़ी के जहाज कुछ हजार सिपाही और एक ओरेकल की उस अजीब सी बात पर भरोसा कि सिर्फ एक वुडन वॉल ही उन्हें बचाएगी। अगले हिस्से में दुनिया की सबसे बड़ी सेना एक इतने संकरे पहाड़ी रास्ते से टकराएगी
Speaker A
कि सिर्फ कुछ 100 आदमी उसे रोकने के लिए काफी होंगे। कम से कम कुछ दिनों के लिए। उस जगह का नाम है थर्मोपायले। ग्रीस उस तूफान से कैसे बचा और उसी राख से डेमोक्रेसी, थिएटर और फिलॉसफी कैसे पैदा
Speaker A
हुए? यह कहानी अगर मिस नहीं करनी तो चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि पार्ट दो आते ही आपको पता चल जाए।
Topics:ग्रीस इतिहासमिनोंस सभ्यतामाइसिनियंसब्रोंज एज कोलैप्सपॉलिसस्पार्टाएथेंसपर्शियन युद्धडेमोक्रेसीग्रीक संस्कृति











